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सत्य निकेतन हादसे पर NSUI का गंभीर आरोप—“जब छात्रों की जान बचानी थी, तब प्रशासन कहां था?”

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्र PG की पांच मंजिला इमारत ढहने के बाद अब प्रशासन की भूमिका को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों के सवाल तेज हो गए हैं। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने rescue response पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब छात्र मलबे के नीचे जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब पुलिस, fire brigade और प्रशासन कहां था। NSUI ने लगाया Rescue में देरी का आरोप विनोद जाखड़ ने दावा किया कि घटना की सूचना मिलते ही NSUI के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे और उनका एक साथी भी मलबे में फंसा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती समय में मौके पर पर्याप्त police, fire brigade, medical facilities और heavy rescue equipment मौजूद नहीं थे। जाखड़ ने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर घटना में disaster preparedness क्यों कमजोर दिखाई दी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। Official Timeline NSUI के दावे से अलग हालांकि Delhi Fire Services से जुड़ी reported timeline NSUI के दो घंटे की देरी वाले आरोप से अलग तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के मुताबिक building collapse की सूचना करीब 1:33 PM पर मिली और rescue teams लगभग 1:50 PM तक घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। इसके बाद Delhi Fire Service, Delhi Police, NDRF, DDMA, CATS और अन्य agencies ने संयुक्त rescue operation शुरू किया। इसलिए rescue में दो घंटे की देरी का NSUI का दावा अभी independently established fact नहीं है। Local Students ने भी शुरू किया था Rescue प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय छात्रों के मुताबिक building गिरने के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने खुद मलबे में फंसे लोगों की मदद शुरू कर दी थी। Students और residents ने human chain बनाई और official rescue teams के पहुंचने से पहले शुरुआती मदद की कोशिश की। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत सत्य निकेतन हादसे में सोमवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जबकि 12 लोगों को मलबे से निकाला गया है। NDRF ने कहा है कि मलबे में फंसे लोगों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है और search operation जारी है। पांच MCD अधिकारी Suspend हादसे के बाद Municipal Corporation of Delhi ने South Zone के Deputy Commissioner समेत पांच अधिकारियों को suspend कर दिया है। इनमें building department से जुड़े engineering officials भी शामिल हैं। मामले में disciplinary proceedings शुरू की गई हैं। Building Owner Bhiwadi से पकड़ा गया Delhi Police ने collapsed building के owner Hariram Gupta को Rajasthan के Bhiwadi से पकड़ लिया है। पुलिस ने उसके और अन्य लोगों के खिलाफ culpable homicide और negligence से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। हादसे की magisterial inquiry भी आदेशित की गई है। NSUI और ABVP आमने-सामने घटनास्थल पर NSUI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच बहस भी हुई। NSUI ने administration और building safety enforcement पर सवाल उठाए, जबकि ABVP ने MCD Commissioner के इस्तीफे और छात्र PG buildings के safety audit की मांग की। Student PG Safety पर बड़े सवाल सत्य निकेतन Delhi University South Campus के पास स्थित बड़ा student accommodation hub है। हादसे के बाद सवाल उठ रहा है कि पुराने और heavily modified PG buildings की structural safety की नियमित जांच क्यों नहीं हुई। Delhi government ने अब public-use buildings और student accommodations के लिए regular structural audits और safety certification policy लाने की बात कही है। source – ANI / The Economic Times / Times of Indiaजय राष्ट्र न्यूज़

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सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत भरभराकर गिरी, 7 की मौत; मलबे में अब भी लोगों की तलाश

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत के ढहने से बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर अचानक पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई। आज तक हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को बचाया गया है। राहत एवं बचाव टीमें मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा Delhi Police को 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे Satya Niketan में building collapse की PCR call मिली थी। सूचना मिलते ही Delhi Police, Delhi Fire Services, NDRF, DDMA और ambulance teams मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर rescue operation शुरू किया गया। CCTV में कैद हुआ इमारत गिरने का खौफनाक मंजर हादसे का CCTV footage भी सामने आया है। वीडियो में इमारत से पहले मलबा गिरता दिखाई देता है और कुछ ही सेकंड बाद पूरी building भरभराकर नीचे आ जाती है। पास मौजूद एक दुकानदार खतरा देखकर समय रहते भागता हुआ भी दिखाई देता है। Basement और Ground Floor पर चल रहा था काम पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 40 से 50 साल पुरानी इमारत में renovation और basement से जुड़ा काम चल रहा था। अधिकारियों को आशंका है कि structural pillar या walls से छेड़छाड़ के कारण building कमजोर हुई होगी। हादसे के सही कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। PG में रहते थे Delhi University के छात्र इस building का इस्तेमाल student PG के रूप में किया जा रहा था। Satya Niketan Delhi University के South Campus के नजदीक है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और hostels में रहते हैं। हादसे के समय इमारत के अंदर कई छात्रों के मौजूद होने की आशंका जताई गई थी। Building Owner के खिलाफ FIR Delhi Police ने कथित building owner Hariram Bansal और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला BNS की धारा 105, 290 और 125(a) सहित संबंधित provisions के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने मालिक की तलाश के लिए कई teams बनाई हैं और उसके खिलाफ Look Out Circular भी जारी किया गया है। पांच MCD अधिकारी Suspended आज Delhi government ने हादसे के बाद बड़ी administrative कार्रवाई करते हुए MCD के पांच अधिकारियों को suspend कर दिया। इनमें South Zone के Deputy Commissioner और building department से जुड़े engineering officials शामिल हैं। आसपास की unsafe buildings की जांच और demolition की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। PM Modi ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। PMO ने कहा कि authorities मौके पर राहत और सहायता उपलब्ध करा रही हैं। Rescue Operation जारी NDRF और अन्य agencies मलबा हटाकर search operation चला रही हैं। आसपास की कमजोर इमारतों को भी खाली कराया जा रहा है ताकि किसी और हादसे का खतरा न रहे। हादसे ने Satya Niketan में चल रहे student PGs की building safety और construction norms पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। source – India Today / Aaj Tak / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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