Akshaya Tritiya

अक्षय तृतीया 2025: 30 अप्रैल को दुर्लभ योगों में मनाएं यह पावन पर्व

सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र का संयोग, खरीदारी और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ अक्षय तृतीया, जिसे अखा तीज भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी पर्व माना जाता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और खरीदारी का फल अक्षय यानी कभी नष्ट न होने वाला होता है। वर्ष 2025 में अक्षय तृतीया 30 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी, जो कई शुभ योगों के संयोग के कारण विशेष महत्व रखती है।​ अक्षय तृतीया 2025: तिथि और महासंयोग इस वर्ष अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का आयोजन 29 अप्रैल को सायं 05:31 मिनट से शुरू होकर 30 अप्रैल को दोपहर 02:31 मिनट तक रहेगा। इस बार अक्षय तृतीया पर महासंयोग बनेगा। पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। ज्योतिष में इसे एक खास योग माना गया है, जिसका सीधा संबंध मां लक्ष्मी से है। इस विशेष योग में पूजा करने से मां लक्ष्मी भक्तों की हर इच्छा पूरी करती हैं। इस दिन स्वर्ण आभूषण की खरीदारी से उनकी अक्षय वृद्धि होती है। साथ ही इस दिन किए गए जप, तप, ज्ञान, स्नान, दान, और होम आदि कार्य भी अक्षय फल प्राप्त करते हैं, जिससे इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है।  तीर्थ स्नान और अन्न-जल का दान अक्षय तृतीया ((Akshaya Tritiya) के इस पवित्र दिन पर तीर्थ स्नान का महत्व अत्यधिक है। धार्मिक ग्रंथों में यह कहा गया है कि इस दिन तीर्थ स्नान करने से सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और हर तरह के दोष समाप्त हो जाते हैं, इसे दिव्य स्नान के रूप में जाना जाता है। यदि तीर्थ स्थल पर स्नान करने का अवसर न हो तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी पुण्यकारी होता है और तीर्थ स्नान के समान फल मिलता है। इसके बाद अन्न और जल का दान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति इस दिन दान का संकल्प लेकर जरूरतमंदों को अन्न और जल का दान करता है, उसे कई यज्ञ और कठिन तपस्या करने जितना पुण्य प्राप्त होता है।  पूजा विधि और दान-पुण्य इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व अक्षय तृतीया पर कर सकते हैं ये विशेष कार्यअक्षय तृतीया, (Akshaya Tritiya) जिसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यंत शुभ और पवित्र पर्व है। इस दिन भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत भी इसी दिन हुई थी। अक्षय तृतीया के दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी शुभ कार्य, जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत, और सोना-चांदी की खरीदारी आदि किए जा सकते हैं। इस दिन व्रत, उपवास और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है — यानी ऐसा पुण्य जो कभी समाप्त नहीं होता।​ भगवान विष्णु के अवतार अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) को चिरंजीवी तिथि भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के अवतार परशुराम जी का जन्म हुआ था। परशुराम जी को चिरंजीवी माना जाता है, अर्थात वे सदैव जीवित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, भगवान विष्णु के नर-नरायण और हयग्रीव अवतार भी इसी तिथि पर प्रकट हुए थे। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Akshaya Tritiya #AkshayaTritiya2025 #AkshayaTritiya #HinduFestival #RareYogas #AuspiciousDay #HinduPuja #GoldBuying #AkshayaTritiyaYog #April30Festival #SpiritualCelebration

आगे और पढ़ें
Lord Parashurama

अक्षय तृतीया के शुभ संयोग में होगी भगवान परशुराम की जयंती, ऐसे करें पूजा-अर्चना

भगवान विष्णु (Lord Parashurama) के छठे अवतार, भगवान परशुराम की जयंती हर वर्ष वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यह दिन ‘अक्षय तृतीया’ के रूप में भी प्रसिद्ध है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्ष 2025 में परशुराम जयंती का पर्व अप्रैल महीने में मनाया जाएगा। आइए जानते हैं इस पावन अवसर की तिथि, शुभ मुहूर्त और इससे जुड़े महत्वपूर्ण योगों के बारे में। परशुराम जयंती 2025: शुभ मुहूर्त और योग वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल को प्रारंभ होगी और यह 30 अप्रैल को दोपहर 2:12 बजे समाप्त होगी। चूंकि भगवान परशुराम का जन्म प्रदोष काल में हुआ था, इसलिए परशुराम जयंती का पर्व 29 अप्रैल को मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया 2025: शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल की शाम 5:31 बजे आरंभ होगी और 30 अप्रैल को दोपहर 2:12 बजे समाप्त होगी। चूंकि हिंदू धर्म में तिथि की गणना सूर्योदय से की जाती है, इसलिए अक्षय तृतीया का पर्व 30 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन पूजन का शुभ समय प्रातः 5:41 बजे से लेकर दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा। इस अवधि में पूजन करना अत्यंत मंगलकारी और फलदायी माना जाता है। परशुराम जयंती 2025: शुभ योग इस वर्ष परशुराम जयंती के दिन सौभाग्य योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो दोपहर 3:54 बजे तक रहेगा। साथ ही इस दिन त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का भी शुभ संयोग बन रहा है। इन पुण्य योगों में भगवान परशुराम की आराधना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसे भी पढ़ें:- जब एक मुसलमान बन गया कृष्ण भक्त: रसखान की भक्ति ने रचा इतिहास परशुराम जयंती का महत्व भगवान परशुराम (Lord Parashurama) को भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का छठा अवतार माना जाता है। वे ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र थे। परशुराम जी को उनके परशु (कुल्हाड़ी) धारण करने के कारण यह नाम मिला। उन्होंने अत्याचारी क्षत्रियों का संहार कर धर्म की स्थापना की थी।  पूजा विधि और अनुष्ठान परशुराम जयंती (Parashurama Jayanti) के दिन भक्तगण विशेष पूजा-अर्चना और व्रत का आयोजन करते हैं। इस दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान परशुराम की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप प्रज्वलित करें। उन्हें चंदन, तुलसी पत्र, कुंकुम, फूल और मिठाई अर्पित करें। परशुराम जी के मंत्रों का जाप करें और उनकी कथा का श्रवण करें। अंत में आरती कर प्रसाद का वितरण करें।   Latest News in Hindi Today Hindi news Lord Parashurama #ParshuramJayanti2025 #AkshayaTritiya #LordParshuram #HinduFestivals #PujaVidhi #AkshayaTritiya2025 #ParshuramWorship #HinduGods #ParshuramJayanti #AkshayaTritiyaSignificance

आगे और पढ़ें

Cybercrime in India: क्यों नहीं थम रहे देश में साइबर अपराध के मामले, आखिर क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह?

देश में साइबर अपराध इस कदर अपना पैर पसार (Cybercrime in India) चुका है कि इसपर नकेल कसना सरकार के बाद की बात नहीं रह गई है। देश में साइबर अपराध के मामले न थमने का मुख्य कारण है साइबर अपराधी द्वारा लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल करना। कारण यही जो उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, लोगों की साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और साइबर अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त कानूनी ढांचे की अनुपलब्धता भी एक बड़ी वजह है। गौर करने वाली बात यह कि साइबर हमलों में ऑनलाइन धोखाधड़ी और सेक्टार्शन जैसी चीजें ही शामिल नहीं हैं बल्कि इनमें डाटा चोरी, रैनसमवेयर, अवैध सट्टेबाजी एप, ऑनलाइन हेट क्राइम, साइबर बुलिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर साइबर अटैक इत्यादि भी शामिल हैं। इससे भी बड़ी ध्यान देने वाली बात यह कि अपराधी इनका इस्तेमाल कर देश की अर्थव्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा को खोखला बनाने का काम कर रहे हैं। साइबर अपराधों के खिलाफ देश में अलग से कानून नहीं है और आइटी एक्ट में संशोधन के तहत 2022 में लाये गये प्रावधानों के जरिये इन्हें रोकने की कोशिश हो रही है। इसीके चलते साइबर अपराधों के विरुद्ध केंद्र ने साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का गठन किया है।  लाख कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम नहीं (Cybercrime in India) लगाई जा सकी है हालाँकि सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम नहीं (Cybercrime in India) लगाई जा सकी है। इसके पीछे की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, साइबर अपराधी अपराध करने के नित्य नए तरीके खोजते रहते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। खास बात यह कि हर बार नए शिकारी को नए तरीके से साइबर ठगी का शिकार बनाते हैं। साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोग अमूमन साइबर सुरक्षा के प्रति अनजान होते हैं। जिससे वे आसानी से साइबर अपराधों का शिकार बन जाते हैं। इसके अलावा देश में देश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त कानूनी ढांचा नहीं है। र्याप्त कानूनी ढांचा न होने के कारण अपराधियों को आसानी से बच निकलने का मौका मिल जाता है। साइबर अपराधियों के न पकड़े जाने जाने के पीछे एक सबसे बड़ी वजह यह है कि वो देश की सरहदों को पर कर अपराध करते हैं। ऐसे में इंटरनेशनल कानूनों की आड़ लेकर साइबर अपराधी हाथ नहीं आते। ऐसे अपराधियों को पकड़ना या खोजना पुलिस के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। साइबर अपराधियों की बढ़ती संख्या पुलिस के सिरदर्द बनी हुई है। इसका अलाम यह है कि पुलिस के साइबर क्राइम के मॉडल को समझने का प्रयास कर रही होती है कि तब टक अपराधी एक नए तरीके से नए क्राइम को अंजाम दे देते हैं।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर 45 प्रतिशत से अधिक मामलों को (Cybercrime in India) कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से दिया गया था अंजाम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय से जुड़ी एजेंसी सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएफसीएफआरएमएस) की माने तो नवंबर तक साइबर धोखाधड़ी की 12 लाख शिकायतें मिली। आपको जानकार हैरानी होगी कि इनमें से 45 प्रतिशत से अधिक मामलों को (Cybercrime in India) कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से अंजाम दिया गया था। बता दें कि बीते अगस्त में संसद सत्र के दौरान गृह मंत्रालय ने कहा था कि “अन्य अपराधों की तरह साइबर अपराध रोकना भी राज्य की जिम्मेदारी है। सच यह है कि साइबर अपराध रोकने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित कानून बनाने के साथ केंद्रीय स्तर पर साइबर आर्मी और राज्यों में साइबर पुलिस का गठन करने की सख्त आवश्यकता है। ऐसा नहीं है कि सरकार सिर्फ हाथ पर हाथ धीरे बैठी है। साइबर ठगी से बचने के लिए सरकार हर संभव लोगों के बीच जागरूकता अभियान चला रही है। यह तो ठीक, लेकिन वर्तमान भारत में आज भी जागरूकता की कमी के कहते ही लोग ढगी का शिकार हो रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Cybercrime in India #CybercrimeInIndia #OnlineFraud #CyberSecurity #DataBreach #InternetScam #DigitalSafety #CyberThreats #IndiaNews #TechAlert #CyberAwareness

आगे और पढ़ें
Bengal violence 2025

Bengal violence 2025: बंगाल में हिंसा पीड़ित महिलाओं का छलका दर्द कहा, “क्या ‘हिंदू’ होना ही हमारा अपराध है?” 

मुर्शिदाबाद में हिंसा थम (Bengal violence 2025) जरूर गई है, लेकिन लोगों के बीच दहशत अभी भी खत्म नहीं हुई है। महिलाओं की आंखों में डर साफ नजर आ रहा है। दरअसल, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा ने कई हिंदू परिवारों को बेघर कर दिया है। कई परिवार ऐसे हैं जो घरबार छोड़-छाड़कर राहत कैंप में रहने हेतु मजबूर हैं। इनकी मजबूरी देख दिल पसीज जा रहा है। ऐसे में इन बेघर परिवारों से मिलने के लिए जो भी इनके पास जा रहा है, रोती- बिलखती महिलाएं बस एक ही सवाल कर रही हैं कि “क्या हिंदू होना उनका अपराध है? बता दें कि शुक्रवार को जब बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस मुर्शिदाबाद दौरे पर पहुंचे थे तो वो जाफराबाद भी गए थे। जहाँ वो न सिर्फ हिंसा प्रभावित परिवारों से मिले बल्कि उनसे बात भी की। खैर, अपने बीच राज्यपाल को देखकर महिलाओं को बड़ी तसल्ली हुई।  पीड़ित महिलाएं पूछने लगीं कि “क्या हिंदू होना ही हमारा अपराध है, (Bengal violence 2025)? खैर, इस दरम्यान अपने जज्बातों को बयां करते हुए पीड़ित महिलाएं पूछने लगीं कि “क्या हिंदू होना ही हमारा अपराध है, (Bengal violence 2025) हमें बचाओ।” इतना कहकर व्यथित महिलाओं ने राज्यपाल के पैर पकड़ लिए और उनसे बचाने की गुजारिश। ये सब देख राज्यपाल भी खुद को नहीं रोक पाए और उन्होंने पीड़ित महिलाओं और परिवारों से कहा कि “मुझे शांति बनाए रखने के लिए जो भी करना होगा, करूंगा।” इस बीच महत्वपूर्ण बात यह कि राज्यपाल जाफराबाद में हुई हिंसा में मारे गए हरगोविंद दास और चंदन दास के घर भी गए। वहां जाकर उन्होंने कुछ देर तक शोक संतप्त लोगों से बातचीत की। बोस ने उन्हें आश्वासन दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुर्शिदाबाद के धुलियान के निवासी कह रहे हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो हम अपने घर बीएसएफ कैंप को दे देंगे। बता दें कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को वक्फ कानून विरोधी आंदोलन के नाम पर हमले हुए और अंधाधुंध हिंसा हुई थी। अहम बात यह कि हमले के निशान आज भी गांव के जले हुए घरों में मौजूद हैं। इस हिंसा में कई लोगों ने अपनी ज़मीनें खो दी हैं।  इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि शुक्रवार को मालदा शरणार्थी शिविर पहुंचे (Bengal violence 2025) थे यही नहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि शुक्रवार को मालदा शरणार्थी शिविर पहुंचे (Bengal violence 2025) थे। इल्जाम है कि उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस आरोप के कारण शुक्रवार को पूरे दिन मालदा में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इसके बाद आज (शनिवार) को महिला आयोग की टीम मुर्शिदाबाद पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। यह पल बड़ा ही भावनात्मक था। दरअसल हुआ यह कि महिला आयोग के प्रतिनिधिमंडल के सामने हिंसा की कहानी बताते हुए महिलाएं फूट-फूट कर रो पड़ी। इस बीच महिला आयोग के प्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि “वे केंद्र से सारी रिपोर्ट उपलब्ध करा देंगे और रिपोर्ट में बीएसएफ कैंप का भी जिक्र करेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रतिनिधियों ने कहा कि “हम आपके साथ खड़े हैं। केंद्र की सभी टीमों जमीन पर उतर चुकी हैं। पूरा देश आपके साथ है। चिंता करने की कोई बात नहीं है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Hindu targeted in Bengal #BengalViolence #HinduWomen #ReligiousTargeting #IndiaNews #HumanRights #WomensVoices #BengalCrisis #HinduIdentity #IndiaViolence #JusticeForVictims

आगे और पढ़ें
Thackeray brothers reunion

Thackeray brothers reunion: क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात

बृहन्मुम्बई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के मद्देनजर महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े उथलपुथल होने के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे को साथ आने का प्रस्ताव (Thackeray brothers reunion) दिया है। मनसे के मुखिया ने कहा है कि “महाराष्ट्र और मराठियों के अस्तित्व के आगे उद्धव और उनके झगड़े बहुत छोटे हैं। महाराष्ट्र बहुत बड़ा है। उनके लिए उद्धव के साथ आना और साथ में रहना कोई मुश्किल काम नहीं हैं।” जानकारी के मुताबिक फिल्म अभिनेता और डायरेक्टर महेश मांजरेकर ने एक पोडकास्ट में मनसे प्रमुख राज ठाकरे का साक्षात्कार किया है। इस दौरान महेश मांजरेकर ने राज ठाकरे से कई तीखे सवाल पूछे हैं। इस बीच महेश ने राज पूछा कि महाराष्ट्र के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए क्या राज ठाकरे उद्धव ठाकरे के साथ आ सकते हैं? इस पर राज ठाकरे ने कहा कि महारष्ट्र और मराठी के मुद्दे पर वे साथ आने के लिए तैयार हैं, लेकिन यही इच्छा उनकी भी होनी चाहिए। हमारे बीच के मतभेद, झगड़े, बहुत छोटे हैं, महाराष्ट्र बहुत (Thackeray brothers reunion) बड़ा है- राज ठाकरे राज ठाकरे ने आगे कहा कि “मैं जब शिवसेना में था, तब मुझे उद्धव के साथ काम करने के कोई दिक्कत (Thackeray brothers reunion) नहीं थी। लेकिन सवाल यह है कि सामने वाले कि इच्छा है, क्या मैं उनके साथ काम करूं? महाराष्ट की अगर इच्छा है। हम दोनों साथ आएं तो उन्हें बताना चाहिए। ऐसी छोटी छोटी बातों में मैं ईगो बीच में नहीं लाता।” इस बीच राज ने कहा कि “किसी भी बड़े उदेश्य के लिए हमारे बीच के मतभेद, झगड़े, बहुत छोटे हैं। महाराष्ट्र बहुत बड़ा है। इस महाराष्ट्र के अस्तित्व के लिए मराठी व्यक्ति के अस्तित्व के लिए हमारे बीच के झगड़े और विवाद का कोई महत्व नहीं है। वे निर्रथक हैं। इसलिए एक साथ और काम करना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। इसके साथ ही राज ने यह भी कहा कि “मुद्दा सिर्फ इच्छा का है। यह सिर्फ मेरे अकेले के इच्छा या मेरे अकेले के स्वार्थ का मुद्दा नहीं है। मुझे लगता है, हमें बड़े उद्देश्य की ओर देखने की जरूरत है। मैं देख रहा हूं तो मुझे तो लगता है कि महाराष्ट्र के सभी राजनैतिक दलों के मराठी लोगों को एक साथ मिलकर एक ही पार्टी शुरू करनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:– कांग्रेस के तल्ख तेवर में फंसे लालू-तेजस्वी! सीएम फेस से लेकर सीट बंटवारा तक अटका उद्धव के साथ आने में कोई परेशानी (Thackeray brothers reunion) नहीं है- राज ठाकरे बता दें कि राज ठाकरे ने उद्धव को साथ आने का प्रस्ताव देते हुए अपनी तरफ से साफ कर दिया कि उद्धव के साथ आने में कोई परेशानी (Thackeray brothers reunion) नहीं है। महाराष्ट्र के लिए दोनों एक साथ आ सकते हैं। गौर करने वाली बात यह कि राज ठाकरे के साथ आने के प्रस्ताव पर उद्धव ठाकरे का भी बयान सामने आया है। उद्धव का कहना है कि “उनकी तरफ से कोई झगड़ा नहीं था। महाराष्ट्र के हित के लिए वे साथ आने को तैयार हैं।” एक तरह से देखा जाए तो उद्धव ठाकरे भी भाई राज ठाकरे के प्रस्ताव से सहमत दिखाई दे हैं। उन्होंने मिलकर काम करने के संकेत दिए हैं। इस बीच उद्धव ने कहा कि “महाराष्ट्र की भलाई के लिए वह छोटे-मोटे झगड़ों को छोड़कर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा कि “अगर हमने सही फैसला लिया होता तो हम केंद्र और राज्य में सरकार बना सकते थे।” Latest News in Hindi Today Hindi news Thackeray brothers reunion #ThackerayBrothersReunion #UddhavThackeray #RajThackeray #ShivSena #MNS #MaharashtraPolitics #PoliticalReunion #ThackerayFamily #UddhavRaj #IndianPolitics

आगे और पढ़ें
West Bengal political violence

Yusuf Pathan controversy: इस वजह से मुर्शिदाबाद हिंसा में फंसते जा रहे हैं पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नए वक्फ कानून के विरोध को लेकर भड़की हिंसा भले शांत और स्थिति सामान्य हो गई हो लेकिन बहरमपुर से टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान पर लगातार सवालों के घेरे में हैं। दरअसल उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वे आराम फरमाते’ नजर आ रहे थे। हिंसा के समय सोशल मीडिया पर किए उनके पोस्ट ने मानो जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया था। जिसके बाद से वो लगातार निशाने (Yusuf Pathan controversy) पर हैं और हर तरफ उनकी निंदा की जा रही है। यहाँ तक कि उनकी अपनी पार्टी के नेता ही उनके इस रवैये से हैरान हैं। खैर, अब अपने ही संसदीय क्षेत्र से उनकी गैरमौजूदगी पर विपक्ष और पार्टी के भीतर से ही तीखी आलोचना हो रही है। स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने बताया है कि “यूसुफ पठान फोन पर संपर्क में हैं। उन्हें जल्द जिले का दौरा करने के लिए कहा गया है।” खबर के मुताबिक पार्टी के एक वर्ग में पठान को टिकट दिए जाने को लेकर भारी असंतोष है। ऐसी घड़ी में उनका नदारद होना पार्टी के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा। इसके अलावा कार्यकर्ताओं से उनका जुड़ाव भी बेहद कम ही है। लोगों के मुताबिक वह एक क्रिकेटर और सेलिब्रिटी हैं। अब वो यहां क्यों आएंगे? हम ज़मीन पर हालात संभालने की कोशिश कर रहे हैं। यही दिक्कत होती है जब सेलिब्रिटीज़ को उम्मीदवार बनाया जाता है।”  लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर बहरमपुर जीती (Yusuf Pathan controversy) थी सीट  बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में यूसुफ पठान ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर बहरमपुर सीट जीती (Yusuf Pathan controversy) थी। बहरमपुर कांग्रेस का दशकों पुराना गढ़ था। कहा जा रहा है कि पठान की सोशल मीडिया पर हालिया तस्वीरें (जिनमें वे आराम फरमाते’ नजर आ रहे थे) ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी नाराज किया है। टीएमसी के स्थनीय नेताओं का कहना है कि “हिंसा प्रभावित इलाके उनके संसदीय क्षेत्र में नहीं आते, लेकिन जिले में उनकी मौजूदगी जरूरी थी। पार्टी नेतृत्व इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है।” गौरतलब हो कि पिछले हफ्ते मुर्शिदाबाद जिले के धूलियन, शमशेरगंज, सूटी और जंगीपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी। गौर करने वाली बात यह कि ये इलाके बहरमपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर हैं। दरअसल, हिंसा की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम में किए गए संशोधनों के विरोध में हुए प्रदर्शनों से हुई थी। इसे भी पढ़ें:– कांग्रेस के तल्ख तेवर में फंसे लालू-तेजस्वी! सीएम फेस से लेकर सीट बंटवारा तक अटका टीएमसी सांसद यूसुफ पठान चाय पीते हुए व्यस्त (Yusuf Pathan controversy) हैं- सुकांत मजूमदार  हिंसा के बाद मौके को भुनाते हुए बीजेपी ने टीएमसी पर जमकर हमला बोला है। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि “टीएमसी नेताओं की शह में बंगाल जल रहा है, लेकिन टीएमसी सांसद यूसुफ पठान चाय पीते हुए व्यस्त (Yusuf Pathan controversy) हैं, जब हिंदू मारे जा रहे हैं। यही टीएमसी का असली चेहरा है।” खैर, टीएमसी सांसद अबू ताहिर खान का  कहा कि “यूसुफ पठान आईपीएल में बिजी हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि वह सांसद से लगातार संपर्क में हैं और उन्हें जिले में आने को कहा गया है।” गौर करने वाली बात यह कि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में से शमशेरगंज और धूलियन मालदा दक्षिण लोकसभा सीट के अंतर्गत आते हैं। यहाँ कांग्रेस की ईशा खान चौधरी सांसद हैं। जबकि सूटी, जंगीपुर लोकसभा सीट में आता है, जिसका प्रतिनिधित्व टीएमसी सांसद खलीलुर रहमान करते हैं। तीसरे सांसद अबू ताहिर खान, मुर्शिदाबाद से टीएमसी के ही हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Yusuf Pathan controversy #YusufPathan #MurshidabadViolence #CricketerNews #WestBengal #YusufPathanControversy #BreakingNews #Politics #IndianCricket #TrendingNow #LatestUpdate

आगे और पढ़ें
Mukesh Ambani Birthday 2025

Mukesh Ambani birthday 2025: आलोचनाओं को कभी भी सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं से नहीं बल्कि नतीजों से दिया जवाब

19 अप्रैल, आज की तारीख कुछ मायनों में बेहद ख़ास भी है। खास इसलिए कि आज ही के दिन भारत से कोसो दूर साल 1957 को ब्रिटिश क्राउन कॉलोनी अदन, (वर्तमान में यमन) में एक शख्स का जन्म हुआ (Mukesh Ambani birthday 2025) था। उस समय उनके पिता छोटे-मोटे व्यापारी हुआ करते थे। जन्म के ठीक 9 साल बाद पिता ने रिलायंस की नींव रखी। अब तक तो आप समझ ही गए होंगे कि यहाँ किस शख्स की बात हो रही है। जी हाँ, सही समझे। यहाँ बात हो रही है अरबों की संपत्ति के मालिक मुकेश धीरूभाई अंबानी की। दुनिया के दिग्गज कारोबारी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी आज अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनकी शुरूआती शिक्षा मुंबई के हिल ग्रेंज हाई स्कूल से हुई और फिर उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी) से केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली। फिर अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। एमबीए करने के बाद साल 1981 में भारत लौटकर वो अपने पिता के व्यवसाय में शामिल हो गए। रिलायंस इंडस्ट्रीज में पिता धीरूभाई अंबानी की मदद करनी शुरू की आज मुकेश अंबानी के पास अरबों की संपत्ति है। परिवार में सबसे बड़े बेटे होने के नाते मुकेश बखूबी अपने पिता की विरासत को लगातार आगे बढ़ा (Mukesh Ambani birthday 2025) रहे हैं। वो भारत के पहले खरबपति के रूप में भी जाने जाते हैं। बता दें कि आज उनका नाम अरबपतियों की फेहरिस्त में शामिल है। उनका अरबपति बनने का सफर साल 1981 में तब शुरू हुआ जब उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज में अपने पिता धीरूभाई अंबानी की मदद करनी शुरू की। कंपनी पहले से ही दूरसंचार, पेट्रोकेमिकल, खुदरा और रिफाइनिंग जैसे क्षेत्रों में कार्यरत थी। लेकिन उनके नेतृत्व में कंपनी का तेजी से विकास हुआ। यह उनकी दूरदृष्टि और रणनीतियों का ही कमाल था जब रिलायंस ने 2007 तक 100 बिलियन डॉलर के मार्केट कैप को पार कर लिया था। उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज दुनिया की टॉप वैल्युएबल कंपनियों में शुमार है। आपको जानकार हैरानी होगी कि साल 2007 में मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप 10 अमीरों में शामिल थे। अक्टूबर 2007 में उन्होंने बिल गेट्स, कार्लोस स्लिम और वॉरेन बफेट जैसे दिग्गजों को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल किया था।  इसे भी पढ़ें:– कांग्रेस के तल्ख तेवर में फंसे लालू-तेजस्वी! सीएम फेस से लेकर सीट बंटवारा तक अटका जिओ ने न सिर्फ समूचे बाजार को हिला दिया बल्कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों का भट्टा तक बैठा दिया बढ़ते समय के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कई नए क्षेत्रों में अपने व्यापार का विस्तार किया मसलन, सोलर एनर्जी, एसईजेड डेवलपमेंट, टेक्सटाइल, एंटरटेनमेंट,  लॉजिस्टिक्स और रिटेल इत्यादि। लेकिन टेलीकॉम सेक्टर में प्रवेश करना और जिओ लांच करना अंबानी का सबसे बड़ा क्रांतिकारी कदम साबित (Mukesh Ambani birthday 2025) हुआ। जिओ ने न सिर्फ समूचे बाजार को हिला दिया बल्कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों का भट्टा तक बैठा दिया। परिणामस्वरूप, कई टेलीकॉम कंपनियां या तो बंद ही हो गईं या फिर विलय के लिए मजबूर हो गईं। मुकेश अंबानी ने अपनी सूझबूझ से दुनिया को दिखा दिया कि यदि फोकस और लगन हो तो कोई भी चीज असंभव नहीं है।मुकेश अंबानी जो सबसे बड़ी ताकत यह है कि उन्होंने कभी भी आलोचनाओं को सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं से नहीं जवाब दिया। उन्होंने प्रतिक्रिया के बदले नतीजों से जवाब दिया। इसका यह परिणाम है आज पूरी दुनिया में उनका डंका सभी ओर बज रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mukesh Ambani birthday 2025 #MukeshAmbaniBirthday2025 #MukeshAmbani #RelianceIndustries #IndianBillionaire #SuccessStory #Leadership #AmbaniNews #BusinessTycoon #CriticsSilenced #RelianceGrowth

आगे और पढ़ें
Varuthini Ekadashi

वरूथिनी एकादशी 2025: विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरूथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) कहते हैं। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायक मानी जाती मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और भक्त को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वरूथिनी एकादशी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 23 अप्रैल को शाम 4 बजकर 43 मिनट पर होगा और इसका समापन 24 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 32 मिनट पर होगा। चूंकि हिंदू धर्म में उदया तिथि को विशेष महत्व दिया जाता है, इसलिए वरूथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) का व्रत 24 अप्रैल 2025 को रखा जाएगा। वरूथिनी एकादशी का महत्व वरूथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) का उल्लेख कई पुराणों में मिलता है। ‘वरूथिनी’ का अर्थ होता है – “सुरक्षा देने वाली”। इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को भगवान विष्णु का विशेष संरक्षण प्राप्त होता वरूथिनी एकादशी का व्रत धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है और इसका पालन करने से भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति के साथ अनेक पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार, वरूथिनी एकादशी का व्रत सभी प्रकार के पापों का नाश करता है। इस एकादशी का व्रत मोक्ष की ओर अग्रसर करता है और व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति दिलाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और भक्ति भाव से की गई पूजा भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय होती है। इससे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, शांति, यश, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है। इसे भी पढ़ें:-  पहली बार रख रही हैं व्रत? जानें संपूर्ण विधि और जरूरी सावधानियां वरूथिनी एकादशी व्रत विधि वरूथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) के दिन प्रातः स्नान करके व्रत का संकल्प लें। इसके लिए हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर भगवान विष्णु का ध्यान करें और संकल्प करें। फिर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक करें और शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं और सुंदर रूप से शृंगारित करें। भगवान को पीला चंदन और रोली का तिलक लगाएं, पीले पुष्प और तुलसीदल अर्पित करें। धूप और दीप जलाकर पूजा करें। भोग में केसर युक्त खीर, पंचामृत और धनिए की पंजीरी अर्पित करें।“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें और वरूथिनी एकादशी की कथा का पाठ या श्रवण करें। पूजा के अंत में विष्णु जी की आरती करें और अपनी इच्छाओं की पूर्ति हेतु प्रार्थना करें। व्रत का पारण अगले दिन नियमपूर्वक करें। भगवान विष्णु को लगाएं ये भोग नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Varuthini Ekadashi #VaruthiniEkadashi2025 #EkadashiVrat #LordVishnu #HinduFestival #EkadashiPuja #SpiritualIndia #EkadashiFasting #VaruthiniVrat #Ekadashi2025 #HinduDevotion

आगे और पढ़ें
Mehul Choksi's ₹2,565 Cr Property to Be Auctioned

Mehul Choksi property auction: कोर्ट के आदेश के बाद भगोड़े मेहुल चोकसी के 2,565 करोड़ रुपये की संपत्तियों की होगी नीलामी

करोड़ों रुपये की बैंक धोखाधड़ी के आरोपी और फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी, दोनों साल 2018 में सुर्ख़ियों आये पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। यह घोटाला तकरीबन 14 हजार करोड़ का है। यह देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जाता है। इस बीच मेहुल चोकसी की संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया (Mehul Choksi property auction) अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। जानकारी के मुताबिक मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2,565 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की जब्त संपत्तियों को बेचने की इजाजत दे दी है। अब इस नीलामी से जो भी राशि प्राप्त होगी, उसे एफडी के रूप में बैंकों के नाम पर रखा जाएगा।  ताकि इससे प्रभावित खाताधारकों को उनकी रकम वापस की जा सके। गौरतलब हो अब तक गीतांजलि जेम्स लिमिटेड से जुड़ी संपत्तियों की बिक्री से तकरीबन 125 करोड़ रुपये की राशि पीड़ितों को लौटाई जा चुकी है। इन संपत्तियों में मुंबई स्थित सांताक्रूज के छह फ्लैट, दो फैक्ट्रियां और गोदाम भी शामिल हैं।  ईडी ने साल 2018 में चोकसी की 41 संपत्तियों को (Mehul Choksi property auction) किया था जब्त  बता दें कि ईडी ने साल 2018 में चोकसी और उनके समूह की 41 संपत्तियों को ₹1,217.2 करोड़ की राशि के साथ जब्त (Mehul Choksi property auction) किया था। जिनमें मुंबई में 15 फ्लैट्स और 17 कार्यालय परिसरों, कोलकाता में एक मॉल, अलीबाग में 4 एकड़ का फार्म हाउस इसके अलावा नासिक, नागपुर, पनवेल (महाराष्ट्र) और तमिलनाडु के विलुपुरम में 231 एकड़ भूमि के साथ-साथ हैदराबाद के रंगा रेड्डी जिले में 170 एकड़ का पार्क {जिसकी कीमत तकरीबन ₹500 करोड़ से है), मुंबई के बोरीवली (पूर्व) और सांताक्रूज़ (पूर्व) क्षेत्रों में फ्लैट्स। यही नहीं, मुंबई के सांताक्रूज़ इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग ज़ोन (SEEPZ) में दो कारखाने और गोदाम शामिल हैं।   इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? ईडी ने जब्त प्रॉपर्टी के नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी (Mehul Choksi property auction) है खैर, इसके अलावा मेहुल चोकसी की जब्त की संपत्तियों में मालाबार हिल उसकी वह भी प्रॉपर्टी है, जिसे ईडी ने जिसे जब्त किया है। उसके नीलामी की प्रक्रिया शुरू की  (Mehul Choksi property auction) है। गोकुल अपार्टमेंट मालाबार हिल जिसके 9/10 मंजिल पर मेहुल चोकसी का डुप्लेक्स फ्लैट है। उसने 11 वे मंजिल पर अवैध निर्माण किया है। बता दें कि फ्लैट के मेन गेट और दीवारों पर ईडी, सीबीआई के अलावा अलग-अलग बैंक के नोटिस, बीएमसी, सोसायटी और बिजली बिल की नोटिस चस्पा की गई है। यह फ्लैट करीबन सात हज़ार स्क्वायर फीट का है जिसकी क़ीमत करीबन 70 करोड़ है, जो अब खण्डर बन गया है।  बता दें कि मेहुल चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी पर 2018 में पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा से तकरीबन 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है। हालाँकि मेहुल चौकसी के प्रत्यार्पण की बात चल रही है। इस मामले में भारत ने गुरुवार को कहा कि “वह भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए बेल्जियम के साथ मिलकर काम कर रहा है। भारत सरकार के औपचारिक अनुरोध के आधार पर शनिवार को चोकसी को बेल्जियम के एंटवर्प में गिरफ्तार किया गया।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Mehul Choksi property auction #MehulChoksiAuction #PropertyAuction #FugitiveAssets #CourtOrder #ChoksiNews #EDIndia #IndianNews #AssetSeizure #BreakingNews #MoneyLaundering

आगे और पढ़ें
Ajmer Dargah case update

Ajmer Dargah Dispute: राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर दरगाह विवाद में मुस्लिम पक्ष को नहीं दी राहत, इस दिन होगी अगली सुनवाई

विश्वप्रसिद्ध राजस्थान के अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर विवाद (Ajmer Dargah Dispute) है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरगाह को लेकर उठे विवाद में फिलहाल मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं मिल सकी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने दरगाह की अंजुमन द्वारा दाखिल की गई याचिका पर कोई त्वरित फैसला नहीं सुनाया है और न ही जिला अदालत की सुनवाई पर कोई रोक ही लगाई है। अहम बात यह कि याचिका खारिज भी नहीं की गई है। कारण यही जो उम्मीद की एक धुंधली सी किरण अभी भी दिखाई दे रही है।  हाईकोर्ट ने तत्काल (Ajmer Dargah Dispute) हस्तक्षेप करने से कर दिया इनकार  गौरतलब हो कि यह याचिका दरगाह की देख-रेख करने वाली संस्था अंजुमन की ओर से दायर की गई थी। अंजुमन के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय केस में स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि देशभर की अदालतों में धार्मिक स्थलों से जुड़े नए मुकदमे स्वीकार न किए जाएं, सर्वे न कराए जाएं और कोई निर्णायक आदेश पारित न हो। इसके बावजूद अजमेर की सिविल कोर्ट लगातार दरगाह विवाद से जुड़ी सुनवाई कर रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। यही नहीं, हाईकोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि “अजमेर की सिविल कोर्ट में कल यानी 19 अप्रैल को इस मामले की फिर सुनवाई होनी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर (Ajmer Dargah Dispute) दिया और अब अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय कर दी है।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की (Ajmer Dargah Dispute) की मांग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक अंजुमन की याचिका में केंद्र सरकार समेत 8 पक्षों को शामिल किया गया है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग (Ajmer Dargah Dispute) की। दरअसल, उनका तर्क था कि “अजमेर की जिला अदालत में चल रहे मुकदमे में अंजुमन अब तक पक्षकार नहीं है, ऐसे में वह हाईकोर्ट में हस्तक्षेप की मांग कर ही नहीं सकती। हालांकि, अंजुमन की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि “उन्होंने खुद को पक्षकार बनाने की मांग को लेकर सिविल कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। शनिवार को होने वाली सुनवाई में अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह व्यक्तिगत रूप से अपनी दलीलें पेश करेंगे।” बता दें कि दरगाह से जुड़ा यह विवाद न सिर्फ कानूनी मामला है, बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक मामला भी बन चुका है। कहने की जरूरत नहीं अब सभी की निगाहें राजस्थान हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news Ajmer Dargah Dispute #AjmerDargah #RajasthanHighCourt #DargahDispute #AjmerNews #LegalUpdate #CourtNews #MuslimCommunity #IndiaNews #HighCourtVerdict #AjmerCase

आगे और पढ़ें
Translate »