नई दिल्ली: महीने की शुरुआत के साथ ही होटल, रेस्तरां और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को महंगाई का नया झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने आज, 1 नवंबर 2026, से 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹10 की बढ़ोतरी कर दी है। दिल्ली में अब यह सिलेंडर ₹2,810 की जगह ₹2,820 में मिलेगा।
लगातार दूसरे महीने महंगा हुआ व्यावसायिक सिलेंडर
यह लगातार दूसरा महीना है जब व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ाई गई है। इससे पहले 1 अक्टूबर को 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में ₹62.50 की बढ़ोतरी हुई थी।
सितंबर में भी इसकी कीमत ₹9.50 बढ़ाई गई थी। हालांकि जुलाई और अगस्त में कीमतों में क्रमशः ₹183.50 और ₹192 की कमी की गई थी।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत नहीं बदली
राहत की बात यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत फिलहाल ₹942 बनी हुई है।
होटल और रेस्तरां पर बढ़ेगा खर्च
व्यावसायिक सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, ढाबे, रेस्तरां, कैटरिंग कंपनियां और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठान करते हैं।
सिलेंडर की कीमत बढ़ने से इनके संचालन खर्च में भी बढ़ोतरी हो सकती है। अगर लागत लगातार बढ़ती है तो इसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
विमान ईंधन भी ₹1.37 प्रति लीटर महंगा
तेल कंपनियों ने विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमत भी बढ़ा दी है। दिल्ली में एटीएफ की कीमत ₹137.12 प्रति लीटर से बढ़कर करीब ₹138.50 प्रति लीटर हो गई है।
यानी विमान ईंधन की कीमत में लगभग ₹1.37 प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।
लगातार चौथे महीने बढ़े एटीएफ के दाम
विमान ईंधन की कीमतों में यह लगातार चौथे महीने की बढ़ोतरी है।
1 अक्टूबर को एटीएफ की कीमत में करीब ₹16 प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी हुई थी। इससे पहले सितंबर में ₹6.28 और अगस्त में करीब ₹5 प्रति लीटर की वृद्धि हुई थी।
हवाई कंपनियों की लागत पर पड़ेगा असर
विमान ईंधन किसी भी एयरलाइन के संचालन खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। रिपोर्टों के मुताबिक एयरलाइन कंपनियों के कुल संचालन खर्च में एटीएफ की हिस्सेदारी 40% तक हो सकती है।
ऐसे में लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें एयरलाइन कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं। आगे चलकर इसका असर हवाई किराए पर भी पड़ सकता है, हालांकि किराया कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।
पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं
1 नवंबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दोनों ईंधनों की मौजूदा दरें बरकरार हैं।
हर महीने क्यों बदलती हैं कीमतें?
व्यावसायिक एलपीजी और विमान ईंधन की कीमतों की समीक्षा आम तौर पर हर महीने की पहली तारीख को की जाती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमत, कच्चे तेल की स्थिति और रुपये-डॉलर की विनिमय दर जैसे कारकों के आधार पर घरेलू कीमतों में बदलाव किया जाता है। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों के कारण कीमतें अलग हो सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
इस साल वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया से जुड़ी आपूर्ति चिंताओं का असर एलपीजी तथा अन्य ईंधनों की कीमतों पर देखा गया है।
भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने या माल ढुलाई महंगी होने का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है।
आम आदमी पर कितना असर?
घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम नहीं बढ़ने से घरों के मासिक बजट पर फिलहाल सीधा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत बढ़ने से बाहर खाने-पीने की लागत पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।
वहीं विमान ईंधन के लगातार महंगा होने से आने वाले समय में विमान कंपनियों की लागत और हवाई किराए पर दबाव बढ़ सकता है।
स्रोत – सरकारी तेल विपणन कंपनियां, पीटीआई, बिजनेस स्टैंडर्ड, इकोनॉमिक टाइम्स, मनीकंट्रोल
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