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दिल्ली के सीमापुरी में इमारत ढही, 4 की मौत; कई घायल, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में एक बहुमंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। घटना में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मृतकों में एक गर्भवती महिला और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे के बाद Delhi Fire Service, Police और rescue teams ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया। दोपहर करीब 3:30 बजे ढही इमारत यह हादसा बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे न्यू सीमापुरी की संकरी गलियों में हुआ। Delhi Fire Service को collapse की सूचना मिलने के बाद कई fire tenders और rescue teams मौके पर भेजी गईं। 11 लोग मलबे में फंसे थे प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक collapse के बाद करीब 11 लोग मलबे में फंस गए थे। स्थानीय लोग भी firefighters के साथ debris हटाने और लोगों को निकालने में मदद करते नजर आए। गर्भवती महिला की भी मौत मृतकों में 21 वर्षीय Gulafsa भी शामिल थीं, जो करीब चार महीने की गर्भवती थीं। परिवार के अनुसार मलबे में दबे रहने के दौरान उन्होंने फोन कर पानी मांगा और सांस लेने में परेशानी की बात कही थी। बाद में उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। बच्चों की भी गई जान इस हादसे में बच्चों की मौत की भी पुष्टि हुई है। अलग-अलग शुरुआती reports में मृतकों की संख्या तीन बताई गई थी, लेकिन बाद में death toll बढ़कर चार हो गई। 8 लोग घायल पुलिस के मुताबिक कम से कम 8 लोगों को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें एक तीन साल का बच्चा भी शामिल था। घायलों का इलाज आसपास के hospitals में किया जा रहा है। इमारत की मंजिलों को लेकर अलग-अलग जानकारी शुरुआती reports में इसे पांच मंजिला building बताया गया, जबकि MCD के बयान में structure को ground-plus-three-floor बताया गया है। MCD के मुताबिक इमारत करीब 20-25 साल पुरानी थी और लगभग 25 square yards DUSIB land पर बनी थी। भूकंप के बाद cracks आने का दावा कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि हाल में आए tremors के बाद building में cracks दिखाई दिए थे। हालांकि collapse का वास्तविक कारण अभी official investigation से तय होना बाकी है। पास की इमारत भी demolition के लिए चिन्हित थी ताजा reports में यह भी सामने आया कि इलाके की एक nearby building पहले से demolition के लिए marked थी। इससे पूरे इलाके में पुराने और कमजोर structures की safety को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। संकरी गलियों ने rescue operation किया मुश्किल हादसे वाली जगह densely populated area में है। संकरी गलियों की वजह से heavy rescue equipment और ambulances को घटनास्थल तक पहुंचने में मुश्किल हुई, जिससे operation चुनौतीपूर्ण बना रहा। जांच के बाद पता चलेगा collapse का कारण Authorities अब यह जांच कर रही हैं कि building में structural weakness, unauthorized construction या अन्य किसी कारण से collapse हुआ। Structural safety और civic approvals की भी जांच की जा सकती है। इलाके में traffic advisory हादसे के बाद आसपास की सड़कों पर traffic restrictions भी लगाई गईं। लोगों को rescue operation पूरा होने तक affected area से बचने की सलाह दी गई। Source – The Indian Express, Hindustan Times, NDTV, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 7 की मौत, 5 DU छात्र शामिल; PG Operator भी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG building गिरने के हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें 5 Delhi University के छात्र शामिल थे। हादसा 6 सितंबर को DU South Campus के पास हुआ था। मामले में जांच तेज करते हुए Delhi Police ने अब PG operator Sudhanshu को भी गिरफ्तार कर लिया है। इन 5 DU छात्रों की हुई मौत हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान Abhishek Kumar (20), Yuvraj Soni (20), Pawan Kumar (17), Arpit Jahaj (18) और Akshat Singh Yadav (18) के रूप में हुई है। इसके अलावा दो मजदूरों की भी मौत हुई। अलग-अलग DU Colleges में पढ़ते थे छात्र 18 वर्षीय Arpit Jahaj Atma Ram Sanatan Dharma College में second-year student थे और Chartered Accountancy की तैयारी कर रहे थे। Yuvraj Soni Motilal Nehru College के second-year student और CA aspirant थे। हादसे में मारे गए अन्य छात्र भी Delhi University के अलग-अलग colleges में पढ़ाई कर रहे थे। Satya Niketan DU South Campus के छात्रों के लिए एक प्रमुख PG accommodation hub है। पांच मंजिला PG Building हुई थी धराशायी 6 सितंबर को करीब दोपहर 1:30 बजे Satya Niketan में Hostel Daze नाम से चल रही पांच मंजिला PG building अचानक गिर गई। मलबे में कई छात्र और अन्य लोग दब गए थे। Rescue operation अगले दिन शाम तक चला। Building में कथित Illegal Construction की जांच Police FIR के मुताबिक लगभग 50 साल पुरानी इमारत में अतिरिक्त floors और construction किए जाने की जांच की जा रही है। Police का आरोप है कि building की load-bearing capacity को लेकर जोखिम के बावजूद construction किया गया। इन आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद तय होगा। Owner और Family Members भी गिरफ्तार Delhi Police ने building owner Hariram Bansal, उनकी पत्नी Urmila Gupta और बेटे Mahesh Gupta को भी गिरफ्तार किया था। Hariram और उनकी पत्नी को 14 दिन की judicial custody में भेजा गया, जबकि बेटे को police custody मिली। अब PG Operator Sudhanshu गिरफ्तार मामले में 9 सितंबर को Police ने private hostel चलाने वाले Sudhanshu को गिरफ्तार किया। Police उससे building operations, accommodation और हादसे से पहले की परिस्थितियों को लेकर पूछताछ कर रही है। MCD के 5 Officials पर कार्रवाई हादसे के बाद Municipal Corporation of Delhi के पांच अधिकारियों को suspend किया गया। घटना ने Delhi में private PG और student hostels की structural और fire safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। PGs को Regulate करने की तैयारी हादसे के बाद Delhi government ने PG accommodations के लिए licensing, police clearance, structural और fire-safety NOC तथा public registration portal जैसी व्यवस्थाओं वाला regulatory framework तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सत्य निकेतन हादसे ने DU के हजारों outstation students के लिए सुरक्षित और affordable accommodation की कमी को फिर उजागर कर दिया है। Delhi University में 2.5 लाख से ज्यादा conventional-mode students के मुकाबले hostel capacity करीब 9,000 beds ही बताई गई है। source – Hindustan Times / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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सत्य निकेतन हादसे पर NSUI का गंभीर आरोप—“जब छात्रों की जान बचानी थी, तब प्रशासन कहां था?”

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्र PG की पांच मंजिला इमारत ढहने के बाद अब प्रशासन की भूमिका को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों के सवाल तेज हो गए हैं। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने rescue response पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब छात्र मलबे के नीचे जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब पुलिस, fire brigade और प्रशासन कहां था। NSUI ने लगाया Rescue में देरी का आरोप विनोद जाखड़ ने दावा किया कि घटना की सूचना मिलते ही NSUI के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे और उनका एक साथी भी मलबे में फंसा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती समय में मौके पर पर्याप्त police, fire brigade, medical facilities और heavy rescue equipment मौजूद नहीं थे। जाखड़ ने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर घटना में disaster preparedness क्यों कमजोर दिखाई दी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। Official Timeline NSUI के दावे से अलग हालांकि Delhi Fire Services से जुड़ी reported timeline NSUI के दो घंटे की देरी वाले आरोप से अलग तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के मुताबिक building collapse की सूचना करीब 1:33 PM पर मिली और rescue teams लगभग 1:50 PM तक घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। इसके बाद Delhi Fire Service, Delhi Police, NDRF, DDMA, CATS और अन्य agencies ने संयुक्त rescue operation शुरू किया। इसलिए rescue में दो घंटे की देरी का NSUI का दावा अभी independently established fact नहीं है। Local Students ने भी शुरू किया था Rescue प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय छात्रों के मुताबिक building गिरने के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने खुद मलबे में फंसे लोगों की मदद शुरू कर दी थी। Students और residents ने human chain बनाई और official rescue teams के पहुंचने से पहले शुरुआती मदद की कोशिश की। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत सत्य निकेतन हादसे में सोमवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जबकि 12 लोगों को मलबे से निकाला गया है। NDRF ने कहा है कि मलबे में फंसे लोगों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है और search operation जारी है। पांच MCD अधिकारी Suspend हादसे के बाद Municipal Corporation of Delhi ने South Zone के Deputy Commissioner समेत पांच अधिकारियों को suspend कर दिया है। इनमें building department से जुड़े engineering officials भी शामिल हैं। मामले में disciplinary proceedings शुरू की गई हैं। Building Owner Bhiwadi से पकड़ा गया Delhi Police ने collapsed building के owner Hariram Gupta को Rajasthan के Bhiwadi से पकड़ लिया है। पुलिस ने उसके और अन्य लोगों के खिलाफ culpable homicide और negligence से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। हादसे की magisterial inquiry भी आदेशित की गई है। NSUI और ABVP आमने-सामने घटनास्थल पर NSUI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच बहस भी हुई। NSUI ने administration और building safety enforcement पर सवाल उठाए, जबकि ABVP ने MCD Commissioner के इस्तीफे और छात्र PG buildings के safety audit की मांग की। Student PG Safety पर बड़े सवाल सत्य निकेतन Delhi University South Campus के पास स्थित बड़ा student accommodation hub है। हादसे के बाद सवाल उठ रहा है कि पुराने और heavily modified PG buildings की structural safety की नियमित जांच क्यों नहीं हुई। Delhi government ने अब public-use buildings और student accommodations के लिए regular structural audits और safety certification policy लाने की बात कही है। source – ANI / The Economic Times / Times of Indiaजय राष्ट्र न्यूज़

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सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत भरभराकर गिरी, 7 की मौत; मलबे में अब भी लोगों की तलाश

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत के ढहने से बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर अचानक पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई। आज तक हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को बचाया गया है। राहत एवं बचाव टीमें मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा Delhi Police को 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे Satya Niketan में building collapse की PCR call मिली थी। सूचना मिलते ही Delhi Police, Delhi Fire Services, NDRF, DDMA और ambulance teams मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर rescue operation शुरू किया गया। CCTV में कैद हुआ इमारत गिरने का खौफनाक मंजर हादसे का CCTV footage भी सामने आया है। वीडियो में इमारत से पहले मलबा गिरता दिखाई देता है और कुछ ही सेकंड बाद पूरी building भरभराकर नीचे आ जाती है। पास मौजूद एक दुकानदार खतरा देखकर समय रहते भागता हुआ भी दिखाई देता है। Basement और Ground Floor पर चल रहा था काम पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 40 से 50 साल पुरानी इमारत में renovation और basement से जुड़ा काम चल रहा था। अधिकारियों को आशंका है कि structural pillar या walls से छेड़छाड़ के कारण building कमजोर हुई होगी। हादसे के सही कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। PG में रहते थे Delhi University के छात्र इस building का इस्तेमाल student PG के रूप में किया जा रहा था। Satya Niketan Delhi University के South Campus के नजदीक है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और hostels में रहते हैं। हादसे के समय इमारत के अंदर कई छात्रों के मौजूद होने की आशंका जताई गई थी। Building Owner के खिलाफ FIR Delhi Police ने कथित building owner Hariram Bansal और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला BNS की धारा 105, 290 और 125(a) सहित संबंधित provisions के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने मालिक की तलाश के लिए कई teams बनाई हैं और उसके खिलाफ Look Out Circular भी जारी किया गया है। पांच MCD अधिकारी Suspended आज Delhi government ने हादसे के बाद बड़ी administrative कार्रवाई करते हुए MCD के पांच अधिकारियों को suspend कर दिया। इनमें South Zone के Deputy Commissioner और building department से जुड़े engineering officials शामिल हैं। आसपास की unsafe buildings की जांच और demolition की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। PM Modi ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। PMO ने कहा कि authorities मौके पर राहत और सहायता उपलब्ध करा रही हैं। Rescue Operation जारी NDRF और अन्य agencies मलबा हटाकर search operation चला रही हैं। आसपास की कमजोर इमारतों को भी खाली कराया जा रहा है ताकि किसी और हादसे का खतरा न रहे। हादसे ने Satya Niketan में चल रहे student PGs की building safety और construction norms पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। source – India Today / Aaj Tak / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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