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वाल्मीकि निगम मामले में B. Nagendra के इस्तीफे के बाद भी BJP का आंदोलन जारी; 1 सितंबर से 10 दिन की Padayatra

बेंगलुरु: Karnataka के पूर्व Planning and Statistics Minister B. Nagendra के इस्तीफे के बाद भी कथित Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation fund misuse मामले पर राजनीतिक विवाद थमता नहीं दिख रहा है। Opposition BJP ने आज साफ किया है कि वह अपनी प्रस्तावित 10-दिवसीय Raichur-Ballari Padayatra को तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाएगी। Padayatra 1 सितंबर से शुरू होकर 10 सितंबर को Ballari में समाप्त होगी। Nagendra ने 28 अगस्त 2026 की शाम Karnataka Cabinet से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि वह Congress को किसी तरह की embarrassment से बचाने के लिए voluntarily पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। करीब ₹89 करोड़ के कथित Fund Diversion का मामला विवाद Karnataka Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation से जुड़े funds में कथित irregularities को लेकर है। Opposition BJP और JD(S) का आरोप है कि corporation के लगभग ₹89 करोड़ की राशि का गलत तरीके से diversion किया गया। इसी मामले को लेकर Karnataka Assembly में भी कई दिनों तक हंगामा हुआ और Opposition लगातार B. Nagendra के resignation की मांग कर रहा था। Nagendra और Congress ने allegations को स्वीकार नहीं किया है और मामले में जांच अभी जारी है। 28 August को दिया था इस्तीफा B. Nagendra ने शुक्रवार, 28 अगस्त को Bengaluru में press conference करके Cabinet से हटने की घोषणा की। इस दौरान वह भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि वह Congress party को परेशानी में नहीं डालना चाहते और इसी कारण ministerial post छोड़ रहे हैं। Nagendra को अगस्त की शुरुआत में ही D.K. Shivakumar-led Cabinet में फिर से शामिल किया गया था और करीब 25 दिनों के भीतर उन्हें दोबारा पद छोड़ना पड़ा। दूसरी बार इसी विवाद में छोड़ा Minister पद यह पहली बार नहीं है जब B. Nagendra ने Valmiki Corporation controversy के कारण Cabinet छोड़ी हो। इससे पहले June 2024 में भी उन्होंने तत्कालीन Siddaramaiah government में ministerial post से इस्तीफा दिया था। बाद में Enforcement Directorate ने उन्हें money-laundering investigation के सिलसिले में गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें bail मिली। 2026 में Cabinet में वापसी के कुछ ही हफ्तों बाद इसी मामले को लेकर Opposition ने फिर उनके खिलाफ campaign तेज कर दिया। BJP ने कहा—इस्तीफे के बाद भी Padayatra नहीं रुकेगी Nagendra के इस्तीफे के बाद यह सवाल था कि BJP अपनी पहले से घोषित protest march को रद्द करेगी या नहीं। लेकिन आज की fresh update में BJP ने स्पष्ट कर दिया है कि Padayatra जारी रहेगी। Senior BJP leader B. Sriramulu के मुताबिक यात्रा: BJP का कहना है कि उसका आंदोलन केवल Nagendra के resignation तक सीमित नहीं है बल्कि वह alleged misuse of ST welfare funds के पूरे मामले में accountability चाहती है। Congress ने BJP पर लगाया Politics करने का आरोप Karnataka Chief Minister D.K. Shivakumar ने BJP पर इस मामले को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। Shivakumar ने कहा कि Nagendra ने Congress को embarrassment से बचाने के लिए अपना पद छोड़ा है और BJP अब भी इस मुद्दे को लेकर political campaign चला रही है। Congress अब Nagendra के समर्थन में अपनी political strategy तैयार कर रही है। The New Indian Express की आज की report के मुताबिक party leadership इस narrative को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है कि Nagendra को ST Nayaka community के leader होने के कारण politically target किया जा रहा है। Nagendra MLA पद भी छोड़ना चाहते हैं? आज सामने आई एक अन्य political development में Nagendra ने Congress leadership से MLA पद से भी resign करने की अनुमति मांगी है। वह Ballari Rural से विधायक हैं। Reports के मुताबिक Congress high command फिलहाल उनका MLA resignation स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है और party उन्हें politically defend करने की strategy पर विचार कर रही है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि Nagendra ने MLA पद भी officially छोड़ दिया है। Confirmed resignation फिलहाल ministerial post का है। CBI Investigation भी बनी Pressure की वजह इस मामले में Central Bureau of Investigation की कार्रवाई ने भी राजनीतिक दबाव बढ़ाया है। Recent reports के मुताबिक CBI ने Karnataka Governor से Nagendra के prosecution की अनुमति मांगी है। इसके बाद Opposition BJP ने उनके खिलाफ अपना campaign और तेज किया था। Nagendra ने central agencies के इस्तेमाल को लेकर BJP पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर BJP का कहना है कि agencies alleged corruption की जांच कर रही हैं और Congress accountability से बचने की कोशिश कर रही है। 30 August की Latest Situation आज 30 अगस्त 2026 की latest verified स्थिति यह है: इसलिए आज के लिए ज्यादा accurate headline होगी: वाल्मीकि निगम मामले में B. Nagendra के इस्तीफे के बाद भी BJP का आंदोलन जारी; 1 सितंबर से 10-दिवसीय Padayatra नोट: B. Nagendra का इस्तीफा 28 अगस्त 2026 की घटना है, इसलिए इसे 30 अगस्त की fresh breaking news के तौर पर चलाना सही नहीं होगा। आज की नई development BJP द्वारा resignation के बावजूद अपनी 10-day padayatra जारी रखने और Congress की नई political strategy से जुड़ी है। स्रोत – The New Indian Express, The Times of India, India Today, Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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Karnataka के मंत्री B Nagendra ने इस्तीफे की पेशकश की; ₹89.63 करोड़ Valmiki Corporation मामले को लेकर BJP का दबाव

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation से जुड़े कथित ₹89 करोड़ के फंड diversion मामले ने एक बार फिर बड़ा मोड़ ले लिया है। राज्य के Planning and Statistics Minister B Nagendra ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar की Cabinet से इस्तीफा देने की पेशकश की है। विपक्षी BJP पिछले कई दिनों से Nagendra को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है। सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar ने फिलहाल Nagendra को इस्तीफा देने से रोकते हुए कहा है कि वह पहले Congress high command से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। यानी Nagendra ने इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। आज सुबह सामने आया बड़ा Political Development 26 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे यह जानकारी सामने आई कि BJP के बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच Nagendra ने पद छोड़ने की पेशकश की है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री ने उनसे फिलहाल पद पर बने रहने को कहा है, जब तक पार्टी नेतृत्व से चर्चा पूरी नहीं हो जाती। इसलिए headline में “इस्तीफा दे दिया” लिखना अभी गलत होगा। सही स्थिति यह है कि उन्होंने resignation offer किया है। क्या है ₹89.63 करोड़ Valmiki Corporation मामला? यह मामला Karnataka Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation के सरकारी फंड से जुड़ा है। CBI की chargesheet के मुताबिक करीब ₹89.63 करोड़ सरकारी रकम कथित रूप से forged cheques और RTGS transactions के जरिए divert की गई। जांच एजेंसी ने दावा किया कि यह पैसा लगभग 600 bank accounts के जरिए layer किया गया और बाद में cash, bullion तथा luxury vehicles में बदला गया। CBI ने जून 2026 में Nagendra समेत कुल 30 लोगों को आरोपी बनाया था। ये आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और conviction नहीं हुई है। Nagendra को Chargesheet में बनाया गया आरोपी CBI का आरोप है कि B Nagendra और उनके कथित करीबी सहयोगी Nekkanti Nagaraj समेत अन्य लोगों ने सरकारी funds के diversion में भूमिका निभाई। Agency ने यह भी आरोप लगाया कि Nagendra को एक private firm को ₹13.95 करोड़ का tender दिलाने के बदले ₹1.20 करोड़ की कथित रिश्वत मिली। यह CBI की chargesheet का आरोप है, जिसे अदालत में साबित किया जाना बाकी है। CBI ने Nagendra को तीन अलग-अलग chargesheets में आरोपी बनाया है। Governor से Prosecution Sanction भी मांगा मामले में हाल ही में एक और महत्वपूर्ण development सामने आया था। CBI ने Karnataka Governor Thaawarchand Gehlot से Nagendra के खिलाफ prosecution शुरू करने की अनुमति मांगी है। एक sitting minister के खिलाफ कुछ परिस्थितियों में prosecution आगे बढ़ाने के लिए ऐसी sanction महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। इसी development के बाद BJP ने Nagendra के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज कर दिया। BJP ने Assembly में किया लगातार Protest Karnataka BJP पिछले कई दिनों से Legislative Assembly में Nagendra के resignation की मांग को लेकर विरोध कर रही है। BJP और JD(S) के विधायकों ने Assembly proceedings बाधित कीं और आरोप लगाया कि chargesheet में नाम आने के बाद Nagendra का मंत्री पद पर बने रहना उचित नहीं है। Opposition ने Vidhana Soudha के बाहर भी प्रदर्शन किया और कई BJP नेताओं को protest के दौरान हिरासत में लिया गया। Vidhana Soudha में जबरन घुसने की कोशिश तक पहुंचा Protest विवाद ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं ने Vidhana Soudha की ओर march किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक security personnel के साथ धक्का-मुक्की हुई और कुछ प्रदर्शनकारियों ने अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। BJP की मांग थी कि Nagendra को तुरंत Cabinet से हटाया जाए। लगातार protests के चलते राज्य की monsoon session की proceedings भी प्रभावित हुईं। 2024 में भी इसी मामले पर दे चुके हैं इस्तीफा Nagendra के लिए यह विवाद नया नहीं है। जब 2024 में Valmiki Corporation fund diversion मामला सामने आया था, उस समय वह Tribal Welfare Minister थे। बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने June 2024 में Cabinet से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद Enforcement Directorate ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। बाद में उन्हें bail मिली। August 2026 में दोबारा Cabinet में हुई थी Entry राजनीतिक समीकरण बदलने के बाद B Nagendra को 3 अगस्त 2026 को D.K. Shivakumar की Cabinet में फिर शामिल किया गया। उन्हें Planning and Statistics portfolio दिया गया। लेकिन re-induction के कुछ ही दिनों बाद BJP ने CBI chargesheet और ED case को लेकर उनकी नियुक्ति का विरोध शुरू कर दिया। अब तीन सप्ताह से भी कम समय में Nagendra ने फिर पद छोड़ने की पेशकश की है। BJP पर Nagendra का पलटवार Nagendra पहले resignation की मांग को खारिज करते रहे थे। 19 अगस्त को उन्होंने BJP पर आरोप लगाया था कि विपक्ष उन्हें इसलिए निशाना बना रहा है क्योंकि वह tribal community से आते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर अदालत उन्हें दोषी पाती है तो वह सजा स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। Nagendra ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के आरोपों को भी राजनीतिक साजिश बताया था। हालांकि उनके इन दावों का BJP ने विरोध किया और कहा कि मुद्दा जाति नहीं बल्कि corruption allegations और accountability का है। मामला सामने कैसे आया था? Valmiki Corporation मामला 2024 में उस समय चर्चा में आया जब corporation से जुड़े Accounts Officer P Chandrashekaran की मौत हुई। उनके कथित suicide note में corporation के funds के unauthorized transfer और वरिष्ठ अधिकारियों पर दबाव जैसे आरोप लगाए गए थे। इसके बाद मामले की जांच अलग-अलग agencies तक पहुंची। Union Bank of India की complaint के आधार पर CBI ने भी investigation शुरू की। ₹187 करोड़ Pool हुआ, ₹89.63 करोड़ कथित तौर पर Divert CBI के मुताबिक corporation और संबंधित departments से लगभग ₹187 करोड़ Union Bank of India के account में pool किए गए थे। Agency का आरोप है कि इसमें से ₹89.63 करोड़ कथित तरीके से divert किए गए। CBI ने bank officials, corporation officers, government officials, private persons और middlemen समेत कई लोगों की भूमिका जांचने का दावा किया है। Congress के लिए बढ़ी राजनीतिक मुश्किल…

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