देहरादून/शिमला/गुवाहाटी, 4 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई गई है। चारधाम यात्रा मार्ग सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी वर्षा की संभावना
असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
राहत एवं बचाव दल अलर्ट पर
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों के लिए जारी की गई सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न जाने की भी सलाह दी गई है।
किसानों और यात्रियों के लिए विशेष निर्देश
किसानों को मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने तथा खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है। वहीं यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया है।
प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी
राज्य सरकारों ने जिला अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी नए बुलेटिन के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आगे की राह
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। ऐसे में प्रभावित राज्यों के लोगों को केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
स्रोत:
भारतीय मौसम विभाग (IMD), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) एवं संबंधित राज्य प्रशासन।
मूल रिपोर्ट:
4 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन और राज्य सरकारों की तैयारियों के आधार पर।
जय राष्ट्र न्यूज़






