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ग्लोबल इक्विटी फंड्स में लगातार चौथे सप्ताह निवेश, 20.01 अरब डॉलर का इनफ्लो; टेक फंड्स से निकला पैसा

17 अक्टूबर 2026: वैश्विक शेयर बाजारों में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में ग्लोबल इक्विटी फंड्स में 20.01 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा, जब इन फंड्स में नेट इनफ्लो देखने को मिला। हालांकि, टेक्नोलॉजी आधारित फंड्स से निकासी ने संकेत दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश

क्षेत्रीय आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी इक्विटी फंड्स में करीब 16.68 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश आया। वहीं, यूरोपीय इक्विटी फंड्स में लगभग 2.35 अरब डॉलर का इनफ्लो दर्ज किया गया। एशियाई इक्विटी फंड्स में भी शुद्ध खरीदारी देखने को मिली।

अमेरिकी फंड्स में बड़े पैमाने पर निवेश से संकेत मिलता है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल शेयर बाजारों में अपनी भागीदारी बनाए हुए हैं।

टेक्नोलॉजी फंड्स से 1.21 अरब डॉलर की निकासी

ग्लोबल इक्विटी फंड्स में कुल निवेश मजबूत रहने के बावजूद टेक्नोलॉजी सेक्टर के फंड्स से करीब 1.21 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई। हालिया तेजी और ऊंचे मूल्यांकन के बाद कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने या जोखिम कम करने की कोशिश इसकी संभावित वजह हो सकती है।

AI से जुड़ी कंपनियों में निवेश को लेकर भी बाजार में सतर्कता बनी हुई है। हालांकि, फंड्स से निकासी के आंकड़े अकेले यह साबित नहीं करते कि निवेशकों का टेक्नोलॉजी सेक्टर से भरोसा पूरी तरह कमजोर हो गया है।

फाइनेंशियल सेक्टर फंड्स में बढ़ी मांग

टेक्नोलॉजी फंड्स के विपरीत, फाइनेंशियल सेक्टर के फंड्स में करीब 1.73 अरब डॉलर का निवेश आया। ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बने रहने की संभावना कुछ बैंकों और वित्तीय कंपनियों की कमाई को समर्थन दे सकती है।

हालांकि, ऊंची दरों का असर सभी वित्तीय संस्थानों पर एक जैसा नहीं होता। कर्ज की मांग, फंडिंग लागत और ऋण चूक जैसे कारक भी इस क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।

बॉन्ड फंड्स में भी 22.65 अरब डॉलर का निवेश

सप्ताह के दौरान ग्लोबल बॉन्ड फंड्स में करीब 22.65 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। शॉर्ट-टर्म बॉन्ड और सरकारी ऋण से जुड़े उत्पादों में निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली।

बॉन्ड फंड्स में बढ़ता निवेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब वैश्विक बाजार ब्याज दरों के भविष्य और महंगाई की दिशा का आकलन कर रहे हैं। निवेशक अपने पोर्टफोलियो में जोखिम और संभावित रिटर्न के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

गोल्ड और कीमती धातुओं में भी निवेश

भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई को लेकर अनिश्चितता के बीच कीमती धातुओं से जुड़े फंड्स में भी निवेश जारी रहा। इससे संकेत मिलता है कि कुछ निवेशक शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखते हुए पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए रक्षात्मक परिसंपत्तियों का सहारा ले रहे हैं।

बाजार के लिए क्या हैं संकेत?

ग्लोबल इक्विटी फंड्स में लगातार चार सप्ताह तक इनफ्लो यह दर्शाता है कि वैश्विक शेयर बाजारों में निवेश की रुचि बनी हुई है। वहीं, टेक्नोलॉजी फंड्स से निकासी संकेत देती है कि निवेशक ऊंचे मूल्यांकन वाले AI और टेक शेयरों में जोखिम का दोबारा आकलन कर सकते हैं।

फाइनेंशियल सेक्टर और बॉन्ड फंड्स में निवेश से यह भी पता चलता है कि निवेशक अलग-अलग परिसंपत्ति वर्गों में अवसर तलाश रहे हैं। हालांकि, आगे निवेश का रुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति, महंगाई, कंपनियों की कमाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

स्रोत: Reuters, LSEG

जय राष्ट्र न्यूज़

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