Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission

बिहार में बंपर भर्ती: बिहार में असिस्टेंट इंजीनियर के 1000+ पदों पर आवेदन शुरू

असिस्टेंट इंजीनियर (Assistant Engineer) एक ऐसी पोस्ट है, जिसमें टेक्निक और मैनेजमेंट स्किल की जरूरत होती है। अगर आप टेक्निकल प्रोब्लेम्स को सॉल्व करने और प्रोजेक्ट्स के विकास में रूचि रखते हैं तो असिस्टेंट इंजीनियर जॉब आपके लिए उपयुक्त रहेगी। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (Bihar Public Service Commission) ने असिस्टेंट इंजीनियर (Assistant Engineer) के लिए पोस्ट्स निकाली हैं। यह भर्ती 1024 पोस्ट्स के लिए की जा रही है। इन पोस्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 30 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और इच्छुक कैंडिडेट 28 मई तक रजिस्टर कर सकते हैं। अगर आप भी अप्लाई करना चाहते हैं, तो देर न करें। आइए जानें बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission) के बारे में।  बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission): पाएं जानकारी इस पोस्ट्स के लिए ऑनलाइन आसानी से अप्लाई कर सकते हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें। इसके लिए निम्नलिखित पोस्ट्स निकाली गई हैं: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission): एलिजिबिलिटी इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने के लिए इच्छुक कैंडिडेट के पास सिविल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री होना जरूरी है। यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय या एआईसीटीई द्वारा एप्रूव्ड इंस्टिट्यूट से ही की होनी चाहिए। इसके अलाई किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से नियमित रूप से की जाने वाले टेक्निकल कोर्स की डिग्री भी मान्य होगी। आयु सीमा बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission) के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 साल है जबकि अधिकतम आयु पुरुषों की 37 साल है और महिलाओं की 40 साल है। आरक्षित वर्गों को इसमें कुछ छूट दी गई है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें। इसे भी पढ़े: बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन कैसे करें अप्लाई? बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission) के लिए आप इस तरह से आसानी से अप्लाई कर सकते हैं:  अगर बात की जाए असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts) की फीस के बारे में, तो जनरल कैंडिडेट के लिए यह फीस 750 रुपए है जबकि एससी, एसटी, बिहार की फेमल कैंडिडेट्स आदि के लिए यह शुक्ल केवल 200 रुपए है। अन्य कैंडिडेट्स के लिए यह शुक्ल 750 रुपए है। इच्छुक कैंडिडेट 28 मई से पहले अप्लाई करना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Public Service Commission #AssistantEngineerPosts #BiharPublicServiceCommission  #AssistantEngineer  #AssistantEngineerPostsreleasedbyBiharPublicServiceCommission

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World Immunization Week

World Immunization Week: इस वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक जानें बच्चों के लिए कौन सी वैक्सीन्स हैं जरूरी?

इम्यूनाइजेशन यानी प्रतिरक्षीकरण उस प्रोसेस को कहा जाता है, जिसमें वैक्सीन (Vaccine) के माध्यम से व्यक्ति किसी रोग के प्रति रेजिस्टेंस बन सकता है। यानी, इससे रोगों से बचाव में मदद मिलती है। वैक्सीन (Vaccine) से शरीर का इम्यून सिस्टम को स्टिमुलेट किया जा सकता है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के इन्फेक्शन्स और रोगों से बचाव हो सके। हर साल 24 अप्रैल से 30 अप्रैल को वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) के रूप में मनाया जाता है ताकि लोगों को टीकाकरण के बारे में बताया जा सके। इससे लोगों को गंभीर बीमारियों से बचने में मदद मिलेगी। आइए जानें वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) के बारे में और अधिक। यह भी जानें कि बच्चों को कौन सी वैक्सीन्स लगवानी चाहिए (Which vaccines should children get)?  वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) की थीम  इस साल वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) की थीम है  “सभी के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) मानवीय रूप से संभव है’। इस थीम के माध्यम से वैक्सीनेशन (Vaccination) के महत्व और प्रयासों को हाईलाइट किया गया है। वैक्सीनेशन (Vaccination) से बीमारियों से बचाव और जीवन को बचाने में मदद मिली है। इससे यह संदेश भी मिलता है कि हर व्यक्ति चाहे वो किसी भी उम्र का हो, वैक्सीनेशन (Vaccination) करा सकता है। बच्चों को कौन सी वैक्सीन्स लगवानी चाहिए (Which vaccines should children get)? डब्ल्यूएचओ (WHO) का कहना है की हर साल अप्रैल के अंतिम हफ्ते में इस दिन को मनाने का उद्देश्य है वैक्सीन (Vaccine) के इस्तेमाल को बढ़ाना देना ताकि हर उम्र के लोग बीमारियों से बच सकें। जानिए बच्चों को कौन सी वैक्सीन्स लगवानी चाहिए (Which vaccines should children get)? जन्म के बाद शिशु के जन्म लेते ही उसे बैसिलस कैलमेट-गुएरिन, ओरल पोलियो वैक्सीन और हेपेटाइटिस बी बर्थ डोज दी जाती है। 6 हफ्ते की उम्र के शिशु 6  हफ्ते की उम्र के शिशु को ओरल पोलियो वैक्सीन, पेंटावेलेंट, रोटावायरस वैक्सीन, न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन और इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन दी जाती है। 10 हफ्ते के उम्र के शिशु इस उम्र के शिशु को पेंटावलेंट की दूसरी डोज, ओरल पोलियो वैक्सीन (Vaccine) की तीसरी डोज और रोटावायरस की दूसरी डोज दी जाती है। 14 हफ्ते के उम्र के शिशु 14 हफ्ते के शिशु को पेंटावलेंट की अंतिम डोज के साथ ही ओरल पोलियो वैक्सीन की अंतिम डोज और न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (Vaccine) की डोज दी जाती है। इसके साथ ही इनएक्टिव पोलियो वैक्सीन की अंतिम डोज भी इसी उम्र में दी जाती है। 9-12 महीने के शिशु इस उम्र के शिशु को मीसल्स और रूबेला के साथ न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन का बूस्टर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें जापानी इंसेफेलाइटिस की डोज भी दी जाती है। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? 16-24 महीने के शिशु इस उम्र के शिशु को मीसल्स और रूबेला की दूसरी डोज, जापानी इंसेफेलाइटिस की अंतिम डोज, डीपीटी (DPT) यानी डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस (काली खांसी) का बूस्टर और ओरल पोलियो वैक्सीन का बूस्टर दिया जाता है। यह तो थी बच्चों में वैक्सीन (Vaccine) की लिस्ट और वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) के बारे में जानकारी। इसके साथ ही कुछ अन्य वैक्सीन्स भी हैं जो बच्चों को लगवानी चाहिए। इसके बारे में आप अपने डॉक्टर से बात करें और सलाह लें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi World Immunization week #Whichvaccinesshouldchildrenget #Vaccination #vaccine #WorldImmunizationweek

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ACB Files Case Against Sisodia & Jain

ACB Files Case Against Sisodia & Jain : एंटी करफ्शन ब्यूरो ने मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ करोड़ों रूपये के घोटाले का मामला किया दर्ज

आप आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन एक बार फिर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। एक बार फिर उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पूर्व आप मंत्रियों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ नया मामला दर्ज किया (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है। एसीबी (ACB) ने मंत्रियों के खिलाफ स्कूलों में कक्षों के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि आप सरकार के दौरान इन्होने 12,000 से अधिक कक्षाओं और स्कूल भवनों के निर्माण में जरूरत से अधिक धन खर्च किए। इसमें 2000 करोड़ रुपये धन की अनियिमतता पाई गई है। बहुत मुमकिन है कि ऐसे में अब मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ फिर से नया मामला खुलने पर फिर से संकट खड़ा हो सकता है। कक्ष निर्माण बनाने की लागत करीब 5 गुना अधिक हो गई (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है बता दें कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान शिक्षा विभाग डिप्टी सीए्म मनीष सिसोदिया के अधीन था। यही नहीं, सत्येंद्र जैन पीडब्ल्यूडी के प्रभारी मंत्री थे, जो सरकारी एजेंसी है जो ऐसे निर्माण कार्य करती हैं। दरअसल यह मामला दिल्ली के सरकारी स्कूलों के लिए 12,748 कक्षाओं और भवनों के निर्माण से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य 34 ठेकेदारों को दिया गया था। उनमें से अधिकांश ठेकेदार आप पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। एसीबी ने ये भी आरोप लगाया कि निर्माण तय समय में पूरा नहीं हुआ जिससे लागत में भारी वृद्धि भी हुई। इस पूरे मामले परएसीबी ने बताया कि “भाजपा नेताओं द्वारा कक्ष निर्माण में घोटाले की शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले की जांच तब शुरू की गई।” बीजेपी नेताओं का आरोप था कि कक्ष निर्माण बनाने की लागत करीब 5 गुना अधिक हो गई (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है। ऐसे में निर्माण कार्य में धन की अनियमितता पाई गई। मामले की छानबीन शुरू की गई है।” इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले ही शराब नीति में घोटाले के (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) आरोप में चल रहा है केस  प्राप्त जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि एसपीएस निर्माण की लागत 2,292 रुपये प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई है, जो कंक्रीट से बने स्कूल भवनों के निर्माण की लागत 2044-2416 रुपये प्रति वर्ग फीट के बराबर है। यही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि “नए टेंडर लाए बिना ही प्रोजेक्ट की लागत में करीब 326 करोड़ रुपये की वृद्धि कर दी गई।” बता दें कि अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले ही शराब नीति में घोटाले के (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) आरोप में केस चल रहा है। फिलहाल ये तीनों ही जमानत पर रिहा हुए हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news ACB Files Case Against Sisodia & Jain #ManishSisodia #SatyendarJain #ACB #DelhiScam #CorruptionCase #ACBAction #ScamNews #DelhiPolitics #FIR #NewsUpdate

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Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam

Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam: पहलगाम हमले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को औकात दिखाते हुए कही यह बड़ी बात

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का अलग ही चेहरा देखने मिला है। मुस्लिमों की राजनीति करने के लिए जाने जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की इस हमले के बाद बतौर एक राष्ट्रवादी नेता वाली छवि बनकर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) आई है। पहलगाम हमले के बाद से ओवैसी इस कदर नाराज हैं कि वो पाकिस्तान को पानी पी पीकर कोस रहे हैं। गौर करने वाली बात यह कि वो अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नापाक को इरादों की पोल खोलकर रख दी है। जिस तरह से आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म और नाम पूछकर बेरहमी से मारा है। इसे लेकर ओवैसी काफी क्रोध में हैं। उन्होंने पाकिस्तान की तुलना आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) से कर दी है। गौर करने वाली बात यह कई वो न सिर्फ पाकिस्तान पर हमलावर हैं बल्कि पाकिस्तानी नेताओं के बेशर्म बयानों का करारा जवाब भी दे रहे हैं।  पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है नाकाम  कहने की जरूरत नहीं, जिस तरह असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को अपने निशाने लिया है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि उन्होंने पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है। बड़ी बात तो यह कि उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को हैरान कर दिया है। पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ओवैसी इस तरह मुखर होकर पाकिस्तान का विरोध करेंगे। दरअसल, ओवैसी देश की मुस्लिम सियासत का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। सड़क से संसद तक वो मुसलमानों की आवाज को बुलंद करते रहते हैं। मुद्दा चाहे वो बाबरी मस्जिद का रहा हो, या फिर तीन तलाक का, या फिर मुद्दा चाहे लव जिहाद का हो या सीएए और एनआरसी का, उन्होंने हर मुद्दे पर खुलकर मुखालफत की है। उनके गुस्से को कौन भूल सकता है जब उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान बिल की कॉपी को फाड़कर अपने गुस्से का इजहार किया था।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें कामयाब  इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि पहलगाम में जिस तरह से आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा उसे देखकर लोगों का खून खौल रहा है। इस हमले के बाद ही ओवैसी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि “आईएसआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों का मकसद भारत में हिंदू-मुस्लिम विवाद कराना है। इसीलिए कश्मीर में गैर मुस्लिमों को निशाना बनाया गया।” इस बीच उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें कामयाब न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें।” पाकिस्तान को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “ये कुत्ते कमीने नाम और धर्म पूछकर निर्दोष लोगों को मार रहे थे, जहां इतने सारे टूरिस्ट थे, वहां सीआरपीएफ कैंप नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि “इन कमीनों-हरामजादों ने लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी।” आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान हुकूमत की नाजायज औलाद बताते हुए उन्होंने कहा कि “भारत के खिलाफ पाकिस्तान लंबे समय से आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा है, लेकिन अब इसे जड़ से मिटाने का समय आ गया है। इस तरह ओवैसी ने भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम करने की कवायद की और संकट की इस घड़ी में एक रहने का संदेश दिया, जो कि काबिलेतारीफ है। यही नहीं, ओवैसी भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान की पहचान से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। वो टू नेशन थ्योरी को भी खारिज कर चुके हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam #Owaisi #PahalgamAttack #Pakistan #NationalistOwaisi #IndianPolitics #Terrorism #BreakingNews #IndiaFirst #LatestNews #OwaisiSpeech

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BJP slams Congress

Ravalpindi Alliance: विवादित पोस्टर को लेकर इस भाजपा नेता ने कांग्रेस पर किया हमला, कहा “ये INDI नहीं, रावलपिंडी अलायंस है”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद से लोगों में भयंकर आक्रोश है। इस हमले के बाद पूरा देश एक सुर में आतंकियों और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। देश के अधिकतर दल प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं। सभी ने पीएम को हर निर्णय में साथ देने का आश्वासन दिया है। यह तो ठीक, लेकिन इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी का नाम लिए बगैर एक फोटो अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट की। पोस्ट की गई इस फोटो में एक शख्स का सिर गायब था। और सिर की जगह गायब लिखा हुआ था। इस पोस्ट के बाद लोग भड़क उठे। सोशल मीडिया पर किरकिरी होने के बाद कांग्रेस ने ट्वीट को डिलीट कर लिया। कांग्रेस ने भले ही इसे डिलीट कर दिया हो लेकिन अब इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस के गायब पोस्ट पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि “यह इंडी (INDI) गठबंधन नहीं है, यह रावलपिंडी (Ravalpindi Alliance) गठबंधन है। आज से हम इन्हें इंडी गठबंधन नहीं कहेंगे, हम इन्हें पिंडी गठबंधन कहेंगे। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता पाकिस्तानी मीडिया के हीरो हैं। मुझे लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब इस पिंडी गठबंधन के लोग पाकिस्तान में चुनाव लड़ेंगे।” हमारे स्वाभिमान और मनोबल से खेलने की कोशिश की (Ravalpindi Alliance) है भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि “पहलगाम में कश्मीर में आतंकी हमले के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का असली चेहरा देश के सामने बेनकाब हो रहा (Ravalpindi Alliance) है। धीरे-धीरे सच सामने आ रहा है। सर्वदलीय बैठक में कहते हैं कि हम सरकार के साथ हैं लेकिन जिस प्रकार पोस्टर कल कांग्रेस ने ट्वीट किया- सर तन से जुदा वाला पोस्टर, ये घृणित है। ये सोच-समझकर के किया गया है। दो तरह से बिल्डअप हो रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में कई बैठकें हो रही हैं। बाहर देशों के डिप्लोमैट्स से बात हो रही है। सभी देश आतंक से लड़ाई में भारत का समर्थन कर रहे हैं। सेना का मनोबल ऊंचा है। वहीं, दूसरा बिल्डअप ये हो रहा है कि पाकिस्तान को कैसे बचाया जाए और उन्हें क्लिन चिट दी जाए और पाकिस्तान के समर्थन में कैसे खड़ा हुआ जाए। ये किस तरह का पोस्टर था, पीएम मोदी के सिर को आपने गायब कर दिया। वह पूरे भारत को रिप्रेजेंट करते हैं। इन्होंने हमारे स्वाभिमान और मनोबल से खेलने की कोशिश की है।” इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला  ये देश अल्लाह के भरोसे चल रहा (Ravalpindi Alliance) है-शेख आमीन  यही नहीं, अपनी बात पर जोर देते हुए संबित पात्रा ने आगे कहा कि “कांग्रेस के सैफुद्दीन सोज कहते (Ravalpindi Alliance) हैं कि सिंधु समझौता पाकिस्तान की लाइफलाइन है और पानी बंद नहीं करना चाहिए। अगर पाकिस्तान कहे तो भारत को मान लेना चाहिए कि पहलगाम में उसने हमला नहीं कराया। राहुल गांधी के खास दोस्त शेख आमीन कहते हैं कि ये देश अल्लाह के भरोसे चल रहा है। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष पाकिस्तान को टेबल पर बैठकर बातचीत करने मांग कर रहे हैं। मणिशंकर अय्यर कह रहे हैं कि पहलगाम हमला एक मैनिफेस्टेशन है अनसुलझे सवालों का बंटवारे के समय। पूरा कश्मीर हमारा है और पीओके भी हमारा है। लेकिन कांग्रेस के मन में इस बात को लेकर संशय है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Ravalpindi Alliance #RavalpindiAlliance #INDIAlliance #BJPvsCongress #PoliticalRow #ControversialPoster #BJPStatement #CongressAttack #IndianPolitics #ModiVsOpposition #RavalpindiBlame

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Indian origin leaders Canada

Indian-origin leaders shine in Canada Elections: कनाडा के आम चुनाव में बजा भारतीयों का डंका,  24 भारतवंशियों समेत इन नेताओं ने मारी बाजी

कनाडा में हुए आम चुनाव (Canada Elections 2025) में भारी संख्या में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने बाजी (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) मारी है। जानकारी के मुताबिक कनाडा चुनाव में 24 भारतीय मूल के कनाडाई उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। जीतने वालों में अधिकतर उम्मीदवार पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तकरीबन 65 भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में ताल ठोका था। जिनमें से रिकॉर्ड 24 ने जीत हासिल की। बता दें कि चार साल पहले हुए चुनाव में 21 उम्मीदवार जीते थे। इस जीत की बड़ी बात यह कि भारतीय मूल के इस विजेताओं में इनोवेशन, साइंस और इंडस्ट्री मिनिस्टर अनीता आनंद भी शामिल हैं। उन्होंने ओकविले ईस्ट सीट पर जीत हासिल की। संभवतः इस जीत के बाद उन्हें कार्नी की नई कैबिनेट में उन्हें महत्वपूर्ण पद मिल जाए। कनाडा के संघीय चुनावों में गौर करने वाली बात यह कि न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता और खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को बर्नाबी सेंट्रल सीट पर करारी हार का सामना करना पड़ा और कनाडा में लिबरल की जीत हुई है।  भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) बढ़ रहा है कहने की जरूरत नहीं कनाडा के 2025 संघीय चुनाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) में 24 भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत यह बताती है कि भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव बढ़ रहा है। इस चुनाव में खास बात यह कि जस्टिन ट्रूडो का यार और खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा देने वाला जगमीत सिंह हार गया। मजे की बात यह कि इस चुनाव में (Canada Elections 2025) ट्रूडो सरकार में किंगमेकर बताने वाला खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह और उसकी पार्टी की करारी हार हुई है। बता दें कि खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के भारत विरोधी रुख के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक माना जाता है। और तो और ट्रूडो अपनी अल्पमत सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए जगमीत पर निर्भर थे। चूंकि जगमीत सिंह हार चुके हैं, तो ऐसे में उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी कनाडा में अप्रासंगिक हो गई है।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक एक नजर डालते हैं जीते (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) हुए भारतवंशियों पर   Latest News in HindiToday Hindi news  Canada Elections 2025 #CanadaElections2025 #IndianOriginLeaders #NRIinPolitics #CanadaPolitics #IndianDiaspora #PunjabiInCanada #CanadaElectionResults #DesiPower #IndianCanadians #GlobalIndians

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PM Modi Gives Army Free Hand Against Threats

PM Modi Gives Army Free Hand: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुई कायराना आतंकी हमले के बाद से देश भर रोष व्याप्त है। इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की पुष्टि भी हुई है। दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। इस बीच पाकिस्तान के भीतर भय का आलम यह है कि उसके रातों की नीदं उडी हुई है। नींद उड़ने की वजह यह कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सेनाओं को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की खुली छूट (PM Modi Gives Army Free Hand) दे दी है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख, नौसेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख शामिल थे। इस बैठक में न सिर्फ पहलगाम हमले की विस्तार से समीक्षा की गई बल्कि आतंकवाद के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा भी की गई। पीएम ने बैठक में दोहराया कि भारत का संकल्प आतंकवाद को पूरी तरह कुचलने का है। पीएम ने देश की सेनाओं की क्षमता और ताकत पर पूरा भरोसा जताया। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने हेते जरूरी कदम उठाने में (PM Modi Gives Army Free Hand) है सक्षम भारतीय सेना  बैठक के दौरान पीएम ने साफ कर दिया कि “सेना को जवाबी कार्रवाई का समय, लक्ष्य और तरीका तय करने की पूरी छूट है।” उन्होंने कहा कि “सेना आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए कोई भी जरूरी कदम उठाने में सक्षम (PM Modi Gives Army Free Hand) है।” प्रधानमंत्री ने साफ़ करते हुए कहा कि “सेना, नौसेना और वायुसेना को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने में किसी भी तरह की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।” इस बीच पीएम ने जोर देते हुए कहा कि “भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है और सेना इस खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए स्वतंत्र है।” उन्होंने सेना की क्षमता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि “देश को अपनी सेनाओं पर पूरा भरोसा है।” इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला जम्मू-कश्मीर में अपनी चौकसी बढ़ा दी (PM Modi Gives Army Free Hand) है कहा जा रहा है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमलेके बाद भारत ने अपनी खुफिया एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है और सीमा पार आतंकी ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। यही नहीं, सेना ने जम्मू-कश्मीर में अपनी चौकसी बढ़ा दी (PM Modi Gives Army Free Hand) है। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके अलावा खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों के खिलाफ लक्षित अभियान चलाए जाने की संभावना है। बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर और विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक इस बैठक के बाद कैबिनेट कमेटी ऑन नेशनल सिक्योरिटी की बैठक भी हो सकती है। इस बैठक में आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति को अंतिम रूप देने की बात कही जा रही है। कहने की जरूरत नहीं, भारत के इस कदम से आतंकिस्तान की हवाइयां उड़ी हुई हैं।  Latest News in HindiToday Hindi news PM Modi Gives Army Free Hand #PMModi #IndianArmy #PakistanTension #ModiOnSecurity #NationalSecurity #SurgicalStrike #ModiGovernment #MilitaryPower #DefensePolicy #IndiaFirst

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KKR vs DC 2025

KKRvsDC: कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली को दी 14 रनों से मात

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 48वां मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Rider) और दिल्ली कैपिटल्स (KKRvsDC) के बीच खेला गया। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस महामुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 14 रनों से मात दे दी। दरअसल, दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स के बल्लेबाजों ने उम्मीद के मुताबिक अपने बल्ले का जौहर दिखाया। अंगकृष रघुवंशी और रिंकू सिंह के बीच हुई अर्धशतकीय साझेदारी के बलबूते कोलकाता ने  9 विकेट के नुकसान पर 204 बनाए। रघुवंशी 3 चौके और 2 छक्कों की मदद से 32 गेंदों पर 44 रन बनाये तो वहीं रिंकू सिंह ने  तीन चौके और एक छक्के की मदद से 25 गेंद पर 36 रन बनाए। इस तरह रघुवंशी और रिंकू के बीच पांचवें विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी के चलते टीम 204 रनों स्कोर खड़ा करने में सफल रही।  205 रन का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी (KKRvsDC) नहीं रही दिल्ली की तरफ से तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने 43 रन देकर सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके। इसके अलावा अक्षर पटेल ने 27 रन देकर दो विकेट लिए। यही नहीं, लेग स्पिनर विप्रज निगम ने दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा, तो वहीं दुशमंथा चमीरा की झोली में एक विकेट आया। कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Rider) द्वारा दिए गए 205 रन का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कोलकाता के अनुकूल रॉय ने दूसरी गेंद पर अभिषेक पोरेल को आउट कर दिया। करुण नायर इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और वैभव अरोड़ा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। नायर ने 13 गेंदों पर 15 रन बनाए। केएल राहुल से उम्मीद थी कि वह एक बार फिर बड़ी पारी खेलेंगे जिसमें वह नाकाम रहे। डु प्लेसी के साथ रन लेने की जल्दबाजी में वह रन आउट हो गए। दिल्ली की ओर से फॉफ डुप्लेसी ने सबसे अधिक 62 रन (KKRvsDC) बनाए।  इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त दिल्ली को लगातार दो मुकाबलों में करना पड़ा है हार (KKRvsDC) का सामना  ख़राब तालमेल और बल्लेबाजी की वजह से दिल्ली को हार का सामना करना पड़ा। इस तरह दिल्ली कैपिटल्स की टीम महज 190 रन ही बना सकी। कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Rider) की तरफ से सुनील नरेन ने सबसे अधिक 3 विकेट झटके तो वहीं, वरुण चक्रवर्ती ने 2 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके अलावा अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा और आंद्रे रसेल ने एक-एक विकेट झटके। बता दें कि कोलकाता ने दिल्ली को हराकर इस सीजन की चौथी जीत दर्ज की है।अंक तालिका में इस समय वो 7वें स्थान पर हैं। वहीं दिल्ली की टीम 10 मैचों में 6 जीत के साथ चौथे नंबर पर है। गौर करने वाली बात यह कि दिल्ली को लगातार दो मुकाबलों में हार (KKRvsDC) का सामना करना पड़ा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 KKRvsDC #KKRvsDC #IPL2025 #KolkataKnightRiders #DelhiCapitals #IPLMatch #CricketNews #KKRWin #DCvsKKR #IPLHighlights #T20Cricket

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27 Arrested for Sedition in Assam: असम में पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान का समर्थन करने के आरोप में विधायक समेत 27 देशद्रोही गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश भर के लोगों में रोष व्याप्त है। एक तरफ लोग गुस्से में हैं तो दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे हैं जो इस संवेदनशील घड़ी में भी चंद वोटों के खातिर अपनी घटिया राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं। दरअसल, 24 अप्रैल को असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) विधायक अमीन-उल-इस्लाम को नागांव जिले के उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। जानकारी के मुताबिक एक वायरल वीडियो में विधायक ने पहलगाम हमले को केंद्र सरकार की साजिश बताते हुए इसे साल 2019 में हुए पुलवामा हमले से तुलना की। और तो और उन्होंने यह दावा भी किया कि ये हमले राजनीतिक लाभ के लिए करवाया गया है। पुलिस के मुताबिक उनके इस बयान को भड़काऊ और देशद्रोही माना गया। असम पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196 और 113(3) के तहत मामला (27 Arrested for Sedition in Assam) दर्ज किया है।  पाकिस्तान का समर्थन करने के आरोप में 27 लोगों को किया गया है गिरफ्तार (27 Arrested for Sedition in Assam)  प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामला दर्ज करने के बाद विधायक को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इसके साथ ही असम में पाकिस्तान का समर्थन करने या उसका बचाव करने के आरोप में 27 लोगों को गिरफ्तार (27 Arrested for Sedition in Assam) किया गया है। गिरफ्तार किये गए लोगोंपर पहलगाम ह।मले में पाकिस्तान और उसकी मिलीभगत का कथित तौर पर बचाव करने के आरोप में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब तक 27 देशद्रोही पकड़े गए हैं। इस बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा सोमवार रात तक का है।  हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि “असम पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जो सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे थे या पहलगाम हमले में उसकी भूमिका को सही ठहराने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से कई गिरफ्तारियां सोशल मीडिया पोस्ट्स के आधार पर की गईं। इनमें कथित तौर पर पाकिस्तान की तारीफ या हमले को जायज ठहराने की कोशिश की गई थी।” इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला जरूरत पड़ने पर की जाएगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई (27 Arrested for Sedition in Assam) जानकारी के मुताबिक शर्मा ने शनिवार को ही चेतावनी देते हुए कहा था कि “अगर जरूरत पड़ी तो गिरफ्तार लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की (27 Arrested for Sedition in Assam) जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दुश्मन देश हैं। जो लोग पाकिस्तान का समर्थन करते हैं, वे भारत की आत्मा के खिलाफ खड़े हैं।” यही नहीं, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को बताया कि “इन गिरफ्तारियों में एआईयूडीएफ के विधायक अमीन-उल-इस्लाम भी शामिल हैं।  इन पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू की गई। गौरतलब हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में आतंकवादियों के हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi news 27 Arrested for Sedition in Assam #AssamNews #SeditionCharges #PahalgamAttack #PakistanSupport #MLAArrested #AntiNational #BreakingNews #IndianPolitics #NationalSecurity #TerrorSupport

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Middle East pressure on Pakistan

ISI cover up: पाक पर बढ़ा सऊदी-यूएई का दबाव, आर्मी चीफ असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लगी आईएसआई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर सवालों के घेरे में घिरते जा रहे हैं। बड़ी बात यह वो अपने ही घर में घिरते जा रहे हैं। पाकिस्तान के लोगों को ऐसा लग रहा है कि “असीम मुनीर ने अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान को जंग के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले पर पाकिस्तानी मामलों के जानकर आफताब इकबाल का कहना है कि “पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार जनता का बड़ा हिस्सा सेना के खिलाफ दिख रहा है। आलम यह है कि मुनीर को बार-बार जनता से सेना का साथ देने की अपील करनी पड़ रही है।” दरअसल, असीम मुनीर ने हाल में हिन्दू-मुस्लिम और टू-नेशन थ्योरी से जुड़े कुछ ऐसे बयान दिए जिसकी वजह से दुनिया का ध्यान उनपर गया है। उनके इस बयान के बाद ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। बड़ी बात यह कि असीम मुनीर के बयान और पहलगाम हमले के तरीके में लिंक होने की बात कई विशेषज्ञ कह चुके है। ऐसे में आईएसआई (ISI cover up) सबूतों को मिटाने के लिए असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लग गई है।  पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का (ISI cover up) दिया गया है निर्देश  इस बीच पाकिस्‍तानी सेना के पूर्व अधिकारी आदिल राजा ने सोशल मीडिया पर अब एक नया दावा कर दिया है। आदिल के दावे के मुताबिक पहलगाम हमले का साजिशकर्ता खुद असीम मुनीर है। फिलहाल पाकिस्तान में इस हमले के सबूत मिटाने का काम चल रहा है। इस पूरे मामले पर आदिल राजा का कहना है कि “पाकिस्तान के खुफिया समुदाय के विश्वसनीय सूत्रों ने खुलासा किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासतौर से सऊदी अरब का पाक सेना और खुफिया एजेंसीआईएसआई पर भारी दवाब है। इसे देखते हुएआईएसआई प्रमुख असीम मलिक को पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का निर्देश (ISI cover up) दिया गया है, क्योंकि कथित तौर पर पहलगाम हमले की योजना आर्मी चीफ असीम मुनीर ने खुद बनाई थी।” हालाँकि आदिल राजा का यह भी दावा है कि “असीम मुनीर ने पहलगाम की साजिश रची क्योंकि उनको लगता था कि इस कदम से उनकी लोकप्रियता बढ़ जाएगी।” लेकिन हुआ इसका उल्टा। लोकप्रियता तो नहीं बढ़ी लेकिन हां, आईएसआई (ISI) पर पूरी दुनिया का दबाव बढ़ता जा रहा है।”  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से हैं खफा  गौर करने वाली बात यह कि अब तो सऊदी अरब जैसे देशों ने भी आईएसआई पर भारी दबाव डालन शुरू कर दिया है। बढ़ते दबाव के कारण ही पहलगाम की घटना से जुड़े सारे सबूतों को मिटाने (ISI cover up) के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,आईएसआई (ISI) के एक अधिकारी ने बताया कि असीम मुनीर किसी साइकोपैथ की तरह सोचते हैं। पहलगाम पर उन्होंने सोचा था कि इससे उनको जनता का समर्थन मिलेगा। लेकिन इसके उलट सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से खफा हैं। यही नहीं अब तो मुनीर को लेकर पाकिस्तान के दूसरे सहयोगी देशों में भी असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है। सहयोगी देश ही नहीं, पाकिस्तानी जनता खुद भी अपने आर्मी चीफ से नाराज है।   Latest News in Hindi Today Hindi news ISI cover up #ISICoverUp #AsimMunir #PakistanArmy #SaudiUAEPressure #ISIExposed #PakistanPolitics #MilitaryScandal #AsimMunirExposed #MiddleEastNews #GeoPolitics

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