Trump announces end to Iran-Israel war

ट्रंप का ऐलान…खत्म हुआ ईरान-इजरायल युद्ध, तेहरान का दावा हमारा समझौता अभी फाइनल नहीं

कतर में मौजूद अमेरिका के एयरबेस पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने युद्धविराम का ऐलान किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया है कि ईरान और इजरायल पूर्ण युद्धविराम (Iran–Israel Ceasefire) के लिए सहमत हो गए हैं। पहले ईरान युद्धविराम करेगा और फिर इजरायल करेगा। अगले 24 घंटे के अंदर 12 दिनों से चल रहा युद्धविराम खत्म हो जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के इस ऐलान पर जहां इजरायल ने सहमति जताई है, वहीं ईरान ने युद्धविराम (Iran–Israel Ceasefire) के किसी भी समझौते से इंकार किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने ट्रंप के दावे का खंडन करते हुए कहा कि फिलहाल अभी युद्धविराम का कोई भी समझौता फाइनल नहीं हुआ है।  12 घंटे बाद इजरायल भी 12 घंटे का सीजफायर करेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘बधाई हो सभी को! ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में पूर्ण सीजफायर पर सहमति बन गई है। यह सीजफायर आगामी छह घंटे के भीतर शुरू होगा और सबसे पहले ईरान इसका पालन करते हुए 12 घंटे का युद्धविराम करेगा। 12 घंटे बाद इजरायल भी 12 घंटे का सीजफायर करेगा और फिर 24 घंटे बाद युद्ध औपचारिक तौर पर खत्म हो जाएगा।’ ट्रंप ने अपने इस पोस्ट में इजरायल और ईरान के नेताओं  की सहनशक्ति और बुद्धिमत्ता की जमकर तारीफ करते हुए दावा किया कि दोनों देशों के बीच यह युद्ध सालों तक चल सकती थी, जिसके चपेट में आकर पूरा मध्य पूर्व तबाह हो सकता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।  युद्ध विराम पर फाइनल समझौता नहीं- अराघची  वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया कि, फिलहाल अभी कोई समझौता फाइनल (Iran–Israel Ceasefire) नहीं हुआ है। हालांकि इस दौरान उन्होंने इजरायल की ओर से हमले रुकने पर ईरान द्वारा युद्ध रोकने की बात कही। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि, इस युद्ध की शुरुआत इजरायल ने ईरान पर हमला करके किया, हमने अपने बचाव में सिर्फ जवाबी कार्रवाई की है। ऐसे में सीजफायर करने की जिम्मेदारी इजरायल पर है। इजरायल को सबसे पहले अपने हमले रोकने होंगे। अगर इजरायल हमला नहीं करता तो ईरान भी जवाबी हमला नहीं करेगा। हम अपने सैन्य अभियान को समाप्त करने पर अंतिम निर्णय बाद में लेंगे।  इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने किया था हमला  बता दें कि ईरान को परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए अमेरिका ने हमला किया था। अमेरिका का दावा है कि इस हमले से ईरान का परमाणु निर्माण ढांचा पूरी तरह से खत्म हो गया है। इस हमले के बाद ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला करने की घोषणा की थी। ईरान ने बीती रात कतर की राजधानी दोहा में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला बोलते हुए 14 मिसाइलें दागी। अमेरिका का दावा है कि इनमें से 13 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। वहीं एक मिसाइल ने जमीन पर हिट किया। ईरान के इस हमले से किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ। कहा जा रहा है कि ईरान ने हमला करने से पहले इसकी जानकारी कतर को दे दी थी, जिसकी वजह से अमेरिका को अपने सैन्य अड्डे को खाली करने के साथ एयर डिफेंस को एक्टिव करने का मौका मिल गया।  अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्था रॉयटर्स ने बताया कि इस हमले के बाद ट्रंप ने कतर के प्रधानमंत्री को फोन कर सीजफायर का प्रस्ताव रखा और तेहरान से बात करने को कहा। इस बातचीत के बाद ही ट्रंप ने सीजफायर का दावा किया था, लेकिन अब ईरान ने फाइनल समझौते से इंकार कर दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran–Israel Ceasefire #iranisraelwar #trumpnews #middleeastconflict #iranlatestupdate #ceasefiredeal

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MNS controversy

विधानमंडल में जो लोग बैठे, वो नपुंसक, मराठी भाषा विवाद में MNS नेता का बेतुका बयान, शिवसेना लाएगी विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव 

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद (Marathi Language Controversy) में मनसे मुंबई अध्यक्ष संदीप देशपांडे (Sandeep Deshpande) ने विवादास्पद बयान दे दिया है। महाराष्ट्र विधानभवन में इस समय संसद और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानमंडल की प्राक्कलन समितियों का राष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा है। इस कार्यक्रम में मराठी का बैनर न होने को लेकर संदीप देशपांडे (Sandeep Deshpande) ने कहा, जो लोग विधानमंडल में बैठे हुए हैं, वे ‘नपुंसक’ बन चुके हैं और यह महाराष्ट्र के लिए दुर्भाग्य है। देशपांडे के इस बयान पर अब सियासी घमासान शुरू हो गया। मराठी हमारी मातृभाषा है, इसे कोई मिटा नहीं सकता है देशपांडे की इस विवावदास्पद टिप्पणियों पर शिवसेना मंत्री गुलाबराव पाटिल (Gulabrao Patil) ने नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाटिल ने कहा, ”विधानमंडल का अपमान करने के लिए वे जल्द ही देशपांडे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगे। किसी भी चीज की आलोचना करना सही है, लेकिन हर आलोचना की एक गरिमा होती है, उस सीमा को पार नहीं करना चाहिए। विधानमंडल सम्मानित जगह है, जिसे अपमानित करने वालों को सजा जरूर मिलना चाहिए।” वहीं विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोर्हे (Neelam Gorhe) ने देशपांडे के बयान का जवाब देते हुए कहा, मराठी हमारी मातृभाषा है, इसे कोई मिटा नहीं सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मराठी भाषा को शास्त्रीय दर्जा दिलाया है। राजनीति के लिए छोटी-छोटी बातों पर आलोचना करना अनावश्यक है। इस तरह के अपमानित बयान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।    अपने बयान पर कायम, मराठी भाषा के लिए जेल जाने को भी तैयार- देशपांडे  संदीप देशपांडे (Sandeep Deshpande) ने अपने बयान का विरोध होता देख सफाई भी दी है। देशपांडे ने कहा, मैं अपने पहले के बयान पर अभी भी कायम हूं, क्योंकि मैंने केवल मराठी भाषा विरोधी मानसिकता के बारे में बात की थी, किसी व्यक्ति के बारे में मैनें कुछ नहीं कहा था। मैं किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार हूं। इसके साथ देशपांडे ने यह भी कहा कि, अगर मेरी बात से कोई परेशान या नाराज है, तो उसे खुद पर विचार करना चाहिए। हम मराठी भाषी ही अगर अपनी भाषा को जीवित नहीं रखेंगे, तो कौन रखेगा, क्या बिहार और यूपी के बाहरी लोग? देशपांड ने आगे कहा, लोकसभा ने 22 प्रमुख भाषाओं को मान्यता दे रखी है, इसलिए जिस राज्य में कार्यक्रम हो रहा है, वहां की भाषा होनी चाहिए। मैं मराठी भाषा और मराठी मानुष के लिए जेल तक जाने को तैयार हूं। मराठी भाषा पर बढ़ते विवाद पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बयान दिया है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में शिंदे ने कहा, इस सम्मेलन का आयोजन लोकसभा सचिवालय द्वारा किया गया था। इसलिए कार्यक्रम का बैनर हिंदी और अंग्रेजी में था। अगर इसका आयोजन महाराष्ट्र सरकार द्वारा किया जाता तो कार्यक्रम का बैनर मराठी भाषा में होता।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? भारत करेगा अंतर-संसदीय मैत्री समूह- ओम बिरला बता दें कि संसद और राज्य विधायी निकायों की प्राक्कलन समितियों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को शुरू हुआ। इस सम्‍मेलन में प्रशासन की दक्षता और बजट आकलन की प्रभावी निगरानी की भूमिका पर चर्चा किया जाएगा। इस सम्मेलन को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने भी संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान घोषणा कि की भारत की नीति को विदेशों में आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही विभिन्न देशों की संसदों के साथ एक मैत्री समूह की स्थापना की जाएगी। इस अंतर-संसदीय मैत्री समूह को स्थापित करने का सुझाव बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों का दौरा कर वापस लौटने के बाद दिया। इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आमे बिरला ने इस संसदीय मैत्री समूह को स्थापित करने के लिए कई देशों ने अनुरोध किया है। इसके बनने के बाद दूसरे देशों के साथ त्वरित संपर्क करने और मुद्दों को सुलझाने में आसानी होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Om Birla #mnscontroversy #marathilanguage #shivsenanews #maharashtrapolitics #privilegemotion #assemblydebate #politicalnews

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इजरायल-ईरान और रूस-यूक्रेन तनाव के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 511 अंक लुढ़का

देश और दुनिया में बढ़ते तनावों के बीच सोमवार यानी 23 जून को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में भारी गिरावट दर्ज की गई। खासकर इजरायल-ईरान (Israel-Iran) और रूस-यूक्रेन (Russia-Ukraine) के बीच जारी संघर्ष और इसके बीच अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अचानक हमले ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। बाजार का हाल सोमवार को कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 511.38 अंकों की गिरावट के साथ 81,896.79 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) 140.5 अंक गिरकर 24,971.90 पर बंद हुआ, जो कि 25,000 के अहम स्तर से नीचे है। यह गिरावट हाल के हफ्तों में भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में आई सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल के दाम बीते सप्ताह अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर किए गए हवाई हमले ने वैश्विक स्तर पर तनाव को और बढ़ा दिया। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल देखा गया, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 प्रति बैरल के पार चली गई। भारत, जो अपनी ज़रूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई है। इससे न केवल व्यापार घाटा बढ़ सकता है बल्कि मुद्रास्फीति (महंगाई) भी ऊंचाई पकड़ सकती है। किन सेक्टरों पर पड़ा असर भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में सोमवार को आई गिरावट में अधिकांश सेक्टर्स लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा नुकसान बैंकिंग, आईटी, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर्स में देखा गया। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज हुई, जिसमें HDFC बैंक, ICICI बैंक, और Axis बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखी गई। आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियां जैसे Infosys और TCS भी वैश्विक अनिश्चितता और क्लाइंट खर्चों में संभावित गिरावट के चलते प्रभावित हुईं। तेल और गैस सेक्टर में मिली-जुली प्रतिक्रिया रही — जहाँ ONGC जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा हुआ, वहीं रिफाइनरी और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों पर दबाव बना रहा। महंगाई की चिंता कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी ने एक बार फिर से आयातित महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना रहता है, तो इससे घरेलू ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ना तय है। इस समय भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) महंगाई को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। ऐसे में तेल की कीमतों में उछाल उसकी नीतियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर सकता है। विशेषज्ञों की राय बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोमवार को शेयर बाजार (Stock Market) में जो गिरावट आई, वह मुख्यतः भावनात्मक प्रतिक्रिया थी। शेयर बाजार (Stock Market) से जुड़े जानकारों के अनुसार बाजार की गिरावट फिलहाल डर और अनिश्चितता के कारण है। अगर वैश्विक तनाव कम होता है, तो बाजार में तेज़ रिकवरी भी देखने को मिल सकती है। इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? निवेशकों के लिए सलाह ऐसे अस्थिर माहौल में विशेषज्ञ निवेशकों को धैर्य और विवेक से काम लेने की सलाह दे रहे हैं। उनके अनुसार: ईरान, इजरायल और रूस-यूक्रेन के बीच बढ़ते संघर्षों ने वैश्विक बाज़ारों की स्थिरता को चुनौती दी है, और भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा। हालांकि देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की मौलिक स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन निकट भविष्य में बाजार की चाल पूरी तरह से वैश्विक घटनाओं और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। Latest News in Hindi Today Hindi  RBI NSE Nifty 50 #sensex #stockmarket #marketcrash #israeliran #russiaukraine #globaltensions #sharemarketnews #nifty #bse #nse

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Tej Pratap Yadav Claims Life Threat

Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help: लालू के लाल के नए बोल, बताया खुद की जान को खतरा, तेज प्रताप यादव ने नीतीश सरकार से लगाई गुहार

लालू प्रसाद यादव ने आज राष्ट्रिय जनता दल (आरजेडी) राष्ट्रीय अध्यक्ष का नॉमिनेशन दाखिल किया। नॉमिनेशन के बाद बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का पहला रिएक्शन सामने आया। उन्होंने अपने पिताजी के दोबारा अध्यक्ष होने पर खुशी जाहिर की और लगे हाथ तेजस्वी यादव को भी आशीर्वाद दे डाला। इस बीच अपनी जान को खतरा बताते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, बिहार सरकार से कहना चाहते हैं कि मेरी सुरक्षा बढ़ाई (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) जाए, हमें जान का खतरा है। हम अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटेंगे। जो भी 4-5 लोगों ने मेरे जीवन को खराब करने का काम किया है, मैं उनको नहीं छोडूंगा। पार्टी से निकालने वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे साथ अन्याय हुआ।  4-5 लोगों ने आपस में मिलकर मुझे पार्टी से बाहर करवाने की साजिश रची (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) है पार्टी से निकालने वाले सवाल पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि “जिस तरीके से मेरे खिलाफ साजिश की गई, वह किसी से छपा नहीं है। 4-5 लोगों ने आपस में मिलकर मुझे पार्टी से बाहर करवाने की साजिश रची और यह सबकुछ सबने अपनी आंखों से देखा (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) है। बिहार की जनता जानती है कि मेरा स्वभाव कैसा है। मैं हमेशा सबके साथ सहजता से मिलता हूं, लेकिन कुछ लोग जो पार्टी में ऊंचे पदों पर बैठे हैं, उन्होंने ये सोचा कि तेज प्रताप को दबा लेंगे। पर उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि तेज प्रताप दबने वालों में से नहीं है। जो भी कुछ हुआ, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी, वो भी किसी से छिपा नहीं है।  मैं किसी से डरने वाला (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) नहीं हूं, मेरे लिए अदालत का रास्ता हमेशा खुला है पिता लालू यादव के आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने पर खुशी जताते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, मैंने हमेशा अपने माता-पिता का आदर और सम्मान किया है और आगे भी करता रहूंगा। मेरे ऊपर उनका आशीर्वाद और सहयोग हमेशा बना रहेगा। मेरे छोटे तेजस्वी यादव को मेरा पूरा आशीर्वाद है। मैं कामना करता हूं कि वे आगे बढ़ें और बिहार के मुख्यमंत्री बनें। वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि मैं किसी से डरने वाला (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) नहीं हूं। मेरे लिए अदालत का रास्ता हमेशा खुला है और अगर ज़रूरत पड़ी तो मैं वहां भी जाऊंगा। मैं आज मीडिया के माध्यम से पूरे बिहार की जनता को बताना चाहता हूं कि मेरे साथ अन्याय हुआ है और मैं उन लोगों को खुली चुनौती देता हूं, जिन्होंने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा।  यदि मुझ पर और दबाव डाला गया तो मैं कानूनी रास्ता (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) अपनाऊंगा निजी जीवन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मेरे निजी जीवन पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए गए, जो कोई भी इंसान बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि मुझ पर और दबाव डाला गया तो मैं कानूनी रास्ता (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) अपनाऊंगा। मैं बिहार सरकार से अपील करता हूं कि मेरी सुरक्षा बढ़ाई जाए। मुझे अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटूंगा। जिन 4-5 लोगों ने मेरे निजी जीवन में दखल देकर उसे खराब करने की कोशिश की है, उन्हें मैं किसी कीमत पर नहीं छोड़ूंगा।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा असली नेता वही होता है जो जनता के दुख-दर्द को समझे और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) रहे पार्टी बनाने की बात पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि पार्टी बनाने की बात कहकर अफवाह उड़ाई जा रही है। हमारा उद्देश्य पार्टी बनाना नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी आवाज बनना है. क्या चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ही जरूरी है? असली नेता वही होता है जो जनता के दुख-दर्द को समझे और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) रहे। मैं हर चुनौती का सामना खुलकर करूंगा। मुझे कोई रोक नहीं सकता। दुख की घड़ी में जो लोग मेरे साथ खड़े हैं, वही मेरे लिए भगवान हैं। और सबसे अहम बात, मेरा निजी जीवन है, उसमें दखल देने का किसी को अधिकार नहीं है। तेजस्वी जी को मेरी शुभकामनाएं हैं, वे आगे बढ़ें, राज्य का नेतृत्व करें, मेरा आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help #tejpratapyadav #nitishkumar #rjdnews #biharpolitics #laluyadav #lifethreatclaim #breakingnews

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BJP Congress TMC seats

AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each: 5 में से 2 सीटों पर जीती आप.., कांग्रेस, टीएमसी और बीजेपी को एक-एक सीट से करना पड़ा संतोष

4 राज्यों की 5 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए मतों की गणना का कार्य जारी है। 5 में से 2 सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिली है। कांग्रेस, बीजेपी और टीएमसी को एक-एक सीट पर जीत मिली है। गुजरात के कडी सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राजेंद्र चावड़ा चुनाव जीत गए हैं। वहीं विसावदर सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गोपाल इटालिया चुनाव जीत गए हैं। केरल के नीलांबुर सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार ने माकपा के उम्मीदवार को हरा कर एक बार फिर सीट बरकरार रखा है। बंगाल की कलीगंज सीट से टीएमसी के उम्मीदवार अलीफा अहमद को बीजेपी के प्रत्याशी के खिलाफ निर्णायक बढ़त मिल गई है तो वहीं पंजाब के लुधियाना वेस्ट सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार चुनाव जीत गए (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, 19 जून को केरल की नीलांबुर सीट पर उपचुनाव में 75.27 प्रतिशत वोट पड़े थे। पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर 73.36 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। गुजरात की विसावदर सीट पर 56.89 प्रतिशत और कडी सीट पर 57.91 प्रतिशत मतदान हुआ था तो वहीं पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर 51.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गय था।  लुधियाना पश्चिम और विसाबदर विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) बड़ी जीत की हासिल  गौरतलब हो कि पंजाब के लुधियाना पश्चिम और गुजरात के विसाबदर विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने बड़ी जीत हासिल की है। बता दें कि गुजरात और पंजाब में हुए उप-चुनाव में आप ने तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से दो सीटों लुधियाना पश्चिम और विसाबदर पर आप ने जीत दर्ज की (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) है। आप के अलावा एक सीट पर बीजेपी  को जीत मिली। बेशक पांच महीने पहले दिल्ली की सत्ता से हाथ धो चुकी आम आदमी पार्टी के लिए यह जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है। उप-चुनाव में दोनों ही सीट बचाने के बाद आप ने अरविंद केजरीवाल के लिए एक्स पर पोस्ट कर राष्ट्रीय राजनीति पर उनके उभार की बात कही। वहीं इस जीत से लालायित आप नेता मनीष सिसोदिया ने एक्स पर लिखा, पंजाब में सेमीफाइनल में मिली शानदार जीत। अब फाइनल की बारी है! अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और संजीव अरोड़ा और आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को दिल से बधाई। अनुराग ढांढा ने एक्स पर लिखा लिखा कि रहते हैं वो ख़ामोश अकसर। ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं। मोदी के गढ़ गुजरात में बीजेपी और कांग्रेस को विधानसभा उपचुनाव में पटकनी देकर अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजनीति में जबरदस्त वापसी की है।  हम आप के गढ़ गुजरात में भी उपचुनाव में बहुत बड़े अंतर से जीत रहे (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) हैं- सौरभ भारद्वाज इस जीत पर दिल्ली में आप के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह आप के लिए बहुत बड़ी जीत है। राजनीतिक विश्लेषक कह रहे थे कि आप पार्टी के रूप में खत्म हो जाएगी, लेकिन दिल्ली में हार के बाद आप लुधियाना पश्चिम (विधानसभा उपचुनाव) जीत रही है और हम आप के गढ़ गुजरात में भी उपचुनाव में बहुत बड़े अंतर से जीत रहे (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) हैं। मुझे लगता है कि यह एक बड़ी जीत है। कुछ लोग कहते थे कि अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय राजनीति में हाशिए पर चले जाएंगे। यह एक शानदार वापसी है। खैर, गुजरात और पंजाब में हुए उप-चुनाव के बाद अब आप मिशन 2027 में जुट गई है। उसके लिए एक तरफ जहाँ पंजाब में सत्ता बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है तो वहीं दूसरी तरफ गुजरात में बीजेपी के गढ़ में कांग्रेस को पछाड़ते हुए अपनी जमीन तैयार करनी है। कहने की जरूरत उप-चुनाव में जीत से आप कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा सभी 5 विधानसभा चुनावों पर उपचुनावों को लेकर 26 मई को जारी हुई थी अधिसूचना  बता दें कि कालीगंज सीट विधायक नसरुद्दीन अहमद के निधन के बाद खाली हुई (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) थी। गुजरात की कडी सीट विधायक करसन सोलंकी के निधन के बाद खाली हुई, जबकि विसावदर में आप विधायक भूपेंद्र भयानी ने इस्तीफा दिया था। केरल की नीलांबुर विधानसभा सीट विधायक पीवी अनवर के इस्तीफे के बाद खाली हुई तो पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट से विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी का निधन हुआ था। जिस कारण उपचुनाव कराने पड़े। सभी 5 विधानसभा चुनावों पर उपचुनावों को लेकर 26 मई को अधिसूचना जारी हुई थी। इसके बाद 2 जून तक नॉमिनेशन दाखिल करने की प्रक्रिया चली। उम्मीदवारों के लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 5 जून थी।  Latest News in Hindi Today Hindi  AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each #aapvictory #bypollresults #indianelections #bjpnews #congressupdate #tmcnews #aapvsbjp

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crime against children

A minor girl was assaulted by her mother’s partner: मुंबई में 10 साल की नाबालिग बेटी के साथ माँ के प्रेमी ने दुष्कर्म कर गुप्तांग में डाला पेचकस 

रोज आये दिन रेप और गैंगरेप से जुड़ी घटनाएं प्रकाश में आती रहती ही हैं। ऐसी एक घटना घटी है सपनों की रानी कही जाने वाली देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में। घटना भी ऐसी वैसी नहीं, इसने हैवानियत की सारी हदों को पार कर दिया (A minor girl was assaulted by her mother’s partner) है। घटना ऐसी की एक माँ के प्रेमी ने उसकी 10 साल की नाबालिग का चार-बार यौन उत्पीड़न किया। न सिर्फ उसके साथ दुष्कर्म किया बल्कि उसके गुप्तांगों में स्क्रू ड्राइवर डालकर न भरने वाला जख्म भी दिया। और उससे भी बड़ी बात यह कि उसकी प्रेमिका ने इस घटना का बाकायदा वीडियो भी बनाया।   पीड़िता की माँ कैटरिंग सर्विस फर्म में सुपरवाइजर के तौर पर काम करती (A minor girl was assaulted by her mother’s partner) है दरअसल घटना है मुंबई के जोगेश्वरी की। जानकारी के मुताबिक जोगेश्वरी ईस्ट स्थित मेघवाड़ी में एक महिला अपनी 10 साल की नाबालिग के साथ एक चाल के रूम में रहा करती थी और वो एक कैटरिंग सर्विस फर्म में सुपरवाइजर के तौर पर काम करती (A minor girl was assaulted by her mother’s partner) है। डेली वो काम पर जाया करती थी। ऐसे ही 14 और 15 जून को जब पीड़िता की मां काम पर गई हुई थी, तब आरोपी ने अकेले में मौका पर पाकर दस साल की लड़की के साथ चार बार यौन शोषण किया। आरोपी ने न सिर्फ बार-बार उसके साथ रेप किया बल्कि उसके गुप्तांगों में पेचकस भी डाल दिया। और उसकी साथी आरोपी महिला ने इस पूरी हरकत का वीडियो भी बना लिया। सोचनीय बात यह कि उसने नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया और उसका वीडियो भी बनाया और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी।  पुलिस ने 24 साल के एक आरोपी और उसकी 21 साल की गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार किया (A minor girl was assaulted by her mother’s partner) है कहने की जरूरत नहीं है इस घटना ने एक बार फिर मुंबई को हिलाकर रख दिया है। जिसने भी सुना सुनकर उसकी रुह कांप उठी। खैर, मेघवाड़ी पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर 24 साल के एक आरोपी और उसकी 21 साल की गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार किया (A minor girl was assaulted by her mother’s partner) है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बच्ची को धमकी दी कि अगर उसने अपनी मां को इस बारे में बताया तो वह वीडियो वायरल कर देगा। पुलिस के मुताबिक गुरुवार 19 जून को बच्ची ने अपनी मां को यौन उत्पीड़न के बारे में बताया। इसके बाद उसकी मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 64(1), 64(2)(i), 77, 115, 352, 351(3) और पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6, 8 और 12 तथा आईटी एक्ट की धारा 66ई और 67बी के तहत मामला दर्ज किया है। घटना की जानकारी किसी को देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी (A minor girl was assaulted by her mother’s partner) दी  इस पूरे मामले पर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की माने तो आरोपी ने बच्ची की मां यानि अपनी प्रेमिका पर धारदार हथियार से हमला कर दिया और घटना की जानकारी किसी को देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी (A minor girl was assaulted by her mother’s partner) दी। घटना के 2 दिन बाद पीड़िता ने मेघवाड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। मेघवाड़ी पुलिस मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक मोबाइल और इंटरनेट के सहारे वासना को जगाने वाले कंटेट आसानी से उपलब्ध (A minor girl was assaulted by her mother’s partner) हैं ही बेशक इस घटना के बाद तो यही कहा जा सकता है कि इंसान अपनी हवस के चक्कर में इस कदर हवान बन चुका है कि क्या कहने। सोचकर आपकी रूह तक काँप उठेगी कि सिर्फ और सिर्फ काम वासना के चक्कर में किसी की भी जिंदगी के साथ खेल सकता है इंसान। अपनी कामोत्तेजना को पूरी करने के लिए वो किसी भी हद तक जा सकता है। कुछ भी कर सकता है। किसी के साथ भी कर सकता है। उसके लिए उम्र नहीं मायने रखती। उम्र चाहे छह महीने की हो या साठ साल की। उसे बस अपनी वासना की आग को बुझानी है बस। हाथ में जिओ में डाटा और स्मार्ट फ़ोन है (A minor girl was assaulted by her mother’s partner) ही। डिजिटल क्रांति का सदुपयोग न कर सके तो दुरूपयोग ही सही। मोबाइल और इंटरनेट के सहारे वासना को जगाने वाले कंटेट आसानी से उपलब्ध हैं ही। फिर क्या, जो भी अकेले में सुनसान मिले उसपर अपनी नियत ख़राब कर लो। पता का लचीला कानून सजा दिलाने में 10 से 15 लगा देगा ही।  Latest News in Hindi Today Hindi A minor girl was assaulted by her mother’s partner #mumbai #crimeagainstchildren #minorassault #justiceforminor #newsupdate

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SBI CBO Recruitment 2025

एसबीआई सीबीओ भर्ती 2025: 2900 पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून, पाएं जानकारी

एसबीआई सीबीओ, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) में सर्कल बेस्ड ऑफिसर (Circle Based Officer) होते हैं। सर्कल बेस्ड ऑफिसर (Circle Based Officer) का रोल होता है खास रिलीजनल सर्किल में बैंकिंग ऑपरेशन, कस्टमर सर्विस, लोन प्रोसेसिंग आदि को मैनेज करना। बैंकिंग में अपना करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है। एसबीआई सीबीओ, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) के लिए भर्ती की जा रही है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है और इसके लिए 2900 से भी अधिक पोस्ट्स निकाली गई हैं। यह भी बता दें कि इसके लिए सिलेक्शन प्रोसेस में ऑनलाइन टेस्ट, स्क्रीनिंग, इंटरव्यू आदि शामिल है। यही नहीं, कैंडिडेट से लोकल लैंग्वेज टेस्ट भी लिया जाएगा। आइए पाएं जानकारी एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment) के बारे में।  एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment): यह जानकारी है जरूरी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने  2,964 पोस्ट्स के लिए वैकेंसी निकाली है। इसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन्स शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए अंतिम तिथि 30 जून है। उसके बाद इनके लिए अप्लाई नहीं किया जा सकेगा। आपको यह भी बता दें कि 2,964 में से  2,600 पोस्ट्स रेगुलर जबकि 364 बैकलॉग पोजिशंस के लिए हैं। यह जानकारी भी जरूरी है कि सर्कल बेस्ड ऑफिसर (Circle Based Officer) की भर्ती विभिन्न स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) सर्कल्स के लिए है।  योग्यता और आयु सीमा  एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment) के लिए कैंडिडेट्स के पास किसी भी विषय में ग्रेजुएशन डिग्री होना अनिवार्य है। यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से ली होनी चाहिए। इसके साथ ही कैंडिडेट को लोकल लैंग्वेज का ज्ञान होना भी आवश्यक है। अगर बात की जाए एज लिमिट की तो इसके लिए आयु सीमा मिनिमम 21 और अधिकतम 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों जैसे अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के लिए भी कुछ छूट दी गई है। इसके साथ ही महिलाओं व विकलांग लोगों के लिए भी इसमें छूट दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप इस बैंक की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। फीस  एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment) के लिए सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लगों के लिए आवेदन शुक्ल 750 रुपये रखा गया है। लेकिन, अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को इसके लिए कुछ भी पे नहीं करना है। यही नहीं, अन्य कुछ वर्गों के लिए भी यह फ्री है। यह वर्ग कौन से हैं, इसके बारे में अधिक जानकारी भी आपको स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) की वेबसाइट पर मिल जाएगी।  इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स कैसे करें अप्लाई? नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news SBI CBO Recruitment #sbi #sbicbo2025 #sbirecruitment #bankjobs #cbo #govtjobs #careers

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Trump T1 phone

डोनाल्ड ट्रम्प ने लॉन्च किया अपना स्मार्टफोन ‘ट्रम्प टी1’, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन

जैसे आजकल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं, वैसे ही उनके नाम का फोन भी लोगों में प्रसिद्ध हो रहा है। इस फोन का नाम है “ट्रम्प टी1 (Trump T1)”। जैसा की पता चल रहा है कि इस स्मार्टफोन (Smartphone) का नाम डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नाम पर रखा गया है जिसमें टी1 का अर्थ है ट्रंप1। इस फोन को ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन द्वारा लॉन्च किया गया है और यह अपने फीचर्स और डिजाइन की वजह से लोगों को पसंद आ रहा है। इस फोन को बनाने का उद्देश्य अमेरिका में बनाए प्रोडक्ट्स को लोगों में पॉपुलर बनाना है। आइए जानें ट्रम्प टी1 (Trump T1) के बारे में विस्तार से। इसके फीचर्स के बारे में भी जानें। ट्रम्प टी1 (Trump T1) के बारे में जानकारी ट्रम्प टी1 (Trump T1) को “मेड इन यूएसए” टैगलाइन के साथ बाजार में उतारा गया है, ताकि लोग अमेरिकी उत्पादों के प्रति आकर्षित हों और उनका अधिक इस्तेमाल करें। आइए जानें क्या हैं इसके फीचर्स और क्यों है यह खास:   डिजाइन  ट्रम्प टी1 (Trump T1) का डिजाइन एकदम यूनिक और लाजवाब है। इसकी बॉडी गोल्डन रंग की है। अगर बात की जाए इसकी डिस्प्ले की, तो इस फोन की डिस्प्ले  6.8 इंच की है और यह AMOLED डिस्प्ले है। इससे यूजर हाई क्वालिटी की तस्वीरें और वीडियोज का मजा ले पाएंगे। इसके साथ ही इस स्मार्ट फोन में 120Hz का रिफ्रेश रेट भी है। गेमिंग के शौकीन लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। अगर आप गेमर हैं तो इसे ट्राई कर सकते हैं।  कैमरा अगर आप फोटोग्राफर हैं या फोटोज खींचना व खिंचवाना आपको पसंद है, तो आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के नाम वाला यह स्मार्टफोन (Smartphone) 50MP का प्राइमरी रियर कैमरे के साथ आपको मिलेगा। 16MP का फ्रंट कैमरा की वजह से सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए भी इसका इस्तेमाल बेहतरीन माना गया है। बैटरी ट्रम्प टी1 (Trump T1) की बैटरी 5000mAh की है। इसका अर्थ है कि थोड़ी देर इसे चार्ज करके आप पूरा दिन इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। चार्जिंग की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप इस ट्रंप फोन को खरीद सकते हैं। थोड़ी ही देर में यह पूरा चार्ज हो जाता है और जल्दी डिस्चार्ज नहीं होता। स्टोरेज इस स्मार्टफोन (Smartphone) में 12GB रैम और 256GB की इंटरनल स्टोरेज मौजूद है। आप एक अलग मेमोरी कार्ड से इसे बढ़ा भी सकते हैं। इसकी स्टोरेज अच्छी है, जिसकी वजह से आप कुछ बिना खोये अपनी जरूरी फोटो, वीडियोज और अन्य डाक्यूमेंट्स को स्टोर कर के रख सकते हैं। ट्रम्प टी1 (Trump T1) स्मार्टफोन में एंड्रॉइड 15 है। यही नहीं इनमें  फिंगरप्रिंट सेंसर और एआई फेस अनलॉक जैसे अन्य कई फीचर्स  भी हैं। ट्रम्प टी1 (Trump T1) में केवल एक ही मोबाइल प्लान चलेगा जिसका नाम है द 47 प्लान। इसकी कीमत एक महीने की  47.45 डॉलर है। इस प्लान से यूजर को अनलिमिटेड टॉक, टेक्स्ट और डेटा मिलेगा। अगर बात की जाए इस फोन की कीमत की है तो इसकी कीमत 499 डॉलर यानी लगभग 43,000 रुपए है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक डिजाइन बेहतरीन और पावरफुल है ट्रम्प टी1 (Trump T1) फोन एक ऐसा स्मार्टफोन (Smartphone) है जिसका डिजाइन बेहतरीन है और यह पावरफुल है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह फोन एक अच्छा विकल्प है लेकिन आईफोन से इसकी तुलना नहीं की जा सकती है। क्योंकि, इसकी क्वालिटीज और मैनुफेक्चर क्वालिटी आईफोन के समान नहीं है। फिर भी यह एक अच्छा स्मार्टफोन (Smartphone) है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशंसक इस फोन को खरीद कर अमेरिकी फोन की खरीद को बढ़ावा दे सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Trump T1 #trumpt1 #donaldtrump #smartphonelaunch #trumptech #mobilespecs #latesttechnews #trumpphone #trends2025

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guggul benefits

गुग्गुल, एक ऐसी आयुर्वेदिक हर्ब जो स्वास्थ्य को सुधारे और रखें हमें स्वस्थ व तंदुरुस्त

यह तो हम सब जानते हैं कि आयुर्वेद (Ayurveda) की उत्पत्ति भारत में हुई है। इसका उद्देश्य सही डायट, व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ लोगों के संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करना है। गुग्गुल (Guggul) ऐसी हर्ब है जिसे आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। इसका इस्तेमाल पुराने समय से ही आयुर्वेदिक मेडिसिन्स के किया जाता रहा है। गुग्गुल का अर्थ है बीमारियों को दूर करना। गुग्गुल (Guggul) का सबसे बड़ा बायोएक्टिव कॉम्पोनेन्ट है ओलियो गम रेसिन, जिसके कई चिकित्सीय लाभ हैं। आयुर्वेदा (Ayurveda) के अनुसार यह हर्ब वजन कम करने, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने आदि में बहुत बेनेफिशियल है। इसके और भी बहुत से फायदे हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul): पाएं जानकारी हेल्थललाइन (Healthline) के अनुसार गुग्गुल (Guggul) में प्लांट कंपाउंड्स, जरूरी तेलों, फ्लेवोनोइड्स और अमीनो एसिड का मिश्रण होता है। यह सभी हेल्थ के लिए फायदेमंद पाए गए हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। शरीर से हानिकारक तत्वों को निकाले बाहर गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक और विषाक्त चीजों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। अगर शरीर की डेटोक्सिफिकेशन करनी है, तो यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। यही नहीं,हेल्दी इशूज के लिए भी फायदेमंद है। कोलेस्ट्रॉल को कम करे यह हर्ब कोलेस्ट्रॉल लेवल को हेल्दी बनाए रखने में मदद करती है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस करने की पूरी शक्ति गुग्गुल (Guggul) में होती है। अधिक कोलेस्ट्रॉल से हार्ट प्रॉब्लम्स होने की संभावना बढ़ जाती है। यानी, कोलेस्ट्रॉल को मैनेज कर के हार्ट संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। पेट के लिए बेहतरीन ऐसा भी माना गया है कि पाचन क्रिया को सही बनाए रखने में यह हर्ब फायदेमंद है। शरीर की प्राकृतिक पाचन क्षमता को बढ़ाने में यह हर्ब मदद करती है। पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने और पाचन क्षमता को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।  वजन को रखे सही अगर आप वजन को सही रखना चाहते हैं, तो भी इस हर्ब का इस्तेमाल किया जा सकता है। गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मददगार है और अधिक टिश्यू के बनने से रोकता है। यह ऑयल और फैट के पाचन में भी सहायता करता है। इससे मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है, जिससे कई तरीकों से वेट मैनेजमेंट में सहायता मिलती है। जोड़ों के लिए फायदेमंद गुग्गुल (Guggul) जॉइंट की मूवमेंट की सपोर्ट में भी फायदेमंद पाया गया है। इसमें डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं जिससे जोड़ों से भी टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं। यह टॉक्सिन्स डिस्कम्फर्ट का कारण बन सकते हैं। यह जोड़ों के अंदर और आसपास के टिशूज को ल्युब्रिकेंट करने और उसकी मरम्मत करने में फायदेमंद पाया है, जिससे जोड़ों की मूवमेंट आसानी से हो पाती है। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा स्किन हेल्थ में बेहतरीन गुग्गुल (Guggul) को कुछ स्किन कंडीशंस को दूर करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे एक्जिमा और सोरायसिस। यह दोनों स्किन की वो समस्याएं हैं जिसके कारण स्किन में इन्फ्लेमेशन होती है। हालांकि इसके बारे में अभी अधिक रिसर्च की जानी जरूरी है। कुछ स्टडीज में यह भी बता चला है कि यह हर्ब स्किन में रैशेज और खुजली जैसी समस्याओं से राहत पाने में भी फायदेमंद है। गुग्गुल (Guggul) को आमतौर पर हेल्थ के लिए अच्छा पाया गया है। लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन कुछ मामलों में नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए, इसके बारे में एक्सपर्ट या डॉक्टर से जान लें और उसके बाद ही इसका सेवन करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Guggul #guggul #ayurvedicherbs #naturalremedies #herbalhealth #guggulbenefits #ayurvedicmedicine #holistichealth

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Maharashtra 2025 elections

महाराष्ट्र की राजनीति में क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दबाव बनाने के आरोप पर संजय राउत ने कह दी बड़ी बात 

शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा अभी खत्म नहीं हुई है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने इस गठबंधन को लेकर विराम लगती चर्चा को एक बार फिर से हवा दे दी है। संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा है कि दोनों दलों के बीच अभी बातचीत चल रही है। किसी भी अन्य की तरफ से इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करना अनुचित है। आखिरी निर्णय उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे खुद करेंगे।  संजय राउत (Sanjay Raut) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ठाकरे बंधुओं के बीच फिर से गठबंधन होने की चर्चा पर विराम लगता नजर आ रहा था। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के नेता एक तरफ तो राज ठाकरे को गठबंधन के लिए संकेत भेज रहे थे, लेकिन मनसे अध्यक्ष इससे दूरी बनाते नजर आ रहे थे। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से एक होटल में मुलाकात कर यह संदेश दिया था कि वो भाजपा के साथ रहना पसंद करेंगे। लेकिन संजय राउत ने अब एक बार फिर से बयान देकर इस चर्चा को हवा दे दी है कि दोनों भाईयों के बीच अभी भी गठबंधन पर चर्चा चल रही है।   राजनीति में देर से आए लोग गठबंधन के खिलाफ- राउत संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से बातचीत में कहा कि दावा किया, “मनसे के कुछ लोग इस गठबंधन के खिलाफ बयान दे रहे हैं, ऐसे लोग राजनीति में देर से आए हैं और इनकी जानकारी बेहद सीमित है। दूसरे लोग क्या कहते हैं और क्या करते हैं उसका कोई महत्व नहीं है। मैंने दोनों भाईयों (ठाकरे बंधुओं) को कई सालों तक करीब से देखा है और साथ में काम किया है। मैं जानता हूं कि आगे क्या होने जा रहा है और क्या नहीं होगा। शायद मुझसे बेहतर कोई दूसरा नहीं जानता। इस गठबंधन पर अंतिम फैसला लेने वाले केवल उद्धव और राज ही हैं।” संजय राउत यह बयान मनसे नेता संदीप देशपांडे के दबाव बनाने के आरोप के जवाब में दे रहे थे। राउत ने इस दौरान देशपांडे को कम जानकारी रखने वाला नेता तक कह दिया।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा गठबंधन के लिए दबाव बना रही है उद्धव की सेना- देशपांडे बता दें कि, मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बीते दिनों कहा था कि उद्धव गुट गठबंधन के लिए मनसे पर दबाव बनाने की कोशिश न करे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि, ”आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर शिवसेना (Uddhav Thackeray) गठबंधन करने पर आतुर नजर आ रही है। आखिर उद्धव की सेना  मनसे से गठबंधन को लेकर इतना उत्साह क्यों दिखा रही है? मैं अच्छे से समझ सकता हूं कि उनके दिन बेहद खराब चल रहे हैं, इसलिए उनके शीर्ष नेता इस समय मनसे के साथ गठबंधन की कोशिश में जुटे हैं।” संदीप देशपांडे ने इस दौरान यह भी कहा कि,  गठबंधन के लिए प्रयास करना गलत बात नहीं है, लेकिन इसके लिए उद्धव की पार्टी मनसे पर दबाव नहीं बना सकती है। हमारे नेता राज ठाकरे समय आने पर गठबंधन के बारे में उचित निर्णय लेंगे। देशपांडे ने यह भी कहा कि उद्धव की शिवसेना गठबंधन करने के लिए उत्साह तो दिखा रही है, लेकिन उनकी क्षमता क्या है। इस पार्टी को बीते विधानसभा चुनाव में मात्र 20 सीटें ही मिली हैं। उनके पास अभी अगर 60 विधायक होते तो क्या वो गठबंधन के लिए इतना ही उत्साह दिखाते? देशपांडे ने यह भी बताया कि मनसे ने साल 2014 और साल 2017 के चुनाव में उद्धव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस समय उन लोगों ने इंकार कर दिया और अब गठबंधन के लिए दबाव बना रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi  Uddhav Thackeray #uddhavthackeray #rajthackeray #sanjayraut #maharashtrapolitics #shivsenamns #indianpolitics #uddhavrajalliance

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