Indian defense cyber threats

Cyber Attacks Surge Amid Operation Sindoor: एक तरफ जारी था ऑपेरशन सिंदूर, दूसरी तरफ हुए 15 लाख से अधिक साइबर अटैक

जम्मू-कश्मीर में हुए कायराना आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने ऑपेरशन सिंदूर चलाया था। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुँचाया था। भारत और पाकिस्तान के बीच मची तनातनी के बीच देश में एक दो नहीं बल्कि 15 लाख से अधिक साइबर अटैक (Cyber Attacks Surge Amid Operation Sindoor) का सामना करना पड़ा। दरअसल, महाराष्ट्र साइबर सेल अधिकारी के मुताबिक 10 लाख से भी ज्यादा साइबर हमले किए गए है। महाराष्ट्र साइबर ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत भर में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की वेबसाइटों को निशाना बनाकर 15 लाख से अधिक साइबर हमले करने के लिए जिम्मेदार सात उन्नत स्थायी खतरा (एपीटी) समूहों की पहचान की है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से हैकर केवल 150 हमलों में ही सफल रहे। इस पूरे मामले पर अधिकारियों ने कहा कि “भारत और पाकिस्तान के बीच एक-दूसरे के खिलाफ सीजफायर पर बनी सहमति के बाद भी भारत सरकार की वेबसाइट को पड़ोसी देश के साथ-साथ बांग्लादेश और पश्चिम एशियाई देशों से साइबर हमलों का सामना करना पड़ रहा है।” भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई समाप्त होने के बाद भारत की सरकारी वेबसाइट पर कम हुए साइबर (Cyber Attacks Surge Amid Operation Sindoor) हमले  इतना ही नहीं, महाराष्ट्र साइबर के वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों के साथ हुई बातचीत में उन दावों को सिरे से खारिज किया जिसमें हैकर ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आंकड़ों की चोरी की है, विमानन और नगर निगम प्रणालियों को हैक किया (Cyber Attacks Surge Amid Operation Sindoor) है और निर्वाचन आयोग की वेबसाइट को निशाना बनाया है के दावे किये गए थे।” अधिकारी ने कहा कि “जांच में पाया गया कि भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई समाप्त होने के बाद भारत की सरकारी वेबसाइट पर साइबर हमले कम हुए, लेकिन पूरी तरह से बंद नहीं हुए। ये हमले पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मोरक्को और पश्चिम एशियाई देशों से जारी हैं। आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा इसी नाम से शुरू किए गए सैन्य अभियान के तहत तैयार की गई रोड ऑफ सिंदूर शीर्षक वाली रिपोर्ट में राज्य की नोडल साइबर एजेंसी ने पाकिस्तान-संबद्ध हैकिंग समूहों द्वारा शुरू किए गए साइबर युद्ध का विस्तृत विवरण दिया है।” इसे भी पढ़ें:- कर्रेगुट्टा हिल्स पर ‘ऑपरेशन संकल्प’ में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सली किए ढेर, 20 शवों की हुई पहचान ये साइबर हमले बांग्लादेश, पाकिस्तान, पश्चिम एशियाई देशों और एक इंडोनेशियाई समूह द्वारा किए गए- अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यशस्वी यादव फ़िलहाल, यह रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक और राज्य खुफिया विभाग सहित सभी प्रमुख कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दी गई (Cyber Attacks Surge Amid Operation Sindoor) है। महाराष्ट्र साइबर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यशस्वी यादव ने बताया कि “रिपोर्ट के अनुसार, ये साइबर हमले बांग्लादेश, पाकिस्तान, पश्चिम एशियाई देशों और एक इंडोनेशियाई समूह द्वारा किए गए। इस्तेमाल किए गए तरीकों में मैलवेयर अभियान, डिस्ट्रिब्यूटेड डेनियल-ऑफ-सर्विस (डीडीओएस) हमले और जीपीएस के माध्यम से जासूसी शामिल थी। भारतीय वेबसाइटों को भी नुकसान पहुंचाने की खबरें आईं।” उन्होंने आगे कहा कि “ऐसे कई हमलों को विफल कर दिया गया और भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बचा लिया गया।” Latest News in HindiToday Hindi news Cyber Attacks Surge Amid Operation Sindoor #CyberAttacks #OperationSindoor #CyberSecurity #IndiaNews #CyberThreats #IndianArmy #HackAlert #CyberCrime #DigitalIndia #NationUnderAttack

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Virat Kohli retirement

Virat Kohli Seeks Peace After Retirement With Premanand संन्यास लेते ही आध्यात्मिक संत प्रेमानंद महाराज की शरण में पत्नी संग पहुंचे विराट कोहली

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली की मशहूर आध्यात्मिक संत प्रेमानंद महाराज में गहरी आस्था (Virat Kohli Seeks Peace After Retirement With Premanand) है। सोमवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद अगले दिन यानी मंगलवार को वो प्राइवेट टैक्सी कर वृंदावन पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा मौजूद थीं। आश्रम जाकर वहां उन्होंने उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। विराट कोहली की प्रेमानंद महाराज से तकरीबन 15 मिनट बातचीत हुई, इसके अलावा बाकी समय में उन्होंने आश्रम की गतिविधियों को देखा। बता दें कि कोहली पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ सुबह 7 बजे प्रेमानंद महाराज के आश्रम हिट केली कुंज पहुंचे थे। दोनों केली कुंज आश्रम में कुल 2 घंटे 20 मिनट रहे। 2 घंटे 20 मिनट रहने के बाद लगभग 9:30 के करीब में इनोवा कार में बैठ वह वापस चले गए। इस बीच उनके चेहरे पर मास्क लगा हुआ था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनका यह कार्यक्रम बेहद गोपनीय रखा गया था। वो प्रेमानंद के सच्चे अनुयायी हैं। जब-जब क्रिकेटर के करियर में चुनौतियों का सामना करना पड़ा तब तब वो पत्नी अनुष्का के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। अक्सर उनका वीडियो वायरल होता रहता है।  कोहली पहले भी पत्नी और बच्चों के साथ वृंदावन जाते रहे (Virat Kohli Seeks Peace After Retirement With Premanand) हैं पहले भी कोहली कई बार अपनी पत्नी और बच्चों के साथ वृंदावन जाते रहे (Virat Kohli Seeks Peace After Retirement With Premanand) हैं। इससे पहले कोहली अपने परिवार के साथ जनवरी 2023 में पहली बार जब वो संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए उनके आश्रम पहुंचे थे तब उनके साथ उनका बेटा अकाय भी था। दूसरी बार इसी साल जनवरी महीने में वो यहां आए थे। विराट कोहली का वृंदावन का यह तीसरा दौरा था। सकरी गलियों से दोनों का वीडियो सामने आया है। प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दोनों को जाते देखा गया। खैर, इस बीच विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद, उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने विराट की एक तस्वीर के साथ लिखा कि “वे आंसू जो तुमने कभी नहीं दिखाए, वे आंसू जो तुमने अकेले में बहाए, वे आंसू जो तुमने कभी नहीं दिखाए…’ इस पोस्ट में अनुष्का ने विराट के संघर्ष और समर्पण को सराहा।” उन्होंने आगे लिखा कि “वह हमेशा विराट के साथ खड़ी रहीं और उनके संघर्षों को समझा।” पोस्ट में विराट को अपना घर बताते हुए अनुष्का ने कहा कि “वह खुशकिस्मत हैं कि वह उन्हें अपना जीवनसाथी मानती हैं।”  इसे भी पढ़ें:- मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स हैदराबाद ने टेके घुटने कोहली ने जून 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में (Virat Kohli Seeks Peace After Retirement With Premanand) पदार्पण किया था  .बता दें कि कोहली ने जून 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया (Virat Kohli Seeks Peace After Retirement With Premanand) था। हालाँकि शुरुआत बहुत अच्छी नहीं थी। पहले दौरे में उन्होंने पांच पारियों में सिर्फ 76 रन ही बनाये थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने अपने बल्ले का ऐसा जौहर दिखाया कि दुनिया वाह वाह कर उठी। साल 2012 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा। उन्होंने 213 गेंदों पर 116 रन बनाए। गौर करने वाली बात यह कि कोहली ने अपने 14 साल लंबे और शानदार टेस्ट करियर कुल 123 मैच खेले हैं। 123 मैचों में खेली 210 पारियों में उन्होंने 46.85 की औसत से 9,230 रन बनाए। टेस्ट करियर में उन्होंने 30 शतक और 31 अर्धशतक भी जड़े हैं। रन के मामले में यह कारनामा करने वाले वो भारत के चौथे बल्लेबाज हैं। उनसे आगे सचिन तेंदुलकर (15,921 रन), राहुल द्रविड़ (13,265 रन) और सुनील गावस्कर (10,122 रन) हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Virat Kohli Seeks Peace After Retirement With Premanand #ViratKohli #PremanandMaharaj #AnushkaSharma #KohliRetirement #SpiritualJourney #ViratAnushka #KohliNews #PeaceAfterRetirement #IndianCricket #KohliAshramVisit

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Toxic liquor in Amritsar claims 14 lives

Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar: अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल

अमृतसर में जहरीली शराब के चलते ह्रदय विदारक घटना सामने आई है। अमृतसर स्थित मजीठा ब्लॉक के 5 गांवों में जहीरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) गई है। ये लोग भंगली, पातालपुरी, मरारी कलां, थेरेवाल और तलवंडी घुमन गांव के बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 6 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार शाम को इन 5 गांवो से लोगों की संदिग्ध हालातों में मौत की खबरें आने के बाद इस घटना का खुलासा हुआ। खैर, पुलिस ने अब इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।  पुलिस ने बताया कि मेन स्पलायर परबजीत सिंह को पकड़ लिया गया है और शराब के स्त्रोत की जांच की जा रही है। बता दें कि इस हादसे के बाद अब सूबे में पूरे नकली शराब नेटवर्क की जांच की जा रही है। यही नहीं, सरकार ने शराब माफियाओं के खिलाफ सख्ती से जांच करने के आदेश दिए हैं। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की भी कहना है कि “जहरीली शराब के सेवन से 14 लोगों की मौत हुई है।” तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) है- एसएसपी मनिंदर सिंह खैर, इस पूरे मामले पर एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया कि “हमें कल रात सूचना मिली कि नकली शराब पीने से यहां लोगों की मौत (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) हो रही है। हमने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में हमने मेन सप्लायर परबजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। हम छानबीन कर रहे हैं कि कहां-कहां से शराब मंगाई गई है। हम पूरे तंत्र को खत्म कर देंगे। सरकार की ओर से हमें निर्देश हैं कि नकली शराब का सेवन कराने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। हमने 2 एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में अब तक कुल 14 लोगों की मृत्यु हो गई है और 6 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।”  प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोषियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 और एक्साइज एक्ट  61A  के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।  सरकार हर संभव मदद कर रही है, हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि मौतों का यह आंकड़ा न बढ़े- डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने कहा कि “मजीठा में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। हमें कल रात पता चला, हमें 5 गांवों से रिपोर्ट मिली कि कल शराब पीने वालों की हालत गंभीर है। हमने तुरंत अपनी मेडिकल टीमें भेजीं। अब तक 14 लोगों की मौत हो (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) चुकी है। सरकार हर संभव मदद कर रही है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि मौतों का यह आंकड़ा न बढ़े। इसके लिए हमारी मेडिकल टीमें अभी भी घर-घर जा रही हैं। लोगों में कुछ लक्षण हों या नहीं, हम उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं ताकि हम उन्हें बचा सकें। हमने सप्लायरों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच चल रही है।”  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा स्थनीय प्रशासन की मिलीभगत से ही चलता है नकली शराब का कारोबार  बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हुई (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) हो। इससे पहले भी पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश तथा गुजरात साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से इस तरह के मामले आ आ चुके हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि स्थनीय प्रशासन की मिलीभगत से ही यह कारोबार चलता है। जब भी इस तरह की कोई बड़ी घटना होती तब प्रशासन की नींद टूटती है और लोगों की आत्मसंतुष्टि के लिए कुछ लोगों पर कार्रवाई कर देती है। कुछ दिन बाद सब पहले की तरह नार्मल हो जाता है। ऐसे में कोई और किसी की जान न जा सके इसलिए प्रशासन को जहरीली शराब माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।   Latest News in Hindi Today Hindi news Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar #ToxicLiquor #AmritsarTragedy #HoochDeaths #IllegalAlcohol #PunjabNews #AlcoholPoisoning #HoochTragedy #AmritsarNews #BreakingNews #LiquorDeaths

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Congress slams Modi

Congress Hits Back After PM Modi’s Speech: प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद हमलावर हुई कांग्रेस, कही ऐसी बात कि बीजेपी आई बैकफुट पर

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद की कमर तोड़ दी। पाकिस्तान को इस कदर पस्त कर दिया कि 3 दिन के वॉर में ही घुटनों पर आ गया। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहल कर दोनों देशों के बीच सीज फायर करवा कर शांति बहाल करने का क्रेडिट लिया। ध्यान देने वाली बात यह कि देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस अब तक भारत सरकार को समर्थन करते आई है। सभी विपक्षी पार्टियां एक सुर में सरकार के हर फैसले को अपना पूरा समर्थन देने की बात करती रही। लेकिन, सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद एक बार पुनः इस मुद्दे पर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर कई ज्वलंत सवाल उठाए हैं। गौरतलब हो कि पीएम मोदी ने अपने पूरी भाषण में एक भी बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक शब्द नहीं (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) कहा। इसी से खफा होकर विपक्षी पार्टियां हमलावर हो गई है। कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी से एक बार फिर सर्वदलीय बैठक करने की मांग करते हुए भारत सरकार से पूछा कि “क्या भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता स्वीकार कर ली है?” प्रधानमंत्री ने उन पर एक शब्द भी नहीं (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) कहा-जयराम रमेश जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया एक्स पर जयराम रमेश ने पोस्ट कर लिखा कि “प्रधानमंत्री का लंबे समय से टलता आ रहा राष्ट्र के नाम संबोधन राष्ट्रपति ट्रंप के कुछ मिनट पहले किए गए खुलासों से पूरी तरह दब गया। प्रधानमंत्री ने उन पर एक शब्द भी नहीं (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) कहा। क्या भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता स्वीकार कर ली है? क्या भारत पाकिस्तान के साथ वार्ता के लिए किसी तटस्थ स्थल पर सहमत हो गया है? क्या अब भारत अमेरिका की इन मांगों को मान लेगा कि वह ऑटोमोबाइल, कृषि और अन्य क्षेत्रों में अपने बाज़ार खोल दे?” यही नहीं, उन्होंने आगे लिखा कि “प्रधानमंत्री को तत्काल सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक करनी चाहिए। कुछ तो ऐसा है जो उन्होंने पिछले बीस दिनों में सधे ढंग से टाल रखा है। आने वाले महीने सतर्क कूटनीति और सामूहिक संकल्प की मांग करेंगे। सिर्फ़ एक-दो लाइनें बोलना इस वक्त की जरूरतों का विकल्प नहीं हो सकते। हम अपनी सशस्त्र सेनाओं को बिना किसी शर्त के सलाम करते हैं और उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने देश का मान बढ़ाया है। हम हर समय 100% उनके साथ हैं। लेकिन प्रधानमंत्री को अब भी कई सवालों के जवाब देने बाकी हैं।” इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी राष्ट्रपति पर भड़के शशि थरूर, कहा, “अपराधी और पीड़ित को एक जैसा दिखाने की कोशिश” मैंने उन्हें कहा कि इसे बंद करो, अगर नहीं बंद किया तो हम कोई व्यापार नहीं करेंगे- अमेरिकी राष्ट्रपति  गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री मोदी के (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) संबोधन से कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि “मैंने उन्हें कहा कि इसे बंद करो, अगर नहीं बंद किया तो हम कोई व्यापार नहीं करेंगे। इसके बाद अचानक दोनों ने कहा कि वे रुक रहे हैं।” कहने की जरूरत इस बयान से यह समझा जा सकता है कि अमेरिका ने दोनों देशों पर व्यापारिक दबाव डालकर सीमा पर गोलीबारी बंद करवाने की कोशिश की है। Latest News in HindiToday Hindi news Congress Hits Back After PM Modi’s Speech #pmmodispeech #congressvsbjp #indianpolitics #modinews #congresscomeback #politicalnews #breakingnewsindia #bjpvscongress #viralpolitics #modiinnews #trendingindia #instapolitics

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Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan

Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan : अफगानिस्तान में तालिबान का तुग़लकी फरमान, शरीयत का हवाला देकर बैन किया यह खेल

जब से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आया है तब से वो अपने अजीबों-गरीब फरमान को लेकर सुर्ख़ियों में बना हुआ है। फरमान भी ऐसे आप सोचने पर भी मजबूर हो जाएँ। जाहिर सी बात है, तालिबान और फरमान न दे, ये असंभव (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। बता दें कि साल 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद से तालिबान सरकार ने लगातार ऐसे कानून और नियमों में बदलाव किये हैं जो इस्लामी कानून के प्रति उसके कट्टर और चरमपंथी सोच को दर्शाते हैं। नए फरमान के मुताबिक अफगान की तालिबानी सरकार ने शतरंज यानी चेस के खेल पर अगली सूचना तक बैन लगा दिया है। दरअसल, तालिबान को डर है कि यह खेल जुए खेलने का जरिया बन गया है। इसलिए तालिबान ने शरिया कानून का हवाला देकर इस खेल को बैन कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि “शतरंज के खेल को तब तक अनिश्चित काल के लिए बैन कर दिया गया है। पहले इस बात की जांच की जाएगी कि इस्लामी कानून के साथ इसे खेलना सही है या नहीं, उसी के आधार पर इसे हमेशा के लिए बैन लगाया जाएगा या फिर बैन हटा लिया जाएगा।” धार्मिक कानून का हवाला देकर अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) दिया है न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार खेल निदेशालय के प्रवक्ता अटल मशवानी ने बताया कि “शरिया में चेस को जुए का साधन माना जाता है, जो पिछले साल घोषित कानून के अनुसार निषिद्ध है। यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “चेस के खेल के संबंध में धार्मिक विचार हैं, जब तक इन विचारों पर ध्यान नहीं दिया जाता, अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। और तो और अफगानिस्तान के राष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने लगभग दो वर्षों से कोई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है।” इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा महिलाओं को किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है ध्यान देने योग्य बात यह कि अफगानिस्तान में यह पहला ऐसा खेल नहीं है जिसपर तालिबान ने बैन लगाया है। सबसे खराब हालत तो वहां की महिलाओं की है। उन्हें किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। कट्टरता ऐसी कि तालिबान ने उनके हर खेल पर बैन लगा रखा है। यही नहीं पिछले वर्ष, तालिबान ने पेशेवर प्रतियोगिता में मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) जैसी फ्री स्टाइल फाइट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके पीछे का तर्क देते हुए तालिबान कहा था कि “यह बहुत ही हिंसक है।” बेशक तालिबान के इस कदम ने धर्म के प्रति उसकी कट्टर सोच को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan #TalibanBan #AfghanistanNews #ShariaLaw #TalibanRule #HumanRights #BanOnSports #GlobalCondemnation #IslamicExtremism #FreedomToPlay #AfghanYouth

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India-Pakistan Ceasefire

‘हमारी कस्टडी में भारत का पायलट नहीं…’, पाकिस्तानी सेना ने कहा यह सब मीडिया और सोशल मीडिया का झूठा प्रोपेगेंडा

भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) हो चुका है। भारतीय सेना (Indian Army)और वायु सेना के जबरदस्त प्रहार के बाद पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) का प्रस्ताव रखा था, जिसे भारत ने मान लिया। अब दोनों देश डीजीएमओ स्तर पर इस सीजफायर पर बात करेंगे। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने युद्ध में मुंह की खाने के बाद भले ही भारत के सामने हाथ जोड़ लिया हो, लेकिन वहां की मीडिया अभी भी अपनी सेना की वीरता का झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने से नहीं रूक रहा। इनमें से ही एक प्रोपेगेंडा है कि पाकिस्तान ने भारत के कई फाइटर प्लेन मार गिराए हैं और भारतीय पायलट पाकिस्तान के कब्जे में है।  इसे भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान करेगा दुस्साहस तो मिल जाएगा खाक में, जानें कैसी है भारत की तैयारी हालांकि अब पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने ही इस झूठे प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है। मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए पाक सेना के मीडिया विंग के डायरेक्टर जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे में भारत का कोई पायलट नहीं है। यह खबर सिर्फ और सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रहा प्रोपेगेंडा है। इससे ज्यादा हम कुछ नहीं बता सकते हैं।  भारत ने किया खंडन तो पाकिस्तान को मजबूरन बोलना पड़ा सच  पाकिस्तानी सेना बीती रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थी। इस दौरान एक महिला पत्रकार ने जनरल अहमद चौधरी से पूछा कि क्या भारत का कोई पायलट पाकिस्तानी सेना के कब्जे में है और अगर हां तो हम उसे क्या भारत को वापस लौटाएंगे? इस सवाल का जवाब देते हुए जनरल चौधरी ने कहा कि मैं आप सभी लोगों को यह बात साफ कर देना चाहता हूं कि भारत का कोई भी पायलट हमारे पास नहीं है। यह सब महज अफवाह है, जो मीडिया और सोशल मीडिया पर कुछ लोग फैला रहे हैं। इसे सिर्फ फेक न्यूज और झूठा प्रोपेगेंडा कहा जा सकता है। पिछले कुछ दिनों से इस तरह का प्रोपेगेंडा देखने को मिल रहा है। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान की मीडिया इस प्रोपेगेंडा को खूब फैला रही थी और पाकिस्तान की सेना भी क्रेडिट लेने के लिए इस खबर का खंडन नहीं कर रही थी। लेकिन बीती शाम भारतीय सेना ने प्रेस ब्रीफिंग के समय बताया कि उनके सभी पायलट सुरक्षित घर वापस लौट आए हैं, तो मजबूरन पाकिस्तानी सेना को सच बोलना पड़ गया। हालांकि अभी भी पाकिस्तानी मीडिया अपनी सेना के शर्मनाक हार को छुपाने के लिए कई झूठ फैलाने में जुटी हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India-Pakistan Ceasefire #IndiaPakistanTensions #BLAStatement #FakePakClaims #IndianPilotNews #BLAWithIndia #GeoPolitics #IndiaStandsStrong #PakistanPropaganda #SouthAsiaCrisis #DefenseNews

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Pakistani Army

पाकिस्तान का हाथ लाखों मासूमों के खून से रंगे, युद्धविराम और शांति महज धोखा, BLA ने भारत के समर्थन में कर दिया बड़ा ऐलान

पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को उनके ही घर में मार रही बलूचिस्तान की बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर पर बड़ा बयान जारी किया है। बीएलए (BLA) ने कहा है कि वह किसी देश का न तो मोहरा है और ना ही इस पूरे संघर्ष का मूक दर्शक। बीएलए (BLA) ने  भारत को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि पाकिस्तान जिस शांति और युद्धविराम का वादा कर रहा हा, वह महज एक धोखा है। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर विश्वास करने का समय अब जा चुका है। भारत अगर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो वह पूर्वी और पश्चिमी मोर्चे से लड़ाई को जारी रखते हुए निर्णायक कार्रवाई करेगा। बीएलए (BLA) ने यहां तक दावा किया है कि पाकिस्तान को पूरी तरह से खत्म किए बिना इस इलाके में स्थायी शांति नहीं आ सकती।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा बीएलए (BLA) ने सोशल मीडिया पर अपना यह लिखित बयान जारी करते हुए कहा, “बलूच लिबरेशन आर्मी इस क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष पर अपनी स्पष्ट स्थिति प्रस्तुत करती है। हम पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए उस विचार का दृढ़ता से खंडन करते हैं कि बलूच राष्ट्रीय प्रतिरोध किसी देश, राज्य या शक्ति का प्रतिनिधि करता है। हम न तो किसे के मोहरे हैं और न ही मूक दर्शक। इस क्षेत्र के सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक गठन में बलूच लिबरेशन आर्मी का उचित स्थान है और हम अपनी हर तरह की भूमिका को समझते हैं।” पाकिस्तान का इतिहास धोखा देने और अतंकवाद फैलाने का   बीएलए (BLA) कहा, “पाकिस्तान अपनी असफल सैन्य कार्रवाई और विफल कूटनीति से निराश होकर अब शांति का झूठा नारा लगा धोखा देने की कोशिश कर रहा है। हम भारत को स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि, पाकिस्तान की युद्ध विराम, शांति और भाईचारे की बात सिर्फ एक धोखा है। यह उसके युद्ध की एक ऐसी रणनीति है, जो धोखे पर खत्म होती है। पाकिस्तान का इतिहास ही वादा तोड़ पीठ में छुरा घोंपने और आतंकवाद को फैलाने का रहा है। पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसका हाथ लाखों मासूम लोगों के खून से रंगे हैं और इसका हर वादा खून से लथपथ है।” बीएलए ने आगे कहा कि “हम भारत समेत इस क्षेत्र के सभी देशों से कहना चाहते हैं कि पाकिस्तान के वादों पर विश्वास करने समय जा चुका है। दुनिया इस आतंकवादी देश के खिलाफ ठोस निर्णायक कार्रवाई करे। क्योंकि यह देश वैश्विक आतंकवादियों का प्रजनन स्थल है। यहां पर जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed), लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) और आईएसआईएस (ISIS) जैसे आतंकवादी समूह फलते-फूलते हैं। इस सबके पीछे पाकिस्तान की जासूसी संस्था आईएसआई (ISI) का हाथ है। यह देश अब अपने ही लोगों को दुनिया के लिए ज्वालामुखी बन रहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistani Army #BLASupportsIndia #PakistanExposed #WarCrimes #CeasefireBetrayal #IndiaStrong #Balochistan #TerrorStatePakistan #PeaceIsAFraud #IndiaPakistanTensions #BLARevolt

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Rohit Sharma retirement

Rohit Sharma retirement: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद रोहित शर्मा ने कही यह बात, मचा हंगामा 

भारत के हिटमैन रोहित शर्मा ने अपने फैंस को सदमा देते हुए अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा (Rohit Sharma retirement) कर दी थी। इसके बाद अब रोहित सिर्फ वनडे फॉर्मेट में ही खेलते नजर आएंगे। संन्यास की घोषणा के बाद पूर्व कप्तान ने सभी अटकलों से पर्दा उठाते हुए खुलकर अपनी बात रखी। जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ पत्रकार विमल कुमार के साथ हुए एक साक्षात्कार में उन्होंने बेबाक होकर अपनी बात रखी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि “मैंने बहुत आलोचना का सामना किया है, यहां तक कि अनावश्यक आलोचना भी। मैं यह नहीं कह सकता कि आलोचना किसी को प्रभावित नहीं करती है। यह कुछ लोगों को प्रभावित कर सकता है और दूसरों को नहीं, लेकिन मेरे लिए, अब ऐसा नहीं है। समय के साथ, आप इससे निपटना सीख जाते हैं। किसी भी खिलाड़ी के लिए आलोचना का सामना करना करियर का हिस्सा है, लेकिन मैं जिस चीज का समर्थन नहीं करता, वह है अनावश्यक आलोचना।” इस दौरान रोहित ने बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपनी कमजोरी के बारे में भी चर्चा की है। इस पर उन्होंने कहा कि “बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के सामने मेरे आउट होने के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। ठीक है, ऐसा होता है। यह खेल का हिस्सा है, लेकिन अगर आप हर टिप्पणी का बचाव करते हैं, तो आप अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। खुद का बचाव करना मेरा काम नहीं है।” नेचुरल टैलेंट और लीडरशिप को लेकर दिए बयान से हर किसी को हैरान कर (Rohit Sharma retirement) दिया है यही नहीं, रोहित शर्मा ने अपने नेचुरल टैलेंट और लीडरशिप को लेकर दिए बयान से हर किसी को हैरान कर (Rohit Sharma retirement) दिया है। उन्होंने कहा कि “यह बेकार है। कुछ भी नेचुरल नहीं होता। नेचुरल टैलेंट दिखाने के लिए बहुत प्रयास करने पड़ते हैं। लोग नेचुरल टैलेंट के पीछे की कड़ी मेहनत को नहीं देखते। चाहे वह खिलाड़ी हो या नेता, यह सब घंटों की मेहनत से आता है, जादू से नहीं। मैंने खुद एक गेंदबाज के रूप में शुरुआत की थी।” इस दौरान वनडे क्रिकेट से संन्यास पर चुप्पी तोड़ते हुए रोहित शर्मा ने कहा है कि “उन्होंने अभी तक क्रिकेट को खत्म नहीं किया है, उन्हें पता है कि कब तक खेलना है।” मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि “मैं पहले जैसा खेलता था, मैं अपना समय लेता था। पहले मैं पहले 10 ओवर में 30 गेंदें खेलता था और सिर्फ 10 रन बनाता था, लेकिन अगर मैं अब 20 गेंदें खेलता हूं, तो मैं 30-35 या 40 रन क्यों नहीं बना सकता? और जिन दिनों मैं तेजी से आगे बढ़ता हूं, तो पहले 10 ओवर में 80 रन बनाना बिल्कुल भी बुरा नहीं है। अब मैं ऐसा ही सोचता हूं।” इसे भी पढ़ें:-  कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना अब मैं क्रिकेट को एक अलग तरीके से खेलना (Rohit Sharma retirement) चाहता हूं इसके अलावा भारत के हिटमैन रोहित शर्मा (Rohit Sharma retirement) ने कहा कि “मैंने वो रन बनाए हैं, जो मुझे बनाने थे। अब मैं क्रिकेट को एक अलग तरीके से खेलना चाहता हूं। मैं इनमें से किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले रहा हूं। यह मत सोचो कि चीजें बस ऐसे ही चलती रहेंगी कि मैं 20 या 30 रन बनाता रहूंगा और खेलता रहूंगा। जिस दिन मुझे लगेगा कि मैं मैदान पर वो नहीं कर पा रहा हूं जो मैं करना चाहता हूं, मैं खेलना बंद कर दूंगा। यह पक्का है, लेकिन अभी, मैं जानता हूं कि मैं जो कर रहा हूं, उससे अभी भी टीम को मदद मिल रही है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rohit Sharma retirement #RohitSharma #RohitRetires #IndianCricket #TestCricket #CricketLegend #BCCI #RohitNews #TeamIndia

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Strongest village in India: कैसे एक आदमी ने बदली किस्मत, हर घर में रहते हैं पहलवान और बाउंसर्स, यहां है भारत का सबसे मज़बूत गांव

बाउंसरों को देखते ही हमारे मन में एक ही ख्याल आता है कि काश! हमारी बॉडी ऐसी होती। बाउंसर का काम होता है वीआईपी अथवा रईस लोगों को सुरक्षा प्रदान करना। दखने और सुनने में यह काम जितना आसान लगता है, दरअसल उतना है नहीं। क्योंकि आज के इस प्रदूषित वातावरण में खुद को फिट एंड फाइन रखना आसान नहीं होता। खैर, क्या आप जानते हैं कि दिल्ली के नाईट क्लबों में सबसे अधिक बाउंसर कहाँ से आते हैं? शायद आप जानते हो? यदि आप नहीं जानते हैं, तो आपको बता दें कि दिल्ली की भागम-भाग भरी जिंदगी से कुछ दूरी पर स्थित असोला और फतेहपुर बेरी नामक एक जुड़वां गांव हैं, जहां के लोग आज भी अपनी पुश्तैनी परंपरा को बनाये रखें हैं। इस गाँव में एक शख्स ऐसा भी है जिसने पूरे गाँव के युवाओं को कमाई का एक ऐसा जरिया बता दिया है जिसके चलते सभी लोग अपने आपको फिट (Strongest village in India) रखने में जुट गए हैं।  शारीरिक शक्ति को आजीविका में बदलकर की जा सकती (Strongest village in India) है अच्छी कमाई दरअसल, गाँव के एक स्थनीय पहलवान ने पूरे गाँव की किस्मत संवार दी। बता दें कि विजय तंवर भारत की ओलंपिक कुश्ती टीम में जगह बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने जी तोड़ मेहनत भी लेकिन वो सफल नहीं हो पाए। कद काठी बेजोड़ थी ही, सो इस असफलता से निराश होने के बजाय उन्होंने बतौर बाउंसर काम करना शुरू कर दिया। उनकी देखा देखी गाँव अन्य लोग भी उनसे प्रेरित होकर अपने शरीर को संवारने में जुट गए। उनका मकसद एकदम क्लियर था। शारीरिक शक्ति को आजीविका में बदलकर अच्छी कमाई की जा सकती (Strongest village in India) है। इस हेतु गांवों के युवा स्थानीय अखाड़ों में कठोर ट्रेनिंग सेशन्स में शामिल होने लगे। जूनून ऐसा कि वे हर दिन सैकड़ों सिट-अप, पुश-अप और कुश्ती अभ्यास करने लगे। देखते-ही-देखते लोग अनुशासित जीवन जीने लगे। यही उनकी अनुशासित जीवन शैली एक अनोखे पेशे में बदल गई। आलम यह है कि गाँव के अधिकतर युवा बाउंसर बन अपना जीवनयापन करने लगे हैं। इसके साथ ही वो युवाओं को भी इस हेतु प्रेरित करने लगे हैं। बता दें कि इस गाँव के कुछ लोग विदेश में सुरक्षा सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं तो कुछ अपने पारंपरिक पेशे कुश्ती में ही अपना करियर बनाना चाहते हैं।  इस गाँव को भारत का सबसे मज़बूत गांव (Strongest village in India) के रूप में भी जाना जाता है कहने की जरूरत नहीं, प्रदूषण भरे इस माहौल में शारीरिक रूप से फिट रहना या फिर अपने आप को मेंटेन करना आसान नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि इस गाँव के लोग इतने फिट कैसे रह लेते हैं? उनकी फिटनेस का राज जानने पर पता चला कि गाँव का हर युवा शराब और तंबाकू से कोसो दूर रहता है। इसके अलावा प्रोटीन युक्त आहार लेता है और जमकर वर्जिश करता है। अपने शरीर को हृष्ट-पुष्ट बनाए रखने के लिए नियमित रूप से अनुशासन का पालन करता है। गांव का पहला जिम खोलने वाले अंकुर तंवर ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कहा कि “तंवर परिवार में योद्धा का एक तत्व है। हमने मुस्लिम आक्रमणकारियों से लड़ाई लड़ी। हमने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। पिछले 20 सालों में बहुत कुछ बदल गया है।” खैर, बढ़ते नाइटलाइफ़ दृश्य में बाउंसरों की मांग बढ़ती जा रही है। आपको जानकर हैरत होगी कि दिल्ली अधिकतर बाउंसर असोला-फतेहपुर गाँव के ही होते हैं। इस गाँव को बाउंसरों का गढ़ कहा जाता है। इसके अलावा इस गाँव को भारत का सबसे मज़बूत गांव (Strongest village in India) के रूप में भी जाना जाता है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हम बार में काम करेंगे बता दें कि सीएनएन से हुई बातचीत में विजय तंवर ने बताया कि “मैं इस गांव का पहला बाउंसर (Strongest village in India) था। फिर सभी ने मेरी राह पर चलना शुरू कर दिया। अब 300 से ज़्यादा पहलवान नई दिल्ली के क्लबों और बार में बाउंसर के तौर पर काम करते हैं।” गौरवान्वित होते हुए उन्होंने आगे कहा कि “जैसा कि वे कहते हैं, स्वास्थ्य ही धन है। हम स्वस्थ हैं, लेकिन हम अच्छा पैसा भी कमा रहे हैं। बच्चों को अच्छे स्कूलों में भेज पा रहे हैं, अच्छा खा पा रहे हैं। जीवन में और क्या ही चाहिए?” अपनी बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि “हमने कभी नहीं सोचा था कि हम बार में काम करेंगे।” Latest News in Hindi Today Hindi Strongest village in India #StrongestVillage #IndianWrestlers #BouncerVillage #RuralPower #HaryanaHeroes #IndianStrength #VillageOfChampions #DesiPower #BodybuildingIndia #WrestlingCulture

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Yamuna Kalindi meaning

क्यों देवी यमुना कहलाती हैं ‘कालिंदी’? जानिए भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी इस दिव्य कथा

हिंदू धर्म में नदियों को केवल जल की धारा नहीं माना गया, बल्कि उन्हें देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्हीं में से एक हैं देवी यमुना (Devi Yamuna), जिन्हें विशेष रूप से यमराज की बहन और भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त के रूप में जाना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देवी यमुना को ‘कालिंदी’ क्यों कहा जाता है? यह नाम सिर्फ एक उपनाम नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी है एक अत्यंत रोचक और आध्यात्मिक कथा, जो भगवान श्रीकृष्ण से गहरा संबंध रखती है। ‘कालिंदी’ नाम का अर्थ और प्रतीक ‘कालिंदी’ नाम की उत्पत्ति ‘कलिंद’ पर्वत से मानी जाती है, क्योंकि यमुना नदी का उद्गम स्थल यही पर्वत है। अर्थात जो कलिंद पर्वत से निकलती है, उसे कालिंदी (Kalindi) कहा जाता है। हालांकि इस नाम के पीछे और भी कई पौराणिक मान्यताएं और कथाएं जुड़ी हुई हैं, जो देवी यमुना के महत्व को और भी गहराई से समझाती हैं। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कथा हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी यमुना को भगवान सूर्य की बेटी तथा यमराज की बहन के रूप में जाना जाता है। वे भगवान विष्णु की अनन्य भक्त थीं और उन्होंने कई जन्मों तक उन्हें अपने पति के रूप में पाने की तपस्या की। उनकी तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे द्वापर युग में जब कृष्ण के रूप में अवतरित होंगे, तब वे उन्हें प्राप्त करेंगी। ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, तब उनके पिता वासुदेव उन्हें मथुरा से गोकुल ले जा रहे थे और रास्ते में यमुना नदी पार करनी थी। उस समय यमुना ने अपने जल को शांत कर श्रीकृष्ण के चरणों का स्पर्श किया और उनका स्वागत किया। यही कारण है कि यमुना नदी को विशेष रूप से श्रीकृष्ण (Lord Krishna) की प्रिय मानी जाती है। ब्रजभूमि में बाल कृष्ण की अनेक लीलाएं यमुना के तट पर ही घटित हुईं। एक अन्य लोककथा के अनुसार, जब भगवान कृष्ण (Lord Krishna) अर्जुन के साथ यमुना तट पर आए, तो उन्होंने वहां एक तपस्या में लीन सुंदर कन्या को देखा। वह कन्या और कोई नहीं बल्कि देवी यमुना ही थीं, जो श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने की कामना से तप कर रही थीं। उनकी अटल भक्ति और प्रेम को देखकर श्रीकृष्ण ने उनसे विवाह किया। इसी कारण यमुना को ‘कालिंदी’ (Devi Yamuna) भी कहा जाता है — ‘काली कमली वाले’ श्रीकृष्ण से जुड़े होने के कारण। ‘कालिंदी’ नाम यमुना का एक विशेष नाम है, जो उनके कृष्ण से दिव्य संबंध को दर्शाता है। यह नाम न सिर्फ उनके रंग या प्रवाह की गहराई को दर्शाता है, बल्कि उस पवित्र प्रेम को भी दर्शाता है जो उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति रखा। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया तीर्थों और मंदिरों में विशेष पूजन भारत में अनेक ऐसे तीर्थस्थल हैं, जहां देवी यमुना (Devi Yamuna) को कालिंदी (Kalindi) रूप में पूजा जाता है। ब्रज भूमि, विशेषकर वृंदावन और मथुरा में यमुना आरती का विशेष महत्व है। माना जाता है कि श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाओं में यमुना नदी को साक्षी बनाया। कदंब वन, यमुना घाट और कालिंदी कुंज जैसे स्थानों पर आज भी भक्तजन श्रद्धा से पूजन करते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Devi Yamuna #Kalindi #YamunaRiver #LordKrishna #HinduMythology #DivineStory #KrishnaMarriage #KalindiMyth #KrishnaLeela #KalindiYamuna #SpiritualIndia

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