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Karnataka के मंत्री B Nagendra ने इस्तीफे की पेशकश की; ₹89.63 करोड़ Valmiki Corporation मामले को लेकर BJP का दबाव

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation से जुड़े कथित ₹89 करोड़ के फंड diversion मामले ने एक बार फिर बड़ा मोड़ ले लिया है। राज्य के Planning and Statistics Minister B Nagendra ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar की Cabinet से इस्तीफा देने की पेशकश की है। विपक्षी BJP पिछले कई दिनों से Nagendra को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है।

सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar ने फिलहाल Nagendra को इस्तीफा देने से रोकते हुए कहा है कि वह पहले Congress high command से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। यानी Nagendra ने इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है।

आज सुबह सामने आया बड़ा Political Development

26 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे यह जानकारी सामने आई कि BJP के बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच Nagendra ने पद छोड़ने की पेशकश की है।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री ने उनसे फिलहाल पद पर बने रहने को कहा है, जब तक पार्टी नेतृत्व से चर्चा पूरी नहीं हो जाती।

इसलिए headline में “इस्तीफा दे दिया” लिखना अभी गलत होगा। सही स्थिति यह है कि उन्होंने resignation offer किया है

क्या है ₹89.63 करोड़ Valmiki Corporation मामला?

यह मामला Karnataka Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation के सरकारी फंड से जुड़ा है।

CBI की chargesheet के मुताबिक करीब ₹89.63 करोड़ सरकारी रकम कथित रूप से forged cheques और RTGS transactions के जरिए divert की गई। जांच एजेंसी ने दावा किया कि यह पैसा लगभग 600 bank accounts के जरिए layer किया गया और बाद में cash, bullion तथा luxury vehicles में बदला गया।

CBI ने जून 2026 में Nagendra समेत कुल 30 लोगों को आरोपी बनाया था। ये आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और conviction नहीं हुई है।

Nagendra को Chargesheet में बनाया गया आरोपी

CBI का आरोप है कि B Nagendra और उनके कथित करीबी सहयोगी Nekkanti Nagaraj समेत अन्य लोगों ने सरकारी funds के diversion में भूमिका निभाई।

Agency ने यह भी आरोप लगाया कि Nagendra को एक private firm को ₹13.95 करोड़ का tender दिलाने के बदले ₹1.20 करोड़ की कथित रिश्वत मिली। यह CBI की chargesheet का आरोप है, जिसे अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

CBI ने Nagendra को तीन अलग-अलग chargesheets में आरोपी बनाया है।

Governor से Prosecution Sanction भी मांगा

मामले में हाल ही में एक और महत्वपूर्ण development सामने आया था।

CBI ने Karnataka Governor Thaawarchand Gehlot से Nagendra के खिलाफ prosecution शुरू करने की अनुमति मांगी है। एक sitting minister के खिलाफ कुछ परिस्थितियों में prosecution आगे बढ़ाने के लिए ऐसी sanction महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है।

इसी development के बाद BJP ने Nagendra के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज कर दिया।

BJP ने Assembly में किया लगातार Protest

Karnataka BJP पिछले कई दिनों से Legislative Assembly में Nagendra के resignation की मांग को लेकर विरोध कर रही है।

BJP और JD(S) के विधायकों ने Assembly proceedings बाधित कीं और आरोप लगाया कि chargesheet में नाम आने के बाद Nagendra का मंत्री पद पर बने रहना उचित नहीं है।

Opposition ने Vidhana Soudha के बाहर भी प्रदर्शन किया और कई BJP नेताओं को protest के दौरान हिरासत में लिया गया।

Vidhana Soudha में जबरन घुसने की कोशिश तक पहुंचा Protest

विवाद ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं ने Vidhana Soudha की ओर march किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक security personnel के साथ धक्का-मुक्की हुई और कुछ प्रदर्शनकारियों ने अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। BJP की मांग थी कि Nagendra को तुरंत Cabinet से हटाया जाए।

लगातार protests के चलते राज्य की monsoon session की proceedings भी प्रभावित हुईं।

2024 में भी इसी मामले पर दे चुके हैं इस्तीफा

Nagendra के लिए यह विवाद नया नहीं है।

जब 2024 में Valmiki Corporation fund diversion मामला सामने आया था, उस समय वह Tribal Welfare Minister थे। बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने June 2024 में Cabinet से इस्तीफा दे दिया था।

इसके बाद Enforcement Directorate ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। बाद में उन्हें bail मिली।

August 2026 में दोबारा Cabinet में हुई थी Entry

राजनीतिक समीकरण बदलने के बाद B Nagendra को 3 अगस्त 2026 को D.K. Shivakumar की Cabinet में फिर शामिल किया गया।

उन्हें Planning and Statistics portfolio दिया गया।

लेकिन re-induction के कुछ ही दिनों बाद BJP ने CBI chargesheet और ED case को लेकर उनकी नियुक्ति का विरोध शुरू कर दिया।

अब तीन सप्ताह से भी कम समय में Nagendra ने फिर पद छोड़ने की पेशकश की है।

BJP पर Nagendra का पलटवार

Nagendra पहले resignation की मांग को खारिज करते रहे थे।

19 अगस्त को उन्होंने BJP पर आरोप लगाया था कि विपक्ष उन्हें इसलिए निशाना बना रहा है क्योंकि वह tribal community से आते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर अदालत उन्हें दोषी पाती है तो वह सजा स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

Nagendra ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के आरोपों को भी राजनीतिक साजिश बताया था।

हालांकि उनके इन दावों का BJP ने विरोध किया और कहा कि मुद्दा जाति नहीं बल्कि corruption allegations और accountability का है।

मामला सामने कैसे आया था?

Valmiki Corporation मामला 2024 में उस समय चर्चा में आया जब corporation से जुड़े Accounts Officer P Chandrashekaran की मौत हुई।

उनके कथित suicide note में corporation के funds के unauthorized transfer और वरिष्ठ अधिकारियों पर दबाव जैसे आरोप लगाए गए थे। इसके बाद मामले की जांच अलग-अलग agencies तक पहुंची।

Union Bank of India की complaint के आधार पर CBI ने भी investigation शुरू की।

₹187 करोड़ Pool हुआ, ₹89.63 करोड़ कथित तौर पर Divert

CBI के मुताबिक corporation और संबंधित departments से लगभग ₹187 करोड़ Union Bank of India के account में pool किए गए थे।

Agency का आरोप है कि इसमें से ₹89.63 करोड़ कथित तरीके से divert किए गए।

CBI ने bank officials, corporation officers, government officials, private persons और middlemen समेत कई लोगों की भूमिका जांचने का दावा किया है।

Congress के लिए बढ़ी राजनीतिक मुश्किल

Nagendra का resignation offer D.K. Shivakumar government के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है।

अगर उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाता है तो BJP इसे अपने आंदोलन की जीत के रूप में पेश कर सकती है।

दूसरी तरफ अगर Congress उन्हें Cabinet में बनाए रखती है तो विपक्ष corruption allegations और chargesheet को लेकर दबाव और बढ़ा सकता है।

इसी वजह से मुख्यमंत्री ने फिलहाल high command से चर्चा करने की बात कही है।

क्या Nagendra दोषी साबित हो चुके हैं?

नहीं।

इस मामले में यह distinction बेहद जरूरी है।

CBI ने chargesheet दाखिल कर Nagendra को आरोपी बनाया है और prosecution sanction भी मांगी है, लेकिन chargesheet में नाम होना conviction नहीं होता।

Nagendra ने आरोपों से इनकार किया है और मामला अदालत में आगे बढ़ना है।

इसलिए उन्हें “₹89 करोड़ scam का दोषी मंत्री” कहना अभी कानूनी रूप से गलत होगा।

26 August की सबसे बड़ी Update

26 अगस्त 2026 की ताजा स्थिति यह है कि B Nagendra ने बढ़ते BJP protests के बीच Cabinet से इस्तीफा देने की पेशकश की है।

मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar ने फिलहाल उन्हें रुकने को कहा है और Congress high command से consultation के बाद अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि Congress उनका resignation स्वीकार करती है या उन्हें Cabinet में बनाए रखती है।

नोट: ₹89.63 करोड़ fund diversion और B Nagendra की भूमिका से जुड़े विवरण CBI की chargesheet और जांच एजेंसियों के आरोपों पर आधारित हैं। आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत करेगी। खबर लिखे जाने तक Nagendra का इस्तीफा स्वीकार होने की पुष्टि नहीं हुई है।

स्रोत – सीबीआई, एनडीटीवी, इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया, पीटीआई

जय राष्ट्र न्यूज़

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