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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देने पर विवाद, सरकारी प्रोटोकॉल पर उठे सवाल

मैहर, 24 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के मैहर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को कथित तौर पर ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि किसी संवैधानिक या सरकारी पद पर न होने के बावजूद उन्हें इस तरह का औपचारिक सम्मान किस आधार पर दिया गया। मैहर में हुआ था भव्य स्वागत धीरेंद्र शास्त्री गुरुवार देर रात मैहर पहुंचे थे। केजेएस सीमेंट परिसर में उनका स्वागत किया गया और स्थानीय रिपोर्टों में कहा गया कि उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने नवनिर्मित स्पोर्ट्स एरीना का उद्घाटन किया और मैहर के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के साथ क्रिकेट भी खेला। सबसे बड़ा सवाल—गार्ड ऑफ ऑनर किसने दिया? यहीं पर विवाद की सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आती है। कुछ रिपोर्टों में इसे सामान्य रूप से ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ कहा गया, लेकिन अन्य स्थानीय रिपोर्टों में साफ लिखा है कि यह सम्मान केजेएस परिसर के सुरक्षा गार्डों ने दिया था। यानी अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह आधिकारिक पुलिस गार्ड ऑफ ऑनर था या निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा दिया गया ceremonial welcome। प्रोटोकॉल को लेकर क्यों उठे सवाल? भारत में औपचारिक पुलिस या राज्य स्तर का Guard of Honour आमतौर पर तय प्रोटोकॉल और पात्रता के तहत दिया जाता है। पूर्व में ऐसे मामलों में, जहां किसी गैर-पात्र राजनीतिक व्यक्ति को पुलिस ने Guard of Honour दिया, अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। इसलिए अगर मैहर में यह वास्तव में आधिकारिक police honour था, तो इसकी अनुमति और आधार को लेकर सवाल जायज हैं। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने पूछा कि क्या किसी धार्मिक कथावाचक को सरकारी वर्दीधारी बलों से ऐसा सम्मान दिया जा सकता है। वहीं कुछ users ने दावा किया कि वीडियो में दिख रहे लोग सरकारी पुलिसकर्मी नहीं बल्कि private security personnel थे। इसलिए वायरल दावों को आधिकारिक पुष्टि के बिना अंतिम तथ्य मानना सही नहीं होगा। SP के साथ क्रिकेट भी बना चर्चा का विषय मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने पहले धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद लिया और फिर दोनों ने साथ क्रिकेट खेला। यह दृश्य भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ और सरकारी अधिकारियों तथा धार्मिक व्यक्तित्वों के बीच सार्वजनिक आचरण को लेकर बहस बढ़ी। आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में मैहर पुलिस या मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से ऐसा स्पष्ट आधिकारिक बयान नहीं मिला है कि यह Guard of Honour राज्य पुलिस ने दिया था। इसलिए खबर को ‘प्रोटोकॉल पर उठे सवाल’ के रूप में प्रकाशित करना ज्यादा तथ्यात्मक होगा, न कि सीधे इसे सरकारी प्रोटोकॉल उल्लंघन घोषित करना। जय राष्ट्र न्यूज़

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