Peace talks with Pakistan

Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की अकड़ हुई ढीली, लगाने लगा शांति वार्ता की गुहार

पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हमला कर 26 निर्दोष लोगों की जान ले ली थी। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर इस कायराना आतंकी हमले का बदला लिया था। इस कार्रवाई में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया बल्कि पाकिस्तान के एयर डिफेन्स सिस्टम और एयर बेस को भी तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया था। कहने की जरूरत नहीं इस ऑपरेशन के बाद पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति का लोहा माना। ऑपरेशन सिन्दूर के तहत भारत आतंक का पर्याय बन चुके पाकिस्तान को ऐसी चोट दी है कि वो कभी नहीं भूलेगा। तीन दिन चली इस स्ट्राइक में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। और सीजफायर की गुहार लगाने लगा। मजे की बात यह कि भारत से कुटने के बाद अब पाकिस्तान भारत के साथ शांति वार्ता करने को बेकरार है। बड़ी बात यह कि पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद भारत के सामने बातचीत (Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor) का प्रस्ताव रखा है। उनका कहना है कि “शांति बहाल करने के लिए वो वार्ता करने को तैयार हैं। पाक पीएम के अनुसार इस शांति वार्ता में कश्मीर का मुद्दा भी शामिल होगा।” पाकिस्तान ने भारत के समक्ष बातचीत का (Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor) रखा है प्रस्ताव  दरअसल, गुरुवार को पंजाब के कामरा एअरबेस के दौरे पर गए पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सैन्य अधिकारियों और सेना को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत-पाक तनाव पर चर्चा की। इस बीच उन्होंने भारत के समक्ष बातचीत का प्रस्ताव (Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor)  भी रखा है। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान शांति बहाल करने के लिए भारत के साथ वार्ता करना चाहता है।” यही नहीं, कश्मीर मुद्द्दे पर बोलते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि “भारत ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है। भारत हमेशा जोर देता है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न अंग हैं और हमेशा रहेंगे।” इस संबोधन के दौरान कामरा एअरबेस पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, विदेश मंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख जनरल मुनीर और वायुसेना प्रमुख जहीर अहमद बाबर सिद्धू भी मौजूद थे। इसे भी पढ़ें:- कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात पाकिस्तान पीओके में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय इलाकों को कब खाली करेगा- भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर हालाँकि अभी तक पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस ऑफर (Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor) पर भारत की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन गुरूवार को होंडुरास के दूतावास का उद्घाटन करते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह जरूर साफ कर दिया था कि “कश्मीर पर चर्चा के लिए केवल एक ही बात बची है कि पाकिस्तान पीओके में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय इलाकों को कब खाली करेगा?” देखना यह दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान के इस प्रस्ताव पर भारत क्या पहल करता है? क्या भारत शांतिवार्ता के लिए राजी होगा? खैर, होगा या नहीं ये तो वक़्त ही बताएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor #OperationSindoor #PakistanPeaceTalks #IndiaPakistanTensions #PeaceNegotiations #PakistanAppealsPeace #IndiaStrikesBack #MilitaryDiplomacy #IndiaDefence #PakistanArmy #SouthAsiaSecurity

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US India diplomatic tension

US Betrays India: अमेरिका ने की भारत से गद्दारी, पाकिस्तान के इस साथी को देने जा रहा है खतरनाक मिसाइलें

यह जगजाहिर है कि भारत और पाकिस्तान के बीच व्याप्त तनाव के बीच तुर्किए ने खुलकर पाकिस्तान का साथ दिया था। तुर्किए के इस रवैए से भारतीयों में जबरदस्त रोष है। तुर्किए को लेकर भारतीयों में इस कदर रोष है कि सोशल मीडिया पर बॉयकॉट तुर्की ट्रेंड करने लगा। इसका असर यह कि व्यापार से लेकर पर्यटन तक, भारत ने तुर्किए से दूरी बनानी शुरू कर दी। कहने के लिए तो अमेरिका भारत का हितैषी है लेकिन अमेरिका उस तुर्किए कि मदद करने जा (US Betrays India) रहा है जिसने भारत के खिलाफ पाकिस्तान सैकड़ों ड्रोन दिए थे। जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने तुर्किए को मिसाइलें बेचने का फैसला लिया है। दरअसल, अमेरिका ने तुर्किए को 304 मिलियन डॉलर की मिसाइलें बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।  यह डील दोनों देशों के बीच सामरिक संबंधों को और मजबूत (US Betrays India) करेगी गौरतलब हो कि यह मंजूरी ऐसे वक़्त पर दी गई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। तुर्किए खुले तौर पर पाकिस्तान की मदद कर रहा है। इस मिसाइल डील में तुर्किए को हवा से हवा में मार करने वाली AIM-120 AMRAAM मिसाइलें शामिल (US Betrays India) हैं। जानकारी के मुताबिक तुर्किए ने 225 मिलियन डॉलर की लागत से 53 एडवांस मीडियम रेंज मिसाइल और 79.1 मिलियन डॉलर की लागत से 60 ब्लॉक सेकंड मिसाइलों की भी मांग की है। कहा जा रहा है यह डील अमेरिका की रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) की तरफ से प्रस्तावित है। लेकिन अभी इसे अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी मिलनी बाकी है। कहने की जरूरत नहीं कि यदि यह मंजूरी मिल जाती है, तो यह डील दोनों देशों के बीच सामरिक संबंधों को और मजबूत करेगी। बेशक इस कदम को अमेरिका और तुर्किए के बीच नाटो सहयोग को सुदृढ़ करने के रूप में देखा जा रहा है।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर अमेरिका द्वारा तुर्किए से मिसाइल की डील करना क्या भारत के खिलाफ यह एक प्रकार की दगाबाजी नहीं (US Betrays India) है? बता दें कि तुर्किए नाटो का एक प्रमुख सदस्य है। यही नहीं वह अमेरिका के रणनीतिक सैन्य साझेदारों में से एक भी माना जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब तुर्किए भारत के विरोधी पाकिस्तान की सैन्‍य मदद कर रहा है तो अमेरिका द्वारा उससे मिसाइल की डील करना क्या भारत के खिलाफ यह एक प्रकार की दगाबाजी नहीं (US Betrays India) है? यहाँ तक कि भारत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम खुले तौर ओर उसकी दोहरी नीति को उजागर करता है। एक तरफ तो वह भारत को क्वैड (QUAD) जैसे मंचों पर रणनीतिक साझेदार कहता है तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान का साथ देने वाले देश को हथियार मुहैया कराता है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इससे भारत और अमेरिका के रिश्तों में दरार पड़ सकती है। हालांकि इसपर अमेरिका का तर्क है कि यह डील बतौर नाटो सहयोगी तुर्किए की सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए है, न कि भारत के खिलाफ कोई साजिश।  Latest News in Hindi Today Hindi news US Betrays India #USBetraysIndia #IndiaUSRelations #PakistanMissiles #GlobalTensions #USDefenseDeal #SouthAsiaCrisis #IndiaSecurity #MissileAlert #GeopoliticalCrisis #USPakistanAlly

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Congress MLA Questions Operation Sindoor's

Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor: कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले का बड़ा भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर लाया था। इस कार्रवाई में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया बल्कि पाकिस्तान के एयर डिफेन्स सिस्टम और एयर बेस को भी तबाह कर दिया। ऑपरेशन सिन्दूर के तहत भारत आतंक का पर्याय बन चुके पाकिस्तान को ऐसी चोट दी है कि वो कभी नहीं भूलेगा। तीन दिन चली इस स्ट्राइक में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। और सीजफायर की गुहार लगाने लगा। कहने की जरूरत नहीं इस ऑपरेशन के बाद पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति का लोहा माना। एक तरफ जहाँ दुनिया बाहर में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा हो रही है तो वहीं कर्नाटक के एक कांग्रेस विधायक ने इसपर प्रश्न चिन्ह (Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor) ही खड़ा कर दिया है।  क्या किया है, कुछ भी नहीं किया (Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor) गया दरअसल, कर्नाटक के कोलार से कांग्रेस विधायक के मंजूनाथ ने ऑपरेशन सिंदूर पर शंका (Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor) जाहिर की है। मंजूनाथ ने कहा कि “क्या किया है, कुछ भी नहीं किया गया। बस दिखावे के लिए 3-4 विमान ऊपर भेजे और वापस लौट आए।” यही नहीं, कोथूर मंजूनाथ ने संशय जाहिर करते हुए कहा कि “परेशन सिंदूर का मकसद संदेह के घेरे में है।” उन्होंने कहा कि क्या किया, कुछ भी नहीं किया गया। बस दिखावे के लिए 3-4 विमान ऊपर से भेजे और वापस लौट आए। क्या इससे पहलगाम में मारे गए 26 टूरिस्टों की मौत की भरपाई हो जाएगी? क्या हम महिलाओं को इसी तरह जवाब देंगे? क्या हम उन्हें ऐसे ही सांत्वना देंगे? क्या हम ऐसा करके उनको सम्मान दे रहे हैं?” इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर हर टीवी चैनल अलग कहानी बता रहा है, एक कहता है ऐसे मारा, दूसरा कुछ और कहता है- कांग्रेस विधायक मंजूनाथ वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा (Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor) कि “हम कह क्या रहे हैं। हमने उन्हें यहां मारा, वहां मारा? हर टीवी चैनल अलग कहानी बता रहा है। एक कहता है ऐसे मारा, दूसरा कुछ और कहता है। हम किस पर भरोसा करें? किसे मारा गया? कौन मरा? आधिकारिक बयान कहां है? हम कहीं भी, किसी भी देश में, चाहे वह कर्नाटका हो, पाकिस्तान हो, चीन हो या बांग्लादेश या अफगानिस्तान। आम नागरिकों के खिलाफ किसी भी तरह के युद्ध का विरोध करते हैं। क्या आप जानते हैं कि उन महिलाओं के सामने ही उनके पतियों को कैसे मारा गया? उनको बच्चों के सामने उन्हें खत्म कर दिया गया, 3 दिन पहले वो कैसे अंदर आ गए, सबकुछ करके कैसे भाग पाए, इन सवालों का जवाब कौन देगा?” गौरतलब हो कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor #OperationSindoor #CongressNews #MLAStatement #PoliticalControversy #IndiaPolitics #BreakingNews #CurrentAffairs #CongressVsGovernment #MLAQuestions #OperationDebate

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MGNREGA scam

Dead Registered as Workers in MGNREGA : यूपी के संभल में महिला ग्राम प्रधान का कमाल, मरे हुए लोगों से करवाई मनरेगा में मजदूरी, डीएम के उड़े होश

उत्तर प्रदेश से एक अचंभित करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, सूबे के संभल जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी होने की खबर है। खबर के मुताबिक संभल जिले में दर्जन भर से ऐसे मुर्दे थे जो मनरेगा में (Dead Registered as Workers in MGNREGA) मजदूरी कर रहे थे। न सिर्फ मजदूरी कर रहे थे बल्कि उन्हें बाकायदा उसका भुगतान भी किया जा रहा था। है न, चौंकाने वाली बात? बता दें कि संभल जिले में दर्जन से अधिक मरे लोगों को कथित तौर पर मजदूर बताकर उनके नाम से फर्जी तरीके से मजदूरी निकाली गई है। बता दें कि यह घोटाला संभल जिले के पंवासा ब्लॉक के अतरासी गांव में हुआ, जो जिला मुख्यालय बहजोई से लगभग आठ किलोमीटर दूर है। बड़ी बात यह कि इस बात की पुष्टि जिला प्रशासन ने स्वयं की है। खैर, मामले की जांच चल रही है और ग्राम प्रधान से वसूली शुरू कर दी गई है।  ग्राम प्रधान सुनीता यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान मृतक ग्रामीणों (Dead Registered as Workers in MGNREGA) के नाम पर बनवाया जॉब कार्ड  इस पूरे मामले पवार संभल के जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि “यह मामला करीब सात महीने पहले मेरे संज्ञान में आया था। जांच के आदेश दिए गए थे। मामले में गबन 10 प्रतिशत से कम होने पर हम संबंधित अधिकारी से वसूली करते हैं। इस मामले में 1.05 लाख रुपये का गबन पाया गया, जिसकी वसूली प्रधान से की जा रही है। इसके अलावा गांव में अन्य विकास कार्यों की भी जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।” दरअसल, गांव की मौजूदा ग्राम प्रधान सुनीता यादव पर अपने कार्यकाल के दौरान मृतक ग्रामीणों (Dead Registered as Workers in MGNREGA) के नाम पर जॉब कार्ड बनाने और कागजों पर फर्जी तरीके से काम दिखाकर मजदूरी निकालने का आरोप है। चौंकाने वाली बात यह है कि लाभार्थी मजदूरों में एक इंटर कॉलेज के प्राचार्य का भी नाम है। और तो और उससे भी बड़ी बात यह कि उसे इस बात की जानकारी भी नहीं थी। जानकारी के मुताबिक मुलायम सिंह यादव इंटर कॉलेज के प्राचार्य ऋषिपाल सिंह ने कहा कि “मेरी जानकारी के बिना मेरे नाम से जॉब कार्ड बना दिया गया। मैंने कभी मनरेगा के तहत काम नहीं किया, फिर भी मेरा नाम रिकॉर्ड में दर्ज है और पैसे निकाल लिए गए। जांच के दौरान मुझे पूछताछ के लिए भी बुलाया गया।” इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर दर्जन भर मृत व्यक्तियों के नाम पर बनाए गए हैं (Dead Registered as Workers in MGNREGA) जॉब कार्ड यही नहीं, गाँव के ही संजीव कुमार ने बताया कि “मेरे दादा जगत सिंह का 2020 में निधन हो गया था। हमें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनके नाम पर मनरेगा के तहत मजदूरी निकाली जा (Dead Registered as Workers in MGNREGA) रही है। हमें तो तब पता चला, जब अधिकारी गांव में जांच करने आए। हमने सुन रखा था कि करीब एक दर्जन मृत व्यक्तियों के नाम पर जॉब कार्ड बनाए गए हैं।” इसके अलावा शिकायतकर्ता निर्मल दास ने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रधान के दिवंगत ससुर और उनके परिवार के कई सदस्यों के नाम पर भी जॉब कार्ड बनाए गए हैं। मनरेगा केंद्र सरकार की योजना है जिसके तहत ग्रामीण नागरिकों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों का रोजगार मुहैया कराया जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Dead Registered as Workers in MGNREGA #mgnrega #upnews #sambhalnews #viralnews #indianews #grampradhan #corruptionexposed #deadworkerscam #governmentscam #dmreaction #trendingnews #breakingnews #ruralindia #manregascam #newsalert

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Why Turkey is Supporting Pakistan: क्या इस वजह से तुर्की कर रहा है पाकिस्तान की मदद?Turkey Pakistan relations

22 अप्रैल को जम्म-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुई कायराना आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद भारत ने 6 और 7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में भारत ने 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। मजे की बात यह कि 3 दिन चली कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान को नाकों चने चबवा दिया। इस कार्रवाई में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम बल्कि कई एयर बेस भी तबाह कर दिया। इस दौरान 100 से अधिक आतंकी मारे गए और कई लोग घायल हुए। इसे अलावा 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान भी मारे गए थे। फ़िलहाल अपनी हर देख पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की गुहार लगाई। और फिर भारत अपनी शर्तों पर सीजफायर के लिए राजी हुआ। फ़िलहाल दोनों देशों की सरहदों पर शांति है। कहने की जरूरत नहीं इस पूरी कार्रवाई में पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा। खैर, इन सब के बीच ध्यान देने वाली बात यह कि इस पूरी कवायद में तुर्की और चीन पाकिस्तान के साथ खुलकर खड़े थे। चीन का तो समझ आता है कि चीन ने पाकिस्तान में इतना इन्वेस्ट कर दिया है कई उसका साथ देना मजबूरी बन गई है। लेकिन (Why Turkey is Supporting Pakistan) तुर्की? तुर्की ने हथियार बनाने और बेचने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल (Why Turkey is Supporting Pakistan) की है वो तुर्की, जिसकी भारत ने करोड़ों डॉलर की मदद की थी। तुर्की वही देश है जहां विनाशकारी भूकंप आने के बाद भारत ने फौरन सहायता भेजी थी। इतना कुछ करने के बाद भी तुर्की एहसान फरामोश निकला। भारत और पाकिस्तान में बीच युद्धजनक स्थिति में तुर्की ने पाकिस्तान की मदद की। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या यह महज दोस्ती का मामला है या फिर इसके पीछे कोई और मंशा (Why Turkey is Supporting Pakistan) है? आइये जानते हैं इसके पीछे की मंशा। दरअसल, हाल के वर्षों में तुर्की ने अपनी रक्षा उद्योग को मजबूत किया है। वो दुनिया के शीर्ष हथियार निर्यातकों में शामिल होने की कोशिश कर रहा है। तुर्की हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक बनना चाहता है। तुर्की ने हथियार बनाने और बेचने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। तुर्की अब दुनिया का 11वां सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बन गया है। तीनों तरफ दुश्मनों से घिरे होने के कारण पाकिस्तान को रक्षा उपकरणों की हमेशा से दरकार रही है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के साथ तुर्की ने कई बड़े रक्षा सौदे किए हैं। जिनमें मिलगेम युद्धपोत, विभिन्न ड्रोन और टी-129 अटैक हेलीकॉप्टर शामिल हैं।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर तुर्की का पाकिस्तान को समर्थन सिर्फ एक कूटनीतिक कदम नहीं, बल्कि सोची-समझी (Why Turkey is Supporting Pakistan) रणनीति है गौर करने वाली बात यह कि ये सौदे तुर्की के रक्षा उद्योग के लिए अरबों डॉलर की आमदनी का स्रोत (Why Turkey is Supporting Pakistan) हैं। बड़ी बात यह कि तुर्की का मकसद सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है बल्कि, वह दुनिया भर में अपने हथियार बेचने का इच्छुक है।  अफ्रीका, मिडल ईस्ट और एशिया में तुर्की अपने रक्षा उत्पादों का बाजार तेजी से बढ़ा रहा है। दरअसल, पाकिस्तान जैसे देशों में मदद और सहयोग देकर, तुर्की इन बाजारों में अपनी पैठ मजबूत कर रहा है। बेशक, तुर्की का पाकिस्तान को समर्थन सिर्फ एक कूटनीतिक कदम नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति है, जो उसके हथियार उद्योग को बढ़ावा देने में मदद करती है। आगामी वर्षों में, तुर्की इस रणनीति के जरिए अपने रक्षा उद्योग को और मजबूत करेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Why Turkey is Supporting Pakistan #TurkeyPakistan #TurkeySupportsPakistan #ErdoganPakistan #KashmirIssue #TurkeyForeignPolicy #PakistanTurkeyTies #IslamicAlliance #TurkeyIndiaTensions #GlobalPolitics #MiddleEastNews

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Controversial remark on Sofia Qureshi

Controversial remark on Sofia Qureshi: सोफिया कुरैशी अनर्गल टिपण्णी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई बीजेपी के इस मंत्री को फटकार, कही यह बात

बीते दिनों मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी (Controversial remark on Sofia Qureshi) की थी। इस टिपण्णी के बाद जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगल पीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार देर रात विजय शाह के खिलाफ महू के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इस अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को जमकर फटकार लगाई है। जानकारी के मुताबिक मंत्री को फटकारते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को तब और जिम्मेदार होना चाहिए जब देश ऐसी स्थिति से गुजर रहा हो।” लताड़ते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “उन्हें पता होना चाहिए कि वह क्या कह रहे हैं?” यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि “आप किस तरह का बयान दे रहे हैं? जाओ कर्नल सोफिया से माफी मांगो।”  विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की थी अनर्गल विवादित टिप्पणी (Controversial remark on Sofia Qureshi)  बता दें कि विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर अनर्गल विवादित टिप्पणी (Controversial remark on Sofia Qureshi) की थी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने जमकर फटकार लगाई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने एमपी के मंत्री विजय शाह की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई। हालाँकि कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि मामले की हाई कोर्ट ही मॉनिटरिंग करेगा। सुप्रीम कोर्ट ही नहीं, हाई कोर्ट ने भी मंत्री के साथ-साथ राज्य सरकार की क्लास लगाई। जानकारी के मुताबिक महू के मानपुर थाने में दर्ज एफआईआर की ड्राफ्टिंग पर असंतोष जताते हुए राज्य शासन को नए सिरे से सुधार के निर्देश भी दिए हैं। अब इस मामले पर शुक्रवार को फिर से सुनवाई निर्धारित की गई है। जानकारी के लिए बता दें कि विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में एफआईआर रद कराने के लिए अर्जी लगाई थी। याचिका में उन्होंने अपने बयान पर खेद प्रकट करते हुए माफी भी मांगी।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर मंत्री विजय शाह के विवादित बयान (Controversial remark on Sofia Qureshi) का मामला पकड़ चुका है तूल  कहने की जरूरत नहीं, मंत्री विजय शाह के विवादित बयान (Controversial remark on Sofia Qureshi) का मामला तूल पकड़ चुका है। कोर्ट ही नहीं, अब तो राजनीतिक पार्टियां भी उनकी टिपण्णी का विरोध कर रही हैं। कांग्रेस ने मंत्री विजय शाह को उनके पद से हटाने की मांग की है। यही नहीं, इंदौर, भोपाल और जबलपुर सहित मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में विजय शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया गया। देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी अपने बड़बोले मंत्री के खिलाफ क्या एक्शन लेती है। फ़िलहाल इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।  Latest News in Hindi Today Hindi news Controversial remark on Sofia Qureshi #SofiaQureshi #SupremeCourt #BJPMinister #ControversialRemark #IndianPolitics #CourtReprimand #FreedomOfSpeech #PoliticalDrama #SofiaQureshiControversy #Justice

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Golden Boy of India

Golden Boy of India: गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा बने टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल

भारतीय सेना ने गोल्डन ब्वॉय (Golden Boy of India) के नाम से मशहूर ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप नियुक्त किया है। उन्हें भारत की टेरिटोरियल आर्मी रेगुलेशन, 1948 के Para-31 के तहत शामिल किया गया है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी है। बता दें कि भारत सरकार के गजट में नीरज चोपड़ा की नियुक्ति का भारत के राष्ट्रपति द्वारा ऐलान किया गया है। उनकी यह नियुक्ति 16 अप्रैल से लागू होगी। इससे पहले वो राजपूताना राइफल्स में नायब सूबेदार के पद पर थे। गौरतलब हो कि दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा 26 अगस्त 2016 को भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड अधिकारी के रूप में भर्ती हुए थे। अब उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया गया है। कहने की जरूरत नहीं, इसके साथ ही ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट को भारतीय सेना में एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है।  नीरज चोपड़ा (Golden Boy of India) से पहले भी कई खिलाड़ी टेरिटोरियल आर्मी का बने हैं हिस्सा, धोनी भी हैं शामिल  जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग द्वारा 13 मई को अधिसूचना जारी की गई। इस अधिसूचना में कहा गया है कि “प्रादेशिक सेना विनियम 1948 के पैरा-31 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति हरियाणा के पानीपत के गांव और डाकघर खंडरा के पीवीएसएम, पद्मश्री, वीएसएम पूर्व सूबेदार मेजर नीरज चोपड़ा (Golden Boy of India) को 16 अप्रैल 2025 से प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद प्रदान करती हैं।” बता दें कि नीरज से पहले भी कई खिलाड़ी टेरिटोरियल आर्मी का हिस्सा हैं, इनमें भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी शामिल हैं।  इसे भी पढ़ें:- भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर: भारतीय एयर डिफेंस ने पाकिस्तानी हमले को किया नाकाम नीरज (Golden Boy of India) ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर रच दिया था इतिहास  भाला फेंक में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं नीरज (Golden Boy of India) ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। वह देश के लिए व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने थे। हरियाणा के पानीपत के पास खंडरा गांव के रहने वाले इस 27 वर्षीय भाला फेंक खिलाड़ी ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी के साथ पहला स्थान हासिल कर गोल्ड अपने नाम किया था। उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भी रजत पदक जीता था। बात करें उनकी निजी जिंदगी की तो उन्होंने इस वर्ष प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी हिमानी मोर से शादी की है। बड़ी बात यह कि नीरज मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। आशा है, नीरज न सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे बल्कि ओलिंपिक खेलों में देश का गौरव भी बढ़ाएंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Golden Boy of India #NeerajChopra #GoldenBoyOfIndia #LieutenantColonel #TerritorialArmy #IndianArmy #OlympicGold #NeerajInArmy #IndiaPride #AthleteToArmy #SportsHero

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British Author Praises India’s Operation Sindoor

British Author Backs Operation Sindoor: ब्रिटिश लेखक ने की ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ, कहा- पश्चिमी देशों को भारत का समर्थन करना चाहिए

पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जिस तरह पाकिस्तान की ठुकाई की है उससे समूची दुनिया अचंभित है। आतंकवाद का पर्याय बन चुके पाकिस्तान की दुनिया भर में किरकिरी हो रही है। यह किसी से छुपा नहीं है कि पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद को शरण देता आया है। इस ऑपरेशन के बाद आतंकियों के लिए जन्नत कहे जाने वाले पाकिस्तान को मुंह छुपाने की जगह नहीं मिल रही है। इस बीच ब्रिटिश लेखक डेविड वेंस ने भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ खुलकर (British Author Backs Operation Sindoor) की है। भारत की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि “अगर भारत को पश्चिमी देश सपोर्ट करते हैं तो भारत चीन के खिलाफ वेस्ट की दीवार की तरह बन सकता है।” यही नहीं, उन्होंने पाकिस्तान को सपोर्ट करने के लिए चीन की आलोचना की। उन्होंने बीजिंग पर आरोप लगाते हुए कहा, “चीन एशिया क्षेत्र में पाकिस्तान को प्रॉक्सी की तरह इस्तेमाल करता है। इसलिए चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।”  भारत को सपोर्ट दिया गया तो पश्चिम देशों के लिए भारत चीन के खिलाफ एक मजबूत दीवार की तरह काम (British Author Backs Operation Sindoor) करेगा बता दें कि न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि “चीन पाकिस्तान को प्रॉक्सी की तरह इस्तेमाल करता है, इसलिए उसपर भरोसा नहीं किया जा सकता। मुझे लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप को यह बात समझनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि “यह और भी बेहतर होगा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप इस बात को समझ जाएं कि अगर भारत को बेहतर सपोर्ट दिया गया तो भारत पश्चिम देशों के लिए चीन के खिलाफ एक मजबूत दीवार की तरह काम (British Author Backs Operation Sindoor) करेगा। पाकिस्तान के खिलाफ हम भारत को जितना समर्थन करेंगे, उतना ही बेहतर होगा, क्योंकि चीन का पाकिस्तान का काफी इंट्रेस्ट है। जो लोग भारत के हित के बारे में नहीं सोच रहे हैं, मैं मानता हूं वो पश्चिम के बारे में भी नहीं सोच रहे हैं।” इस बीच उन्होंने पाकिस्तान को सपोर्ट करने के लिए तुर्की को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “पाकिस्तान के पक्ष में तुर्की द्वारा दिए जाने वाले एंटी इंडिया बयान की खुलकर आलोचना की जानी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर चीन भारत के लिए एक समस्या है और पाकिस्तान के असफल देश (British Author Backs Operation Sindoor) है-  ब्रिटिश लेखक डेविड वेंस वेंस ने कहा कि “मुझे कोई आश्चर्य नहीं है। चीन भारत के लिए एक समस्या है और जैसा मैंने कहा कि पाकिस्तान के असफल देश (British Author Backs Operation Sindoor) है। मुझे लगता है कि तुर्की भी एक विवादास्पद देश है। तो इन सबके बाद मुझे कोई हैरानी नहीं हुई। एर्दोगान और चीन के बीच मैं ज्यादा अंतर नहीं कर पाता।” यही नहीं इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के लिए भी भारत का मजबूती से समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से इसका इंताजर था, क्योंकि यह फैसला लेना जरूरी था।” हालांकि, उन्होंने यह कहा कि “यह होना जरूरी था और ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा है। पाकिस्तान एक असफल और आतंकवादी देश है। ऐसे में यह जरूरी है कि भारत द्वारा ऐसा कदम उठाया गया।” Latest News in Hindi Today Hindi news British Author Backs Operation Sindoor #OperationSindoor #BritishAuthorSupportsIndia #IndiaDefense #WesternSupportIndia #Geopolitics #OperationSindoorPraise #IndiaSecurity #IndiaUKRelations #GlobalSecurity #SupportIndia

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Pulwama Encounter

2 Terrorists Killed by Security Forces: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से सीमा सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन किलर चलाकर आतंकियों को जड़ से खत्म करने फैसला कर लिया है। इसी सिलसिले में सुरक्षाबल रात-दिन एक कर दहशतगर्दों की खोज में लगे हुए (2 Terrorists Killed by Security Forces) हैं। इस समय पूरे प्रदेश में न सिर्फ आतंकियों की खोज में तलाशी अभियान चालू है एनकाउंटर में आतंकियों को ढ़ेर भी किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। जानकारी के मुताबिक ये मुठभेड़ जम्मू कश्मीर के त्राल के नादिर गांव में हो रही है। इस मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन अज्ञात आतंकवादी मारे गए। यह इलाका दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के अंतर्गत आता है। खबर है कि इस इलाके में अभी भी 02 से 03 आतंकी छुपे हुए हैं। बता दें कि पिछले 48 घंटे के भीतर यह दूसरी मुठभेड़ है। यह घटना शोपियां जिले के केल्लर इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए एक अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को मार गिराने के ठीक दो दिन बाद हुई है। अवंतीपोरा के नादेर, त्राल इलाके में एनकाउंटर शुरू हो (2 Terrorists Killed by Security Forces) गया है दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी घाटी फिर से दहशत फैलाना चाहते थे, लेकिन सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन किलर चलाकर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया (2 Terrorists Killed by Security Forces) है। इस बीच त्राल इलाके में त्राल सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ को लेकर कश्मीर जोन की पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि “अवंतीपोरा के नादेर, त्राल इलाके में एनकाउंटर शुरू हो गया है। पुलिस और सुरक्षा बल काम पर लगे हुए हैं। आगे की डिटेल्स जारी की जाएगी।” गौरतलब हो कि इससे पहले मंगलवार को जम्मू कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था। ये तीनों आतंकी लश्कर-तैयबा के थे। भारतीय सेना ने बताया है कि इन आतंकियों को ऑपरेशन किलर के तहत आतंकी संगठन के तीन सदस्यों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। मारे गए इन तीन आतंकियों में से दो की पहचान शाहिद कुट्टे और अदनान शफी के रूप में हुई है, जो दोनों शोपियां के रहने वाले हैं।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया (2 Terrorists Killed by Security Forces) गया बता दें कि आतंकी कुट्टे साल 2023 में लश्कर में शामिल हुआ था। वो पिछले साल 8 अप्रैल को डेनिश रिसॉर्ट में हुई गोलीबारी की घटना में शामिल था। इस घटना  में दो जर्मन पर्यटक और एक ड्राइवर घायल हो गए थे। यही नहीं, पिछले साल मई में शोपियां के हीरपोरा में भाजपा सरपंच की हत्या में भी वह शामिल था। शोपियां में मारे गए आतंकवादियों के पास से तीन एके-47 राइफलें तथा अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। गौरतलब हो कि राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट को शोकल केलर, शोपियां के सामान्य क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद मुठभेड़ में तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया (2 Terrorists Killed by Security Forces) गया। फिलहाल ऑपरेशन जारी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news 2 Terrorists Killed by Security Forces #PulwamaEncounter #JammuAndKashmir #TerroristKilled #IndianArmy #SecurityForces #KashmirNews #AntiTerrorOperation #BreakingNews #JammuKashmirNews #TerrorFreeIndia

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children poisoned by mother

Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight: पति के साथ हुई कहासुनी के बाद चार बच्चों के साथ महिला ने खाया जहर, तीन की मौत

बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज स्टेशन पर एक हृदयविदारक घटना घटी। जहाँ, एक महिला ने अपने चार बच्चों को जहर दे (Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight) दिया। यही नहीं, बच्चों को जहर देने के बाद खुद भी जहर खा लिया। इस तरह क्षणिक क्रोध के चलते लिया गया यह फैसला तीन बच्चों की जान ले लिया। खबर के मुताबिक पारिवारिक विवाद के चलते महिला ने यह हृदयविदारक कदम उठाया। इस घटना में तीन बच्चों की मौत हो गई है। महिला और एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक किसी बात को लेकर रफीगंज स्टेशन परिसर में पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े से आहत महिला ने ये कदम उठाया। 6 साल के रितेश कुमार की हालत नाजुक है और उसका इलाज चल रहा है। मृतकों में 1 साल की शिवानी, 5 साल की सूर्यमणि कुमारी तथा 3 साल की राधा कुमारी शामिल है। बता दें कि घटना की सूचना मिलते ही रफीगंज थानाध्यक्ष शंभू कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर राम सुमेर अस्पताल जा धमके। फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। खैर, लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर एक मां अपनी ही औलाद के साथ ऐसा कैसे कर सकती है? पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर सोनिया देवी ने ऐसा क्यों किया? रितेश कुमार और सोनिया देवी की हालत गंभीर, सदर अस्पताल औरंगाबाद किया (Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight) गया रेफर इस पूरे मामले पर आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि “जवानों को सूचना मिली थी कि डाउन प्लेटफार्म पर एक महिला और चार बच्चे परेशान (Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight) हैं। इसके बाद आरपीएफ के जवान और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रफीगंज में भर्ती कराया।” डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी) ने बताया कि “महिला ने खुद जहरीला पदार्थ खाया और फिर अपने चारों बच्चों को भी खिला दिया। इलाज के दौरान तीन बच्चों की मौत हो गई। रितेश कुमार और सोनिया देवी की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया गया।”  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल चारों बच्चों के साथ रफीगंज स्टेशन पहुंचकर उठाया यह कदम  बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन बच्चों की मौत देखकर (Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight) मृतक के चाचा राम सूरज बिंद और मौसी बेबी देवी गमगीन हैं। इस पूरी घटना पर सोनिया देवी के देवर राम सूरज बिंद ने बताया कि “रवि बिंद का परिवार रफीगंज स्टेशन पर आया था। रवि बिंद गोह प्रखंड के बन्देया थाने के झिकटिया गांव के रहने वाले हैं। रात में रवि बिंद और सोनिया देवी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। सुबह रवि बिंद काम करने के लिए कहीं चले गए थे। इसके बाद सोनिया देवी अपने चारों बच्चों के साथ रफीगंज स्टेशन पहुंची और यह कदम उठा लिया।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight #womanPoisonsKids #FamilyTragedy #DomesticDispute #ShockingNews #IndiaNews #ChildDeath #MotherSuicide #CrimeNews #BreakingNews #EmotionalNews

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