Shiv

Mamata Banerjee statement

Mamata Banerjee statement: वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कही यह बात, भड़की बीजेपी  

वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। मुर्शिदाबाद में नए कानून के विरोध में शुक्रवार को मालदा, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना और हुगली जिलों में हिंसा भड़कने के दौरान पुलिस वैन समेत कई वाहनों को आग लगा दी गई, सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए और सड़कें जाम कर दी गईं। बता दें कि वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और हिंसा के बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया (Mamata Banerjee statement) सामने आई है। जारी इस हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर कहा कि “सभी धर्मों के लोगों से मेरी विनम्र अपील है कि कृपया शांत रहें, संयमित रहें। धर्म के नाम पर किसी भी अधार्मिक गतिविधि में शामिल न हों। हर इंसान की जान कीमती है। राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं। जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि “याद रखें, हमने वह कानून नहीं बनाया, जिस पर बहुत से लोग भड़के हुए हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए आप जो जवाब चाहते हैं, वह केंद्र सरकार से मांगना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने पूछा कि “हमने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि “हम इस कानून का समर्थन नहीं करते। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा। तो दंगा किसलिए?” दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी (Mamata Banerjee statement) ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते। कुछ राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बहकावे में न आएं।” ममता ने आगे कहा कि “मुझे लगता है कि धर्म का मतलब मानवता, सद्भावना, सभ्यता और सद्भाव है। मैं सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करती हूं।” बता दें कि मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में बीते एक सप्ताह में दो बार हिंसा भड़की हुई है। इसे लेकर भाजपा लगातार ममता बनर्जी पर निशाना साध रही है। इसे भी पढ़ें:-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ममता बनर्जी के भाषण के दौरान हुआ जमकर हंगामा, बोलो दीदी को कोई फर्क नहीं पड़ता  केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी- ममता बनर्जी  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “वे केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि “लोग उन पर भरोसा करें कि यह कानून बंगाल में नहीं आएगा।” क्या सच में ममता बनर्जी अपने राज्य में वक़्फ़ संसोधन बोल को नहीं लागू करेंगी, आखिर क्यों? ऐसे में यहाँ जानना जरूरी यह कि राज्य सरकारें केंद्रीय कानूनों को रोकने में कितनी सक्षम हैं? तो अनुच्छेद 254 के अनुसार, अगर केंद्र का कानून लागू है, तो राज्य सरकार उसके खिलाफ नहीं जा सकती। लेकिन राजनीतिक कारणों से, राज्य सरकारें कानूनों को लागू करने में बाधा डालने की कोशिश कर सकती हैं। खैर, यह एक संवैधानिक मुद्दा बन सकता है। जानकारों की माने तो अनुच्छेद 256 के मुताबिक राज्य सरकारें केंद्र द्वारा कानून और उनके निर्देशों का पालन करने से मना नहीं सकती हैं। केंद्र के निर्देशों को पालन करना राज्यों का दायित्व है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee statement #WaqfActControversy #WestBengalPolitics #MamataBanerjee #BJPVsTMC #WaqfDebate #MinorityRights #PoliticalClash #IndiaNews #WaqfLawProtest #PropertyDispute

आगे और पढ़ें
MP Court Gives Death Sentence in 6-Year-Old Rape Case

6-year-old rape and murder: एमपी में 6 साल की मासूम से रेप और हत्या के दोषी को कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में 6 साल की बच्चे के साथ रेप और उसकी हत्या (6-year-old rape and murder) करने के अपराधी को मौत की सजा दी गई है। जानकारी के मुताबिक प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 88 दिन चली सुनाई के बाद शुक्रवार शाम आरोपी अजय को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा पीड़िता के परिवार को 4 लाख रुपये के मुआवजे का भी ऐलान किया।  यही नहीं उन्होंने बच्ची पर कविता लिखकर संवेदना भी जताई है। दरअसल, आरोपी अजय ने 9 जनवरी की रात को बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी ने उसका मुंह दबाकर (6-year-old rape and murder) कर दी थी हत्या  जानकारी के मुताबिक 2 जनवरी की रात 9 बजे आरोपी अजय ने बच्ची का अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उसने झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर हत्या (6-year-old rape and murder) कर दी थी। हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया। इस बीच बच्ची के परिवार ने पूरे गांव में उसकी तलाश करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी अजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। शुरुआत में न नुकुर करने के बाद अजय ने अपना गुनाह क़ुबूल कर लिया था।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सुनाई सजा  बता दें कि इस मामले में 13 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया गया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष की तरफ से कोर्ट में कुल 39 गवाह पेश किए गए थे। सभी ने घटना की पुष्टि की। इसके अलावा 96 दस्तावेज और 33 सबूत पेश किए गए। मुख्य बात यह कि डीएनए रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट ने शासन का पक्ष रखा। कोर्ट ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपी को पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया। जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सजा सुनाई है। बच्चों के खिलाफ इस तरह की दुखद घटनाएं दिल को झकझोर देती हैं। आलम यह है कि दरिंदें हर नुक्कड़ और चौराहे पर बैठे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता की सबब बनते जा रही है। मौजूदा दौर में बच्चों के प्रति बढ़े अपराध के बाद तो यही कहा जा सकता है कि जब तक आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी तब तक उनके हौसलें पस्त नहीं होंगे। सरकार को ऐसे कानून बनाने चाहिए जिससे ऐसे दुर्दांत अपराधियों को ऊपरी अदालत में अपील करने का मौका ही न मिले। Latest News in Hindi Today Hindi News 6-year-old rape and murder #MPNews #ChildAbuse #JusticeForVictims #DeathPenalty #IndiaNews #RapeCase #CrimeNews #CourtVerdict #SaveChildren #LegalJustice

आगे और पढ़ें
Vasundhara Raje's Rift Shakes BJP

Vasundhara Raje BJP rift: वसुंधरा राजे की नाराजगी से बीजेपी में मचा हड़कंप, अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कही यह बात

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराजगी ने (Vasundhara Raje BJP rift) बीजेपी खेमे में हलचल मचा दी है। राजे के बयान का असर यह हुआ कि आनन-फानन मेंसीएम भजनलाल शर्मा को जलदाय विभाग के अधिकारियों को तलब करना पड़ा। दरअसल, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने झालावाड़ से राजस्थान में पानी के संकट का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद से सूबे सियासत गरमा गई थी।  विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर वसुंधरा राजे हकीकत में पानी के संकट पर गंभीर हैं तो पूरे राजस्थान को लेकर बात करनी चाहिए। इसके बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई। सीएम भजनलाल ने संबंधित विभाग से जुड़े अधिकारियों की क्लास ले ली। और सख्त चेतावनी देते हुए सूबे में पानी का विशेष इंतजाम करने की हिदायत दे दी।  पानी की किल्लत के चलते राजे ने अफसरों को लगाई फटकार (Vasundhara Raje BJP rift)  बता दें कि बीते दिनों पूर्व सीएम वसुंधरा राजे झालावाड़ के अपने निर्वाचन क्षेत्र में अचानक जा पहुंची और तपती गर्मी के बीच ग्रामीण इलाके में लोगों की समस्याएं सुनने लगी। स्थानीय लोगों ने पानी संकट की बात रखी, तो राजे ने अफसरों को फटकार (Vasundhara Raje BJP rift) लगाते हुए कहा कि “अफसर सो रहे हैं। जनता रो रही है, वे ऐसा नहीं होने देंगी।” गौर करने वाली बात यह कि राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकारिणी का फैसला होना है। और ऐसे समय में राजे ने भजनलाल सरकार की ब्यूरोक्रेसी की क्लास उस समय लगाकर सीएम को सकते में डाल दिया है। कहने की जरूरत नहीं, राजे की इस नाराजगी को भजनलाल सरकार पर बिना नाम लिए हमला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे पानी का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करके खुद की भी नाराजगी जाहिर कर दी। राजे की नाराजगी के बाद सकते में आई बीजेपी ने सफाई दी। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “राजे अपनी क्षेत्र की चिंता कर रही हैं। उन्हें अधिकारियो को ऐसे समझना पड़ा।  इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी को आड़े हाथों लेने का मौका दे दिया है कहने की जरूरत नहीं, राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी में गुटबाजी और सरकार से नाराजगी पर वार करने का मौका दे दिया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजे के बयान को जायज ठहराते हुए कहा कि “वसुंधरा राजे ने ठीक मुद्दा उठाया लेकिन वो दो बार सीएम रह चुकी हैं और सरकार को पानी को लेकर काम से संतुष्ट नहीं है तो पूरे राज्य के हित में इस मुद्दे को उठाना चाहिए और सरकार की पानी की योजना की खामियों को गिनाना चाहिए।” इत्तेफ़ाक की बात यह कि वसुंधरा राजे बयान के अगले दिन ही उनके करीबी सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा ने अतिक्रमण हटाने के सरकारी अभियान का विरोध करते हुए अपनी ही सरकार पर हिन्दू विरोधी काम करने का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि एक बार फिर राजथान बीजेपी की गुटबाजी खुलकर जाहिर होने लगी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Vasundhara Raje BJP rift #VasundharaRaje #BJP #AshokGehlot #RajasthanPolitics #PoliticalRift #BJPNews #RajeVsBJP #GehlotRemark #BJPConflict #IndianPolitics

आगे और पढ़ें
NIA's Fear Over Tahawwur Rana Forces Tight Security Measures

Tahawwur Rana NIA fear: एनआईए को सता रहा इस बात का डर, कहीं तहव्वुर राणा….सख्त किया पहरा

26/11 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किये जाने के बाद एनआईए मुख्यालय के भीतर बनी सबसे सुरक्षित सेल में रखा गया है। मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक 64 वर्षीय राणा (Tahawwur Rana NIA fear) के इर्द-गिर्द कड़े सुरक्षा के इंतजाम किया गए हैं। सुरक्षा का आलम यह है कि 24 घंटे सीसीटीवी के माध्यम से उसकी निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी भी कड़ा पहरा दे रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लोधी रोड पर स्थित एनआईए मुख्यालय को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। उसे ग्राउंड फ्लोर पर 14×14 सेल में रखा गया है। उसकी सुरक्षा का अंदाजा इसीसे लगा सकते हैं कि वो खुद की किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचा ले इस हेतु उसे लिखने के लिए सिर्फ सॉफ्ट-टिप पेन के इस्तेमाल की ही अनुमति होगी। बता दें कि राणा को आत्महत्या की निगरानी पर रखा गया है। बेशक पूछताछ में कई जानकारी सामने आने की उम्मीद है। एनआईए ने शुक्रवार को आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश को उजागर करने के लिए राणा (Tahawwur Rana NIA fear) से पूछताछ शुरू कर दी है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए ने शुक्रवार को आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश को उजागर करने के लिए राणा (Tahawwur Rana NIA fear) से पूछताछ शुरू कर दी है। शुरूआती पूछताछ में आईएसआई के साथ उसके संबंधों के अलावा भारत में छुपे स्लीपर सेल, विशेष रूप से उसके सहयोगी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी से जुड़े लोगों पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। दरअसल, हेडली पर पुष्कर, गोवा, दिल्ली और अन्य स्थानों पर स्लीपर सेल की भर्ती करने का संदेह है। खैर, इस बीच मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपियों में से एक आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के मामले में कांग्रेस ने कहा कि “मोदी सरकार ने इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की और वास्तव में यूपीए के तहत शुरू हुई।”  इसे भी पढ़ें:- स्टील की दीवारें, मोशन सेंसर, बायोमेट्रिक लॉक और 24 घंटे SWAT तैनात, तहव्वुर राणा को जहां रखा गया उसकी सुरक्षा है बेहद खास मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय (Tahawwur Rana NIA fear) ले रही है-पी चिदंबरम बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि “मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय (Tahawwur Rana NIA fear) ले रही है, जबकि सच्चाई कोसों दूर है।” चिदंबरम ने कहा कि “यह प्रत्यर्पण किसी दिखावे का नतीजा नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है कि जब कूटनीति, कानून प्रवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ईमानदारी से और बिना किसी तरह की छाती ठोकने के साथ किया जाता है, तो भारत क्या हासिल कर सकता है।” वो यही यहीं रुके और उन्होंने कहा कि “यह प्रक्रिया 11 नवंबर, 2009 को शुरू हुई, जब एनआईए ने कहा कि अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली और कनाडाई नागरिक राणा और 26/11 की साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ नई दिल्ली में मामला दर्ज किया था।” Latest News in Hindi Today Hindi News Tahawwur Rana NIA fear #TahawwurRana #NIA #ExtraditionCase #TerrorAlert #IndiaUSRelations #SecurityUpdate #2611Attack #NIAAlert #TerrorSuspect #BreakingNews

आगे और पढ़ें
CSK vs KKR 2025 Big Defeat for CSK in IPL 2025 Clash

CSK vs KKR 2025: आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त

11 अप्रैल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स (CSK vs KKR 2025) के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (एआईपीएल)- 2025 का महामुकाबले खेला गया। इस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स अपने ही गढ़ में कोई कमाल न कर सकी। कोलकाता नाइट राइडर्स के धाकड़ गेंदबाजों के सामने चेन्नई की टीम लाचार नजर आई और 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर महज 104 रन ही बना सकी। बता दें कि 18 साल के इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स का अपने घर पर  यह सबसे कम टोटल था। आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता के बल्लेबाजों ने 10.1 ओवर में विजयी लक्ष्य को हासिल करके सीएसके को उसी के घर शर्मनाक मात दी। कोलकाता ने 59 गेंद शेष रहते ही लक्ष्य को हासिल कर लिया। केआर की इस जीत में सुनील नारायण की सबसे अहम भूमिका रही। पहले गेंदबाजी में जहां उन्होंने तीन विकेट झटके तो वहीं बल्लेबाजी में 44 रनों की शानदार पारी भी खेली। चेन्नई सुपर किंग्स की यह आईपीएल 2025 में अबतक खेले 6 मैच में पांचवीं और अपने होम ग्राउंड पर लगातार तीसरी हार है।  आईपीएल के इतिहास में (CSK vs KKR 2025) यह पहली बार ऐसा हुआ है जब चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम लगातार चार मैच हारी है हैरत की बात यह कि आईपीएल के इतिहास में (CSK vs KKR 2025) यह पहली बार ऐसा हुआ है जब चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम लगातार एक के बाद एक चार मैच हारी है। टीम ने 23 मार्च को अपने पहले मैच में मुंबई इंडियंस को चार विकेट से हराकर शानदार आगाज किया था। लेकिन इसके बाद फिर हार का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। एक नजर डाले चेन्नई सुपर किंग्स की हार पर तो दूसरे मैच में उसे आरसीबी के हाथों 50 रन की शिकस्त देखनी पड़ी। तीसरे मैच में राजस्थान रॉयल्स ने 6 रन से मात दी। चौथे मैच में दिल्ली कैपिटलस ने भी चेन्नई को 25 रन से हरा दिया। फिर रही सही कसर पंजाब किंग्स से 18 रनों से हारने के बाद पूरी हो गई और अब कोलकाता ने उसे 8 विकेट से करारी शिकस्त दी है। महत्वपूर्ण बात यह कि अपने घरेलू मैदान पर लगातार तीन हार के बाद चेन्नई की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, कभी चेपॉक के मैदान में चेन्नई को मात देना असंभव हुआ करता था। लेकिन मौजूदा सीजन में सीएसके अपने ही घर में जीत दर्ज कर पाने में नाकाम रही है।  इसे भी पढ़ें:- मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स हैदराबाद ने टेके घुटने प्लेऑफ में पहुँचने के लिए चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को अपने बाकी बचे 8 मैचों में से 7 मैच जीतने होंगे सीजन में पांच हार के बाद (CSK vs KKR 2025) चेन्नई सुपर किंग्स के फैन्स के मन में सवाल कौंधने लगे हैं कि क्या उनकी टीम प्लेऑफ में पहुंचने में सफल होगी भी या नहीं। बता दें कि सीएसके अबतक 6 मैच खेल चुकी है। अभी उसके 8 मैच बाकी है। किसी भी टीम को प्लेऑफ में अपनी जगह बनाने के कम से कम 8 मैच जीतने होते हैं। यही नहीं, 14 अंक और बेहतर नेट रन रेट के आधार पर भी प्लेऑफ में एंट्री हो सकती है। जैसा पिछले सीजन में आरसीबी के साथ हुआ था। गौरतलब हो कि सीएसके आरसीबी के साथ 14-14 अंक की बराबरी पर थी। लेकिन बेहतर नेट रन रेट की वजह से प्लेऑफ में पहुंची और चेन्नई सुपर किंग्स ऐसा करने से चूक गई। ऐसे में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को अपने बाकी बचे 8 मैचों में से 7 में जीत दर्ज करनी होगी। 6 मैच जीतकर बेहतर रन रेट के साथ वो प्लेऑफ की दौड़ में शामिल हो सकती है। और यदि 8 में से यदि 3 मैच हार जाती है तो इस हार के साथ ही चेन्नई के लिए प्लेऑफ के दरवाजे बंद हो जाएंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 CSK vs KKR 2025 #CSKvsKKR2025 #IPL2025 #ChennaiSuperKings #KKRWin #IPLHighlights #CSKDefeat #KKRvsCSK #MSDhoni #KKRDominates #IPL2025Match

आगे और पढ़ें
BJP-AIADMK coalition

BJP-AIADMK coalition: एनडीए हुआ और मजबूत, बीजेपी-एआईडीएमके गठबंधन का हुआ ऐलान

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को पद से हटाए जाने के बाद एआईडीएमके के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में वापसी का ऐलान भी हो (BJP-AIADMK coalition) गया है। चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस गठबंधन का ऐलान किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव राज्य में ई. पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़े जाएंगे, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन का चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि “1998 से जयललिता जी और अटल जी के समय से हम मिलकर चुनाव लड़ते आए हैं। एक समय ऐसा था जब हमने 39 में से 30 लोकसभा सीटें साथ मिलकर जीती थीं।” बीजेपी और एआईडीएमके का गठबंधन सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि विश्वास और विचारधारा पर आधारित रहा है।” इस दौरान अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता और प्रधानमंत्री मोदी के बीच रिश्तों को भी याद किया और कहा कि “दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर हमेशा तमिलनाडु के विकास के लिए काम किया है।” चुनाव के बाद बीजेपी तय करेगी कि वह सरकार में शामिल होगी या (BJP-AIADMK coalition) नहीं।  इस बीच शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि “बीजेपी चुनाव के बाद तय करेगी कि वह सरकार में शामिल होगी या (BJP-AIADMK coalition) नहीं। एआईएडीएमके ने कोई मांग नहीं रखी है और उनके आंतरिक मामलों में भाजपा का कोई हस्तक्षेप नहीं है। यह गठबंधन दोनों दलों के लिए उपयोगी है और हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे। मंत्रियों की संख्या और सीटों के बंटवारे का निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा। फिलहाल एनडीए का मुख्य लक्ष्य राज्य में भ्रष्ट डीएमके सरकार को हटाना है।” यही नहीं अमित शाह ने डीएमके पर करारा हमला करते हुए कहा कि “सनातन धर्म और भाषा जैसे मुद्दे डीएमके जानबूझकर उठा रही है ताकि लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटका सके।” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार होगा और जनता इस बार विकास और पारदर्शिता को चुनेगी।” शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी और जयललिता के समय से चले आ रहे गठबंधन को याद करते हुए कहा कि “और एआईएडीएमके ने मिलकर पहले भी बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी जनता एनडीए को बहुमत दिलाएगी।” इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर (BJP-AIADMK coalition) लगाए आरोप  यही नहीं, अमित शाह ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि “डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर (BJP-AIADMK coalition) आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार ने अब तक करीब 39,000 करोड़ रुपए के घोटाले किए हैं, जिनमें शराब घोटाला और मनरेगा घोटाला प्रमुख है। हम डीएमके सरकार के घोटालों का खुलासा करेंगे। तमिलनाडु की जनता स्टालिन और उदयनिधि को इस भ्रष्टाचार के लिए कभी माफ नहीं करेगी।” इसके अलावा चुनाव से पहले ही अमित शाह ने इशारों इशारों में यह भी बता दिया कि तमिलनाडु का अगला BJP अध्यक्ष कौन होगा। उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसके बारे में बताया।  Latest News in Hindi Today Hindi News BJP-AIADMK coalition NDAAlliance #BJPNews #AIADMK #IndianPolitics #Election2025 #BJPAlliance

आगे और पढ़ें
Suicide over daughter’s marriage

Suicide over daughter’s marriage: बेटी के प्रेम विवाह करने व्यथित पिता ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द

हमारे देश में बालिग होने पर अपनी मर्जी से विवाह करने की आजादी है। कई बार लड़के लड़कियां माँ-बाप के खिलाफ जाकर शादी कर लेते हैं। ऐसे में या तो घर उन्हें त्याग देता है या बात बहुत बढ़ने पर उन्हें रास्ते से ही हटा देता है। कई मामलों में तो कुछ दिन बाद ही सही उन्हें स्वीकार भी कर लेता है। लेकिन क्या अपने सुना है कि बेटी की शादी से व्यथित एक पिता ने खुद को ही गोली मारली? यह अक्सर काम देखा गया है जिसमें बापने खुद को ही गोली मार ली। दरअसल, ग्वालियर जिले में एक पिता ने बेटी के प्रेम विवाह करने पर खुद को गोली मारकर अपनी (Suicide over daughter’s marriage) जान दे दी। सुसाइड नोट में पिता ने लिखा, ‘यह कैसा कानून है जो बेटी के बालिग होते ही पिता से उसके सारे अधिकार छीन लेता है? बेटी को अपनी मर्जी से जीने का हक है, लेकिन क्या एक पिता की भावनाओं की कद्र भी नहीं? क्या एक पिता की भूमिका बेटी के बालिग होते ही खत्म हो जाती है? मृतक पिता ने खुदकुशी से पहले लिखे सुसाइड नोट में लिखा कि उनका दुख बेटी के पसंद से नहीं, बल्कि बेटी को खो देने का है। अपना दर्द साझा करते हुए पिता ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसने बेटी को समझाया, लेकिन वो नहीं मानी।  बेटी के फैसले से इस कदर टूटे कि अपनी जीवन लीला (Suicide over daughter’s marriage) ही समाप्त कर दी रिपोर्ट के मुताबिक 49 वर्षीय मृतक संजू जायसवाल ने गुरुवार को अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर (Suicide over daughter’s marriage) अपनी जान दे दी। मेडिकल स्टोर चलाने वाले पिता संजू की 21 वर्षीय बेटी हर्षिता ने पड़ोसी युवक आनंद अटालिया से प्रेम विवाह किया था। परिवार ने इस शादी का विरोध किया। बेटी को लाख समझाया लेकिन वो अपने फैसले पर अड़ी रही। इस बीच बात इतनी बढ़ गई कि मामला कोर्ट तक पहुँच गया। जानकारी मुताबिक अदालत में बेटी ने साफ कहा कि “वह बालिग है और पति के साथ रहना चाहती है।” पिता संजू को अपनी बेटी से यह उम्मदी नहीं थी। बेटी के इस फैसले से वो इस कदर टूटे कि उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखकर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर दी। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट और लाइसेंसी बंदूक जब्त की है। सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस तहकीकात कर रही है और परिजन के बयान ले रही है।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है मृतक ने लिखा कि संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है, वो वकील जो कुछ पैसों के लिए एक परिवार की बलि तक चढ़ा देते हैं, उनकी भी बेटियां होती हैं। वे कुछ नहीं सोचते पिता का दर्द, एक परिवार नष्ट होता है, उसका कुछ नहीं बचता। उन्होंने आगे लिखा कि “आर्य समाज की शादी मान्य नहीं हैं, तो कोर्ट कैसे बालिका को उसके साथ भेज सकता है। बकौल पिता, अगर बेटी 17 आयु से कम हैं तो उस तौर पर माता-पिता कुछ कहते हैं तो कोर्ट माता-पिता को सौंपता है, लेकिन यदि वो बालिग है तो नहीं सौंपता, यह गलत है। हर्षिता ने तूने गलत किया, परिवार नहीं खानदान बर्बाद कर दिया। पिता ने आगे कहा कि मैं उन दोनों को मार सकता हूं, लेकिन अपनी लड़की को कैसे मारता। रेनू (पत्नी) मुझे माफ कर देना, क्योंकि मैं उनको मारता तो तुम्हारा भविष्य खत्म हो जाता। इसलिए मैं खुद मर रहा हूं। रेनू, अपना और बेटे पूर्णांक का ख्याल रखना। पूर्णांक को अपनी किस्मत लिखना है। बेटा मुझे माफ करना..और इस तरह आखिरी शब्द लिखते हुए पिता ने खुद (Suicide over daughter’s marriage) को गोली मार ली। Latest News in Hindi Today Hindi News Suicide over daughter’s marriage #LoveMarriageControversy #FatherDaughterBond #SuicideCaseIndia #MarriageDispute #HeartbreakingNews #IndianFamilyCrisis #SuicideOverMarriage #EmotionalTrauma #FamilyHonorIssue #IndiaNewsUpdate

आगे और पढ़ें
Rajasthan CM Bhajanlal’s Strict Warning to Officers

Rajasthan CM strict order: इस वजह से सीएम भजनलाल शर्मा ने दी अधिकारियों को यह सख्त चेतावनी

गर्मी का मौसम आते ही पानी की किल्ल्तें बढ़ जाती हैं। तपती गर्मी में आमजन को पानी की भारी कमी का समना करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गर्मी में पीने के पानी की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा हेतु बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त (Rajasthan CM strict order) निर्देश देते हुए कहा कि “गर्मी में जनता को यदि पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं है। गौरतलब हो कि हाल में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में पानी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा था कि “अधिकारी सो रहे हैं, जनता रो रही है, मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।” फिर क्या था उसके बाद विपक्षी कांग्रेस ने भजनलाल शर्मा सरकार को घेर लिया था। कारण यही जो खुद को चौतरफा घिरता देख सीएम भजनलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को पानी की व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री निवास पर बैठक बुलाई थी।  शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत (Rajasthan CM strict order) नहीं होनी चाहिए प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पीने का पानी मुहैया करवाया जाए।” उन्होंने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलाधिकारी आकस्मिक योजना के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए।” सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि “अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें।” बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नए हैण्डपंप, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपंप, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने समेत पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य के 15 मई से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि “पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारियों को एक-एक करोड़ रुपये का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। 15 मई से पहले गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपप और नलकूपों को चालू कर दिया जाए तथा इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपंप की वित्तीय स्वीकृति भी जल्द जारी कर काम जल्दी शुरू किया जाए।  इसे भी पढ़ें:-काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं इस बीच बैठक में बताया गया कि “गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल महीने में दो लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपंप’की मरम्मत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपये के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपये के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने और पंपसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के शिखर पर रहने के दौरान टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी गई है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Rajasthan CM strict order #RajasthanCM #BhajanlalSharma #StrictOrder #GovernmentWarning #RajasthanNews #CMAction #IndiaPolitics #StateUpdate #BureaucracyAlert #PoliticalNews

आगे और पढ़ें
PM Modi Kashi projects

PM Modi Kashi projects: काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 3880 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन PM (Modi Kashi projects) किया। वाराणसी पहुंचने पर पीएम मोदी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया। बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार के 8 साल पूरे होने के बाद पीएम मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है।” जानकारी के मुताबिक मेंहदीगंज स्थित जनसभा में पीएम मोदी ने काशी वासियों को 39 करोड़ की नई परियोजनाओं की सौगात दी। इसके साथ ही 3 बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया। इस दौरान पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि “आज काशी सिर्फ पुरातन नहीं मेरी काशी प्रगतिशील भी है। पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे के केंद्र में है। काशी के स्वयं महादेव रखवाले हैं।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है। काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से खूब लाभ मिलेगा। इन सभी विकास कार्यों के लिए बनारस के लोगों को पूर्वांचल के लोगों को मैं ढेर सारी बधाई देता हूं।” काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है- पीएम मोदी  अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि “हमरे परिवार के हमरे लोगन के हमार प्रणाम। आप सब लोग यहां हमें आपन आशीर्वाद देला। हम ई प्रेम के कर्जदार हौ। काशी हमार हौ, हम काशी के हौ। संकटमोचन के दर्शन का सौभाग्य मिला। काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है।” इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि “काशी महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन की भी गवाह है। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में विधानसभा चुनावों में जीत और महाकुंभ के सफल आयोजन के बाद, प्रधानमंत्री आज यहां काशी पहुंचे हैं। काशी महाकुंभ के भव्य आयोजन की भी गवाह रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में, भक्त नई काशी में आने के लिए उत्साहित थे। 45-दिवसीय (महाकुंभ) के दौरान, 3 करोड़ से अधिक भक्तों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।”  इसे भी पढ़ें:- इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) इस बीच बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से वाराणसी में सड़क संपर्क बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप पीएम मोदी ने क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अलावा, पीएम मोदी ने वाराणसी रिंग रोड और सारनाथ के बीच एक सड़क पुल के साथ-साथ शहर के भिखारीपुर और मंडुआडीह क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर और वाराणसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एनएच-31 पर एक हाईवे अंडरपास रोड सुरंग की आधारशिला रखी। जिसकी लागत तकरीबन 980 करोड़ रुपये से अधिक है। यही नहीं, इस दौरान प्रधानमंत्री ने पिंडरा में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बरकी गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी कॉलेज, 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 77 प्राथमिक स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार और चोलापुर, वाराणसी में कस्तूरबा गांधी स्कूल के लिए एक नए भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखी। पीएम मोदी ने गंगा नदी पर सामने घाट और शास्त्री घाट के पुनर्विकास, जल जीवन मिशन के तहत 345 करोड़ रुपये से अधिक की 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं, वाराणसी के छह नगरपालिका वार्डों के सुधार और वाराणसी के विभिन्न स्थलों पर भूनिर्माण और मूर्तिकला की स्थापना का भी उद्घाटन किया। Latest News in Hindi Today Hindi News Modi Kashi projects #PMModi #KashiDevelopment #VaranasiProjects #ModiInKashi #3880CroreGift #NewKashi #ModiInVaranasi #KashiTransformation #PMInauguration #KashiInfra

आगे और पढ़ें
Why Tahawwur Rana Wore a Brown Jumpsuit in India

Why brown jumpsuit: आखिर ब्राउन रंग के जंपसूट में ही भारत क्यों लाया गया तहव्वुर राणा?

26/11 मुंबई आतंकी हमले का मास्टमाइंड और खूंखार आतंकी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा चुका है। अब उसे एएनआई की कस्टडी में सौंप दिया गया है। इस बीच एनआईएए कस्टडी में उसकी एक फोटो जारी की गई, जो देखते-ही-देखते पूरे मडिया जगत में छा गई। संभवतः सुरक्षा कारणों की उसका चेहरा तो नहीं दिखाया गया लेकिन उसके सिर के पके हुए हुए बाल बहुत ककुछ बयां कर रहे थे। पके बालों के साथ उसके कपड़ों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। वो इसलिए कि आमतौर पर अपराधी को काली सफ़ेद पट्टी वाली ड्रेस में देखा गया है। लेकिन इस खूंखार आतंकी को ब्राउन रंग का ढीला सा जंपसूट पहनाया गया था। जिसने में भी उसे इस ड्रेस में देखा उसके मन में यही सवाल आया कि आखिर आतंकी को क्यों इस तरह के ड्रेस में (Why brown jumpsuit) अमेरिका से लाया गया है? विशेष परिस्थितियों में ही कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म (Why brown jumpsuit) पहनाई जाती है आमतौर पर लोग पैंट-शर्ट, टीशर्ट या कुर्ते पायजामे में दिखाई देते हैं लेकिन तहव्वुर जंपसूट में क्यों? उसका यही जंपसूट लोगों के चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसा नहीं है कि ब्राउन रंग का जंपसूट आतंकी तहव्वुर ने खुद अपनी मर्जी से नहीं पहना है। दरअसल, ब्राउन रंग का जंपसूट अमेरिका में कुछ खास कैदियों की एक तरह से यूनिफॉर्म है। बता दें कि कुछ विशेष परिस्थितियों में ही कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म (Why brown jumpsuit) पहनाई जाती है। जानकारी के मुताबिक मीडियम से हाई रिस्क वाले कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म पहनाई जाती है। ऐसा इसलिए कि ताकि उनकी पहचान अलग से हो सके। यही नहीं, भूरे रंग को मनोबल गिराने वाला माना जाता है। आमतौर पर कैदियों में आत्मचिंतन की भावना आए, इस हेतु से भी कैदियों को इस रंग की यूनिफॉर्म दी जाती है। बता दें कि अमेरिका में पहले कैदियों को ऑरेंज रंग की वर्दी भी पहनाई जाती थी।  इसे भी पढ़ें:- इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल कैदियों की यूनिफॉर्म महज कपड़े ही नहीं बल्कि सिस्टम और अपराध की प्रकृति को भी (Why brown jumpsuit) दर्शाते हैं गौर करने वाली बात यह कि अमेरिका में समय-समय पर कैदियों की यूनिफॉर्म बदलती रही है। बता दें कि अमेरिका में 1820 से 1930 के बीच जेलों में कैदियों को काली-सफेद पट्टियों वाली वर्दी पहनाई जाती थी। कैदियों की यूनिफॉर्म महज कपड़े ही नहीं बल्कि सिस्टम और अपराध की प्रकृति को भी (Why brown jumpsuit) दर्शाते हैं। यही नहीं, यहां समय के साथ कैदियों के कपड़ों के रंग में भी बदलाव होता रहता है। कभी काली-सफेद पट्टियों वाली यूनिफॉर्म तो कभी चमकीली ऑरेंज रंग की ड्रेस, फिर गुलाबी और अब ब्राउन रंग के जंपसूट।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Why brown jumpsuit #TahawwurRana #BrownJumpsuit #ExtraditionNews #IndiaNews #26NovemberAttack #PrisonUniform #RanaExtradition #MumbaiAttack #FBIExtradition #BreakingNews

आगे और पढ़ें
Translate »