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रहमान डकैत: कराची के ल्यारी इलाके का क्रूर अपराधी साम्राज्य

परिचयसर्दार अब्दुल रहमान बलोच, जिन्हें दुनिया रहमान डकैत के नाम से जानती है, पाकिस्तान के सबसे कुख्यात गैंगस्टरों में से एक थे। 1975 में कराची के ल्यारी इलाके में जन्मे रहमान ने अपराध की दुनिया में कम उम्र से ही कदम रखा और जल्द ही ल्यारी को अपने खौफनाक साम्राज्य का केंद्र बना लिया। ल्यारी, जो कराची का एक घनी आबादी वाला बलोच बहुल इलाका है, गरीबी, बेरोजगारी और राज्य की लापरवाही के कारण अपराध का गढ़ बन चुका था। रहमान ने यहां के गैंग वॉर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जहां हत्याएं, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी आम बात हो गई। उनकी कहानी न केवल हिंसा की है, बल्कि राजनीतिक संरक्षण और जनता के बीच एक छवि बनाने की भी है। हाल ही में बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना द्वारा निभाए गए उनके किरदार ने दुनिया भर में उनकी क्रूरता को फिर से चर्चा में ला दिया है। View this post on Instagram A post shared by Ranveer Singh (@ranveersingh) प्रारंभिक जीवन और अपराध में प्रवेशरहमान का जन्म 1975 में ल्यारी में एक अपराधी परिवार में हुआ। उनके पिता अबू मुहम्मद (जिन्हें दादल के नाम से भी जाना जाता था) और चाचा शेरू 1964 से ड्रग तस्करी में लिप्त थे। परिवार की इस पृष्ठभूमि ने रहमान को बचपन से ही अपराध की दुनिया से जोड़ दिया। मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली हिंसक घटना को अंजाम दिया, जब उन्होंने किसी व्यक्ति को चाकू मार दिया। किशोरावस्था में ही वे ड्रग्स बेचने लगे और ल्यारी की गलियों में अपनी पहचान बनाने लगे। उनके पिता की हत्या के बाद परिवार का बदला लेने की आग ने रहमान को और उग्र बना दिया। 1990 के दशक में अरशद पप्पू के पिता द्वारा उनके पिता की हत्या और कब्र की बेइज्जती ने एक लंबे गैंग वॉर को जन्म दिया, जो वर्षों तक चला। 19 साल की उम्र में रहमान ने एक ऐसी घटना की, जो उनकी क्रूरता का प्रतीक बन गई—उन्होंने अपनी मां खदीजा बीबी को गला घोंटकर मार डाला। कथित तौर पर, उनकी मां का किसी अन्य गैंगस्टर इकबाल से संबंध था, जिसने उनके पिता की हत्या की थी। इस घटना के बाद रहमान ने अपनी मां का शव पंखे से लटका दिया, जो उनकी बेरहम छवि को अमर कर गई। गैंग लीडर के रूप में उदय1990 के अंत में रहमान हाजी लालू के गैंग में शामिल हुए, जो ल्यारी का प्रमुख ड्रग लॉर्ड था। 2001 में लालू की गिरफ्तारी के बाद रहमान ने गैंग की कमान संभाली। उन्होंने अपने चचेरे भाई उजैर बलोच और सहयोगी बाबा लाडला के साथ मिलकर ल्यारी को अपना किला बना लिया। 2001 से 2009 तक का दौर रहमान के साम्राज्य का स्वर्णिम काल था। वे जबरन वसूली, अपहरण, ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों की बिक्री और हत्या जैसे अपराधों में लिप्त रहे। रहमान ने ‘पीपुल्स अमन कमिटी’ (पीएसी) नामक संगठन की स्थापना की, जो सतह पर शांति का प्रतीक था, लेकिन वास्तव में उनका अपराधी साम्राज्य था। वे ल्यारी में एक फ्यूडल लॉर्ड की तरह शासन करते थे—राजनीतिक संरक्षण के साथ। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) से उनके गहरे संबंध थे। कथित तौर पर, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की जान कई बार बचाई, खासकर 2007 के हमलों के दौरान। जब बेनजीर का काफिला क्लिफ्टन में विस्फोटों से घिर गया, तो रहमान के आदमियों ने उन्हें सुरक्षित निकाला। बदले में, पीपीपी ने उन्हें राजनीतिक छत्रछाया दी। उनकी क्रूरता की मिसालें कांपने वाली हैं। गैंग वॉर के दौरान वे दुश्मनों के सिर काटकर फुटबॉल की तरह खेलते थे। अरशद पप्पू के साथ उनके संघर्ष में सैकड़ों मौतें हुईं, जिनमें सिर काटना, कब्रें खोदना और सार्वजनिक हिंसा शामिल थी। 2012 के ल्यारी गैंग वॉर में 800 से अधिक मौतें हुईं, जो रहमान के दौर की देन थीं। राजनीतिक संबंध और जनता की छविरहमान केवल अपराधी नहीं थे; वे एक चतुर रणनीतिकार भी थे। वे खुद को ‘सर्दार अब्दुल रहमान बलोच’ कहलवाते थे, जो उनकी बलोच पहचान को मजबूत करता था। ल्यारी में वे रोबिन हुड की तरह देखे जाते थे—गरीबों की मदद करते, लेकिन बदले में वफादारी मांगते। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए, जो उनकी लोकप्रियता दर्शाता है। हालांकि, पाकिस्तानी पुलिस के अनुसार, वे केवल ल्यारी तक सीमित थे और शहर के अन्य हिस्सों में उतने प्रभावशाली नहीं थे। उनके राजनीतिक संबंधों ने उन्हें लंबे समय तक बचाए रखा। बेनजीर भुट्टो के अलावा, वे अन्य पीपीपी नेताओं से जुड़े थे। लेकिन यह संरक्षण उनके पतन का कारण भी बना। मौत और विरासत9 अगस्त 2009 को कराची पुलिस के साथ मुठभेड़ में रहमान की मौत हो गई। यह ऑपरेशन कराची के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसएसपी चौधरी असलम खान के नेतृत्व में किया गया था, जो पाकिस्तान के ‘सुपर कॉप’ के रूप में जाने जाते थे। पुलिस का दावा था कि यह एक वैध गोलीबारी थी, जिसमें रहमान और उनके दो सहयोगियों को मार गिराया गया। हालांकि, कई विवादास्पद रिपोर्ट्स में इसे ‘फर्जी एनकाउंटर’ करार दिया गया, क्योंकि रहमान को करीब से गोली मारी गई थी। पूर्व गृह मंत्री जुल्फिकार मिर्जा ने दावा किया कि उन्होंने खुद रहमान को मारा था, लेकिन बाद में पछतावा जताया। कुछ स्रोतों के अनुसार, रहमान कथित रूप से बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को हथियार बेचने में लिप्त थे, जिसके कारण उनकी हत्या एक सौदे के खराब होने का नतीजा हो सकती है। हालांकि, भारतीय जासूसों के शामिल होने का कोई पुष्ट साक्ष्य नहीं मिला। फिल्म ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह द्वारा निभाए गए भारतीय जासूस ‘हामजा’ के किरदार ने काल्पनिक रूप से रहमान के गिरोह में घुसकर उनकी कमजोरी उजागर की और अप्रत्यक्ष रूप से उनके पतन में भूमिका निभाई, लेकिन वास्तविकता में यह पूरी तरह काल्पनिक है। रहमान की मौत के बाद उजैर बलोच ने कमान संभाली, लेकिन 2016 में उनकी गिरफ्तारी के साथ पीएसी कमजोर पड़ गया। रहमान की विरासत ल्यारी के गैंग वॉर और अपराध संस्कृति में बसी है, जो आज भी पाकिस्तान की शहरी समस्याओं को दर्शाती है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का किरदार निभाया है, जो उनकी क्रूरता को स्क्रीन पर जीवंत करता है। फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया (पहले वीकेंड में…

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छतरपुर में तीन युवकों की हवस की शिकार हुई युवति

छतरपुर में तीन युवकों ने कट्टे की नोक पर युवती से किया दुष्कर्म, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

छतरपुर (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नौगांव थाना क्षेत्र की एक युवती ने आरोप लगाया है कि तीन युवकों ने कट्टे की नोक पर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके भाइयों के साथ मारपीट भी की। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है और आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसकी रिपोर्ट उसके बताए अनुसार दर्ज नहीं की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने महिला थाने को जांच के निर्देश दिए हैं। जंगल में ले जाकर किया दुष्कर्मपीड़िता के मुताबिक, 1 अक्टूबर को वह बैंक जा रही थी, तभी नरेश, चंदन और मनीष अहिरवार नामक तीन युवक उसे रास्ते में मिले। युवती का आरोप है कि तीनों ने उसे कट्टा दिखाकर जबरन दौरिया के जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया।घटना के बाद आरोपी युवती को बापू कॉलेज के पास छोड़कर फरार हो गए। उसी समय युवती के भाइयों ने उसे देखा और जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। मारपीट का वीडियो भी आया सामनेघटना के बाद 1 अक्टूबर को बापू डिग्री कॉलेज के पास हुई इस मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। शिकायत के बाद पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ केवल मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया और एक आरोपी को हिरासत में लिया था। “सरपंच दे रहा है धमकी”पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने उसकी दुष्कर्म की शिकायत उसके बताए अनुसार दर्ज नहीं की। उसका यह भी आरोप है कि गांव का सरपंच राजेश अब उसे धमकी दे रहा है। “सरपंच राजेश मेरे घर आकर कट्टा दिखाकर कह रहा है कि अगर मैंने शिकायत की तो मुझे जान से मार देगा।” — पीड़िता थाना प्रभारी बोले – शिकायत के अनुसार ही दर्ज की गई रिपोर्ट नौगांव थाना प्रभारी बाल्मीकि चौबे ने बताया कि युवती की पहली शिकायत के अनुसार ही कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय केवल मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। एसडीओपी बोले – महिला थाने को दिए जांच के निर्देश इस मामले पर एसडीओपी अमित मेश्राम ने कहा, “युवती की नई शिकायत पर महिला थाने को जांच के निर्देश दिए गए हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”  फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।पीड़िता ने न्याय की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

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अवैध शराब माफिया पर बड़ी कार्रवाई

अवैध शराब माफिया पर बड़ी कार्रवाई

बुरहानपुर ब्रेकिंग: अवैध शराब माफिया पर बड़ी कार्रवाई, 2500 लीटर महुआ लहान नष्ट – 120 लीटर कच्ची शराब जब्त बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में पुलिस और प्रशासन द्वारा अवैध शराब माफिया पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार सुबह शिकारपुरा थाना पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बलवा टेकड़ी इलाके में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने 2500 लीटर महुआ लहान को मौके पर ही नष्ट कर दिया और 120 लीटर कच्ची देशी महुआ शराब जब्त की। जब्त की गई शराब की कीमत लगभग 2 लाख 68 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई में पुलिस ने मौके से दो आरोपियों – शामराव गाढ़े और अखिल खान – को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ जारी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश के निर्देशन में की गई। दबिश का पूरा घटनाक्रम शनिवार की सुबह शिकारपुरा थाना पुलिस को बलवा टेकड़ी क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण की सूचना मिली। सूचना के आधार पर तुरंत आबकारी विभाग के साथ संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस बल और विभागीय अधिकारियों की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए शराब बनाने की जगह पर पहुंचकर दबिश दी। मौके पर भारी मात्रा में महुआ लहान और शराब बनाने का सामान मिला। टीम ने करीब 2500 लीटर लहान को नष्ट कर दिया। साथ ही तैयार की गई 120 लीटर देशी महुआ शराब जब्त कर थाने लाया गया। यह शराब यदि बाजार में बिकती, तो इसकी कीमत करीब 2.68 लाख रुपये तक होती। आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को दबोचा, जिनकी पहचान शामराव गाढ़े और अखिल खान के रूप में हुई। दोनों आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है ताकि पता लगाया जा सके कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। जांच अधिकारी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद इस धंधे से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। आबकारी एक्ट की धाराओं के तहत दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन की सख्ती पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध शराब और उससे जुड़ी हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस और आबकारी विभाग के तालमेल से की गई है और आगे भी इस तरह की संयुक्त कार्यवाहियां जारी रहेंगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश ने कहा कि अवैध शराब का धंधा न केवल कानूनन अपराध है बल्कि यह लोगों की जान और सेहत के लिए भी खतरा है। इस तरह की गतिविधियों से समाज में नशाखोरी बढ़ती है और अपराध का ग्राफ भी ऊपर जाता है। इसलिए पुलिस और प्रशासन इस धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार

फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार

छतरपुर जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार, तीन सहयोगी भी पकड़े गए छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार हुए आरोपी रविंद्र सिंह परिहार को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिरीक्षक (सागर जोन) श्रीमती हिमानी खन्ना ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आईजी ने किया इनाम घोषित, एसपी ने गठित की 10 टीमें मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की समुचित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने घटनास्थल का सुपरविजन किया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए 10 पुलिस टीमों का गठन कर विशेष निर्देश दिए। लगातार दबिश और फिक्स प्वाइंट पर तैनाती गठित टीमों ने जिले और आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर फिक्स प्वाइंट पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई। इस बीच आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को प्राप्त हुई। ग्राम पनौठा से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी जानकारी के आधार पर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए ग्राम पनौठा के पास से फरार आरोपी रविंद्र सिंह परिहार पिता सुल्तान सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया। तीन सहयोगी भी चढ़े हत्थे आरोपी को फरार कराने में मदद करने वाले तीन सहयोगियों चंद्रभान अनुरागी, प्रदीप सिंह चंदेल और अंगद सिंह सिसोदिया को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक पुलिस वेपन, तीन मोबाइल फोन और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की है। चार आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में अन्य चार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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बरेली में दिशा पटानी के पापा जगदीश पटानी रिटायर्ड सीओ घर पर फायरिंग

बरेली में दिशा पटानी के पापा जगदीश पटानी रिटायर्ड सीओ घर पर फायरिंग…

गोल्डी बराड़ गैंग ने ली जिम्मेदारी क्या है पूरा मामला बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी के बरेली स्थित सिविल लाइंस इलाके वाले घर पर बीती रात तड़के करीब 3:30 बजे से 4:00 बजे के बीच अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर सनसनी फैला दी। बाइक सवार दो बदमाशों ने घर के बाहर और दीवारों पर करीब 7 से 8 राउंड गोलियाँ चलाईं गनीमत रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ घटना की जानकारी के अनुसार हाल ही में दिशा की बहन खुशबू पटानी ने सोशल मीडिया पर कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें कथा वाचक अनिरुद्ध आचार्य ने लिव इन में रहने वाली लड़कियों महिलाओं को लेकर एक टिप्पणी की थी जिसे लेकर धार्मिक विवाद खड़ा हो गया। इसी विवाद को फायरिंग से जोड़कर देखा जा रहा है फायरिंग की जिम्मेदारी कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई “धार्मिक अपमान” के विरोध में की गई है। गैंग ने चेतावनी भी दी है कि “यह तो सिर्फ ट्रेलर था, अगर दोबारा ऐसी गलती हुई तो नतीजे गंभीर होंगे।” पुलिस की कार्रवाई घटना के तुरंत बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया एसपी सिटी और एसपी क्राइम की देखरेख में पाँच टीमें गठित कर जांच शुरू की गई मौके से कारतूस के खोखे बरामद किए गए और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं FIR दर्ज कर ली गई है और परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है वर्तमान स्थिति फिलहाल दिशा पटानी और उनका परिवार सुरक्षित हैं बरेली पुलिस ने इलाके में गश्त तेज कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है।

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फर्रुखाबाद में महिला की मौत का खुलासा

आरोपी के साथ चार साल से चल रहे संबंध, दबाव के चलते लगाई आग फर्रुखाबाद। जहानगंज थाना क्षेत्र में बीते दिनों जली हुई हालत में अस्पताल पहुंची महिला की मौत के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला ने खुद पेट्रोल डालकर आग लगाई थी। इस घटना के पीछे आरोपी युवक से चल रहे अवैध संबंध और साथ रहने का दबाव कारण बताया गया है। घटना 6 सितंबर की है। उस दिन महिला स्कूटी से दरियायगंज स्थित एक निजी नर्सिंग होम पहुंची थी। गंभीर हालत देखकर वहां मौजूद स्टाफ ने परिजनों को सूचना दी। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लोहिया और फिर सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने जहानगंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी को युवक दीपक और उसके पांच अज्ञात साथियों ने पेट्रोल डालकर जला दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीओ के नेतृत्व में पांच टीमें बनाई गईं और 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतका और आरोपी के बीच पिछले चार साल से संबंध थे। आरोपी महिला पर साथ रहने का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद महिला ने आहत होकर पेट्रोल डालकर खुद को आग के हवाले कर लिया। आग लगने के बाद वह आरोपी के कपड़े पहनकर इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। मोबाइल लोकेशन की जांच में भी दोनों की मौजूदगी एक साथ मिली। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने फतेहगढ़ पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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Radhika Yadav murder

Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?: आखिर पिता ने क्यों किया अपनी टेनिस चैंपियन बेटी राधिका यादव का मर्डर?

पिता पुत्री का रिश्ता बेहद खास होता हैं। लेकिन कभी-कभी इन्हीं रिश्तों में छोटी-छोटी बातों को लेकर ऐसी खटास उत्पन्न हो जाती है कि एक दूसरे के जान के प्यासे हो जाते हैं। कुछ इसी तरह की घटना दिल्ली से सटे गुरुग्राम में घटी है। जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या उनके ही पिता दीपक यादव ने गोली मारकर कर (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) दी। घटना के समय घर में राधिका, उनके पिता दीपक, मां मंजू और चाचा कुलदीप मौजूद थी। बता दें कि राधिका यादव एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेनिस खिलाड़ी थी। उनकी युगल रैंकिंग अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ में 113 थी। पुलिस ने आरोपी दीपक यादव को गिरफ्तार कर लिया है और साथ उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर को भी जब्त कर लिया है। आपको बता दें कि राधिका यादव हरियाणा की एक उभरती हुई टेनिस प्लेयर थीं। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना है “पिता ने अपनी बेटी की हत्या इसलिए की क्योंकि वह एकेडमी बंद नहीं कर रही थी। दावा तो यह भी किया जा रहा है वो रील बनाया करती थी, जिसे गुस्से पिता ने उसे गोली मार दी। लेकिन पुलिस के बयान के मुताबिक एकेडमी बंद नहीं करने की वजह से ही मर्डर हुआ। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या कोई पिता इतनी छोटी से बात के लिए अपने जिगर के टुकड़े को मौत के घाट उतार देता है? दीपक यादव इस बात से खुश नहीं था कि उसकी बेटी उसकी मर्जी के बैगर ये एकेडमी (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) चलाए खैर, पुलिस की माने तो “आरोपी पिता दीपक यादव इस बात से खुश नहीं था कि उसकी बेटी उसकी मर्जी के बैगर ये एकेडमी (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) चलाए। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जिस पिता ने अपनी बेटी को खेल में आगे बढ़ाने के लिए बचपन से ही सपोर्ट किया है। आखिर अचानक क्यों उसे एकेडमी चलाने से मना करेगा? और उससे भी बड़ा सवाल ये कि क्या सिर्फ यही वजह थी? भला कोई इतनी छोटी सी बात के लिए किसी को क्यों मारेगा? और वैसे में हरियाणा का इतिहास ही खेलों के प्रति अपने बच्चों और खासकर बेटियों को आगे बढ़ाने का रहा है। फिर दीपक यादव भला ऐसा क्यों करेगा? और उससे भी बड़ा सवाल यह भी कि जब राधिका यादव अपना ये एकेडमी कई सालों से चला रही थीं तो अचानक एकदम से उनके पिता एकेडमी बंद क्यों कराना चाहते थे? और इतनी ही दिक्क्त थी तो साल भर से चल कैसे रही थी। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या गुरुग्राम पुलिस पहेली को सुलझाए बगैर ही मामले को सुलझाने का प्रयास कर रही है? क्या पुलिस की तरह से दिया गया यह बयान जल्दबाजी नहीं है? सवाल ये भी कि क्या इस मामले में अभी कई राज ऐसे हैं जिनसे अभी भी पर्दा उठना बचा है? खैर, ये वो तमाम सवाल हैं जो इस मामले को सुलझाने के लिए बेहद जरूरी हैं।  इसे भी पढ़ें:- ठाणे स्कूल में पीरियड्स जांच के नाम पर छात्राओं का अपमान  सुबह करीब 10:30 बजे गोली चलने की आवाज सुनकर वह और उनका बेटा पीयूष पहली मंजिल पर पहुंचे तो राधिका रसोई में खून से लथपथ पड़ी (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) थी इस पूरे मामले में राधिका के चाचा कुलदीप ने बताया कि “गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे गोली चलने की आवाज सुनकर वह और उनका बेटा पीयूष पहली मंजिल पर पहुंचे तो राधिका रसोई में खून से लथपथ पड़ी (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) थी। पुलिस के मुताबिक, “ड्राइंग रूम में दीपक की लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी। उन्होंने राधिका को तुरंत सेक्टर 56 के एशिया मरिंगो अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।” कुलदीप ने बताया कि “घटना के समय घर में दीपक, उनकी पत्नी मंजू और राधिका ही मौजूद थे। मुझे लगता है कि राधिका की हत्या उनके भाई दीपक ने ही की है।” गौरतलब हो कि 23 मार्च 2000 को हरियाणा में जन्मी राधिका यादव हरियाणा की एक उभरती हुई टेनिस प्लेयर थीं। उन्होंने स्टेट लेवल पर कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ में युगल टेनिस खिलाड़ी के रूप में रैंकिंग 113 थी।  Latest News in Hindi Today Hindi Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father? #RadhikaYadav #TennisChampion #FatherKilledDaughter #MurderNews #CrimeAlert #JusticeForRadhika

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married woman murder

Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble: शादी में बाधा बन रही थी विवाहिता प्रेमिका, शराब पिलाकर प्रेमी ने किया कत्ल, इस तरह खुला राज़

प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे से प्रेम तो करते हैं, लेकिन कहीं न कहीं उनके प्रेम में कहीं न कहीं खोट जरूर होता है। और यही खोट आगे चलकर एक दूसरे की जान की आफत बन जाता है। कुछ इसी तरह का मामला है यूपी के कौशांबी जिले का, जहाँ एक प्रेम कहानी का दुखद अंत हो गया। दरअसल, एक प्रेमी ने शादी में बाधा बन रही विवाहिता प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) दी। और हत्या कर शव को यमुना में फेंक दिया। घटना मोहब्बत पुर स्थित पइंसा थाना क्षेत्र की है। इस पूरे मामले पर पुलिस ने बताया कि “मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग से मामले का इस पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। खुलासे के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गांव के ही रहने वाले अविवाहित भूप सिंह यादव से थे (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) अनीता के अवैध संबंध  इस घटना पर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि “पइंसा थाना क्षेत्र के खूजा गांव की रहने वाली अनीता का पति रामराज निर्मल, मुंबई में काम करता है। पति के दूर रहने के कारण गांव के ही रहने वाले अविवाहित भूप सिंह यादव से उसके अवैध संबंध (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) थे। भूप सिंह अक्सर अनीता को जमीन, ट्रैक्टर और ट्यूबेल अनीता के नाम पर करने का लालच दिया करता था। वो सिर्फ उसे प्रेम के नाम पर धोखा दे रहा था। इस तरह दिन बीतते गए। इस बीच दोनों के रिश्ते ने नया मोड़ तब लिया, जब भूप सिंह की शादी की बात चली और अनीता उसकी शादी का विरोध करने लगी। विरोध करना जायज़ ही था। वो अनीता को शादी का झांसा जो दे रहा था। इसी कड़ी में अनीता से शादी को किनारा करने के लिए ही भूप सिंह ने नवंबर, 2024 में उसे फतेहपुर में किराए का कमरा दिलवा दिया। अब वहां वो बतौर पति उसके साथ वहां रहने लगा। अनीता उसके साथ यहाँ 11 दिसंबर, 2025 तक वहां रही। फिर एक दिन अचानक अनीता का मोबाइल अचानक बंद हो गया।  उसे शक था कि अनीता देवी का दूसरे पुरुषों से भी था (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) संबंध  इस तरह अचानक मोबाइल बंद होने से अनीता के पति रामराज निर्मल ने 18 जून, 2025 को थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया गया कि “भूप सिंह ने उसकी पत्नी अनीता को कहीं छुपा दिया है।” स्थानीय पुलिस ने बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक टीम गठित कर दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “बुधवार को मुखबिर की सूचना पर आरोपी भूप सिंह को गिरफ्तार (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) किया। शुरुआत में तो उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिसिया धमक के आगे वो जल्द ही टूट गया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि “उसे शक था कि अनीता देवी का दूसरे पुरुषों से भी संबंध था।” पूछताछ में उसने ये भी बताया कि “उसे अपनी जाति बिरादरी में शादी करनी थी, जिसमें अनीता बाधक बन रही थी।” उसके अनुसार उसने अनीता को रास्ते से हटाने के लिए दिसंबर, 2024 को पहले तो उसे खुद शराब पिलाई। शराब पिलाने के बाद उसकी हत्या कर दी। और हत्या करने के बाद शव को यमुना में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार भूप सिंह ने बताया कि अनीता उससे जबरन शादी चाहती थी।  इसे भी पढ़ें:- ठाणे स्कूल में पीरियड्स जांच के नाम पर छात्राओं का अपमान  महिला के शव की तलाश की जा रही (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) है पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि युवक किसी और से शादी करना चाहता (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) था। जब यह बात उसने अपने प्रेमिका से बताई, तो उसने शादी नहीं करने के एवज में ट्यूबवेल, जमीन और ट्रैक्टर की मांग की। इसे लेकर युवक ने महिला की हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी। इस सिलसिले में उसने पहले उसे शराब पिलाई और फिर महेवाघाट इलाके में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। और लाश को यमुना नदी में फेंक दिया। खैर, गिरफ्तारी के बाद आरोपी भूप सिंह यादव ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। महिला के शव की तलाश की जा रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble #loverkills #marriedgirlfriend #relationshipcrime #murdernews #trendingcrime #crimeupdate #breakingnews #indiacrime #lovetriangle #murdercase

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Thane School Girls Humiliated Over Periods Check

ठाणे स्कूल में पीरियड्स जांच के नाम पर छात्राओं का अपमान 

ठाणे के शाहपुर इलाके में एक स्कूल में जो कुछ हुआ, उसने समाज की सोच और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल प्रशासन ने केवल एक खून के धब्बे के आधार पर दस से अधिक छात्राओं के कपड़े उतरवाकर यह जांचने की कोशिश की कि कौन सी लड़की पीरियड्स (Menstrual Cycle) में है। इस घटना के बाद छात्रों के माता-पिता में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल, एक आया, चार शिक्षकों और दो ट्रस्टियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। बाथरूम में खून के धब्बे से शुरू हुआ मामला मामला मंगलवार का है जब स्कूल के बाथरूम में खून के धब्बे दिखाई दिए। इसके बाद यह बात टीचरों तक पहुंची। हैरानी की बात यह रही कि छात्राओं के पीरियड्स (Menstrual Cycle) की जानकारी पूछ कर ली जा सकती थी, लेकिन जिस तरह से स्कूल की प्रिंसिपल (School Principal) समेत अन्य स्टाफ की मानसिक सोच अमानवीय और असंवेदनशील है। स्कूल की प्रिंसिपल समेत अन्य स्टाफ ने क्लास 5 से 10 तक की सभी लड़कियों को एक बड़े हॉल में बुलाया, जहां एक बड़ी स्क्रीन पर बाथरूम में मिले खून के धब्बे दिखाए गए। इसके बाद लड़कियों से पूछा गया कि कौन-कौन पीरियड्स (Menstrual Cycle) में है। जिन्होंने हाथ उठाया, उनके नाम लिख लिए गए। लेकिन जिन लड़कियों ने हाथ नहीं उठाया, उन्हें एक-एक कर बाथरूम में ले जाया गया और आया द्वारा उनकी जबरन जांच कराई गई। इस दौरान कई छात्राओं को न केवल मानसिक तनाव (Mental Stress) से गुजरना पड़ा, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी गहरी चोट पहुंची। एक छात्रा की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी से प्रिंसिपल ने जबरदस्ती पूछताछ की कि वह पीरियड्स में नहीं होते हुए पैड क्यों पहन रही है। जब छात्रा ने जवाब देने की कोशिश की, तो प्रिंसिपल ने उसे झूठा ठहराया और जबरन उसका अंगूठा लेकर एक कथित बयान पर निशान भी लिया। माता-पिता का गुस्सा फूटा घटना के बाद जब छात्राएं घर पहुंचीं तो कई लड़कियां रोते हुए अपने माता-पिता से मिलीं और पूरा वाकया बताया। बुधवार को गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस की ओर से बताया गया है कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस छात्राओं की गवाही ली जा रही है और आगे की जांच जारी है। इसे भी पढ़ें:- आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज स्कूल की लापरवाही  यह घटना केवल एक स्कूल की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि किशोरियों के यौन स्वास्थ्य और निजता को लेकर कितनी असंवेदनशीलता अब भी मौजूद है। मासिक धर्म (Menstrual Cycle) कोई अपराध नहीं है और इसे लेकर शर्म या अपमान की भावना पैदा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि एक शैक्षणिक संस्थान जो बच्चों के भविष्य की नींव रखता है, वह बच्चों की गरिमा को इस हद तक कुचल सकता है। बच्चों की मानसिक स्थिति, आत्मसम्मान और विश्वास को झकझोरने वाला यह मामला कहीं न कहीं स्कूल प्रशासन की विफलता और सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है। अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या शिक्षा मंत्रालय को ऐसे मामलों पर तुरंत हस्तक्षेप कर एक गाइडलाइन जारी नहीं करनी चाहिए?   Latest News in Hindi Today Hindi Menstrual Cycle #ThaneSchool #PeriodsCheck #GirlsRights #SchoolControversy #StudentAbuse

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Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg

Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg: महिला से गैंगरेप के बाद चलती ट्रेन से ट्रैक पर फेंका, पीड़िता का कटा पैर

कड़े कानून के बावजूद देश में दुष्कर्म की घटनाएं हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला है हरियाणा के पानीपत का, जहाँ महिला के साथ चलती ट्रेन में गैंगरेप कर उसे ट्रैक पर फेंक दिया। दिल दहला देने वाली इस घटना में आरोपियों ने पहले तो सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर सोनीपत ले जाकर रेलवे ट्रैक पर उसे मरने के लिए फेंक दिया। हालाँकि महिला बच (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) निकली। बच तो निकली लेकिन उसका पैर कट गया। दरअसल, उठकर ट्रैक से भागने के दौरान वो ट्रेन की चपेट में आ गई। जिसकी वजह से उसका पैर कट गया। इस बीच सूचना के बाद मौके पहुंची पुलिस ने पीड़िता को सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। वहां से डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इस दरम्यान पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता के परिजनों को इस हादसे की सूचना दी। परिजनों के पहुंचने के बाद महिला के साथ गैंगरेप का खुलासा है। परिजनों के मुताबिक 35 वर्षीय महिला 23 जून को घर से गायब हुई थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब कुछ पता नहीं चला तो महिला के पति ने 26 जून को किला थाना पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।  जांच के लिए 40 टीमें गठित की गई (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) हैं महत्वपूर्ण बात यह कि मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की गई है। जांच के लिए 40 टीमें गठित की गई (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) हैं। यही नहीं, पहचान के लिए उसे 16 रेलवे स्टेशनों की तस्वीरें दिखाई जाएंगी।इसके अलावा पुलिस की एक टीम सोनीपत भी पहुंची है। यही नहीं पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की तीन टीमें जांच में जुटी हैं। आलम यह है कि पानीपत से लेकर सोनीपत तक जांच टीमें फैली हैं। स्थानीय दुकानदारों व लोगों से पूछताछ की जा रही है। ताकि कहीं कोई सुराग मिल जाए। यही नहीं,पुलिस रेलवे ट्रैक व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है। मालगोदाम के पास से गए और ट्रेन के डिब्बे में गैंगरेप (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) किया  प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक “उसने महिला की रोने की आवाज सुनी थी। जब वह रेलवे ट्रैक के पास गया तो महिला की हालत देखकर उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी।” पीजीआई में महिला ने बताया कि 24 जून की रात वह पानीपत स्टेशन पर (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) थी। दो-तीन युवक उसे मालगोदाम के पास से गए और ट्रेन के डिब्बे में गैंगरेप किया। फिर उसे ट्रेन में सोनीपत ले गए। सोनीपत स्टेशन पर पहुंचते ही धक्का दे दिया। आगे पीड़िता ने बताया कि ट्रैक पार करते समय उसका पैर फंस गया। जिसके चलते पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से पैर कट गया। इस वारदात के बाद महिला को गहरा सदमा लगा है। चूंकि महिला बार-बार बयान बदल रही है, इसलिए पुलिस उसे मानसिक रूप से बीमार बता रही है। खैर, महिला का मेडिकल परीक्षण किया गया। परिक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने इस घटना की जानकारी सोनीपत रेलवे पुलिस को दी है। पानीपत निवासी महिला के पति ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत किला थाना में एक जून को दी। इसके बाद महिला की पहचान हुई। इसे भी पढ़ें:- आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज नौ जून को महिला के तीन वर्ष के इकलौते बेटे की बीमारी से मौत हो गई (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) थी महिला ने बताया कि “पति से अनबन होने के कारण वह घर से निकल गई थी और 24 जून की रात तकरीबन 10 बजे वह पानीपत रेलवे स्टेशन पर कुर्सियों पर बैठी थी। इस बीच पानी की टंकी की ओर गई तो देखा कि वहां दो युवक खड़े (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) थे। वह मुझे रेलवे स्टेशन पर माल गोदाम की ओर ले गए। और फिर वहां दोनों ने बारी बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद ट्रेन से सोनीपत ले गए। इस बीच चलती ट्रेन से ट्रैक पर धक्का दे दिया। और धक्का देकर दोनों युवक वहां से फरार हो गए। इसके बाद जब होश आया तो अस्पताल में मिली। प्राप्त जानकरी के मुताबिक नौ जून को महिला के तीन वर्ष के इकलौते बेटे की बीमारी से मौत हो गई थी। जिसके बाद उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई। दुष्कर्म के बाद से पीड़िता की मानसिक स्थिति और बिगड़ती जा रही। Latest News in Hindi Today Hindi Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg #womangangraped #traincrime #crimeagainstwomen #breakingnews #india #justiceforvictim #newsupdate

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