प्रमुख खबरें

रातभर हिरासत के बाद AISA अध्यक्ष Neha Bora रिहा, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026: All India Students’ Association (AISA) की अध्यक्ष Neha Bora को CJP के ‘Lehra Do Tiranga’ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, Delhi Police Act की धारा 65 के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें छोड़ा गया।

रिहाई के बाद Bora ने प्रदर्शनकारियों, खासकर महिलाओं को रातभर हिरासत में रखने की आवश्यकता और पुलिस की कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

Neha Bora ने हिरासत पर क्या सवाल उठाए?

रिहाई के बाद Neha Bora ने पूछा कि प्रदर्शनकारियों को पूरी रात हिरासत में रखने की कानूनी जरूरत क्या थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें कई घंटों तक वकील तक पहुंच नहीं दी गई।

उनके बयानों ने पुलिस हिरासत की प्रक्रिया, कानूनी सहायता तक पहुंच और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।

महिलाओं को रातभर हिरासत में रखने पर सवाल

Bora ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं को सूर्यास्त के बाद हिरासत में रखने की प्रक्रिया पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।

उनकी आपत्ति हिरासत की अवधि और उसके दौरान अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर थी। हालांकि, हिरासत की वैधता और कानूनी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।

‘Lehra Do Tiranga’ प्रदर्शन के दौरान हुई थी हिरासत

Neha Bora को 16 अक्टूबर को CJP के ‘Lehra Do Tiranga’ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में निषेधाज्ञा तथा भीड़ नियंत्रण से जुड़े प्रतिबंध लागू किए थे।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई घटनाओं के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

प्रदर्शन से जुड़े मामलों में तीन FIR दर्ज

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं के संबंध में कम से कम तीन प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। इनमें निषेधाज्ञा के उल्लंघन और सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने जैसे आरोप शामिल हैं।

इन मामलों में दर्ज आरोपों की जांच जारी है। आरोप दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है।

Abhijeet Dipke भी रिहा

CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke को भी निवारक हिरासत के बाद विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, शांति बनाए रखने से संबंधित बॉन्ड भरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

यह कार्रवाई प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से उठाए गए कदमों का हिस्सा थी।

दिल्ली पुलिस का पक्ष

दिल्ली पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी।

दूसरी ओर, Neha Bora और अन्य प्रदर्शनकारियों ने हिरासत की अवधि, वकील तक पहुंच और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

इस घटनाक्रम ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी और हिरासत के दौरान कानूनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बहस को फिर तेज कर दिया है।

स्रोत: The Indian Express, The Times of India, Hindustan Times

जय राष्ट्र न्यूज़

Leave a Reply

Translate »