Japanese firm Yes Bank deal

Yes Bank may be acquired by a Japanese firm: बिकने वाली है यह बैंक, जापान की इस कंपनी के साथ हो सकती है डील

आज यानी मंगलवार के दिन यस बैंक के शेयरों में अच्छी खासी हलचल देखने मिली। शुरुआती कारोबार में तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर यस बैंक के शेयर 9.6 परसेंट की उछाल के साथ 19.44 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। खैर, दोपहर के बाद कारोबार में इसमें थोड़ी बहुत गिरावट भी देखी गई। फ़िलहाल गिरावट के साथ बैंक के शेयर 18.11 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं। पिछले कारोबारी सेशन में यस बैंक के शेयर 17.73 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए थे। बात करें यस बैंक के शेयरों में आई हलचल की, तो यस बैंक 51 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने को लेकर जापान के दूसरे सबसे बड़े (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) बैंक सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप की यूनिट (एसएमबीसी) से बातचीत चल रही है। बात सिर्फ ओनरशिप और वोटिंग राइट्स पर (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) हुई है अटकी  ऐसे में यदि डील डन हो जाती है तो यह शायद भारत के बैंकिंग सेक्टर में हुई अब तक की सबसे सबसे बड़ी डील मानी (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) जाएगी। गौरतलब हो कि इससे पहले साल 2020 में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लक्ष्मी विलास बैंक को सिंगापुर के डीबीएस  बैंक से मर्ज किया गया था। इसके बाद देश के बैंकिंग सेक्टर में इतनी बड़ी डील अब तक नहीं हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एसएमबीसी पिछले साल से ही यस बैंक के सबसे बड़े इंवेस्टर भारतीय स्टेट बैंक और रिजर्व बैंक के साथ बातचीत कर रहा है। कहा जा रहा है कि बात ओनरशिप और वोटिंग राइट्स पर अटकी हुई है। आरबीआई की तरफ से एसएमबीसी को यस बैंक में 51 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने की मिल (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) गई है मंजूरी  हालाँकि आरबीआई की तरफ से एसएमबीसी को यस बैंक में 51 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिल (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) गई है। खबर तो यह भी है कि इस डील को फुल एंड फाइनल करने के लिए एसएमबीसी की एसबीआई से भी बातचीत चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डील लगभग 14,000 करोड रुपये (1.7 बिलियन डॉलर) में हो सकती है। खबर है कि सुमितोमो या तो सीधे 26 परसेंट से कम हिस्सेदारी खरीदेगी और शेयर स्वैप के जरिए मर्जर करेगी या फिर 26 परसेंट हिस्सेदारी खरीदकर ओपन ऑफर लाएगी। कहने की जरूरत नहीं इससे सुमितोमो को बैंक का कंट्रोल मिल सकता है। बेशक यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव होगा। देखना दिलचस्प होगा कि यह डील मुकम्मल कब होती है।  Latest News in Hindi Today Hindi Yes Bank may be acquired by a Japanese firm #YesBank #JapaneseDeal #BankAcquisition #YesBankNews #StockMarketIndia #FinanceNews #ShareMarket #IndianBanks #InvestmentNews #BusinessUpdate

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Modi skipped Kashmir visit

Modi Skipped Kashmir Visit : 3 दिन पहले पीएम मोदी के पास थी पहलगाम हमले की खुफिया जानकारी, इसीलिए वो नहीं गए कश्मीर

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जु खरगे (Mallikarjun Kharge) ने सोमवार को झारखंड के रांची में केंद्र सरकार पर पहलगाम आतंकी हमले से पहले खुफिया रिपोर्ट होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि “मोदी जी (PM Modi) को हमले से तीन दिन पहले ही रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके चलते उन्होंने अपनी कश्मीर यात्रा रद्द (Modi Skipped Kashmir Visit) कर दी थी। दरअसल, सोमवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित संविधान बचाओ रैली में मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से प्रश्न पूछते हुए कहा कि “केंद्र ने आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट होने के बाद भी पहलगाम में ज्यादा सुरक्षा क्यों नहीं तैनात की?” उन्होंने आगे कहा कि “हमले के तीन दिन पहले ही इंटेलिजेंस ने रिपोर्ट मोदी जी को भेजा था, इसलिए मोदी जी ने कश्मीर जाने का प्रोग्राम कैंसिल किया था। क्या केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए?” इसपर उन्होंने कहा कि “देश में जो कुछ भी हो रहा है सब आपके सामने है। 22 अप्रैल को देश में भयंकर आतंकी हमला हुआ। 26 लोगों की मौत हुई और सरकार ने माना कि ये इंटेलिजेंस फेल्योर है और इसे सुधारने की बात कही।” खरगे ने कहा कि “जब ये मालूम है आपको तो आपने अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की? सूचना मिली और कई पेपर भी आए हैं, जिसमें लिखा है कि हमले के तीन दिन पहले ही मोदी जी को भेजा गया था, जिसकी वजह से उन्होंने कश्मीर यात्रा रद्द की। अपनी बात पर सफाई देते हुए खरगे ने कहा कि “ये मैंने पेपर में पढ़ा था।”  जब आप चूक को मान रहे हैं, तो जितने लोग इस घटना में मारे गए हैं, उन सबकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी (Modi Skipped Kashmir Visit) चाहिए वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने (Mallikarjun Kharge) आगे कहा कि “जब इंटेलिजेंस लोग आपकी रक्षा के लिए ऐसा कहते हैं कि वहां आपका (PM Modi) जाना मुनासिब (Modi Skipped Kashmir Visit) नहीं है तो आप वही बात अपने इंटेलिजेंस के लोगों को, सिक्योरिटी, पुलिस, बॉर्डर फोर्स को क्यों नहीं बताई?” मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि “मैं सवाल पूछता हूं कि आपने तो अपना प्रोग्राम तो कैंसिल कर दिया, लेकिन जो पर्यटक वहां अधिक मात्रा में गए थे, उनकी रक्षा के लिए भी आप अच्छी सेक्योरिटी भेज सकते थे। जब आप चूक को मान रहे हैं तो जितने लोग जो इस घटना में मारे गए हैं, उन सभीकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:-  भारत-पाक तनाव के बीच गृह मंत्रालय की तैयारियां तेज़, राज्यों में मॉक ड्रिल का आदेश हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार (Modi Skipped Kashmir Visit) चल रही है अपने चिरपरिचित अंदाज में उन्होंने (Mallikarjun Kharge) कहा कि “जिन लोगों की मौत हो रही है उनकी तरफ आपका ध्यान नहीं (Modi Skipped Kashmir Visit) है, आप बस कांग्रेस सरकार को गालियां देते रहते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन हम देने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ये पूरा-पूरा देश का मामला है।” खैर, इस बीच झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते हुए खरगे ने कहा कि “हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं इन सब को भी धन्यवाद देता हूं।” Latest News in HindiToday Hindi news  Modi Skipped Kashmir Visit #Modi #Kashmir #PahalgamAttack #TerrorAlert #PMModi #BreakingNews #SecurityThreat #ModiNews #IndiaNews #BJP

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UNSC meeting on Pakistan

Pakistan Fails at UNSC: यूएनएससी में नहीं गली पाकिस्तान की दाल, मीटिंग तो हुई लेकिन कोई बयान नहीं हुआ जारी

22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि दोनों देशों में युद्धपूर्ण हालात बने हुए हैं। भारत के एक्शन से पाकिस्तान में खौफजदा है। जिसके चलते उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से इस मुद्दे पर मीटिंग की मांग की थी। पाकिस्तान की मांग पर यूएनएससी में बंद कमरे में मीटिंग हुई। मजे की बात यह कि मीटिंग तो हुई, लेकिन मीटिंग के बाद कोई बयान नहीं (Pakistan Fails at UNSC) जारी किया गया। आम तौर पर जब किसी मुद्दे पर यूएनएससी में मीटिंग होती है, तब मीटिंग के बाद एक बयान जारी कर मीटिंग से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है। हैरत यह कि इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बाद भी यूएनएससी  ने भारत को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। ध्यान देने वाली बात यह कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की न सिर्फ चाल नाकामयाब रही और बल्कि उसके सारे ड्रामे भी धरे के धरे रह गए।  बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में किया गया विचार-विमर्श गौरतलब हो कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में विचार-विमर्श किया। इस दौरान दूतों ने संयम और बातचीत की बात कही। 15 देशों की सुरक्षा परिषद द्वारा आयोजित यह परामर्श सोमवार दोपहर को लगभग डेढ़ घंटे तक चला। यह तो ठीक, लेकिन बैठक के बाद परिषद की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया। वर्तमान में परिषद का अस्थायी सदस्य होने के नाते पाकिस्तान, ने परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच स्थिति पर बंद कमरे में बातचीत करने की गुजारिश की थी। खैर, इस बीच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि “बंद कमरे में विचार-विमर्श के उद्देश्यों में परिषद के सदस्यों को भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते सुरक्षा माहौल और बढ़ते तनाव पर चर्चा करने और स्थिति को संभालने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाना शामिल था, जिसमें टकराव से बचना भी शामिल था। जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर (Pakistan Fails at UNSC) सकता है बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ सामने आया है। भारत ने हर हाल में इस आतंकी हमले का बदला लेने का मूड बना लिया है। भारत के इस कदम के बाद से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। पाकिस्तान के डर का आलम आप इसी से लगा सकते हैं कि वो कई देशों की शरण में जाकर युद्ध रुकवाने की विनंती कर (Pakistan Fails at UNSC) रहा है। दरअसल, पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर सकता है। यही नहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास किसी भी समय सैन्य हमला कर सकता है। उनके इस बयान से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आसिफ ने संवाददाताओं से कहा कि “ऐसी खबरें हैं कि भारत नियंत्रण रेखा के पास किसी भी स्थान पर हमला कर सकता है।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “अगर भारत ने ऐसा किया तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” यही नहीं ख्वाजा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने (पहलगाम) हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। जांच से यह पता चल जाएगा कि भारत खुद या कोई आंतरिक संगठन इसमें शामिल था या नहीं और नयी दिल्ली के बेबुनियाद आरोपों के पीछे की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।’’ Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Fails at UNSC #PakistanUNSCFailure #UNSC #PakistanNews #UNUpdate #IndiaVsPakistan #DiplomaticSetback #GlobalPolitics #UNSCMeeting #PakistanFails #UnitedNations

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Trump's $1000 Offer to Immigrants

Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA: इन लोगों को डोनाल्ड ट्रंप दे रहे हैं यह ऑफर, अमेरिका छोड़कर जाओ, 1 हजार डॉलर पाओ

जब से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से वो अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों पर नकेल कस रहे हैं। लाखों लोगों को उन्होंने बाहर का रास्ता दिखाया है। पूरी दुनिया से आये अवैध प्रवासियों के खिलाफ उन्होंने एक मुहीम चला रखी है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों के लिए खास ऑफर लेकर आए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) हैं। ऑफर के मुताबिक उन्होंने ऐलान किया है कि ‘जो अवैध प्रवासी स्वयं अमेरिका छोड़कर (leave America scheme) जाएंगे, उन लोगों को 1 हजार डॉलर दिए जाएंगे। होमलैंड सुरक्षा विभाग की प्रेस रिलीज के अनुसार इस ऑफर के अलावा टिकट का खर्च भी अमेरिकी सरकार वहन करेगी।” ट्रंप सरकार के मुताबिक जो अप्रवासी सीबीपी होम ऐप को यूज कर, दावा कर रहे हैं कि वे अपने देश लौट जाएंगे। उन सभी लोगों की गिरफ्तारी और निर्वासन पर ट्रंप प्रशासन जोर नहीं देगा।  अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये फंडिंग करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) प्लानिंग की है खैर, इस बीच होमलैंड सुरक्षा विभाग की सचिव क्रिस्टी नोएम ने इस बात की पुष्टि करते हुए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) कहा कि “अगर आप अवैध रूप से अमेरिका में हैं, तो गिरफ्तारी से बचकर खुद वापस चले जाना अमेरिका छोड़ने (leave America scheme) का सबसे अच्छा, सुरक्षित और किफायती तरीका है।” जानकारी के मुताबिक होमलैंड सुरक्षा विभाग ने इस तरह के अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये न सिर्फ फंडिंग करने बल्कि यात्रा खर्च में मदद करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की भी प्लानिंग कर रखी है। ट्रंप के मुख्य नीति और होमलैंड सुरक्षा विभाग के सलाहकार स्टीफन मिलर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की है। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) चुका है इस दौरान मिलर ने बताया कि “ट्रंप प्रशासन लगातार अवैध प्रवासियों पर नकेल कस (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) रहा है। अमेरिका विदेशियों के खिलाफ जो अभियान चला रहा है, उस पर एक बड़ी रकम खर्च की जा रही है।” गौरतलब हो कि बतौर राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी 100 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। अमेरिका अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा चुका है। गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी से अप्रैल के बीच तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल के दौरान 195000 लोगों को निर्वासित किया गया था। ट्रंप ने लाखों लोगों को निर्वासित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह संख्या बाइडेन प्रशासन की तुलना में कम है। Latest News in HindiToday Hindi news Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA #TrumpOffer, #ImmigrantExit, #LeaveUSAOffer, #USImmigrationPolicy, #TrumpImmigrants, #USAExitProgram, #1000DollarOffer, #ImmigrationDebate, #TrumpNews, #ImmigrantRelocation

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Caste census revolt

Caste census sparks internal revolt in Congress: जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस में फूट, अगड़े नेताओं ने की राहुल गांधी के खिलाफ बगावत

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) के नेता राहुल गाँधी ने जातिगत जनगणना (Caste census) के मुद्दे को बड़े जोर-शोर उठाया था। यही नहीं, इस मुद्दे के सहारे बीजेपी पर दबाव भी बनाया था। वैसे भी कांग्रेस लंबे समय से जाति जनगणना की मांग कर रही थी। खैर, बाद में अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जातिगत जनगणना कराने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। कहने की जरूरत नहीं, मोदी सरकार का यह फैसला देश में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकता है। यह तो ठीक, लेकिन इसने सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी दोनों के अंदर ही बेचैनी पैदा कर दी है। मजे की बात यह कि इस फैसले को लेकर दोनों दलों के नेताओं की अलग-अलग राय सामने आई है। कई नेता ऐसे भी हैं जो सवाल भी उठा (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे हैं। विशेषकर अगड़ी जातियों के नेताओं में इस बात की चिंता है कि इससे उनकी राजनीतिक ताकत कम हो सकती है। जानकारी के मुताबिक इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने इस बाबत एक विस्तृत रिपोर्ट छापी है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस फैसले से कांग्रेस पार्टी के भीतर की फूट पड़ गई है।  कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे नदारद  कांग्रेस पार्टी (Congress) में फूट का आलम यह है कि हाल में हुई कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता नदारद (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि ये नेता जाति जनगणना (Caste census) के पक्ष में नहीं हैं। जाति सर्वेक्षण की इन रिपोर्टों के मुताबिक अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी कहीं ज्यादा अधिक है। दरअसल, उनका कहना है कि “उन्हें डर है कि अगर जाति के आंकड़े सामने आए तो उनकी आबादी की तुलना में उनकी सियासी ताकत ज्यादा होने की बात उजागर हो जाएगी। जिससे उनका प्रभाव कम हो सकता है। बता दें कि तेलंगाना और बिहार में हाल ही में हुई जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट से यह बात उजागर हुई है कि गैर-पिछड़ी जातियां को इनमें अन्य जातियां या सामान्य वर्ग की कैटगरी में रखा गया है। आंकड़ों की माने तो इन राज्यों में इनकी आबादी सिर्फ 15 फीसदी हैं। ऐसे में यहाँ बड़ा सवाल यह कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ इसी तरह आंकड़े आते हैं, तो भविष्य में ऊपरी जातियों का प्रभाव कम हो सकता है। खैर, कांग्रेस के एक नेता ने राहुल गाँधी को चेतावनी देते हुए कहा कि “राहुल गांधी को वीपी सिंह का उदाहरण याद रखना चाहिए। वीपी सिंह ने मंडल कमीशन लागू किया लेकिन ओबीसी समुदाय ने उन्हें कभी अपना नेता नहीं माना क्योंकि वे राजपूत थे।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी है इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष  कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष की भावना बनी हुई है। हालांकि पार्टी ने साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि वह उस साल जाति जनगणना (Caste census) नहीं करेगी। अब इस फैसले को लेकर बीजेपी के अपने ही कुछ नेता सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि “पार्टी हमेशा से हिंदू एकता की बात करती रही है और जातिगत भेदभाव को खत्म करने की वकालत करती रही है। ऐसे में जाति जनगणना का समर्थन करना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ लगता है।” यही नहीं उत्तर प्रदेश के एक बीजेपी नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “हमसे कहा जाता है कि वैश्विक नेतृत्व और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) की बात करें। एक हैं तो सेफ हैं जैसे नारे दें, देश को तोड़ने वाली साजिशों का विरोध करें, लेकिन अब हमें जाति जनगणना का समर्थन करना पड़ रहा है।” यही नहीं, बीजेपी के कई नेताओं को तो यह भी डर है कि कहीं कांग्रेस का यह आरोप सच न साबित हो जाये कि बीजेपी उनके विचारों को कॉपी कर रही है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Caste census sparks internal revolt in Congress #CasteCensus #CongressRift #RahulGandhi #PoliticalCrisis #IndianPolitics #UpperCasteLeaders #CongressNews #CastePolitics #CongressSplit #BharatJodo

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Hyderabad playoff hopes

Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes: बारिश ने हैदराबाद की उम्मीदों पर फेरा पानी, प्लेऑफ की रेस से हुई बाहर 

5 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 55वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया यह मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। दरअसल, बारिश के कारण दूसरी पारी में एक भी गेंद नहीं डाली जा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) सकी। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिले। इससे बड़ा नुकसान दिल्ली कैपिटल्स को हुआ। मैच जीत कर प्लेऑफ की राह आसान बनाने के सपने देख रही दिल्ली कैपिटल्स  को तगड़ा झटका लगा है। अब उसे प्लेऑफ के लिए और कड़ी मेहनत करनी होगी। खै र, बात करें  मुकाबले की तो टॉस जीतकर सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की शुरुआत बड़ी ख़राब रही। उनकी बल्लेबाजी ऐसी कि छह ओवर के पॉवरप्ले में दिल्ली ने 26 रन जोड़कर अपने चार विकेट गंवा दिए। पैट कमिंस ने पहले तीन ओवरों की पहली गेंद पर एक-एक कर तीन विकेट चटकाए।  बारिश ने न सिर्फ मैच का मजा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) किरकिरा किया बल्कि हैदराबाद को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया कमिंस ने मैच की पहली ही गेंद पर करुण नायर को चलता किया। फिर अगले दो ओवरों की पहली गेंदों पर फाफ डुप्लेसी और अभिषेक पोरेल को पवेलियन भेजा। तो कप्तान अक्षर पटेल को हर्षल पटेल ने छठे ओवर में आउट किया। दिल्ली की लड़खड़ाती पारी को संभाला आशुतोष और ट्रिस्टन स्टब्स ने। दोनों के बीच हुई अर्धशतकीय साझेदारी ने दिल्ली 137 रन के स्कोर पर पहुंचा दिया। ट्रिस्टन 36 गेंदों पर चार चौके लगाते हुए 41 रन बनाकर नाबाद रहे। तो वहीं आशुतोष ने 26 गेंदों पर 41 रन में दो चौके और तीन छक्के जड़े। इस तरह दोनों संभलकर खेलते हुए दिल्ली का स्कोर 137 तक पहुंचा दिया। इससे पहले कि सनराइजर्स हैदराबाद बैटिंग कर पाती, बारिश ने मैच का मजा ही किरकिरा कर दिया। न सिर्फ मैच का मजा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) किरकिरा किया बल्कि हैदराबाद को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया।  इसे भी पढ़ें:- मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स हैदराबाद ने टेके घुटने मुकाबला रद्द होने की वजह से दोनों टीमों (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) को 1-1 अंक बांट दिए गए   कहने की जरूरत बारिश की वजह से हैदराबाद को काफी नुकसान (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) हुआ है। दरअसल, हैदराबाद को किसी भी सूरत में यह मैच जीतना ही था। मुकाबला रद्द होने की वजह से दोनों टीमों को 1-1 अंक बांट दिए गए। यह तो ठीक लेकिन  हैदराबाद के लिए ये 1 अंक काफी नहीं थे। कुलमिलाकर बारिश और कम अंक की वजह से टीम को प्लेऑफ से बाहर होना पड़ गया। बता दें कि प्लेऑफ की रेस से अब तक तीन टीमें बाहर हो चुकी हैं। जिसमें पहली चेन्नई सुपर किंग्स, दूसरी राजस्थान रॉयल्स और तीसरी सनराइजर्स हैदराबाद। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए टीम को लगभग 17 अंक की जरूरत है। गौरतलब हो कि सनराइजर्स हैदराबाद सात अंकों के साथ प्वाइंट टेबल पर आठवें स्थान पर है तो वहीं 13 अंकों के साथ दिल्ली कैपिटल्स पांचवें स्थान पर है।  17 अंक के हिसाब से देखें तो अब लखनऊ का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना केवल सपना ही रह जाएगा। अगर 17 अंक प्लेऑफ का दायरा सेट करता है तो ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ भी बाहर ही हो जाएगी, क्योंकि टीम के केवल 10 अंक है और उनके पास मैच केवल तीन बचे हैं, ऐसे में अगर टीम अपने तीनों मैच जीत भी जाती है तो भी उनके केवल 16 ही अंक होंगे। हालांकि, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes #ipl2025 #sunrisershyderabad #srh #iplnews #iplupdates #rainspoilsplay #iplplayoffs #iplcricket #cricketnews #iplhighlights #cricketupdates #iplmatch2025 #iplbuzz #iplrainimpact #hyderabadcricket

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Putin supports Modi

Putin Supports Modi After Pahalgam Attack: पहलगाम हमले के बाद रूसी व्लादिमीर पुतिन ने की पीएम मोदी से बात, कहा- “दोषियों को हर हाल में मिले सजा”

22 अप्रैल आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमला कर दिया था। जिसमें 26 लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। इस पहले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया जा रहा है। बैसरन घाटी में हुए इस कायराना हमले के बाद से भारत और पकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। हमले 13 दिन बाद भी लोगों को उम्मीद है कि भारत इस हमले का माकूल जवाब देगा। इस बीच तनातनी के बीच गौर करने वाली बात यह कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) किया। और भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने न सिर्फ निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूरा समर्थन देने की बात भी कही। इसा दौरान पुतिन ने जोर देते हुए कहा कि “इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”  प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) दीं शुभकामनाएं  इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बाबत अधिक जानकारी देते हुए कहा कि “दोनों नेताओं ने भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack)  शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस साल के अंत में भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।” बता दें कि इससे पहले आज यानी सोमवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री नकातानी के बीच भी एक बैठक हुई। खबर के मुतबिक इस बैठक में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने को लेकर चर्चा की है। गौर करने वाली बात यह कि बीते 6 महीने में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की ये दूसरी बैठक है। इसे भी पढ़ें:- ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत और जापान के रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर लिखा (Russian President Vladimir Putin) कि “नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी सैन से मिलकर खुशी हुई। भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है। बैठक के दौरान हमने रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने सभी रूपों में आतंकवाद की निंदा की और सीमा पार खतरों का मुकाबला करने के लिए सहयोग और प्रयास को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।” Latest News in HindiToday Hindi news Russian President Vladimir Putin #PutinSupportsModi #PahalgamAttack #ModiPutinTalk #IndiaRussiaTies #KashmirTerror #PutinStatement #PahalgamNews #ModiNews #TerrorAttackIndia #GlobalSupportIndia

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President Trump announces a 100% tariff on all foreign-made films

Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films: राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने की अमेरिका के बाहर बनने वाली सभी फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने टैरिफ वॉर के चलते  समूची दुनिया को सकते में डाल दिया है। इसे ट्रंप की मनमानी कहें या कुछ और, बेशक उनके इस फैसले से सभी सकते में हैं। इसी कड़ी में ट्रम्प ने संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर निर्मित फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का एलान किया है। उन्‍होंने विदेशी फिल्मों को हॉलीवुड के लिए खतरा बताया और इसे राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए लिया गया अहम निर्णय बताया है। ट्रंप ने कहा कि “हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं। वो चाहते हैं फिर से अमेरिका में ही फिल्में बनें।” कहने की जरूरत नहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद फिल्म इंडस्ट्री से लोग काफी नाराज हैं। लोग न सिर्फ नाराज हैं बल्कि जमकर आलोचना भी कर रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस कदम को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी बताया। ट्रंप का मानना है कि अन्य देशों में फिल्मों की शूटिंग को दी जा रही छूट की वजह से अमेरिकी फिल्म उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।  अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हो रहा है इस पूरे मामले पर ट्रंप (Donald Trump) का कहना है कि “अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म हो रहा है, जो अन्य देश अमेरिकी फिल्म निर्माताओं को लुभाने के लिए दे रहे (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हैं। इसके मद्देनजर ये फैसला लिया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि “यह अन्य देशों की तरफ से किया गया एक ठोस प्रयास है और इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं।’ यह बाकी सब चीजों के अलावा संदेश और प्रचार भी है।” उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि “वह संबंधित अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री को अधिकृत कर रहे हैं।” इसके अलावा ट्रंप ने एक और बड़ा चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा कि “वह सैन फ्रांसिस्को खाड़ी में स्थित अलकाट्राज़ जेल को फिर से खोलने की योजना पर काम कर रहे हैं।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) बनें यही नहीं, ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि “हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में बनें।” इसके बाद वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि “हम इस पर काम कर रहे हैं। न तो लुटनिक और न ही ट्रम्प ने इसके बारे में कोई ज्यादा डिटेल दी है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि यह कदम विदेशी या अमेरिकी उत्पादन कंपनियों को लक्षित करेगा, जो विदेशों में फिल्में बनाती हैं।” गौर करने वाली बात यह कि लॉस एंजिल्स में फिल्म और टेलीविजन उत्पादन में पिछले दशक में लगभग 40% की गिरावट आ गई है। खैर, ट्रंप ने घरेलू फिल्म प्रोडक्शन पर लौटने की जरूरत पर फोकस करते हुए कहा कि “हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनाई जाएं।” दरअसल, नए टैरिफ (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का मकसद खेल के मैदान को लेवल में लाना और स्टूडियो को अमेरिकी धरती पर अपना ऑपरेशन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।” Latest News in HindiToday Hindi news Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films #TrumpTariff #ForeignFilms #MovieBan #USFilmIndustry #HollywoodNews #TariffPolicy #FilmTax #TrumpNews #CinemaWar #EntertainmentNews

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Wife control trick: तांत्रिक ने पत्नियों को वश में करने की बताई ऐसी ट्रिक कि जंगल में पतियों ने किया ऐसा कांड, हो गई जेल

यूपी के मेरठ में जब से ड्रम कांड हुआ है तब से कहने की जरूरत नहीं है कि देश भर के तमाम पतियों के मन में भय का माहौल है। लोकबाग इस कदर डरे हुए हैं कि इससे निजात पाने के लिए तरह-तरह के तिकड़म खोजने में लगे हैं। कोई बेवजह पत्नियों से बहस करने से बच रहा है, तो कोई तंत्र-मत्र का सहारा ले रहा है। पत्नियों पर काबू पाया जा (Wife control trick) सके इसलिए लोग ओझा और तंत्रिकों की शरण में भी जाने लगे हैं। इसी तरह का एक मामला मध्यप्रदेश के सिवनी से प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक सिवनी से ऐसी अजीबो-गरीब खबर सामने आई है, जिसे जानकर सभी लोग दंग रह गए हैं। दरअसल, यहाँ दो ऐसे होनहार पति थे जो किसी भी तरह से पत्नियों को अपनी मुट्ठी में रखना चाहते थे। इस हेतु वो कई तरह के उपाय खोज रहे थे। इस बीच उन्हें एक ऐसे तांत्रिक का पता चला, जो पत्नियों को काबू में रखने का दावा करता था। फिर क्या था, दोनों बड़ी उम्मीद के साथ तांत्रिक के पास जा पहुंचे। उन्होंने तांत्रिक से पत्नियों को वश में करने की बात कही। तांत्रिक भी कम नहीं था। उसने दोनों को झांसे में लेते हुए कुछ ऐसा करने को कहा कि दोनों सीधे तांत्रिक के घर से निकलकर जंगल का रुख कर लिए। मजे की बात यह कि पत्नियां कंट्रोल में हुईं कि नहीं, ये तो नहीं पता। लेकिन हां, दोनों को जेल जरूर हो गई।  जो कहानी सुनाई उसे सुनकर (Wife control trick) न सिर्फ पुलिस वाले बल्कि वन विभाग के अधिकारी भी रह गए सन्न   दरअसल, 26 अप्रैल 2025 को सिवनी जिले स्थित पेंच टाइगर रिजर्व एरिया में एक बाघिन का शव मिला था। जांच में बाघिन की मौत स्वाभाविक होने की बात पता चली। लेकिन हैरान करने वाली बात यह कि बाघिन के पंजे काटे गए थे। नुकीले दांत निकाले गए थे। यही नहीं, खाल भी उतार ली गई थी। इस बात की जानकारी होते ही वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की। इस दौरान उन्होंने अपने मुखबिरों को सक्रिय कर दिया। तभी इस बीच एक मुखबिर से पता चला कि इस वारदात में कुल पांच लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली। जिनके नाम क्रमशः राज कुमार, छबि लाल, रत्नेश पार्टे, झाम सिंह और मनीष उइके हैं। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को पकड़कर जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई तो राज और झाम नाम के दो आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उन्होंने जो कहानी सुनाई उसे सुनकर (Wife control trick) न सिर्फ पुलिस वाले बल्कि वन विभाग के अधिकारी भी सन्न रह गए।  इसे भी पढ़ें:- ईंट की खराब क्वालिटी बनी हत्या की वजह, सीतामढ़ी में मजदूर की दर्दनाक मौत पत्नियों को कंट्रोल करने (Wife control trick) के लिए घटना को दिया अंजाम दोनों आरोपियों ने अपने कबूलनामे में बताया कि उन्होंने अपनी पत्नियों को कंट्रोल करने (Wife control trick) के लिए ये इस घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने आगे बताया कि उनसे एक तांत्रिक ने कहा था कि “बाघ के पंजों और दांतों से तंत्र करने पर ऐसी शक्ति मिलती है, जिससे पत्नी को वश में किया जा सकता है।” फिर जब वो दांत और पंजे लेकर आए तो तांत्रिक ने उनसे बाघ की खाल भी लाने की मांग की। तांत्रिक के कहने पर वो पुनः जंगल गए। जहाँ उन्हें किसी ने देख लिया और अंततः वो पकड़े गए। जानकारी के मुताबिक इस कांड में तीन लोगों ने उनका साथ दिया था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों सहित उनका साथ देने वाले उनके तीनों साथियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है। सभी के खिलाफ वन अधिनियम और बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Wife control trick #TantrikTrick #WifeControl #Vashikaran #BlackMagic #JungleIncident #HusbandsArrested #ViralNews #IndianSuperstition #TantraScandal #WeirdNews

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Mamata Banerjee Murshidabad visit

Murshidabad visit: ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो दिवसीय दौरे (Murshidabad visit) पर मुर्शिदाबाद जाने वाली हैं। उनके दौरे से ठीक पहले एक नया बखेड़ा शुरू हो गया है। दरअसल, 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में नए वक्फ कानून को लेकर भड़की हिंसा में पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई थी। समसेरगंज में हुई हिंसा के दौरान मारे गए पिता-पुत्र हरगोबिंद दास और चंदन दास के परिवार ने मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। जानकारी के मुताबिक परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजीआई) संजीव खन्ना के साथ-साथ कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणम और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर पुलिस की शिकायत की है। उन्होंने पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो परिवार का कहना है कि “पुलिस (Murshidabad Police) ने दरवाजा तोड़कर घर में घुसकर उन्हें डराया-धमकाया।” बता दें कि परिवार ने अपनी शिकायत में लिखा कि “हमने पुलिस को लिखित बयान दिया था कि हम अपनी मर्जी से कोलकाता आए हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। इसके बावजूद, इंस्पेक्टर-इन-चार्ज शंकर नारायण साहा, माणिक मंडल, कौशिक घोष, राकेश राय, बबलू दास और चैतन्य दास ने हमें डराने की कोशिश की। हम इस घटना से डरे और सदमे में हैं।” पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके (Murshidabad visit) साथ बदसलूकी की- पीड़ित परिवार  खैर, मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) ने इन आरोपों (Murshidabad visit) को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “वे सॉल्ट लेक में दास परिवार के ठिकाने पर इसलिए गए थे, क्योंकि परिवार के एक सदस्य ने लिखित शिकायत दी थी कि दास परिवार का अपहरण कर लिया गया है।” तो वहीं एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि “हमने अपहरण की शिकायत के आधार पर सॉल्ट लेक में बीजेपी कार्यकर्ता के घर का दौरा किया। हम परिवार से बात करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया।” हालाँकि पुलिस की इस सफाई पर पीड़ित परिवार का कहना है कि “पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके साथ बदसलूकी की।” बता दें कि दास परिवार ने अपने पत्र में सीजीआई, हाईकोर्ट और राज्यपाल से सुरक्षा की विनंती की है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि “हम डर के साये में जी रहे हैं। पुलिस ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। हम केंद्र से केंद्रीय बलों की तैनाती और हाई कोर्ट तक सुरक्षित पहुँचने की व्यवस्था की माँग करते हैं, ताकि हमें संविधान के तहत न्याय मिल सके।” इसे भी पढ़ें:-  RJD नेता तेजस्वी यादव ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  घटना की सूचना मिलते ही बीजेपी के कई नेता सॉल्ट लेक पहुंच गए। इस बीच बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी नेताओं ने पुलिस पर ममता बनर्जी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। यही नहीं, उन्होंने दास परिवार को एक अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया। यहाँ गौर करने वाली बात ये कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब ममता बनर्जी आज मुर्शिदाबाद का दौरा (Murshidabad visit) करने वाली हैं। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि दास परिवार की शिकायत ने उनके दौरे से पहले एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ममता ने पहले ही कहा था कि “वह वक्फ एक्ट को लेकर हुई हिंसा की स्थिति का जायजा लेने के लिए मई के पहले हफ्ते में मुर्शिदाबाद जाएंगी।” इस बीच उन्होंने यह भी दावा किया था कि “हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं।”  Latest News in HindiToday Hindi news Murshidabad Police #MamataBanerjee #Murshidabad #HinduFamily #PoliceComplaint #CJI #WestBengalNews #BengalPolitics #MamataVisit #LawAndOrder #BreakingNews

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