असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 78 पहुँची, तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। राज्य के सात जिलों में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है और तीन लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, जबकि कई इलाकों में पानी उतरने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। राज्य के कई गाँव अब भी जलमग्न हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और सड़क, बिजली तथा पेयजल जैसी बुनियादी सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ और मलबे से बंद हैं, जिससे लोगों की घर वापसी में कठिनाई हो रही है। केंद्र की टीम ने किया नुकसान का आकलन केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) ने असम के सबसे अधिक प्रभावित जिलों—चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट—का दौरा कर नुकसान का आकलन पूरा किया। टीम की रिपोर्ट के आधार पर राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता पर निर्णय लिया जाएगा। राहत कार्य जारी राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, दवाइयाँ और आवश्यक वस्तुएँ पहुँचा रहे हैं। कई स्थानों पर नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। सरकार ने राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधाएँ भी बढ़ाई हैं। IMD का नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके मद्देनज़र ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली और बुनियादी ढाँचे पर असर बाढ़ के कारण लगभग 13,000 घरों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई पुल, ग्रामीण सड़कें और सार्वजनिक ढाँचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग की टीमें सेवाओं को बहाल करने में जुटी हैं। विशेषज्ञों की चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि असम में हर वर्ष आने वाली बाढ़ अब जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और नदी तंत्र पर बढ़ते दबाव के कारण अधिक गंभीर होती जा रही है। उन्होंने दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन, तटबंधों की मजबूती और बेहतर जल निकासी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. निष्कर्ष असम में बाढ़ की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा है, जबकि मौसम विभाग के ताज़ा अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Inter-Ministerial Central Team (IMCT) जय राष्ट्र न्यूज़

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असम के कारखाने में भीषण विस्फोट से 4 श्रमिकों की मौत, कई घायल; जांच शुरू

गुवाहाटी: असम के कछार जिले में स्थित एक रॉड (स्टील) निर्माण इकाई में रविवार को हुए भीषण विस्फोट में कम से कम चार श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे औद्योगिक परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विस्फोट गैस सिलेंडर फटने से हुआ हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने पूरे संयंत्र को खाली कराकर सुरक्षा घेरा बना दिया है। उच्च स्तरीय जांच के आदेश राज्य प्रशासन ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि विस्फोट सुरक्षा मानकों में लापरवाही, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ। फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों के पालन और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। राहत एवं बचाव अभियान जारी दमकल कर्मियों ने आग और धुएं पर नियंत्रण पाने के बाद संयंत्र के विभिन्न हिस्सों की तलाशी ली। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है ताकि फोरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञ साक्ष्य एकत्र कर सकें। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है। औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी उद्योगों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, उपकरणों की समय-समय पर जांच और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहद जरूरी है। निष्कर्ष असम के कछार जिले में हुआ यह औद्योगिक हादसा एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अहमियत को रेखांकित करता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा, लेकिन फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना है. Source: Times of India | जिला प्रशासन, कछार जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट शामिल हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कृषि भूमि, घर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन की अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। नावों की सहायता से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है और राहत अभियान लगातार जारी है। यातायात और जनजीवन प्रभावित बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कुछ रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि कई स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। IMD ने जारी किया नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। निष्कर्ष लगातार बारिश के कारण असम में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। लाखों लोग प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Reuters | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट और गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। सबसे अधिक प्रभावित जिले बाढ़ का असर मुख्य रूप से ऊपरी और मध्य असम के कई जिलों में देखा जा रहा है। इनमें— जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों में घर, खेत और सड़कें पानी में डूब गई हैं। बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त राहत दल तैनात किए हैं। नावों और अन्य विशेष उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कई राहत शिविरों में हजारों विस्थापित लोग रह रहे हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यातायात और जनजीवन प्रभावित लगातार बारिश और जलभराव के कारण कई राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ रेल सेवाओं के संचालन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा बना रह सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत संपर्क करें। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, 5.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के 16 से अधिक जिलों में 5.6 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रभावित जिलों में सिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और धेमाजी सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी राज्य सरकार ने NDRF, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है और राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी तथा आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। कई स्थानों पर सेना भी स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए तैयार रखी गई है। बाढ़ से सबसे ज्यादा असर किन क्षेत्रों पर? बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव ऊपरी असम (Upper Assam) के जिलों में देखा जा रहा है। कई गांवों में घर, कृषि भूमि और चाय बागान जलमग्न हो गए हैं। लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। यातायात भी प्रभावित बाढ़ के कारण कई सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। कुछ रेल मार्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है। सरकार की अपील असम सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा केवल प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य लगातार जारी है। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। Source: ASDMA | IMD | PTI | Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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असम के जोरहाट एयरबेस पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान

असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त, जांच शुरू

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा राष्ट्रीय अपडेट दिनांक: 13 जून 2026 जोरहाट (असम): भारतीय वायुसेना (IAF) का एक AN-32 परिवहन विमान शनिवार को असम के जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वायुसेना ने घटना की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान रनवे पर उतरते समय हादसे का शिकार हुआ। घटना के बाद तुरंत शुरू हुआ राहत कार्य जोरहाट: दुर्घटना की सूचना मिलते ही एयरबेस पर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल सक्रिय हो गया। सुरक्षा और तकनीकी टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। वायुसेना अधिकारियों ने क्षेत्र को सुरक्षित कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। वायुसेना ने दिए जांच के आदेश नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। तकनीकी विशेषज्ञ विमान के उड़ान रिकॉर्ड, रखरखाव संबंधी दस्तावेज और मौसम की परिस्थितियों का विश्लेषण करेंगे। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। क्या है AN-32 विमान की खासियत? नई दिल्ली: AN-32 भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण परिवहन विमान है, जिसका उपयोग सैनिकों, उपकरणों और रसद सामग्री के परिवहन के लिए किया जाता है। यह विमान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालन के लिए जाना जाता है। वायुसेना के बेड़े में यह लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों की नजर जांच पर नई दिल्ली: रक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सैन्य विमान दुर्घटना के बाद विस्तृत तकनीकी जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। इससे न केवल दुर्घटना के कारणों का पता चलता है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में भी मदद मिलती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम घटना जोरहाट: उत्तर-पूर्व भारत में स्थित जोरहाट एयरबेस रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस दुर्घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और वायुसेना पूरी सतर्कता के साथ मामले की जांच कर रही है। निष्कर्ष नई दिल्ली: असम के जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान की दुर्घटना ने रक्षा क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींचा है। फिलहाल जांच जारी है और वायुसेना ने घटना के सभी पहलुओं की समीक्षा शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के कारणों और आगे की कार्रवाई को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें राष्ट्रीय, रक्षा और देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए।

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