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Houthis ने Red Sea के Greater और Lesser Hanish Islands पर कब्जा किया; Global Oil Supply को लेकर नई चिंता

काहिरा/सना, 14 सितंबर 2026: Yemen के Iran-backed Houthi rebels ने Red Sea के रणनीतिक Greater Hanish और Lesser Hanish Islands पर कब्जा कर लिया है। Yemeni government और Houthi officials के मुताबिक government-allied forces के पीछे हटने के बाद Houthis ने दोनों islands पर fighters तैनात कर दिए। इससे Bab el-Mandeb Strait और global shipping routes की security को लेकर चिंता और बढ़ गई है। Hanish Islands पर Fighters तैनात Greater और Lesser Hanish Islands, Bab el-Mandeb Strait से करीब 160 km उत्तर में स्थित हैं। Officials के मुताबिक government-aligned forces के archipelago से हटने के बाद Houthi fighters ने इन islands पर control स्थापित किया। इससे पहले Houthis ने Mokha port city और Mayun (Perim) Island पर भी कब्जा किया था, जो Bab el-Mandeb के भीतर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण location है। Bab el-Mandeb पर बढ़ी पकड़ Bab el-Mandeb Strait Red Sea को Gulf of Aden और Indian Ocean से जोड़ता है और Asia-Europe maritime trade के सबसे महत्वपूर्ण corridors में शामिल है। Houthis की Red Sea coastline और nearby islands पर बढ़ती पकड़ से commercial vessels और oil tankers के लिए security risks बढ़ सकते हैं। Saudi Oil Exports के लिए अहम Route Strait of Hormuz में disruption के बीच Bab el-Mandeb और Red Sea route की अहमियत और बढ़ गई है, क्योंकि Saudi Arabia समेत Gulf producers इसे alternative export corridor के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इस route पर खतरा बढ़ने से shipping costs, insurance premiums और global crude supply पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। Brent Crude $107 के पार Middle East में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को Brent crude करीब 3% बढ़कर $107.81 प्रति barrel तक पहुंच गया, जबकि US crude करीब $102.94 पर था। Saudi oil infrastructure पर हालिया attacks और Red Sea shipping से जुड़े risks ने global energy market की चिंता बढ़ा दी है। Yemen Conflict फिर तेज होने का खतरा Houthis की नई territorial gains ने Yemen में लंबे समय से चल रहे conflict के फिर बड़े स्तर पर भड़कने की आशंका बढ़ा दी है। हाल के हफ्तों में fighting के कारण हजारों लोगों के displaced होने की reports सामने आई हैं और humanitarian situation को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। Global Trade पर भी पड़ सकता है असर अगर Bab el-Mandeb में shipping और ज्यादा risky होती है, तो vessels को Africa के Cape of Good Hope के रास्ते divert करना पड़ सकता है। इससे journey लंबी होने के साथ freight और fuel costs भी बढ़ सकती हैं। इसी कारण Houthi advances को सिर्फ regional military development नहीं, बल्कि global trade और energy security से जुड़े बड़े risk के तौर पर देखा जा रहा है। source – Associated Press / Reuters / Financial Times जय राष्ट्र न्यूज़

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Strait of Hormuz से Shipping Traffic फिर Single Digit में, सिर्फ 7 Vessels ने किया Transit

सिंगापुर, 10 सितंबर 2026: Middle East में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz से shipping traffic एक बार फिर single digit में पहुंच गया है। गुरुवार को जारी preliminary ship-tracking data के मुताबिक बुधवार को केवल 7 commodity vessels ने इस strategic waterway से transit किया, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 12 थी। 10-Day Average से आधा रहा Traffic Ship-tracking data के मुताबिक Strait of Hormuz का 10-day average 14 vessels है। इसके मुकाबले बुधवार को सिर्फ 7 vessels का गुजरना traffic में बड़ी गिरावट दिखाता है। इन सात vessels में 4 Strait से बाहर निकले और 3 अंदर गए। करीब 2 Million Barrels Crude लेकर निकला Tanker Strait से बाहर निकलने वाले vessels में Finland Prosperity नाम का Very Large Crude Carrier भी शामिल था, जो करीब 2 million barrels crude oil लेकर जा रहा था। हालांकि बुधवार को कोई LNG tanker Strait से बाहर नहीं निकला। Middle East Conflict से बढ़ा Shipping Risk US-Iran conflict और Strait के आसपास हालिया attacks के कारण commercial shipping पर risk बढ़ा है। Iran ने बुधवार को Strait of Hormuz के पास 10 ships पर हमला करने का दावा किया था। इस escalation के बीच Brent crude भी $100 प्रति barrel से ऊपर बना हुआ है। Global Oil Supply के लिए अहम है Hormuz Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy routes में शामिल है। Conflict से पहले global oil और gas trade का करीब 20% हिस्सा इस route से गुजरता था। Traffic में लंबे समय तक गिरावट crude और LNG supply, freight rates और global energy prices पर दबाव बढ़ा सकती है। Data पूरी तस्वीर नहीं दिखा सकता Kpler का data preliminary है। कुछ vessels अपने tracking transponders बंद करके भी Strait से गुजर सकते हैं, इसलिए actual traffic reported figures से थोड़ा अलग हो सकता है। Bab el-Mandeb में Traffic सामान्य के करीब दूसरी ओर Bab el-Mandeb Strait से बुधवार को 28 commodity ships गुजरे, जो वहां के 10-day average 27 के करीब है। इससे फिलहाल Hormuz route पर disruption ज्यादा गंभीर दिखाई दे रहा है। source – Reuters / Kpler जय राष्ट्र न्यूज़

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Strait of Hormuz से Shipping Traffic आज भी 10-Day Average से काफी नीचे, Global Oil Supply को लेकर चिंता बढ़ी

दुबई, 9 सितंबर 2026: Middle East में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy shipping routes में शामिल Strait of Hormuz से गुजरने वाले commodity vessels की संख्या सामान्य स्तर से काफी नीचे बनी हुई है। Ship-tracking firm Kpler के preliminary data के मुताबिक मंगलवार को केवल 6 commodity vessels ने Strait पार किया, जबकि पिछले 10 दिनों का average करीब 12 vessels per day था। एक दिन पहले 9 Vessels ने किया था Transit Kpler data के अनुसार सोमवार को 9 commodity vessels ने Strait of Hormuz पार किया था, लेकिन मंगलवार को यह संख्या घटकर केवल 6 रह गई। इनमें 5 vessels inbound और केवल 1 outbound था। हालांकि कुछ ships अपने AIS transponders बंद करके भी transit कर सकती हैं, इसलिए final numbers preliminary data से अलग हो सकते हैं। US-Iran Conflict से बढ़ा Shipping Risk Shipping traffic में गिरावट ऐसे समय आई है जब US-Iran conflict एक बार फिर तेजी से escalate हुआ है। Reuters के मुताबिक US forces ने Iranian oil tankers को निशाना बनाया, जबकि Iran ने Jordan में स्थित एक अमेरिकी military base पर ballistic missiles दागे और Strait of Hormuz के पास कई ships पर हमले किए। इन घटनाओं ने commercial shipping के लिए risk काफी बढ़ा दिया है। Oil Prices $100 के करीब Strait of Hormuz में disruption और Middle East escalation का सीधा असर crude oil prices पर भी दिखाई दे रहा है। Brent crude बुधवार को बढ़कर करीब $99.49 per barrel तक पहुंच गया, जबकि WTI करीब $94.63 per barrel रहा। Market में अब $100 per barrel का psychological level बेहद करीब है। Global Oil Supply के लिए क्यों अहम है Hormuz? Strait of Hormuz Persian Gulf को Arabian Sea से जोड़ता है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण crude oil और LNG transit routes में शामिल है। Saudi Arabia, UAE, Kuwait, Iraq और Qatar जैसे बड़े energy exporters की significant supply इस route से international markets तक पहुंचती है। इसी वजह से यहां shipping में prolonged disruption global oil prices और energy security दोनों पर असर डाल सकता है। पिछले कुछ दिनों से लगातार कम है Traffic Hormuz में shipping traffic पिछले कई दिनों से दबाव में है। 6 सितंबर को Reuters ने बताया था कि 10-day average daily commodity traffic घटकर करीब 10 ships रह गया था, जो May के बाद सबसे निचला स्तर था। एक दिन ऐसा भी रहा जब केवल 2 commodity ships ने Strait पार किया। Bab el-Mandeb पर भी Traffic कमजोर Middle East का एक और महत्वपूर्ण maritime chokepoint Bab el-Mandeb Strait भी सामान्य से कमजोर traffic देख रहा है। मंगलवार को यहां करीब 25 vessels गुजरे, जबकि 10-day average लगभग 27 था। इससे Red Sea और Gulf दोनों major maritime routes पर बढ़ते geopolitical pressure की तस्वीर सामने आती है। Iran ने Ships पर कार्रवाई तेज की Iranian Revolutionary Guard ने बुधवार को Strait of Hormuz के पास 10 ships पर attacks का दावा किया, जिनमें दो अमेरिकी vessels शामिल बताई गईं। यह कार्रवाई US द्वारा पांच Iranian oil tankers को नष्ट किए जाने के बाद हुई। Escalation के कारण commercial shipping companies के लिए insurance, routing और operational costs बढ़ने का खतरा है। Crude Supply अभी पूरी तरह बंद नहीं हालांकि traffic काफी कम हुआ है, लेकिन Strait of Hormuz से oil flow पूरी तरह रुका नहीं है। Reuters analysis के मुताबिक Gulf producers alternative export routes का इस्तेमाल कर रहे हैं और US, Canada तथा Guyana जैसे non-OPEC producers की बढ़ी output भी global supply को कुछ support दे रही है। इसी वजह से Brent अभी तक decisively $100 से ऊपर नहीं गया है। आगे भी बना रह सकता है दबाव अगर US-Iran conflict और shipping attacks जारी रहते हैं तो Strait of Hormuz से traffic और कम हो सकता है। इसका असर crude oil prices, shipping insurance, freight costs और global inflation पर पड़ सकता है। फिलहाल market की नजर इस बात पर है कि अगले कुछ दिनों में vessel traffic recover करता है या regional conflict इसे और प्रभावित करता है। source – Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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Strait of Hormuz तनाव के बीच Brent Crude $97 के पार, Global Oil Supply को लेकर चिंता बढ़ी

लंदन, 8 सितंबर 2026: Middle East में बढ़ते US-Iran तनाव और Strait of Hormuz से oil shipments में संभावित disruption की चिंता के बीच international crude prices में आज फिर तेजी दर्ज की गई। Global benchmark Brent crude करीब $97.34 प्रति barrel तक पहुंच गया, जबकि US West Texas Intermediate (WTI) लगभग $92.63 प्रति barrel पर कारोबार कर रहा था। लगातार तीसरे दिन Crude Oil में तेजी Oil prices में मंगलवार को लगातार तीसरे session में बढ़त देखने को मिली। Markets में geopolitical risk premium बढ़ा है क्योंकि traders को आशंका है कि Gulf region में सैन्य तनाव और बढ़ने पर crude shipments बाधित हो सकती हैं। Strait of Hormuz में धीमा हुआ Shipping Traffic Kpler data के मुताबिक सोमवार को Strait of Hormuz से केवल 7 commodity vessels गुजरते रिकॉर्ड किए गए, जबकि इससे एक दिन पहले यह संख्या 8 थी। हालांकि कुछ ships अपने tracking transponders बंद करके भी गुजर सकती हैं, इसलिए वास्तविक traffic इससे अलग हो सकता है। फिर भी shipping activity में कमजोरी ने market की चिंता बढ़ा दी है। Iran ने Gulf Energy Infrastructure को लेकर दी चेतावनी Iran ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके खिलाफ नए military attacks करता है, तो Gulf region में अमेरिकी energy infrastructure retaliation के दायरे में आ सकता है। हालिया US-Iran military actions और tankers तथा naval assets से जुड़े incidents ने crude market में uncertainty और बढ़ा दी है। Hormuz क्यों है Global Oil Market के लिए इतना अहम? Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy transit routes में शामिल है। Persian Gulf के कई बड़े oil exporters अपने crude और petroleum products को international markets तक पहुंचाने के लिए इसी narrow waterway पर निर्भर हैं। इसी वजह से यहां prolonged disruption का असर Asia, Europe और दूसरी प्रमुख economies की energy supply और prices पर पड़ सकता है। Supply घटी, लेकिन Oil अभी $100 से नीचे क्यों? Middle East से crude shipments में बड़ी गिरावट के बावजूद Brent अभी $100 के नीचे है। Reuters analysis के मुताबिक regional crude shipments करीब 18 million barrels per day से घटकर 11 million bpd रह गई हैं, लेकिन कुछ supply अब भी Hormuz से गुजर रही है। इसके अलावा Saudi Arabia और Iraq alternative export routes इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि US, Canada और Guyana जैसे non-OPEC producers की बढ़ती production global shortage का कुछ हिस्सा offset कर रही है। Goldman Sachs ने बढ़ाया Oil Price Forecast Middle East shipping disruptions लंबे समय तक जारी रहने की आशंका के बीच Goldman Sachs ने December 2026 के लिए Brent और WTI forecasts में $5 की बढ़ोतरी की है। Analysts का मानना है कि अगर Hormuz में disruption और geopolitical tension लंबे समय तक बने रहते हैं, तो crude prices elevated रह सकते हैं। $120 तक जाने का भी Risk Scenario Market में extreme upside scenario को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया जा रहा है। Reuters के मुताबिक कुछ forecasts में गंभीर और prolonged supply disruption की स्थिति में Brent crude के $120 प्रति barrel तक पहुंचने की संभावना बताई गई है। हालांकि यह base-case forecast नहीं है और कीमतों की आगे की दिशा military developments और shipping flows पर निर्भर करेगी। भारत पर भी बढ़ सकता है दबाव भारत अपनी crude oil जरूरतों का बड़ा हिस्सा imports से पूरा करता है, इसलिए international oil prices में sustained तेजी import bill, inflation और rupee पर दबाव बढ़ा सकती है। आज Indian markets पर भी rising crude prices का असर देखा गया, जबकि rupee पर oil importers की dollar demand और hedging pressure बढ़ने की संभावना बनी हुई है। अब Hormuz और Iran-US तनाव पर नजर Oil market की अगली दिशा इस बात पर काफी हद तक निर्भर करेगी कि Strait of Hormuz में shipping traffic सामान्य होता है या नहीं और US-Iran confrontation आगे कितना बढ़ता है। फिलहाल Brent का $97 के पार पहुंचना दिखाता है कि traders global supply disruption के risk को एक बार फिर गंभीरता से price-in कर रहे हैं। source – Reutersजय राष्ट्र न्यूज़

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अमेरिका-ईरान संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर वैश्विक चर्चा जारी, संयुक्त राष्ट्र ने शांति बहाली की अपील की

वाशिंगटन / तेहरान / नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Middle East) में लंबे समय से चला आ रहा भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य गतिरोध, परमाणु कार्यक्रम पर मचे घमासान और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में संपन्न हुए वैश्विक सम्मेलनों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपातकालीन बैठकों में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता अविश्वास पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कूटनीतिक खींचतान का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर पड़ रहा है, जिससे दुनिया भर के बाजार सहमे हुए हैं। कूटनीतिक टकराव के 3 सबसे बड़े कारण वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी इस ताजा विवाद के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं, जिन पर वैश्विक मंचों पर बहस जारी है: संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक महाशक्तियों का रुख इस गंभीर होती स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पश्चिम एशिया में किसी भी तरह का नया सैन्य टकराव दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगा। वैश्विक कूटनीति: जहाँ एक तरफ यूरोपीय संघ (EU) दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ भारत, चीन और रूस जैसी महाशक्तियां लगातार बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से विवाद सुलझाने पर जोर दे रही हैं। भारत ने विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा के लिहाज से शांति बहाली को आवश्यक बताया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा ओपेक (OPEC) देशों के आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह कूटनीतिक गतिरोध सैन्य झड़प में तब्दील होता है, तो कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, इस पूरे विवाद का सबसे संवेदनशील बिंदु बना हुआ है। दुनिया भर के उद्योग जगत की निगाहें अब आने वाले दिनों में होने वाली अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं पर टिकी हैं, जिससे इस संकट का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकल सके। Source: Reuters Original report: Reuters – Global powers hold talks over West Asia security and US-Iran ties Publication: jairashtranews

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