नई रिपोर्ट में दावा: इस दशक के अंत तक 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत

नई दिल्ली, 30 जून। भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर जारी एक नई रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यदि मौजूदा सुधारों की गति और उच्च विकास दर बनी रहती है, तो देश इस दशक के अंत तक 7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर सकता है। रिपोर्ट में निवेश, विनिर्माण, डिजिटल अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और घरेलू मांग को विकास के प्रमुख आधार बताया गया है। रिपोर्ट में क्या कहा गया? रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। मजबूत घरेलू खपत, सार्वजनिक निवेश, डिजिटल भुगतान प्रणाली, स्टार्टअप इकोसिस्टम और सेवा क्षेत्र का विस्तार आर्थिक वृद्धि को गति दे रहे हैं। यदि ये रुझान जारी रहते हैं तो आने वाले वर्षों में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) तेजी से बढ़ सकता है। विकास के प्रमुख आधार रिपोर्ट में कई ऐसे क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है जो भारत की आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ा सकते हैं: विनिर्माण और डिजिटल क्षेत्र पर जोर विशेषज्ञों का मानना है कि ‘मेक इन इंडिया’, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विस्तार से भारत की उत्पादन क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार हो रहा है। इससे रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वैश्विक चुनौतियां भी बनी हुई हैं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती, भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियां भारत की विकास दर को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए आर्थिक सुधारों की निरंतरता और नीति स्थिरता महत्वपूर्ण रहेगी। विशेषज्ञों की राय अर्थशास्त्रियों का कहना है कि 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन यदि निवेश, उत्पादकता, निर्यात और रोजगार में लगातार सुधार होता है तो भारत इस दिशा में मजबूत स्थिति बना सकता है। इसके लिए राज्यों और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय भी आवश्यक माना गया है। निवेशकों का बढ़ता विश्वास हाल के वर्षों में भारत में घरेलू और विदेशी निवेशकों की रुचि बढ़ी है। वैश्विक कंपनियां विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं में निवेश बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दीर्घकालिक आर्थिक विकास को समर्थन मिलेगा। आगे की राह रिपोर्ट के अनुसार भारत के सामने अवसर और चुनौतियां दोनों मौजूद हैं। यदि आर्थिक सुधार, निवेश, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे पर लगातार ध्यान दिया जाता है तो देश आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। हालांकि 7 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य एक पूर्वानुमान है, न कि कोई आधिकारिक सरकारी घोषणा। स्रोत:अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विश्लेषण एवं बाजार अनुसंधान रिपोर्ट मूल रिपोर्ट:30 जून 2026 को जारी आर्थिक विश्लेषणों और उपलब्ध बाजार रिपोर्टों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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