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India vs Sri Lanka XI: कोलंबो में Day 2 का खेल बारिश से रुका, दोबारा शुरू होने के बाद Padikkal का शानदार शतक

कोलंबो: भारत और Sri Lanka Cricket XI के बीच नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब ग्राउंड में खेले जा रहे तीन दिवसीय अभ्यास मैच के Day 2 में बारिश ने खेल में बाधा डाली। बारिश के कारण कुछ समय के लिए खेल रोकना पड़ा, लेकिन मौसम साफ होने के बाद मुकाबला दोबारा शुरू हुआ। ताजा अपडेट के मुताबिक भारत की पारी आगे बढ़ रही है। भारत ने पहले दिन Sri Lanka XI के 363/8 के जवाब में दूसरे दिन बल्लेबाजी शुरू की और शुरुआती झटकों के बाद पारी को संभाला। Devdutt Padikkal ने शानदार शतक लगाकर भारतीय पारी को मजबूती दी। बारिश के कारण रुका Day 2 का खेल कोलंबो में मौसम की स्थिति पहले से ही इस अभ्यास मैच के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। Day 2 के दौरान बारिश के कारण खेल में रुकावट आई। हालांकि, बारिश रुकने और परिस्थितियां खेलने लायक होने के बाद मैच को दोबारा शुरू किया गया। मौसम की वजह से खेल के ओवरों और लय पर असर पड़ा है। Devdutt Padikkal ने जड़ा शानदार शतक भारत के लिए Day 2 की सबसे बड़ी खबर Devdutt Padikkal का शतक रहा। उन्होंने दबाव के बीच धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए अपनी सेंचुरी पूरी की और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। Padikkal का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की टेस्ट सीरीज से पहले बल्लेबाजी क्रम को लेकर टीम मैनेजमेंट के सामने कई सवाल हैं। भारत को शुरुआत में लगे झटके दूसरे दिन भारत की शुरुआत पूरी तरह आसान नहीं रही। Yashasvi Jaiswal दो गेंदों पर बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि भारतीय पारी में शुरुआती विकेट गिरने के बाद Padikkal ने जिम्मेदारी संभाली। Padikkal ने साझेदारों के साथ मिलकर पारी को संभाला और अपनी सेंचुरी के जरिए भारत को मुकाबले में वापस लाया। Ravindra Jadeja ने भी संभाली पारी Padikkal के आउट होने के बाद Ravindra Jadeja ने भी भारतीय पारी को संभालने में अहम भूमिका निभाई। ताजा लाइव अपडेट में Jadeja ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था और भारत की पारी को आगे बढ़ा रहे थे। लाइव स्कोर अपडेट के अनुसार एक समय भारत 218/5 के आसपास था और Sri Lanka XI के 363/8 के स्कोर से पीछे चल रहा था। Sri Lanka XI ने बनाए थे 363/8 Day 1 पर Sri Lanka XI ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 90 ओवर में 363/8 का मजबूत स्कोर बनाया था। भारतीय स्पिनरों ने बीच के चरण में विकेट हासिल किए, लेकिन मेजबान टीम ने अच्छी साझेदारियों के दम पर बड़ा स्कोर खड़ा किया। अब भारत के सामने इस स्कोर को पार करने और अपने बल्लेबाजों को टेस्ट सीरीज से पहले पर्याप्त अभ्यास देने की चुनौती है। Test Series से पहले अहम अभ्यास यह अभ्यास मैच भारत के लिए आगामी India vs Sri Lanka Test Series की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तीन दिवसीय मैच को पहले चार दिन का रखा गया था, लेकिन बाद में इसे तीन दिन का कर दिया गया। मुकाबला अब 7 से 9 अगस्त तक खेला जा रहा है। भारत और Sri Lanka के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से Galle में शुरू होना है, जबकि दूसरा टेस्ट Colombo में खेला जाएगा। Shubman Gill Day 1 से बाहर रहे भारत के कप्तान Shubman Gill ने अभ्यास मैच के पहले दिन हिस्सा नहीं लिया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें उंगली में मामूली परेशानी के कारण एहतियातन आराम दिया गया। टीम मैनेजमेंट टेस्ट सीरीज से पहले प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। निष्कर्ष India vs Sri Lanka XI अभ्यास मैच के Day 2 में बारिश के कारण खेल बाधित हुआ, लेकिन मौसम साफ होने के बाद मुकाबला दोबारा शुरू हो गया। भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर Devdutt Padikkal का शानदार शतक और Ravindra Jadeja की उपयोगी पारी रही। वहीं Sri Lanka XI के 363/8 के जवाब में भारत अभी भी पीछे चल रहा है। अब नजरें इस बात पर हैं कि भारत Sri Lanka XI की बढ़त को कितना कम कर पाता है और मौसम बाकी दिन के खेल को कितना प्रभावित करता है। Source: Indian Express, Outlook India, Reuters, Cricbuzz जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय | महाराष्ट्र में 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को मौत की सजा

मुंबई: महाराष्ट्र में एक 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अत्यंत जघन्य अपराध माना और दोषी के लिए कठोरतम सजा तय की। मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने घटनाक्रम से जुड़े सबूत और गवाह पेश किए। सुनवाई के दौरान अपराध की गंभीरता, बच्ची की उम्र और मामले की परिस्थितियों को प्रमुख आधार बनाया गया। 9 साल की बच्ची को बनाया गया था निशाना मामला महाराष्ट्र में 9 वर्षीय बच्ची के साथ हुए यौन अपराध और हत्या से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने बच्ची को निशाना बनाया और उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी। घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैल गया था और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी थी। अदालत ने माना गंभीर और जघन्य अपराध मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अपराध की प्रकृति और पीड़िता की कम उम्र को गंभीरता से लिया। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने आरोपी को मृत्युदंड सुनाया। मौत की सजा भारतीय न्याय व्यवस्था में सबसे कठोर दंड है और आम तौर पर अत्यंत गंभीर मामलों में दी जाती है। अभियोजन पक्ष ने पेश किए अहम सबूत सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों को अदालत के सामने रखा। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को अपराध के लिए दोषी ठहराया। मामले में जांच एजेंसियों और अभियोजन की ओर से जुटाए गए सबूतों ने दोषसिद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चियों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल इस फैसले के बाद बच्चों, विशेषकर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में तेज जांच, प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को कानूनी एवं सामाजिक सहायता देना महत्वपूर्ण है। कानून के तहत नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसे मामलों की सुनवाई विशेष कानूनी प्रावधानों के तहत की जा सकती है। मौत की सजा के बाद भी कानूनी प्रक्रिया बाकी अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भी सजा का तत्काल निष्पादन नहीं होता। ऐसे मामलों में दोषी को ऊपरी अदालत में अपील का अधिकार होता है और मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसलिए अदालत का फैसला मामले में एक महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन अंतिम कानूनी स्थिति आगे की अपील और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। निष्कर्ष महाराष्ट्र में 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत द्वारा आरोपी को मौत की सजा सुनाया जाना मामले की गंभीरता को दर्शाता है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अपराध की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद कठोरतम दंड दिया है। हालांकि, मृत्युदंड के मामलों में आगे की अपील और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। Source: संबंधित न्यायालय के फैसले एवं मीडिया रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय | Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, Kerala और Odisha में भी बढ़ी चिंता

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के बीच दिल्ली-NCR, Kerala, Odisha, Uttarakhand, Rajasthan और Karnataka समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। दिल्ली-NCR में बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर आवाजाही में परेशानी जैसी स्थिति बन सकती है। वहीं Kerala और Odisha में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। Delhi-NCR में बारिश का दौर जारी दिल्ली-NCR में शनिवार को बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने तथा सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। दिल्ली में मौजूदा मौसम को देखते हुए लोगों को बाहर निकलते समय स्थानीय मौसम अपडेट और ट्रैफिक स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Kerala में भारी बारिश को लेकर अलर्ट Kerala में भी भारी बारिश की स्थिति को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में रविवार को भी भारी बारिश हो सकती है और कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात में बाधा और स्थानीय स्तर पर अन्य मौसम संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। Odisha में बहुत भारी बारिश की संभावना Odisha में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। IMD ने राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। भारी बारिश की स्थिति में नदियों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने का खतरा रहता है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून Delhi-NCR, Kerala और Odisha के अलावा Uttarakhand, Rajasthan और Karnataka समेत कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध का खतरा बढ़ सकता है। वहीं मैदानी इलाकों में तेज बारिश से जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। Weather-related disruption की बढ़ी आशंका भारी बारिश के कारण कई शहरों में रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक धीमा पड़ने, सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने और कुछ इलाकों में स्थानीय प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जाने की संभावना है। स्कूल बंद करने का फैसला पूरे देश के स्तर पर नहीं होता। संबंधित राज्य सरकार या जिला प्रशासन स्थानीय मौसम और सुरक्षा की स्थिति के आधार पर ऐसा निर्णय ले सकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच Delhi-NCR, Kerala और Odisha समेत कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे जलभराव, ट्रैफिक, यात्रा और अन्य सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। अगले कुछ दिनों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन और आम लोगों की नजर बनी रहेगी। Source: India Meteorological Department (IMD), Indian Express, NDTV Profit, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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अंतरराष्ट्रीय | US–India Trade Tension: रूस से तेल खरीद पर भारत पर 100% तक टैरिफ का खतरा, अमेरिकी सीनेट के कदम से बढ़ा व्यापारिक तनाव

नई दिल्ली: अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव के बीच रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर संभावित 100% तक अतिरिक्त टैरिफ का मुद्दा शनिवार, 8 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय व्यापार चर्चा में प्रमुख बना हुआ है। अमेरिकी सीनेट ने रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़े एक विधेयक को 86-11 वोटों से मंजूरी दी है, जिसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि भारत पर 100% टैरिफ अभी लागू नहीं हुआ है। विधेयक को आगे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की प्रक्रिया से गुजरना होगा और इसके बाद राष्ट्रपति के स्तर पर इसके इस्तेमाल का फैसला होगा। अमेरिकी सीनेट ने रूस प्रतिबंध विधेयक को दी मंजूरी अमेरिकी सीनेट ने शुक्रवार को Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act को मंजूरी दी। रिपोर्टों के अनुसार, विधेयक राष्ट्रपति को रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों के सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने की शक्ति दे सकता है। विधेयक का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और उसकी ऊर्जा आय को सीमित करना बताया जा रहा है। भारत और चीन जैसे बड़े रूसी तेल खरीदार इस प्रस्ताव के संभावित प्रभाव के दायरे में आ सकते हैं। भारत पर सीधे 100% टैरिफ अभी नहीं लगा है इस घटनाक्रम को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 100% टैरिफ की खबर को तत्काल लागू शुल्क के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद विधेयक को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जाना है। रिपोर्टों के अनुसार, सदन की अगली प्रक्रिया अगस्त के अंत में होने की उम्मीद है। कानून बनने के बाद भी टैरिफ लगाने का फैसला अमेरिकी प्रशासन के अधिकार और नीति पर निर्भर करेगा। रूस से तेल खरीद बना भारत-अमेरिका विवाद का केंद्र यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदना जारी रखा है। रूस से मिलने वाले तेल की कीमत और भारत की रिफाइनिंग क्षमता के कारण यह खरीद देश की ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। अमेरिका रूस की ऊर्जा आय को युद्ध से जोड़कर देखता है और प्रमुख खरीदार देशों पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसी वजह से भारत की रूसी तेल खरीद अब भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक संवेदनशील मुद्दा बन गई है। भारतीय निर्यातकों के लिए बढ़ सकती है चिंता यदि भविष्य में अमेरिका भारत के उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत और प्रतिस्पर्धात्मकता पर पड़ सकता है। अमेरिका भारतीय निर्यात के लिए एक बड़ा बाजार है। इसलिए भारी अतिरिक्त शुल्क की स्थिति में कपड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, रत्न-जवाहरात, रसायन और अन्य अमेरिकी बाजार-निर्भर क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है। भारतीय शेयर बाजार और रुपये पर भी नजर अमेरिकी टैरिफ की आशंका के बीच भारतीय निवेशकों की नजर सोमवार को खुलने वाले शेयर बाजार पर रहेगी। खासतौर पर ऐसी कंपनियां जिनका अमेरिका को निर्यात ज्यादा है, उनके शेयरों पर बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, रूस से तेल खरीद में किसी बड़े व्यवधान की स्थिति में भारत के लिए वैकल्पिक स्रोतों से कच्चा तेल खरीदने की जरूरत बढ़ सकती है। इससे आयात बिल, रुपये और महंगाई पर भी असर पड़ने की संभावना होगी। तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है असर रूस दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में शामिल है। यदि प्रतिबंधों के कारण रूसी तेल के अंतरराष्ट्रीय प्रवाह में बड़ी बाधा आती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बन सकता है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी से भारत की ऊर्जा लागत और व्यापार घाटे पर असर पड़ सकता है। भारत के सामने ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार के बीच संतुलन की चुनौती भारत के लिए यह मामला केवल अमेरिका के साथ व्यापार का नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता से भी जुड़ा है। एक ओर भारत को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कच्चा तेल उपलब्ध कराने वाले स्रोतों की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंध भी भारतीय निर्यात और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में सरकार के सामने दोनों हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी। अब आगे क्या होगा? अब सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में विधेयक की स्थिति होगी। इसके बाद यह भी देखा जाएगा कि अमेरिकी प्रशासन इस कानून का इस्तेमाल किस तरह करता है और किन देशों को संभावित अतिरिक्त टैरिफ के दायरे में रखा जाता है। भारत की ओर से भी इस घटनाक्रम पर कूटनीतिक और व्यापारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल बाजार और कारोबारी वर्ग किसी तत्काल 100% शुल्क के बजाय आगे की अमेरिकी विधायी प्रक्रिया और भारत की प्रतिक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। निष्कर्ष रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर 100% तक संभावित अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है। अमेरिकी सीनेट द्वारा रूस प्रतिबंध विधेयक को 86-11 वोटों से मंजूरी दिए जाने के बाद भारतीय कारोबार और बाजारों में चिंता बढ़ी है। हालांकि, भारत पर 100% टैरिफ अभी लागू नहीं हुआ है। विधेयक को आगे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की प्रक्रिया से गुजरना है। आने वाले दिनों में अमेरिकी संसद की कार्रवाई, व्हाइट हाउस का रुख और भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी। Source: Reuters, Economic Times, Hindustan Times, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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बिजनेस | Gold Rate Today: 8 अगस्त को सोने के भाव में तेजी, 18K, 22K और 24K गोल्ड के रेट पर निवेशकों की नजर

नई दिल्ली: सोने की कीमतों में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को तेजी देखने को मिली। देश में 24 कैरेट सोने का औसत भाव करीब ₹14,970 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना करीब ₹13,712 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब ₹11,227 प्रति ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, शहर और स्थानीय बाजार के अनुसार कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। सोने की कीमतों में हालिया तेजी के बीच निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की नजर घरेलू बुलियन मार्केट के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों और रुपये-डॉलर की चाल पर बनी हुई है। आज 18K, 22K और 24K सोने का भाव क्या है? 8 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रिटेल गोल्ड रेट के अनुसार 24K सोना लगभग ₹14,970 प्रति ग्राम, 22K सोना ₹13,712 प्रति ग्राम और 18K सोना करीब ₹11,227 प्रति ग्राम रहा। ये दरें प्रति ग्राम हैं और ज्वेलरी खरीदते समय अंतिम कीमत इससे अलग हो सकती है। 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्धता वाला होता है, जबकि 22 कैरेट का इस्तेमाल पारंपरिक भारतीय आभूषणों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। 18 कैरेट सोना आमतौर पर डायमंड, व्हाइट गोल्ड और रोज गोल्ड जैसे आभूषणों में इस्तेमाल होता है। देश के अलग-अलग शहरों में क्यों बदलता है सोने का भाव? सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग समान आधार देती है, लेकिन भारत के अलग-अलग शहरों में अंतिम भाव अलग हो सकता है। इसके पीछे स्थानीय मांग, परिवहन और इंश्योरेंस लागत, ज्वेलर्स के मार्जिन और स्थानीय बाजार की परिस्थितियां प्रमुख कारण हैं। उदाहरण के तौर पर 8 अगस्त को अमरावती में 24K सोने का भाव ₹15,235 प्रति ग्राम, 22K ₹13,965 प्रति ग्राम और 18K ₹11,426 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। इससे साफ है कि शहर के हिसाब से सोने की कीमत में अंतर हो सकता है। दिल्ली में आज का गोल्ड रेट दिल्ली में 8 अगस्त के लिए 22K और 24K सोने की कीमतों को लेकर ताजा बाजार आंकड़े उपलब्ध हैं। Forbes Advisor के अनुसार दिल्ली के रेट को दिन के दौरान अपडेट किया गया और शहर में 22K तथा 24K सोने के भाव की अलग-अलग निगरानी की जा रही है। दिल्ली जैसे बड़े बुलियन बाजार में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत, रुपये की चाल और स्थानीय मांग का असर रिटेल कीमतों पर पड़ता है। सोने की कीमतों में तेजी के पीछे क्या कारण हैं? सोने की कीमत कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होती है। इनमें अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतें, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, ब्याज दरों की उम्मीदें, महंगाई, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग शामिल हैं। जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर सोने को अपेक्षाकृत सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में देखते हैं। इससे मांग बढ़ने पर कीमतों को समर्थन मिल सकता है। अगस्त में सोने ने पकड़ी तेजी NDTV के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अगस्त की शुरुआत से सोने के भाव में बढ़त दर्ज की गई है। 1 अगस्त को 24K सोना करीब ₹14,306 प्रति ग्राम था, जो 7 अगस्त तक बढ़कर ₹14,868 प्रति ग्राम पहुंच गया। इसी अवधि में 22K सोना ₹13,106 से बढ़कर ₹13,617 और 18K सोना ₹10,730 से बढ़कर ₹11,148 प्रति ग्राम हुआ। इससे अगस्त के शुरुआती दिनों में सोने के बाजार में सकारात्मक रुझान दिखाई देता है। ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ गोल्ड रेट न देखें ज्वेलरी खरीदते समय केवल 18K, 22K या 24K के प्रति ग्राम भाव को देखना पर्याप्त नहीं है। अंतिम बिल में मेकिंग चार्ज, वेस्टेज/डिजाइन चार्ज और GST जैसी लागतें भी शामिल हो सकती हैं। इसी वजह से ऑनलाइन दिखने वाला गोल्ड रेट और ज्वेलरी दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत अलग हो सकती है। खरीदारों को खरीदारी से पहले प्रति ग्राम रेट और सभी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी लेनी चाहिए। हॉलमार्क और HUID जरूर जांचें सोने की ज्वेलरी खरीदते समय BIS हॉलमार्क, शुद्धता का निशान जैसे 22K 916 या 18K 750 और HUID की जांच करना महत्वपूर्ण है। इससे खरीदार को सोने की घोषित शुद्धता की पुष्टि करने में मदद मिलती है। निवेशकों की नजर बुलियन मार्केट पर सोने में हालिया तेजी के बीच निवेशकों की नजर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट पर बनी हुई है। सोने की कीमतों में आगे की दिशा तय करने में ग्लोबल मार्केट, रुपये की चाल, ब्याज दरों और आर्थिक परिस्थितियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। हालांकि, केवल एक दिन की कीमत देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को अपने निवेश लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। निष्कर्ष 8 अगस्त 2026 को सोने के भाव में तेजी का रुख बना हुआ है और 18K, 22K तथा 24K गोल्ड की कीमतों पर खरीदारों और निवेशकों की नजर है। अगस्त की शुरुआत से घरेलू सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज हुई है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां सोने की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। Source: NDTV Gold Rate, Forbes Advisor India, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय | अमरनाथ यात्रा पर बड़ा अपडेट: खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं का नया जत्था फिलहाल रवाना नहीं किया गया। यात्रा को रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पहाड़ी इलाकों में मौसम लगातार खराब बना हुआ है और बारिश के कारण यात्रा मार्ग तथा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। खराब मौसम के कारण लिया गया फैसला अमरनाथ यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर रास्तों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहा है। अधिकारियों की ओर से मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही जम्मू से नए जत्थे को आगे भेजने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों की संख्या में भी आई कमी यात्रा रोकने के पीछे श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। सामान्य दिनों की तुलना में जम्मू आधार शिविर पर यात्रियों की संख्या कम होने के कारण फिलहाल नए जत्थे को रवाना नहीं किया गया। प्रशासन यात्रा व्यवस्था, मौसम और श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है। भगवती नगर बेस कैंप से नहीं रवाना हुआ नया जत्था जम्मू का भगवती नगर आधार शिविर अमरनाथ यात्रा के प्रमुख शुरुआती केंद्रों में से एक है। यहां से श्रद्धालुओं के जत्थे सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी की ओर रवाना होते हैं। मौजूदा मौसम को देखते हुए शनिवार को यहां से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले नए जत्थे को रोक दिया गया। यात्रा से जुड़े अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भी प्रशासन की नजर खराब मौसम के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा रहता है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति की निगरानी कर रहा है। सड़क की स्थिति खराब होने पर यात्रियों को आगे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। यात्रा पूरी तरह बंद नहीं, फैसला अस्थायी अधिकारियों के अनुसार, यह अस्थायी रोक है। इसका मतलब यह नहीं है कि अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति में सुधार होने के बाद जम्मू से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को फिर से रवाना किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले प्रशासन और श्री अमरनाथ यात्रा से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं की जानकारी लेते रहें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता अमरनाथ यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी और दुर्गम इलाकों से होकर अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। ऐसे में खराब मौसम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सावधानी बरतता है। मौजूदा परिस्थितियों में भी प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यात्रा मार्ग की स्थिति पर है। अब मौसम में सुधार का इंतजार फिलहाल जम्मू से अमरनाथ यात्रा को दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। यात्रा बहाली का फैसला मौसम, सड़क और यात्रा मार्ग की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे बिना आधिकारिक अनुमति या अपडेट के यात्रा के अगले चरण के लिए आगे न बढ़ें। निष्कर्ष खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन जम्मू-श्रीनगर हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति पर नजर रख रहा है। मौसम में सुधार और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही नए जत्थे को रवाना करने पर फैसला लिया जाएगा। Source: Indian Express / Business Standard / अन्य संबंधित रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय | रांची में छात्र आंदोलन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही, आरोपी हिरासत में

झारखंड की राजधानी रांची में छात्र आंदोलन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक व्यक्ति ने स्याही फेंक दी। यह घटना बिरसा चौक के पास उस समय हुई, जब AISA और AISF के नेतृत्व में छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उसने वैचारिक असहमति के कारण यह कदम उठाया। वहीं, नेहा बोरा ने कहा कि इस घटना से उनका मनोबल नहीं टूटेगा और वे छात्रों के अधिकारों के लिए अपना आंदोलन जारी रखेंगी। #NehaBora#AISA#Jharkhand#Ranchi#StudentProtest BreakingNews JaiRashtraNews

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राष्ट्रीय | चरखी दादरी में सिटी थाने के सामने ताबड़तोड़ फायरिंग; कई लोग घायल, इलाके में दहशत

हरियाणा के चरखी दादरी में दिनदहाड़े सिटी थाना परिसर के सामने अंधाधुंध फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो सवार कुछ युवकों ने थाने के सामने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना के बाद शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, फायरिंग के कारणों और घायलों की संख्या को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी आना अभी बाकी है। #CharkhiDadri#Haryana#Firing#Crime#Police BreakingNews JayRashtraNews

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राष्ट्रीय | गोरखपुर की व्यवस्थाओं पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उठाए सवाल; बोलीं—”यहां ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा?”

गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शहर और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर खुलकर सवाल उठाए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “जो हमारी कमियां हैं, वो तो मुझे बताना ही पड़ेगा। ये तो गोरखपुर है, जहां स्वयं हमारे मुख्यमंत्री विराजमान हैं, वहां ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा?” राज्यपाल ने अपने भाषण में बिजली, पानी, पंखों की व्यवस्था, साफ-सफाई, साथ ही ड्रग्स और शराब से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया। राज्यपाल के इस बयान के बाद गोरखपुर की बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। #Gorakhpur#AnandibenPatel#UPNews #YogiAdityanath #BreakingNews JayRashtraNews

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खेल | Commonwealth Games 2026: भारत ने 39 पदकों के साथ अभियान चौथे स्थान पर समाप्त किया

ग्लासगो: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता 2 अगस्त को समाप्त हुई। भारत के लिए इस बार खास बात यह रही कि कई पारंपरिक पदक वाले खेल इस संस्करण में शामिल ही नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो और एथलेटिक्स सहित उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन किया। भारत की झोली में आए 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज भारत ने प्रतियोगिता के अंत तक 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज, यानी कुल 39 पदक अपने नाम किए। 39 पदकों के साथ भारत चौथे स्थान पर रहा। भारत से ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अन्य शीर्ष दल रहे। भारतीय दल के लिए खास तौर पर बॉक्सिंग में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, जहां कई भारतीय मुक्केबाज फाइनल तक पहुंचे और टीम की पदक संख्या में बड़ा योगदान दिया। बॉक्सिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन भारत के लिए बॉक्सिंग इस कॉमनवेल्थ गेम्स का सबसे सफल खेलों में से एक रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने कई भार वर्गों में पदक हासिल किए और कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक तक पहुंच बनाई। बॉक्सिंग से मिले गोल्ड ने प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत को पदक तालिका में ऊपर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय खिलाड़ियों की इस सफलता को देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वेटलिफ्टिंग में भी भारत का दम वेटलिफ्टिंग भारत के पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों में शामिल रहा है और ग्लासगो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मीराबाई चानू सहित भारतीय वेटलिफ्टरों ने पदक जीतकर टीम के कुल स्कोर को मजबूत किया। वेटलिफ्टिंग में मिले पदकों ने भारत को चौथे स्थान की दौड़ में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जूडो में भारत ने रचा इतिहास जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया। भारत ने इस खेल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं और स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पदक संख्या में इजाफा किया। जूडो में मिली सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि यह उन खेलों में शामिल था जिनमें भारत से इस बार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। इस बार कई बड़े खेल CWG कार्यक्रम से बाहर रहे 2026 का कॉमनवेल्थ गेम्स पिछले संस्करणों की तुलना में काफी अलग रहा। ग्लासगो में आयोजित इस संस्करण में केवल 10 खेलों को शामिल किया गया था। भारत के लिए चिंता की बात यह रही कि हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, कुश्ती, शूटिंग, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे कई ऐसे खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थे, जिनमें भारत आमतौर पर बड़ी संख्या में पदक जीतता है। भारत सरकार के दस्तावेज में भी 2026 के सीमित 10-स्पोर्ट कार्यक्रम और इन खेलों के बाहर रहने का उल्लेख है। इस वजह से 2026 की 39 पदकों की संख्या की तुलना सीधे 2022 के 61 पदकों से करना पूरी तरह समान परिस्थितियों में तुलना नहीं होगी। 2022 में भारत ने जीते थे 61 पदक बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने कुल 61 पदक जीते थे, जिसमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज शामिल थे। 2026 में कुल पदकों की संख्या कम रही, लेकिन इस बार प्रतियोगिता का खेल कार्यक्रम काफी छोटा था। इसके बावजूद भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान बरकरार रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने कई क्षेत्रों में दिखाया दम ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों ने उपलब्ध खेलों में लगातार पदक हासिल किए। बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग के अलावा जूडो तथा अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय दल ने अच्छा प्रदर्शन किया। खास तौर पर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय खेलों के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाई। भारत के लिए चौथा स्थान क्यों महत्वपूर्ण है? सीमित खेल कार्यक्रम को देखते हुए चौथे स्थान पर रहना भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिन खेलों में भारत की मजबूत पदक संभावनाएं रहती हैं, उनमें से कई इस बार प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे। इसके बावजूद भारत ने 39 पदक हासिल किए और पदक तालिका में शीर्ष पांच में जगह बनाए रखी। इससे भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्ध खेलों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सामने आई है। निष्कर्ष Commonwealth Games 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 पदक जीतकर चौथे स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया। बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि इस बार हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, शूटिंग, क्रिकेट जैसे कई महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे, फिर भी भारत ने उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान बरकरार रखा। Source: Olympics.com, Indian Express, NDTV Sports, Commonwealth Games 2026 reports जय राष्ट्र न्यूज़

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