मुंबई: मुंबई और महानगरीय क्षेत्र में वाहन चालकों को आज, 1 नवंबर 2026, से सीएनजी के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी। महानगर गैस लिमिटेड ने सीएनजी की खुदरा कीमत में ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद नई कीमत ₹90 प्रति किलो हो गई है। यह अप्रैल के बाद सात महीनों में छठी बढ़ोतरी है।
₹89 से बढ़कर ₹90 प्रति किलो हुई कीमत
नई दर आधी रात से लागू हो गई है। इससे पहले मुंबई और आसपास के इलाकों में सीएनजी ₹89 प्रति किलो बिक रही थी। अब वाहन चालकों को प्रति किलो एक रुपया ज्यादा देना होगा।
अप्रैल से लगातार बढ़ रही कीमत
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल के बाद सीएनजी की कीमतों में यह छठी बढ़ोतरी है। लगातार संशोधनों के कारण ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और निजी सीएनजी वाहन मालिकों की ईंधन लागत बढ़ गई है।
महानगर गैस ने बताई बढ़ोतरी की वजह
महानगर गैस लिमिटेड ने कहा है कि गैस खरीद की लागत बढ़ने के कारण कीमतों में संशोधन करना पड़ा। विशेष रूप से आयातित पुनर्गैसीकृत तरलीकृत प्राकृतिक गैस की कीमत अंतरराष्ट्रीय गैस सूचकांकों से जुड़ी होती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस महंगी होने से कंपनी की लागत बढ़ी है और इसका असर खुदरा सीएनजी कीमत पर पड़ा है।
ऑटो और टैक्सी चालकों पर बढ़ा बोझ
मुंबई में बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा और टैक्सियां सीएनजी पर चलती हैं। कीमत बढ़ने से इन वाहन चालकों की रोजाना परिचालन लागत भी बढ़ेगी।
ऑटो और टैक्सी संगठनों ने लगातार बढ़ती सीएनजी कीमतों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो किराए में दोबारा संशोधन की मांग उठ सकती है।
मुंबई में लाखों सीएनजी वाहन
मुंबई महानगरीय क्षेत्र में करीब 4.7 लाख ऑटो-रिक्शा, 1.6 लाख टैक्सियां और 5 लाख से अधिक निजी सीएनजी वाहन हैं। इसके अलावा बसों और दूसरे व्यावसायिक वाहनों में भी सीएनजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।
हाल ही में बढ़ा था ऑटो किराया
सितंबर में न्यूनतम ऑटो-रिक्शा किराया ₹26 से बढ़ाकर ₹27 किया गया था। इसके बाद भी सीएनजी की कीमत में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे चालक संगठनों का कहना है कि लागत और किराए के बीच अंतर फिर बढ़ रहा है।
किराए पर पड़ सकता है असर
मुंबई रिक्शामेन यूनियन के मुताबिक ताजा बढ़ोतरी से प्रति किलोमीटर परिचालन खर्च और बढ़ गया है। यूनियन ने संकेत दिया है कि अगर ईंधन लागत में बढ़ोतरी जारी रहती है और कुल परिचालन खर्च तय सीमा से ज्यादा बढ़ता है तो भविष्य में किराया संशोधन की मांग की जा सकती है।
घरेलू पाइप गैस की कीमत नहीं बढ़ी
राहत की बात यह है कि घरेलू पाइप गैस की कीमत में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ताजा संशोधन मुख्य रूप से सीएनजी दरों पर लागू हुआ है।
आम लोगों पर भी अप्रत्यक्ष असर
सीएनजी महंगी होने का सीधा असर वाहन चालकों पर पड़ता है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव आम यात्रियों पर भी पड़ सकता है। अगर भविष्य में ऑटो और टैक्सी किराए बढ़ते हैं तो रोजाना सफर करने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
आगे अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों पर नजर
सीएनजी की आगे की कीमतें अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार, आयात लागत और घरेलू आपूर्ति की स्थिति पर निर्भर करेंगी। महानगर गैस लिमिटेड समय-समय पर इन लागतों की समीक्षा के आधार पर खुदरा कीमतों में बदलाव करती है।
स्रोत – महानगर गैस लिमिटेड, टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स
जय राष्ट्र न्यूज़

