प्रमुख खबरें

22 साल बाद Shaurya Chakra लौटाने को तैयार शहीद की मां, सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप

लखनऊ, 7 सितंबर 2026: मणिपुर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हुए Shaurya Chakra विजेता पूर्व Assistant Commandant Vivek Saxena की 80 वर्षीय मां सावित्री सक्सेना ने बेटे को मिले पदक और सम्मान राशि सरकार को वापस करने की पेशकश की है। परिवार का आरोप है कि शहादत के 22 साल बाद भी जमीन और memorial park से जुड़े सरकारी आश्वासन पूरे नहीं हुए हैं। 2003 में मणिपुर में शहीद हुए थे Vivek Saxena विवेक सक्सेना 8 जनवरी 2003 को मणिपुर में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। उनकी वीरता के लिए उन्हें बाद में Shaurya Chakra और President’s Police Medal से सम्मानित किया गया। परिवार का दावा—जमीन और Memorial Park का था वादा विवेक के बड़े भाई रंजीत सक्सेना के मुताबिक शहादत के बाद सरकार ने परिवार को rural quota के तहत जमीन देने और विवेक की स्मृति में memorial park विकसित करने का आश्वासन दिया था। परिवार का कहना है कि दो दशक से ज्यादा समय बीतने के बावजूद ये वादे पूरे नहीं हुए। 2016 में शुरू हुई थी कार्रवाई परिवार के अनुसार 2016 में तत्कालीन Lucknow District Magistrate Raj Shekhar ने मामले का संज्ञान लिया था। उन्होंने संबंधित विभागों को आवेदन पर कार्रवाई करने और Additional District Magistrate को जांच कर जमीन आवंटन तथा memorial की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। Domicile को लेकर अटक गया मामला रंजीत सक्सेना का आरोप है कि जमीन आवंटन की प्रक्रिया के दौरान परिवार से Uttar Pradesh का domicile साबित करने को कहा गया। परिवार ने जरूरी affidavit और documents जमा किए, लेकिन इसके बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। परिवार ने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार पहले उसी Lucknow address पर आर्थिक सहायता दे चुकी थी, तो बाद में domicile पर आपत्ति क्यों उठाई गई। Shaurya Chakra की सम्मान राशि के लिए भी लंबा इंतजार परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि Shaurya Chakra से जुड़ी monetary award राशि पाने के लिए उन्हें 2024 तक इंतजार करना पड़ा। रंजीत का कहना है कि file लंबे समय तक अलग-अलग सरकारी offices और desks के बीच घूमती रही। 80 वर्षीय मां बोलीं—अब दफ्तरों के चक्कर लगाने की ताकत नहीं सावित्री सक्सेना ने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में अब उनमें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की ताकत नहीं बची है। उन्होंने कहा कि यदि बेटे की शहादत के इतने वर्षों बाद भी परिवार को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़े, तो सरकार Shaurya Chakra, दूसरे medals और सम्मान राशि वापस ले सकती है। President और मुख्यमंत्री से मांगा मिलने का समय शहीद की मां ने अब President और Uttar Pradesh Chief Minister से मिलने का समय मांगा है। परिवार चाहता है कि लंबित जमीन और memorial से जुड़े मामलों पर अंतिम निर्णय लिया जाए। SDM ने एक सप्ताह में समाधान के दिए निर्देश मामला grievance redressal programme में उठाए जाने के बाद Sub-Divisional Magistrate ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच करने और एक सप्ताह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल परिवार की मांगों पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। source – India Today / ANIजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »