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नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे पहुंचा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि; राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

पुणे: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम गोवा से पुणे लाया गया। पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर अंतिम श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस ले जाया गया, जहां देर रात पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। Goa से airlift कर पुणे लाया गया पार्थिव शरीर नाना पाटेकर का निधन गुरुवार तड़के गोवा में हुआ था। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से पुणे लाया गया। एयरपोर्ट पर राज्य सरकार के प्रतिनिधि और परिवार के सदस्य मौजूद रहे। देवेंद्र फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि पुणे एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर के दर्शन किए और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। फडणवीस ने कहा कि नाना पाटेकर को अंतिम विदाई देते समय उनका मन बेहद भारी था और महाराष्ट्र ने एक असाधारण कलाकार खो दिया है। Guard of Honour दिया गया राज्य सरकार की ओर से नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान दिया गया। पुणे एयरपोर्ट पर उनके पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद अंतिम यात्रा डोंजे गांव की ओर रवाना हुई। Donje farmhouse पर पहुंचे हजारों लोग नाना पाटेकर के डोंजे स्थित फार्महाउस पर बड़ी संख्या में प्रशंसक, ग्रामीण और फिल्म जगत से जुड़े लोग पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, एक हजार से ज्यादा लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहे। इस दौरान प्रशंसकों ने “नाना अमर रहें” के नारे भी लगाए। बेटे मल्हार ने दी मुखाग्नि नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात करीब 11:30 बजे किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं और मुखाग्नि दी। पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई नाना पाटेकर को महाराष्ट्र सरकार की ओर से पूर्ण राजकीय सम्मान दिया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और औपचारिक सलामी के साथ अंतिम विदाई दी गई। कई बड़े नेता और कलाकार पहुंचे अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के कई मंत्री, सांसद और फिल्म जगत की हस्तियां शामिल हुईं। जैकी श्रॉफ, मकरंद अनासपुरे, अनिल शर्मा समेत कई लोगों ने नाना पाटेकर को अंतिम श्रद्धांजलि दी। Donje farmhouse से था गहरा लगाव नाना पाटेकर का पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस से खास लगाव था। परिवार के मुताबिक, उनकी इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार इसी जगह किया जाए। वह लंबे समय तक यहां आते-जाते रहे और स्थानीय लोगों के साथ उनका गहरा जुड़ाव था। महाराष्ट्र में शोक की लहर नाना पाटेकर के निधन के बाद महाराष्ट्र और फिल्म जगत में शोक की लहर है। राजनीतिक नेताओं, अभिनेताओं और प्रशंसकों ने उन्हें बेबाक अंदाज, दमदार अभिनय और सामाजिक कार्यों के लिए याद किया। Goa Police ने भी शुरू की प्रक्रिया नाना पाटेकर की मौत के बाद गोवा पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। यह नियमित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फिलहाल किसी साजिश या आपराधिक साजिश का दावा सामने नहीं आया है। एक युग का अंत नाना पाटेकर ने मराठी और हिंदी सिनेमा में दशकों तक अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज, अभिनय क्षमता और बेबाक अंदाज ने उन्हें दर्शकों के बीच खास स्थान दिलाया। उन्हें महाराष्ट्र सरकार के राजकीय सम्मान और हजारों प्रशंसकों की मौजूदगी में अंतिम विदाई दी गई। Source – Hindustan Times, The Indian Express, The Times of India, Maharashtra Times जय राष्ट्र न्यूज़

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अभिजीत दिपके पर BJP नेता प्रवीण दरेकर का पलटवार, PM मोदी को लेकर बयान पर जताई आपत्ति

मुंबई: महाराष्ट्र BJP के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर दिए गए बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरेकर ने आरोप लगाया कि शिवाजी पार्क में हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणी की गई और आंदोलन अपने मूल मुद्दों से भटककर राजनीतिक मंच बन गया। शिवाजी पार्क प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखे राजनीतिक हमले किए थे। PM मोदी पर दिपके की टिप्पणी पर आपत्ति अभिजीत दिपके ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के चाय बेचने से जुड़े पुराने संदर्भ को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी। उन्होंने सवाल किया था कि जनता ने उन्हें चाय बेचने के लिए नहीं बल्कि सरकार चलाने के लिए चुना है। इसी तरह उन्होंने ‘Melody chocolate’ का जिक्र करते हुए भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। दरेकर बोले- आंदोलन राजनीतिक ड्रामा बन गया प्रवीण दरेकर ने CJP के प्रदर्शन पर हमला करते हुए इसे ‘political drama’ करार दिया। उनका कहना था कि शुरुआत में आंदोलन को छात्रों और चुनावी मुद्दों से जुड़ा बताया गया, लेकिन बाद में इसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और महाराष्ट्र सरकार को निशाना बनाने के लिए किया गया। बाबासाहेब आंबेडकर को लेकर भी उठाया मुद्दा दरेकर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़े कुछ तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने CJP से आंबेडकरी समाज और महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगने की मांग भी की। यह BJP नेता का आरोप है और इस पर CJP की अलग राजनीतिक व्याख्या सामने आई है। ‘राजनीतिक नेताओं का अपमान स्वीकार नहीं’ दरेकर ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने CJP नेतृत्व पर आंदोलन के जरिए केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने का आरोप लगाया। फडणवीस को भी निशाना बना चुके हैं दिपके अभिजीत दिपके ने शिवाजी पार्क के भाषण में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा था। उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की और कहा कि अगर सरकार चाहे तो उन्हें तीन दिन नहीं बल्कि तीन महीने जेल में डालकर देख सकती है। BJP नेताओं का CJP पर लगातार हमला प्रवीण दरेकर के अलावा BJP नेता राम कदम ने भी अभिजीत दिपके के बयानों की आलोचना की है। राम कदम ने संविधान और बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर सवाल उठाए और इसे आंबेडकर के सम्मान से जोड़ा। CJP का दावा- मुद्दा चुनाव आयोग की जवाबदेही का दूसरी ओर CJP का कहना है कि उसका आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, voter-list revision और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़ा है। संगठन ने इन मुद्दों पर देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। राजनीतिक टकराव और तेज CJP के प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में BJP और अभिजीत दिपके के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक तरफ BJP नेता दिपके पर प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं को लेकर मर्यादा तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं CJP सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने की बात कह रही है। source – Loksatta / Reuters / IANS / Pudhari / The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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Devendra Fadnavis ने Samay Raina को किया सम्मानित; Maharashtra Cyber के मंच पर ‘Latent’ विवाद पर खुद ही ली चुटकी, अब Sunil Pal ने उठाए सवाल

मुंबई: Stand-up comedian Samay Raina एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई विवादित comedy show नहीं बल्कि Maharashtra Cyber का cyber-awareness campaign है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में Samay Raina को cybercrime awareness initiative में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। यह कार्यक्रम 26 अगस्त 2026 को आयोजित हुआ था। इस कार्यक्रम में Maharashtra Cyber ने cyber fraud को लेकर awareness बढ़ाने के उद्देश्य से short film ‘Digital Arrest’ और ‘1930 Maharashtra Cyber Anthem’ लॉन्च किया। Samay Raina समेत entertainment industry के कई कलाकार इस initiative से जुड़े थे और उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। अब 28 अगस्त 2026 को इस सम्मान पर comedian Sunil Pal की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामला फिर social media पर चर्चा में है। Sunil Pal ने Samay Raina को सम्मानित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे गलत संदेश देने वाला बताया है। आखिर Samay Raina को क्यों किया गया सम्मानित? Samay Raina को उनकी comedy career या किसी particular show के लिए यह सम्मान नहीं दिया गया। Reports के मुताबिक उन्हें Maharashtra Cyber द्वारा चलाए जा रहे cybercrime awareness campaign में योगदान के लिए felicitate किया गया। इस campaign में ‘Digital Arrest’ नाम की awareness short film और 1930 cyber helpline को promote करने वाला Maharashtra Cyber Anthem शामिल है। Digital arrest scams पिछले कुछ वर्षों में cybercrime का बड़ा तरीका बनकर सामने आए हैं। इसमें fraudsters खुद को police, CBI, customs या दूसरी investigating agency का अधिकारी बताकर victim को डराते हैं और video call या phone के जरिए पैसे transfer करने का दबाव बनाते हैं। इसी तरह के scams को लेकर public awareness बढ़ाने के लिए Maharashtra Cyber ने celebrities को campaign में शामिल किया। मंच पर Samay Raina ने खुद Cyber Cell पर किया Joke सम्मान लेने के बाद Samay Raina ने अपने पुराने Maharashtra Cyber experience को लेकर मजाक किया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और दूसरे celebrities हंस पड़े। Raina ने कहा कि Maharashtra Cyber के साथ उनका “पुराना रिश्ता” है और 1930 उनके लिए जाना-पहचाना number है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि Maharashtra Cyber इतनी active है कि कोई व्यक्ति India में हो या America में, agency उसे ढूंढ लेगी। उन्होंने अपने पिछले summons का जिक्र करते हुए यह भी मजाक किया कि इस बार Cyber Cell का officer उन्हें लेकर आया और परिणाम interrogation नहीं बल्कि felicitation निकला। इस comment पर CM Fadnavis समेत मंच पर मौजूद कई लोगों की हंसी छूट गई। CM Fadnavis से मांग लिया Biscuit कार्यक्रम का एक और clip social media पर तेजी से viral हुआ। सम्मान लेने के दौरान Samay Raina ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से मजाकिया अंदाज में पास रखा biscuit लेने की अनुमति मांगी। उनके अचानक किए गए सवाल से मंच पर मौजूद लोग हंसने लगे और formal cyber-awareness programme कुछ देर के लिए stand-up comedy जैसे माहौल में बदल गया। Raina ने बाद में कार्यक्रम का video अपने social media account पर भी साझा किया। कार्यक्रम में Pankaj Tripathi समेत कई Celebrities Maharashtra Cyber के इस programme में Samay Raina अकेले entertainment personality नहीं थे। Reports के मुताबिक कार्यक्रम में: समेत कई जाने-माने कलाकार मौजूद थे। इन personalities को cyber-awareness film और anthem के जरिए लोगों तक cyber safety का message पहुंचाने में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। Fadnavis ने Cybercrime Awareness पर दिया जोर CM Devendra Fadnavis ने कार्यक्रम में cybercrime के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि actors, singers और दूसरे लोकप्रिय चेहरे awareness messages को आम लोगों तक ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंचा सकते हैं। सरकार और cyber authorities का focus खास तौर पर digital arrest जैसे scams से लोगों को बचाना है। Cyber fraud की स्थिति में national cybercrime helpline 1930 पर शिकायत की जा सकती है। क्यों चर्चा में है Samay Raina और Maharashtra Cyber का ‘पुराना रिश्ता’? इस felicitation को लेकर social media पर सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हुई क्योंकि लगभग डेढ़ साल पहले Samay Raina का Maharashtra Cyber के साथ रिश्ता बिल्कुल अलग परिस्थिति में सामने आया था। February 2025 में उनके comedy show ‘India’s Got Latent’ के एक episode में YouTuber और podcaster Ranveer Allahbadia की एक sexually explicit टिप्पणी पर बड़ा विवाद हुआ था। उसके बाद अलग-अलग जगह complaints और FIRs दर्ज हुईं और Samay Raina समेत show से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की गई। Maharashtra Cyber ने भेजे थे Summons India’s Got Latent controversy के दौरान Maharashtra Cyber ने Samay Raina को questioning के लिए बुलाया था। उस समय Raina विदेश में थे और उन्होंने video conferencing के जरिए अपना statement दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी, लेकिन Maharashtra Cyber ने personal appearance पर जोर दिया। बाद में Samay Raina मुंबई में agency के सामने पेश हुए थे। इसी background के कारण अब उसी Maharashtra Cyber के awareness programme में उन्हें सम्मानित किए जाने को social media users “full circle moment” बता रहे हैं। आज Sunil Pal ने क्यों किया विरोध? 28 अगस्त की fresh development में comedian Sunil Pal ने Samay Raina की felicitation को लेकर नाराजगी जताई है। Sunil Pal ने अपने video की शुरुआत “घोर कलयुग आ गया है” कहते हुए की और सवाल उठाया कि past controversies से जुड़े entertainer को government-linked मंच पर सम्मानित करना युवा comedians को क्या message देगा। Pal का तर्क था कि controversial या abusive content के बाद publicity हासिल करने और फिर public recognition मिलने से गलत precedent बन सकता है। यह Sunil Pal की व्यक्तिगत राय और आलोचना है; इसे Maharashtra government या किसी authority की official assessment नहीं माना जाना चाहिए। Sunil Pal ने नए Comedians को लेकर जताई चिंता Sunil Pal ने कहा कि उनके हिसाब से young performers को ऐसा impression नहीं मिलना चाहिए कि controversy और police cases popularity या recognition पाने का रास्ता हैं। उन्होंने Samay Raina और India’s Got Latent के past content को लेकर भी अपनी असहमति दोहराई। खबर लिखे जाने तक Samay Raina की ओर से Sunil Pal की इस fresh criticism पर कोई verified detailed response सामने नहीं…

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मराठी भाषा नियम के विरोध में मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों की 3 दिन की हड़ताल, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

मुंबई: महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और app-based cab drivers के लिए कामचलाऊ मराठी का ज्ञान अनिवार्य किए जाने के विरोध में मुंबई के कुछ हिस्सों में ऑटो-टैक्सी चालकों ने तीन दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल 24 अगस्त 2026 से शुरू हुई और 25 अगस्त को भी इसका असर कई इलाकों में देखने को मिला। यात्रियों को ऑटो और टैक्सी मिलने में दिक्कत हुई और कई जगह 40 से 50 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। प्रदर्शनकारी चालकों का कहना है कि उन्हें मराठी सीखने से आपत्ति नहीं है, बल्कि उनकी नाराजगी language test के तरीके, कम समय और कथित रूप से training से बाहर पूछे जा रहे सवालों को लेकर है। दूसरी तरफ महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि drivers को मराठी का expert नहीं बनना है, बल्कि काम के दौरान यात्रियों से बातचीत करने लायक basic Marathi आनी चाहिए। कांदिवली में सड़क पर उतरे चालक हड़ताल का सबसे ज्यादा असर मुंबई के Kandivali क्षेत्र में देखने को मिला। सोमवार सुबह Laljipada के पास Kandivali Link Road पर दर्जनों drivers ने रास्ता-रोको प्रदर्शन किया। कुछ समय के लिए traffic भी प्रभावित हुआ और मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। Kandivali के अलावा Malad West, Santacruz, Dahisar और Andheri समेत कुछ अन्य इलाकों में भी demonstrations की खबरें सामने आईं। कई चालकों ने काम बंद करके दूसरे drivers से भी protest में शामिल होने की अपील की। क्यों हो रहा है विरोध? महाराष्ट्र Transport Department ने passenger vehicles चलाने वाले drivers के लिए working knowledge of Marathi की शर्त को सख्ती से लागू करना शुरू किया है। RTO अधिकारी drivers से बातचीत कर यह जांच रहे हैं कि वे दैनिक कामकाज के लिए जरूरी मराठी समझ और बोल सकते हैं या नहीं। Assessment process को video-record भी किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह शर्त नई नहीं है। Transport Minister Pratap Sarnaik के मुताबिक practical Marathi knowledge से जुड़ी requirement महाराष्ट्र में 1989 से मौजूद है, लेकिन अब इसे ज्यादा सख्ती से लागू किया जा रहा है। Drivers बोले- Marathi सीखने से आपत्ति नहीं प्रदर्शनकारी drivers का कहना है कि उनका विरोध मराठी भाषा से नहीं है। उनका आरोप है कि RTO assessment में ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं जो उन्हें दी गई training का हिस्सा नहीं थे। कई drivers ने यह भी कहा कि वे मराठी समझते हैं और टूटी-फूटी भाषा में बातचीत कर सकते हैं, लेकिन fluency हासिल करने के लिए उन्हें ज्यादा समय चाहिए। कुछ drivers ने यह भी कहा कि वे रोज की कमाई पर निर्भर हैं और language classes के लिए काम छोड़ना उनके लिए आर्थिक नुकसान का कारण बनता है। पहले Notice, फिर हो सकती है कार्रवाई सरकार के नियम के मुताबिक किसी driver में पर्याप्त working knowledge नहीं मिलने पर तत्काल licence cancel नहीं किया जाएगा। पहले उसे एक महीने का notice दिया जाएगा ताकि वह मराठी सीख सके। अगर एक महीने के बाद भी वह requirement पूरी नहीं करता, तो उसका badge तीन महीने के लिए suspend किया जा सकता है। इसके बाद भी जानबूझकर भाषा नहीं सीखने की स्थिति में badge और permit cancellation जैसी कार्रवाई हो सकती है। यानी किसी driver के language test में कमजोर पाए जाने भर से तुरंत permanent licence cancellation का नियम नहीं है। ₹5,000 से ₹25,000 Fine की खबरों पर सरकार की सफाई प्रदर्शन के दौरान drivers में यह डर भी फैला कि मराठी नहीं आने पर ₹5,000 से ₹20,000 या उससे ज्यादा का fine लगाया जा रहा है। Borivali RTO के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ऐसी भारी penalty को लेकर misinformation फैलने की बात सामने आई है। Transport Minister Pratap Sarnaik ने कहा कि एक महीने की notice period पूरी होने से पहले अगर कोई RTO अधिकारी गलत तरीके से fine लगाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य drivers को परेशान करना नहीं है, बल्कि उन्हें practical Marathi सीखने का मौका देना है। Fadnavis बोले- Marathi Expert बनाना मकसद नहीं मामला बढ़ने के बाद Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis ने भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सरकार किसी हिंदीभाषी या गैर-मराठी driver को Marathi language expert नहीं बनाना चाहती। उनके मुताबिक driver को केवल इतनी मराठी आनी चाहिए कि वह अपने काम से जुड़े सामान्य सवाल और यात्रियों से basic बातचीत कर सके। फडणवीस ने यह भी कहा कि drivers को भाषा सीखने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है और अभी तक किसी licence को केवल इस आधार पर cancel नहीं किया गया है। पहले दिन 8,217 Drivers की हुई जांच Transport Department के आंकड़ों के मुताबिक शुरुआती verification drive में पूरे महाराष्ट्र में 8,217 auto-rickshaw और taxi drivers की जांच की गई। इनमें 1,268 drivers को notice जारी किया गया। Mumbai Metropolitan Region में 3,995 drivers की जांच की गई, जिनमें 604 drivers working Marathi requirement पूरी नहीं कर पाए। बाकी जिलों में 4,222 drivers की जांच हुई और 664 को notice मिला। महाराष्ट्र में कुल करीब 9.65 लाख auto-rickshaw और taxi permits/badges बताए गए हैं। 1.65 लाख से ज्यादा Drivers ने ली Marathi Training सरकार के मुताबिक करीब 1.65 लाख non-Marathi auto और taxi drivers अब तक Marathi language classes में शामिल हो चुके हैं और कई को certificates भी दिए गए हैं। सरकार का तर्क है कि training programme drivers को basic conversation सीखने के लिए पर्याप्त अवसर देता है। वहीं विरोध कर रहे चालकों का कहना है कि इतनी बड़ी workforce के लिए training और assessment process को ज्यादा practical और flexible बनाने की जरूरत है। Bombay High Court पहुंचा मामला इस विवाद में 25 अगस्त को एक नया कानूनी मोड़ भी सामने आया। चार app-based cab drivers की ओर से Bombay High Court में PIL दायर किए जाने की प्रक्रिया सामने आई है, जिसमें Maharashtra government के 12 August notification को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि Marathi language requirement Articles 14, 19 और 21 के तहत उनके fundamental rights को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने यह भी तर्क दिया है कि Motor Vehicles Act, 1988 में driving licence रखने के लिए किसी खास भाषा की…

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