Trump Zelensky ceasefire talks

Trump and Zelensky Discuss War Ceasefire: पुतिन के बाद ट्रंप ने जेलेंस्की से की युद्धविराम पर बात, जल्द खत्म होगी जंग

पिछले तीन साल से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर संभव कोशिश कर रहे हैं। अच्छी बात यह कि उनकी कोशिश रंग भी ला रही है। इस सिलसिले में मंगलवार जो रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत करने के बाद अगले दिन ही डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की  (Trump and Zelensky Discuss War Ceasefire) से घंटे भर बात की। इस बातचीत में उन्होंने शांति समझौते के लिए रूस और यूक्रेन के अनुरोधों और जरूरतों पर चर्चा की। यही नहीं, इस बातचीत की जानकारी उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पर साझा करते हुए कहा कि “अधिकांश चर्चा मंगलवार को राष्ट्रपति पुतिन के साथ की गई बातचीत पर ही आधारित थी, ताकि रूस और यूक्रेन दोनों को उनके अनुरोधों और जरूरतों के अनुसार एक साथ लाया जा सके।” ट्रंप ने कहा कि “हम पूरी तरह से सही रास्ते पर हैं।” बता दें कि ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत में पुतिन ने ट्रंप के 30 दिनों के पूर्ण युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि “वह केवल यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों पर 30 दिनों के लिए हमले रोकने पर सहमत होंगे।” गौर करने वाली बात यह कि ट्रंप इसी प्रस्ताव को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेंलेस्की ने तुरंत स्वीकार कर लिया। इससे यह उम्मीद लगाई जा रही है कि तीन वर्ष से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध जल्द ही समाप्त हो सकता है।  दोनों नेताओं ने इस बातचीत को बढ़िया बताया (Trump and Zelensky Discuss War Ceasefire)  जानकारी के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति पुतिन की ओर से ट्रंप के 30 दिन के पूर्ण युद्ध विराम के प्रयास को ठुकराने के बाद आंशिक युद्ध विराम समझौता हुआ। पुतिन के बाद ट्रंप ने बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से लगभग एक घंटे की बातचीत की। दोनों नेताओं ने इस बातचीत को बढ़िया बताया। बातचीत (Trump and Zelensky Discuss War Ceasefire) के बाद जेलेंस्की ने कहा कि “इस वीकेंड सऊदी अरब में होने वाली तकनीकी वार्ता में यह तय करने की कोशिश की जाएगी कि समझौते के तहत किस प्रकार के बुनियादी ढांचे की रक्षा की जाएगी।” मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी और रूसी नेताओं के बीच मंगलवार को हुई टेलीफोन वार्ता में पुतिन ने प्रस्तावित 30 दिवसीय पूर्ण युद्धविराम को अस्वीकार कर दिया, जिसे यूक्रेन स्वीकार कर चुका है। इस बातचीत पर जेलेंस्की ने कहा कि “मैं वास्तव में नियंत्रण चाहता हूं, लेकिन मेरा मानना ​​है कि इस नियंत्रण का मुख्य एजेंट संयुक्त राज्य अमेरिका होना चाहिए।” इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि “कीव युद्ध विराम के लिए प्रतिबद्ध होने के लिए तैयार होगा।” इसे भी पढ़ें:- नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर बातचीत  (Trump and Zelensky Discuss War Ceasefire) घंटे भर बाद रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर किये हवाई हमले  हैरान करने वाली बात यह कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मंगलवार को फोन पर हुई बातचीत  (Trump and Zelensky Discuss War Ceasefire) को कुछ घंटे भी नहीं हुए कि रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर हवाई हमले कर दिए। दोनों देशों ने ऊर्जा संयंत्रों पर हमले रोकने को लेकर नए समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। खैर, राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों को फिलहाल आंशिक युद्ध विराम के लिए राजी कर तो लिया है लेकिन देखना दिलचस्प होगा कि यह कब लागू होता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump and Zelensky Discuss War Ceasefire #TrumpZelensky #UkraineWar #WarCeasefire #TrumpDiplomacy #ZelenskyTalks #PutinUkraine #RussiaUkraineWar #PeaceTalks #GlobalPolitics #CeasefireEfforts

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Benefits of Bael

Benefits of Bael: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स

बेल (Bael) एक ऐसा फल है, जो भारत से संबंधित हैं। इसका इस्तेमाल खाना बनाने और मेडिसिनल उद्देश्यों से किया जाता है। इसे बुड एप्पल के नाम से भी जाना जाता है। इसके फल के जूस को इसके गूदे के रस को निकाल कर और पानी और अन्य फ्लेवेर्स को मिला कर बनाया जाता है। इस पेड़ के फल, जड़ों, पत्तों आदि का इस्तेमाल दवाईयों में किया जाता है। बेल (Bael) का प्रयोग कब्ज, डायरिया, डायबिटीज और अन्य कंडीशंस में किया जाता है। लेकिन, इसके इस्तेमाल को लेकर कोई साइंटिफिक एविडेंस मौजूद नहीं है। गर्मी के मौसम में इसे हेल्थ के लिए खासतौर पर फायदेमंद माना गया है। आइए जानें बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) के बारे में। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael): पाएं जानकारी करंट रिसर्च इन एग्रीकल्चर और फार्मिंग (Current Research in Agriculture and Farming) के अनुसार बेल (Bael) का फल मीठ, खुशबूदार और बहुत स्वादिष्ट होता है। इसके फल से कैंडी, पंजीरी, टॉफी, जैम आदि उत्पाद बनाए जाते हैं। हेल्थ के लिए यह बहुत फायदेमंद हैं और बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) इस प्रकार हैं: डाइजेशन को सुधारे बेल (Bael) और बेल जूस (Bael juice) में बहुत अधिक मात्रा में डायट्री फाइबर और पेक्टिन होते हैं, जो बाउल मूवमेंट को रेगुलेट करने और डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। यह एक नेचुरल लैक्सटिव की तरह काम करता है, जिससे कब्ज से राहत मिलती है और पेट सही रहता है।  एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज बेल (Bael) में एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) कंपाउंड्स होते हैं जैसे टैनिन्स, फ्लेवोनोइड्स आदि। इससे शरीर को सूजन से राहत पाने में मदद मिलती है। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) और भी कई हैं।  इम्युनिटी बढाए बेल (Bael) विटामिन सी और ए व अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) से भरपूर होता है। यह न्यूट्रिएंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत रखते हैं और इसके साथ ही इससे ब्लड सेल्स की प्रोडक्शन बढ़ती है। यही नहीं, इससे शरीर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से भी बचाव होता है।  डायबिटीज से बचाव बेल (Bael) में मौजूद कंपाउंड जैसे रूटीन और फेरुलिक एसिड ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट बनाए रखते हैं। यह कंपाउंड इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारते हैं और ब्लड ग्लूकोज लेवल को सही बनाए रखते हैं। यही नहीं, इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory)और एंटीमाइक्रोबाइल प्रॉपर्टीज रेस्पिरेटरी ट्रेक्ट को आराम पहुंचाने में मददगार हैं और यह कई रेस्पिरेटरी कंडीशंस जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के लक्षणों को कम करती हैं। स्किन हेल्थ को सुधारे बेल जूस (Bael juice) में मोजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण, विटामिन्स आदि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से स्किन को बचाते हैं। यही नहीं इससे कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है, स्किन की इलास्टिसिटी सुधरती है और प्रीमेच्योर एजिंग से बचाव होता है। यह फल आयरन का भी अच्छा स्त्रोत है और यह प्राकृतिक रूप से ब्लड को साफ करता है। एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए यह फल बहुत फायदेमंद है। हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करे बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) हार्ट हेल्थ से भी संबंधित हैं। बेल (Bael) और बेल जूस (Bael juice) में पोटैशियम और अन्य लाभदायक कंपाउंड्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को सही बनाए रखने में हेल्प करते हैं। यह कंपाउंड हार्ट फंक्शन को सुधारते हैं और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के रिस्क को कम करते हैं। इसे भी पढ़ें: ग्रीन टी पीने से होते हैं ये 6 अद्भुत फायदे, जानें कैसे बनाएं अपने दिन को हेल्दी शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकाले  बेल जूस (Bael juice) नेचुरल डेटोक्सिफाइर की तरह काम करता है, जो शरीर से टॉक्सिन्स यानी हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है। इसमें फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे डाइजेस्टिव सिस्टम के माध्यम से वेस्ट प्रोडक्ट्स को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) यही खत्म नहीं होते। इसमें नेचुरल एंटीमाइक्रोबाइल प्रॉपर्टीज होती है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया और कवक की ग्रोथ कम होती है। गर्मियों में बेल जूस (Bael juice) को नियमित रूप से शामिल करने से प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य को बनाए रखने और बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Benefits of Bael #Anti-inflammatory #BenefitsofBael #Bael  #Baeljuice

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Omega Seiki NRG

Omega Seiki NRG: भारत की सबसे लंबी रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) तेजी से बढ़ रही है और इस दिशा में कई नई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स लॉन्च भी कर रही है। ओमेगा सेकी प्राइवेट लिमिटेड Omega Seiki Pvt. Ltd. एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी है। कंपनी ने हाल ही में अपने नए इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा Omega Seiki NRG को लॉन्च किया। इस वाहन को स्वच्छ ऊर्जा के प्रचारक क्लीन इलेक्ट्रिक के सहयोग से विकसित किया गया है। इसे 3.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर पेश किया गया है। Omega Seiki NRG के फीचर्स और खासियत 300 किमी की रेंज: एक महत्वपूर्ण कदम Omega Seiki NRG की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रेंज है। यह एक बार चार्ज होने पर 300 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकता है। यह दावा किया जा रहा है कि यह भारत का सबसे लंबा रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) है। यह वाहन अपने पेटेंटेड कॉम्पैक्ट 15 kWh बैटरी पैक से चलता है, जिसे क्लीन इलेक्ट्रिक द्वारा विकसित किया गया है। इस बैटरी पैक के साथ, यह ऑटो रिक्शा न केवल लंबी यात्रा के लिए उपयुक्त है, बल्कि कस्टमर्स को इसके साथ 5 साल की बैटरी वारंटी भी दी जा रही है, जो इसकी विश्वसनीयता और दीर्घायु को सुनिश्चित करती है। बेहतर थर्मल प्रबंधन और पर्यावरण के अनुकूल Omega Seiki NRG में क्लीन इलेक्ट्रिक का अभिनव डायरेक्ट कॉन्टैक्ट लिक्विड कूलिंग (DCLC) सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो बैटरी के थर्मल प्रबंधन को बेहतर बनाता है। इस प्रणाली के माध्यम से, वाहन अधिकतम गर्मी और प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी सुचारू रूप से कार्य कर सकता है। खासकर भारत जैसे देश में, जहां गर्मी और मौसम की चुनौतियां बहुत होती हैं, यह सिस्टम वाहन को उच्च तापमान में भी स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। Omega Seiki NRG के फीचर्स इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे Omega Seiki NRG का लॉन्च भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ईवी इकोसिस्टम के बढ़ने के साथ-साथ, इस तरह के वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। Omega Seiki NRG न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को लंबे समय तक चलने वाले और किफायती परिवहन समाधान भी प्रदान करता है। यह वाहन अपने उच्च प्रदर्शन और किफायती रेंज के साथ बाजार में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में उभर सकता है। Omega Seiki NRG ने इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा की दुनिया में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इसकी लंबी रेंज, किफायती कीमत, और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं के साथ, यह निश्चित रूप से भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है। बढ़ते ईवी इकोसिस्टम और तकनीकी नवाचारों के साथ, यह वाहन भारत में स्वच्छ और सस्टेनेबल गतिशीलता के दृष्टिकोण को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Omega Seiki NRG #electricautorickshaw #electricauto #Autorickshaw #OmegaSeikiNRG

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Chahal Dhanashree settlement,

Dhanashree Verma alimony: तलाक के बाद धनश्री वर्मा को इतने करोड़ रुपए देंगे क्रिकेटर युजवेंद्र चहल

लंबे समय से क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और कोरियोग्राफर धनश्री की तलाक की खबरें आ रही थीं, लेकिन दोनों ने इसपर चुप्पी साध रखी थी। दोनों तकरीबन साल भर से अलग रह रहे थे। हालांकि अब दोनों अलग हो चुके हैं। उनका तलाक इसी महीने फाइनल हो गया था। गौर करने वाली बात यह कि दोनों ने कोई ऑफिशियल बयान (Dhanashree Verma alimony) नहीं जारी किया है। जानकारी के लिए बता दें कि युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का तलाक अब पक्का हो गया है। फ़िलहाल दोनों के तलाक का केस फैमिली कोर्ट में हैं। इस बीच आश्चर्य करने वाली बात यह कि 4 साल चली शादी को तोड़ने के लिए युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा इतनी आतुरता दिखाई कि दोनों आपसी सहमति से तलाक लेने पर राजी हो गए। यहां तक उन्होंने शादी बचाने के लिए 6 महीने की कूलिंग ऑफ पीरियड लेने से भी इनकार कर दिया है। जानकारी के मुताबिक बॉम्बे हाईकोर्ट ने तलाक की याचिका के बाद 6 महीने की कूलिंग ऑफ पीरियड को माफ करने की याचिका को मंजूरी दे दी है। जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच ने कहा कि “चहल 21 मार्च से उपलब्ध नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें आईपीएल में हिस्सा लेना है। सो, ऐसी आशंका लगाई जा रही है कि दोनों के तलाक पर 20 मार्च को आखिरी फैसला हो सकता है।  युजवेंद्र चहल धनश्री को देंगे कुल 4 करोड़ 75 लाख (Dhanashree Verma alimony) रुपये  खैर, इसी बीच यह खुलासा हो गया है कि युजवेंद्र तलाक के बाद धनश्री को कितनी रकम (Dhanashree Verma alimony) देने वाले हैं। जानकारी के अनुसार चहल ने धनश्री को 4 करोड़ 75 लाख रुपए की पर्मानेंट एलिमनी देने पर सहमति जताई थी। जिसमें से वो 2 करोड़ 37 लाख पहले ही दे चुके हैं। हालांकि पहले भी कई रिपोर्ट्स सामने आईं थीं, जिसमें कहा गया था कि धनश्री ने 60 करोड़ एलिमनी मांगी थी। हालांकि धनश्री की फैमिली ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसने कभी भी चहल से कोई एलिमनी नहीं मांगी थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ बुधवार को बार एंड बेंच ने रिपोर्ट किया कि सहमति के मुताबिक, क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने कोरियोग्राफर धनश्री वर्मा को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 4.75 करोड़ रुपये देने पर सहमति व्यक्त की है। इसमें से 2.37 करोड़ रुपये पहले ही कोरियोग्राफर को दिए जा चुके हैं। बाकी रकम का भुगतान न होने को पारिवारिक अदालत ने अनुपालन न मानने के रूप में देखा। कुलमिलाकर बार एंड बैंच की रिपोर्ट के मुताबिक युजवेंद्र चहल धनश्री को कुल 4 करोड़ 75 लाख रुपये देंगे। इसे भी पढ़ें:-सिर्फ इस एक छोटी सी वजह के चलते बाप-बेटे ने मिलकर की मां-बेटी की हत्या इस तरह कॉमन फ्रेंड के जरिए हुए मुलाकात  जानकारी के लिए बता दें कि धनश्री वर्मा ने झलक दिखला जा-11 के एक एपिसोड के दौरान युजवेंद्र चहल संग अपनी लव स्टोरी के बारे में खुलासा किया था। उस दौरान उन्होंने बताया कि “किस तरह चहल ने लॉकडाउन के दौरान उनसे डांस सीखने के लिए संपर्क किया था। धनश्री और युजवेंद्र चहल की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के ज़रिए हुई। दरअसल, युजवेंद्र ने अपने उस दोस्त से धनश्री के बारे में पूछा था। और पूछने के बाद वो धनश्री की डांस क्लास में गए थे। इस बीच युजवेंद्र उनसे डांस सीखने लगे। धीरे-धीरे दोनों की बातचीत होने लगी। बातचीत आगे बढ़ी तो एक दिन युजवेंद्र ने धनश्री से पूछा कि “वह वीकेंड पर क्या करती हैं?” धनश्री ने बताया कि “वह वीकेंड पर अपने परिवार के साथ समय बिताती हैं? फिर युजवेंद्र ने उन्हें कॉफी डेट पर चलने को कहा। दोनों मन ही मन एक दूसरे को पसंद करने लगे थे। कुछ ही मुलाकातों के बाद ही युजवेंद्र ने धनश्री को शादी के लिए प्रपोज कर दिया। फिर कुछ समय बाद ही दोनों ने शादी कर ली। लेकिन शादी के 4 साल बात अंततः दोनों ने आपसी रजामंदी से (Dhanashree Verma alimony) तलाक ले लिया। बता दें धनश्री और युजवेंद्र चहल साल 2020 में शादी के बंधन में बंधे थे।  Latest News in Hindi Today Hindi News Dhanashree Verma alimony #DhanashreeVerma #YuzvendraChahal #ChahalDivorce #CelebrityNews #CricketGossip #DhanashreeAlimony #BollywoodCricket #DivorceSettlement #TrendingNews #CelebrityDivorce

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Sheetala Ashtami 2025 Date, Puja Muhurat & Rituals

शीतला अष्टमी 2025: 22 मार्च को मनाई जाएगी, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) का विशेष महत्व है। यह त्योहार देवी शीतला की आराधना के लिए मनाया जाता है। देवी शीतला को स्वास्थ्य और स्वच्छता की देवी माना जाता है। शीतला अष्टमी के दिन देवी की पूजा करने से भक्तों को स्वास्थ्य लाभ मिलता है और संक्रामक रोगों से सुरक्षा प्राप्त होती है। इस दिन देवी शीतला की पूजा करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है। शीतला अष्टमी का महत्व शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) का त्योहार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन देवी शीतला की पूजा करने से भक्तों के सभी रोग दूर हो जाते हैं और उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिलता है। देवी शीतला की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इस दिन बासी भोजन का प्रसाद बनाकर देवी को अर्पित किया जाता है। शीतला अष्टमी 2025 की तिथि और मुहूर्त साल 2025 में शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) 22 मार्च, शुक्रवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च 2025 को सुबह 4:23 बजे शुरू होगी और 23 मार्च 2025 को सुबह 5:23 बजे समाप्त होगी।  मान्यता है कि इस दिन माता शीतला की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और वे चेचक जैसी बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं। शीतला अष्टमी पूजा विधि शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। इसके बाद देवी शीतला की मूर्ति या चित्र को स्थापित करके उनकी पूजा की जाती है। पूजा में देवी शीतला को जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से स्नान कराया जाता है। इसके बाद उन्हें फूल, धूप, दीप और प्रसाद अर्पित किया जाता है। शीतला अष्टमी के दिन बासी भोजन का प्रसाद बनाकर देवी को अर्पित किया जाता है। शीतला अष्टमी के दिन क्या करें? इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ शीतला अष्टमी के दिन क्या न करें? शीतला अष्टमी पर विशेष आयोजन शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) के दिन देश के प्रसिद्ध शीतला मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख मंदिर हैं: Latest News in Hindi Today Hindi news Sheetala Ashtami #SheetalaAshtami2025 #SheetalaAshtami #HinduFestivals #ShubhMuhurat #PujaVidhi #SheetalaMata #VratKatha #Festival2025 #IndianTradition #Spirituality

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Abhishek Bachchan-ETPL

बॉलीवुड स्टार अभिषेक बच्चन बनें यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग के प्रमोटर और को-फाउंडर

क्रिकेट लवर्स के लिए एक और मैच T20 लीग की शुरुआत होने वाली है। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League {ETPL}) का पहला सीजन 15 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें यूरोप के तीन देश आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड की टीमें खेलेंगी। इस लीग में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें शामिल होंगी और इन टीमों के बीच कुल 33 मैच खेले जाएंगे। यह लीग न केवल यूरोप के क्रिकेट स्तर को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है माना जा रहा है। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग का उद्देश्य यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) का मुख्य उद्देश्य यूरोप में क्रिकेट को एक नया मंच प्रदान करना है। इस लीग के आयोजन से वहां के क्षेत्रीय प्रतिभाओं को पहचान मिल सकेगी और स्थानीय स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा यह लीग यूरोपियन क्रिकेट को एक वैश्विक मंच पर लाने का भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यूरोपीय देशों में क्रिकेट (Cricket) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और यह लीग इस खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी। इस लीग के आयोजन का निर्णय तीन देशों आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड ने मिलकर लिया है। यह इन देशों के बीच क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व सहयोग और साझेदारी का उदाहरण है। खास बात यह है कि इन देशों के क्रिकेट बोर्ड एक साथ मिलकर इस लीग को आयोजित करेंगे, जो कि आम तौर पर किसी एक देश के क्रिकेट बोर्ड द्वारा किया जाता है। अभिषेक बच्चन का योगदान इस लीग को लेकर बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) काफी उत्साहित हैं। वह इस लीग के प्रमोटर और को-फाउंडर हैं। अभिषेक ने 18 मार्च को डबलिन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में इस लीग के बारे में बात करते हुए कहा, “यह लीग यूरोप में क्रिकेट को नया जीवन देने का एक शानदार अवसर है। मैं इस लीग का हिस्सा बनने को लेकर बहुत उत्साहित हूं। इसका उद्देश्य न केवल यूरोप में क्रिकेट को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय टैलेंट को भी पहचान देना है।”अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) का मानना है कि ETPL न केवल यूरोपीय क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी, बल्कि यह फैन्स और परिवारों के लिए एक सांस्कृतिक अनुभव भी प्रस्तुत करेगी। इस लीग से परिवार और मित्र एक साथ बैठकर क्रिकेट का आनंद ले सकेंगे और इस खेल के प्रति उनका प्यार और बढ़ेगा। इसे भी पढ़ें: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर फ्रैंचाइजी आधारित टूर्नामेंट यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) एक फ्रैंचाइजी-आधारित टूर्नामेंट होगा, जिसमें फ्रैंचाइजी टीमों के मालिक और खिलाड़ियों का चयन ड्राफ्ट सिस्टम के जरिए किया जाएगा। यह लीग अन्य सफल T20 लीगों के फॉर्मेट पर आधारित होगी, जैसे कि आईपीएल, बीपीएल और बिग बैश लीग। हालांकि, इस लीग का एक अलग पहलू यह है कि इसमें तीन देशों के क्रिकेट बोर्ड (Cricket Board) एक साथ मिलकर काम करेंगे, जो अपने आप में एक अनोखा पहलू है। इस लीग में कुल 33 मैच खेले जाएंगे, जो डबलिन और रॉटरडैम में आयोजित किए जाएंगे। इन मैचों से यूरोपीय क्रिकेट (European Cricket) में नई जान फूंकने की उम्मीद जताई जा रही है। यूरोपीय क्रिकेट फैंस को अब अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को एक नई लीग में खेलते हुए देखने का मौका मिलेगा, जो निश्चित ही उनके लिए एक शानदार अनुभव होगा। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) का आगाज यूरोप में क्रिकेट के खेल को एक नई दिशा देने वाला है। यह लीग न केवल यूरोपीय क्रिकेट को विश्व स्तर पर पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय और क्षेत्रीय क्रिकेट प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करेगी। अभिषेक बच्चन जैसे बड़े नामों के साथ, यह लीग निश्चित ही दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनेगी। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग का पहला सीजन 15 जुलाई से शुरू होगा और इससे समर में रोमांचक T20 क्रिकेट (T20 Cricket) का आनंद मिलेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news European T20 Premier League #EuropeanT20PremierLeague #T20Cricket #CricketBoard #EuropeanCricket #ETPL

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Netanyahu on Gaza

Netanyahu on Gaza: गाजा हमले में 400 लोगों की मौत के बाद नेतन्याहू ने कहा, अभी तो ये शुरुआत भर है

तकरीबन दो महीने तक इजरायल (Israel) और हमास के बीच चला युद्धविराम आखिरकार टूट गया। दरअसल, हमास द्वारा शेष बंधकों की रिहाई नहीं किए जाने के चलते मंगलवार को इजरायल ने (Netanyahu on Gaza) गाजा पट्टी पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ बमबारी की। इस बमबारी में तकरीबन 400 से ज्यादा फलस्तीनी नागरिक मारे गए और 560 से अधिक घायल हुए हैं। इस हमले को तब अंजाम दिया गया जब रजमान के दौरान लोग तड़के सहरी की तैयारी कर रहे थे। विदित हो कि जनवरी में युद्ध विराम प्रभावी होने के बाद गाजा पर इजरायल का यह सबसे बड़ा हवाई हमला है। कहने की जरूरत नहीं इजरायली हमलों से गाजा में एक बार फिर लोग दहशत में हैं। गाजा के अस्पतालों में शवों का अंबार लग गया है। जानकारी के मुताबिक गाजा में “हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 404 लोगों की मौत हुई है और 560 ज्यादा घायल हुए हैं। कहा जा रहा है कि इस हमले से पहले इजरायल ने ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस के साथ विचार-विमर्श किया था। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा कि “हमास युद्ध विराम को आगे बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन उसने इन्कार कर दिया और युद्ध का रास्ता चुना।”  प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा (Netanyahu on Gaza) कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि (Netanyahu on Gaza) इजरायल ने युद्धविराम को कई सप्ताह तक बढ़ाया, जिस दौरान हमें बंधक नहीं मिले।” उन्होंने आगे कहा कि “बातचीत करने वाली टीमों को कतर और मिस्र भेजा गया, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। हमास को और अधिक बंधकों को रिहा करने के लिए राजी करने की कोशिश हुई, लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला, जिसके कारण यह आखिरी उपाय था।” नेतन्याहू ने कहा कि “हमास ने बंधक रिहाई का पहला चरण खत्म होने के बाद अभी भी 59 लोगों को रिहा करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इनमें से 24 के जिंदा होने की उम्मीद है।” यही नहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है।” उन्होंने जोर देते हुए आगे कहा कि “गाजा पर हवाई हमले सिर्फ शुरुआत हैं। युद्ध विराम के लिए सभी वार्ताएं युद्ध के दौरान ही होंगी।” एक बयान में उन्होंने  यह भी कहा कि “इजरायल तब तक आगे बढ़ता रहेगा जब तक वह युद्ध के अपने सभी लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता। इन लक्ष्यों को हासिल करने से इजरायल को कोई नहीं रोक सकता। बता दें कि इन लक्ष्यों में हमास का सफाया और उसके कब्जे से सभी बंधकों की रिहाई शामिल है।”  जब तक जरूरत होगी, तब तक जारी रहेंगे हमले (Netanyahu on Gaza) इस बीच इजरायली सेना ने कहा कि “उसने दर्जनों लक्ष्यों पर हमला (Netanyahu on Gaza) किया। हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक जरूरत होगी।” इसके अलावा सेना ने लोगों को पूर्वी गाजा खाली करने का निर्देश दिया है। बेशक इससे आशंका जताई जा रही है कि संभवतः इजरायली सेना गाजा में फिर से जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। इजरायल ने कहा है कि वह हमास के कब्जे से बंधकों को मुक्त कराने के लिए और ज्यादा बल का प्रयोग करेगा। तो वहीं, हमास ने इजरायल पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने और स्थायी शांति के लिए मध्यस्थों के प्रयासों को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। यही नहीं, इजरायल ने पिछले दो सप्ताह से गाजा के लिए सहायता आपूर्ति रोक रखी है। इसकी वजह से मानवीय संकट गहरा गया है।  इसे भी पढ़ें:- इजराइल ने युद्धविराम तोड़ गाजा पर किया हवाई हमला, 200 से अधिक लोगों की हुई मौत अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो और भी तेज होगा ऑपरेशन  बता दें कि सात अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला किया था। हमास के इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे। 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के सफाए के लिए गाजा में सैन्य अभियान चला रखा था। 15 महीने तक चले इस अभियान में गाजा में तकरीबन 48 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस नरसंहार के बाद जनवरी में इजरायल और हमास के बीच छह सप्ताह के लिए युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए समझौता हुआ था। बता दें कि अभी भी हमास के कब्जे में 59 बंधक हैं। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि “अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो ऑपरेशन (Netanyahu on Gaza) और भी तेज हो जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Netanyahu on Gaza Israel #IsraelGazaConflict #GazaUnderAttack #Netanyahu #MiddleEastCrisis #WarNews #BreakingNews #Palestine #Israel #GazaCrisis #GlobalConflict

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Lado Lakshmi Scheme

हरियाणा सरकार का 2025-26 का बजट और ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की घोषणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जो राज्य की महिलाओं के लिए बड़ी राहत का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) के तहत हरियाणा की महिलाओं के लिए 5000 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए वादे का हिस्सा है, जिसमें पार्टी ने सत्ता में लौटने के बाद महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह देने की बात की थी। लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत कुल 5000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना हरियाणा की महिलाओं को एक नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने का अवसर मिलेगा। योजना का नाम लाडो लक्ष्मी (Lado Lakshmi) रखा गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण का निर्माण करना है। लाडो लक्ष्मी योजना का किन-किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ? इस योजना के तहत हरियाणा की सभी महिलाओं को 2100 रुपये की मासिक सहायता नहीं मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं। इसके अनुसार केवल वही महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त करेंगी जो इन शर्तों को पूरा करेंगी: बीपीएल राशन कार्ड – इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके पास सक्रिय बीपीएल (Below poverty line) राशन कार्ड है। यह कार्ड यह सुनिश्चित करता है कि महिला आर्थिक दृष्टि से जरूरतमंद है और राज्य सरकार से सहायता की पात्र है। परिवार पहचान पत्र – योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए महिला के पास परिवार पहचान पत्र (FPP) होना आवश्यक है। यह पहचान पत्र राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है और इसमें परिवार की सभी जानकारी होती है, जो महिला के परिवार से संबंधित होती है। बैंक खाता और आधार लिंक – महिलाओं के बैंक खाते को उनके आधार कार्ड (Aadhar Card) के साथ लिंक करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय सहायता सीधे महिला के खाते में पहुंचे और कोई धोखाधड़ी न हो। यदि कोई शर्त पूरी न हो तो क्या होगा? यदि किसी महिला के पास बीपीएल राशन कार्ड नहीं है, परिवार पहचान पत्र नहीं है या उसका बैंक खाता (Bank Account) आधार से लिंक नहीं है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। यह तीनों शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो महिला के खाते में हर महीने 2100 रुपये की सहायता राशि नहीं पहुंचेगी। इसलिए, जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ चाहिए, उन्हें इन शर्तों को समय रहते पूरा करना होगा। इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे योजना का उद्देश्य और राज्य के विकास में योगदान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने इस योजना के तहत महिलाओं को एक आर्थिक समर्थन प्रदान करने के साथ-साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी और उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर देगी। इसके अतिरिक्त, इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं की मदद करना है जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं और जिन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाई हो रही है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं के उत्थान के लिए है, बल्कि इससे हरियाणा की समग्र विकास प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी और राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। हरियाणा सरकार का लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का फैसला राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता मिल रही है, जो उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। हालांकि, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करेंगी। ऐसे में महिलाओं के लिए यह जरूरी होगा कि वह इन शर्तों को पूरा करके इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना से न केवल महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Lado Lakshmi Scheme #LadoLakshmiScheme #Money #CMNayabSinghSaini #Haryana #NayabSinghSaini

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Papmochani Ekadashi 2025 date

पापमोचनी एकादशी 2025: पुण्य प्राप्ति और पापों से मुक्ति का पावन अवसर

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और पापमोचनी एकादशी इनमें से एक अत्यंत पवित्र और फलदायी एकादशी मानी जाती है। यह व्रत चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 25 मार्च को पड़ रही है। इस दिन मां तुलसी की विशेष पूजा करने से पापों से मुक्ति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि पापमोचनी एकादशी पर कैसे करें मां तुलसी की पूजा और इस व्रत का क्या है महत्व। पापमोचनी एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त साल 2025 में पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 25 मार्च को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 25 मार्च को  सुबह 05:05 बजे से शुरू होकर 26 मार्च को रात 03:45 बजे तक रहेगी। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने का विशेष महत्व है। पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह 06:15 बजे से 08:45 बजे तक पूजा करने का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पापमोचनी एकादशी का महत्व पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत पापों से मुक्ति और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन मां तुलसी की पूजा करने से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi)  के दिन व्रत रखने और मां तुलसी (Maa Tulsi)  की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी होता है, जो अपने पापों से मुक्ति चाहते हैं। पापमोचनी एकादशी की पूजा विधि इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ तुलसी पूजा मंत्र (Tulsi Puja Mantra) 1. वृंदा देवी-अष्टक: गाङ्गेयचाम्पेयतडिद्विनिन्दिरोचिःप्रवाहस्नपितात्मवृन्दे । बन्धूकबन्धुद्युतिदिव्यवासोवृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥ 2. ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ॥ 3. समस्तवैकुण्ठशिरोमणौ श्रीकृष्णस्य वृन्दावनधन्यधामिन् । दत्ताधिकारे वृषभानुपुत्र्या वृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥ नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Papmochani Ekadashi #PapmochaniEkadashi #EkadashiVrat #HinduFestivals #PapmochaniEkadashi2025 #LordVishnu #Spirituality #FastingBenefits #HinduReligion #PunyaKarma #VratKatha

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Aadhar Card Link ToVoter ID

चुनाव आयोग का बड़ा कदम: वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला

भारत में लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण अंग यानी चुनाव हमेशा पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर देते हैं। लेकिन समय-समय पर चुनावों में फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी (Voter ID) और अन्य धोखाधड़ी के मामलों की रिपोर्ट सामने आती रही हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला लिया है। इस कदम से न केवल चुनावों की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी की समस्या पर भी रोक लगेगी। बैठक में लिया गया फैसला मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव आयोग (Election Commission) के मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनाव आयोग के अन्य सदस्य डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी शामिल थे। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, यूआईडीएआई के सीईओ और चुनाव आयोग के तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद थे। इस बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि वोटर आईडी को आधार कार्ड से जोड़ने का काम संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत किया जाएगा, जो भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकेज का उद्देश्य भारत में प्रत्येक नागरिक के पास एक आधार कार्ड (Aadhar Card) होता है, जो उसकी पहचान को प्रमाणित करता है। वहीं, वोटर आईडी भी नागरिक को मतदान करने का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन चुनावी प्रक्रिया में फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी का मामला हमेशा से एक गंभीर मुद्दा रहा है। इस लिंकिंग का मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रत्येक व्यक्ति के वोटिंग रिकॉर्ड की पुष्टि आधार कार्ड के माध्यम से की जा सके, जिससे चुनावी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सके। इसके अलावा, फर्जी वोटिंग, जाली वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) बनाने और चुनावी धोखाधड़ी के मामलों पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। इससे चुनावों में पूरी तरह से पारदर्शिता आएगी और यह सुनिश्चित होगा कि केवल वही लोग मतदान कर रहे हैं, जो वास्तव में भारतीय नागरिक हैं। विशेषज्ञों से तकनीकी परामर्श चुनाव आयोग (Election Commission) और यूआईडीएआई के विशेषज्ञ (UIDAI Expert) जल्द ही आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकिंग पर तकनीकी परामर्श शुरू करेंगे। इसके बाद इस प्रक्रिया को लागू किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित हो, इस पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। चुनाव आयोग ने भी इस बात पर जोर दिया है कि लिंकिंग का काम संवैधानिक और कानूनी दायरे में किया जाएगा, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। चुनाव आयोग का बयान चुनाव आयोग (Election Commission) ने अपने एक बयान में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत, मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को दिया जा सकता है, लेकिन आधार केवल व्यक्ति की पहचान को प्रमाणित करता है। इसलिए, वोटर आईडी कार्ड (ईपीआईसी) को आधार कार्ड से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23 (4), 23 (5) और 23 (6) के प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले (2023) के अनुरूप लिया गया है। इसके अलावा आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून मतदाता सूचियों को आधार डेटाबेस के साथ स्वैच्छिक रूप से जोड़ने की अनुमति देता है, जिससे लोगों को अपनी जानकारी अपडेट करने में आसानी होगी। इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब चुनावों में फर्जी वोटिंग (Fake Voters) और वोटर पहचान से संबंधित मुद्दे लगभग खत्म हो जाएंगे। इसके अलावा, मतदाता सूची में भी सुधार होगा, जिससे वोटर आईडी के साथ कोई भी झूठा नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, जो लोकतंत्र की आत्मा है। इसके अलावा, यह फैसला चुनाव आयोग को यह सुविधा देगा कि वह एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार कर सके, जिससे चुनावी प्रबंधन में भी आसानी होगी। वोटर आईडी (Voter ID) को आधार कार्ड (Aadhar Card) से लिंक करने का चुनाव आयोग का यह कदम भारतीय लोकतंत्र को और भी मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी कार्ड (Fake Voter ID Card) और अन्य चुनावी धोखाधड़ी से निपटने में मदद करेगा। साथ ही, यह चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाएगा। अब यह देखना होगा कि यह प्रक्रिया कब लागू होती है और इसे कैसे तकनीकी दृष्टिकोण से सही तरीके से लागू किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Aadhar Card Link ToVoter ID #AadhaarCard #VoterID #FakeVoterID #ElectionCommission #AadharCardLinkToVoterID

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