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Nalanda woman murder

Nalanda woman murder: बिहार के नालंदा में महिला के साथ हैवानियत, पैरों में 10 कीलें ठोक सड़क किनारे फेका शव

बिहार के नालंदा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जानकारी के मुताबिक हरनौत प्रखंड के सरथा पंचायत के बहादुरपुर गांव के पास नेशनल हाईवे 30A के किनारे बुधवार सुबह एक अज्ञात महिला का शव (Nalanda woman murder) मिलने से लोग दहशत में हैं। शव की हालत देख हर कोई हैरान है। महिला के बाएं हाथ पर पट्टी बंधी थी, और उसके पैर में तकरीबन 10 कीलें ठोकी हुई थी। कहने की जरूरत नहीं, इस क्रूरता ने लोगों को झकझोर दिया है। बता दें कि सुबह-सुबह सड़क किनारे गड्ढे में पड़े शव पर स्थानीय लोगों की नजर पड़ी। देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। इस बीच ग्रामीणों ने तुरंत चंडी थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी। थाना अध्यक्ष ने बताया कि “महिला की उम्र करीब 30-35 साल प्रतीत होती है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। शव के पास कोई ऐसा सुराग भी नहीं मिला, जो उसकी शिनाख्त की जा सके।” महिला की हत्या (Nalanda woman murder) कहीं और हुई और शव कहीं और फेका गया  हालांकि पुलिस ने प्राथमिकी कर ली है। पुलिस को शक है कि महिला की हत्या (Nalanda woman murder) कहीं और हुई होगी और हत्यारे ने शव को यहां गड्ढे में फेंक दिया। पैर में कील और हाथ पर पट्टी ने इस मामले को और उलझा दिया है। बहरहाल, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। इस बीच पुलिस इसे अंधविश्वास का मामला मानकर भी जाँच कर रही है। बता दें कि महिला नाइटी में थी। नाक में नथुनी, हाथों में चूड़ियां और पैरों में पायल एवं बिछिया थी। उसके हाथ में इंट्राकेट और बांह में पट्टी बंधी थी। संदेह यह भी जताया जा रहा है कि उसे मारने से पहले उसकी कहीं इलाज भी हुआ होगा। खैर, इस पूरे मामले पर चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि “प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि महिला की पिटाई के बाद इलाज कराया गया था। लेकिन उसकी मौत हो गई। फिर इसके बाद शव को खेत में फेंक दिया गया। अभी तक शव की पहचान नहीं हुई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ पता चल सकेगा।”  इसे भी पढ़ें:- धर्म विशेष के चार युवकों ने 14 साल की लड़की से 2 महीने तक की हैवानियत, जबरन खिलाया बीफ, डाला तेजाब महिला के दोनों पैर के तलवों में कुछ कील गड़े हुए थे (Nalanda woman murder)  हैरत की बात यह कि इस पूरे मामले में 24 घंटे बीत जाने के बाद भी शव की पहचान नहीं हो सकी है। गुरुवार को हिलसा डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि “बुधवार को चंडी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सड़क किनारे एक महिला का शव (Nalanda woman murder) पड़ा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उसके बाद जांच की गई। महिला के दोनों पैर के तलवों में कुछ कील गड़े हुए थे। गर्दन पर राख का निशान था। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।” तो वहीं आरजेडी की प्रवक्ता एज्या यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “महिला अत्याचार और उत्पीड़न में बिहार शीर्ष राज्यों में है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को शर्म है कि आती ही नहीं! उनके गृह जिला में घटित इस रूह कंपकंपाने वाले वीभत्स कांड और दरिंदगी से भी अगर किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता तो वह इंसान है नहीं! वैसे इस घटना को भी बेशर्म भाजपाई औरएनडीए के सत्तालोलुप लोग राम राज्य की मंगलकारी घटना ही बताएंगे और कहेंगे कि 15वीं शताब्दी में क्या होता था जी?”  Latest News in Hindi Today Hindi News Nalanda woman murder #NalandaMurder #JusticeForVictim #BiharCrime #WomenSafety #CrimeNews #NalandaHorror #BrutalMurder #BiharNews #StopViolence #IndianLaw

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14-Year-Old Girl Attacked with Acid

Girl attacked with acid: धर्म विशेष के चार युवकों ने 14 साल की लड़की से 2 महीने तक की हैवानियत, जबरन खिलाया बीफ, डाला तेजाब

बीतते समय के साथ-साथ लोगों की इंसानियत भी दम तोड़ती नजर आने लगी है। लोगों में दया नाम की चीज रह ही नहीं गई है। इसका ताजा उदाहरण देखने मिला है उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में, जहाँ एक दलित नाबालिग के साथ विशेष धर्म के चार लोगों ऐसी दरिंदगी की है कि सुनकर ही रौंगटे खड़े हो जाएँ। जानकारी के मुताबिक चार युवकों ने 14 साल की लड़की को जबरन अगवा कर दो महीने तक उसके साथ पहले तो सामूहिक दुष्कर्म किया। और फिर उसे तरह-तरह की यातनाएं दी। यही नहीं, उसके हाथ पर बने ॐ के टैटू को मिटाने के लिए उसपर तेज़ाब (Girl attacked with acid) उड़ेल दिया। अचरज की बात यह कि हैवानियत का यह नंगा नाच योगी की उस सरकार में घटित हुआ है जो महिला सुरक्षा को सर्वोपरि रखने का दंभ भर्ती है। हैवानियत का आलम यह था कि जब उस लड़की ने दरिंदों से कुछ खाने को माँगा तो दरिंदों ने उसे जबरन बीफ खिला दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार नाबालिग दलित लड़की के साथ यह दरिंदगी करीब 2 महीने तक चलती रही। इस बीच पीड़िता की मौसी ने इस मामले की शिकायत भगतपुर थाने में की। शिकायत के बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड सहिंता की धारा 137(2), 70(1), 123, 127(4), 299, 351(3), 124(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। यही नहीं, पुलिस ने इस घिनौने अपराध में शामिल मुख्य आरोपी सलमान को भी गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अन्य की तलाश जारी है।  दो महीने तक बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक (Girl attacked with acid) किया दुष्कर्म   पुलिस की माने तो पीड़िता की मौसी ने शिकायत में बताया कि 2 जनवरी 2025 को उसकी भाभी की 14 वर्षीय बेटी दर्जी से कपड़े सिलवाने के लिए बाजार जा रही थी। रास्ते में उसी गांव के रहने वाले राशिद, सलमान, जुबैर और आरिफ नामक युवकों ने उसे जबरदस्ती कार में खींच लिया। इसके बाद उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद जब लड़की को होश आया तो वह एक कमरे में थी और उसके शरीर पर कोई कपड़े नहीं थे यानी वो पूरी तरह निर्वस्त्र थी। कमरे में अकेला पाकर आरोपियों ने दो महीने तक बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म  (Girl attacked with acid) किया। इस बीच दो महीने बाद पीड़िता जब बदतर हालत में घर लौटी, तो पीड़िता की मौसी ने बताया कि “लड़की के लापता होने के बाद उसकी काफी तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिली। हमने 3 जनवरी को पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई लेकिन उसकी कोई खबर नहीं मिली।” इसके बाद लड़की किसी तरह 2 मार्च को घर पहुंची। उसकी हालत काफी खराब थी। जब भी उसे होश आता तो उसके साथ दुष्कर्म होता और जब भी वह खाना मांगती तो उसे गोमांस दिया जाता। उन्होंने आगे बताया कि “घर पहुंचने पर बेटी ने बताया कि आरोपियों ने उसके साथ दो महीने तक दरिंदगी की। जब भी वह होश में आती और खाना मांगती तो आरोपी उसे गोमांस खिला देते। जब भी नाबालिग पीड़िता मना करती तो उसे जबरदस्ती गोमांस खिला दिया जाता।” इसे भी पढ़ें:- इस वजह से हुई कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या, आरोपी ने खोले कई राज़ ओम का टैटू मिटाने के लिए आरोपियों ने डाला तेजाब (Girl attacked with acid)  बता दें कि शिकायत में कहा गया है कि “पीड़िता के हाथ पर ओम का टैटू बना हुआ था, जिसे आरोपियों ने तेजाब  (Girl attacked with acid) डालकर मिटा दिया। उसने उसके चेहरे पर तेजाब फेंकने की भी धमकी दी।” खैर, पिछले दो महीने से पीड़िता को प्रताड़ित करने के बाद आरोपियों ने उसे भोजपुर में छोड़ दिया और धमकी दी कि अगर उसने घर पर किसी को बताया तो उसे और उसकी चाची का अपहरण कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले में एसपी (ग्रामीण) कुंवर आकाश सिंह ने कहा कि “3 मार्च को एक शिकायत मिली थी, जिसमें कहा गया था कि एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था। जब वह बाजार गई थी, तो चार लोग उसे जबरन उठाकर ले गए। उसके साथ दो महीने तक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में भगतपुर थाने में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।” यह तो ठीक लेकिन इन सब के बीच अहम बात यह कि जब दो महीने पहले ही पीड़िता की मौसी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी तो दो महीने तक योगी की पुलिस क्या कर रही थी? पुलिस ने आखिर क्यों दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं की? इन सब के बीच बड़ा सवाल यह कि एक दलित समाज की लड़की 2 महीने तक गायब रहती है और इस बीच न कोई दलितों का रहनुमा उसके सपोर्ट में दिखाई दिया और न ही जय भीम-जय मीम का भोंपू बजाने वाले नेताओं की भांड टोली ही दिखाई दी। मुख्य बात यह कि आखिर शासन और प्रशासन ऐसा क्या करे जिससे कि अपराधियों के मन में कानून का भय हो? क्या वजह है जो लोग बेख़ौफ़ होकर इस तरह के खौफनाक वारदात को अंजाम दे देते हैं? Latest News in Hindi Today Hindi News Girl attacked with acid #AcidAttack #JusticeForVictim #CrimeAgainstWomen #StopViolence #ForcedConversion #BeefControversy #ReligiousCrime #ProtectGirls #HumanRights #PunishTheGuilty

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Husband murder for insurance

Husband murder for insurance: 1 करोड़ के इंश्योरेंस की रकम पाने के लिए पत्नी ने बेटे के साथ मिलकर की अपने ही पति की हत्या

पैसा इंसान की नीयत ख़राब कर देता है। बहुत मुमकिन है कि कभी-कभी पैसों की लालच में आकर अपने सगे रिश्ते ही खून के प्यासे हो जाते हैं। कई मामले ऐसे भी देखे गए हैं जहां चंद पैसों की लालच में सगे खून ने ऐसा रंग बदला कि समूची इंसानियत ही शर्मसार हो उठी। ऐसा ही एक मामला हुआ है महाराष्ट्र के सांगली जिले में, जहाँ एक करोड़ रुपये की बीमा राशि के लिए पत्नी ने बेटे और एक साथी के साथ मिलकर अपने ही पति को ही (Husband murder for insurance) मौत की नींद सुला दिया। सोचने वाली बात यह कि यह हत्या पति के एक करोड़ रुपये के बीमा को हथियाने के लिए की गई। दोनों मां बेटे को मौत को दुर्घटना बताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान वनिता बाबूराव पाटिल, उसके बेटे तेजस बाबूराव पाटिल और उसके मित्र भीमराव गणपतराव हुलवान के रूप में हुई है। 1 मार्च को इन्हें पुलिस ने सांगली से गिरफ्तार किया था। इस मामले पर सहायक पुलिस इंस्पेक्टर अमोल शिवशरण ने कहा कि “हालाँकि वनिता अपराध स्थल पर नहीं थी, लेकिन उसने ही योजना बनाई थी।” वनिता अपने पति पर आत्महत्या (Husband murder for insurance) का दबाव बनाने लगी बता दें कि पूरा मामला बीमा राशि के लिए किये कत्ल से जुड़ा है। दरअसल, 56 वर्षीय बाबूराव पाटिल पर 50 लाख रुपये का कर्ज था, जिसमें एक होम लोन भी शामिल था। अक्सर देनदार तकाजा करने घर आया करते थे। इस दरम्यान जब बैंक ने नीलामी नोटिस जारी कर दिया। रोज-रोज के तकाजे और बैंक की नोटिस से पत्नी वनिता और बेटा तेजस दोनों परेशान हो चुके थे। वो किसी भी तरह से इस कर्ज से मुक्त होना चाहते थे। आखिर समाज में उनकी अपनी इज्जत धूमिल जो हो रही थी। इस दरम्यान उन्हें अपने पति के इन्सुरेंस पॉलिसी के बारे में पता चला। उन्हें यह भी पता चला कि इन्सुरेंस के रकम करोड़ों में है। बता दें कि बाबूराव के पास चार बीमा पॉलिसियाँ थीं, जिनमें एक 1 करोड़ रुपये की टर्म प्लान भी शामिल थी। फिर क्या था, अपनी झूठी साख को बचाने के लिए एक दिन पत्नी वनिता बाबूराव से कहती है कि “वो आत्महत्या (Husband murder for insurance) कर ले। इससे हम कर्ज से मुक्त हो जाएंगे।” लेकिन पति ने उसे अनसुना कर दिया।  पति द्वारा अनदेखा किए जाने से वनिता नाराज थी (Husband murder for insurance) अब वो आये दिन बाबूराव पर आत्महत्या करने के लिए दबाव बनाने लगी। वो दबाव तो बना रही थी लेकिन बाबूराव था कि हर बार अनदेखा किए जा रहा था। पति द्वारा इस तरह अनदेखा किए जाने से वनिता क्रोधित हो उठी। और इस बीच उसने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने ही पति को ठिकाने लगाने की साजिश बनाने लगी। चूँकि वनिता कोई पेशेवर कातिल तो थी नहीं। उसे यह भी पता था कि यह काम अकेले माँ-बेटे के बस का नहीं है। इस काम में एक और शख्स की आवश्यकता होगी। सो, इस काम के लिए उसने अपने बेटे के दोस्त भीमराव गणपतराव हुलवान को पैसों का लालच देकर राजी किया। फिर तीनों ने मिलकर एक्सीडेंट (Husband murder for insurance) दिखाने की साजिश रचने लगे।  बेटे तेजस और उसके मित्र ने उसे कार से कुचल (Husband murder for insurance) दिया इस बीच वनिता रोज-रोज बाबूराव पर आत्महत्या करने हेतु दबाव बनाने लगी। पैसों के खातिर पत्नी यह रवैया देख बाबूराव टूट गया और हाईवे पर जाकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की। लेकिन वो असफल रहा। इस बीच 10 फरवरी की रात 2 से 3 बजे के बीच मिरज-पंढरपुर हाईवे स्थित लांडेवाड़ी के पास उसके अपने बेटे तेजस और उसके मित्र ने उसके सर को डिवाइडर पर इतने जोर से पटका कि उसकी मौत (Husband murder for insurance) हो गई। इसके बाद दोनों घटनास्थल से फरार हो गए। ऐसा इसलिए ताकि पुलिस इसे एक्सीडेंट समझकर मामला रफादफा कर दे। अगले दिन सुबह बाबूराव पाटिल का शव आर्या होटल के पास उसके भाई सागर पाटिल को मिला। भाई को इस तरह जख्मी हालत में देख उसने आनन-फानन में उसे नजदीकी हॉस्पिटल ले गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच डॉक्टरों ने घटना की सूचना पुलिस और उसके परिजनों को दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस इसे एक्सीडेंट ही मानकर चल रही थी। इस संबंध में पुलिस ने मृतक के परिवार वालों से पूछताछ शुरू कर दी। सबके बयान से तो पुलिस संतुष्ट दिखी, लेकिन माँ-बेटे के गुमराह करने वाले बयान ने पुलिस को शक करने पर मजबूर कर दिया। पुलिस की पहली शक की सुई माँ-बेटे पर ही गई।  इसे भी पढ़ें:- इस वजह से हुई कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या, आरोपी ने खोले कई राज़ शुरुआती जांच में माँ-बेटे ने किया पुलिस को गुमराह (Husband murder for insurance) दरअसल, दोनों ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन वे कराड में थे। खैर, पुलिस ने फिर से ज़ेरोईन करना शुरू किया। इसी बीच पुलिस मोबाइल के कॉल रिकार्ड्स, मोबाइल के लास्ट लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया। फिर उनके हाथ ऐसा सुराख़ लगा कि पुलिस ने एक बार फिर माँ-बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया। और इस बात सख्ती से पूछताछ की। जब पुलिस ने उन्हें कॉल डिटेल्स और लोकेशन दिखाई तो माँ-बेटे दंग रह गए। थोड़ी ही देर में उन्होंने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। इसके बाद सांगली पुलिस ने मृतक बाबूराव की पत्नी वनिता, बेटे तेजस और उसके साथी भीमराव को हत्या और हत्या की साजिश रचने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Husband murder for insurance #InsuranceMurder #CrimeForMoney #HusbandMurder #ShockingCrime #FamilyBetrayal #CrimeNews #InsuranceFraud #TrueCrime #MurderMystery #JusticeForVictim

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Himani Narwal murder

Himani Narwal murder: इस वजह से हुई कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या, आरोपी ने खोले कई राज़

हरियाणा पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल (Himani Narwal murder) की हत्या के सिलसिले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद, अपराध में शामिल एक संदिग्ध की पहचान की गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को हिमानी का बॉयफ्रेंड बताया और साथ ही यह भी दावा किया है कि उसने ही हिमानी के घर पर ही उसकी हत्या की थी। आरोपी के मुताबिक हिमानी को मारने के बाद उसने उसके शव को एक सूटकेस में डाला। ये सूटकेस भी हिमानी का था। 28 फरवरी की सुबह उसने ये सूटकेस झाड़ियों में छोड़ दिया। इस दरम्यान आरोपी ने दावा किया है कि “वो हिमानी के साथ काफी समय से रिलेशनशिप में था।” बता दें कि आरोपी बहादुरगढ़ का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में ब्लैकमेल करने की बात भी आई सामने है। आरोपी के अनुसार उसने हिमानी को काफी पैसे दिए थे, इसके बावजूद भी वह हर बार अधिक पैसे की मांग कर रही थी। हालांकि पुलिस आरोपी के दावों की अभी जांच कर रही है।  रोहतक के सांपला बस स्टैंड के पास एक सूटकेस में मिला था (Himani Narwal murder) हिमानी नरवाल का शव  दरअसल, शनिवार (1 मार्च की) सुबह रोहतक के सांपला बस स्टैंड के पास एक सूटकेस (Himani Narwal murder) पड़ा हुआ था। कुछ राहगीरों की नजर सूटकेस पर पड़ती है। इस बीच पुलिस को सूचना दी जाती है। सूचना मिलते ही वह पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँचती है। सूटकेस खोलने पर उसमें 20 से 22 साल की एक युवती का शव मिला। उसके हाथों में चूड़ियां और गले में दुपट्टा था। चेहरा जाना पहचाना इसलिए भी था क्योंकि वो कांग्रेस की सक्रीय कार्यकर्ता थी और राहुल गाँधी की भारत जोड़ी यात्रा में शामिल हुई थी। खैर, इस दरम्यान एफएसएल टीम को बुलाया गया। पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच में बताया कि युवती को देखने पर ऐसा लग रहा था कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई है और फिर उसके शव को सूटकेस में डाल दिया गया है। पुलिस के अनुसार वह पिछले पांच महीनों से रोहतक के विजयनगर में अपने पैतृक घर में अकेली रह रही थी और पिछले हफ्ते एक शादी में शामिल हुई थी। पिछले 3 दिन से वो लापता थी। फिलहाल पुलिस ने हिमानी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के असली कारणों का पता चल पाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हिमानी की हत्या के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इसे भी पढ़ें:- पुलिस की लापरवाई की वजह से आगरा में हुआ बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष जैसा हादसा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हिमानी नरवाल की हत्या (Himani Narwal murder) पर दुख जताया  हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हिमानी नरवाल की हत्या (Himani Narwal murder) पर दुख जताया है। भूपेंद्र हुड्डा ने ट्वीट कर कहा कि “रोहतक में सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की नृशंस हत्या की खबर बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। मैं मृतका को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। संबंधित मामले पर संवेदना जताते हुए उन्होंने आगे लिखा कि “एक लड़की की इस तरह से हत्या और उसका शव सूटकेस में मिलना बेहद दुखद और चौंकाने वाला है। यह अपने आप में प्रदेश की कानून व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग है। इस हत्या की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और सरकार पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाए तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा दे।” Latest News in Hindi Today Hindi News Himani Narwal murder #HimaniNarwalMurder #CongressWorkerKilled #HaryanaCrime #JusticeForHimani #MurderMystery #BreakingNews #CrimeReport #PoliceInvestigation #IndiaNews #LatestUpdate

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Navi Mumbai murder

Navi Mumbai Murder: नवी मुंबई में पति को नशीली दवा पिलाकर घोटा गला, पत्नी और बेटे समेत तीन गिरफ्तार

पति और पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का रिश्ता होता है। बेशक यह विश्वास और प्रेम पर टिका होता है। कहने का अर्थ यह कि जब तक दोनों तरफ से बराबर का प्रेम और विश्वास होता है तब तक रिश्ता बना रहता है। लेकिन जैसे ही अविश्वास या फिर घृणा की भवना घर कर जाती है, वैसी ही मामला बिगड़ जाता है। फिर चाहे खून का रिश्ता कितना ही क्यों न ख़ास हो, रिश्तों में दरार आते देर नहीं लगती। एक बार रिश्तों में तल्खी आने के बाद, लोग एक दूसरे का मुंह तक नहीं देखना चाहते। कारण यही जो एक दूसरे की जान लेने से भी बाज आते। खैर, महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई से स्टे नवी मुंबई (Navi Mumbai Murder) में कुछ इसी तरह का हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां एक पत्नी ने अपने ही पति का गला घोट दिया।  23 फरवरी को एक अज्ञात व्यक्ति का शव (Navi Mumbai Murder) वावहाल गांव में एक पुल के पास पड़ा हुआ मिलता है दरअसल, बात है 23 फरवरी की। बात है नवी मुंबई के उल्वे इलाके की, जहाँ 23 फरवरी की सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव (Navi Mumbai Murder) वावहाल गांव में एक पुल के पास पड़ा हुआ था। इस बीच स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को इसकी सूचना दी जाती है। सूचना पाकर पुलिस घटनास्थल पर आती है। पूछताछ कर अज्ञात शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज देती है। चूँकि मृतक की कोई पहचान नहीं थी। सो पुलिस एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर देती है। यहाँ शव की पहचान करना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। शव की पहचान करने के लिए पुलिस सबसे पहले आस-पास लगे सीसीटीवी की खंगालती है। यह सब चल ही रहा था कि इसी बीच एक महिला अपने 16 वर्षीय बेटे के साथ थाने जाकर पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए कहती है कि 22 फरवरी से उसका पति लापता है। पूछताछ के दौरान दोनों गोलमोल जवाब देने लगते (Navi Mumbai Murder) हैं चूँकि ताजा मामला था, तो पुलिस मृतक की तस्वीर माँ-बेटों की दिखाकर उनसे यह पूछती है कि “क्या यह शख्स ही आपका पति है? तस्वीर देखते ही दोनों उसे पहचान जाते हैं। मृतक की पहचान 38 वर्षीय सचिन मोरे के रूप में होती है। अब पुलिस चैन की सांस लेती है। इस बीच पुलिस माँ-बेटे से मृतक के बारे में पूछताछ करती है। पूछताछ के दौरान दोनों गोलमोल जवाब देने लगते (Navi Mumbai Murder) हैं। इससे पुलिस को शक होता है। चूँकि कोई सबूत नहीं और प्रत्यक्ष गवाह नहीं था। ऐसे में बिना ठोस सबूत के पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी नहीं कर सकती थी। सो, शक के आधार पर पुलिस महिला के कॉल डिटेल्स और आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू करती है। इस दरम्यान पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के शक को और गहरा देती है। दरअसल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस को मृतक के दम घुटने से मौत होने की बात पता चलती है।  पति उसे बहुत परेशान (Navi Mumbai Murder) करता था पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पुलिस पूछताछ के लिए फिर माँ-बेटे को थाने बुलाती है और इस बार पुलिसिया अंदाज में पूछताछ करती है। पहले तो दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश, लेकिन उनकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चलती और टूट जाती है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान महिला बताती है कि उसका पति उसे बहुत परेशान (Navi Mumbai Murder) करता था। रोज अकारण झगड़े किया करता था। रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर वो पति से तलाक लेना चाहती थी। लेकिन उसका पति उसे किसी भी हाल में तलाक नहीं देना चाहता था। इस बीच जब सचिन तलाक देने के लिए तैयार नहीं हुआ, तो उसने अपने बेटे, दोस्त रोहित टेमकर और ऑटोरिक्शा चालक प्रथमेश म्हात्रे के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी।  इसे भी पढ़ें:- पुलिस की लापरवाई की वजह से आगरा में हुआ बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष जैसा हादसा हत्या के जुर्म में पुलिस उसकी पत्नी और बेटे गिरफ्तार कर लेती है (Navi Mumbai Murder) इस तरह दिन बीतते गए और एक दिन मौका पाकर वो अपने पति को करेले के जूस में नींद की दवा मिलाकर पिला देती है। जूस पीने के बाद जब वह बेहोश हो जाता है तो, बेहोशी की हालत में उसे ऑटो रिक्शा में बिठाकर एक लंबे कपड़े से उसका गला घोंट देती है। और तब तक उसका गला घोटती है जबतक कि वह मर नहीं जाता। इस काम में उसके दोस्त रोहित टेमकर और ऑटोरिक्शा चालक प्रथमेश म्हात्रे और बेटे ने साथ दिया था। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने गुरुवार को मृतक की 35 वर्षीय पत्नी और दोस्त रोहित टेमकर और ऑटोरिक्शा चालक प्रथमेश म्हात्रे को मर्डर के जुर्म में गिरफ्तार (Navi Mumbai Murder) कर लेती है। साथ ही महिला के 16 वर्षीय बेटे को भी हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज देती है। इस घटना ने सभी को हैरानी में डाल दिया है कि एक पत्नी भला इतनी भी क्रूर कैसे हो सकती है। खैर, चाहे जो भी हो सच यही है कि पत्नी ने सिर्फ तलाक ने देने की वजह से अपने पति को ही मार दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi News Navi Mumbai Murder #NaviMumbaiMurder #CrimeNews #MumbaiCrime #FamilyTragedy #MurderCase #CrimeInvestigation #BreakingNews #IndiaNews #CrimeUpdate #PoliceAction

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