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US-Iran तनाव से कच्चा तेल फिर चढ़ा, Brent $106 के करीब; वैश्विक बाजारों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों की चिंता फिर बढ़ा दी है। 29 सितंबर 2026 को Brent crude लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूत होकर करीब 106 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं WTI crude भी 93 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता दिखा। लगातार दूसरे दिन महंगा हुआ कच्चा तेल मंगलवार के शुरुआती कारोबार में Brent crude करीब 105.91 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि बाद के कारोबार में यह 106 डॉलर से ऊपर चला गया। US West Texas Intermediate यानी WTI crude भी बढ़कर करीब 93.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार में तेल की आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कीमतों को सहारा दे रही है। US-Iran तनाव से बढ़ी चिंता अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव तेल बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बना हुआ है। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अभी तक किसी स्थायी समाधान पर सहमति नहीं बन पाई है। हालिया घटनाक्रम के बाद निवेशकों को आशंका है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो मध्य पूर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति फिर प्रभावित हो सकती है। Strait of Hormuz पर टिकी दुनिया की नजर वैश्विक ऊर्जा बाजार की नजर Strait of Hormuz पर बनी हुई है। यह समुद्री मार्ग मध्य पूर्व से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक तेल पहुंचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा या सैन्य तनाव से shipping costs बढ़ सकती हैं और crude oil supply पर असर पड़ सकता है। यही कारण है कि इस इलाके से जुड़ी हर नई खबर का असर तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। Middle East से निर्यात में सुधार सितंबर में मध्य पूर्व के प्रमुख तेल उत्पादकों से crude exports बढ़कर करीब 12.8 million barrels per day पहुंचने के शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं। सऊदी अरब और UAE से बढ़ी सप्लाई ने बाजार को कुछ राहत दी है, लेकिन वैकल्पिक shipping arrangements की ऊंची लागत के कारण स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। वैश्विक बाजारों में बढ़ी बेचैनी महंगा तेल केवल energy market तक सीमित नहीं है। इससे दुनिया भर के शेयर बाजारों, currencies और bond markets पर भी दबाव बढ़ रहा है। अमेरिकी 10-year Treasury yield करीब 5.24% तक पहुंच गई है। तेल की बढ़ती कीमतों से inflation फिर तेज होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। डॉलर हुआ मजबूत मध्य पूर्व में तनाव और अमेरिकी bond yields में तेजी के बीच डॉलर भी मजबूत बना हुआ है। Dollar Index करीब दो महीने के उच्च स्तर के आसपास पहुंच गया है। निवेशक अब अमेरिका के आने वाले inflation और employment data पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि इनके आधार पर Federal Reserve की आगे की ब्याज दर नीति का संकेत मिल सकता है। भारत पर भी पड़ सकता है असर भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल विदेश से आयात करता है। ऐसे में crude oil की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने पर देश के import bill, inflation और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। तेल महंगा होने से transport, aviation, logistics और manufacturing कंपनियों की लागत भी बढ़ सकती है। ₹96 प्रति डॉलर के करीब रुपया कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच भारतीय रुपया भी दबाव में है। सोमवार को रुपया करीब ₹95.98 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था और बाजार की नजर अब ₹96 के महत्वपूर्ण स्तर पर है। रुपये में तेज गिरावट रोकने के लिए RBI की संभावित दखल पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। महंगाई बढ़ने का भी खतरा अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं तो इसका असर ईंधन से लेकर परिवहन और उत्पादन लागत तक दिखाई दे सकता है। इससे कई देशों में inflation पर दबाव बढ़ सकता है और केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है। अब बातचीत के नतीजों पर नजर तेल बाजार की आगे की दिशा काफी हद तक अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत तथा Strait of Hormuz की स्थिति पर निर्भर करेगी। अगर तनाव कम होता है और तेल की सप्लाई सामान्य होती है तो कीमतों में नरमी आ सकती है। वहीं किसी नए टकराव की स्थिति में crude oil में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल सकता है। source – Reuters Investing.com Australia जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली के मॉडल टाउन में हल्दीराम वाली इमारत में लगी भीषण आग, 30 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में हल्दीराम आउटलेट वाली एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग के बाद इमारत और आसपास के परिसरों से करीब 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग बुझाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस की 23 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है। The New Indian Express दूसरी मंजिल पर लगी आग घटना 25 सितंबर 2026 की दोपहर की है। अधिकारियों के मुताबिक मॉडल टाउन की बहुमंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर आग लगी, जहां हल्दीराम का आउटलेट भी मौजूद है। कुछ ही देर में आग और धुएं ने बड़ा रूप ले लिया। इमारत से घना काला धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। The Times of India दमकल की 23 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं दिल्ली फायर सर्विस को दोपहर में आग लगने की सूचना मिली। शुरुआत में चार दमकल गाड़ियों को भेजा गया था, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। बाद में कुल 23 दमकल वाहनों को आग बुझाने के अभियान में लगाया गया। करीब 4 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया, जिसके बाद कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया गया। The Print Hindi पुलिस ने 30 लोगों को सुरक्षित निकाला आग की सूचना मिलने के बाद मॉडल टाउन थाने के हेड कॉन्स्टेबल पवन शुरुआती responders में शामिल रहे। इसके बाद SHO और अन्य पुलिसकर्मी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने प्रभावित इमारत के साथ आसपास की इमारतों में मौजूद लोगों को भी बाहर निकालना शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान में करीब 30 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। The New Indian Express कोई हताहत नहीं इतनी बड़ी आग के बावजूद घटना में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस का कहना है कि समय रहते इमारत को खाली करा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। आसपास की इमारतों से भी लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया था। The Print शॉर्ट सर्किट की आशंका पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। हालांकि आग लगने का अंतिम कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। दमकल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही हैं। The New Indian Express VIDEO में दिखा काले धुएं का गुबार घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं। इनमें इमारत से बड़ी मात्रा में काला धुआं निकलता दिखाई देता है, जबकि सड़क पर दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे नजर आते हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद घटना तेजी से चर्चा में आ गई। Times Now Hindi समय रहते रेस्क्यू से टला बड़ा हादसा मॉडल टाउन जैसे व्यस्त इलाके में स्थित बहुमंजिला इमारत में आग लगने से स्थिति गंभीर हो सकती थी। लेकिन पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई के कारण अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और संबंधित एजेंसियां नुकसान तथा आग के वास्तविक कारण का आकलन कर रही हैं। source – PTI / The New Indian Express / ThePrint / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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मैथिली ठाकुर की लग्जरी कार पर ट्रोलिंग, कंगना रनौत ने किया बचाव

मुंबई: लोकगायिका और बिहार के अलीनगर से BJP विधायक मैथिली ठाकुर के मुंबई के लालबागचा राजा पंडाल में Rolls-Royce Cullinan से पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। कई यूजर्स ने इतनी महंगी कार के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। इस विवाद के बीच BJP सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत मैथिली के समर्थन में सामने आईं और कहा कि सार्वजनिक जीवन में होने का मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति अच्छी जिंदगी नहीं जी सकता। Rolls-Royce में लालबागचा राजा पहुंचीं मैथिली ठाकुर 15 सितंबर को मैथिली ठाकुर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंची थीं। वायरल वीडियो में उन्हें नीले रंग की chauffeur-driven Rolls-Royce Cullinan में बैठे और बाद में लोगों का अभिवादन करते देखा गया। पंडाल में दर्शन के बाद आयोजकों ने उनका सम्मान भी किया। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कार की कीमत और इसके इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। क्या कार मैथिली ठाकुर की ही है? सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया गया कि मैथिली ठाकुर ने यह लग्जरी कार खरीदी है, लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट्स में कार के मालिकाना हक की पुष्टि नहीं हुई है। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल मैथिली ठाकुर के हलफनामे में उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब ₹3.82 करोड़ थी और उसमें Rolls-Royce का उल्लेख नहीं था। उनके हलफनामे में पेशा ‘Singer’ और आय के स्रोतों में singing, social media और brand endorsements दर्ज हैं। इसलिए केवल वायरल वीडियो के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि दिखाई दे रही Rolls-Royce उनकी अपनी कार है। कंगना रनौत ने ट्रोलिंग पर क्या कहा? ट्रोलिंग के बाद कंगना रनौत ने Instagram Story के जरिए मैथिली ठाकुर का समर्थन किया। कंगना ने सवाल उठाया कि अगर कोई नेता अपनी प्रोफेशनल जिंदगी और निजी कमाई के जरिए अच्छा जीवन जीता है तो उसे लेकर नाराजगी क्यों होनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि सार्वजनिक सेवा से जुड़े लोगों की अपनी careers और जिंदगी भी होती है और उनसे हमेशा साधारण या गरीब जीवन जीने की अपेक्षा करना उन्हें उचित नहीं लगता। कंगना रनौत वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से BJP सांसद हैं। सोशल मीडिया पर संपत्ति को लेकर उठे सवाल Rolls-Royce वाले वीडियो के बाद मैथिली ठाकुर की चुनावी संपत्ति का विवरण भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। Association for Democratic Reforms के MyNeta रिकॉर्ड के अनुसार 2025 विधानसभा चुनाव में मैथिली ठाकुर ने लगभग ₹3.82 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी और कोई देनदारी नहीं बताई थी। वह अलीनगर विधानसभा सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीती थीं। हालांकि घोषित संपत्ति और किसी कार्यक्रम में इस्तेमाल किए गए वाहन के बीच सीधे संबंध का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। ट्रोलिंग के बाद छिड़ी नई बहस मैथिली ठाकुर के वीडियो ने सोशल मीडिया पर नेताओं की जीवनशैली, निजी आय और सार्वजनिक छवि को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने महंगी कार के इस्तेमाल पर सवाल उठाए, वहीं कंगना रनौत ने इसे किसी व्यक्ति की निजी सफलता और जीवनशैली से जोड़ते हुए मैथिली का बचाव किया। फिलहाल यह स्पष्ट है कि मैथिली ठाकुर Rolls-Royce Cullinan में लालबागचा राजा पहुंची थीं, लेकिन यह कार उनकी अपनी थी या किसी और की, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। source – The Indian Express / Aaj Tak / Amar Ujala / ADR-MyNeta जय राष्ट्र न्यूज़

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चिराग पासवान की निजी पहचान को लेकर बयान से विवाद, जीतन राम मांझी ने की कार्रवाई की मांग

पटना: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की निजी लैंगिक पहचान को लेकर डॉ. राजन सिंह के एक बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राजन सिंह ने चिराग पासवान की पहचान को लेकर एक अपुष्ट दावा किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बिहार सरकार से कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है और चिराग पासवान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड से जुड़े रहे डॉ. राजन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इसमें उन्होंने चिराग पासवान की लैंगिक पहचान को लेकर दावा किया और कहा कि वह अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करते। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान से जुड़ी जानकारी को केवल सोशल मीडिया टिप्पणियों या अटकलों के आधार पर तथ्य नहीं माना जा सकता। जीतन राम मांझी ने जताई नाराजगी केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी ने राजन सिंह की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री की निजी पहचान को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। मांझी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टैग करते हुए राज्य सरकार से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। राजन सिंह ने दी सफाई विवाद बढ़ने के बाद 23 सितंबर को राजन सिंह ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि ‘ट्रांसजेंडर’ कोई अपमानजनक शब्द नहीं, बल्कि एक सम्मानित पहचान है। राजन सिंह ने कहा कि उन्हें स्वयं अपनी ट्रांसजेंडर पहचान पर गर्व है और उनका उद्देश्य इस शब्द को अपमान के तौर पर इस्तेमाल करना नहीं था। उन्होंने चुनावी दस्तावेजों में उम्मीदवारों की लैंगिक पहचान को लेकर भी सवाल उठाए। चिराग पासवान की ओर से क्या आया जवाब? 21 सितंबर तक प्रकाशित प्रमुख रिपोर्ट्स में चिराग पासवान या उनकी पार्टी की ओर से राजन सिंह के इस दावे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में उनकी निजी पहचान को लेकर किया गया दावा अपुष्ट ही है और इसे प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। निजी पहचान पर सियासी बयान से बढ़ी बहस पूरे विवाद ने राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ किसी सार्वजनिक व्यक्ति की निजी पहचान को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। एक ओर जीतन राम मांझी ने टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है, वहीं राजन सिंह का कहना है कि ट्रांसजेंडर पहचान को अपमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल विवाद का केंद्र चिराग पासवान की वास्तविक पहचान से अधिक एक अपुष्ट व्यक्तिगत दावे को सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाए जाने पर है। source – Amar Ujala / Live Hindustan / IANS जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई कोस्टल रोड पर BMW हादसा, 3 लोगों की मौत; तेज रफ्तार कार बैरियर तोड़कर नीचे गिरी

मुंबई के कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार BMW कार का भीषण हादसा हो गया। कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बैरियर से टकराई और फ्लाईओवर से नीचे निर्माणाधीन हिस्से में जा गिरी। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना 20 सितंबर 2026 की सुबह करीब 5:20 बजे वर्ली के लोटस जेट्टी के पास हुई। मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी BMW पुलिस के मुताबिक काले रंग की BMW कार मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी। कार में चार युवक सवार थे। लोटस जेट्टी के पास पहुंचने पर चालक कथित तौर पर तेज रफ्तार में मोड़ को नियंत्रित नहीं कर पाया। इसके बाद कार बाहरी बैरियर से टकराई और फ्लाईओवर से नीचे जा गिरी। हादसा इतना गंभीर था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर मौजूद लोगों और आपातकालीन टीमों ने चारों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। तीन छात्रों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में मरने वालों की पहचान 21 वर्षीय शनय गज्जर, 19 वर्षीय आदित्य जकासानिया और 17 वर्षीय धैर्य शेठ के रूप में हुई है। वहीं आदित्य ओसवाल गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें मुंबई के BYL नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चारों युवक गुजरात के अहमदाबाद से थे और मुंबई में पढ़ाई कर रहे थे। CCTV में कैद हुआ हादसा हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में BMW कार तेज रफ्तार से आती दिखाई देती है और कुछ ही सेकंड में बैरियर तोड़ते हुए नीचे गिर जाती है। पुलिस की शुरुआती जांच में ओवरस्पीडिंग को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के सभी कारणों की आधिकारिक जांच जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कार दूसरे स्तर के रैंप से करीब 70 फीट नीचे निर्माणाधीन पार्किंग क्षेत्र में गिरी। कार चला रहा था शनय गज्जर पुलिस जांच के अनुसार दुर्घटना के समय BMW कथित तौर पर शनय फल्गुन गज्जर चला रहे थे। हादसे में उनकी भी मौत हो गई। बाद की जांच में पुलिस को पता चला कि शनय से जुड़े पहले भी कथित तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियम उल्लंघन के मामले सामने आए थे। Hindustan Times और Times of India की रिपोर्ट्स के मुताबिक संबंधित BMW पर speeding, signal jumping और सड़क बाधित करने से जुड़े कुछ e-challans भी लंबित थे। हालांकि इन पुरानी घटनाओं को मौजूदा दुर्घटना का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना जा सकता और पुलिस वर्तमान हादसे की परिस्थितियों की अलग से जांच कर रही है। छह महीने पहले भी इसी BMW से जुड़ा था मामला Times of India की एक बाद की रिपोर्ट के अनुसार यही BMW करीब छह महीने पहले भी एक सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले में सामने आई थी, जब कथित तौर पर कार ने एक दंपती को टक्कर मार दी थी। उस मामले में Gamdevi पुलिस स्टेशन में कथित तेज और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर FIR दर्ज की गई थी। पुराने हादसे का वीडियो मौजूदा दुर्घटना के बाद फिर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस कर रही है हादसे की जांच मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय वाहन की वास्तविक गति कितनी थी और चालक ने कार पर नियंत्रण क्यों खोया। साथ ही दुर्घटना के बाद फोरेंसिक और अन्य जांच प्रक्रियाएं भी अपनाई गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जांच के लिए आवश्यक नमूने भी लिए गए हैं। कोस्टल रोड पर स्पीड को लेकर फिर उठे सवाल इस हादसे के बाद मुंबई कोस्टल रोड पर ओवरस्पीडिंग और रोड सेफ्टी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। मुंबई कोस्टल रोड करीब 10.58 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जो दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव को बांद्रा-वर्ली सी लिंक के वर्ली छोर से जोड़ता है। स्थानीय रिपोर्ट्स में इससे पहले भी कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार वाहनों को लेकर शिकायतों और पुलिस की स्पीड-गन कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे में तीन युवा जान गंवा चुके हैं और एक घायल का इलाज जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना के पीछे केवल तेज रफ्तार थी या अन्य कारण भी जिम्मेदार थे।

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राहुल गांधी पर महिला की तीखी टिप्पणी, बोलीं- ‘राहुल गांधी का दिमाग खराब हो गया है’

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर एक महिला की तीखी टिप्पणी चर्चा में है। सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रतिक्रिया में महिला को यह कहते हुए बताया जा रहा है कि “राहुल गांधी का दिमाग खराब हो गया है।” यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब इंदौर में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। हालांकि महिला की उक्त टिप्पणी एक व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिक्रिया है और इसे राहुल गांधी की मानसिक स्थिति के बारे में किसी चिकित्सकीय तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। राहुल गांधी के हालिया ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब अलग-अलग राज्यों तक पहुंच गया है। कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली की मिमिक्री की थी और राहुल गांधी भी उस दौरान मंच पर मौजूद थे। इस प्रस्तुति के कुछ हिस्सों को लेकर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक व्यंग्य के रूप में बचाव किया। महिला की टिप्पणी क्यों हुई चर्चा में? इस पूरे विवाद के बीच राहुल गांधी को लेकर आम लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक प्रतिक्रिया में उत्तर प्रदेश की एक महिला को राहुल गांधी की आलोचना करते हुए “राहुल गांधी का दिमाग खराब हो गया है” कहते हुए बताया जा रहा है। महिला की यह टिप्पणी राजनीतिक नाराजगी की अभिव्यक्ति है। इस तरह की भाषा किसी व्यक्ति की वास्तविक मानसिक या चिकित्सकीय स्थिति साबित नहीं करती। उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस exact टिप्पणी करने वाली महिला की पहचान और वीडियो के मूल स्रोत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। हालांकि राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर महिलाओं की ओर से आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं आने की रिपोर्ट जरूर सामने आई है। Times Now Navbharat की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, देहरादून और बरेली समेत अलग-अलग जगहों पर महिलाओं ने कार्यक्रम की आलोचना की और राहुल गांधी की राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाए। किस घटना को लेकर शुरू हुआ विवाद? 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा में कथित अनियमितताओं, फीस और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों को उठाना था। राहुल गांधी कार्यक्रम में मौजूद थे। इसी दौरान कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। प्रस्तुति में प्रधानमंत्री द्वारा एक बुजुर्ग महिला को कुर्सी दिए जाने से जुड़े प्रसंग का भी संदर्भ आया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तुति के जरिये प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां का अपमान किया गया। कांग्रेस और उसके समर्थकों ने इस व्याख्या से असहमति जताई है और कहा कि इसे राजनीतिक व्यंग्य तथा हास्य के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी साधा निशाना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इंदौर कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं और बुजुर्गों का सम्मान भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और कांग्रेस नेता के व्यवहार की आलोचना की। यह भाजपा का राजनीतिक पक्ष है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत अन्य भाजपा नेताओं ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस की आलोचना की। भाजपा ने पूरे विवाद को महिला सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा। कांग्रेस ने क्या कहा? दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा की आलोचना का विरोध किया है। कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने सवाल किया कि राजनीतिक व्यंग्य और हास्य को लेकर भाजपा इतनी आपत्ति क्यों जता रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं ने अतीत में कांग्रेस नेताओं को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं। हालांकि Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के अंदर भी कुछ नेताओं ने माना कि मिमिक्री का यह हिस्सा टाला जा सकता था, क्योंकि इससे छात्रों के मूल मुद्दों से ध्यान हट गया। रिपोर्ट में तीन कांग्रेस नेताओं के हवाले से ऐसी राय सामने आई। महिलाओं की प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने विवाद के बाद कई महिलाओं की प्रतिक्रियाओं में यह कहा गया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी नेता की मां या परिवार को राजनीतिक मजाक में शामिल करने से बचना चाहिए। Times Now Navbharat की रिपोर्ट के अनुसार कुछ महिलाओं ने राहुल गांधी की राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाए और कहा कि सार्वजनिक मंच पर भाषा तथा व्यवहार की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी माहौल में राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर उत्तर प्रदेश की महिला की तीखी टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा में आई है। वायरल बयान को लेकर क्या सावधानी जरूरी? सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति का छोटा वीडियो तेजी से वायरल होने पर उसका पूरा संदर्भ कई बार सामने नहीं आता। इसलिए महिला के कथित “राहुल गांधी का दिमाग खराब हो गया है” बयान को एक व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इस बयान के आधार पर राहुल गांधी की मानसिक स्थिति के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। साथ ही वीडियो के मूल स्रोत, महिला की पहचान और पूरी बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे व्यापक जनमत का प्रतिनिधित्व मानना भी सही नहीं होगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हुई मिमिक्री ने भाजपा और कांग्रेस के बीच नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। भाजपा इसे महिला सम्मान और राजनीतिक मर्यादा से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस पक्ष इसे राजनीतिक व्यंग्य और छात्रों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश के रूप में पेश कर रहा है।

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धीरेंद्र शास्त्री की ‘सोने की खड़ाऊ’ का दावा कितना सच? सामने आई सफाई

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान उनके पैरों में नजर आई सुनहरे रंग की खड़ाऊ को लेकर दावा किया जाने लगा कि वह सोने की बनी हुई है। वायरल तस्वीरों और वीडियो के बाद अब खुद धीरेंद्र शास्त्री ने इस दावे पर सफाई देते हुए बताया है कि उनकी खड़ाऊ सोने की नहीं, बल्कि लकड़ी की है, जिस पर गोल्डन रंग किया गया है। सोशल मीडिया पर किसी तस्वीर या वीडियो के आधार पर किए गए दावे अक्सर तेजी से वायरल हो जाते हैं। ऐसा ही मामला अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की खड़ाऊ को लेकर सामने आया है। सितंबर 2026 में मुंबई दौरे के दौरान धीरेंद्र शास्त्री की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उनके पैरों में सुनहरे रंग की पारंपरिक खड़ाऊ दिखाई दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे ‘सोने की खड़ाऊ’ बताते हुए सवाल उठाने शुरू कर दिए। कहां से शुरू हुई ‘सोने की खड़ाऊ’ की चर्चा? यह मामला मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया में आयोजित गणेश उत्सव से जुड़ा है। कार्यक्रम में पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री कैमरों के सामने दिखाई दिए तो उनकी सुनहरे रंग की खड़ाऊ ने लोगों का ध्यान खींचा। तस्वीरों में खड़ाऊ चमकीले गोल्डन रंग में दिखाई दे रही थी। इसी के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा फैलने लगा कि बागेश्वर बाबा सोने की खड़ाऊ पहनते हैं। हालांकि, तस्वीर में किसी वस्तु का सुनहरे रंग का दिखाई देना अपने आप में उसके सोने का बना होने का प्रमाण नहीं है। क्या सच में सोने की थी खड़ाऊ? अब तक सामने आई विश्वसनीय रिपोर्टों में खड़ाऊ के असली सोने से बने होने की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके उलट धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्वयं कहा है कि खड़ाऊ लकड़ी से बनी हुई है और उस पर सुनहरे रंग का पेंट किया गया है। कुछ रिपोर्टों में भी इसे लकड़ी की पारंपरिक खड़ाऊ बताया गया है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर चल रहा ‘सोने की खड़ाऊ’ वाला दावा प्रमाणित नहीं होता। धीरेंद्र शास्त्री ने क्या सफाई दी? विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने अपने अंदाज में इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि वे मुकेश अंबानी के घर गणेश उत्सव में शामिल होने गए थे, लेकिन कार्यक्रम से ज्यादा चर्चा उनकी खड़ाऊ की होने लगी। शास्त्री के अनुसार, उनकी खड़ाऊ सामान्य लकड़ी की है और किसी ने उस पर गोल्डन पेंट कर दिया था। उसी रंग के कारण लोगों ने उसे सोने की खड़ाऊ मान लिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इतना ज्ञान है कि सोना पैरों में नहीं पहना जाता। ‘अगली बार डायमंड की बुक करूंगा’ इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने मजाकिया अंदाज भी अपनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि अब अगर लोग उनकी खड़ाऊ को लेकर इतनी चर्चा कर रहे हैं तो अगली बार डायमंड की खड़ाऊ बनवाने की सोचेंगे। उनका यह बयान व्यंग्यात्मक अंदाज में दिया गया था। इसके साथ ही उन्होंने आलोचकों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का भी जवाब दिया। तस्वीरों में क्यों लगी सोने की? वायरल वीडियो और तस्वीरों में खड़ाऊ पर चमकदार सुनहरी फिनिश दिखाई देती है। यही कारण माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर लोगों ने बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के उसे सोने का समझ लिया। 16 सितंबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी उपलब्ध तस्वीरों और संबंधित लोगों से मिली जानकारी के आधार पर खड़ाऊ को लकड़ी का बताया गया था, जिस पर गोल्डन फिनिश थी। ऐसे में सिर्फ तस्वीरों के आधार पर खड़ाऊ के वास्तविक पदार्थ या उसकी कीमत के बारे में निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। क्या है वायरल दावे की सच्चाई? दावा: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सोने की खड़ाऊ पहनकर एंटीलिया पहुंचे थे। उपलब्ध तथ्य: वायरल खड़ाऊ के सोने से बने होने का कोई स्वतंत्र या आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है। धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि वह लकड़ी की खड़ाऊ है जिस पर सुनहरे रंग का पेंट किया गया है। इसलिए मौजूदा उपलब्ध जानकारी के आधार पर ‘धीरेंद्र शास्त्री ने सोने की खड़ाऊ पहनी थी’ वाला दावा पुष्ट नहीं है। पूरे विवाद की शुरुआत खड़ाऊ के सुनहरे रंग से हुई और बाद में सोशल मीडिया पर इसे असली सोने से जोड़कर पेश किया जाने लगा। धीरेंद्र शास्त्री की सफाई के बाद फिलहाल यही सामने आता है कि खड़ाऊ लकड़ी की थी, जिस पर गोल्डन पेंट या फिनिश किया गया था।

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आज Petrol-Diesel Rates ज्यादातर शहरों में स्थिर; Brent Crude $104 से नीचे आने से Fuel Market को राहत

नई दिल्ली, 20 सितंबर 2026: India में आज petrol और diesel के rates ज्यादातर major cities में स्थिर बने हुए हैं। Delhi, Mumbai, Kolkata और Chennai समेत बड़े शहरों में पिछले दिन के मुकाबले कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। वहीं global market में Brent crude $104 प्रति barrel से नीचे आने से fuel market पर कुछ दबाव कम हुआ है। Delhi में Petrol ₹102.12, Diesel ₹95.20 आज के latest city-wise rates के मुताबिक: इन cities में rates broadly stable बने हुए हैं। Brent Crude $103–104 Range में Friday के global trading session में Brent crude करीब $103.87 per barrel पर था। इससे पहले Middle East tensions के कारण crude $105–107 range तक पहुंच गया था। Oil prices में हालिया नरमी Saudi Arabia की ओर से additional crude supply और Middle East supply disruptions को लेकर कुछ easing expectations से जुड़ी है। Retail Fuel Prices में अभी बड़ा Cut नहीं Brent crude नीचे आने के बावजूद India में petrol-diesel retail rates में आज कोई major nationwide reduction नहीं हुआ है। Retail prices पर global crude के अलावा rupee-dollar exchange rate, central और state taxes, transportation cost और oil marketing companies की pricing strategy का भी असर पड़ता है। Rupee की कमजोरी अभी भी चिंता India अपनी crude oil जरूरतों का बड़ा हिस्सा imports से पूरा करता है। ऐसे में Rupee कमजोर होने पर imported crude की landed cost बढ़ जाती है। हाल के sessions में Rupee ₹96 प्रति Dollar के आसपास दबाव में रहा है, जिससे crude prices में गिरावट का पूरा फायदा domestic fuel prices तक पहुंचने में समय लग सकता है। Middle East Tension अभी खत्म नहीं Crude prices में फिलहाल कुछ नरमी आई है, लेकिन Strait of Hormuz, Saudi oil infrastructure और Houthi attacks को लेकर geopolitical risks अभी बने हुए हैं। इसलिए global oil prices में आगे भी volatility देखने को मिल सकती है। Consumers को फिलहाल राहत आज के rates में major hike नहीं होने से daily commuters को immediate राहत है। हालांकि Hyderabad, Kolkata और Mumbai जैसे cities में petrol अभी भी ₹110 प्रति litre से ऊपर बना हुआ है। source – Business Today / Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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Asian Games 2026 में India का Medal Account खुला; Women’s 10m Air Rifle Team ने Silver जीता

आइची-नागोया, जापान, 20 सितंबर 2026: Asian Games 2026 में India ने अपना पहला medal जीत लिया है। Women’s 10m Air Rifle Team event में Elavenil Valarivan, Sonam Maskar और Vidarsa Vinod की भारतीय trio ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Silver Medal अपने नाम किया। Indian shooters ने कुल 1898.0 points के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। China ने Gold, India ने Silver जीता Women’s 10m Air Rifle Team event में China ने 1904.2 points के world-record score के साथ Gold Medal जीता। India 1898.0 points के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि host Japan ने 1897.1 points के साथ Bronze Medal हासिल किया। India और Japan के बीच सिर्फ 0.9 point का अंतर रहा। Sonam Maskar ने बनाए सबसे ज्यादा Points Indian team की ओर से Sonam Maskar ने 634.1 points के साथ सबसे मजबूत performance दिया। Elavenil Valarivan ने 633.5 points, जबकि Vidarsa Vinod ने 630.4 points score किए। तीनों के combined score ने India को podium पर पहुंचाया। Sonam और Elavenil Individual Final में भी पहुंचीं Team Silver के बाद India के लिए individual medal की उम्मीद भी बनी हुई है। Sonam Maskar और Elavenil Valarivan ने Women’s 10m Air Rifle individual final के लिए qualify कर लिया है। इससे India को shooting में और medals जीतने का मौका मिलेगा। Asian Games 2026 में India का पहला Confirmed Medal यह Aichi-Nagoya Asian Games में India का पहला confirmed medal है। Day 1 medal-less रहने के बाद shooting contingent ने दूसरे दिन देश का medal account खोला। India को MMA में भी Medal Assured India को Women’s Traditional 60kg Mixed Martial Arts में भी medal assured है। Suchika Tariyal semifinal में पहुंच चुकी हैं, जिससे India के medal tally में जल्द एक और medal जुड़ना तय है। source – The Indian Express / Business Standard / The New Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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IIT Bombay Student Death Case में Professor के खिलाफ Abetment और SC/ST Act के तहत FIR; Institute ने Caste Discrimination के आरोप से इनकार किया

मुंबई, 20 सितंबर 2026: IIT Bombay के second-year BTech student Sahil Wakode की मौत के मामले में Powai Police ने institute के Professor Suryanarayana Doolla और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ abetment to suicide तथा Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act के तहत FIR दर्ज की है। Sahil के parents ने professor और institute officials पर caste-based harassment का आरोप लगाया है। मामले की जांच अब Mumbai Crime Branch को transfer कर दी गई है। Parents ने Caste Harassment का लगाया आरोप Sahil के पिता ने police complaint में आरोप लगाया कि उनके बेटे को पिछले कुछ महीनों से caste-related remarks और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। उनका दावा है कि Sahil ने परिवार को professor द्वारा कथित caste-based harassment की जानकारी पहले भी दी थी। ये आरोप फिलहाल investigation का हिस्सा हैं और court में साबित नहीं हुए हैं। Exam के दौरान Mobile मिलने के बाद हुआ था घटनाक्रम 20 वर्षीय Sahil IIT Bombay के Department of Energy Science and Engineering में second-year student था। Friday को mid-semester examination के दौरान उसके पास mobile phone मिलने और question paper को AI platform पर upload करने का आरोप सामने आया था। इसके कुछ घंटों बाद वह hostel में मृत मिला। Professor Suryanarayana Doolla का नाम FIR में Reports के मुताबिक exam के दौरान Professor Suryanarayana Doolla invigilator थे। Sahil के पिता की complaint के आधार पर Powai Police ने professor को FIR में named accused बनाया है। Police ने Bharatiya Nyaya Sanhita के abetment-related provisions के साथ SC/ST Act की धाराएं भी लगाई हैं। IIT Bombay ने Caste Discrimination से किया इनकार IIT Bombay administration ने Sahil के साथ caste discrimination या suspension की धमकी दिए जाने के आरोपों से इनकार किया है। Institute का कहना है कि Sahil ने अपने समय के दौरान SC/ST Cell या administration के पास caste discrimination से जुड़ी कोई complaint दर्ज नहीं कराई थी। IIT Bombay ने यह भी कहा कि वह police investigation में पूरा सहयोग करेगा। Students ने Campus में किया Protest Sahil की मौत के बाद campus में बड़ी संख्या में students ने protest किया। Students ने institute की handling और disciplinary processes को लेकर सवाल उठाए और transparency की मांग की। Protests के बाद ongoing mid-semester examinations भी postpone किए गए। Investigation Crime Branch को Transfer Powai Police द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद late Saturday मामले की investigation Mumbai Crime Branch को सौंप दी गई। अब investigators parents के allegations, institute records, exam-related घटनाक्रम और संबंधित लोगों के statements की जांच करेंगे। source – Mumbai Police / The Indian Express / Times of India / NDTV जय राष्ट्र न्यूज़

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