Punjab Kings win

Punjab Kings win: श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को दी 37 रनों से करारी शिकस्त

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 54वां मुकाबला पंजाब किंग्स लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला गया। 4 मई को धर्मशाला में खेले गए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 37 रनों से हरा (Punjab Kings win) दिया। पंजाब ने प्रभसिमरन की धमाकेदार पारी की बदौलत लखनऊ को करारी शिकस्त दी। पंजाब की इस धमाकेदार जीत में कप्तान अय्यर का भी अहम योगदान रहा। अय्यर ने 25 गेंदों पर 4 चौके और 2 छक्कों की मदद से 45 रन बनाए। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकटों के नुकसान पर 236 रनों का स्कोर खड़ा किया। 236 रनों के पहाड़ से लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 199 रन ही बना सकी।  12 साल बाद पंजाब किंग्स की टीम को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जीत (Punjab Kings win) मिली है लखनऊ सुपर जायंट्स की इस करारी शिकस्त (Punjab Kings win) पर कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि “निश्चित रूप से ये बहुत बड़ा टारगेट था। जब आप गलत समय पर अहम कैच छोड़ते हैं तो यह आपको भारी नुकसान पहुंचाता है। हमने सोचा कि यह और ज्यादा करेगा, लेकिन हमने शुरुआत में सही लैंथ नहीं चुनी। लेकिन यह खेल का एक अहम हिस्सा है।  सपना अभी भी जिंदा है। अगर हम अगले तीन मैच जीत सकते हैं तो हम निश्चित रूप से पलटवार कर सकते हैं और अद्भुत चीजें कर सकते हैं। हर मैच में आप अपने टॉप ऑर्डर से अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद नहीं कर सकते। हमें कभी-कभी स्कोर को डीप भी ले जाना पड़ेगा। हमारे सामने एक विशाल लक्ष्य था और इससे हमें बहुत नुकसान हुआ।” रोचक बात यह कि 12 साल बाद पंजाब किंग्स की टीम को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जीत मिली है। इससे पहले आखिरी बार टीम को साल 2013 में कप्तान एडम गिलक्रिस्ट की अगुवाई में जीत मिली थी। 12 साल जाकर पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में जीत दर्ज की ही। इस तरह श्रेयस अय्यर पंजाब को धर्मशाला में जीत दिलाने वाले दूसरे कप्तान बन गए हैं।  इसे भी पढ़ें:- 10 साल बाद अपने ही घर में मुंबई इंडियंस को आरसीबी से मिली करारी शिकस्त पिछले दो सीजन में धर्मशाला में अपने चारों मैच (Punjab Kings win) हारी थी पंजाब किंग्स  बता दें कि पिछले दो सीजन में पंजाब किंग्स ने धर्मशाला में अपने चारों मैच (Punjab Kings win) हारे थे। साल 2010 से 2013 तक धर्मशाला में हर सीजन में 2 मैच खेले गए थे। इसके बाद 9 वर्षों तक यहाँ कोई मैच नहीं हुए थे। साल 2023 से अब यहां हर सीजन मैच खेले जा रहे हैं। आईपीएल  2025 में धर्मशाला को 3 मैच की मेजबानी मिली हुई है। इस जीत के साथ ही पंजाब की टीम न सिर्फ अपनी प्लेऑफ की दावेदारी मजबूत की बल्कि पाइंट्स टेबल में लंबी छलांग लगाते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। पंजाब किंग्स ने अब तक 11 मैचों में 7 जीतों में दर्ज की है। 7 मैच जीतने के बाद पंजाब टीम के बाद 15 पाइंट हो गए हैं। आपको जानकर बड़ी हैरत होगी कि आईपीएल में यह 11 साल बाद ऐसा हुआ है कि जब पंजाब किंग्स की टीम के लीग स्टेज में 14 से ज्यादा पाइंट हो गए हैं। इससे पहले साल 2014 में टीम ने 22 पाइंट हासिल किए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Punjab Kings win #PunjabKingsWin #ShreyasIyer #PBKSvsLSG #IPL2025 #CricketVictory #PBKS #LKNvsPBKS #IPLHighlights #ShreyasIyerCaptain #CricketNews

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India Pakistan water dispute

Indus Water Treaty: बूंद-बूंद को तरसेंगे पाकिस्तानी, सिंधु जल संधि संस्पेंड करने के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी का पानी, अगला नंबर झेलम का

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने सभी का नाम और धर्म पूछकर दिन-दहाड़े गोली मार दी थी। इस हमले के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। बढ़ते तनाव और लोगों के रोष को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ छह दशक पुरानी सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। भारत ने पहलगाम हमले के एक दिन बाद पाकिस्तानियों का पानी बंद करने का फैसला लिया था। इस फैसले से पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। अभी पाकिस्तानी इस सदमें से उबरे भी नहीं थे कि भारत ने एक और झटका दे दिया है। दरअसल, भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक (Indus Water Treaty) दिया है। ध्यान देने वाली बात ये कि यह कदम सिंधु नदी से पड़ोसी देश को एक भी बूंद पानी नहीं जाने देने के अपने फैसले पर अमल करते हुए उठाया गया है। यही नहीं, इसके अलावा भारत झेलम नदी पर बने किशनगंगा बांध से भी पानी के बहाव को कम करने की तैयारी कर रहा है।  पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक हो गया है (Indus Water Treaty) कम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक लंबी चर्चा और हाइड्रोलॉजिकल परीक्षण के बाद भारत ने बगलिहार बांध से गाद निकालने का काम शुरू कर (Indus Water Treaty)) दिया है। इसके चलते स्लुइस गेट को नीचे दिया है। इससे पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक कम हो गया है। यही नहीं, नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन से जुड़े अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ इसी तरह के अभियान की योजना किशनगंगा बांध के लिए भी बनाई गई है। इस पूरे मुद्दे पर एक दूसरे अधिकारी ने (पहचान न जाहिर करने की शर्त पर) कहा कि “हमने बगलिहार जल विद्युत परियोजना के द्वार बंद कर दिए हैं। हमने जलाशय से गाद निकालने का काम किया था और इसे फिर से भरना है।” इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील झेलम नदी का पानी भी रोकने की है (Indus Water Treaty) तैयारी  गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि पाकिस्तान द्वारा सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने ये कार्रवाई की है। यही नहीं, इसके अलावा इसमें देश के सभी बंदरगाहों पर पाकिस्तानी झंडों वाले जहाजों के रुकने पर प्रतिबंध भी शामिल (Indus Water Treaty) है। खबर के मुताबिक कहा तो यह भी जा रहा है कि उत्तर पश्चिमी हिमालय में गुरेज घाटी में स्थित किशनगंगा बांध जो कि झेलम नदी पर है, जहाँ पहला मेगा हाइड्रोपावर प्लांट लगा है, बहुत जल्द बड़े पैमाने पर वहां पवार भी रखरखाव का काम शुरू होगा। इसके चलते इससे नीचे की ओर बहने वाले सभी पानी को रोक दिया जाएगा। Latest News in HindiToday Hindi news Indus Water Treaty) #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #WaterCrisis #ChenabRiver #JhelumRiver #IndiaNews #PakistanNews #WaterDispute #Geopolitics #IndusTreaty

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Rakshas Tal mystery

Rakshas Tal: वैज्ञानिकों का भी दिमाग चकराया: आखिर एक ही स्थान पर होने के बावजूद मानसरोवर झील और राक्षस ताल में क्यों है इतना भयानक अंतर?

इस साल यानी 30 जून 2025 से कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Yatra) की शुरुआत होने जा रही है। भारी तादाद में श्रद्धालु कैलास मानसरोवर के दर्शन हेतु जाते हैं। इस दौरान कैलाश दर्शन के साथ ही लोग मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल (Rakshas Tal) के भी दर्शन करते हैं। यह दोनों झीलें 2-3 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति हैं। सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह कि मानसरोवर झील और राक्षस ताल एक ही वातावरण, एक जैसी ऊंचाई पर होने के बावजूद भी दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। कारण यही जो सदियों से लोग जानना चाहते हैं कि एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये दोनों झीलें इतनी अलग क्यों हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि धार्मिक शास्त्रों में बताए गए तथ्यों को विज्ञान नहीं मानता। यह तो ठीक, लेकिन विज्ञान भी इस बात का जवाब नहीं दे पाया है कि आखिर एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये मानसरोवर और राक्षस ताल में इतना फर्क क्यों है? ऐसे में आइये जानते हैं दोनों में क्या है अंतर?   राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक तरह से खारे पानी की झील है बता दें कि राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक अर्धचंद्राकार खारे पानी की झील है। अर्धचंद्राकार आकार अंधेरे का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह वही स्थान है, जहां राक्षस राजा रावण ने भगवान शिव की तपस्या और उनकी आराधना की थी। कहा जाता है कि भगवान शिव के अनन्य भक्त रावण ने खुद राक्षस ताल का निर्माण किया था। रावण अपनी इच्छा पूरी करने हेतु कैलाश पर्वत गया था। कैलाश जाने से पहले उसने राक्षस ताल में स्नान किया और वहीं ध्यान लगाया। इस बीच जब रावण ने राक्षस ताल में डुबकी लगाई, तो झील आसुरी शक्तियों के कब्जे में आ गई और नकारात्मकता से भर गई। कहते हैं कि राक्षस झील का पानी इतना खारा कि इसके अंदर मछली या कोई दूसरा जानवर रह ही नहीं सकता। झील का हल्के धूसर रंग का है। लोगों का दावा तो यहाँ तक है कि कुछ महीनों बाद राक्षस झील के पानी का रंग बदल जाता है।  इसे भी पढ़ें:-  इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? किसी को भी राक्षस ताल (Rakshas Tal) के पास जाने की नहीं है इजाजत  यही नहीं, राक्षस ताल (Rakshas Tal) के ठीक करीब एक छोटी नदी भी है। जिसे गंगचु नदी कहते हैं। यह नदी मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल को जोड़ती है। ऐसी मान्यता है कि मानसरोवर से पवित्र जल ले जाने हेतु इस नदी को ऋषियों द्वारा बनाया गया था। राक्षस ताल का पानी खारा होने के साथ-साथ विषैला भी है। जानकारों की माने तो इसमें स्नान करने अथवा इसका पानी पीने से जान तक जा सकती है। कारण यही जो राक्षस ताल के इर्द गिर्द चीन सरकार ने बाड़ लगाकर राक्षस ताल के क्षेत्र को घेर रखा है। किसी को भी इस झील के पास जाने की इजाजत नहीं है। इसे सिर्फ दूर से ही देखा जा सकता है। बता दें कि राक्षस ताल, कैलाश पर्वत के पश्चिम में तकरीबन 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ताल के आसपास डोला, लाचतो, तोपसरमा और दोशर्बा नामक 4 द्वीप हैं। तिब्बती भाषा में इसे लांगगर चो या ल्हानाग त्सो के नाम से जाना जाता है। इसका है जहर की काली झील। ऐसा इसलिए कि तिब्बतियों का ऐसा मानना है कि इसका पानी शापित है। इसे छूने मात्र से भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिये लोग इसके आसपास भी नहीं भटकते।  Latest News in Hindi Today Hindi Mansarovar Lake #RakshasTal #MansarovarLake #MysteryLake #TibetMystery #HimalayanSecrets #ScienceVsMyth #NatureWonder #HolyLake #StrangePhenomena #MythicalLakes

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मोलस्कम कंटेजियोसम: सेकंड हैंड कपड़े पहनने से पहले जान लें इस व्यक्ति का दर्दनाक अनुभव

अपने भाई-बहनों के पुराने कपड़े (Clothes) पहनना हर भारतीय परिवार में एक रिवाज की तरह है। लेकिन, आजकल आप ऑफलाइन ही नहीं बल्कि ऑनलाइन भी सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद और बेच सकते हैं। ऐसी कई वेबसाइट्स हैं, जिनसे आप इस सुविधा का आनंद ले सकते हैं। पुराने कपड़े (Clothes) खरीदने के कई फायदे हैं जैसे यह सस्ते होते हैं, एनवायरनमेंट के लिए फायदेमंद हैं, कम कीमत में अच्छी क्वॉलिटी मिल जाती है। लेकिन, इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीदना महंगा पड़ा एक व्यक्ति को, जिसे इसके कारण एक बड़ी स्किन प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा। आइए जानें इस बारे में विस्तार से। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) के अन्य नुकसानों के बारे में भी जानें। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनना पड़ा भारी: पाएं जानकारी सोशल मीडिया आजकल एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है, जहां लोग हर एक चीज शेयर कर सकते हैं। हाल ही में एक व्यक्ति ने शेयर किया कि उसने सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद कर पहने और उसकी वजह से उसे वायरल स्किन इंफेक्शन हुआ। उस व्यक्ति के अनुसार इन कपड़ों की वजह से उसे  मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) जैसी समस्या का सामना करना पड़ा। मोलस्कम कॉन्टैगिओसम एक स्किन इंफेक्शन है। आइए जानें कि मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) क्या है और यह कितना खतरनाक हो सकता है? मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) एक वायरल स्किन इंफेक्शन है ,जिसका कारण होता है मोलस्कम कंटेजियोसम वायरस। इसके कारण स्किन पर छोटे, गोल और ऊपर उठे हुए मस्से हो सकते हैं। यह मस्से दर्दभरे नहीं होते हैं लेकिन इनमे खुजली हो सकती है। यह समस्या आमतौर पर हानिरहित हैं लेकिन इसके कारण रोगी को परेशानी हो सकती है। इसके लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। यह तो थी पुराने कपड़े (Clothes) पहनने से होने वाली समस्या के बारे में जानकारी। अब जानिए कि सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes)पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं? इसे भी पढ़ें: महामारी की आशंका: अमेरिका में H5N1 के नए मामले, दुनिया भर में चिंता सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं?  सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यह समस्याएं इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Second hand clothes #clothes #Secondhandclothes #skinproblems #MolluscumContagiosum

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India response to terror

India Pakistan trade ban: पाकिस्तान पर एक और बड़ी चोट, पहलगाम हमले के बाद भारत ने सभी तरह के आयात-निर्यात पर लगाई रोक

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी देखी जा रही है। जिसका असर दोनों देशों के व्यापार पर भी (India Pakistan trade ban) पड़ रहा है। गौरतलब हो कि सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद भारत सरकार ने अब सभी तरह के आयात और निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। इसका सीधा सा मतलब है कि अब दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का व्यापार नहीं होगा। न भारत से कोई पाकिस्तान जाएगी और नहीं पाकिस्तान से कोई भी चीज भारत ही आएगी। सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अब पाकिस्तान से पूरी तरह से आयात-निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।” पाकिस्तान के विरुद्ध कड़े एक्शन लेते हुए भारत ने पहले डायरेक्ट ट्रेड को बंद किया था। लेकिन अब सरकार ने सभी तरह के इनडायरेक्ट ट्रेड को भी बंद करने का फैसला किया है। कहने की जरूरत नहीं, भारत सरकार का यह फैसला पाकिस्तान के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब जाहिर है पाकिस्तानी जहाज भारत के पोर्ट पर नहीं रुकेंगे।  पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए (India Pakistan trade ban) जाते हैं  बता दें कि वाणिज्य मंत्रालय ने इस आदेश को लेकर एक नोटिफिकेश भी जारी किया है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट आयात-निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक (India Pakistan trade ban) लगा दी है। गौरतलब हो भारत ने पहलगाम हमले के बाद वाघा-अटारी क्रॉसिंग को पहले ही बंद कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि ये वही एकमात्र मार्ग था जिससे दोनों देशों के बीच कारोबार होता था। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि पाकिस्तान से भारत में कौन सामान आयात किया जाता था। तो बता दें कि पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए जाते थे। इसके अलावा इनमें ड्राई फ्रूट्स, कपास, सीमेंट और स्टील भी शामिल हैं। यही नहीं, भारत-पाकिस्तान से कार्बनिक केमिकल्स, कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट और चश्मों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल्स भी आयात करता है।  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है (India Pakistan trade ban) गौर करने वाली बात यह कि पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान पर एक के बाद एक बड़े स्ट्राइक करते जा रहा है। एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह के आयात (India Pakistan trade ban) पर बैन लगा दिया है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है। इससे न सिर्फ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, बल्कि भारतीय बाजार में कुछ खास किस्म के उत्पादों की उपलब्धता में कमी देखी जाएगी।  Latest News in HindiToday Hindi news India Pakistan trade ban #IndiaPakistanTradeBan #PahalgamAttack #IndiaStrikesBack #TradeBanOnPakistan #IndiaPakistanTensions #ModiOnPakistan #ImportExportBan #NationalSecurityIndia #IndiaPakistanNews #TerrorAttackResponse

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SRH vs GT 2025

SRH vs GT: सनराइसर्ज हैदराबाद को हराकर गुजरात टाइटंस ने आईपीएल प्लेऑफ में की अपनी जगह पक्की

2 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 51वां मुकाबला गुजरात टाइटंस और सनराइसर्ज हैदराबाद (SRH vs GT) के बीच खेला गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस महामुकाबले में गुजरात टाइटंस ने सनराइसर्ज हैदराबाद को 38 रनों से मात दे दी। दरअसल, सनराइजर्स के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह तो ठीक, लेकिन उनका यह फैसला उल्टा पड़ गया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों ने अपने बल्ले का जौहर दिखाया। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने मिलकर 87 रन की शानदार ओपनिंग साझेदारी की। इसके बाद सुदर्शन 48 रन बनाकर आउट हो गए। उसके आए जॉस बटलर ने 64 रन की बेमिसाल पारी खेली। इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर ने 21 रन बनाए। कप्तान गिल ने शानदार 76 रन बनाये। गौर करने वाली बात यह कि गुजरात टाइटंस ने अपने टॉप के 4 बल्लेबाजों की बदौलत 6 विकेट पर 224 रन बनाए।   15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अभिषेक के आउट होते ही विकेटों (SRH vs GT) का तांता सा लग गया 224 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की (SRH vs GT) शुरुआत दमदार रही। अपने शानदार शुरुआत के बदौलत उसने 2 विकेट पर 139 रन बना लिए थे। जब तक अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन क्रीज पर डटे थे तब तक हैदराबाद की जीत की उम्मीदें बनी हुई थी। इस बीच 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अभिषेक के आउट होते ही विकेटों का तांता सा लग गया। 139 के स्कोर पर तीसरा विकेट गंवाने वाली हैदराबाद की देखते ही देखते 145 रन पर अपने 6 विकेट गंवा बैठी। लगातार गिरते विकटों की वजह से उसकी जीत की उम्मीदें भी धुंधली नजर आने लगी। गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों के सामने हैदराबाद के बल्लेबाज बेबस नजर आये। उनकी बेबसी का आलम यह था कि नीतीश कुमार रेड्डी ने 21 और पैट कमिंस 19 बनाकर जैसे-तैसे किसी तरह अपनी टीम को  6 विकेट पर 186 रन तक ले गए। इस तरह गुजरात टाइटंस ने सनराइसर्ज हैदराबाद को 38 रनों से मात दे दी।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस (GT) ने आईपीएल (IPL) प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है गौरतलब हो कि इस जीत के बाद गुजरात टाइटंस (GT) ने आईपीएल (IPL) प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस हार के साथ ही सनराइजर्स हैदराबाद प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है। 7 जीत से अब गुजरात टाइटंस के14 अंक हो गए हैं। इस मैच से गुजरात टाइटंस पहले पॉइंट टेबल में चौथे नंबर पर थी। हैदराबाद की जीत के बाद वह पॉइंट टेबल में चौथे से दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। यही नहीं, चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स पहले से ही इस रेस से बाहर हो चुकी हैं। अब प्लेऑफ की रेस में सिर्फ सात टीमें ही बची हैं। इस रेस में गुजरात टाइटंस मुंबई इंडियंस के बाद दूसरे स्थान पर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 SRH vs GT #SRHvsGT2025 #GujaratTitans #SunrisersHyderabad #IPL2025 #GTvsSRH #IPLPlayoffs #GTWin #IPLT20 #CricketNews #IPLPointsTable

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Pakistan Army urges citizens to stock 2-month

Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration: पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में डर का माहौल है। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सेना को किसी भी तरह हमले का जवाब देने के लिए खुली छूट दे दी है। कारण यही जो डरी सहमी पाक आर्मी ने (Pakistan Army) एलओसी (LOC) के आस-पास रहने वाले लोगों को खाने-पीने का सामान एडवांस में जमा करने (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) का आदेश दे दिया है। दरअसल, पीओके (POK) के प्रधानमंत्री चौधरी अनवर उल हक ने शुक्रवार को स्थानीय विधानसभा में कहा कि “नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित 13 निर्वाचन क्षेत्रों में दो महीने के लिए खाद्य आपूर्ति का भंडारण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ” हमले के मद्देनजर क्षेत्रीय सरकार ने 13 निर्वाचन क्षेत्रों में खाद्य, दवाइयां और अन्य सभी बुनियादी आवश्यकताओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अरब परुपये ($3.5 मिलियन) का आपातकालीन कोष भी बनाया है।”  पीओके में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए किये गए बंद (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हालाँकि पीओके के प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि “नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में सड़कों की मरम्मत के लिए सरकारी और निजी मशीनरी भी तैनात की जा रही है। इसके अलावा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हैं। पाक आर्मी (Pakistan Army) के स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की तरफ से हमले के डर की वजह से पीओके (POK) में स्थित मदरसों को बंद कर दिया गया। भारत यह दावा करता रहा है कि इन संस्थानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने के रूप में किया जा रहा है। इस बीच स्थानीय लोगों का मानना है कि “भारत पाकिस्तान के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध तो नहीं करेगा, लेकिन नियंत्रण रेखा (LOC) के भीतर हमला जरूर करेगा।”  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं और दोनों के बीच युद्ध की स्थिति  हुई है बनी बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। पहले तो इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े आतंकी ग्रुप टीआरएफ ने ली थी, लेकिन भारत के रुख को देख टीआरएफ ने इससे पल्ला झाड़ लिया था। आलम यह है कि इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं। इस बीच ध्यान देने वाली बड़ी बात यह कि युद्ध के डर से पाकिस्तान की (Pakistan Army) ने अपने नागरिकों से 2 महीने का खाना, एडवांस में जमा करने के लिए कह दिया है। जानकारी के मुताबिक पीओके में पाकिस्तानी नेता, लोगों से कह रहे हैं कि “जंग कभी हो सकती है, इसलिए वो अपने घरों में दो महीने का खाना जमा करके (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) रख लें।” गौरतलब हो कि इस हमले एक बाद नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने इत्यादि शामिल हैं। अब पाकिस्तान के लोगों के मन में डर माहौल है।  Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration #PakistanArmy #PahalgamAttack #IndiaPakistanTension #PakistanNews #RationAlert #PakArmyFear #SecurityAlert #StockRation #BorderTensions #PanicInPakistan

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After Suhas Shetty's murde

Suhas Shetty Murder: सुहास शेट्टी की हत्या के बाद कर्नाटक में सियायत हुई तेज, बीजेपी ने सिद्दारमैया सरकार पर लगाया ये आरोप

कर्नाटक के मंगलूरू (Mangaluru) में गुरुवार की रात बजरंग दल (Bajarang Dal) के कार्यकर्ता सुहास शेट्टी (Suhas Shetty Murder) की बेहरमी से हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड की वजह से कर्नाटक की राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। पूरे शहर में तनाव का माहौल है। जानकारी के मुताबिक मंगलूरू पुलिस ने बढ़ते तनाव मद्देनजर पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। सुरक्षा का आलम यह है कि पुलिस नेचप्पे-चप्पे पर चेकपोस्ट लगाए गए हैं। इस हत्याकांड के सिलसिले में बाजपे पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें तलाश में लगी हैं। इस पूरे मामले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर. हितेंद्र ने कहा कि “हमने सुरक्षा व्यवस्था कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने आगे बताया कि “आरोपियों की पहचान हो चुकी है और हमारी टीमें उन्हें पकड़ने में जुटी हैं।” खैर, इस हत्याकांड के बाद भाजपा ने सुहास शेट्टी के परिजनों को 25 लाख रुपए देने की घोषणा की है। भाजपा नेता विजयेंद्र येदियुरप्पा ने कहा कि “कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से हिंदू समुदाय में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हम दृढ़ता से आग्रह करते हैं कि सुहास शेट्टी की क्रूर हत्या की जांच एनआईए को सौंपी जाए ताकि पूरी तरह से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।”  गुरुवार रात करीब 8:27 बजे मंगलूरू (Mangaluru) के बाजपे इलाके के किन्निकांबला में हुई यह (Suhas Shetty Murder) भयानक घटना  प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस मामले (Suhas Shetty Murder) में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच कर शुरू कर दी है। पुलिस इस हत्याकाँड को पुरानी दुश्मनी से जोड़कर देख रही है। फ़िलहाल पुलिस पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी का नतीजा है या किसी हालिया घटना से जुड़ी हुई है। मसलन, कुछ दिन पहले कुदुपु में केरल के एक मजदूर की मॉब लिंचिंग हुई थी। गौरतलब हो कि सुहास शेट्टी एक हिस्ट्रीशीटर था। वह 2022 में हुए चर्चित फाजिल मर्डर केस का मुख्य आरोपी भी था। जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात करीब 8:27 बजे मंगलूरू (Mangaluru) के बाजपे इलाके के किन्निकांबला में इस भयानक घटना को अंजाम दिया गया। सुहास एक गाड़ी (KA-12-MB-3731) में अपने 5 साथियों संजय, प्रज्वल, अन्वित, लतीश और शशांक के साथ घूम रहा था। तभी एक स्विफ्ट कार और पिकअप ट्रक में सवार 5-6 हमलावरों ने सुहास की गाड़ी को रोका। और इसके बाद उसे बाहर खींचकर उसपर तेज़ धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसके बाद सभी आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। इस बीच सुहास को गंभीर हालत में एजे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।  इसे भी पढ़ें:- ईंट की खराब क्वालिटी बनी हत्या की वजह, सीतामढ़ी में मजदूर की दर्दनाक मौत इस घटना के पीछे जिहादी मानसिकता (Suhas Shetty Murder) का हाथ- सांसद पीसी मोहन ध्यान देने वाली बात यह पूरा हमला सीसीटीवी में रिकॉर्ड (Suhas Shetty Murder) हो गया। इस हत्याकांड से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वायरल इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क पर गिरे सुहास पर हमलावर धारदार हथियारों से वार पर वार किये जा रहे हैं और वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने देख रहे हैं। इस बीच बजरंग दल (Bajarang Dal) कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के बाद कर्नाटक में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी शुरू हो गई। भाजपा ने इस घटना के पीछे जिहादी मानसिकता का हाथ बताया है। भाजपा सांसद पीसी मोहन ने कहा कि “यह हत्या जिहादी मानसिकता के लोगों द्वारा की है गई।” Latest News in Hindi Today Hindi News Mangaluru #SuhasShettyMurder #KarnatakaPolitics #Siddaramaiah #BJPVsCongress #KarnatakaNews #PoliticalClash #LawAndOrder #BreakingNews #IndiaPolitics #MurderCase

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Shirgaon Jatra incident

Shirgaon Jatra incident: गोवा के शिरगांव में आयोजित इस जात्रा के दौरान भगदड़ मचने से 7 लोगों की हुई मौत, 70 से अधिक घायल

गोवा से दिल को दहला देने वाली खबर है। खबर के मुताबिक गोवा के शिरगांव में आयोजित की गई श्री लैराई जात्रा (Shirgaon Jatra incident) के दौरान हुई भगदड़ में 7 लोगों की मौत और 70 से अधिक धायल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक 2 मई यानी शुक्रवार रात लैराई मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई। घायलों को बिना देर किये तत्काल गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। दरअसल भारी तादाद में श्रद्धालुओं का इस जात्रा में शामिल होना ही हादसे की वजह बना। भीड़ इतनी थी कि तिल रखने की जगह नहीं थी। एक तो पारंपरिक जात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और ऊपर से अचानक मची अफरा-तफरी की वजह से भगदड़ मच गई। कुछेक घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है जबकि अन्य लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। भगदड़ किस वजह से मची अभी तक इसक पता नहीं चल पाया है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।  मुख्यमंत्री डॉ. सावंत ने जाना मरीजों का हाल (Shirgaon Jatra incident) इस बीच भगदड़ की सूचना मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत अस्पताल जा पहुंचे और अस्पताल पहुंचकर उन्होंने घायलों का जायजा (Shirgaon Jatra incident) लिया। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. सावंत ने इस दरम्यान नॉर्थ गोवा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल और बिचोलिम अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ घायलों से मुलाकात की बल्कि उनके इलाज की भी जानकारी ली। इसके अलावा अधिकारियों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी कड़े निर्देश दिए। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि “आज सुबह शिरगांव के लैराई जात्रा में हुई दुखद भगदड़ से मैं बहुत दुखी हूं। मैं घायलों से मिलने अस्पताल गया तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहा हूं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “माननीय प्रधानमंत्री जी ने मुझसे बात की और स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा इस कठिन समय में अपना पूर्ण सहयोग देने की पेशकश की।” इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक गोवा के शिरोडा गांव में लैराई माता (Shirgaon Jatra incident) को पूजा जाता है बता दें कि लैराई देवी एक पूजनीय हिंदू देवी हैं। गोवा के शिरोडा गांव में लैराई माता (Shirgaon Jatra incident) को पूजा जाता है। लैराई देवी के इस मंदिर स्थानीय लोगों के अलावा इर्द-गिर्द के श्रद्धालु भारी मात्रा में आते हैं। गौरतलब हो कि लैराई देवी जात्रा को शिरगांव जात्रा के नाम से भी जाना जाता है। ये जात्रा गोवा का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार है। यह हर साल बिचोलिम तालुका के शिरगांव गांव में मनाया जाता है। इस उत्सव की बड़ी विशेषता यह कि इसमें आग पर चलने की परंपरा है। इसमें धोंड कहे जाने वाले श्रद्धालु जलते हुए शोलो पर नंगे पांव चलते हैं, जो उनकी उनकी आस्था और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि मोगरा के फूलों की माला माता को बहुत पसंद है, इसलिए इस मंदिर में खास तौर पर मोगरा के फूलों से बनी माला को चढ़ाया जाता है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस जात्रा के अवसर पर शिरगांव में विशेष तैयारियां की जाती हैं। इस मौके पर पूरे शिरगांव सजाया जाता है। कई भक्त इस जात्रा के दौरान उपवास करते हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Shirgaon Jatra incident #ShirgaonJatra #GoaStampede #JatraTragedy #ShirgaonNews #GoaNews #FestivalStampede #IndiaNews #BreakingNews #ReligiousFair #JatraIncident

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H5N1

महामारी की आशंका: अमेरिका में H5N1 के नए मामले, दुनिया भर में चिंता

एच5एन1 (H5N1) यानी एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) वो वायरल इन्फेक्शन है, जो पक्षियों, गायों और अन्य जानवरों में सबसे पहले फैलता है। मनुष्यों में इसके फैलने की संभावना भी होती है। इसके कारण रोगी हल्की से लेकर गंभीर सांस संबंधी समस्याओं का अनुभव कर सकते हैं। अमेरिका में हाल ही में डेयरी गायों और लोगों में एच5एन1 (H5N1) इंफेक्शन के कुछ मामले सामने आएं हैं। इन मामलों के कारण इस वायरस की महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही जंगली पक्षियों और अन्य पक्षियों में भी यह फैल रहा है। यानी, यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है। आइए जानें एच5एन1 का नया खतरा (H5N1 new threat) क्या है? इससे बचने के तरीकों के बारे में भी जानें। एच5एन1 का नया खतरा (H5N1 new threat): पाएं जानकारी एच5एन1 (H5N1) या एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) एक गंभीर समस्या है जिसके हाल ही में अमेरिका में बहुत से मामले सामने आएं हैं। यह मामले अभी डेयरी गायों और मनुष्यों में सामने आएं हैं। इसके कारण चिंताएं बहुत अधिक बढ़ गयी हैं। ग्लोबल वायरस नेटवर्क (GVN) जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य वायरस से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, अनुसंधान को बढ़ावा देना और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार करना है। ग्लोबल वायरस नेटवर्क ने पूरी दुनिया के देशों की सरकारों से यह निवेदन किया है कि जल्दी इस रोग को लेकर कोई बड़ा फैंसला लें ताकि इससे निपटा जा सके। इससे एच5एन1 का नया खतरा (H5N1 new threat) बचा जा सकता है। आइए जानें की इस रोग के सिम्पटम्स क्या हो सकते हैं? एच5एन1 (H5N1) के सिम्पटम्स इस रोग के बारे में इन्फोर्मशन होना बेहद आवश्यक है। कुछ लोगों में एच5एन1 (H5N1) या एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं: क्लेवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार रोगी में नजर आने वाले एच5एन1 या एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) के लक्षण गंभीर भी हो सकते हैं। इसके लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? H1N1 से कैसे बचें? एच5एन1 (H5N1) जैसे रोग से बचना जरूरी है। इसके बचाव के तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi H5N1 #Birdflu #H5N1newthreat #AvianInfluenza #H5N1

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