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Nifty लगातार 5 हफ्ते की गिरावट के बाद Crucial Support Zone पर; Crude Oil और Fed Policy तय करेंगे Market की चाल

मुंबई, 13 सितंबर 2026: Indian stock market लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है और Nifty 50 अब महत्वपूर्ण support zone के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को Nifty 23,398.10 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 74,781.76 पर रहा। आने वाले सप्ताह में crude oil prices, US Federal Reserve की policy meeting और foreign investor flows market की दिशा तय करने वाले प्रमुख factors रहेंगे। 5 हफ्तों से लगातार गिर रहा Nifty पिछले सप्ताह Nifty करीब 2.09% गिरा, जबकि Sensex में लगभग 2.26% की कमजोरी दर्ज हुई। दोनों benchmark indices तीन महीने के निचले स्तर तक पहुंचे। Nifty Bank लगातार तीसरे सप्ताह और Midcap index लगातार दूसरे सप्ताह गिरा। Realty sector पर सबसे ज्यादा दबाव रहा, जबकि healthcare और pharma stocks ने comparatively बेहतर प्रदर्शन किया। 23,000–23,300 बना अहम Support Zone Market analysts के मुताबिक Nifty के लिए 23,000 से 23,300 का zone बेहद महत्वपूर्ण है। Index फिलहाल कई key moving averages के नीचे कारोबार कर रहा है। अगर यह support zone बना रहता है तो lower levels पर buying देखने को मिल सकती है, लेकिन इसके नीचे sustained fall market में और weakness बढ़ा सकता है। Brent Crude $104 के ऊपर Indian market के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में elevated crude oil prices शामिल हैं। Brent crude शुक्रवार को $104.61 प्रति barrel पर settle हुआ और सप्ताह के दौरान $110 के करीब भी पहुंचा था। Crude prices लंबे समय तक $100 के ऊपर रहने से India का import bill, inflation और rupee पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर corporate margins और stock market sentiment पर पड़ सकता है। 15-16 September को US Fed Meeting इस सप्ताह investors की सबसे ज्यादा नजर US Federal Reserve की 15–16 September FOMC meeting पर रहेगी। Policy decision 16 September को जारी होगा और इसके साथ नए economic projections भी सामने आएंगे। Market में rate hike की संभावना को लेकर uncertainty बनी हुई है। Fed का decision dollar, global bond yields, emerging markets और foreign investment flows पर सीधा असर डाल सकता है। Foreign Investors की Selling भी चिंता September के शुरुआती दो हफ्तों में foreign portfolio investors ने Indian equities से करीब ₹13,138 करोड़ निकाले हैं। Rising crude prices, higher US bond yields और strong dollar को इस selling के प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। Monday को Market रहेगा बंद आने वाला trading week holiday-shortened रहेगा। Ganesh Chaturthi के कारण सोमवार को Indian stock market बंद रहेगा और trading मंगलवार से शुरू होगी। इसलिए Tuesday session में crude oil, global bond yields और Fed meeting से पहले की expectations का असर एक साथ देखने को मिल सकता है। source – The Economic Times / Moneycontrol / Federal Reserve जय राष्ट्र न्यूज़

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शेयर बाजार में जोरदार वापसी! Sensex 592 अंक चढ़ा, Nifty ने 24,200 का स्तर फिर हासिल किया

नई दिल्ली: लगातार कई कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने 20 अगस्त 2026 को जोरदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में Sensex 592.55 अंक चढ़कर 77,504.80 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 147 अंक बढ़कर 24,200 के ऊपर पहुंच गया। बाद में तेजी और मजबूत हुई और Sensex करीब 700 अंक तथा Nifty 24,265 के आसपास तक पहुंच गया। सात दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक बाजार में यह तेजी खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Nifty इससे पहले लगातार सात कारोबारी सत्रों में गिरावट दर्ज कर चुका था। 19 अगस्त को Nifty 24,078.30 और Sensex 76,909.68 पर बंद हुए थे। आज की तेजी ने निवेशकों को राहत दी और बाजार में फिर से खरीदारी का माहौल देखने को मिला। IT और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी आज की तेजी में IT और वित्तीय शेयर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। शुरुआती कारोबार में IT इंडेक्स करीब 1.4% चढ़ा, जबकि वित्तीय शेयरों में भी मजबूती रही। व्यापक बाजार में भी Midcap और Smallcap इंडेक्स हरे निशान में रहे। इससे संकेत मिला कि निवेशक हालिया गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में दोबारा खरीदारी कर रहे हैं। US Bond Yields में गिरावट से बाजार को सहारा आज की तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी रहा। अमेरिका के Treasury Department ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की buyback operations का आकार बढ़ाने की घोषणा की, जिससे वैश्विक बॉन्ड बाजार में sentiment बेहतर हुआ। US 10-year और 30-year Treasury yields में गिरावट ने emerging markets समेत जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों का रुझान बेहतर किया। Global Markets से भी मिले सकारात्मक संकेत भारतीय बाजार को एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। वैश्विक बाजारों में sentiment सुधरने के बाद घरेलू निवेशकों ने भी खरीदारी बढ़ाई। Reuters के अनुसार आज Sensex करीब 0.66% और Nifty करीब 0.50% ऊपर खुला। Crude Oil और Iran तनाव पर नजर हालांकि बाजार की पूरी तस्वीर अभी भी जोखिम से मुक्त नहीं है। Iran-US तनाव और ऊंचे crude oil prices भारतीय बाजार के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं। पिछले दिनों Brent crude करीब $92 प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जिससे inflation और भारत के import bill को लेकर चिंता बढ़ी थी। इसलिए आज की तेजी को फिलहाल strong rebound के रूप में देखा जा रहा है, न कि लंबी अवधि की तेजी की पक्की शुरुआत के रूप में। निवेशकों के लिए राहत, लेकिन सावधानी जरूरी आज की तेजी ने बाजार में भरोसा जरूर लौटाया है, लेकिन लगातार ऊंचे तेल दाम, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और Middle East geopolitical tensions अभी भी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं। अगर Nifty 24,200 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो बाजार में recovery का momentum आगे बढ़ सकता है। वहीं इस स्तर से नीचे फिसलने पर हालिया volatility दोबारा बढ़ सकती है। स्रोत: Reuters, Business Standard, Amar Ujala Jai Rashtra News

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GIFT Nifty के सकारात्मक संकेतों के बीच शेयर बाजार की शुरुआत पर निवेशकों की नजर

मुंबई, 6 जुलाई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन GIFT Nifty से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू और वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां तथा प्रमुख आर्थिक घटनाक्रम आज के कारोबार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सकारात्मक संकेतों से बढ़ी उम्मीद प्री-ओपन संकेतों में GIFT Nifty की मजबूती ने बाजार में सकारात्मक माहौल का संकेत दिया है। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि वैश्विक बाजारों का रुख अनुकूल रहा तो घरेलू बाजार की शुरुआत भी मजबूत हो सकती है। वैश्विक बाजारों पर रहेगी नजर विशेषज्ञों के अनुसार एशियाई और अमेरिकी बाजारों के रुझान, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर इंडेक्स तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां भारतीय बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। किन सेक्टरों पर रहेगा फोकस आज बैंकिंग, आईटी, ऑटो, पूंजीगत सामान (Capital Goods), ऊर्जा और वित्तीय सेवा क्षेत्रों के शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर रहने की संभावना है। यदि बाजार में सकारात्मक धारणा बनी रहती है तो इन क्षेत्रों में अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए सलाह बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को केवल शुरुआती तेजी या गिरावट के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी के मूलभूत पक्ष, बाजार की स्थिति और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करना आवश्यक है। वैश्विक घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाएं, केंद्रीय बैंकों की नीतियां, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और विदेशी निवेश का प्रवाह भारतीय शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए निवेशकों की नजर इन सभी संकेतकों पर बनी रहेगी। विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत रहते हैं और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक समर्थन मिलता है, तो बाजार में निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो सकता है। हालांकि किसी भी उतार-चढ़ाव की स्थिति में सतर्क निवेश रणनीति अपनाना जरूरी रहेगा। आगे की राह आज के कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर सेंसेक्स, निफ्टी, GIFT Nifty, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के रुझानों पर रहेगी। दिनभर के कारोबार के बाद बाजार की वास्तविक दिशा अधिक स्पष्ट हो सकेगी। स्रोत:राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों से संबंधित सार्वजनिक जानकारी और बाजार विश्लेषण। मूल रिपोर्ट:6 जुलाई 2026 तक उपलब्ध बाजार संकेतों और सार्वजनिक वित्तीय अपडेट के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक उछला, निफ्टी 24,150 के पार; आईटी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी

मुंबई, 2 जुलाई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को मजबूत वैश्विक संकेतों और निवेशकों की खरीदारी के चलते शानदार तेजी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 24,150 के स्तर के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार की इस तेजी में आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आईटी और बैंकिंग शेयरों ने संभाला बाजार कारोबार के दौरान प्रमुख आईटी और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों की सकारात्मक धारणा और मजबूत वैश्विक संकेतों के कारण इन सेक्टरों ने बाजार को मजबूती प्रदान की। बड़े बैंकों और प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में बढ़त से प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बने रहे। वैश्विक संकेतों का मिला समर्थन विश्लेषकों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, विदेशी निवेशकों की सक्रियता और वैश्विक आर्थिक माहौल में सुधार की उम्मीद ने भारतीय बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इससे बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। किन सेक्टरों में रही तेजी? आज के कारोबार में विशेष रूप से— से जुड़े शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। हालांकि कुछ रक्षात्मक सेक्टरों में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशकों की रणनीति बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान तेजी के बावजूद निवेशकों को मजबूत बुनियादी कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कंपनियों के तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। विदेशी निवेशकों की भूमिका विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी और घरेलू निवेशकों के मजबूत भरोसे ने बाजार की तेजी को समर्थन दिया। यदि यह रुझान जारी रहता है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिल सकता है। आगे क्या? विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम, वैश्विक ब्याज दरों से जुड़े संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख भारतीय शेयर बाजार की चाल तय करेंगे। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान सोच-समझकर निवेश संबंधी निर्णय लें। स्रोत:बीएसई (BSE), एनएसई (NSE) एवं बाजार से संबंधित आधिकारिक कारोबारी आंकड़े। मूल रिपोर्ट:2 जुलाई 2026 के कारोबारी सत्र के दौरान उपलब्ध बाजार आंकड़ों और प्रमुख सूचकांकों के प्रदर्शन के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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निफ्टी में Eternal, Adani Enterprises और Nestlé India चमके, HCLTech, Tech Mahindra और TCS में रही गिरावट

मुंबई, 1 जुलाई। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार के कारोबार के दौरान निफ्टी 50 में मिले-जुले रुख के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि आईटी सेक्टर के कई बड़े शेयर दबाव में रहे। कारोबार के दौरान Eternal, Adani Enterprises और Nestlé India निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर HCLTech, Tech Mahindra और TCS में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी के टॉप गेनर्स बाजार में खरीदारी के चलते निम्नलिखित शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली— विश्लेषकों के अनुसार इन शेयरों में सेक्टर-विशिष्ट खरीदारी, सकारात्मक कारोबारी संकेत और निवेशकों की मजबूत रुचि के कारण बढ़त दर्ज की गई। IT सेक्टर पर दबाव बुधवार के कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयर अपेक्षाकृत कमजोर रहे। प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे— विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक टेक सेक्टर से जुड़े संकेत, विदेशी निवेशकों की रणनीति और मुनाफावसूली के कारण आईटी शेयरों में दबाव देखने को मिला। बाजार की चाल पर वैश्विक असर निवेशकों की नजर अमेरिका और यूरोप के आर्थिक संकेतकों, वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर बनी हुई है। इन कारकों का भारतीय शेयर बाजार की दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ रहा है। निवेशकों की रणनीति बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को मजबूत बुनियादी (Fundamentally Strong) कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए और अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। किन सेक्टरों पर रही नजर? आज के कारोबार में निवेशकों का फोकस मुख्य रूप से— सेक्टरों पर रहा। इनमें एफएमसीजी और कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि आईटी सेक्टर दबाव में दिखाई दिया। आगे क्या? विश्लेषकों के अनुसार आने वाले कारोबारी सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंकों के फैसले भारतीय बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्रोत:NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) एवं बाजार से संबंधित आधिकारिक कारोबारी आंकड़े। मूल रिपोर्ट:1 जुलाई 2026 के कारोबारी सत्र के दौरान उपलब्ध बाजार आंकड़ों और निफ्टी 50 के प्रदर्शन के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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