प्रमुख खबरें

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डिजिटल टेक्नोलॉजी सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, नई सरकारी योजनाओं और निवेश प्रस्तावों पर काम तेज़

नई दिल्ली: भारत सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Electronics Manufacturing) और डिजिटल टेक्नोलॉजी सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई नई योजनाओं और निवेश प्रस्तावों पर तेजी से काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, मोबाइल निर्माण और डिजिटल हार्डवेयर के क्षेत्र में वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। हाल के महीनों में विभिन्न नीतिगत सुधारों और प्रोत्साहन योजनाओं के बाद घरेलू और विदेशी निवेशकों की रुचि इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अनुसार सरकार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण, चिप डिजाइन, डेटा सेंटर और उन्नत डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े कई नए निवेश प्रस्तावों पर राज्यों और उद्योग जगत के साथ मिलकर कार्य कर रही है। इन पहलों का उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और उच्च तकनीक आधारित रोजगार के अवसर पैदा करना है। स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा समर्थन सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड (EDF), स्टार्टअप इकोसिस्टम और अनुसंधान एवं विकास (R&D) परियोजनाओं के माध्यम से उभरती तकनीकी कंपनियों को भी प्रोत्साहन दे रही है। इससे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), एम्बेडेड सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन और अगली पीढ़ी की डिजिटल तकनीकों पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को नई गति मिलने की उम्मीद है। घरेलू विनिर्माण पर विशेष जोर नई योजनाओं के तहत सरकार स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, डिस्प्ले, बैटरी, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दे रही है। इससे भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भागीदारी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मोबाइल, ऑटोमोबाइल, रक्षा और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा नई सरकारी योजनाओं और प्रस्तावित निवेशों के माध्यम से आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य भारत को उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना और वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य बनाना है। निष्कर्ष इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डिजिटल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में नई सरकारी योजनाएँ भारत की औद्योगिक और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। सरकार का मानना है कि इन पहलों से निवेश, रोजगार, निर्यात और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी। Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

अमेरिका के नए वीज़ा बॉन्ड नियम और वैश्विक व्यापार घटनाक्रम के बीच भारतीय बाजार की नजर कॉर्पोरेट नतीजों और निवेश रुझानों पर

मुंबई: वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों के बीच भारतीय शेयर बाजार की नजर इस समय दो प्रमुख कारकों पर टिकी हुई है—अमेरिका के नए वीज़ा बॉन्ड नियम और कॉर्पोरेट कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजे। विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों घटनाओं का निवेशकों की धारणा (Investor Sentiment), विदेशी निवेश प्रवाह (FPI) और बाजार की दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने B-1 (Business) और B-2 (Tourist) वीज़ा श्रेणी के लिए वीज़ा बॉन्ड कार्यक्रम को स्थायी बनाने की घोषणा की है। इस व्यवस्था के तहत चयनित देशों के नागरिकों को वीज़ा जारी होने से पहले 20,000 अमेरिकी डॉलर तक का रिफंडेबल बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है। हालांकि भारत इस 50 देशों की सूची में शामिल नहीं है, इसलिए भारतीय नागरिकों पर इस नियम का कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। कॉर्पोरेट नतीजों पर बाजार की नजर भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह कई बड़ी कंपनियाँ अपने Q1 FY2026-27 के वित्तीय नतीजे जारी कर रही हैं। निवेशक कंपनियों के लाभ, राजस्व वृद्धि, भविष्य के मार्गदर्शन (Guidance) और मांग के रुझानों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। मजबूत नतीजों से बाजार को समर्थन मिलने की उम्मीद है, जबकि कमजोर प्रदर्शन से कुछ क्षेत्रों में दबाव बन सकता है। FPI और वैश्विक संकेत रहेंगे अहम बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की गतिविधियां, अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा, डॉलर की चाल और वैश्विक व्यापार से जुड़े घटनाक्रम आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतकों और घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक डेटा पर भी बनी हुई है। भारत पर प्रत्यक्ष असर सीमित विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी वीज़ा बॉन्ड नीति का भारत पर प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं है क्योंकि भारतीय नागरिक इस कार्यक्रम के दायरे में नहीं आते। फिर भी वैश्विक निवेशकों की धारणा और अंतरराष्ट्रीय नीति परिवर्तनों का अप्रत्यक्ष असर वित्तीय बाजारों पर देखा जा सकता है। निष्कर्ष भारतीय बाजार फिलहाल घरेलू कॉर्पोरेट आय, विदेशी निवेश और वैश्विक आर्थिक घटनाओं के मिश्रित प्रभाव का आकलन कर रहा है। निवेशकों को आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजों और अंतरराष्ट्रीय नीतिगत फैसलों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी जा रही है। Source: Ministry of Finance | U.S. Department of State जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा सर्च ऑपरेशन, पूरे इलाके में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च एंड कॉर्डन ऑपरेशन (CASO) शुरू कर दिया है। हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने आतंकियों की तलाश के लिए कई इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार हमलावर ने मजदूरों से बातचीत के दौरान उनकी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी पूछी, जिसके बाद उन पर गोलीबारी की गई। सुरक्षा एजेंसियाँ इस घटना को लक्षित आतंकी हमला (Targeted Terror Attack) मानकर जांच कर रही हैं और हमले में शामिल आतंकियों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। पूरे दक्षिण कश्मीर में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद कुलगाम, अनंतनाग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रवेश और निकास मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। प्रवासी मजदूरों में भय का माहौल हमले के बाद दक्षिण कश्मीर के ईंट-भट्ठों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल है। कई मजदूरों ने काम बंद कर दिया है और अपने गृह राज्यों लौटने पर विचार कर रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियाँ तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। निष्कर्ष कुलगाम आतंकी हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि हमले में शामिल आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है. Source: Jammu & Kashmir Police | Ministry of Home Affairs | Indian Army जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, आंध्र प्रदेश में ₹18,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत

भोगापुरम (आंध्र प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में बने ऑलूरी सीताराम राजू (ASR) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। लगभग ₹5,640 करोड़ की लागत से विकसित यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उत्तर आंध्र प्रदेश की कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग और निवेश को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने राज्य में लगभग ₹18,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। यह नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भविष्य में विशाखापट्टनम क्षेत्र के लिए प्रमुख एयर हब के रूप में कार्य करेगा। आधुनिक टर्मिनल, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र और दक्षिण ओडिशा के लाखों यात्रियों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराएगा। वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन 17 अगस्त 2026 से शुरू होने की योजना है। क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम सरकार का कहना है कि भोगापुरम एयरपोर्ट से— UDAN 2.0 विस्तार को भी मिली गति प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान UDAN 2.0 विस्तार का भी शुभारंभ किया। सरकार का उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज़ क्षेत्रों को सस्ती हवाई सेवाओं से जोड़ना है ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत हो सकें। प्रधानमंत्री का संबोधन अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक हवाई अड्डे केवल यात्रा की सुविधा नहीं बल्कि विकास, निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। निष्कर्ष भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और हवाई संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. Source: Prime Minister’s Office (PMO) | Ministry of Civil Aviation | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

आयकर विभाग ने बताया- AY 2026-27 के लिए 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल, टैक्स अनुपालन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

नई दिल्ली: आयकर विभाग ने जानकारी दी है कि आकलन वर्ष (Assessment Year) 2026-27 के लिए 31 जुलाई की निर्धारित समय सीमा तक 5.9 करोड़ (59 मिलियन) से अधिक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि इस वर्ष करदाताओं में समय पर रिटर्न दाखिल करने की प्रवृत्ति मजबूत हुई है और देश में टैक्स अनुपालन (Tax Compliance) लगातार बेहतर हो रहा है। आयकर विभाग के अनुसार यह अंतिम संख्या उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) की है, जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता। विभाग ने समय-समय पर जारी जागरूकता अभियानों, डिजिटल सेवाओं और ई-फाइलिंग प्रणाली में सुधार को इस बढ़ती भागीदारी का प्रमुख कारण बताया है। ई-फाइलिंग प्रणाली बनी बड़ी ताकत आयकर विभाग ने कहा कि अधिकांश करदाताओं ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रिटर्न दाखिल किए। प्री-फिल्ड डेटा, आसान सत्यापन (e-Verification) और डिजिटल प्रक्रियाओं के कारण रिटर्न दाखिल करना पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज़ हुआ है। विभाग ने करदाताओं से समय पर ई-वेरिफिकेशन पूरा करने की भी अपील की है ताकि रिटर्न की प्रोसेसिंग और रिफंड में अनावश्यक देरी न हो। सरकार का फोकस बेहतर अनुपालन पर सरकार लगातार कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर ITR दाखिल होने से सरकार को राजस्व संग्रह बेहतर करने, वित्तीय योजना बनाने और कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है। देर से दाखिल करने वालों के लिए प्रावधान जो करदाता 31 जुलाई की समय सीमा तक रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं, वे बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार विलंब शुल्क (Late Fee) और अन्य शर्तें लागू होंगी। निष्कर्ष AY 2026-27 के लिए 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल होना भारत में बढ़ते कर अनुपालन और डिजिटल टैक्स प्रणाली की सफलता को दर्शाता है। आयकर विभाग अब रिटर्न प्रोसेसिंग और रिफंड जारी करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है। Source: Income Tax Department | Ministry of Finance जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज भारत के लिए बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और जूडो में कई पदक मुकाबले, स्वर्ण पर निगाहें

ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज का दिन भारतीय दल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत के खिलाड़ी बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और बाउल्स सहित कई स्पर्धाओं में पदक मुकाबलों में उतर रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आज भारत की झोली में कई स्वर्ण और अन्य पदक आने की मजबूत संभावना है। बॉक्सिंग में सबसे बड़ी उम्मीद भारतीय मुक्केबाज़ों का प्रदर्शन इस संस्करण में शानदार रहा है। आज भारत के 10 मुक्केबाज़ फाइनल में उतर रहे हैं। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन, विश्व चैंपियन जैसमीन लांबोरिया, प्रीति पवार सहित कई भारतीय बॉक्सर स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ रिंग में उतरेंगे। भारत इस बार बॉक्सिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की स्थिति में है। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी पदक की उम्मीद एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों की नजर कई ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं पर रहेगी। वहीं पैरा एथलेटिक्स में भी भारत के खिलाड़ी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हाल के दिनों में भारतीय एथलीटों के लगातार अच्छे प्रदर्शन ने पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। जूडो और अन्य स्पर्धाओं में चुनौती जूडो में भारतीय खिलाड़ी अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उतरेंगे। इसके अलावा ट्रैक साइक्लिंग और बाउल्स में भी भारत के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर पदक तालिका में देश की स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे। भारत की पदक तालिका पर नजर भारतीय दल का लक्ष्य आज अधिक से अधिक पदक जीतकर पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना है। खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विश्वास जताया है और पूरे देश की नजर आज होने वाले इन मुकाबलों पर टिकी हुई है। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज का दिन भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और जूडो में भारतीय खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन और कई पदकों की उम्मीद की जा रही है। Source: Commonwealth Sport | Indian Olympic Association (IOA) जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

पाकिस्तान में हिमस्खलन की चपेट में आए विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की मौत, बचाव अभियान समाप्त

इस्लामाबाद: विश्व प्रसिद्ध नेपाली मूल के पर्वतारोही निर्मल “निम्स” पुर्जा (Nirmal Purja) की पाकिस्तान के ब्रॉड पीक (Broad Peak) पर आए भीषण हिमस्खलन में मृत्यु की पुष्टि हो गई है। उनके अभियान संचालक Elite Exped ने आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद घटना की जानकारी दी। हिमस्खलन में कुल 10 पर्वतारोहियों की जान गई, जिनमें नेपाल, पाकिस्तान, अमेरिका, चीन और ओमान के नागरिक शामिल थे। यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी पर्वतारोहण त्रासदियों में से एक मानी जा रही है। हिमस्खलन पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र स्थित 8,051 मीटर ऊँचे ब्रॉड पीक पर शिखर अभियान के दौरान आया। खराब मौसम और अत्यधिक बर्फबारी के कारण कई दिनों तक बचाव अभियान जारी रहा, लेकिन अंततः किसी भी लापता पर्वतारोही के जीवित बचने की उम्मीद समाप्त हो गई। दुनिया के महान पर्वतारोहियों में थी पहचान 43 वर्षीय निर्मल पुर्जा ने वर्ष 2019 में दुनिया की सभी 14 आठ-हज़ारी चोटियों (8,000 मीटर से अधिक ऊँचाई वाली) को केवल 6 महीने 6 दिन में फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उनकी इस उपलब्धि पर आधारित नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री “14 Peaks: Nothing Is Impossible” ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई थी। अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत में शोक निर्मल पुर्जा के निधन की खबर सामने आने के बाद दुनिया भर के पर्वतारोहियों, खेल संगठनों और प्रशंसकों ने शोक व्यक्त किया। उन्हें आधुनिक पर्वतारोहण का सबसे प्रेरणादायक चेहरा माना जाता था। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साहस एवं उपलब्धियों को याद किया। पाकिस्तान में चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान पाकिस्तान सेना, स्थानीय बचाव दल और अनुभवी पर्वतारोहियों ने कई दिनों तक हेलीकॉप्टर और ड्रोन की सहायता से खोज अभियान चलाया। अत्यधिक ऊँचाई, लगातार खराब मौसम और हिमस्खलन के खतरे के कारण राहत कार्य बेहद कठिन रहा। निष्कर्ष निर्मल पुर्जा का निधन पर्वतारोहण जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। अपने साहस, अद्भुत उपलब्धियों और मानव क्षमता की सीमाओं को चुनौती देने वाले कारनामों के कारण वे हमेशा दुनिया भर के पर्वतारोहियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे. Source: Elite Exped | Alpine Club of Pakistan | Pakistan Army जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन तेज

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक ईंट-भट्ठे पर हुए आतंकवादी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। आतंकियों ने शुक्रवार देर शाम गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई थी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। यह घटना पिछले लगभग 21 महीनों में प्रवासी मजदूरों पर हुआ पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा भी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹10 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) देने की घोषणा की। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है और दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कश्मीर में सेब सीजन के कारण बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से मजदूर काम करने आते हैं। घटना के बाद प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। जांच जारी सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों और उनके नेटवर्क की पहचान करने में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में इसे एक टार्गेटेड आतंकी हमला माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | Office of the Chief Minister, Jammu & Kashmir जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली के भलस्वा डंपसाइट के रिमेडिएशन कार्य की समीक्षा की, सितंबर तक सफाई पूरी करने के निर्देश

नई दिल्ली: केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली के भलस्वा डंपसाइट का दौरा कर वहाँ चल रहे लीगेसी वेस्ट रिमेडिएशन (Legacy Waste Remediation) कार्यों की समीक्षा की। यह उनका इस परियोजना का दूसरा स्थल निरीक्षण था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भलस्वा लैंडफिल की पूरी वैज्ञानिक सफाई (Remediation) सितंबर 2026 तक सुनिश्चित की जाए और भविष्य में नया लीगेसी कचरा बनने से रोका जाए। भलस्वा डंपसाइट को डंपसाइट रिमेडिएशन एंड एक्शन प्लान (DRAP) के तहत अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य ‘लक्ष्य: ज़ीरो डंपसाइट’ हासिल करना है। यह कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। 43 एकड़ भूमि हुई पुनः प्राप्त अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि जून 2022 में इस स्थल पर लगभग 73 लाख मीट्रिक टन कचरा मौजूद था। लगातार बायो-माइनिंग और वैज्ञानिक उपचार के बाद अब शेष कचरा घटकर लगभग 23.17 लाख मीट्रिक टन रह गया है। अब तक लगभग 70 एकड़ में फैले इस डंपसाइट में से 43 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त (Reclaimed) की जा चुकी है। मंत्री ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश निरीक्षण के दौरान मनोहर लाल ने बायो-माइनिंग, लीचेट प्रबंधन, आग से सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि— स्वच्छ भारत मिशन को मिलेगा बल भलस्वा परियोजना दिल्ली के सबसे बड़े कचरा निस्तारण अभियानों में से एक है। सरकार का मानना है कि इसके पूरा होने से आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण कम होगा, भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा और नागरिकों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह परियोजना देशभर में पुराने डंपसाइट्स को समाप्त करने के राष्ट्रीय अभियान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। निष्कर्ष भलस्वा डंपसाइट की सफाई दिल्ली के पर्यावरण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। केंद्र सरकार ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है ताकि राजधानी को पुराने कचरा पहाड़ों से मुक्त किया जा सके और पुनः प्राप्त भूमि का उपयोग जनहित में किया जा सके। Source: Ministry of Housing & Urban Affairs (MoHUA) | Press Information Bureau (PIB) | Municipal Corporation of Delhi (MCD) जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड के माध्यम से 128 टेक स्टार्टअप्स में ₹1,335 करोड़ से अधिक निवेश

नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डीप-टेक नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड (EDF) के माध्यम से अब तक 128 टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में ₹1,335 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, सेमीकंडक्टर, एम्बेडेड सिस्टम, IoT, रोबोटिक्स और उन्नत हार्डवेयर तकनीकों को बढ़ावा देना है। EDF योजना का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत किया जा रहा है। यह फंड प्रत्यक्ष निवेश के बजाय Alternative Investment Funds (AIFs) के माध्यम से स्टार्टअप्स को पूंजी उपलब्ध कराता है, जिससे निजी निवेश भी आकर्षित हो रहा है। 128 स्टार्टअप्स को मिला लाभ सरकारी जानकारी के अनुसार EDF समर्थित स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन तकनीक और चिप डिजाइन जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। इन कंपनियों ने कई स्वदेशी तकनीकों का विकास किया है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बल विशेषज्ञों का मानना है कि EDF के माध्यम से किया गया निवेश भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाने में मदद करेगा। यह पहल Digital India, Make in India और Atmanirbhar Bharat अभियानों को भी गति दे रही है। निजी निवेश भी बढ़ा EDF मॉडल की खास बात यह है कि सरकारी निवेश के साथ-साथ निजी क्षेत्र की पूंजी भी आकर्षित हो रही है। इससे शुरुआती चरण (Early Stage) के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता मिलने के साथ-साथ उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण पर फोकस सरकार ने हाल के वर्षों में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और कंपोनेंट निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं। EDF इन्हीं प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और भविष्य में अधिक स्टार्टअप्स को इससे जोड़ने की योजना है। निष्कर्ष 128 टेक स्टार्टअप्स में ₹1,335 करोड़ से अधिक निवेश भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप-टेक इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे नवाचार, रोजगार और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलेगा तथा भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा. Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | Electronics Development Fund (EDF) जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »