National Space Day पर PM Modi ने Space Startups के CEOs से संवाद किया साझा, मजबूत ecosystem बनाने पर जोर
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को National Space Day के मौके पर देशवासियों और वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र को भविष्य की अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने Space Startups के CEOs और founders के साथ अपने हालिया संवाद को भी साझा किया और देश में ऐसा मजबूत space ecosystem तैयार करने पर जोर दिया, जो दुनिया भर की प्रतिभा, कंपनियों और निवेश को भारत की ओर आकर्षित कर सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास कम लागत में काम करने की क्षमता, गुणवत्तापूर्ण talent और जोखिम लेने की मजबूत क्षमता का ऐसा संयोजन है जो देश को वैश्विक space sector में तेजी से अग्रणी स्थान दिला सकता है। 21 अगस्त को 20 Space Startups के साथ हुई थी बैठक प्रधानमंत्री मोदी ने Space Startup CEOs और founders के साथ यह बैठक 21 अगस्त 2026 को Seva Teerth में की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक बैठक में देश के 20 space startups के CEOs और founders शामिल हुए थे। ये कंपनियां rockets, reusable launch vehicles, satellites, advanced propulsion systems, space intelligence, space debris removal, weather और climate intelligence जैसी अलग-अलग technologies पर काम कर रही हैं। National Space Day पर इस interaction को फिर सामने लाते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की private space industry की ambition और innovation की तारीफ की। PM Modi बोले—दुनिया Space के लिए भारत की ओर देखे Space Startup leaders के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश को ऐसा ecosystem बनाना चाहिए कि जब दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र के बारे में सोचे तो उसकी नजर भारत की ओर जाए। उन्होंने startups से अपने प्रयासों में consistency बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार की policies में निरंतरता होने से entrepreneurs को जोखिम लेने का भरोसा मिलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसा environment तैयार कर सकता है जहां दुनिया भर के talented professionals अपने career और भविष्य के लिए Indian space sector को पसंद करें। Global Talent और Investment को आकर्षित करने पर जोर PM Modi ने कहा कि भारत के space sector में global talent, companies और investment को आकर्षित करने की क्षमता है। उनके मुताबिक भारत cost के मामले में highly competitive है और यहां quality talent के साथ risk-taking क्षमता भी मौजूद है। यही combination भारत को international space market में तेजी से मजबूत स्थिति दिला सकता है। Private companies के लिए space sector खोलने के बाद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय startups की संख्या और गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई कंपनियां satellite manufacturing से लेकर launch systems और earth observation तक अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं। Agriculture से Environment तक Space Technology का इस्तेमाल प्रधानमंत्री ने startups से space technology को केवल rockets और satellites तक सीमित न रखने की बात कही। उन्होंने कंपनियों से विचार करने को कहा कि उनकी technology का इस्तेमाल: में कैसे किया जा सकता है। PM Modi ने उदाहरण दिया कि agriculture से जुड़ी space technology कंपनियां agricultural universities और departments के साथ मिलकर किसानों को बेहतर data और decision-making tools उपलब्ध करा सकती हैं। Atal Tinkering Labs से जुड़ने की सलाह प्रधानमंत्री ने Space Startups को Atal Tinkering Labs के साथ अधिक सहयोग करने की सलाह भी दी। उनका कहना है कि इससे school level पर ही बच्चों में space science, technology और innovation को लेकर curiosity पैदा की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी को भारत के भविष्य के space missions और technologies से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। इससे आने वाले वर्षों में scientists, engineers, designers और entrepreneurs की नई पीढ़ी तैयार करने में मदद मिल सकती है। National Space Day पर PM Modi का संदेश 23 अगस्त को National Space Day के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों और वैज्ञानिक समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत नई global व्यवस्था में लगातार अपने space sector का विस्तार कर रहा है और नई पीढ़ी के engineers, designers, coders और scientists नई technologies विकसित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में space sector की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने देश से अंतरिक्ष क्षेत्र में और बड़े सपने देखने, अधिक innovation करने और नई सीमाओं को पार करने का आह्वान किया। 23 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है National Space Day? भारत में हर साल 23 अगस्त को National Space Day मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 2023 में Chandrayaan-3 के Vikram Lander ने चंद्रमा की सतह पर सफल soft landing की थी। इसके बाद Pragyan Rover को चंद्रमा पर deploy किया गया था। भारत इस उपलब्धि के साथ चंद्रमा पर सफल soft landing करने वाला चौथा देश बना और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश बना। Chandrayaan-3 की सफलता के बाद 23 अगस्त को National Space Day के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी। Private Space Sector में तेजी से बढ़ रहा भारत भारत सरकार ने वर्ष 2020 के बाद space sector को private participation के लिए बड़े स्तर पर खोलना शुरू किया। इसके बाद Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Dhruva Space, Bellatrix Aerospace, Digantara और कई अन्य startups ने launch vehicles, satellites और space technologies में तेजी से काम शुरू किया। 21 अगस्त की बैठक में इन कंपनियों समेत कुल 20 startups के representatives शामिल हुए थे। Startups ने प्रधानमंत्री को बताया कि Indian technologies को अपनाने में international companies की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। Space में Pharmaceuticals Manufacturing तक की तैयारी प्रधानमंत्री के साथ interaction के दौरान कुछ startups ने अपनी futuristic technologies की जानकारी भी साझा की। एक startup representative ने ऐसी satellites विकसित करने की योजना का जिक्र किया जो space में जाकर pharmaceutical products manufacture कर सकें और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाया जा सके। एक अन्य startup ने बताया कि उसे हालिया launch के बाद केवल एक महीने में आठ launch contracts मिले, जिनमें ज्यादातर international contracts हैं। ये developments दिखाती हैं कि Indian private space companies traditional satellite…
