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म्यांमार में एयरस्ट्राइक से 50 लोगों की मौत, ASEAN चेयर फिलीपींस ने जताई चिंता; मदद के लिए बातचीत को तैयार

मनीला/नेपीडॉ: म्यांमार के रखाइन राज्य में हुए घातक हवाई हमले को लेकर ASEAN के मौजूदा अध्यक्ष फिलीपींस ने चिंता जताई है। 28 सितंबर को Kyauktaw इलाके में हुए इस एयरस्ट्राइक में कम से कम 50 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की रिपोर्ट है। फिलीपींस ने कहा है कि वह म्यांमार संकट पर ASEAN सदस्य देशों के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए तैयार है। रखाइन राज्य के Kyauktaw में हुआ हमला यह एयरस्ट्राइक 28 सितंबर को बांग्लादेश की सीमा के पास स्थित रखाइन राज्य के Kyauktaw इलाके में हुई थी। स्थानीय सहायता कर्मियों और क्षेत्र पर नियंत्रण रखने वाले Arakan Army से जुड़े सूत्रों के मुताबिक हमले में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। 50 लोगों की मौत, दर्जनों घायल ताजा जानकारी के अनुसार हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 50 हो गई। संयुक्त राष्ट्र ने भी घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम 58 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि कई अन्य लोगों को भी चोटें आईं। फिलीपींस ने कहा- घटनाक्रम पर हमारी नजर ASEAN Chair के रूप में फिलीपींस ने कहा कि वह म्यांमार में हो रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है। Philippines Foreign Affairs Department की ASEAN मामलों की अधिकारी Ana Marie Hernando ने कहा कि हमले से हुई तबाही, जानमाल के नुकसान और घायलों की स्थिति को लेकर मनीला चिंतित है। ASEAN में चर्चा कराने को तैयार फिलीपींस फिलीपींस ने कहा कि वह ASEAN के भीतर म्यांमार की मदद के संभावित तरीकों पर चर्चा को facilitate करने के लिए तैयार है। मनीला ने कहा कि किसी भी समाधान को ASEAN के consensus-based approach के अनुरूप और म्यांमार के नेतृत्व में आगे बढ़ना चाहिए। ‘Myanmar-owned and led’ समाधान पर जोर फिलीपींस ने म्यांमार संकट का समाधान ऐसा होने की बात कही है जो देश के लोगों द्वारा स्वीकार किया गया हो और जिसका नेतृत्व भी म्यांमार के भीतर से हो। ASEAN लंबे समय से Myanmar crisis को लेकर Five-Point Consensus के जरिए हिंसा कम करने, संवाद बढ़ाने और humanitarian assistance पहुंचाने की कोशिश करता रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी जताई गंभीर चिंता United Nations ने भी Kyauktaw एयरस्ट्राइक की खबरों पर चिंता जताई है। UN Secretary-General Antonio Guterres ने हिंसा रोकने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और humanitarian workers को सुरक्षित तथा बिना बाधा के प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच देने की मांग की है। 2021 से गृहयुद्ध जैसी स्थिति म्यांमार में फरवरी 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से संघर्ष लगातार जारी है। सैन्य शासन और विभिन्न armed groups के बीच लड़ाई में देश के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। अनुमान के मुताबिक संघर्ष में अब तक लगभग एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है और 35 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। Arakan Army और सेना के बीच संघर्ष रखाइन राज्य में Arakan Army म्यांमार की सेना के खिलाफ लंबे समय से लड़ रही है और राज्य के बड़े हिस्सों पर उसका नियंत्रण है। ताजा एयरस्ट्राइक को हाल के महीनों में रखाइन में हुए सबसे घातक हवाई हमलों में से एक बताया जा रहा है। ASEAN पर बढ़ा दबाव फिलीपींस के बयान के बाद म्यांमार संकट को लेकर ASEAN की भूमिका एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्रीय संगठन पर हिंसा रोकने, नागरिकों की सुरक्षा और राजनीतिक समाधान की दिशा में अधिक प्रभावी कदम उठाने का दबाव लगातार बना हुआ है। source – Reuters / United Nations / Channel News Asia / The Straits Times जय राष्ट्र न्यूज़

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मनीला में QUAD और ASEAN बैठकों में शामिल हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर भारत का फोकस

नई दिल्ली/मनीला: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित QUAD Foreign Ministers’ Meeting और ASEAN से जुड़ी उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान भारत ने एक बार फिर मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठकों में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। भारत ने ASEAN देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। बैठक के प्रमुख मुद्दे QUAD और ASEAN बैठकों में जिन विषयों पर प्रमुख रूप से चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं— द्विपक्षीय बैठकों पर भी रहा फोकस मनीला दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन बैठकों में भारत-अमेरिका संबंध, रक्षा सहयोग, निवेश, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बैठकों से भारत की कूटनीतिक स्थिति और मजबूत होगी। भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण? विशेषज्ञों के अनुसार यह बैठक कई मायनों में अहम है— भारत का संदेश विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत मुक्त, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक के लिए प्रतिबद्ध है और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना भारत की विदेश नीति की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए साझेदारी और संवाद को आवश्यक बताया। निष्कर्ष मनीला में आयोजित QUAD और ASEAN बैठकों के माध्यम से भारत ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को और मजबूत किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यह यात्रा क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Source: Ministry of External Affairs (MEA) | Reuters | ASEAN Secretariat जय राष्ट्र न्यूज़

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मनीला में QUAD और ASEAN बैठकों में शामिल होंगे विदेश मंत्री एस. जयशंकर, इंडो-पैसिफिक सहयोग पर भारत का फोकस

नई दिल्ली/मनीला: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर आज फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक (Quad Foreign Ministers’ Meeting) और ASEAN से जुड़ी उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। इस दौरे को भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति और क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठकों के दौरान भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), उभरती प्रौद्योगिकियों और आर्थिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही ASEAN सदस्य देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी विशेष फोकस रहेगा। बैठक का प्रमुख एजेंडा मनीला में आयोजित इन बैठकों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है— भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण? विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा भारत की विदेश नीति के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि— द्विपक्षीय बैठकें भी संभव विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और ASEAN देशों के कई विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इनमें व्यापार, रक्षा सहयोग, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इंडो-पैसिफिक में भारत की भूमिका भारत लगातार मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करता रहा है। सरकार का मानना है कि क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान वैश्विक आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। निष्कर्ष मनीला में होने वाली QUAD और ASEAN बैठकों के माध्यम से भारत एक बार फिर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यह यात्रा क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Source: Ministry of External Affairs (MEA) | Reuters | The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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