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Asian stocks 3-month low पर, tech worries और Gulf tensions से global markets पर दबाव

हांगकांग/सिंगापुर, 22 अक्टूबर 2026: Asian stock markets गुरुवार को करीब तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। Technology shares में बिकवाली, AI valuations को लेकर बढ़ती चिंता और Gulf region में जारी geopolitical tensions ने investors की risk appetite कमजोर कर दी। Tech stocks पर सबसे ज्यादा दबाव Global technology और semiconductor stocks में कमजोरी Asian markets तक फैल गई। Investors high valuations, भारी AI spending और कंपनियों की future profitability को लेकर ज्यादा cautious दिखाई दिए। इसका असर Japan, South Korea और Greater China के technology-heavy indices पर पड़ा। Gulf tensions ने बढ़ाई चिंता Middle East में बढ़ते तनाव के कारण crude oil prices ऊंचे बने हुए हैं। महंगा तेल Asia की बड़ी importing economies के लिए inflation बढ़ा सकता है और central banks के लिए monetary policy आसान करना मुश्किल कर सकता है। इसी risk ने equities पर अतिरिक्त दबाव बनाया। MSCI Asia index 3-month low पर Japan को छोड़कर Asia-Pacific shares को track करने वाला MSCI index लगभग तीन महीने के lowest level तक गिरा। यह investors में बढ़ते risk-off sentiment को दिखाता है। Japan और Korea के markets भी कमजोर Japan के Nikkei और South Korean equities पर chip तथा technology shares की weakness का असर दिखा। AI-related companies में हाल की तेज rally के बाद profit booking भी market decline की एक वजह रही। Dollar और safe-haven assets पर नजर Market uncertainty बढ़ने के साथ traders US dollar, government bonds और gold जैसे safe-haven assets की ओर भी नजर रख रहे हैं। आने वाले sessions में crude prices, Gulf developments और major tech companies की earnings global market direction तय करने में अहम रहेंगी। जय राष्ट्र न्यूज़

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ग्लोबल इक्विटी फंड्स में लगातार चौथे सप्ताह निवेश, 20.01 अरब डॉलर का इनफ्लो; टेक फंड्स से निकला पैसा

17 अक्टूबर 2026: वैश्विक शेयर बाजारों में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में ग्लोबल इक्विटी फंड्स में 20.01 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा, जब इन फंड्स में नेट इनफ्लो देखने को मिला। हालांकि, टेक्नोलॉजी आधारित फंड्स से निकासी ने संकेत दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। अमेरिकी इक्विटी फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश क्षेत्रीय आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी इक्विटी फंड्स में करीब 16.68 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश आया। वहीं, यूरोपीय इक्विटी फंड्स में लगभग 2.35 अरब डॉलर का इनफ्लो दर्ज किया गया। एशियाई इक्विटी फंड्स में भी शुद्ध खरीदारी देखने को मिली। अमेरिकी फंड्स में बड़े पैमाने पर निवेश से संकेत मिलता है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल शेयर बाजारों में अपनी भागीदारी बनाए हुए हैं। टेक्नोलॉजी फंड्स से 1.21 अरब डॉलर की निकासी ग्लोबल इक्विटी फंड्स में कुल निवेश मजबूत रहने के बावजूद टेक्नोलॉजी सेक्टर के फंड्स से करीब 1.21 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई। हालिया तेजी और ऊंचे मूल्यांकन के बाद कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने या जोखिम कम करने की कोशिश इसकी संभावित वजह हो सकती है। AI से जुड़ी कंपनियों में निवेश को लेकर भी बाजार में सतर्कता बनी हुई है। हालांकि, फंड्स से निकासी के आंकड़े अकेले यह साबित नहीं करते कि निवेशकों का टेक्नोलॉजी सेक्टर से भरोसा पूरी तरह कमजोर हो गया है। फाइनेंशियल सेक्टर फंड्स में बढ़ी मांग टेक्नोलॉजी फंड्स के विपरीत, फाइनेंशियल सेक्टर के फंड्स में करीब 1.73 अरब डॉलर का निवेश आया। ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बने रहने की संभावना कुछ बैंकों और वित्तीय कंपनियों की कमाई को समर्थन दे सकती है। हालांकि, ऊंची दरों का असर सभी वित्तीय संस्थानों पर एक जैसा नहीं होता। कर्ज की मांग, फंडिंग लागत और ऋण चूक जैसे कारक भी इस क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। बॉन्ड फंड्स में भी 22.65 अरब डॉलर का निवेश सप्ताह के दौरान ग्लोबल बॉन्ड फंड्स में करीब 22.65 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। शॉर्ट-टर्म बॉन्ड और सरकारी ऋण से जुड़े उत्पादों में निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली। बॉन्ड फंड्स में बढ़ता निवेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब वैश्विक बाजार ब्याज दरों के भविष्य और महंगाई की दिशा का आकलन कर रहे हैं। निवेशक अपने पोर्टफोलियो में जोखिम और संभावित रिटर्न के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गोल्ड और कीमती धातुओं में भी निवेश भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई को लेकर अनिश्चितता के बीच कीमती धातुओं से जुड़े फंड्स में भी निवेश जारी रहा। इससे संकेत मिलता है कि कुछ निवेशक शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखते हुए पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए रक्षात्मक परिसंपत्तियों का सहारा ले रहे हैं। बाजार के लिए क्या हैं संकेत? ग्लोबल इक्विटी फंड्स में लगातार चार सप्ताह तक इनफ्लो यह दर्शाता है कि वैश्विक शेयर बाजारों में निवेश की रुचि बनी हुई है। वहीं, टेक्नोलॉजी फंड्स से निकासी संकेत देती है कि निवेशक ऊंचे मूल्यांकन वाले AI और टेक शेयरों में जोखिम का दोबारा आकलन कर सकते हैं। फाइनेंशियल सेक्टर और बॉन्ड फंड्स में निवेश से यह भी पता चलता है कि निवेशक अलग-अलग परिसंपत्ति वर्गों में अवसर तलाश रहे हैं। हालांकि, आगे निवेश का रुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति, महंगाई, कंपनियों की कमाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। स्रोत: Reuters, LSEG जय राष्ट्र न्यूज़

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AI Development धीमा करने की मांग से Global Tech Sector में हलचल; AI Stocks पर दबाव

नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026: Advanced Artificial Intelligence की development speed कम करने की मांग ने global technology sector में हलचल मचा दी है। Anthropic CEO Dario Amodei की warning को OpenAI CEO Sam Altman, Elon Musk और अन्य AI leaders का समर्थन मिलने के बाद सोमवार को Asia, Europe और US pre-market में कई AI-linked और semiconductor stocks पर दबाव देखा गया। SoftBank में 10% से ज्यादा गिरावट Japan की SoftBank Group, जो OpenAI की बड़ी investor है, के shares सोमवार को करीब 10.7%–11.2% तक गिर गए। Investors को चिंता है कि अगर regulators AI development पर restrictions लगाते हैं या companies खुद development pace धीमी करती हैं, तो AI infrastructure, chips और data centres में expected investment growth प्रभावित हो सकती है। Chip Stocks पर भी Pressure AI slowdown debate का असर semiconductor companies पर भी दिखा। South Korea की SK Hynix करीब 5.3%, Samsung Electronics लगभग 2.8% और Japan की Kioxia Holdings करीब 6% तक गिरी। US pre-market में Micron, Intel और Marvell जैसी chip companies पर भी selling pressure देखा गया। Anthropic CEO ने क्यों मांगा Slowdown? Dario Amodei ने advanced AI models की capabilities तेजी से बढ़ने पर चिंता जताते हुए कहा कि industry को safety systems को catch up करने का समय देना चाहिए। उन्होंने independent safety evaluators, AI companies के बीच common standards और governments के बीच international coordination वाला framework सुझाया है। उनका कहना है कि cyber misuse और increasingly autonomous AI systems जैसे risks को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Sam Altman और Elon Musk ने किया समर्थन OpenAI CEO Sam Altman और Elon Musk ने भी broader AI safety concern का समर्थन किया है। Reports के मुताबिक Google DeepMind के Demis Hassabis समेत कई प्रमुख tech leaders ने भी development speed और safety के बीच बेहतर balance की जरूरत पर सहमति जताई है। US Tech Futures भी नीचे AI safety concerns के बीच US market खुलने से पहले Nasdaq futures करीब 2% तक नीचे जाने का संकेत दे रहे थे। Nvidia समेत कई AI-linked stocks pre-market में कमजोर रहे। हालांकि analysts का एक वर्ग मानता है कि US-China technology competition के कारण industry-wide slowdown लागू करना आसान नहीं होगा। Investors की नजर Regulation पर Market में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि AI leaders की warnings केवल voluntary safety measures तक सीमित रहेंगी या governments भी stricter regulation की दिशा में कदम उठाएंगी। अगर AI deployment या model development materially धीमा होता है, तो chipmakers, cloud providers, data-centre companies और AI-focused investors की growth expectations पर असर पड़ सकता है। source – Reuters / AP / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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