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उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से 81 लोगों की मौत, 2,200 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार कई दिनों तक हुई भारी बारिश और बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। शुरुआती आंकड़ों में मृतकों की संख्या 62 बताई गई थी, लेकिन ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार 25 से 27 सितंबर के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 81 लोगों की मौत हुई है। इस दौरान 62 लोग घायल हुए और 2,254 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जिलों में जलभराव, नदियों का बढ़ता जलस्तर और फसलों को नुकसान दर्ज किया गया है।

तीन दिनों में 81 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की मौत दर्ज की गई थी।

27 सितंबर को 25 और लोगों की मौत के बाद तीन दिनों का कुल आंकड़ा बढ़कर 81 हो गया। मौतों की वजहों में मकान गिरना, डूबना, बिजली गिरना और बारिश से जुड़ी अन्य दुर्घटनाएं शामिल हैं।

62 लोग घायल, 154 पशुओं की भी मौत

भारी बारिश के कारण तीन दिनों में 62 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

बारिश और बाढ़ से पशुधन को भी नुकसान हुआ है। राज्य में इस अवधि के दौरान कम से कम 154 पशुओं की मौत दर्ज की गई।

2,254 मकान हुए क्षतिग्रस्त

बारिश के कारण बड़ी संख्या में कच्चे और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचा है।

25 और 26 सितंबर को 1,021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना थी। 27 सितंबर को 1,233 और मकानों को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद कुल संख्या 2,254 हो गई।

Sitapur में सबसे ज्यादा मौतें

25 और 26 सितंबर के आंकड़ों में सीतापुर में सात लोगों की मौत दर्ज की गई।

लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच लोगों की जान गई, जबकि अयोध्या और गोरखपुर में चार-चार मौतें दर्ज की गईं।

27 सितंबर को महाराजगंज में चार, जबकि बाराबंकी और हरदोई में तीन-तीन मौतों की सूचना मिली।

सामान्य से कई गुना ज्यादा हुई बारिश

25 और 26 सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश में औसतन 66.5 MM बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश करीब 7.6 MM होती है।

इसका मतलब है कि प्रदेश में करीब 775% अधिक बारिश हुई।

27 सितंबर को भी राज्य में औसतन 45.1 MM बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य 1.8 MM की तुलना में बेहद अधिक थी।

74 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

भारी बारिश का असर लगभग पूरे उत्तर प्रदेश में देखने को मिला।

राज्य के 75 में से 74 जिलों में Large Excess Rainfall दर्ज की गई। कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में सड़कों, गलियों और घरों में पानी भर गया।

लखनऊ में स्कूल बंद रखने पड़े

राजधानी लखनऊ में रिकॉर्ड बारिश के कारण कई इलाकों में गंभीर जलभराव हुआ।

स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया और प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों तथा तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की अपील की।

कई नदियों का जलस्तर बढ़ा

लगातार बारिश के कारण घाघरा, राप्ती और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया।

निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत और बचाव टीमें तैनात की गईं।

फसलों को भी हुआ नुकसान

भारी बारिश और जलभराव ने कृषि क्षेत्र को भी प्रभावित किया है।

शुरुआती आकलन में कम से कम 87 हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसल नुकसान की जानकारी सामने आई है। विस्तृत सर्वे के बाद वास्तविक नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

राहत और बचाव अभियान जारी

राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें जलभराव वाले इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और मकानों तथा फसलों के नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।

बारिश से राहत मिलने की उम्मीद

मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के साथ उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश से राहत मिलने के संकेत हैं।

हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सावधानी बरतने को कहा है।

source – Uttar Pradesh Relief Commissioner Office / Associated Press / The Indian Express / Times of India

जय राष्ट्र न्यूज़

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