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Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror: इस देश के सामने गिड़गिड़ाए शहबाज शरीफ, कहा- पीओके-आतंकवाद सारे मसले सुलझाएंगे, बस भारत से बात करवा दो

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान की अकड़ इस कदर ढीली हुई है कि वो भारत से बात करने के लिए लालायित बैठा है। दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत से बात करके पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर, आतंकवाद और व्यापार से जुड़े मुद्दा सुलझाना चाहते हैं। इस हेतु उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अब्दुलअजीज अल सउद से कहा (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) है कि वह हर हाल में भारत से बात करने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तानी न्यूज चैनल एआरवाई न्यूज की माने तो, शहबाज शरीफ की मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात हुई। इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब से कहा कि “पाकिस्तान पीओके, सिंधु जल संधि, व्यापार और आतंकवाद पर भारत के साथ बात करने के लिए तैयार है।” भारत ने पाकिस्तान नागरिकों की वापसी के साथ अटारी वाघा बॉर्डर बंद कर दिया (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) था गौरतलब हो कि 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को लेकर सख्त कदम उठाए थे। भारत ने पाकिस्तान नागरिकों की वापसी के साथ अटारी वाघा बॉर्डर बंद कर दिया (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) था। इस कड़ी में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तानियों को सार्क वीजा की छूट देना बंद कर किया था बल्कि  पाकिस्तान हाई कमीशन में स्टाफ की संख्या भी कम कर दी थी। यही नहीं, भारत ने सख्त कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। आतंकवाद को लेकर भारत का एकदम रुख साफ है। भारत के मुताबिक जब तक पाकिस्तान आतंकवाद और पीओके का मामला नहीं सुलझाएगा, तब तक उसके साथ किसी और मुद्दे पर भी चर्चा नहीं की जाएगी।  पाकिस्तान ने ओआईसी में 57 मुस्लिम देशों के सामने (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) रखा सिंधु जल संधि का मुद्दा  गौरतलब हो कि 65 साल पहले 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी के पानी के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था। यह समझौता दोनों देशों को मान्य था। हुए समझौते के तहत पश्चिमी नदियों- सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी पर पाकिस्तान का और पूर्वी नदियों- रावी, ब्यास और सतलज के पानी पर भारत का अधिकार है। इस तरह भारत को 20 फीसदी और पाकिस्तान को 80 फीसदी पानी मिलता है। इस लिहाज से पानी की इस पर ज्यादा निर्भरता है। इस बीच बात न बनती और भारत के कड़े रुख को देखते हुए पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि का मुद्दा ओआईसी में 57 मुस्लिम देशों के सामने (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) रखा। यही नहीं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद अलग-अलग देशों की यात्रा पर भेजे गए बिलावल भुट्टो जरदारी के डेलीगेशन ने भी पानी का मुद्दा उठाया। यह सब इसलिए ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके। मजे की बात यह कि पाकिस्तान की सभी कोशिशें नाकाम रहीं और किसी भी देश ने घास तक नहीं डाली।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) की थी  बता दें कि जम्मू-कश्मीर स्थित पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में स्थित लश्कर-ए-तैयबा, हुए हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के नौ ठिकानों को तबाह कर दिया था। इससे तिलमिलाए पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) की। जिसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की। भारत की कार्रवाई में पाकिस्तान के नूर खान जैसे बड़े एयरबेस को काफी नुकसान हुआ था। कहने की जरूरत नहीं, पहलगाम आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। अब इस बढ़े हुए तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री दुनिया के कई देशों में सामने भारत से बात कर समझौता करने की दुहाई दे चुके हैं। भारत ने साफ़ कर दिया है कि बात अब होगी तो सिर्फ पीओके और आतंकवाद पर ही होगी। देखना दिलचस्प होगा कि आगे चलकर क्या भारत पाकिस्तान के प्रति नरम रुख अख्तियार करता है या फिर आपने रुख में कोई बदलाव न कर पाकिस्तान को नाकों चने चबवाने के लिए और मजबूर करता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror #shahbazsharif #pokissue #terrorism #indiapakistantalks #bilateraltalks #indiaupdates #pakistannews

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Shocking reason behind Raja Raghuvanshi's

Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi: सोनम रघुवंशी और राज कुशवाहा ने इसलिए की थी राजा रघुवंशी की हत्या 

हनीमून मर्डर केस में पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिम ने राजा रघुवंशी मर्डर केस में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक जांच के दौरान इंदौर के राज कुशवाहा और सोनम रघुवंशी, दोनों ने रिश्ते में होने की बात स्वीकार (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) की है। इस पूरे मामले पर मेघालय पुलिस ने बताया कि सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने अपने रिश्ते को स्वीकार कर ली है। मामले की जांच कर रही राज्य की विशेष जांच टीम ने पीड़ित परिवार के द्वारा सोनम रघुवंशी के नार्को टेस्ट की मांग को खारिज कर दिया है। नार्को टेस्ट की मांग पर उन्होंने कहा कि “उनके पास सभी आवश्यक सबूत हैं।” पुलिस का कहना है कि नार्को-टेस्ट के परिणाम अदालत में स्वीकार्य नहीं हैं।  दोनों ने रिश्ते में होने की बात स्वीकार कर (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) लिया है इस दौरान ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिम ने कहा कि “जांच के दौरान राज और सोनम दोनों ने रिश्ते में होने की बात स्वीकार की है। इससे पहले ही उन्होंने अपराध भी स्वीकार कर (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) लिया है। हमने मर्डर सीन रिक्रिएट किया, जिसमें उन्होंने हमें दिखाया कि कैसे राजा रघुवंशी की हत्या की। इस मामले में अब हमारे पास सबूत हैं। मुझे नहीं लगता कि हमें इस स्तर पर अब नार्को टेस्ट कराना चाहिए।” विवेक सिम ने आगे कहा कि “इस मामले को पूरी सावधानी से सुलझाया जा रहा है। ताकि केवल इकबालिया बयानों पर निर्भर रहने के बजाय मजबूत, स्वीकार्य सबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जल्द से जल्द कानूनी रूप से टिकाऊ आरोपपत्र तैयार करना है।”   सोनम आर राज दोनों राजा की हत्या करना चाहते (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) थे, क्योंकि उनका रिश्ता था हालांकि, इस दौरान उन्होंने यह संकेत भी दिया कि “सोनम ने अपनी जिंदगी से अपने पति राजा रघुवंशी को हटाने के लिए और राज कुशवाहा के साथ रहने के लिए ये हत्या की साजिश रची होगी।” उनके मुताबिक सोनम आर राज दोनों राजा की हत्या करना चाहते (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) थे, क्योंकि उनका रिश्ता था और रीति-रिवाजों के कारण उन्हें माता-पिता और बाकी लोगों के बीच सहमति बनानी थी। इसलिए उन्होंने सोचा कि राजा से छुटकारा पाना ही बेहतर है। खैर, अब मेघालय पुलिस लोकेंद्र तोमर से पूछताछ करेगी। लोकेंद्र एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का मालिक और इंदौर में उसका फ्लैट है। उसी के फ्लैट में सोनम रघुवंशी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार होने से पहले कुछ समय के लिए रुकी थी। अब पुलिस इस बात की जानकारी जुटा रही है कि सोनम ने फ्लैट में जो बैग छोड़ा था, वह बैग हटाया क्यों गया? जानकारी के मुताबिक सोनम के बैग में एक देसी पिस्तौल, फोन, राजा के गहने और 5 लाख रुपये नकद थे। इसे भी पढ़ें:- क्राइम सीन ने खोला खौफनाक राज, सोनम के सामने खून से लथपथ राजा ने तोड़ा था दम पुलिस अब तक सोनम के वो गहने बरामद नहीं कर पाई है, जो वो मेघालय से वापस (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) लाई थी खैर, पुलिस के मुताबिक यह सबूत मिटाने का प्रयास (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) था। पुलिस दोनों लोगों पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। ध्यान देने वाली बात यह कि पुलिस अब तक सोनम के वो गहने बरामद नहीं कर पाई है, जो वो मेघालय से वापस लाई थी। खैर, पुलिस पूरी बारीकी के साथ जांच कर रही है। वो किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहती इसलिए प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स, सुरक्षा गार्ड बलवीर और अपार्टमेंट के मालिक लोकेंद्र तोमर को गुरुवार को शिलांग की एक अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद सिलोम जेम्स और बलवीर को भी पूछताछ के लिए शिलांग लाया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi #sonamraghuvanshi #rajkushwaha #rajaraghuvanshimurder #crimecase2025 #latestnews

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Sourav Ganguly on Kohli

Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement: सौरव गांगुली ने विराट कोहली के रिटायरमेंट पर फोड़ा बम, कही यह बात

विराट कोहली ने इंग्लैंड सीरीज से पहले अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। इसके बाद उनके इस फैसले से हर कोई हैरान था। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने विराट कोहली के संन्यास पर चौंकाने वाला खुलासा किया (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) है। गांगुली ने विराट कोहली के टेस्ट से रिटायरमेंट के बारे में कुछ ऐसी बात कही है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। अपने इस बयान में सौरव गांगुली ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि बीसीसीआई को विराट कोहली के संन्यास के बारे में पहले से ही पता था। गौरतलब हो कि भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास के ऐलान के पांच दिन बाद ही विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी थी।  बीसीसीआई को विराट कोहली के संन्यास के बारे में चार दिन पहले ही पता (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) चल गया था खैर, इस बीच खुलासा करते हुए सौरव गांगुली ने कहा (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) कि “भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को विराट कोहली के संन्यास के बारे में चार दिन पहले ही पता चल गया था। जिसके बाद बीसीसीआई ने विराट कोहली को अपने फैसले पर विचार करने को कहा था, लेकिन विराट कोहली ने अपना फैसला नहीं बदला।” अब ऐसे में फिर से विराट के संन्यास वाली खबर एक बार पुनः चर्चा का विषय बन रही है। विराट कोहली के संन्यास के ऐलान ने क्रिकेट जगत से जुड़े सभी लोगों को हैरान कर दिया (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) था ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उनका बल्ला कोई खास कमाल नहीं (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) कर सका बता दें कि विराट कोहली ने 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। विराट कोहली के संन्यास के ऐलान ने क्रिकेट जगत से जुड़े सभी लोगों को हैरान कर दिया था। जिस वक्त सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) थे, उस वक्त विराट कोहली भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान थे। टीम इंडिया ने इंग्लैंड सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मुकाबलों की टेस्ट सीरीज खेली थी। विराट ने आखिरी टेस्ट सीरीज ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेली, जिसके पहले मैच में उन्होंने शतक जड़ा था लेकिन बाकि अन्य मुकाबलों में उनका बल्ला कोई खास कमाल नहीं कर सका। नतीजतन बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से हाथ धो बैठा। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात अचानक विराट ने संन्यास का फैसला कर (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) लिया इस बीच दौरान कोहली दिल्ली की तरफ से रणजी 2025 मैच भी खेलने उतरे, लेकिन उसमें भी वो अपने बल्ले का जौहर नहीं दिखा सके। कहने की जरूरत नहीं ऐसे में सभी को लग रहा था कि विराट अगली टेस्ट सीरीज के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिर अचानक इसके बाद विराट ने संन्यास का फैसला कर (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) लिया। हालाँकि अचानक से उनका टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना लोगों को रास नहीं आया। खैर, सौरव गांगुली के दावों क मुताबिक बीसीसीआई विराट के इस फैसले के बारे में पहले से जानती थी।  फैंस रोहित शर्मा और विराट कोहली को कर रहे हैं याद  बात करें मौजूदा टीम की तो, शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ अपना जीता हुआ पहला टेस्ट मैच हार चुकी है। वक्त रहते निर्णय ने होने चलते टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ा। ऐसे में हार के बाद से सोशल मीडिया में टीम इंडिया के फैंस रोहित शर्मा और विराट कोहली को याद कर रहे हैं। फैंस का मानना है कि इस मैच में ये दोनों खिलाड़ी होते तो बात कुछ और होती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement #viratkohli #souravganguly #kohliretirement #cricketnews #teamindia #gangulyonkolhi

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Shubhanshu Shukla's journey in Axiom-4 marks

भारत ने रचा अंतरिक्ष इतिहास: Axiom-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान

भारत की अंतरिक्ष यात्रा ने एक नया और ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है। Axiom-4 मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला  (Indian astronaut Shubhanshu Shukla) और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर SpaceX का फाल्कन 9 रॉकेट सफलतापूर्वक अंतरिक्ष के लिए रवाना हो गया है। फ्लोरिडा के प्रतिष्ठित कैनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center) से लॉन्च हुआ यह मिशन न केवल भारत, बल्कि हंगरी और पोलैंड जैसे देशों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla), जो इस मिशन के पायलट हैं, भारत के लिए गौरव का प्रतीक बन चुके हैं, क्योंकि वे राकेश शर्मा (Rakesh Sharma) के बाद अंतरिक्ष में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय हैं और पहले भारतीय हैं जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक पहुंचेंगे। सफल लॉन्च और 28 घंटे की यात्रा SpaceX के फाल्कन 9 रॉकेट ने 24 जून की रात को लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से उड़ान भरी। इस रॉकेट के शीर्ष पर स्पेसएक्स का ही अंतरिक्ष यान ड्रैगन मौजूद है, जिसमें चारों अंतरिक्ष यात्री सवार हैं। यह यान अब 28 घंटे की यात्रा पर है और उम्मीद है कि यह गुरुवार, 26 जून को शाम 4:30 बजे (भारतीय समयानुसार) इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) पर डॉक करेगा। यह मिशन तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन लॉन्च की सफलता ने इस पूरी यात्रा को मजबूत आधार प्रदान कर दिया है। मिशन की टीम: अनुभव और विविधता का संगम Axiom-4 मिशन (Axiom Space) की टीम में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। भारत से शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) मिशन के पायलट हैं, जो ISRO (Indian Space Research Organisation) के प्रतिनिधि के रूप में इस मिशन में भाग ले रहे हैं। मिशन कमांडर हैं नासा (NASA) की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन, जिन्हें अमेरिका की सबसे अनुभवी महिला अंतरिक्ष यात्री माना जाता है। उनके अनुभव ने इस मिशन को एक मजबूत नेतृत्व प्रदान किया है। इसके अलावा पोलैंड से स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी से टिबोर कापू मिशन विशेषज्ञ के रूप में टीम का हिस्सा हैं। यह मिशन न केवल विज्ञान की दृष्टि से बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दृष्टि से भी एक मिसाल है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 14 दिन का मिशन Axiom-4 मिशन (Axiom-4 Mission) के चारों सदस्य ISS पर लगभग 14 दिन बिताएंगे। इस दौरान वे 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इनमें से सात प्रयोग भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तावित किए गए हैं, जो अंतरिक्ष में जैविक, भौतिक और तकनीकी अनुसंधान से संबंधित हैं। इन प्रयोगों के परिणामों से न केवल अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा मिलेगी, बल्कि पृथ्वी पर जीवन की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें:- भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आज भरेंगे अंतरिक्ष की उड़ान Axiom Space और निजी अंतरिक्ष उड़ानों का नया युग Axiom-4 मिशन  (Axiom-4 Mission) चौथा निजी अंतरिक्ष मिशन है जिसे ह्यूस्टन स्थित कंपनी Axiom Space द्वारा नासा की साझेदारी में भेजा गया है। यह मिशन एक और संकेत है कि भविष्य में अंतरिक्ष यात्राएं केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं रहेंगी। निजी कंपनियां अब अंतरिक्ष अनुसंधान और पर्यटन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। Axiom Space का उद्देश्य है एक दिन पृथ्वी की कक्षा में एक पूर्णत: वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन बनाना, जो वर्तमान ISS का स्थान ले सके। View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jairashtranews) भारत के लिए महत्व: वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर नई पहचान भारत के लिए यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि यह दिखाता है कि देश अब वैश्विक अंतरिक्ष प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। शुभांशु शुक्ला की इस उड़ान ने भारत को उस क्लब में शामिल कर दिया है, जिसमें अब तक केवल कुछ ही देशों के नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचे हैं। यह न केवल तकनीकी सफलता है, बल्कि भारत की वैज्ञानिक क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भविष्य की अंतरिक्ष नीतियों की दिशा में एक बड़ा कदम है। Axiom-4 मिशन (Axiom-4 Mission) ने भारत के अंतरिक्ष सफर में एक नया अध्याय जोड़ा है। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) की ऐतिहासिक उड़ान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वैज्ञानिक शोध और निजी कंपनियों की सक्रियता से यह मिशन भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं के लिए प्रेरणा बनेगा। यह मिशन साबित करता है कि भारत अब न केवल पृथ्वी पर, बल्कि अंतरिक्ष में भी एक उभरती हुई महाशक्ति है। Latest News in Hindi Today Hindi Shubhanshu Shukla Axiom Space #shubhanshushukla #axiom4 #indiaspace #spacexmission #indianastronaut #spacehistory #axiomspace #nasacollab #indianews #spacetravel

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Abhinandan Varthaman

Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan: विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ने वाला पाकिस्तानी अफसर पाकिस्तान में हुआ ढेर

जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे; यह कहावत पाकिस्तान पर सटीक बैठती है। बरसों से आतंकियों को पनाह देने वाला आतंकी मुल्क पाकिस्तान अब खुद आतंकवाद की आग में झुलस रहा है। अपनी ही ज़मीन पर आतंकवादियों को पालकर दुनियाभर में अशांति फैलाने वाले पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसका यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है कभी। आलम अब यह है कि इस आग में उसके अपने ही हाथ जलने लगे हैं। आग का खेल अब उसे समझ आने लगा है। पाकिस्तान में आतंक की फसल की पैदावार इस कदर हुई है कि अब सीमावर्ती इलाकों में ही उसे कई आतंकी और उग्रवादी संगठनों से लड़ना पड़ता है। इसी क्रम में दक्षिणी वजीरिस्तान के सरगोधा और कुर्रम इलाके में मंगलवार को आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान नाम के आतंकी संगठन और पाकिस्तानी फौजके बीच झड़प हुई। इस झड़क के दौरान चौदह पाकिस्तानी फौजी (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) मारे गए।  मेजर सैयद मोइज अब्बास शाह समेत 14 अन्य पाकिस्तानी फौजियों को मार (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) गिराया दरअसल, मंगलवार को दक्षिणी वजीरिस्तान के दो इलाकों -सरगोधा और कुर्रम में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने पाकिस्तानी सेना के पर हमला बोल दिया। इस हमले में पाकिस्तान का मेजर मोइज अब्बास मारा गया। ये वही मेजर अब्बास है जिसने ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को पाकिस्तान की सीमा में पकड़ा था। मजे की बात यह कि  तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने भारतीय वायु सेवा के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को पाकिस्तान की सीमा में पकड़ने वाले पाकिस्तान फौज के मेजर सैयद मोइज अब्बास शाह समेत 14 अन्य पाकिस्तानी फौजियों को मार (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) गिराया। हालांकि पाकिस्तानी फौज ने इस खबर की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा है कि “आतंकवादियों से मुठभेड़ में कुछ फौजियों की मौत हुई है।” जानकारी के मुताबिक आतंकवादी संगठन ने इस कदर घात लाकर हमला किया कि पाकिस्तानी फौजी संभल ही ना पाए और मारे गए।  पाकिस्तानी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर मोइज अब्बास की मौत की पुष्टि नहीं (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) की है हालांकि, पाकिस्तानी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर मोइज अब्बास की मौत की पुष्टि नहीं (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) की है। लेकिन पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया एकाउंट्स ने इस बात की पुष्टि की है कि सरगोधा में हुई सड़क के दौरान मेजर सैयद मोइज समेत कुल 6 लोग मारे गए। आपको बता दें कि साल 2019 में मेजर सैयद मोइज अब्बास का नाम तब चर्चा में आया था, जब उसने दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर हुए हवाई झड़प के बाद भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को उन्होंने पकड़ा था। गौरतलब हो कि ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने पाकिस्तान F- 16 को मार गिराया था। इस दौरान उनका MIG-21 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उन्हें पाकिस्तान की सरजमीं पर उतरना पड़ा था।  मेजर सैयद का दावा था कि जब अभिनंदन पाकिस्तान की सरजमी के उतरे थे तो उन्होंने और उनकी यूनिट ने उन्हें पकड़ा था। यही नहीं,  इस घटना को लेकर उन्होंने बाकायदा मीडिया पर कई बयान भी दिए थे इसे भी पढ़ें:- मुंबई में 10 साल की नाबालिग बेटी के साथ माँ के प्रेमी ने दुष्कर्म कर गुप्तांग में डाला पेचकस पाकिस्तानी सेना और तहरीक ए तालिबान के बीच गोलीबारी में आतंकियों की गोली लगने से मेजर मोइज़ अब्बास शाह की मौत हुई  रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में जब मारे गए फौजियों की पहचान की गई, तो उसमें पाकिस्तानी फौज की सिक्स कमांडो बटालियन में तैनात रहे मेजर सैयद मोइज अब्बास शाह का भी नाम (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) आया। मेजर सैयद सरगोधा इलाके में एक तलाशी अभियान में लगा हुआ था। मोइज की हत्या दक्षिणी वजीरिस्तान में की गई है। बता दें कि मोइज स्पेशल सर्विस ग्रुप में मेजर की रैंक पर तैनात था। उसकी उम्र 37 साल थी और वो पाकिस्तान के चकवाल जिले का रहने वाला था।  Latest News in Hindi Today Hindi Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan #abhinandanvarthaman #pakistaniairforce #balakot #indiapakistannews #breakingnews #wingcommanderabhinandan

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kya h digipin

क्या है DIGIPIN, क्या हैं इसके फायदे और क्या है यह सुरक्षित?

डिजिपिन (DIGIPIN) एक ऐसा डिजिटल एड्रेस सिस्टम है, जिसे भारत सरकार के पोस्टल डिपार्टमेंट द्वारा बनाया गया है। यह एक अलग जिओ-कोडेड एड्रेस सिस्टम है, जो लोकेशंस को पहचाने के लिए सही और स्टैंडर्ड तरीके को प्रदान करता है। यह सिस्टम कई क्षेत्रों के लिए फायदेमंद हो सकता है जैसे लॉजिस्टिक्स, एमर्जेन्सी सर्विसेज और अर्बन प्लानिंग आदि। डिजिपिन (DIGIPIN) का अर्थ है डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर (Digital Postal Index Number) और यह दस अक्षरों वाला अल्फान्यूमेरिक कोड है। इसको भारत डाक विभाग (India postal department) ने आईआईटी हैदराबाद और एनआरएससी, इसरो की मदद से बनाया है। आइए जानें डिजिपिन (DIGIPIN) के बारे में विस्तार से। यह भी जानें कि क्या डिजिपिन का इस्तेमाल सुरक्षित है? डिजिपिन कैसे काम करता है? डिजिपिन (DIGIPIN) हमारे देश को 4 मीटर x 4 मीटर ग्रिड में बांटता है और लैटीट्यूड व लोंगोटयूड कोऑर्डिनेट्स के अनुसार हर ग्रिड को एक अलग और अनोखा दस अक्षर वाला अल्फान्यूमेरिक कोड देता है। यह सिस्टम अधिक एक्यूरेट और लोकेशन के आधार पर एड्रेस प्रदान करता है, इसलिए यह दूसरे पिन कोड्स से अलग है। इसकी अन्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: डिजिपिन के फायदे डिजिपिन (DIGIPIN) एक आधुनिक, विश्वसनीय और फायदेमंद सर्विस है जिसका इस्तेमाल कई तरह से बेनेफिशियल हो सकता है। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं:  डिजिपिन कैसे प्राप्त करें? इसे भी पढ़ें:- सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले क्या डिजिपिन का इस्तेमाल सुरक्षित है? डिजिपिन (DIGIPIN) को पूरी तरह से सुरक्षित माना गया है। दरअसल यह सिस्टम किसी का पर्सनल डाटा स्टोर नहीं करता है। यह सिर्फ जियोग्राफिक कोऑर्डिनेट्स के आधार पर डिजिटल अड्रेस प्रदान करता है। इसमें सुरक्षित प्रोटोकॉल और तकनीक का इस्तेमाल होता है और उपयोग हुए डाटा को सेफ रखा जाता है। इस सिस्टम को लोगों प्राइवेसी प्रोटेक्शन को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसलिए, इसका इस्तेमाल करना न केवल फायदेमंद है बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित भी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi DIGIPIN #digipin #digitalbanking #bankingsecurity #securetransactions #fintechindia #digipinbenefits #digipinexplained

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6 Worst Foods for Heart Health You Should Avoid

दिल की सेहत के लिए न खाएं ये 6 फूड्स, नहीं तो बढ़ जाएगा हार्ट अटैक का खतरा

ऐसा माना जाता है कि लाइफस्टाइल फैक्टर्स जैसे एक्सरसाइज करना, स्मोकिंग व एल्कोहॉल को अवॉयड करना और स्ट्रेस से बचाव आदि से हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) से बचा जा सकता है। हमारे आहार का सीधा संबंध कार्डियोवैस्कुलर फंक्शन से है। हेल्दी आहार से ब्लड प्रेशर सही और कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रहता है। हालांकि, हेल्दी डायट किसी डॉक्टर द्वारा रेकमेंडेड दवाई या थेरेपी का विकल्प नहीं है लेकिन इससे गंभीर हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) का रिस्क कम हो सकता है जैसे हार्ट अटैक (Heart attack) आदि। ऐसे कई फूड्स हैं जिन्हें अवॉयड करने से हार्ट को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है। आइए जानें हेल्दी हार्ट के लिए अवॉयड किए जाने वाले फूड्स (Foods to avoid to keep heart healthy) के बारे में। हेल्दी हार्ट के लिए अवॉयड किए जाने वाले फूड्स (Foods to avoid to keep heart healthy): पाएं जानकारी  मायो क्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार कुछ आहार हार्ट डिजीज के रिस्क को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, अपनी ईटिंग हैबिट्स को बदलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन इसके कई फायदे हैं। हेल्दी हार्ट के लिए अवॉयड किए जाने वाले फूड्स (Foods to avoid to keep heart healthy) इस प्रकार हैं: मीठे पेय-पदार्थ अगर आप मीठे पेय पदार्थों के शौकीन हैं, तो ध्यान रखें कि यह ड्रिंक्स आपकी हार्ट हेल्थ के लिए बहुत नुकसानदायक हैं। इसलिए, मीठे और बोतल में मिलने वाले जूस, सोडा और एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करने से बचें। यह ड्रिंक्स शुगर से भरपूर होते हैं और इनमें कैलोरीज बहुत अधिक होते हैं। इससे वजन बढ़ सकता है और इसके साथ ही डायबिटीज का रिस्क भी अधिक रहता है। फ्राइड फिश क्या आप जानते हैं कि जिन तले-भुने खाने को आप पसंद करते ,हैं वो आपके हार्ट को नुकसान पहुंचा सकते है? इसलिए फ्रेंच फ्रिज, फ्राइड चिकन, डोनट आदि को खाने से बचना जरूरी है। इन खाद्य पदार्थों को अनहेल्दी तेल में पकाया जाता है। इन्हें खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हार्ट अटैक (Heart attack) का खतरा बढ़ सकता है।  एल्कोहॉल  ऐसा माना गया है कि सही मात्रा में एल्कोहॉल का सेवन करना हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) की वजह नहीं बन सकता, लेकिन अगर आपका ब्लड प्रेशर या ट्राईग्लिसराइड लेवल अधिक हो, तो यह हार्ट प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है। अधिक एल्कोहॉल का सेवन करने से मोटापा और ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जो हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) का कारण बन सकती हैं।  पिज़्जा पिज़्जा एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसे खाना हर कोई व्यक्ति पसंद करता है। पिज़्जा हेल्दी हो सकता है अगर उसे सही तरीके से बनाया जाए। लेकिन, बाजार में मिलने वाले पिज़्जा में अधिक मात्रा में सोडियम, फैट और कैलोरीज होती हैं जिससे हार्ट अटैक (Heart attack) का जोखिम बढ़ सकता है। हो सके तो कम चीज, होल वीट और अधिक सब्जियों के साथ इसे बनाएं।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा योगर्ट अगर आप फ्लेवर्ड योगर्ट यानी दही खाने के शौकीन हैं, तो अभी सावधान हो जाएं क्योंकि हेल्दी हार्ट के लिए अवॉयड किए जाने वाले फूड्स (Foods to avoid to keep heart healthy) में यह भी शामिल है। यह फैट से भरपूर होता है। अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से इसका सेवन करता है तो इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। यही नहीं, इससे वजन, ब्लड प्रेशर और अन्य हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) की संभावना बढ़ सकती हैं। इसकी जगह सादे दही को खाएं। सफेद चावल या ब्रेड सफेद चावल या ब्रेड खाने से मोटापे, बैली फैट और डायबिटीज का जोखिम बढ़ता है। इन सभी समस्याओं से हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ता है। इनकी जगह आप ब्राउन राइस या ब्रेड का सेवन करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  Heart problems #hearthealth #heartattack #unhealthyfoods #cardiacrisk #healthtips #dietalert

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CM Fadnavis and BJP State President

‘राहुल गांधी महाराष्ट्र के बारे में कुछ नहीं जानते, बचकाना हरकतें कर फजीहत कराते हैं’, बोले सीएम फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष 

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एक बार फिर से चुनाव आयोग (Election Commission) पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने राहुल गांधी को घेरते हुए करारा हमला बोला। बावनकुले ने कहा, ‘कांग्रेस के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शायद महाराष्ट्र के बारे में कुछ भी पढ़ा नहीं है। जिसकी वजह से वो ऐसी बचकाना हरकतें कर रहे हैं। राज्य में कई ऐसी विधानसभा हैं, जहां पर 8 से लेकर 10% तक वोट बढ़े हैं। ऐसी विधानसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार भी चुने गए हैं और विपक्षी गठबंधन में शामिल कांग्रेस व एनसीपी के भी।’ बावनकुले ने कहा, ‘राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दरअसल चुनाव आयोग (Election Commission) पर झूठे आरोप लगाकर आगामी बिहार विधानसभा और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में अपने नेताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे वे चुनाव लड़ें। क्योंकि हार से निराश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता चुनाव लड़ने तक को तैयार नहीं।’ बावनकुले ने यह भी कहा कि ‘मैं राहुल गांधी को महाराष्ट्र के 50 ऐसे विधानसभा क्षेत्र बता सकता हूं, जहां पर वोट संख्या बढ़ने के बाद शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। राहुल गांधी इस तरह के बयान देकर सिर्फ और सिर्फ अपनी डैमेज लीडरशिप को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।’ राहुल ने चुनाव आयोग और सीएम फडणवीस पर लगाया आरोप  बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी चुनाव आयोग (Election Commission) को घेरते नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर से सोशल मीडिया पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए है। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘लोकसभा और विधानसभा चुनाव  के बीच नागपुर साउथ वेस्ट सीट पर 8 परसेंट मतदाता बढ़ गए। इस सीट के कुछ बूथों पर तो वोटर्स की संख्या में 20 से 50 परसेंट तक का भारी इजाफा हुआ है। इनमें हजारों वोटर्स ऐसे थे, जिनके एड्रेस तक वेरिफाई नहीं हो पाए। ये सरेआम वोट की चोरी है और चुनाव आयोग खामोश बैठा है।   बता दें कि नागपुर साउथ वेस्ट सीट से देवेंद्र फडणवीस चुनाव लड़ते हैं और वो यहां से चौथी बार चुनाव जीते हैं। राहुल गांधी ने अपने इस पोस्ट में चुनाव आयोग के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को भी घेरने की कोशिश की।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? फडणवीस ने राहुल के आरोपों पर दिया करारा जवाब राहुल गांधी के इन आरोपों पर सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी पटवार करने में देरी नहीं की। सीएम फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि, राज्य में 25 से ज्यादा ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच 8 फीसदी से ज्यादा वोट संख्या बढ़ा है। इनमें से कई सीटों पर विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। सीएम फडणवीस ने नागपुर नॉर्थ और वेस्ट सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सीटों पर 7 फीसदी मतदाता बढ़े और इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। फडणवीस ने पुणे की वड़गांव शेरी और मुंब्रा विधानसभा सीट के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वड़गांव शेरी सीट पर मतदाताओं की संख्या में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई और यहां पर शरद पवार की पार्टी के उम्मीदवार बापू साहेब पठारे जीते। इसी तरह मुंब्रा सीट पर 9 फीसदी मतदाता बढ़े और यहां पर जितेंद्र आव्हाड को जीत मिली। इसलिए मैं राहुल गांधी को एक सलाह देता हूं कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले और कोई भी आरोप लगाने से पहले कम से कम महाराष्ट्र में मौजूद अपनी पार्टी के नेताओं से एक बार जरूर बात कर लें। इससे वो फजीहत होने से बच जाएंगे। फडणवीस ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को झूठ बोलने और दूसरों पर आरोप लगाने की आदत है। उनके लए मैं कहना चाहूंगा कि, ‘झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो’  Latest News in Hindi Today Hindi news Devendra Fadnavis #RahulGandhi #DevendraFadnavis #MaharashtraPolitics #BJPvsCongress #PoliticalNews

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Iranian Nuclear Sites Survive US Bombs

अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा

ईरान-इजरायल युद्ध (Iran–Israel War) में कूदते हुए अमेरिका ने पिछले सप्ताह ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बंकर ब्लास्टर बमों से हमला किया था। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया था कि अमेरिकी हमले में ईरान के तीनों परमाणु संयंत्र पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इस शक्ति प्रदर्शन के बाद ही अब शांति आएगी, लेकिन इस अमेरिकी हमले को लेकर अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि अमेरिका के हमले के बाद भी ईरान के परमाणु ठिकाने सुरक्षित हैं। इस हमले के बाद तेहरान का परमाणु कार्यक्रम कुछ महीनें भले ही पीछे चला गया है, लेकिन वह पूरी तरह से नष्ट नहीं हुआ है। सीएनएन का दावा है कि यह रिपोर्ट पेंटागन की खुफिया शाखा ने तैयार किया है। अमेरिकी हमले में ईरान की परमाणु संवर्धन ठिकानें पूरी तरह से नष्ट हो गए सीएनएन ने खुफिया सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान पर हमले (Iran–Israel War) के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां परमाणु स्थलों को हुए नुकसान और प्रभाव का विश्लेषण कर रही हैं। सीएनएन ने कहा कि अभी जो रिपोर्ट प्रकाशित की जा रही है, वह प्रारंभिक जांच के आधार पर है और अधिक जानकारी आने के बाद इस रिपोर्ट के तत्थों में बदलाव किया जा सकता है। लेकिन अमेरिकी खुफिया विभाग की शुरुआती जांच रिपोर्ट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दावों से विपरीत है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी हमले में ईरान की परमाणु संवर्धन ठिकानें पूरी तरह से नष्ट हो गए। साथ ही ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को भी इससे भारी नुकसान हुआ है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी हमले के बाद मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि ईरान के परमाणु ठिकानें और महत्वाकांक्षाएं अमेरिका ने नष्ट कर दिया है।   ईरान का यूरेनियम भंडार अभी भी सुरक्षित सीएनएन ने इस खुफिया रिपोर्ट तैयार करने वाले दो अधिकारियों से बातचीत के आधार पर कहा कि अमेरिकी हमले में ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार नष्ट नहीं हुए हैं। जिस सेंट्रीय फ्यूज में यूरेनियम रखा जाता है, उनको कोई नुकसान नहीं हुआ है। क्योंकि संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका के हमले से पहले ही इन ठिकानों से हटा लिया गया था। साथ ही परमाणु ठिकाने का ढांचा भी काफी हद तक सुरक्षित बचा हुआ है। कुछ माह की मरम्मत के बाद इन ठिकानों पर फिर से परमाणु संवर्धन का काम शुरू किया जा सकता है।    इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! व्हाइट हाउस ने कहा- रिपोर्ट के तथ्य गलत  व्हाइट हाउस ने भी यह खुफिया रिपोर्ट होने की बात स्वीकार की, लेकिन इसमें मौजूद तथ्यों को गलत बताया। सीएनएन से बातचीत में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि, अमेरिकी हमले की यह कथित आकलन रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है। इस रिपोर्ट को अति गोपनीय के तौर पर संरक्षित किया गया था, लेकिन खुफिया विभाग का एक अनाम और घटिया स्तर की सोच वाले लूजर ने इसे लीक कर दिया। कैरोलिन लेविट ने कहा कि इस रिपोर्ट को लीक करना बताता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) को नीचा दिखाना चाहता है। साथ ही वह ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने वाले हमारे बहादुर लड़ाकू पायलटों को भी बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। कैरोलिन लेविट ने अपने बयान में यह भी कहा कि, ‘दुनिया का हर व्यक्ति जानता है कि जब 30000 पाउंड के 14 बम कहीं पर गिरते हैं तो वहां पर क्या होता है। इसका मतलब है ‘पूर्ण विनाश’। पेंटागन की खुफिया रिपोर्ट और व्हाइट हाउस के इस बयान के आधार पर कहा जा सकता है कि संभवता अमेरिकी हमले में ईरान (Iran–Israel War) के परमाणु ठिकानों को उतना नुकसान नहीं हुआ, जितना वहा उसे बता रहा है। अगर ऐसा है तक 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद भी इजरायल और अमेरिका अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए।   Latest News in Hindi Today Hindi Iran–Israel War #iran #pentagonleak #nuclearreport #usairstrike #middleeastconflict #iranusnews #defensestrategy

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AIMIM chief Asaduddin Owaisi

Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims: वक्फ बिल पर ओवैसी का नया राग, “काूनन बनाकर मुस्लिमों को नहीं डरा सकते”

वक्फ संशोधन बिल (Waqf Bill) को लेकर पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ है। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वक्फ संशोधन बिल को लेकर ऑल इंडिया मजिलस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाते हुए बड़ा बयान (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) दिया है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जो लोग मानते हैं कि वे इस तरह के कानून बनाकर मुस्लिम समुदाय को डरा सकते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि पीएम मोदी या भाजपा सरकार हमसे वक्फ के तहत जमीन नहीं छीन सकती।  मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी- असदुद्दीन ओवैसी दरअसल। कर्नाटक के रायचूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि “ये लोग समझ रहे हैं कि मुस्लिमों को ये कानून बनाकर डराया जाएगा। पीएम मोदी और मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी। ये काला कानून है। ये संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 के खिलाफ है। जोकि चैप्टर 3 का अधिकार है। ओवैसी यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, “हम रायचूर के हिंदू भाइयों को संदेश देना चाहते हैं कि आपको एंडोवमेंट बोर्ड में हिंदू सदस्य बन सकता है तो मुस्लिमों को वक्फ में कैसे गैर मुस्लिम सदस्य बनेगा?” इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा, यह कानून असंवैधानिक (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है एआईएमआईएम के मुखिया ने कहा कि “वक्फ कानून में पांच साल के प्रावधान पर सवाल उठाए गए हैं। ये 5 साल के मुसलमान का कानून क्या है? ये 5 साल का नियम कहां से लगाया गया (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है।” गौरतलब हो कि ओवैसी वक्फ संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं। लोकसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि “वे गांधी की तरह इस बिल को फाड़ रहे हैं।” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा। यह कानून असंवैधानिक है।” इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना भी साधा। वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है- सांसद इमरान प्रतापगढ़ी यही नहीं, बीते सोमवार को कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि “केंद्र की मोदी सरकार की ओर से वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है। आने वाले दिनों में जब भी केंद्र में सरकार बदलेगी तब एक झटके में वक्फ संशोधित कानून को बदल दिया जाएगा, इसलिए आप मायूस न हो।” बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी रांची के बरियातू के पहाड़ी मैदान में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से आयोजित तहफ्फुज-ए-औकाफ कॉन्फ्रेंस में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? जाने क्या है वक्फ संसोधन बिल? दरअसल , वक्फ बिल 2024, वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने वाला एक ऐसा विधेयक है, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए नियमों को सख्त करना है। इसके साथ ही वक्फ बिल में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करना, कलेक्टर को संपत्ति सर्वे का अधिकार देने और वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान भी शामिल है। अब विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं। उनका दावा है कि यह बिल सिर्फ वक्फ संपत्तियों को कमजोर करेगा बल्कि सरकारी हस्तक्षेप को भी बढ़ाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims #owaisi #waqfbill #aimim #muslimrights #indianpolitics

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