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एंटी-CEC प्रदर्शन के बाद नया विवाद: तीन पत्रकारों के खिलाफ SC/ST एक्ट में FIR, क्राइम ब्रांच करेगी जांच

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 3 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद विवाद और गहरा गया है। प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी पर यौन उत्पीड़न और कथित मारपीट के आरोप लगाने वाले तीन पत्रकारों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर दर्ज हुआ है। उन्होंने पत्रकारों पर जातिसूचक टिप्पणियां करने, मानहानि और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। किन धाराओं में दर्ज हुई FIR? पुलिस के मुताबिक, तीनों पत्रकारों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC/ST Act के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 356(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीपी विवेक भगत ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी नेमप्लेट और जातिगत पहचान का उल्लेख करते हुए अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इन आरोपों की सत्यता जांच के अधीन है। पत्रकारों ने पहले पुलिस अधिकारी पर लगाए थे आरोप इससे पहले एक महिला पत्रकार ने प्रदर्शन के दौरान एसीपी विवेक भगत पर यौन उत्पीड़न और कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। अन्य पत्रकारों ने भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर शिकायतें की थीं। इन शिकायतों में लगाए गए आरोपों की अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को अलग-अलग शिकायतों के आधार पर जांचा जा रहा है। क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच दिल्ली पुलिस ने यौन उत्पीड़न के आरोपों और संबंधित शिकायतों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और प्रदर्शन के समय रिकॉर्ड किए गए वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच का उद्देश्य घटना के दौरान हुई गतिविधियों और दोनों पक्षों की शिकायतों से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना है। सुप्रीम कोर्ट ने भी जताई चिंता महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने आरोपों पर जवाब के लिए दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी मांगी थी। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच जारी इस मामले में अब दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्रकारों ने पुलिस अधिकारी पर कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं, जबकि एसीपी विवेक भगत ने जातिसूचक टिप्पणियों, मानहानि और सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत की है। फिलहाल, किसी भी पक्ष के आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता। मामले में आगे की स्थिति जांच के निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट होगी। Source – The Indian Express, The New Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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