NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब, राजनीतिक हलचल तेज

जय राष्ट्र न्यूज़ | पॉलिटिक्स डेस्क | 22 जून 2026 मुख्य समाचार हालिया राज्यसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंच गया है। NDA ने हाल में संपन्न चुनावों में 26 में से 19 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत की है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ऊपरी सदन में बढ़ती ताकत आने वाले संसदीय सत्रों और महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों के लिए NDA को रणनीतिक बढ़त दे सकती है। राज्यसभा चुनावों ने बदला समीकरण हालिया चुनावों में NDA के मजबूत प्रदर्शन ने राज्यसभा के राजनीतिक गणित को बदल दिया है। कांग्रेस नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन को कुछ सीटों पर सफलता मिली, लेकिन कुल मिलाकर NDA का पलड़ा भारी रहा। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार इन परिणामों ने संसद में शक्ति संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्यों महत्वपूर्ण है दो-तिहाई बहुमत? राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत कई महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और विशेष विधायी प्रक्रियाओं के लिए अहम माना जाता है। इसी कारण NDA की बढ़ती संख्या पर राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गठबंधन आगे भी अपनी संख्या बढ़ाने में सफल रहता है तो संसद में उसका प्रभाव और मजबूत हो सकता है। विपक्ष की बढ़ी चिंता NDA की बढ़ती ताकत के बीच विपक्षी दल भी अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। INDIA गठबंधन के नेताओं का मानना है कि संसद में प्रभावी भूमिका बनाए रखने के लिए विपक्षी एकजुटता आवश्यक होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आगामी संसद सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। क्षेत्रीय दलों की भूमिका अहम राज्यसभा के वर्तमान समीकरण में कई क्षेत्रीय दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संसद में किसी भी बड़े विधायी कदम के दौरान इन दलों का रुख निर्णायक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में क्षेत्रीय राजनीति राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकती है। संसद के आगामी सत्र पर नजर राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि संसद के आगामी सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। ऐसे में राज्यसभा की संख्या शक्ति एक महत्वपूर्ण कारक बनकर उभर सकती है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना राज्यसभा गणित राज्यसभा में NDA की बढ़ती ताकत को लेकर मीडिया, राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों के बीच लगातार चर्चा हो रही है। संसद के दोनों सदनों में संख्या बल को लेकर नए आकलन सामने आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्यसभा का गणित राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बना रह सकता है। निष्कर्ष राज्यसभा चुनावों में मजबूत प्रदर्शन के बाद NDA दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंच गया है। इस घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और संसद के आगामी सत्र को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले महीनों में संसद का राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ता है। स्रोत: Times of India मूल रिपोर्ट:https://timesofindia.indiatimes.com/india/nda-bags-19-out-of-26-how-close-is-the-ruling-coalition-to-rajya-sabha-two-third-majority/articleshow/131853587.cms जय राष्ट्र न्यूज़

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NEET Re-Exam के बाद Answer Key और Result Timeline पर छात्रों की नजर

जय राष्ट्र न्यूज़ | शिक्षा एवं रोजगार डेस्क | 22 जून 2026 मुख्य समाचार देशभर में आयोजित NEET-UG 2026 री-एग्जाम के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब लाखों अभ्यर्थियों की नजर Answer Key, OMR शीट और रिजल्ट टाइमलाइन पर टिकी हुई है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने परीक्षा का आयोजन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया और अधिकारियों के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अब छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण Answer Key जारी होने और उसके बाद रिजल्ट की घोषणा का है। जल्द जारी हो सकती है प्रोविजनल Answer Key मीडिया रिपोर्टों के अनुसार NTA जल्द ही प्रोविजनल Answer Key जारी कर सकता है। इसके साथ अभ्यर्थियों को OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स देखने की सुविधा भी दी जा सकती है। Answer Key जारी होने के बाद छात्रों को निर्धारित समय के भीतर आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यही चरण अंतिम परिणाम से पहले सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। आपत्ति दर्ज कराने का मिलेगा अवसर प्रोविजनल Answer Key जारी होने के बाद अभ्यर्थी उन प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे जिन पर उन्हें संदेह है। NTA द्वारा प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा विशेषज्ञों की समिति करेगी। इसके बाद अंतिम Answer Key जारी की जाएगी, जिसके आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। कब आ सकता है रिजल्ट? NTA ने अभी तक रिजल्ट की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। हालांकि विभिन्न शिक्षा रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि Answer Key प्रक्रिया पूरी होने के बाद जुलाई में परिणाम जारी किए जा सकते हैं। लाखों छात्र और अभिभावक रिजल्ट की संभावित तारीख को लेकर लगातार अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया होगी अगला चरण रिजल्ट जारी होने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और संबंधित राज्य प्राधिकरणों द्वारा काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। MBBS, BDS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए NEET स्कोर ही मुख्य आधार रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार काउंसलिंग प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। परीक्षा रही चर्चा में री-एग्जाम देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक रहा। परीक्षा लगभग 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई और लाखों अभ्यर्थियों ने इसमें भाग लिया। NTA ने दावा किया है कि परीक्षा के दौरान पेपर लीक से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। कई राज्यों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था और लाइव निगरानी प्रणाली भी लागू की गई थी। छात्रों में उत्सुकता परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र अपने संभावित स्कोर का अनुमान लगाने में जुट गए हैं। कई कोचिंग संस्थानों ने अनौपचारिक Answer Key जारी कर दी हैं, लेकिन अंतिम गणना NTA की आधिकारिक Answer Key के आधार पर ही होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करना चाहिए। निष्कर्ष NEET-UG 2026 री-एग्जाम के सफल आयोजन के बाद अब पूरा फोकस Answer Key, OMR शीट और रिजल्ट टाइमलाइन पर आ गया है। लाखों अभ्यर्थी NTA की अगली घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में प्रोविजनल Answer Key जारी होने के साथ प्रवेश प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण शुरू हो जाएगा। स्रोत: National Testing Agency (NTA) मूल रिपोर्ट:https://neet.nta.nic.in जय राष्ट्र न्यूज़

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर स्वास्थ्य और वेलनेस पर फोकस, देशभर में विशेष कार्यक्रम

जय राष्ट्र न्यूज़ | लाइफ एंड हेल्थ डेस्क | 21 जून 2026 मुख्य समाचार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर देशभर में स्वास्थ्य, फिटनेस और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों, सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने योग के महत्व को लेकर जागरूकता अभियान चलाए। इस वर्ष योग दिवस का मुख्य फोकस स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और समग्र स्वास्थ्य पर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग लोगों के लिए एक प्रभावी समाधान बनकर उभरा है। स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पर जोर योग दिवस कार्यक्रमों में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग अभ्यास तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। कई कार्यक्रमों में प्राणायाम, ध्यान और योगासन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला गया। देशभर में सामूहिक योग कार्यक्रम दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, जयपुर और अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। हजारों लोगों ने खुले मैदानों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर योगाभ्यास में भाग लिया। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी विशेष योग सत्र आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित योग अभ्यास हृदय स्वास्थ्य, श्वसन प्रणाली, लचीलापन और शारीरिक क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। साथ ही यह मानसिक तनाव और चिंता को कम करने में भी मदद करता है। विशेषज्ञों ने लोगों को योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी। युवाओं में बढ़ती रुचि हाल के वर्षों में युवाओं के बीच योग और फिटनेस के प्रति रुचि बढ़ी है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी योग से जुड़े कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों को व्यापक पहुंच मिली है। विश्लेषकों का मानना है कि युवा पीढ़ी स्वास्थ्य और वेलनेस को लेकर पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो रही है। जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव विशेषज्ञों ने बताया कि योग मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप और तनाव से जुड़ी कई समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में योग को एक महत्वपूर्ण निवारक उपाय के रूप में देखा जा रहा है। योग दिवस के अवसर पर कई चिकित्सा संस्थानों ने भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। वैश्विक स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब दुनिया के अनेक देशों में मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा योग आज वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का हिस्सा बन चुका है। कई देशों में भारतीय मिशनों और स्थानीय संगठनों ने भी योग दिवस समारोह आयोजित किए। निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 ने एक बार फिर स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक संतुलन के महत्व को रेखांकित किया है। देशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि योग आने वाले समय में भी स्वास्थ्य और वेलनेस के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। स्रोत: Ministry of AYUSH मूल रिपोर्ट:https://www.ayush.gov.in जय राष्ट्र न्यूज़

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AI आधारित नौकरियों और क्लाउड सेक्टर में नई मांग, टेक प्रोफेशनल्स के लिए बढ़े अवसर

जय राष्ट्र न्यूज़ | करियर डेस्क | 21 जून 2026 मुख्य समाचार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। दुनिया भर की टेक कंपनियां AI, मशीन लर्निंग, डेटा इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कुशल पेशेवरों की तलाश कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में रोजगार की मांग और अधिक बढ़ सकती है। डिजिटल परिवर्तन और AI तकनीकों के तेजी से विस्तार ने तकनीकी कौशल रखने वाले युवाओं के लिए नए करियर विकल्पों के द्वार खोल दिए हैं। AI सेक्टर में बढ़ रही भर्तियां कई कंपनियां AI आधारित उत्पादों और सेवाओं पर तेजी से निवेश कर रही हैं। इसके कारण AI इंजीनियर, मशीन लर्निंग विशेषज्ञ, डेटा साइंटिस्ट और जनरेटिव AI विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार AI अब केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, ई-कॉमर्स और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भी इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। क्लाउड कंप्यूटिंग बना रोजगार का बड़ा स्रोत क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। कंपनियां अपने डेटा और एप्लिकेशन को क्लाउड प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर रही हैं, जिससे क्लाउड आर्किटेक्ट, क्लाउड इंजीनियर और DevOps विशेषज्ञों की मांग बढ़ी है। AWS, Microsoft Azure और Google Cloud जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े कौशल रखने वाले पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की भी मांग AI और क्लाउड तकनीकों के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा की आवश्यकता भी बढ़ गई है। कंपनियां अपने डिजिटल सिस्टम और डेटा की सुरक्षा के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति कर रही हैं। विश्लेषकों का कहना है कि साइबर सिक्योरिटी आने वाले वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाले करियर क्षेत्रों में शामिल रह सकती है। भारत बन रहा टेक टैलेंट हब भारत को वैश्विक स्तर पर टेक प्रतिभाओं का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत में AI अनुसंधान, डेटा सेंटर और क्लाउड संचालन का विस्तार कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा होंगे। छात्रों के लिए क्या हैं अवसर? करियर विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को AI, डेटा एनालिटिक्स, प्रोग्रामिंग, क्लाउड टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में कौशल विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए। ऑनलाइन पाठ्यक्रम, प्रमाणपत्र कार्यक्रम और व्यावहारिक परियोजनाएं युवाओं को प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार के लिए तैयार कर सकती हैं। भविष्य की नौकरियों की दिशा रिपोर्टों के अनुसार AI और ऑटोमेशन कई पारंपरिक नौकरियों के स्वरूप को बदल सकते हैं, लेकिन साथ ही नए रोजगार अवसर भी पैदा करेंगे। इसलिए तकनीकी कौशल और निरंतर सीखने की क्षमता भविष्य की सफलता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI के साथ काम करने वाले पेशेवरों की मांग आने वाले दशक में लगातार बढ़ती रहेगी। निष्कर्ष AI आधारित नौकरियों और क्लाउड सेक्टर में बढ़ती मांग तकनीकी क्षेत्र के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है। भारत सहित दुनिया भर में कंपनियां नई प्रतिभाओं की तलाश कर रही हैं। ऐसे में युवाओं के लिए AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में कौशल विकसित करना भविष्य के बेहतर करियर अवसरों का मार्ग खोल सकता है। स्रोत: World Economic Forum मूल रिपोर्ट:https://www.weforum.org जय राष्ट्र न्यूज़

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वैभव सूर्यवंशी ने 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट-ए क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाया

जय राष्ट्र न्यूज़ | स्पोर्ट्स डेस्क | 21 जून 2026 मुख्य समाचार भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से इतिहास रच दिया है। युवा बल्लेबाज ने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट में नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। उनकी इस तूफानी पारी ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और सोशल मीडिया पर भी उनकी बल्लेबाजी की जमकर चर्चा हो रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार इतनी तेज गति से अर्धशतक बनाना आधुनिक क्रिकेट में भी बेहद दुर्लभ उपलब्धि माना जाता है। रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतकों में अपना नाम दर्ज करा लिया। उनकी पारी में कई चौके और छक्के शामिल रहे, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। क्रिकेट जगत में चर्चा रिकॉर्ड बनने के बाद क्रिकेट जगत से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने वैभव की बल्लेबाजी की सराहना की है और इसे भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत बताया है। विश्लेषकों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों का इस तरह का प्रदर्शन भविष्य में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है। सोशल मीडिया पर छाए वैभव रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे। क्रिकेट प्रशंसकों ने उनकी बल्लेबाजी की वीडियो क्लिप और तस्वीरें साझा करते हुए उन्हें भविष्य का स्टार खिलाड़ी बताया। कई प्रशंसकों ने उनकी तुलना दुनिया के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों से भी की। भारतीय क्रिकेट के लिए शुभ संकेत भारतीय क्रिकेट लगातार नई प्रतिभाओं को अवसर देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि युवा खिलाड़ियों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता मौजूद है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू और आयु वर्ग क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का अवसर मिलता है। चयनकर्ताओं की नजर इस शानदार प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं की नजर भी वैभव सूर्यवंशी पर बनी हुई है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि यदि वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं तो भविष्य में उन्हें बड़े मंच पर अवसर मिल सकता है। उनकी बल्लेबाजी ने यह साबित किया है कि दबाव की परिस्थितियों में भी आक्रामक और प्रभावी खेल दिखाया जा सकता है। युवाओं के लिए प्रेरणा वैभव की उपलब्धि देशभर के युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ युवा खिलाड़ी बड़े रिकॉर्ड स्थापित कर सकते हैं। उनकी यह पारी आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के यादगार प्रदर्शनों में शामिल की जा सकती है। निष्कर्ष वैभव सूर्यवंशी ने 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट-ए क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने क्रिकेट जगत को प्रभावित किया है और उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर उनके आगामी प्रदर्शनों पर बनी हुई है। स्रोत: Business Standard मूल रिपोर्ट:https://www.business-standard.com/cricket जय राष्ट्र न्यूज़

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वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय बाजारों में सतर्कता का माहौल

जय राष्ट्र न्यूज़ | बिजनेस डेस्क | 21 जून 2026 मुख्य समाचार दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय वित्तीय बाजारों में सतर्कता का माहौल देखा जा रहा है। निवेशकों की नजर मध्य पूर्व की स्थिति, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले आर्थिक संकेतों पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम आने वाले दिनों में निवेशकों की रणनीति और बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर बढ़ी अनिश्चितता के कारण निवेशक जोखिम वाले निवेशों के प्रति सावधानी बरतते दिखाई दे रहे हैं। तेल कीमतों पर विशेष नजर भू-राजनीतिक तनावों का सबसे अधिक असर ऊर्जा बाजारों पर देखा जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई, व्यापार संतुलन और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। यही कारण है कि निवेशक ऊर्जा बाजार से जुड़े हर घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। शेयर बाजार में सतर्क रुख विश्लेषकों के अनुसार भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सतर्क निवेश का माहौल बना हुआ है। कई निवेशक बड़े निवेश निर्णय लेने से पहले वैश्विक परिस्थितियों के स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। विशेष रूप से बैंकिंग, ऊर्जा, IT और निर्यात आधारित क्षेत्रों के शेयरों पर बाजार की प्रतिक्रिया को लेकर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। विदेशी निवेशकों की भूमिका विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर विदेशी निवेशक अक्सर सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी निवेश प्रवाह पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती हालांकि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद कई विशेषज्ञ भारतीय अर्थव्यवस्था को अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में मानते हैं। घरेलू मांग, बुनियादी ढांचा निवेश और वित्तीय सुधारों को भारतीय अर्थव्यवस्था के सकारात्मक कारकों के रूप में देखा जा रहा है। इसके बावजूद वैश्विक घटनाक्रमों का अल्पकालिक प्रभाव बाजारों पर दिखाई दे सकता है। निवेशकों को क्या सलाह? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए और दीर्घकालिक दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए। विशेषज्ञ विविधीकृत निवेश पोर्टफोलियो, जोखिम प्रबंधन और विश्वसनीय वित्तीय सलाह पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। वैश्विक बाजारों की प्रतिक्रिया अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई बाजार भी वैश्विक तनावों के कारण उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं। निवेशक केंद्रीय बैंकों की नीतियों, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों पर नजर बनाए हुए हैं। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है। निष्कर्ष वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। निवेशकों की नजर तेल कीमतों, विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद बाजार को सहारा दे सकती है, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। स्रोत: Reuters मूल रिपोर्ट:https://www.reuters.com जय राष्ट्र न्यूज़

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कई राज्यों में NEET री-एग्जाम के लिए हाई अलर्ट और विशेष सुरक्षा व्यवस्था

जय राष्ट्र न्यूज़ | स्टेट्स डेस्क | 21 जून 2026 मुख्य समाचार NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर देशभर के कई राज्यों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA), राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए बहुस्तरीय निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया है। पिछले महीनों में परीक्षा से जुड़े विवादों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया गया है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी कई राज्यों में परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। CCTV कैमरों, बायोमेट्रिक सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणालियों के माध्यम से प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील परीक्षा केंद्रों को विशेष निगरानी सूची में रखा गया है और वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त तैयारी राज्य सरकारों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ कई दौर की समीक्षा बैठकें आयोजित की हैं। परीक्षा के दिन यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को लेकर विशेष योजनाएं बनाई गई हैं। कई जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां से परीक्षा संबंधी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। तकनीकी सुरक्षा पर विशेष जोर इस बार परीक्षा केंद्रों पर डिजिटल सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। जैमर, निगरानी उपकरण और अन्य तकनीकी साधनों के माध्यम से नकल और संचार संबंधी अनियमितताओं को रोकने की तैयारी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी निगरानी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। छात्रों को दिए गए दिशा-निर्देश अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचने, वैध पहचान पत्र साथ रखने और सभी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय लेकर आने की अपील भी की गई है। परीक्षा केंद्रों पर प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभिभावकों और छात्रों की उम्मीदें लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की नजर परीक्षा के सफल संचालन पर टिकी हुई है। कई अभिभावकों ने उम्मीद जताई है कि इस बार की सख्त सुरक्षा व्यवस्था परीक्षा प्रणाली में विश्वास को मजबूत करेगी। शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक है। राज्यों की विशेष निगरानी उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और अन्य कई राज्यों में प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा गश्त बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निष्कर्ष NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर कई राज्यों में हाई अलर्ट और विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन, पुलिस और NTA के समन्वित प्रयासों का उद्देश्य परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। अब देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजर परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन पर बनी हुई है। स्रोत: National Testing Agency (NTA) मूल रिपोर्ट:https://nta.ac.in जय राष्ट्र न्यूज़

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कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का पहला जत्था नाथू ला मार्ग से चीन में प्रवेश किया

जय राष्ट्र न्यूज़ | हेरिटेज डेस्क | 21 जून 2026 मुख्य समाचार कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का पहला जत्था सिक्किम स्थित नाथू ला दर्रे के माध्यम से चीन में प्रवेश कर गया है। इस महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा की शुरुआत के साथ ही देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों की देखरेख में यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन परंपरा के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा में शामिल होने की इच्छा रखते हैं। नाथू ला मार्ग का विशेष महत्व सिक्किम में स्थित नाथू ला दर्रा भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण पर्वतीय मार्ग है। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न कारणों से यात्रा प्रभावित रही थी, लेकिन अब यात्रा के पुनः सुचारु संचालन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। नाथू ला मार्ग को अपेक्षाकृत सुविधाजनक माना जाता है और यह यात्रियों को हिमालयी क्षेत्र के अद्भुत प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव भी कराता है। श्रद्धालुओं में उत्साह पहले जत्थे के रवाना होने और चीन में प्रवेश करने के साथ ही देशभर के धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने खुशी व्यक्त की है। कई यात्रियों ने इसे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक यात्राओं में से एक बताया। श्रद्धालुओं का मानना है कि कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील का दर्शन आध्यात्मिक शांति और आस्था का अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है। सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था यात्रा के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक चिकित्सीय जांच और दिशा-निर्देश प्रदान किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्तरों पर सहायता और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के सफल संचालन से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल सकती है। इससे पर्यटन क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक लाभ मिलने की संभावना है। भारत और चीन के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ाने में भी ऐसी यात्राएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है, जबकि मानसरोवर झील को विश्व की सबसे पवित्र झीलों में गिना जाता है। सदियों से यह यात्रा भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। धार्मिक विद्वानों का मानना है कि यह यात्रा केवल तीर्थ नहीं बल्कि आत्मिक अनुभव और आत्मचिंतन का अवसर भी प्रदान करती है। आगे के जत्थों की तैयारी अधिकारियों के अनुसार आगामी सप्ताहों में अन्य जत्थे भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा पर रवाना होंगे। सभी यात्रियों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और यात्रा प्रबंधन संबंधी तैयारियां जारी हैं। विदेश मंत्रालय और संबंधित विभाग यात्रा की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। निष्कर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के पहले जत्थे का नाथू ला मार्ग से चीन में प्रवेश करना श्रद्धालुओं और धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और हिमालयी तीर्थ परंपरा की भी महत्वपूर्ण पहचान है। स्रोत: Ministry of External Affairs (MEA) मूल रिपोर्ट:https://www.mea.gov.in जय राष्ट्र न्यूज़

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर PM मोदी ने कोलकाता में योग कार्यक्रम का नेतृत्व किया

जय राष्ट्र न्यूज़ | लाइफ एंड हेल्थ डेस्क | 21 जून 2026 मुख्य समाचार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में आयोजित एक भव्य योग कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया और योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। देशभर में भी विभिन्न राज्यों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और सामाजिक संगठनों द्वारा योग दिवस के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। उन्होंने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। कोलकाता बना योग दिवस का प्रमुख केंद्र इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में कोलकाता प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा। कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास किया। विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने कई योगासन और प्राणायाम सत्रों में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और फिटनेस के महत्व पर भी चर्चा की गई। योग के वैश्विक प्रभाव पर जोर प्रधानमंत्री ने कहा कि योग आज विश्वभर में भारत की सांस्कृतिक विरासत और जीवन दर्शन का महत्वपूर्ण प्रतिनिधि बन चुका है। दुनिया के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है और इसके स्वास्थ्य लाभों को व्यापक मान्यता मिल रही है। उन्होंने कहा कि योग लोगों को तनावमुक्त जीवन जीने, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और शारीरिक फिटनेस बनाए रखने में मदद करता है। देशभर में आयोजित हुए विशेष कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न शहरों में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सेना, अर्धसैनिक बलों और विभिन्न सरकारी संस्थानों ने भी योग सत्रों में भाग लिया। कई राज्यों में पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों पर सामूहिक योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस वर्ष योग दिवस कार्यक्रमों में युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कई स्थानों पर विशेष योग कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनमें फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित योग अभ्यास जीवनशैली से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकता है। स्वस्थ जीवनशैली का संदेश स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने योग दिवस के अवसर पर लोगों को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी। उनका मानना है कि योग आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी चुनौतियों का प्रभावी समाधान बन सकता है। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशामुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आयोजन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुनिया के कई देशों में भारतीय मिशनों और स्थानीय संगठनों द्वारा योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न देशों में भारतीय समुदाय और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे योग के प्रति वैश्विक रुचि और भारत की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिली है। निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित योग कार्यक्रम ने स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक संतुलन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। देश और दुनिया भर में आयोजित कार्यक्रमों ने एक बार फिर योग को वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया है। स्रोत: Press Information Bureau (PIB) मूल रिपोर्ट:https://pib.gov.in जय राष्ट्र न्यूज़

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NEET-UG 2026 री-एग्जाम आज, 22.8 लाख अभ्यर्थी कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा में शामिल

जय राष्ट्र न्यूज़ | शिक्षा एवं रोजगार डेस्क | 21 जून 2026 मुख्य समाचार देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का री-एग्जाम आज आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अनुसार देश और विदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर लगभग 22.8 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पिछले महीने परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बाद यह री-एग्जाम कराया जा रहा है। सरकार और NTA इस बार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। देशभर में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था परीक्षा केंद्रों पर लगभग 1.4 लाख CCTV कैमरे और 51 हजार से अधिक जैमर लगाए गए हैं। इसके अलावा बायोमेट्रिक सत्यापन, आधार आधारित पहचान जांच और AI आधारित निगरानी प्रणाली का भी उपयोग किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। परीक्षा सामग्री की आवाजाही के लिए GPS-सक्षम वाहनों और विशेष सुरक्षा एस्कॉर्ट की व्यवस्था की गई है। 551 शहरों में परीक्षा आयोजन NTA के अनुसार परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की जा रही है। परीक्षा संचालन के लिए दो लाख से अधिक अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष वातावरण मिल सके। छात्रों को दिए गए विशेष निर्देश NTA ने अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने, प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ रखने तथा निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करने की सलाह दी है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को देखते हुए उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय लेकर पहुंचने को कहा गया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। शिक्षा मंत्री ने छात्रों को दिया संदेश केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा से पहले छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार और NTA निष्पक्ष तथा पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने छात्रों से बिना तनाव के परीक्षा देने की अपील की। देशभर की नजर परीक्षा पर NEET-UG देश में मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का सबसे बड़ा माध्यम है। लाखों छात्रों और उनके परिवारों की नजर आज की परीक्षा पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सफल और पारदर्शी परीक्षा आयोजन से परीक्षा प्रणाली पर विश्वास मजबूत होगा। निष्कर्ष NEET-UG 2026 री-एग्जाम आज देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित किया जा रहा है। 22.8 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। अब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजर परीक्षा के सफल संचालन और आगामी परिणामों पर बनी हुई है। स्रोत: Times of India मूल रिपोर्ट:https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/1-4-lakh-cctvs-51000-jammers-22-8-lakh-candidates-neet-ug-re-test-today-under-massive-security-cover/articleshow/131885243.cms जय राष्ट्र न्यूज़

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