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उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से 81 लोगों की मौत, 2,200 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार कई दिनों तक हुई भारी बारिश और बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। शुरुआती आंकड़ों में मृतकों की संख्या 62 बताई गई थी, लेकिन ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार 25 से 27 सितंबर के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 81 लोगों की मौत हुई है। इस दौरान 62 लोग घायल हुए और 2,254 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जिलों में जलभराव, नदियों का बढ़ता जलस्तर और फसलों को नुकसान दर्ज किया गया है। तीन दिनों में 81 लोगों की मौत उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की मौत दर्ज की गई थी। 27 सितंबर को 25 और लोगों की मौत के बाद तीन दिनों का कुल आंकड़ा बढ़कर 81 हो गया। मौतों की वजहों में मकान गिरना, डूबना, बिजली गिरना और बारिश से जुड़ी अन्य दुर्घटनाएं शामिल हैं। 62 लोग घायल, 154 पशुओं की भी मौत भारी बारिश के कारण तीन दिनों में 62 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। बारिश और बाढ़ से पशुधन को भी नुकसान हुआ है। राज्य में इस अवधि के दौरान कम से कम 154 पशुओं की मौत दर्ज की गई। 2,254 मकान हुए क्षतिग्रस्त बारिश के कारण बड़ी संख्या में कच्चे और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचा है। 25 और 26 सितंबर को 1,021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना थी। 27 सितंबर को 1,233 और मकानों को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद कुल संख्या 2,254 हो गई। Sitapur में सबसे ज्यादा मौतें 25 और 26 सितंबर के आंकड़ों में सीतापुर में सात लोगों की मौत दर्ज की गई। लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच लोगों की जान गई, जबकि अयोध्या और गोरखपुर में चार-चार मौतें दर्ज की गईं। 27 सितंबर को महाराजगंज में चार, जबकि बाराबंकी और हरदोई में तीन-तीन मौतों की सूचना मिली। सामान्य से कई गुना ज्यादा हुई बारिश 25 और 26 सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश में औसतन 66.5 MM बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश करीब 7.6 MM होती है। इसका मतलब है कि प्रदेश में करीब 775% अधिक बारिश हुई। 27 सितंबर को भी राज्य में औसतन 45.1 MM बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य 1.8 MM की तुलना में बेहद अधिक थी। 74 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश भारी बारिश का असर लगभग पूरे उत्तर प्रदेश में देखने को मिला। राज्य के 75 में से 74 जिलों में Large Excess Rainfall दर्ज की गई। कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में सड़कों, गलियों और घरों में पानी भर गया। लखनऊ में स्कूल बंद रखने पड़े राजधानी लखनऊ में रिकॉर्ड बारिश के कारण कई इलाकों में गंभीर जलभराव हुआ। स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया और प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों तथा तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की अपील की। कई नदियों का जलस्तर बढ़ा लगातार बारिश के कारण घाघरा, राप्ती और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत और बचाव टीमें तैनात की गईं। फसलों को भी हुआ नुकसान भारी बारिश और जलभराव ने कृषि क्षेत्र को भी प्रभावित किया है। शुरुआती आकलन में कम से कम 87 हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसल नुकसान की जानकारी सामने आई है। विस्तृत सर्वे के बाद वास्तविक नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है। राहत और बचाव अभियान जारी राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें जलभराव वाले इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और मकानों तथा फसलों के नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। बारिश से राहत मिलने की उम्मीद मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के साथ उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश से राहत मिलने के संकेत हैं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सावधानी बरतने को कहा है। source – Uttar Pradesh Relief Commissioner Office / Associated Press / The Indian Express / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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गोरखपुर में भारी बारिश से जलभराव, रवि किशन ने किया निरीक्षण; डेढ़ घंटे में 150 MM बारिश से कई इलाके डूबे

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव हो गया। नगर निगम के अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम के मुताबिक करीब डेढ़ घंटे में 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कई सड़कों, बाजारों, घरों और दुकानों में पानी भर गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए गोरखपुर सांसद रवि किशन ने महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त अजय जैन और अन्य अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया तथा पानी जल्द निकालने के निर्देश दिए। डेढ़ घंटे की बारिश से शहर हुआ पानी-पानी 26 सितंबर को गोरखपुर में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम के ऑटोमेटिक रेन गेज ने महज डेढ़ घंटे में करीब 150 MM बारिश दर्ज की। तेज बारिश के बाद शहर के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया और कई जगह नाले ओवरफ्लो हो गए। घरों और दुकानों में घुसा पानी बारिश के कारण दाऊदपुर, इंदिरा नगर, तारामंडल, तिवारीपुर, इलाहीबाग, विजय चौक, धर्मशाला बाजार, बिलंदपुर और गोरखनाथ समेत कई इलाकों में पानी भर गया। कुछ निचले इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया और लोगों का घरेलू सामान पानी में तैरने लगा। कई परिवारों को ऊंचे स्थानों या घरों की ऊपरी मंजिलों पर जाना पड़ा। जिला अस्पताल की OPD तक पहुंचा पानी भारी बारिश का असर सरकारी संस्थानों पर भी दिखाई दिया। जिला अस्पताल की OPD और डॉक्टरों के चेंबर तक बारिश और नालियों का पानी पहुंच गया। महिला अस्पताल, नगर निगम परिसर, आकाशवाणी परिसर और कई सरकारी कार्यालयों के आसपास भी जलभराव दर्ज किया गया। मरीजों और उनके परिजनों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। रवि किशन ने किया जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण गोरखपुर के BJP सांसद रवि किशन भी जलभराव की स्थिति देखने के लिए सड़क पर उतरे। उन्होंने महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त अजय जैन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। रवि किशन ने अधिकारियों से जलनिकासी के लिए पंप चलाने और प्रभावित क्षेत्रों से जल्द से जल्द पानी निकालने को कहा। करीब 3 हजार परिवार प्रभावित अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक लालडिग्गी, घंटाघर, रायगंज, बिलंदपुर, कालेपुर और आसपास के इलाकों में जलभराव के कारण करीब 3,000 से अधिक परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह सड़क और नाली का अंतर दिखाई देना बंद हो गया। पानी में वाहन बंद होने से लोगों को घुटनों तक पानी में पैदल चलना पड़ा। बाजारों में भी भारी नुकसान महेवा गल्ला मंडी, साहबगंज और राप्ती कॉम्प्लेक्स समेत कई कारोबारी इलाकों में दुकानों के अंदर पानी घुस गया। महेवा मंडी के व्यापारियों ने करीब ₹50 लाख से अधिक के सामान के नुकसान का दावा किया है। राप्ती कॉम्प्लेक्स की निचली मंजिल की करीब 15 दुकानों में भी पानी भरने की बात सामने आई। ये नुकसान के आंकड़े व्यापारियों के शुरुआती दावे हैं और अंतिम प्रशासनिक आकलन अलग हो सकता है। जलभराव पर रवि किशन और BJP पार्षद में नोकझोंक बारिश के बाद जलनिकासी को लेकर सांसद रवि किशन और BJP पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर हुई बातचीत भी चर्चा में आ गई। वायरल वीडियो में दोनों तरकुलानी और रामगढ़ताल क्षेत्र से पानी निकालने को लेकर बात करते सुनाई देते हैं। बातचीत के दौरान राजनीतिक तंज भी हुए। हालांकि वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है। कमिश्नर ने भी परखी जलनिकासी व्यवस्था भारी बारिश को देखते हुए मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने महापौर और अन्य अधिकारियों के साथ सुमेर सागर नाला, धर्मशाला ब्रिज, राप्ती कॉम्प्लेक्स और अन्य संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को अगले तीन से चार दिनों तक अलर्ट रहने, suction machines तैयार रखने और जलभराव की सूचना मिलने पर तत्काल टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम की टीमें जलनिकासी में जुटीं नगर आयुक्त अजय जैन ने डोमिनगढ़, इलाहीबाग और लालडिग्गी पंपिंग स्टेशन समेत कई जगहों का निरीक्षण किया। सभी पंपिंग स्टेशनों को लगातार चलाने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पंप लगाने के निर्देश दिए गए। फिलहाल शहर के निचले और जलभराव वाले इलाकों की निगरानी जारी है। प्रशासन ने बारिश के दौरान लोगों से सावधानी बरतने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की अपील की है। source – Amar Ujala / Dainik Jagran / Hindustan / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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लखनऊ में आफत की बारिश, सितंबर का पुराना रिकॉर्ड टूटा! हनुमान सेतु पर 200 MM से ज्यादा वर्षा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 26 सितंबर को हनुमान सेतु क्षेत्र में करीब 200.8 से 201.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसे स्थानीय मौसम रिकॉर्ड में सितंबर की सबसे भारी बारिश बताया गया है। वहीं अमौसी स्थित मुख्य मौसम केंद्र पर 24 घंटे में 135.8 मिमी बारिश दर्ज हुई। शहर के कई हिस्सों में जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। हनुमान सेतु इलाके में 200 MM से ज्यादा बारिश क्षेत्रीय मौसम आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को हनुमान सेतु के आसपास 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। दैनिक जागरण ने इसे लखनऊ में सितंबर महीने के लिए मौसम विभाग के उपलब्ध रिकॉर्ड में सबसे अधिक बारिश बताया है। हालांकि शहर के अलग-अलग वर्षामापी केंद्रों पर आंकड़े अलग रहे। अमौसी मौसम केंद्र ने 135.8 मिमी और अलीगंज कंट्रोल रूम ने 152.2 मिमी बारिश दर्ज की। 2022 के बाद अमौसी में सबसे ज्यादा बारिश अमौसी स्थित लखनऊ के मुख्य मौसम केंद्र पर दर्ज 135.8 मिमी बारिश सितंबर 2022 के बाद सबसे अधिक एक-दिवसीय वर्षा रही। 16 सितंबर 2022 को यहां 160.3 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। इस मॉनसून सीजन में भी यह लखनऊ के मुख्य मौसम केंद्र पर एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश है। शहर के कई इलाके पानी में डूबे लगातार बारिश से जानकीपुरम, आशियाना, गोमती नगर, इंदिरा नगर, हजरतगंज, अलीगंज, चारबाग, चौक और आलमबाग समेत कई इलाकों में जलभराव हुआ। कुछ स्थानों पर सड़क पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। जानकीपुरम के कुछ हिस्सों में दो फीट तक पानी जमा होने की खबर है। कई जगह सड़क धंसने और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। स्कूल-कॉलेज रहे बंद भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लखनऊ प्रशासन ने शनिवार को प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद रखने का आदेश दिया था। खराब मौसम के चलते स्कूलों के साथ कॉलेज और विश्वविद्यालयों की गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। बिजली व्यवस्था भी हुई प्रभावित तेज बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली नेटवर्क को नुकसान पहुंचा। लखनऊ समेत राज्य में बड़ी संख्या में 11 KV feeders और substations के बंद होने की सूचना मिली। UPPCL ने अधिकारियों को खराबी जल्द ठीक करने और मरम्मत टीमों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया। 25 डिग्री तक गिरा दिन का तापमान लगातार बादल और बारिश के कारण लखनऊ का अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो सामान्य से करीब आठ डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री दर्ज किया गया, जिसे सितंबर में पिछले करीब 12 वर्षों का सबसे कम न्यूनतम तापमान बताया गया है। बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से हुई भारी बारिश मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार भारी बारिश के पीछे बंगाल की खाड़ी से आया मौसमी सिस्टम प्रमुख कारण रहा। इस सिस्टम से बड़ी मात्रा में नमी उत्तर प्रदेश की ओर पहुंची और कई जिलों में लगातार भारी बारिश हुई। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट 27 सितंबर को भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई। लखनऊ समेत आसपास के कई जिलों को भारी बारिश वाले क्षेत्र में रखा गया, जबकि कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया। तेज हवाएं भी चलने का अनुमान जताया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर से बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है और अक्टूबर के शुरुआती दिनों में प्रदेश से मॉनसून की वापसी की परिस्थितियां बन सकती हैं। बारिश ने ठप की रोजमर्रा की जिंदगी दो दिनों से अधिक समय तक चली बारिश ने राजधानी में ट्रैफिक, स्कूल, बिजली और रोजमर्रा की सेवाओं पर बड़ा असर डाला। कई इलाकों में लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाए, जबकि कैब, डिलीवरी और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। फिलहाल प्रशासन जलभराव वाले इलाकों की निगरानी कर रहा है और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। source – India Meteorological Department / Dainik Jagran / Hindustan Times / Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD का भारी बारिश अलर्ट: ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 24 घंटे सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) को देखते हुए ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज़ हवाओं और जलभराव की भी आशंका जताई है। किन राज्यों में सबसे अधिक असर? IMD के अनुसार, सबसे अधिक प्रभाव ओडिशा में देखने को मिल सकता है, जहां कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड तथा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। बारिश की वजह क्या है? मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा–पश्चिम बंगाल तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र लगातार सक्रिय है। इसके प्रभाव से पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में नमी की आपूर्ति बढ़ी है, जिससे व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भारी वर्षा वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव, छोटी नदियों के जलस्तर में वृद्धि, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने की सलाह दी गई है। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— दिल्ली-NCR का मौसम जहां पूर्वी भारत में भारी बारिश का दौर जारी है, वहीं दिल्ली-एनसीआर में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने का अनुमान है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। कृषि पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार वर्षा खरीफ फसलों के लिए कई क्षेत्रों में लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव से धान, सब्जियों और अन्य फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून और निम्न दबाव क्षेत्र के कारण पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। Source: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय। Original Report: IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में लगातार बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट पर, कई जिलों में एहतियाती कदम

नई दिल्ली, 11 जुलाई। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा अगले 24 से 48 घंटों तक भारी वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित कई जिलों में आपदा प्रबंधन, नगर निकाय, पुलिस और बिजली विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कई स्थानों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति को देखते हुए विशेष निगरानी की जा रही है। कई विभागों को किया गया अलर्ट दिल्ली सरकार, जिला प्रशासन और नगर निगमों ने बारिश से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए हैं। जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं ताकि जलभराव को जल्द से जल्द हटाया जा सके। ट्रैफिक और परिवहन पर असर लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की गति धीमी रही। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से आवश्यक होने पर ही यात्रा करने तथा मौसम और ट्रैफिक अपडेट देखकर घर से निकलने की अपील की है। कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी सतर्कता दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में भी प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण और राहत दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। आपदा प्रबंधन टीमें तैनात संभावित आपात स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ स्थानीय प्रशासन समन्वय बनाए हुए है। जलभराव वाले इलाकों, संवेदनशील पुलों और निचले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान तुरंत शुरू किए जाने की तैयारी है। नागरिकों के लिए जारी सलाह प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि— मौसम विभाग का पूर्वानुमान भारतीय मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसून के प्रभाव से अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की भी संभावना है, जिससे जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन की अपील अधिकारियों ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन तथा प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। सभी संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), दिल्ली सरकार, संबंधित राज्य प्रशासन एवं सार्वजनिक मौसम बुलेटिन। मूल रिपोर्ट:11 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक मौसम अपडेट और प्रशासनिक जानकारी के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली, 11 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए ताज़ा मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज़ हवाओं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन IMD ने एक और दौर की तेज़ बारिश की चेतावनी दी है। कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका के चलते प्रशासन ने लोगों को आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विशेष सतर्कता मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है और यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है। गुजरात और महाराष्ट्र में भी भारी बारिश की संभावना पश्चिम भारत में गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, कोंकण और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी भारी वर्षा का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में तेज़ हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी असर IMD के अनुसार असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि— किसानों और यात्रियों के लिए सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी है। वहीं सड़क और पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों से मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करने की अपील की गई है, क्योंकि कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़क अवरोध की स्थिति बन सकती है. अगले कुछ दिन रहेंगे अहम मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय मानसून के कारण आगामी दिनों में उत्तर, पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव की तैयारियां की जा रही हैं। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां। मूल रिपोर्ट:11 जुलाई 2026 तक उपलब्ध IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन एवं विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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