ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन मुंबई में भी तेज, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
मुंबई: Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और Special Intensive Revision (SIR) के विरोध में चल रहा CJP आंदोलन अब मुंबई में भी तेज हो गया है। शहर में प्रदर्शन के लिए जुटे कई activists और supporters को Mumbai Police ने हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि gathering को निर्धारित permission नहीं मिली थी और law-and-order बनाए रखने के लिए preventive action किया गया। मुंबई में CJP समर्थकों का प्रदर्शन CJP और उससे जुड़े activists ने मुंबई में Election Commission और SIR process के खिलाफ प्रदर्शन करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग उठाई और electoral rolls से जुड़े कथित irregularities पर सवाल किए। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया Protest शुरू होने के दौरान Mumbai Police ने कई लोगों को preventive detention में लिया। Reports के मुताबिक protesters को police vehicles में बैठाकर local police stations ले जाया गया और बाद में प्रक्रिया पूरी होने पर कई लोगों को छोड़ दिया गया। Permission नहीं मिलने का हवाला Mumbai Police का कहना है कि protest को formal permission नहीं दी गई थी। Authorities ने crowd movement, traffic disruption और public order concerns का हवाला देते हुए gathering को रोकने की कार्रवाई की। “लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक” का आरोप दूसरी तरफ CJP supporters ने police action की आलोचना की। उन्होंने कहा कि peaceful protest करना constitutional right है और preventive detentions के जरिए dissent को दबाया जा रहा है। यह protesters का आरोप है। Pune के बाद Mumbai में भी कार्रवाई महाराष्ट्र में CJP protest को लेकर सिर्फ Mumbai में ही नहीं, Pune में भी police action हुआ है। Pune में भी 80 से ज्यादा protesters को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इससे साफ है कि Maharashtra के कई शहरों में आंदोलन तेज हुआ है। SIR को लेकर क्या है CJP की मांग? CJP का आरोप है कि Special Intensive Revision के दौरान voter lists में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। संगठन SIR को रोकने और CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग कर रहा है। Election Commission इन आरोपों को खारिज करता रहा है और revision exercise को electoral rolls को अधिक accurate बनाने की प्रक्रिया बताता है। Delhi से शुरू हुआ आंदोलन कई शहरों तक पहुंचा 10 अक्टूबर को Delhi के Jantar Mantar protest के बाद CJP ने दूसरे शहरों में भी demonstrations जारी रखने की बात कही थी। इसके बाद Mumbai, Pune और अन्य जगहों पर supporters के जुटने और detentions की खबरें सामने आईं। Mumbai Police की अतिरिक्त तैनाती Protest को देखते हुए sensitive locations पर police deployment बढ़ाया गया। Authorities ने किसी भी unauthorized march या बड़ी gathering को रोकने के लिए barricading और monitoring बढ़ाई। आंदोलन और तेज करने का दावा CJP leaders का कहना है कि detentions के बावजूद agitation जारी रहेगा। उनका दावा है कि यह केवल एक शहर या एक दिन का protest नहीं, बल्कि electoral accountability को लेकर nationwide campaign है। आरोप और आधिकारिक पक्ष दोनों अहम Protesters police action को democratic rights पर restriction बता रहे हैं, जबकि authorities इसे public order बनाए रखने के लिए preventive measure बता रही हैं। SIR और Election Commission को लेकर लगाए जा रहे आरोप अभी राजनीतिक और कानूनी विवाद का हिस्सा हैं और इनके अंतिम निष्कर्ष स्वतंत्र जांच या judicial scrutiny से ही तय होंगे। source – The Times of India / Reuters / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

