दिल्ली यूनिवर्सिटी में महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन, बारिश के बीच सड़कों पर उतरीं छात्राएं
नई दिल्ली: दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच Delhi University (DU) की सैकड़ों छात्राओं ने North Campus में विरोध मार्च निकाला। भारी बारिश के बावजूद छात्राएं Miranda House से Faculty of Arts तक पहुंचीं और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान, बेहतर street lighting, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की आवाजाही पर पाबंदियों के बजाय अपराध रोकने के ठोस उपायों की मांग की। यह एक सप्ताह के भीतर महिला सुरक्षा को लेकर DU छात्रों का तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन था। Miranda House से Faculty of Arts तक निकला मार्च 28 सितंबर को छात्राओं ने ‘Hum Auratein Azaad Hain’ अभियान के तहत विरोध मार्च आयोजित किया। Miranda House की छात्राओं ने कॉलेज से मार्च शुरू किया, जबकि दूसरे कॉलेजों की छात्राएं Faculty of Arts के पास प्रदर्शन में शामिल हुईं। बारिश के बावजूद प्रदर्शन में जुटीं सैकड़ों छात्राएं प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में तेज बारिश हुई, लेकिन छात्राएं हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर मार्च करती रहीं। प्रदर्शन में DU के अलग-अलग कॉलेजों की छात्राओं के साथ queer community के सदस्य भी शामिल हुए। Aastha Kunj की घटना के बाद बढ़ा आक्रोश महिला सुरक्षा को लेकर ये प्रदर्शन दक्षिण दिल्ली के Aastha Kunj Park में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद शुरू हुए। छात्राओं का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के बाद महिलाओं को घर से बाहर न निकलने की सलाह देना समाधान नहीं है। प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने पर ध्यान देना चाहिए। ‘रातों पर भी हक है हमारा’ के लगे नारे प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने महिला सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े कई नारे लगाए। तख्तियों पर ‘Raaton Par Bhi Haq Hai Hamara’, ‘We Should Not Need A Protest To Feel Safe’ और ‘Pinjra Todna Nahi Chhodenge’ जैसे संदेश लिखे दिखाई दिए। Street Lights और Unsafe Routes पर उठाए सवाल कई छात्राओं ने कॉलेज और PG तक जाने वाले रास्तों पर खराब या गायब street lights को बड़ी समस्या बताया। छात्राओं ने कहा कि कई रास्ते रात में अंधेरे रहते हैं और वहां पर्याप्त सुरक्षा या निगरानी नहीं होती, जिससे उन्हें अकेले आने-जाने में डर महसूस होता है। परिवार की पाबंदियों पर भी हुई चर्चा प्रदर्शन में शामिल कई छात्राओं ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर अक्सर महिलाओं की स्वतंत्रता सीमित कर दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी अपराध के बाद महिलाओं को जल्दी घर लौटने, location share करने या रात में बाहर न निकलने के लिए कहना समस्या का स्थायी समाधान कैसे हो सकता है। एक सप्ताह में तीसरा बड़ा प्रदर्शन महिला सुरक्षा को लेकर DU और उससे जुड़े कॉलेजों में पिछले एक सप्ताह में लगातार प्रदर्शन हुए हैं। 23 सितंबर को करीब 200 छात्रों ने महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद Lady Shri Ram College, Gargi College और Kamala Nehru College के आसपास भी छात्राओं ने मार्च निकाला। 28 सितंबर का North Campus प्रदर्शन इन प्रदर्शनों में अब तक सबसे बड़ा बताया गया। DUSU ने भी उठाया सुरक्षा का मुद्दा Delhi University Students’ Union ने भी महिला छात्रों की सुरक्षा को लेकर बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई है। छात्र संघ ने DU के कॉलेजों में अधिक hostels बनाने, निजी PG accommodations की नियमित safety audit और campus तथा आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। PG में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल DU में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आने वाले विद्यार्थी निजी PG और rented accommodation में रहते हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि ऐसे accommodations में fire safety, building safety और महिलाओं की सुरक्षा की नियमित जांच होनी चाहिए। छात्राओं ने मांगे ठोस बदलाव प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि केवल CCTV लगाने या महिलाओं की आवाजाही सीमित करने से सुरक्षा की समस्या हल नहीं होगी। उनकी मांग है कि खराब street lights ठीक की जाएं, unsafe routes की पहचान की जाए, सार्वजनिक परिवहन बेहतर हो और महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायतों पर पुलिस की प्रतिक्रिया तेज तथा जवाबदेह बनाई जाए। महिला सुरक्षा को लेकर जारी रहेगा अभियान छात्राओं ने संकेत दिया है कि महिला सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर समान अधिकार को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना है कि सुरक्षा का अर्थ महिलाओं को घर के अंदर रखना नहीं बल्कि ऐसा वातावरण बनाना होना चाहिए, जहां वे दिन या रात किसी भी समय बिना डर के पढ़ाई, काम और यात्रा कर सकें। source – The Indian Express / Times of India / PTI The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

