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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी जारी की, उत्तर भारत और पूर्वोत्तर में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के अनेक राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले 24–48 घंटों के दौरान दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में तेज़ बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है। दिल्ली-NCR में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका IMD के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज़ बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। नगर निगम और प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदी-नालों के जलस्तर में तेज़ वृद्धि की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग के अपडेट का पालन करने की अपील की है। पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की स्थिति पर निगरानी असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ अलर्ट पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें संभावित बाढ़ और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं। स्थानीय प्रशासन को स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नागरिकों के लिए सलाह IMD ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, नदी-नालों के पास जाने से बचें और खराब मौसम के दौरान केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न रुकने और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नज़र रखने की सलाह भी दी गई है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और भारी बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, दिल्ली-NCR समेत कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की आशंका

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में अगले 24–48 घंटों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली-NCR में बारिश और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका IMD के अनुसार दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है। इससे कई निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और कार्यालय समय के दौरान लंबा जाम लगने की आशंका जताई गई है। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष सतर्कता उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और नदी-नालों के जलस्तर में तेज़ बढ़ोतरी की संभावना है। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नज़र रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ अलर्ट पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात रखने, बाढ़ संभावित इलाकों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें भी कई संवेदनशील क्षेत्रों में तैयार रखी गई हैं। मछुआरों और किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग ने समुद्र में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की संभावना को देखते हुए तटीय राज्यों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और मौसम विभाग द्वारा जारी स्थानीय सलाह का पालन करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए सावधानी IMD ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें और यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट अवश्य देखें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई पर संसद में विपक्ष का हंगामा तेज़, सरकार से जवाब की मांग

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज़ कर दिया है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाज़ी की और सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया। लगातार विरोध के कारण संसद की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा। विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया। विपक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल चिंताजनक है और इस पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। सरकार का पक्ष सरकार और दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ समूहों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की थी, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के लिए केवल जंतर-मंतर पर बैठने की अनुमति थी और संसद की ओर मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए, इसलिए न्यूनतम आवश्यक बल का उपयोग किया गया। संसद में गतिरोध जारी विपक्ष इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री से विस्तृत बयान की मांग कर रहा है। लगातार विरोध के कारण कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हुए और सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को संसद में जवाब देना चाहिए। वहीं भाजपा ने विपक्ष पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया और कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। निष्कर्ष जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई अब संसद के भीतर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। विपक्ष इस मामले पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की। इस मुद्दे पर आगे भी संसद में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव जारी रहने की संभावना है. Source: Parliament Proceedings | Delhi Police | Ministry of Home Affairs जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की तैयारियाँ तेज़, देशभर में बुनकरों और हस्तशिल्प प्रदर्शनियों का होगा आयोजन

नई दिल्ली: 7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) को लेकर देशभर में तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय, राज्य सरकारें, हथकरघा विकास निगम और विभिन्न हस्तशिल्प संस्थाएँ बुनकरों को सम्मानित करने, पारंपरिक वस्त्रों को बढ़ावा देने और भारतीय हथकरघा उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। कई राज्यों में हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक आयोजनों, फैशन शो, खरीदार–विक्रेता मिलन कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों की घोषणा की गई है। देशभर में होंगे विशेष आयोजन राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, तेलंगाना और ओडिशा सहित कई राज्यों में विशेष प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएँगी। इन आयोजनों में स्थानीय बुनकर अपनी पारंपरिक साड़ियाँ, शॉल, दुपट्टे, खादी, सिल्क और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। कई स्थानों पर लाइव बुनाई (Live Weaving Demonstration) और पारंपरिक शिल्प कार्यशालाएँ भी आयोजित की जाएँगी। बुनकरों को मिलेगा प्रोत्साहन केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उद्देश्य देश के लाखों बुनकरों और कारीगरों के योगदान को सम्मान देना तथा उन्हें नए बाजार उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को सम्मानित किया जाएगा और युवाओं को हथकरघा क्षेत्र से जोड़ने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएँगे। ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा सरकार का कहना है कि भारतीय हथकरघा उद्योग न केवल सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है बल्कि लाखों लोगों की आजीविका का भी प्रमुख स्रोत है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के माध्यम से ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भारतीय हैंडलूम उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक आयोजनों से स्थानीय पर्यटन, छोटे व्यापारियों और कारीगरों को आर्थिक लाभ मिलेगा। त्योहारों के सीज़न से पहले हैंडलूम उत्पादों की मांग बढ़ने की भी संभावना है, जिससे बुनकर समुदाय की आय में वृद्धि हो सकती है। निष्कर्ष राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय बुनकरों की कला, परंपरा और मेहनत को सम्मान देने का अवसर है। देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम भारतीय हथकरघा उद्योग को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करेंगे. Source: Ministry of Textiles | Development Commissioner (Handlooms) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज़ गतिविधियों को देखते हुए मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही कई अन्य राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किए गए हैं। किन राज्यों में भारी बारिश की संभावना IMD के अनुसार मध्य प्रदेश, असम और केरल के अलावा मेघालय, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश मौसम विभाग ने राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह देने को कहा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। मछुआरों और यात्रियों के लिए चेतावनी IMD ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। कई तटीय क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें, मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखें और भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के पास जाने से बचें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए जारी रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रस्तावित नई दिल्ली संबोधन पर भारत से मांगा आधिकारिक स्पष्टीकरण, भारत ने कहा- कार्यक्रम से सरकार का कोई संबंध नहीं

नई दिल्ली/ढाका: बांग्लादेश सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली से प्रस्तावित वर्चुअल संबोधन को लेकर भारत सरकार से आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम किसी सरकारी संस्था द्वारा नहीं, बल्कि एक निजी संगठन द्वारा आयोजित किया जा रहा है और भारत सरकार का इससे कोई संबंध नहीं है। बांग्लादेश ने क्यों जताई चिंता? ढाका का कहना है कि शेख हसीना के प्रस्तावित संबोधन से दोनों देशों के बीच चल रहे कूटनीतिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं। बांग्लादेश सरकार ने भारत से पूछा कि क्या इस कार्यक्रम को आधिकारिक अनुमति प्राप्त है और इस मामले में भारत का क्या रुख है। यह मुद्दा इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि बांग्लादेश पहले से ही शेख हसीना के प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग करता रहा है। भारत सरकार का जवाब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रस्तावित कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा आयोजित नहीं किया जा रहा है और न ही इसका किसी सरकारी एजेंसी से कोई संबंध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक निजी संस्था का कार्यक्रम है और सरकार इसमें व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती। कार्यक्रम किसके द्वारा आयोजित किया जा रहा है? जानकारी के अनुसार यह वर्चुअल कार्यक्रम Foreign Correspondents’ Club of South Asia (FCCSA) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसमें शेख हसीना छात्र आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर ऑनलाइन संबोधित करने वाली हैं। यह उनके भारत आने के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक संबोधन माना जा रहा है। द्विपक्षीय संबंधों पर नजर भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के वर्षों में व्यापार, सीमा सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और कनेक्टिविटी जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर साझेदारी रही है। हालांकि शेख हसीना का भारत में रहना और उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही दोनों देशों के बीच संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देश इस मामले को कूटनीतिक संवाद के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करेंगे। निष्कर्ष शेख हसीना के प्रस्तावित नई दिल्ली संबोधन को लेकर उठे विवाद के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि कार्यक्रम से उसका कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। अब दोनों देशों की निगाहें आगे की कूटनीतिक बातचीत और इस मुद्दे पर होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हैं। Source: Ministry of External Affairs (India) | Ministry of Foreign Affairs (Bangladesh) जय राष्ट्र न्यूज़

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E20 ईंधन नीति के विरोध में केजरीवाल का प्रदर्शन तेज़, PM आवास मार्च रोका गया, सरकार से तीन बड़ी मांगें

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति के खिलाफ अपना आंदोलन तेज़ कर दिया है। मंगलवार को उन्होंने पार्टी नेताओं और समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मार्च रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य AAP नेताओं ने फिरोजशाह रोड पर धरना दिया। 2.3 लाख से अधिक हस्ताक्षर वाला ज्ञापन AAP के अनुसार पार्टी ने देशभर से 2.3 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए हैं। इन हस्ताक्षरों वाले ज्ञापन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँचाने के लिए यह मार्च आयोजित किया गया था। पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बाद ज्ञापन पुलिस अधिकारियों को सौंपा गया। केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। AAP की तीन प्रमुख मांगें केजरीवाल ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं— सरकार का पक्ष केंद्र सरकार का कहना है कि E20 नीति का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात में कमी, किसानों की आय बढ़ाना, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। सरकार का दावा है कि चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही यह नीति भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि विपक्ष और कुछ परिवहन संगठनों ने पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। राजनीतिक बहस हुई तेज़ BJP ने केजरीवाल के प्रदर्शन को “राजनीतिक ड्रामा” बताते हुए कहा कि E20 से वाहनों को नुकसान पहुँचने का कोई आधिकारिक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। वहीं AAP का कहना है कि सरकार को लोगों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए और उपभोक्ताओं पर किसी एक ईंधन विकल्प को अनिवार्य नहीं बनाना चाहिए। निष्कर्ष E20 ईंधन नीति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर केंद्र सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं AAP और कई वाहन संगठनों की मांग है कि उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का ईंधन चुनने का अधिकार दिया जाए। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस और तेज़ होने की संभावना है. Source: Ministry of Petroleum & Natural Gas | Delhi Police | Aam Aadmi Party जय राष्ट्र न्यूज़

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सावन और आगामी त्योहारों को लेकर देशभर में तैयारियाँ तेज़, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों की धूम

नई दिल्ली: सावन मास के अंतिम चरण और आगामी प्रमुख त्योहारों को देखते हुए देशभर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा विशेष कार्यक्रमों, भजन संध्या, कांवड़ यात्रा समापन समारोह, लोक कला प्रस्तुतियों और सामुदायिक आयोजनों की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। विभिन्न राज्यों में प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं। मंदिरों में विशेष आयोजन देश के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सावन के अंतिम सोमवार और आगामी धार्मिक पर्वों के मद्देनज़र कई मंदिरों में दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त स्वयंसेवकों और सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियाँ राज्य सरकारें और स्थानीय सांस्कृतिक संस्थाएँ लोक संगीत, लोक नृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनियों और पारंपरिक कला कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं। कई शहरों में सावन मेले, सांस्कृतिक उत्सव और धार्मिक यात्राओं के साथ स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा और व्यवस्थाएँ प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सहायता के लिए विशेष योजना तैयार की है। कई राज्यों में पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि सावन और आगामी त्योहारों के दौरान धार्मिक पर्यटन, मिठाई, वस्त्र, पूजा सामग्री, परिवहन और होटल उद्योग में गतिविधियाँ बढ़ेंगी। स्थानीय बाजारों में त्योहारों से जुड़ी खरीदारी भी तेज़ होने लगी है, जिससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों को लाभ मिलने की संभावना है। निष्कर्ष सावन और आने वाले त्योहारों को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक सहभागिता के साथ आयोजित हो रहे ये कार्यक्रम भारतीय परंपराओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेंगे। Source: Ministry of Culture | State Tourism Departments | Local Temple Trusts जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की तैयारियाँ तेज़, देशभर में विशेष कार्यक्रमों के जरिए भारतीय बुनकरों और पारंपरिक वस्त्रों को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली: आगामी 7 अगस्त को मनाए जाने वाले 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) की तैयारियाँ देशभर में तेज़ हो गई हैं। इस अवसर पर वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) और विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा देशभर में प्रदर्शनी, हस्तकरघा मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम, डिज़ाइन प्रदर्शन, बुनकर सम्मान समारोह और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य भारतीय हथकरघा विरासत को बढ़ावा देना और बुनकरों को अधिक बाज़ार उपलब्ध कराना है। ‘Weaves of India’ महोत्सव बना मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय हथकरघा दिवस से पहले 24 जुलाई से 7 अगस्त तक नई दिल्ली के सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज़ एम्पोरियम (Janpath) में ‘Weaves of India Festival’ आयोजित किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में देशभर की 116 पारंपरिक हथकरघा बुनाई शैलियों को प्रदर्शित किया गया है। इसमें बनारसी, जामदानी, कांजीवरम सिल्क, संभलपुरी इकट, कानी पश्मीना, पैठणी, बावन बूटी, कोटपाड़ और अन्य प्रसिद्ध भारतीय वस्त्र शामिल हैं। हैंडलूम हैकाथॉन और नवाचार को बढ़ावा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में Handloom Hackathon 2026 – “Weaving Innovation” का भी आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य तकनीक, डिज़ाइन और नवाचार के माध्यम से भारतीय हथकरघा क्षेत्र को आधुनिक बनाना और युवा उद्यमियों तथा छात्रों को इस क्षेत्र से जोड़ना है। बुनकरों को मिलेगा सीधा लाभ सरकार का कहना है कि इन आयोजनों से देशभर के बुनकरों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुँचाने का अवसर मिलेगा। साथ ही लोगों को ‘Vocal for Local’ और भारतीय हस्तनिर्मित वस्त्रों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि भारत की समृद्ध वस्त्र परंपरा, स्थानीय कारीगरों और सतत (Sustainable) उत्पादन प्रणाली को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे भारतीय हथकरघा उत्पादों की वैश्विक पहचान और निर्यात को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। निष्कर्ष राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम भारतीय बुनकरों की कला, कौशल और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय उद्योग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। Source: Ministry of Textiles | Office of Development Commissioner (Handlooms) | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, आंध्र प्रदेश में ₹18,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत

भोगापुरम (आंध्र प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में बने ऑलूरी सीताराम राजू (ASR) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। लगभग ₹5,640 करोड़ की लागत से विकसित यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उत्तर आंध्र प्रदेश की कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग और निवेश को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने राज्य में लगभग ₹18,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। यह नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भविष्य में विशाखापट्टनम क्षेत्र के लिए प्रमुख एयर हब के रूप में कार्य करेगा। आधुनिक टर्मिनल, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र और दक्षिण ओडिशा के लाखों यात्रियों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराएगा। वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन 17 अगस्त 2026 से शुरू होने की योजना है। क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम सरकार का कहना है कि भोगापुरम एयरपोर्ट से— UDAN 2.0 विस्तार को भी मिली गति प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान UDAN 2.0 विस्तार का भी शुभारंभ किया। सरकार का उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज़ क्षेत्रों को सस्ती हवाई सेवाओं से जोड़ना है ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत हो सकें। प्रधानमंत्री का संबोधन अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक हवाई अड्डे केवल यात्रा की सुविधा नहीं बल्कि विकास, निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। निष्कर्ष भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और हवाई संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. Source: Prime Minister’s Office (PMO) | Ministry of Civil Aviation | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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