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नागालैंड के नन्हे रॉकस्टार ‘याटो’ ने जीता देशवासियों का दिल, राष्ट्रगान की आवाज ने मचाई धूम

नई दिल्ली: नागालैंड के महज 5 साल के याटो वांगनाओ इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनका ‘जन गण मन’ गाने का वीडियो वायरल हुआ, जिसे सुनकर देशभर के लोग उनकी मासूमियत, आत्मविश्वास और देशभक्ति की जमकर तारीफ कर रहे हैं। याटो के राष्ट्रगान ने मचाई धूम याटो का राष्ट्रगान गाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। छोटी सी उम्र में जिस आत्मविश्वास और भावनात्मक अंदाज में उन्होंने ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया, उसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। खास तौर पर राष्ट्रगान के अंतिम हिस्से ‘जय हे’ को जिस अंदाज में याटो ने गाया, उसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। कई लोगों ने वीडियो को बार-बार देखने और सुनने की बात कही। आनंद महिंद्रा भी हुए प्रभावित याटो की प्रतिभा से प्रभावित होकर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी उनका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने याटो की प्रस्तुति की तारीफ करते हुए नागालैंड की खूबसूरती और सांस्कृतिक पहचान को भी सामने रखा। महिंद्रा ने याटो के वीडियो को नागालैंड के लिए एक तरह का अनौपचारिक टूरिज्म प्रमोशन बताते हुए कहा कि इस छोटे बच्चे ने जिस तरह लोगों का ध्यान नागालैंड की ओर खींचा, वह बेहद खास है। छोटी उम्र, बड़ा आत्मविश्वास याटो की सबसे खास बात उनकी उम्र के मुकाबले उनका आत्मविश्वास है। महज पांच साल की उम्र में राष्ट्रगान को इस तरह पूरे जोश और भाव के साथ प्रस्तुत करना सोशल मीडिया यूजर्स को काफी पसंद आया। उनके वीडियो ने एक बार फिर दिखाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपी प्रतिभाएं किस तरह सोशल मीडिया के जरिए पूरे भारत तक पहुंच सकती हैं। नागालैंड की संस्कृति भी चर्चा में याटो की वायरल प्रस्तुति के साथ नागालैंड भी चर्चा में आ गया है। पूर्वोत्तर भारत की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। आनंद महिंद्रा की पोस्ट के बाद कई यूजर्स ने नागालैंड को अपनी Travel Bucket List में शामिल करने की बात कही। सोशल मीडिया पर मिल रहा प्यार याटो के वीडियो पर देशभर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग उनकी आवाज, मासूमियत और देशभक्ति की भावना की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने याटो को भविष्य का बड़ा कलाकार बताते हुए उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की अपील भी की है। निष्कर्ष नागालैंड के 5 वर्षीय याटो वांगनाओ ने अपनी प्यारी आवाज और जोशीले अंदाज में राष्ट्रगान गाकर देशवासियों का दिल जीत लिया है। उनका वायरल वीडियो न सिर्फ उनकी प्रतिभा को सामने ला रहा है, बल्कि नागालैंड की खूबसूरती और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक पहचान को भी देशभर में चर्चा में ला रहा है। Source: Times of India, Navbharat Times जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट शामिल हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कृषि भूमि, घर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन की अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। नावों की सहायता से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है और राहत अभियान लगातार जारी है। यातायात और जनजीवन प्रभावित बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कुछ रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि कई स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। IMD ने जारी किया नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। निष्कर्ष लगातार बारिश के कारण असम में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। लाखों लोग प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Reuters | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट और गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। सबसे अधिक प्रभावित जिले बाढ़ का असर मुख्य रूप से ऊपरी और मध्य असम के कई जिलों में देखा जा रहा है। इनमें— जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों में घर, खेत और सड़कें पानी में डूब गई हैं। बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त राहत दल तैनात किए हैं। नावों और अन्य विशेष उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कई राहत शिविरों में हजारों विस्थापित लोग रह रहे हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यातायात और जनजीवन प्रभावित लगातार बारिश और जलभराव के कारण कई राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ रेल सेवाओं के संचालन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा बना रह सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत संपर्क करें। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, 5.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के 16 से अधिक जिलों में 5.6 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रभावित जिलों में सिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और धेमाजी सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी राज्य सरकार ने NDRF, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है और राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी तथा आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। कई स्थानों पर सेना भी स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए तैयार रखी गई है। बाढ़ से सबसे ज्यादा असर किन क्षेत्रों पर? बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव ऊपरी असम (Upper Assam) के जिलों में देखा जा रहा है। कई गांवों में घर, कृषि भूमि और चाय बागान जलमग्न हो गए हैं। लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। यातायात भी प्रभावित बाढ़ के कारण कई सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। कुछ रेल मार्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है। सरकार की अपील असम सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा केवल प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य लगातार जारी है। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। Source: ASDMA | IMD | PTI | Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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नागालैंड में IED विस्फोट में असम राइफल्स का जवान शहीद, चार घायल; सुरक्षा बलों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

कोहिमा/दीमापुर: नागालैंड के चुमौकेदिमा जिले में सोमवार को हुए एक संदिग्ध आईईडी (Improvised Explosive Device) विस्फोट में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया, जबकि चार अन्य जवान घायल हो गए। यह विस्फोट सुखोवी क्षेत्र के पास उस समय हुआ जब असम राइफल्स का वाहन नियमित ड्यूटी के दौरान इलाके से गुजर रहा था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है। कैसे हुआ हमला? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, असम राइफल्स के जवान एक वाहन में सवार होकर क्षेत्र में गश्त और नियमित सुरक्षा गतिविधियों में लगे हुए थे। इसी दौरान सड़क किनारे लगाए गए संदिग्ध आईईडी में विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि वाहन को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसमें सवार जवान इसकी चपेट में आ गए। घटना में एक जवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार जारी घायल जवानों को तत्काल नजदीकी सैन्य चिकित्सा केंद्र और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सुरक्षा एजेंसियां घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन घटना के तुरंत बाद असम राइफल्स, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया। विस्फोट के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है। सुरक्षा बल आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रहे हैं और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में समय-समय पर उग्रवादी गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी रहती हैं। ऐसे में नागालैंड में हुआ यह ताजा विस्फोट सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोट के पीछे कौन लोग शामिल थे और उनका उद्देश्य क्या था। शहीद जवान को श्रद्धांजलि घटना के बाद सैन्य अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अधिकारियों ने कहा कि उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की गई है। जांच जारी सुरक्षा एजेंसियां विस्फोट स्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही हैं। फॉरेंसिक टीमों को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विस्फोट में किस प्रकार के आईईडी का उपयोग किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े अधिक तथ्य सामने आएंगे। निष्कर्ष नागालैंड के चुमौकेदिमा जिले में हुआ यह संदिग्ध आईईडी विस्फोट एक गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में सामने आया है। इस घटना में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया और चार अन्य घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और जांच एजेंसियां घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। पूरे देश की नजर अब इस जांच और आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है। Source: असम राइफल्स, सुरक्षा एजेंसियां एवं आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट्स। Original Report: आधिकारिक सुरक्षा सूत्रों और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तराखंड, हिमाचल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राहत एवं बचाव दल तैनात

देहरादून/शिमला/गुवाहाटी, 4 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई गई है। चारधाम यात्रा मार्ग सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी वर्षा की संभावना असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है। राहत एवं बचाव दल अलर्ट पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों के लिए जारी की गई सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न जाने की भी सलाह दी गई है। किसानों और यात्रियों के लिए विशेष निर्देश किसानों को मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने तथा खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है। वहीं यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया है। प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी राज्य सरकारों ने जिला अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी नए बुलेटिन के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। आगे की राह विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। ऐसे में प्रभावित राज्यों के लोगों को केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) एवं संबंधित राज्य प्रशासन। मूल रिपोर्ट:4 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन और राज्य सरकारों की तैयारियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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