अमेरिका-ईरान संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर वैश्विक चर्चा जारी, संयुक्त राष्ट्र ने शांति बहाली की अपील की
वाशिंगटन / तेहरान / नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Middle East) में लंबे समय से चला आ रहा भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य गतिरोध, परमाणु कार्यक्रम पर मचे घमासान और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में संपन्न हुए वैश्विक सम्मेलनों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपातकालीन बैठकों में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता अविश्वास पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कूटनीतिक खींचतान का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर पड़ रहा है, जिससे दुनिया भर के बाजार सहमे हुए हैं। कूटनीतिक टकराव के 3 सबसे बड़े कारण वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी इस ताजा विवाद के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं, जिन पर वैश्विक मंचों पर बहस जारी है: संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक महाशक्तियों का रुख इस गंभीर होती स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पश्चिम एशिया में किसी भी तरह का नया सैन्य टकराव दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगा। वैश्विक कूटनीति: जहाँ एक तरफ यूरोपीय संघ (EU) दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ भारत, चीन और रूस जैसी महाशक्तियां लगातार बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से विवाद सुलझाने पर जोर दे रही हैं। भारत ने विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा के लिहाज से शांति बहाली को आवश्यक बताया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा ओपेक (OPEC) देशों के आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह कूटनीतिक गतिरोध सैन्य झड़प में तब्दील होता है, तो कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, इस पूरे विवाद का सबसे संवेदनशील बिंदु बना हुआ है। दुनिया भर के उद्योग जगत की निगाहें अब आने वाले दिनों में होने वाली अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं पर टिकी हैं, जिससे इस संकट का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकल सके। Source: Reuters Original report: Reuters – Global powers hold talks over West Asia security and US-Iran ties Publication: jairashtranews

