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भारत-कनाडा संबंधों में नई तेजी, मोदी और कार्नी के बीच व्यापार के साथ रक्षा व सुरक्षा सहयोग पर चर्चा

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के प्रयासों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और रक्षा सहयोग सहित कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच यह चर्चा ऐसे समय हुई है, जब पिछले कुछ वर्षों के राजनयिक तनाव के बाद दोनों देश अपने संबंधों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी बातचीत के एजेंडे में द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भी द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना। इससे पहले भारत और कनाडा रक्षा संवाद शुरू करने पर सहमत हुए थे। इसके तहत रक्षा उद्योगों, समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सैन्य आदान-प्रदान जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। दिसंबर में कनाडा जा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर 2026 में कनाडा जाने की योजना है। दोनों नेताओं ने प्रस्तावित यात्रा से पहले संपर्क बनाए रखने और उच्चस्तरीय बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। CEPA वार्ता जल्द पूरी करने पर जोर मोदी और कार्नी ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement-CEPA) पर चल रही बातचीत को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देना है। समझौते पर प्रगति से कारोबार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक साझेदारी के नए अवसर खुल सकते हैं। हालांकि, वार्ता पूरी होने और समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया अभी महत्वपूर्ण बनी हुई है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र और समुद्री सहयोग पर भी ध्यान भारत और कनाडा के बीच रक्षा साझेदारी में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग और पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान जैसे विषय शामिल हैं। कनाडा ने अपने रक्षा क्षेत्र में साझेदारियों का विस्तार करने और भारत के साथ रक्षा उद्योग से जुड़े व्यावसायिक संबंध बढ़ाने में रुचि दिखाई है। दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से रणनीतिक संवाद को व्यापक बनाने का अवसर मिल सकता है। राजनयिक तनाव के बाद संबंध सुधारने की कोशिश भारत और कनाडा के संबंध वर्ष 2023 में गंभीर राजनयिक तनाव से गुजरे थे। इसके बाद वर्ष 2025 से दोनों देशों ने उच्चायुक्तों की वापसी और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत के माध्यम से संबंध सुधारने की दिशा में कदम उठाए। मोदी और कार्नी के बीच मौजूदा बातचीत इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। अब व्यापार समझौते, रक्षा सहयोग और प्रस्तावित उच्चस्तरीय यात्रा पर होने वाली प्रगति से यह तय होगा कि दोनों देश अपने संबंधों को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। स्रोत: रॉयटर्स, द इंडियन एक्सप्रेस जय राष्ट्र न्यूज़

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