इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड (EDF) के माध्यम से 128 टेक स्टार्टअप्स में ₹1,335 करोड़ से अधिक निवेश, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी कि इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड (Electronics Development Fund – EDF) के माध्यम से देश के 128 टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्यमों में ₹1,335.77 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। सरकार का कहना है कि यह पहल भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत तकनीकी निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा संचालित EDF एक Fund of Funds मॉडल पर कार्य करता है। यह सीधे स्टार्टअप्स में निवेश नहीं करता, बल्कि पेशेवर वेंचर कैपिटल और एंजेल फंड्स (Daughter Funds) के माध्यम से उभरती तकनीकी कंपनियों को पूंजी उपलब्ध कराता है। अब तक EDF ने आठ Daughter Funds में ₹257.77 करोड़ का निवेश किया है, जिन्होंने आगे 128 स्टार्टअप्स में ₹1,335.77 करोड़ का निवेश किया। उन्नत तकनीकी क्षेत्रों को मिला बढ़ावा सरकार के अनुसार EDF से समर्थित स्टार्टअप्स कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, जिनमें— शामिल हैं। इन क्षेत्रों में घरेलू नवाचार को बढ़ावा देकर भारत को वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। रोजगार और नवाचार को बढ़ावा सरकार ने बताया कि EDF से समर्थित स्टार्टअप्स ने अब तक 23,600 से अधिक रोजगार सृजित किए हैं। इसके अलावा इन कंपनियों द्वारा 368 बौद्धिक संपदाएँ (Intellectual Properties – IPs) विकसित या अधिग्रहित की गई हैं। इससे भारत में घरेलू अनुसंधान, उत्पाद विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है। कर्नाटक सबसे बड़ा लाभार्थी ताज़ा जानकारी के अनुसार EDF से समर्थित 128 कंपनियों में से 90 स्टार्टअप कर्नाटक में स्थित हैं। इससे स्पष्ट होता है कि बेंगलुरु और आसपास का क्षेत्र देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप-टेक इनोवेशन हब के रूप में उभर रहा है। सरकार का उद्देश्य अन्य राज्यों में भी इसी तरह का स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करना है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ को मिलेगी मजबूती विशेषज्ञों का मानना है कि EDF के माध्यम से हो रहा निवेश Make in India, Digital India और Atmanirbhar Bharat अभियानों को नई गति देगा। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में बढ़ते निवेश से आयात पर निर्भरता कम होगी, घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और वैश्विक कंपनियों के लिए भारत एक आकर्षक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरेगा। सरकार का लक्ष्य सरकार ने कहा कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और उभरती तकनीकों में निवेश को और बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत को केवल उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स नवाचार और निर्माण केंद्र बनाना है। इसके लिए निजी निवेश, अनुसंधान संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। निष्कर्ष इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड के माध्यम से 128 स्टार्टअप्स में ₹1,335 करोड़ से अधिक का निवेश भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से देश में नवाचार, रोजगार और उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण को नई गति मिलेगी तथा भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा. Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड के तहत 128 टेक स्टार्टअप्स में ₹1,335 करोड़ से अधिक निवेश की जानकारी दी

Category: राजनीति / टेक्नोलॉजी / बिज़नेस यह खबर आज सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से प्रमुखता से सामने आई और देश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार ने बताया कि Electronics Development Fund (EDF) के माध्यम से अब तक 128 टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में ₹1,335 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा चुका है। इसका उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन, डीप टेक, AI और हार्डवेयर इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनाना है। सरकार के अनुसार यह निवेश केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टार्टअप्स को अनुसंधान, नवाचार, प्रोटोटाइप विकास और वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में भी मदद करेगा। इससे देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को गति मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि भारत में चिप डिज़ाइन, एम्बेडेड सिस्टम, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा तकनीक और AI आधारित उत्पादों पर तेजी से काम हो रहा है। EDF के जरिए इन क्षेत्रों में कार्यरत स्टार्टअप्स को पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों को मजबूत करेगी। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण लगातार बढ़ रहा है और सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन का प्रमुख केंद्र बनाना है। उद्योग जगत ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि शुरुआती चरण के टेक स्टार्टअप्स के लिए पूंजी जुटाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में EDF जैसी योजनाएं नवाचार को प्रोत्साहित करेंगी और भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में उभरती प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित निवेश को और बढ़ाया जाएगा ताकि भारत हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सके। Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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