President's Rule in India

President’s Rule in India: क्या आप जानते हैं  किस राज्य में लगा था पहली बार राष्ट्रपति शासन और क्या होता है इस दौरान?

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा और बवाल के बीच प्रदेश में लगातार राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग (President’s Rule in India) उठ रही है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 356 यानी राष्ट्रपति शासन लगाने हेतु याचिका भी दायर की गई है, जिसकी आज सुनवाई होनी है। इस याचिका में याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया है कि वह केंद्र सरकार को संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत राज्यपाल से राज्य की स्थिति पर रिपोर्ट मांगने का निर्देश दे। खैर, उक्त याचिका पर आज सुनवाई होनी है। बता दें कि किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन भारतीय राजनीति के संघीय ढांचे को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि संकट के समय भी उस राज्य में शासन स्थिर रहे। भारतीय संविधान के भाग XVIII में अनुच्छेद 355 से 357, साथ ही भाग XIX में अनुच्छेद 365 राष्ट्रपति शासन से संबंधित हैं। भारतीय न्याय संहिता के मुताबिक आर्टिकल 355 के तहत संघ का कर्तव्य होता है कि वह किसी भी राज्य में बाहरी आक्रमण या आंतरिक अशांति की स्थिति में सुरक्षा का काम करे।  इस सूरत में लगता है राष्ट्रपति शासन (President’s Rule in India) और इसके लगते ही राज्य का प्रशासन चला जाता है राज्यपाल के हाथों में  जानकारों की माने तो संविधान का अनुच्‍छेद-356 (President’s Rule in India) केंद्र सरकार को किसी भी राज्य सरकार को हटाकर प्रदेश का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का अधिकार देता है। किसी भी राज्य में संवैधानिक तंत्र नाकाम होने अथवा रुकावट पैदा होने पर राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। हालांकि इसके दो आधार हैं। पहला, जब कोई राज्‍य सरकार संविधान के मुताबिक शासन चलाने में सक्षम ना हो और दूसरा तब, जब राज्य सरकार केंद्र सरकार के निर्देशों को लागू करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई हो। ऐसे में उस राज्य में राष्‍ट्रपति शासन लागू होने के बाद राज्य की सभी शक्तियां राष्‍ट्रपति के पास चली जाती हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि राष्ट्रपति शासन लगने के बाद के बाद राज्य के मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट को तुरंत अपना पद छोड़ना पड़ता है यानी राज्य सरकार की महत्ता खत्म हो जाती है। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राज्य में कोई भी प्रशासनिक फैसला सरकार या सरकार का कोई मंत्री अथवा मुख्यमंत्री नहीं ले सकता। ऐसी सूरत में राज्य का प्रशासन राज्यपाल के हाथों में चला जाता है। इस दौरान राज्यपाल को यह सुनिश्चित करना होता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्रशासन सुचारू रूप से चले। राज्य के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी राज्यपाल और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं। इतना ही नहीं सभी योजनाओं और कार्यक्रमों को भी केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद लागू किया जाता है। इसे भी पढ़ें:–  महाराष्ट्र के अकोला में इस वजह से लोग ‘नीले ड्रमों’ में लगा रहें हैं ताला, युवाओं की नहीं हो रही शादियां 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल अबतक 134 बार लग चुका है (President’s Rule in India) राष्ट्रपति शासन बता दें कि साल 1950 में संविधान लागू हुआ था। और संविधान लागू होने के करीब 17 महीने बाद राष्ट्रपति शासन का पहली बार प्रयोग 20 जून 1951 को पंजाब सरकार के खिलाफ हुआ था। इसके साथ ही देश में पहली बार पंजाब में राष्ट्रपति शासन (President’s Rule in India) लगाया गया था। वर्तमान में मणिपुर में सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू लगाया गया है। आकड़ों की माने तो अबतक देश के कुल 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 134 बार राष्ट्रपति शासन लगाया जा चुका है। आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में सबसे अधिक बार राष्ट्रपति शासन मणिपुर में लगाया गया है। मणिपुर में अबतक 11 बार राष्ट्रपति शासन लगा है। दूसरा नंबर है यूपी का, जहां 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news President’s Rule in India #PresidentsRule #Article356 #IndianConstitution #EmergencyRule #GovernanceIndia #StatePolitics #IndianPolitics #FirstPresidentsRule #LegalProvisions #PoliticalCrisis

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JD Vance Receives Royal Welcome in Rajasthan Visit

JD Vance Rajasthan visit: राजस्थान का शाही वेलकम देख गदगद हुए जेडी वेंस, हाथियों ने दी सलामी

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस चार दिन की भारत यात्रा पर हैं। इस बीच उप राष्ट्रपति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ जयपुर (JD Vance Rajasthan visit) पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्हें रेड कारपेट पर ले जाया गया। उनका राजस्थानी परंपरा से अभिनंदन किया। वे सीधे रामबाग पैलेस होटल गए, जहां उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया और रात्रि विश्राम किया। इस दौरान उनकी राजस्थान में अद्भुत आमेर किला और यूपी में ताजमहल देखने की भी योजना है। मंगलवार यानी आज सुबह वह परिवार के साथ राजस्थान स्थित आमेर किला देखने पहुंचे। ध्यान देने योग्य बात यह कि यहां राजस्थान का शाही वेलकम देखकर जेडी वेंस और उनका परिवार गदगद हो गया है। बता दें कि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस आज पत्नी ऊषा वेंस और दो बच्चों के साथ राजस्थान दौरे पर जयपुर पहुंचे। यहां उन्होंने आमेर के किले की भव्यता देखी और साथ ही राजस्थानी कला और संस्कृति से भी परिचित हुए। इस दौरान उन्होंने खुली जीप से आमेर के अद्भुत किले का नजारा देखा। यहां शाही वेलकम देखकर वह बेहद खुश हुए। सूरजपोल पर हथिनी पुष्पा और चंदा ने अमेरिकी मेहमानों का अपने अंदाज में स्वागत किया। किले में उनका रेड कार्पेट वेलकम किया गया। इसके बाद विदेशी मेहमान किले के अंदर गए और यहां की भव्यता देख प्रसन्न हो गए। किले की बनावट और नक्काशी देखकर वे बहुत (JD Vance Rajasthan visit) हुए प्रसन्न  बता दें कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने आमेर के अद्भुत किले का मुआइना किया और उसका इतिहास (JD Vance Rajasthan visit) भी जाना। किले की बनावट और नक्काशी देखकर वे बहुत प्रसन्न हुए। वेंस और उनके परिवार ने किले कई तस्वीरें भी खिंचवाई। इसके साथ ही मोबाइल में सेल्फी भी ली। फिर वह खुली जीप में आमेर के किले में घूमे। सुरक्षा की दृष्टि से किले को आम सैलानयों के लिए बंद रखा गया था। यही नहीं, इस दौरान वेंस के बच्चे भी किले में दौड़ते-खेलते नजर आए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने किले में राजस्थानी संस्कृति की झलक भी देखी। महल चौक में क्षेत्रीय कलाकारों ने राजस्थानी नृत्य भी प्रस्तुत किया, जिसे देखकर विदेशी मेहमान मंत्रमुग्ध हो गए। गौर करनेवाली बात यह कि वेंस ने राजस्थान की अद्भुत कला, संस्कृति और ऐतिहासिक भव्यता की जमकर तारीफ भी की। इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित अल्बर्ट हॉल को गोल्डन लाइट से सजाया (JD Vance Rajasthan visit) गया है अमरीकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस परिवार के साथ मंगलवार को सुबह पत्नी उषा वेंस और दो बच्चों के साथ आमेर का किला देखने (JD Vance Rajasthan visit) पहुंचे। जानकारी के मुताबिक इससे पहले उन्होंने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान पीएम ने वेंस के बच्चों को गिफ्ट भी दिया था। बता दें कि जेडी वेंस के स्वागत में पिंक सिटी जयपुर की इमारतों को सजाया गया है। शहर में जगह जगह वेंस के स्वागत में पोस्टर लगाए गए हैं। यही नहीं, जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित अल्बर्ट हॉल को गोल्डन लाइट से सजाया गया है। और तो और उनके जयपुर आने से पहले ही शहर के मुख्य मार्गों पर उनके स्वागत के पोस्टर लगाए गए हैं। गौरतलब हो कि फ्रांस के राष्ट्रपति आए थे, तब भी उनके स्वागत में ऐसे पोस्टर लगाए गए थे।रात्रि के समय यह इमारत जगमग ही रहती है, लेकिन जेडी वेंस के दौरे के तहत इसे विशेष रूप से सजाया गया है। योजना यह भी है कि जेडी वेंस परकोटे में स्थित कई दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करेंगे।   Latest News in Hindi Today Hindi news JD Vance Rajasthan visit #JDVance #RajasthanVisit #RoyalWelcome #IndiaTour #ElephantSalute #USSenator #JaipurVisit #CulturalIndia #IndianHospitality #JDVanceIndia

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brutal crime in India

Man kills wife: 60 वर्षीय बुजुर्ग ने तेज धारदार हथियार से किया पत्नी का सिर तन से जुदा, कटा सिर लिए थाने पहुंचकर कही यह बात

असम के चिरांग जिले में दिल दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है। इस घटना ने आमजन से लेकर पुलिस तक को हैरत में डाल दिया है। दरअसल, शनिवार शाम 60 वर्षीय बुजुर्ग बितीश हाजोंग नाम का व्यक्ति अपनी पत्नी का कटा हुआ सिर लेकर थाने जा (Man kills wife) पहुंचा। वह बल्लामगुड़ी पुलिस स्टेशन में सरेंडर करने आया था और उसके हाथ में महिला का सिर एक साइकिल की टोकरी में रखा हुआ था। उसने खुद पुलिस को बताया कि “उसने अपनी पत्नी की हत्या की है और वह सरेंडर करने आया है।” पुलिस चौकी जाकर उसने कहा कि “ये मेरे गुनाह का सबूत है।” इतना सुनते ही पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। और साथ ही हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है। कथित तौर पर उसने अपनी बेटियों के सामने ही बहस के दौरान अपनी पचास वर्षीय पत्नी बैजयंती हाजोंग पत्नी का सिर कुल्हाड़ी से काट दिया। और फिर उसका कटा हुआ सिर लेकर बल्लामगुड़ी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया परिवार के सदस्यों के मुताबिक बितीश हाजोंग बड़ा गुस्सैल था। उसे गुस्सा जल्दी आता था। अक्सर वो अपनी पत्नी को सताया करता था। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उस दिन भी वे किसी बात पर बहस कर रहे थे। तभी उसने अचानक एक कुल्हाड़ी ली और बैजयंती का सिर धड़ से अलग कर दिया। और कटा हुआ सिर लेकर सीधे पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर दिया।  हत्या के पीछे का मकसद अभी तक साफ नहीं हो (Man kills wife) पाया है इस पूरे मामले पर पुलिस ने बताया कि ” पिछले कुछ समय से आरोपी और उसकी पत्नी के बीच अनबन चल रही थी। आए दिन दोनों छोटी-छोटी बातों पर लड़ा करते थे। रोज-रोज की कहासुनी से तंग आकर बितीश हाजोंग ने क्रोधवश अपनी पत्नी सिर धड़ से अलग कर दिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। साथ ही हत्या के पीछे की असली वजह जानने की कोशिश में लगी है। पुलिस के मुताबिक महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। और सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। तो वहीं इस मामले पर चिरांग के एसपी अक्षत गर्ग ने कहा कि “आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हम उससे पूछताछ कर रहे हैं। फिलहाल हत्या के पीछे का मकसद अभी तक साफ नहीं हो (Man kills wife) पाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक जांच अधिकारी ने कहा कि “हम मामले की जांच कर रहे हैं। दो चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जाएंगे।” इसे भी पढ़ें:- बेंगलुरु में वायुसेना अधिकारी दंपति से मारपीट, कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल खौफनाक मंज़र को देख पुलिसकर्मियों के भी (Man kills wife) उड़ गए होश  खबर है कि बितीश हाजोंग ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी की धारदार हथियार से निर्दयता से हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने पत्नी का सिर धड़ से अलग किया और बिना किसी खौफ के पुलिस स्टेशन पहुंच गया। इस खौफनाक मंज़र को देख पुलिसकर्मियों के भी होश (Man kills wife) उड़ गए। कहने की जरूरत नहीं, पिछले कई दिनों से पति द्वारा पत्नी की और पत्नी द्वारा पति के हत्या की ख़बरों की बाढ़ सी आ गई है। Latest News in Hindi Today Hindi News Man kills wife #ShockingCrime #HusbandKillsWife #BrutalMurder #IndianCrimeNews #ViralNews #DisturbingIncident #CrimeAlert #UPCrime #MurderConfession #PoliceShocker

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Blue Drum Lock Trend in Akola Over Marriage Crisis

Blue Drum Lock Trend: महाराष्ट्र के अकोला में इस वजह से लोग ‘नीले ड्रमों’ में लगा रहें हैं ताला, युवाओं की नहीं हो रही शादियां

बीते दिनों उत्तर प्रदेश में मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड के बाद नीले ड्रम के खौफ का आलम यह था कि इसकी बिक्री में गिरावट तक आ गई थी। मेरठ में तो बाकायदा दुकानदारों ने नीला ड्रम खरीदने के लिए आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया था। नीले ड्रम का खौफ इतना कि लोग इसे देखकर ही सहम जाया करते हैं। यदि आपको कहीं नीला ड्रम रखा या फिर उसमें ताला लगा दिख जाए तो डरना मत, हो सकता है उसमें कोई अपनी बेशकीमती चीज छुपा (Blue Drum Lock Trend) कर रखा हो। खैर, क्या आपको पता है, अब यही नीला ड्रम लोगों की शादियों में अड़ंगा डालने लगा है। इसके चलते लोगों की शादियां तक कैंसल हो जा रही हैं। आप सोच रहे होंगे कि कहीं कोई और ड्रम में मिला क्या? तो आप सही ही सोच रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र के अकोला में पानी की किल्लत इस कदर बढ़ गई है कि लोग महीनों का लगने वाला पानी नीले ड्रम में स्टोर कर रखने लगे हैं। अकोला जिले में पारा 44°C से ऊपर जा रहा है। बढ़ती गर्मी के चलते कुंएं और तालाब सूख चुके हैं। ऐसे में प्रशासन की तरफ से महीने में एक बार पानी की पूर्ति की जा रही है। ऐसे में पानी चोरी न हो जाये इसलिए लोग ड्रम में ताला तक लगा रहे हैं।  पानी की चोरी रोकने के लिए लोग अपने ड्रमों और टैंकों पर (Blue Drum Lock Trend) लगा रहे हैं ताले  इतना ही नहीं, पानी की किल्लत का असर शादियों पर भी पड़ने लगा है। गांव वालों का कहना है कि “लड़कों के लिए दुल्हन ढूंढना मुश्किल हो गया है। लोग पानी की कमी के कारण अपनी बेटियों की शादी यहां नहीं करना चाहते।” इस पूरे मामले पर उनका कहना है कि “जहां पानी नहीं है, वहां हम अपनी बेटियों को नहीं भेजेंगे। इसके अलावा, शादियों जैसे बड़े कार्यक्रम भी अब टाले जा रहे हैं, क्योंकि पीने के पानी का इंतजाम करने में बहुत पैसा खर्च होता है।” बता दें की महाराष्ट्र के अकोला जिले के कई गांव पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। एक तो पानी की किल्लत और ऊपर से भीषण गर्मी ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं। उगवा गांव के लोगों के लिए पानी की अहमियत इस कदर है कि लोग पानी की चोरी रोकने के लिए अपने ड्रमों और टैंकों पर ताले (Blue Drum Lock Trend) लगा रहे हैं। क्योंकि सरकारी पाइपलाइन से महीने में एक बार ही पानी आता है। इसे भी पढ़ें:– क्या सच में पश्चिम बंगाल में लगेगा राष्ट्रपति शासन और होगी अर्धसैनिक बलों की तैनाती? नजरें सुप्रीम कोर्ट पर  उगवा गांव में हर घर में बड़े-बड़े प्लास्टिक के ड्रम और टैंक (Blue Drum Lock Trend) रखे हुए हैं जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के अकोला जिले में कई गांव ऐसे हैं, जहां पानी की बड़ी कमी है। भीषण गर्मी के कारण हालात और भी खराब हो गए हैं। लोग परेशान हैं। बूंद-बूंद पानी बचाने में लगे हैं। यहां तक कि किसी सोना-चांदी और रुपयों की तरह पानी को ताला में रखा जा रहा है। यहाँ नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। उगवा गांव में हालात बड़े ही खराब हैं। गांव के लोग पानी की चोरी रोकने के लिए अपने पानी के टैंक और ड्रमों को ताला लगा (Blue Drum Lock Trend) रहे हैं। उगवा गांव में हर घर में बड़े-बड़े प्लास्टिक के ड्रम और टैंक रखे हुए हैं। लोग इनमें महीने भर के लिए पानी भरकर रखते हैं। गांव वालो का तो यहाँ तक कहना है कि “पानी की कीमती से भी अधिक है। कारण यही जो, घर से बाहर जाते समय घर को ताला लगाने के बजाय पानी के ड्रमों को ताला लगाती हैं।” यदि पानी नहीं स्टोर कर पाए तो जीवन मुहाल समझो इसके पीछे की वजह यह कि सरकारी पाइपलाइन से महीने में एक बार ही पानी आता है, वह भी सिर्फ एक या दो दिन के लिए। कभी-कभी तो डेढ़ से दो महीने तक पानी के दर्शन नहीं होते। ऐसे में यदि पानी नहीं स्टोर कर पाए तो जीवन मुहाल समझो। इसलिए, जितना हो सके, उतना पानी भरकर रखते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकतर गाँवों का यही हाल है। ज्यादातर गांव वाले पानी की किल्लत से बहुत परेशान (Blue Drum Lock Trend) हैं। पानी की कमी के चलते कई बार उन्हें गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। गंदा पानी पीने से गाँव वालों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। हैरत की बात यह कि कई बार अपील करने के बाद भी प्रशासन ने हमारी पानी की समस्या का समाधान नहीं किया है। 84 खेड़ी योजना सिर्फ कागजों पर दर्ज हैं। धरातल की हकीकत कुछ और ही है। बता दें कि 84 खेड़ी योजना का अर्थ है, ’84 गांवों को पानी देने की योजना’, लेकिन यह योजना अभी तक ठीक से काम नहीं कर रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news #BlueDrumLock #AkolaTrend #MarriageCrisis #YouthProtest #ViralNews #MaharashtraNews #SocialProtest #BlueDrumViral #IndianSociety #AkolaYouth

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Double pneumonia

पोप फ्रांसिस की मौत का कारण है Double Pneumonia, जानिए इसके लक्षण और कारण

हाल ही में पोप फ्रांसिस की 88 साल की उम्र में मृत्यु हो गई। पोप फ्रांसिस इतिहास के पहले लेटिन अमेरिकी पोप थे, जो अपनी उदारता और गरीबों के लिए दयाभावना के लिए जाने जाते रहेंगे। उनकी मृत्यु का कारण डबल निमोनिया (Double pneumonia) को माना जा रहा है। आपने निमोनिया (Pneumonia) के बारे में सुना होगा, लेकिन डबल निमोनिया (Double pneumonia) इससे भी गंभीर रोग है। निमोनिया (Pneumonia) में रोगी के केवल एक ही फेफड़े में इंफेक्शन होता है लेकिन डबल निमोनिया दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह स्थिति बहुत अधिक गंभीर हो सकती है। इस रोग के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। आइए जानें डबल निमोनिया (Double pneumonia)  के बारे में विस्तार से। डबल निमोनिया (Double pneumonia) क्या है?  हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार डबल निमोनिया (Double pneumonia)  एक फेफड़ों का इन्फेक्शन है, जो दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह इंफेक्शन फेफड़ों में एयर सैक्स या अल्विओली में सूजन पैदा कर देता है। इसके कारण इनमें फ्लूइड और पस भर जाती है और रोगियों को सांस लेने में समस्या हो सकती है। यह बीमारी सीरियस हो सकती है और जानलेवा भी साबित हो सकती है। डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) निमोनिया (Pneumonia) के समान हो सकते हैं। इसके डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) इस प्रकार हैं: डबल निमोनिया के कारण निमोनिया (Pneumonia) का मुख्य कारण होता है वायरस या बैक्टीरिया। इसके अलावा कुछ कवक भी इसका कारण बन सकते हैं। डबल निमोनिया (Double pneumonia) की समस्या भी तब होती है, जब संक्रमित माइक्रोब दोनों फेफड़ों में निमोनिया का कारण बनते हैं। इसके कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? डबल निमोनिया का उपचार डबल निमोनिया (Double pneumonia) का उपचार इसके कारणों पर निर्भर करता है। इसके अलावा यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि इससे शरीर कैसे प्रभावित है? इसके उपचार के कुछ विकल्प इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Double pneumonia #Doublepneumonia #pneumonia #doublepneumoniasymptoms

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President's rule West Bengal

President’s rule in West Bengal: क्या सच में पश्चिम बंगाल में लगेगा राष्ट्रपति शासन और होगी अर्धसैनिक बलों की तैनाती? नजरें सुप्रीम कोर्ट पर

आज मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में  सुनवाई होगी। बता दें कि मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीआर गवई बेंच आज सुनवाई करेगी। इस संबंध में वकील विष्णु शंकर जैन ने याचिका लगाई है। वकील विष्णु शंकर जैन की याचिका में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग (President’s rule in West Bengal) की गई है। दरअसल, 13 अप्रैल से मुर्शिदाबाद में हुई झड़पों के बाद से राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठ रही है। मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत और 18 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने 13 अप्रैल को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को तैनात करने का आदेश दिया। चौतरफा किरकिरी होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और दावा किया कि “उसने आगजनी और हिंसा के सिलसिले में 118 लोगों को गिरफ्तार किया है।” जानकारी के मुताबिक दायर की गई याचिका में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन सहित अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की गई है। गौर करने वाली बात यह कि इस मामले पर सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गई है। कहने की जरूरत नहीं, बंगाल में हुई हिंसा ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी सरकार पर वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों से भड़की हिंसा को अनुमति देने के लिए जानकर निशाना साधा है। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की ओर से दायर की गई है (President’s rule in West Bengal) याचिका  बता दें कि राष्ट्रपति शासन पर दायर याचिका का उल्लेख अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की ओर से किया (President’s rule in West Bengal) गया था। जिसे रंजना अग्निहोत्री और अन्य द्वारा दायर एक लंबित याचिका के साथ सुनवाई के लिए रखा गया था। जिन्होंने 2021 में पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा के संदर्भ में राष्ट्रपति शासन की मांग की थी। इस दौरान अधिवक्ता जैन ने कहा कि “साल 2021 के मामले में अदालत पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है। इस पर विचार किया जा रहा है। इस आवेदन के माध्यम से हमने हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं का हवाला दिया है। हम सिर्फ संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत राज्य से केंद्र द्वारा रिपोर्ट मांग रहे हैं। दरअसल, अनुच्छेद 355 राज्यों को बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से बचाने के लिए संघ के कर्तव्य से संबंधित है, जो राष्ट्रपति शासन लगाने का आधार है। इस प्रावधान के तहत केंद्र को यह सुनिश्चित करना होता है कि राज्य संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलें।  इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात याचिका में की गाई है राष्ट्रपति शासन लागू करने की (President’s rule in West Bengal) मांग  बता दें कि बीते दिन राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग (President’s rule in West Bengal) पर जवाब देते हुए पीठ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “आप चाहते हैं कि हम राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए रिट जारी करें? अभी हमें विधायी और कार्यपालिका के अधिकारों में दखल देने के लिए दोषी ठहराया जा रहा है। गौरतलब हो कि बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की एक अलग पीठ ने मुर्शिदाबाद हिंसा मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई की। अदालत ने दो याचिकाकर्ताओं अधिवक्ता विशाल तिवारी और शशांक शेखर झा को अपनी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी। ऐसा इसलिए क्योंकि अदालत ने पाया कि याचिकाएं मीडिया रिपोर्टों पर आधारित थीं।  Latest News in Hindi Today Hindi news President’s rule in West Bengal #PresidentsRule #WestBengal #SupremeCourt #MamataBanerjee #ParamilitaryForces #BreakingNews #BengalPolitics #SCVerdict #LawAndOrder #IndiaNews

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KKR vs GT highlights: गुजरात टाइटन्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को दी 39 रनों से मात 

21 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग का 39वां मुकाबला गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइटराइडर्स बीच खेला गया। कोलकाता के ईडन गार्डंस स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस की टीम ने कोलकाता नाइटराइडर्स को (KKR vs GT highlights) 39 रन से हरा दिया। इस सीजन में यह गुजरात टाइटंस की टूर्नामेंट में छठी जीत है।  बता दें कि केकेआर की यह 8 मैचों में पांचवीं हार है। ख़राब बल्लेबाजी और गेंदबाजी के चलते केकेआर को अपने ही होम ग्राउंड में मुंह की खानी पड़ी। दरअसल, केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। उनका यह फैसला उन पर ही भारी पड़ गया। भारी इसलिए क्योंकि उनके गेंदबाज उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे। टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटसं की शुरुआत धमाकेदार रही। गुजरात टाइटसं के ओपनर बल्लेबाज शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने केकेआर के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।  शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए 114 रन की बेहतरीन साझेदारी (KKR vs GT highlights) की इस दौरान दोनों शानदार अर्धशतक जड़े। दोनों की धुंआधार बल्लेबाजी का आलम यह था कि 12.2 ओवर में ही 114 रन बना डाले। गुजरात टाइटंस की तरफ से कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए 114 रन की बेहतरीन साझेदारी (KKR vs GT highlights) की। एक तरफ जहाँ शुभमन गिल ने ने महज 55 गेंदों में 10 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 90 रनों की पारी खेली, तो वहीं, सुदर्शन ने 36 गेंदों पर 6 चौके और एक छक्के की मदद से  52 रन बनाए। इन दोनों के बाद जोस बटलर का भी बल्ला गरजा और जोस ने महज 23 गेंदों में 8 चौकों की मदद से नाबाद 41 रन बनाए। इस तरह गुजरात टाइटंस ने मैच में पहले बैटिंग करते हुए 3 विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाए।  इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त कोलकाता नाईट राइडर्स की शुरुआत काफी धीमी (KKR vs GT highlights) रही 199 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाईट राइडर्स की शुरुआत काफी धीमी (KKR vs GT highlights) रही। गुजरात टाइटंस की सधी हुई गेंदबाजी के आगे केकेआर के बल्लेबाज बेबस नजर आये। केकेआर ने ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज सिर्फ 1 रन पर आउट हो गए। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने डटकर बल्लेबाजी की। उन्होंने 36 गेंद पर 50 रन बनाए। कप्तान रहाणे के अलावा केकेआर का एक भी बल्लेबाज टिक कर खेल नहीं सका। नतीजतन टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। बात करें केकेआर के बल्लेबाजों की तो अंगकृष रघुवंशी ने 27 रन, आंद्रे रसेल ने 21 रन, रिंकू सिंह ने 17 रन, सुनील नरेन ने 17 रन और वेंकटेश अय्यर ने 14 रन बनाए। इस तरह गुजरात टाइटंस ने केकेआर को 39 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ उसके 8 मैच से 12 अंक हो गए हैं। बता दें कि गुजरात एकमात्र टीम है। जिसने टूर्नामेंट में छह मैच जीते हैं। इस जीत से वह प्लेऑफ में अपनी जगह लगभग पक्की कर लेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 KKR vs GT highlights #KKRvsGT #GujaratTitans #KolkataKnightRiders #IPL2025 #GTvsKKR #CricketHighlights #TATAIPL #GTVictory #KKRMatch #IPLThriller

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Hindu Groups Protest Love Jihad, Accused Surrenders

Hindu groups protest Love Jihad: लव जिहाद को लेकर गुस्साए हिंदू संगठन कर रौद्र रूप द्देख कांप उठा आरोपी, किया सरेंडर

विगत वर्षों से राजस्थान में लव जिहाद के मामले हैं कि तेजी से बढ़ रहे हैं।  ऐसा ही एक मामला गुजरात से सटे सिरोही जिले के स्वरूपगंज से प्रकाश में आया है। लव जिहाद का नाम सुनते ही हिंदू संगठन इस कदर गुस्साए कि उन्होंने चक्का जाम कर (Hindu groups protest Love Jihad) दिया। उनका जोरदार प्रदर्शन देखा लव जिहाद का आरोपी सहम गया। अंततः मामला गरमाता देख आरोपी लड़का इस कदर घबरा गया कि उसने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दरअसल मामला तूल पकड़ चुका था। और पुलिस नहीं चाहती थी कि कोई इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल दे। इसलिए उसे सरेंडर करते ही पुलिस ने भी चैन की साँस ली। बता दें कि बीते दो दिन में राजस्थान के जोधपुर में लव जिहाद तीन से चार मामले आ चुके हैं। लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देख हिंदू समुदाय गुस्से में है।  मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया आक्रोश  जानकारी के मुताबिक बीते 18 अप्रैल को स्वरूपगंज थाने में एक केस दर्ज हुआ था। दर्ज के केस के अनुसार 16 साल की नाबालिग हिन्दू लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की को एक मुस्लिम शख्स भगा कर ले गया है। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया। देखते-ही-देखते भारी संख्या में हिंदू संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के गुस्से का अंजादा इसी से लगा सकते हैं कि उन्होंने 19 अप्रेल को पूरे शहर में रैली निकालकर लव जिहाद के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया। इस बीच उन्होंने शहर बंद करने की चेतावनी दी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव (Hindu groups protest Love Jihad) गए फूल  हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल (Hindu groups protest Love Jihad) गए। मामले की गंभीरता देख पुलिस प्रशासन की सांसें अटक गईं। मामला गर्माता देख पुलिस अब आरोपी की तलाश में हाथ-पाँव मार रही थी। इससे पहले कि पुलिस उसतक पहुँच पाती वो खुद ही 20 अप्रैल की देर रात को नाबालिग लड़की को लेकर पुलिस के सामने सरेंडर हो गया। इससे हुआ यह कि मामला शांत हो गया है। मामला तो शांत हो गया, लेकिन हिन्दू संगठन अब आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लड़का मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला है। वह जोधपुर में नाबालिग लड़की से मिलने आया था। खैर, इस बीच आज यही 21 अप्रैल को स्वरूपगंज के गायत्री मंदिर में हिंदू सभा का आयोजन किया गया था। उसमें संगठनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को धन्यवाद देकर उनके कार्य की सराहना की। महत्वपूर्ण बात यह कि स्वरूपगंज में पहले भी इस तरह के लव जिहाद के मामले सामने आ चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Hindu groups protest Love Jihad #LoveJihad #HinduProtest #ReligiousTensions #IndiaNews #BreakingNews #LoveJihadControversy #HinduUnity #ProtestNews #IndianPolitics #JusticeForVictims

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National Infertility Awareness week

इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग?

इनफर्टिलिटी (Infertility) गर्भधारण न कर पाने की असमर्थता को कहा जाता है। आमतौर पर इनफर्टिलिटी (Infertility) यानी 12 महीने तक नियमित और असुरक्षित संभोग के बाद भी कंसीव न कर पाना। इनफर्टिलिटी को अधिकतर महिलाओं से जोड़ कर देखा जाता है लेकिन यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों को हो सकती है। अप्रैल 23 से अप्रैल 29 तक को नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक (National Infertility Awareness Week) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। आजकल बहुत से लोग इनफर्टिलिटी (infertility) की समस्या से प्रभावित हैं। ऐसे में कम उम्र की महिलाओं को जल्दी फर्टिलिटी टेस्टिंग की सलाह दी जाती है। आइए जानें इस वीक और यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) के बारे में विस्तार से। नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक  (National Infertility Awareness Week) क्यों मनाया जाता है? रिजॉल्व: द नेशनल इनफर्टिलिटी एसोसिएशन (RESOLVE: The National Infertility Association) के अनुसार नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक  (National Infertility Awareness Week) को रिप्रोडक्शन हेल्थ से सम्बन्धित चुनौतियों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा इस सप्ताह उन लोगों को सक्षम बनाया जाता है जो बांझपन जैसी समस्या से गुजर रहे हैं।  कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है? वीमन फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स (Women Fertility Problem) की वजह है जीवन जीने के तरीके में खराबी। हालांकि, इसके अन्य कुछ कारण भी हो सकते हैं। यह समस्या सिर्फ 30 या 40 साल की उम्र की महिलाओं को प्रभावित नहीं कर रही है बल्कि आजकल 20 साल की उम्र की लड़कियों पर भी इसका असर हो रहा है। इस उम्र की लड़कियों में खासतौर पर लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) समस्या देखने को मिल रही है।  इसीलिए डॉक्टर यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की सलाह देते हैं, ताकि लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) की समस्या से बचा जा सके। ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि जल्दी चेकअप और जागरूक रहने से महिलाएं इस समस्या से कुछ हद तक बच सकती है। इसके कुछ समाधान इस प्रकार हैं: यह तो थी जानकारी कि यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है? इसके कारणों के बारे में जानकारी होना भी आवश्यक है ताकि महिलाएं इन्हें अवॉयड कर सकें।  इसे भी पढ़ें: जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी फर्टिलिटी प्रॉब्लम के कारण कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी प्रॉब्लम और लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) के कई कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi National Infertility Awareness Week #Lowovarianreserve #NationalInfertilityAwarenessWeek #Infertility #FertilityTestinginYoungWomen

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SC on jurisdiction allegations

SC on jurisdiction allegations: हम पर लग रहे कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण के आरोप- सुप्रीम कोर्ट 

पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ एक्ट के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान वहां पर हिंसा भड़क उठी जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। हिंसा और सुप्रीम कोर्ट पर हो रही बयानबाजी के बीच पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। इस याचिका पर सुनवाई की मांग वकील विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट से की थी। अधिवक्ता विष्णु ने कहा कि “बंगाल में पैरा मिलिट्री फोर्स की तत्काल तैनाती की आवश्यकता है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस भूषण रामाकृष्ण गवई ने कहा कि “आप चाहते हैं कि हम इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति को परमादेश जारी करें? वैसे भी हम पर कार्यपालिका में अतिक्रमण करने के आरोप लग (SC on jurisdiction allegations) रहे हैं।”  इसपर विष्णु जैन ने कहा कि “याचिका में एक आवेदन दाखिल करने की मंजूरी दें।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “ठीक है।” दरअसल, वक्फ संशोधन कानून के विरोध में बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर दाखिल याचिकाओं पर उन्होंने यह टिप्पणी की है।   सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की गई है एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग  बता दें कि एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा कि “कल मामला सुनवाई के लिए लगा है। मैं कुछ अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि “इलाके में शांति सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट केंद्र को फोर्स तैनात करने का आदेश दे। गौरतलब हो कि बंगाल में हिंसा से जुड़ी याचिका काफी समय से लंबित है औऱ यह याचिका पहले से ही लिस्टेड है। विष्णु शंकर जैन ने उसी याचिका में नया आवेदन दाखिल किया है और उसमें हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति शासन की मांग की गई है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने नए आवेदन की जानकारी कोर्ट को दी। अब कल वाली सुनवाई में वह नए आवेदन को भी कोर्ट में रखेंगे। बता दें कि दूसरी याचिका वकील शशांक शेखर झा की ओर से दायर की गई है। याचिका के जरिए मुर्शिदाबाद हिंसा की की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग की गई है। फिलहाल इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। दरअसल, मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर दाखिल 2 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें? गौरतलब हो कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बीते दिन कहा था कि “देश में जितने भी गृहयुद्ध हो रहे हैं, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई संजीव खन्ना जिम्मेदार हैं।” ध्यान देने वाली बात यह कि ऐसे में ये बयान सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी चर्चा में रहा है। कोर्ट ने कहा कि “हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें?” मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद वहां कई घर ऐसे मिले जहां से परिवार पलायन कर चुके हैं और लूटपाट के बाद उनके घरों को जला दिया गया है। सिर्फ राज्यपाल ही नहीं महिला आयोग की टीम ने भी मुर्शिदाबाद का दौरा किया। जिसके बाद महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि “यहां लोग इतने दर्द में हैं, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” Latest News in Hindi Today Hindi news SC on jurisdiction allegations #SupremeCourt #Jurisdiction #ExecutivePowers #Judiciary #SCIndia #IndianConstitution #SeparationOfPowers #CourtNews #LegalUpdate #SCVerdict

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