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Eid sacrifice message

Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal: ईद-उल-अजहा से पहले जामा मस्जिद के इमाम ने लोगों से की यह ख़ास अपील

ईद-उल-अजहा (Eid-ul-Adha) वर्ष का दूसरा इस्लामी त्यौहार है। यह ईद-उल-फ़ित्र के बाद आता है। और यह उपवास के पवित्र महीने, रमजान के अंत का प्रतीक है। बता दें कि ईद-उल-अजहा को अरबी में ईद-उल-अजहा और भारतीय उपमहाद्वीप में बकर-ईद कहा जाता है, क्योंकि इस दिन बकरे या बकरी की बलि देने की परंपरा है। भारत में इसे बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह इस्लामी या चंद्र कैलेंडर के 12वें महीने धु अल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान नए कपड़े पहनते हैं, खुले आसमान के नीचे प्रार्थना सभा में भाग लेते हैं। और फिर भेड़ या बकरी की बलि देते हैं। बलि देने के बाद उसका मांस परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और गरीबों में बांटते हैं। इस बीच ईद-उल-अजहा के मद्देनजर दिल्ली की जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी ने अपील (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) करते हुए लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और खुले क्षेत्रों, गलियों या सड़कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी करने से परहेज करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ईद-उल-अजहा के दिनों में मुसलमानों को कुछ प्रमुख जिम्मेदारियों के प्रति सचेत रहना चाहिए। कुर्बानी की घटना की फोटोग्राफी या वीडियो से परहेज करने की  (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) अपील की   मौलाना सैयद शाबान बुखारी ने कहा (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) कि यह महत्वपूर्ण है कि किसी भी कार्य से साथी नागरिकों की भावनाओं या आस्थाओं को ठेस न पहुंचे। इसलिए, कुर्बानी केवल निजी परिसर जैसे घर या निर्धारित बाड़ों में ही की जानी चाहिए, न कि सड़कों या खुली जगहों पर। मौलाना ने समुदाय से कुर्बानी की घटना की फोटोग्राफी या वीडियो से परहेज करने की अपील की तथा ऐसी तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड न करने की भी हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति का धर्म है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने आचरण के माध्यम से यह प्रदर्शित करें कि किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। हालाँकि इस बीच बुखारी ने यह भी कहा कि कुर्बानी एक महत्वपूर्ण धार्मिक दायित्व है, जिसे सभी सक्षम लोगों को पूरा करना (Eid-ul-Adha) चाहिए। क्योंकि इसका आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है और इसका कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह होली और दिवाली जैसे त्यौहार पूरे भारत में सम्मान के साथ मनाए जाते हैं, उसी तरह ईद-उल-अजहा को भी सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  यह भी अनुरोध किया कि बलि की रस्म का कोई वीडियो या फोटो न बनाया जाए और न ही सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाए गौरतलब हो कि इससे पहले सोमवार को ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी त्योहार को स्वच्छता, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाने के लिए 12 सूत्री व्यापक सलाह जारी की थी। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा था (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) कि बलि दिए गए पशु का खून नालियों में नहीं बहाया जाना (Eid-ul-Adha)चाहिए, बल्कि कच्ची मिट्टी में दबा दिया जाना चाहिए ताकि यह पौधों के लिए उर्वरक का काम करे। इस दौरान उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि बलि की रस्म का कोई वीडियो या फोटो न बनाया जाए और न ही सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाए। यह नहीं, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस्लाम सभी धर्मों के प्रति सम्मान की शिक्षा देता है। तथा अपने अनुयायियों को कभी भी दूसरों की भावनाओं को ठेस न पहुंचाने की शिक्षा देता है। इसलिए, कुर्बानी की रस्म इस तरह से निभाई जानी चाहिए कि कानून का शासन कायम रहे और सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal #JamaMasjid #EidulAdha #ImamAppeal #Eid2025 #MuslimCommunity #DelhiNews #EidCelebration

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Mamata Banerjee vs BJP

यूपी-बिहार के खास चुनावी मॉडल पर ममता बनर्जी को घेरेगी भाजपा, मोदी-शाह-योगी की तिकड़ी करेगी जबरदस्त हमला

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) होने हैं, लेकिन राज्य में चुनावी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के इस गढ़ को गिराना भाजपा के लिए अभी भी सपना ही है, लेकिन भाजपा (BJP) अपने इस सपने को पूरा करने के लिए एक खास प्लान बनाने में जुट गई है। कहा जा रहा है कि भाजपा (BJP) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के खिलाफ इस बार चुनावी मैदान में राज्य की कथित खराब कानून-व्यवस्था और मुस्लिम तुष्टिकरण को हथियार बनाएगी।  बंगाल भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, भाजपा जल्द ही रैलियां, जनसभा और प्रदर्शन शुरू करने जा रही है। इन सभी आयोजनों का मुख्य मुद्दा मुर्शिदाबाद में हिंदुओं पर हमला, बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और राज्य का कानून व्यवस्था होगा। भाजपा इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए इसी साल से राज्य में ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee) के खिलाफ माहौल बनाना शुरू करेगी। राज्य में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और यूपी सीएम योगी (CM Yogi) की कई जनसभाएं की जाएंगी।  पीएम मोदी ने शुरू किया भाजपा का चुनावी अभियान  बता दें कि भाजपा ने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अखिलेश सरकार की खराब कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाकर जीत हासिल की थी। इसी तरह बिहार चुनाव में भी भाजपा हमेशा से लालू राज के समय की खराब कानून-व्यवस्था को ही प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाती है। जिससे सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा को काफी हद तक इसका फायदा मिलता है। इसीलिए भाजपा अब इसी मुद्दे को पश्चिम बंगाल में उठाकर ममता सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। भाजपा ने कुछ हद तक अपने इस योजना पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बीते वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) रैली करने के लिए पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने राज्य की खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए ममता सरकार पर आरोप लगाया कि यहां पर सरकार ने गुंडों को खुली छूट दे रखी है।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  राज्य का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव- अमित शाह  पीएम मोदी के बाद गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) एक जून को पश्चिम बंगाल पहुंच गए। यहां पर एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस बार का पश्चिम बंगाल चुनाव सिर्फ किसी राज्य का चुनाव नहीं है। इस बार का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव है। अमित शाह ने इस दौरान ममता सरकार पर नौकरियों को बेचने का आरोप लगताते हुए कहा कि पहले वामपंथी सरकार में कट मनी का खेल चलता था, अब ममता सरकार में यही खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता भास्कर घोष ने भाजपा के चुनावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार खुलेआम एक वर्ग विशेष का समर्थन और दूसरे का विरोध कर रही है। जिसकी वजह से हजारों हिन्दुओं को अपना घर छोड़कर सरकारी कैंपों में रहना पड़ रहा है। हिन्दुओं को उनके घरों से खींच कर जलाया-मारा जा रहा है, लेकिन ममता सरकार कार्रवाई करने की जगह ऐसे अपराधियों को संरक्षण देने में जुटी है। भास्कर घोष ने कहा कि ममता सरकार के इस पक्षपात नीति के कारण ही पश्चिम बंगाल में रोजगार-शिक्षा की स्थिति बदहाल हो चुकी है। यहां के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee #BJP #MamataBanerjee #ModiShahYogi #UPElectionModel #BengalPolitics #LokSabha2024 #PoliticalAttack #BJPCampaign

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Bilawal Bhutto statement 2025

Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN: कश्मीर का राग अलापते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा- “UN से भी नहीं मिली कोई मदद”

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी (Bilawal Bhutto) अमेरिका में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका काम हाल के क्षेत्रीय तनावों पर इस्लामाबाद की पक्ष को रखना है। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य ऑपरेशन सिंदूर के नतीजे पर दुनिया को गुमराह करना है। कहने की जरूरत नहीं जिस तरह पाकिस्तान ने अपने प्रतिनिधिमंडल को विदेशों में भेजा है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि ये हूबहू भारत की नक़ल कर रहा है। दरअसल, भारत ने अपने कई सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजे हैं। जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर नई दिल्ली के स्टैंड को दुनिया के सामने रखना है। मजे की बात यह कि पाकिस्तान भी ठीक इसी तर्ज पर अपना प्रतिनिधि मंडल विदेशों में भेजा है। इसी क्रम में सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद से बिलावल भुट्टो के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट और महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग से मुलाकात (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) की है। दौरान उन्होंने  चीन, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधियों, सुरक्षा परिषद के चार अन्य स्थायी सदस्यों के साथ-साथ गैर-स्थायी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) करना पड़ा है इस दौरान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) किया है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों, मुख्यतः संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा है। बता दें कि मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए भुट्टो ने कहा, जहां तक ​​​​संयुक्त राष्ट्र के भीतर और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हम जिन बाधाओं का सामना करते हैं, वे अभी भी मौजूद हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ बातचीत के दौरान भुट्टो ने कहा, जल विवाद और आतंकवाद जैसे विषयों पर पाकिस्तान बात करने को तैयार है।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की-  बिलावल भुट्टो (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष) यही नहीं, न्यूयार्क में संवाददाता सम्मेलन में भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने कश्मीर का राग (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) अलापा। डेलीगेशन की अगुवाई कर रहे बिलावल भुट्टो माना है कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की है। इस मुद्दे पर उन्होंने आगे कहा, जहां तक ​​संयुक्त राष्ट्र और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हमारे सामने आने वाली बाधाएं अभी भी मौजूद हैं। इस पर उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ अपनी बैठकों में उन्हें आतंकवाद और जल जैसे मुद्दों पर तो मदद मिली, लेकिन यह कश्मीर तक नहीं पहुंची।  Latest News in Hindi Today Hindi news Bilawal Bhutto #BilawalBhutto #KashmirIssue #UNStatement #PakistanPolitics #IndiaPakistan #KashmirDispute #UNNews

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Uddhav Thackeray Sanjay Raut

‘उद्धव को बर्बाद करने के लिए एक राउत ही बहुत’, गिरीश महाजन ने बोला तीखा हमला

महाराष्ट्र जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन और उद्धव गुट के राज्यसभा सदस्य व मुख्य प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) के बीच चल रहा वाक युद्ध अब निचले स्तर पर पहुंचने लगा है। गिरीश महाजन (Girish Mahajan) ने संजय राउत (Sanjay Raut) को दलाल तक कह दिया है। महाजन ने कहा है कि उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को बर्बाद करने के लिए भाजपा की जरूरत नहीं पड़ेगी, उनके लिए बस एक राउत ही काफी हैं। अगर समय रहते ठाकरे ने राउत औन उनकी जुबान पर लगाम नहीं लगाई, तो बची हुई शिवसेना भी टूट जाएगी। बता दें कि भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता महाजन को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) का बेहद करीबी माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से राजनीति हलकों में चर्चा चल रही है कि फडणवीस किसी कारणवस महाजन से नाराज हैं। इसी मुद्दे पर बातचीत करते हुए संजय राउत ने पिछले दिनों कहा था कि भाजपा जब भी राज्य की सत्ता से बाहर होगी, तो सबसे पहले पार्टी छोड़कर भागने वाले गिरीश महाजन ही होंगे।  गिरीश महाजन ने शुरू किया था वार, राउत ने किया था पलटवार  दोनों के बीच इसी तीखी बयानबाजी की शुरुआत पिछले सप्ताह गिरीश महाजन (Girish Mahajan) ने की थी। नासिक में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाजन ने कहा था कि उद्धव ठाकरे की बची हुई पार्टी अब खत्म होने की कगार पर है। अगले कुछ दिनों में उनके साथ पार्टी में कोई नहीं बचेगा। महाजन के इस बयान पर पलटवार करते हुए संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा था कि महाजन सबसे पहले यह खुद तय कर लें कि क्या उनकी खुद की जमीन भाजपा में बची है। भाजपा एक समय साफ-सुथरे लोगों की पार्टी हुआ करती थी, लेकिन यह पार्टी आज के समय में दलाल, भ्रष्ट और ठेकेदार लोगों की पार्टी बन चुकी है। जिन लोगों के पास पुलिस और पैसे की ताकत है, वो इसका इस्तेमाल कर लोगों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा ने इन कामों के लिए जो दलाल नियुक्त किए हैं, गिरीश महाजन उनमें से एक हैं। जिस दिन हम सत्ता में आएंगे, उस दिन सबसे पहले दल बदलने वाले गिरीश महाजन ही होंगे। संजय राउत ने इस दौरान यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र में जब महाविकास आघाडी की सरकार थी, तब मुख्यमंत्री रहते उद्धव ठाकरे ने गिरीश महाजन के घोटालों की जांच शुरू कराई थी। उस समय महाजन दल बदलने के लिए तैयार हो गए थे और संदेश भिजवा रहे थे कि वह राजनीति छोड़ कर शांति से बैठ जाएंगे। ऐसे लोग एक नंबर के डरपोक लोग हैं।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  महाजन ने राउत को बताया पार्टी का दलाल  राउत के बयान पर गिरीश महाजन (Girish Mahajan) बुरी तरह से विफर उठे हैं। उन्होंने राउत के इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि राउत ने उद्धव ठाकरे को कांग्रेस और शरद पवार के साथ गठजोड़ करा उद्धव को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। उद्धव ठाकरे अगर समय रहते राउत पर लगाम नहीं लगाई, तो उनकी बची-खुची पार्टी भी टूट कर बिखर जाएगी। यह दलाल है और दलाली वाला काम कर रहा है। राउत जिस तरह से अपनी पार्टी के साथ कर रहे हैं, वैसा मैं अपनी पार्टी के साथ जीवन में कभी नहीं कर सकता। Latest News in Hindi Today Hindi news Girish Mahajan #GirishMahajan #UddhavThackeray #SanjayRaut #BJPvsShivSena #MaharashtraPolitics #PoliticalAttack #ShivSenaCrisis

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Kohli Mallya RCB celebration

Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory:  IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात

इंडियन प्रीमियर लीग को अपना नया चैंपियन मिल गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पंजाब किंग्स को हराकर ने ट्रॉफी अपने नाम कर ही ली। 17 साल का वनवास खत्म कर पहली बार आईपीएल का खिताब जीतने के बाद विराट कोहली ने जमकर जश्न मनाया। जीत के बाद उनकी आँखों से आंसू झलक पड़े। आखिरकार एक अदद जीत के लिए टीम को 18 का इंतजार जो करना पड़ा था। जीत से भावुक कोहली ने अनुष्का शर्मा के सपोर्ट को लेकर भी बात की और बताया कि आज जो कुछ भी हुआ है उसका श्रेय अनुष्का शर्मा को भी (Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory) जाता है। टीम के साथ जीत का जश्न मनाने के बाद कोहली ने अनुष्का शर्मा की ओर से पर्दे के पीछे दिए गए उस ‘समर्थन और त्याग’ के बारे में बताया, जिससे उन्हें मैदान पर अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली।  आपका जीवन साथी आपके खेलने के लिए क्या करता है, त्याग, प्रतिबद्धता और हर मुश्किल समय में आपका साथ देता है- विराट कोहली इस दौरान मैच के बाद प्रसारकों से बात करते हुए कोहली ने 18 साल बाद आईपीएल जीतने में अनुष्का की भूमिका का श्रेय भी (Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory) दिया। उन्होंने कहा, हमें हारते हुए देखना। आपका जीवन साथी आपके खेलने के लिए क्या करता है, त्याग, प्रतिबद्धता और हर मुश्किल समय में आपका साथ देना। यह कुछ ऐसा है जिसे आप शब्दों में बयां नहीं कर सकते। कोहली ने आगे कहा, जब आप पेशेवर रूप से खेलते हैं, तभी आप पर्दे के पीछे होने वाली कई चीजों को समझ पाते हैं और वे किन परिस्थितियों से गुजरते हैं। अनुष्का भावनात्मक रूप से जिस दौर से गुजरी है। मुझे उदास और निराश देखना, मैचों में आना, बैंगलोर से इतना जुड़ा होना और आरसीबी के साथ हमेशा बने रहना। यह उसके लिए बहुत खास है। उसे इस पर बहुत गर्व होगा।    जब मैंने आरसीबी की स्थापना की थी तो मेरा सपना था कि आईपीएल ट्रॉफी बेंगलुरु आए- विजय माल्या  आरसीबी की इस जीत पर फ्रैंचाइजी के पूर्व मालिक विजय माल्या ने टीम को जीत (Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory) की बधाई देते हुए कहा, उन सभी को धन्यवाद जिन्होंने मेरे सपने को साकार किया। विजय माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, जब मैंने आरसीबी की स्थापना की थी तो मेरा सपना था कि आईपीएल ट्रॉफी बेंगलुरु आए। मुझे युवा खिलाड़ी के रूप में दिग्गज किंग कोहली को चुनने का सौभाग्य मिला। वह 18 वर्षों से आरसीबी के साथ हैं। मुझे यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल और मिस्टर 360 एबी डिविलियर्स को चुनने का भी सम्मान मिला, जो आरसीबी के इतिहास का एक अमिट हिस्सा हैं। आरसीबी की जीत पर माल्या ने आगे लिखा कि आखिरकार, आईपीएल ट्रॉफी बेंगलुरु पहुंच गई। बधाई और फिर से उन सभी को धन्यवाद जिन्होंने मेरे सपने को साकार किया। आरसीबी के फैंस सबसे अच्छे हैं और वे आईपीएल ट्रॉफी के हकदार हैं। विजय माल्या ने अपने एक और पोस्ट में लिखा कि आरसीबी आखिरकार 18 साल बाद आईपीएल चैंपियन बनी है। 2025 के टूर्नामेंट तक शानदार अभियान। बेहतरीन कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ के साथ एक संतुलित टीम जो बोल्ड खेल रही है। बहुत-बहुत बधाई।  इसे भी पढ़ें:- IPL 2025: RCB का सपना हुआ साकार, 18 साल बाद IPL ट्रॉफी पर कब्जा शशांक सिंह और जोश इंग्लिश की शानदार पारियों के बावजूद वो 184 रन बना सकी बात करें मैच की तो पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला (Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory) किया। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 190 रन बनाए। इस मैच में विराट कोहली ने 43 रनों की शानदार पारी खेली। इसके अलावा कप्तान रजत पाटीदार ने 26 रन बनाए। इस तरह पंजाब को 191 रनों का लक्ष्य मिला। शशांक सिंह और जोश इंग्लिश की शानदार पारियों के बावजूद वो 184 रन बना सकी। आखिरी ओवर में मैच का रोमांच अपने चरम पर था। यह वो क्षण था जब मैच किसी भी पाले में जा सकता था। दरअसल, आखिरी ओवर में पंजाब को 29 रन चाहिए थे। जोश हेजलवुड ने दो डॉट गेंदे डालकर जीत तय कर दी। इस तरह आरसीबी ने पंजाब किंग्स को 6 रनों से हराकर आपीएल ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory #ViratKohli #RCBWin #IPL2025 #VijayMallya #RCBChampions #IPLTitle #RCBVictory #KohliReaction

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General Anil Chauhan

CDS अनिल चौहान का बड़ा दावा: ‘ऑपरेशन सिंदूर के तहत 8 घंटे में पाकिस्तान को किया ध्वस्त’

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान (General Anil Chauhan) ने सिंगापुर में आयोजित प्रतिष्ठित शांगरी-ला डायलॉग में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने  प्रतिष्ठित शांगरी-ला डायलॉग के मंच से कहा है कि पाकिस्तान को 40 देशों के सामने बेनकाब किया गयाऔर बताया कि कैसे भारत ने सैन्य और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। जनरल चौहान ने कहा कि इस ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान युद्ध केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें राजनीतिक संकेत भी जुड़े थे। यह युद्ध की आधुनिक शैली को दर्शाता है, जिसमें डिप्लोमैसी और सैन्य कार्रवाई साथ-साथ चलती है। हवाई हमले में मिली सफलता पुणे विश्वविद्यालय में भविष्य के युद्ध और युद्धकला विषय पर बात करते हुए जनरल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को हवाई युद्ध की दृष्टि से एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने विरोधी की हवाई रक्षा प्रणाली को भेदते हुए गहराई तक सफलतापूर्वक हमला किया। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय वायुसेना सटीकता और आक्रामक रणनीति के साथ कार्य करने में सक्षम है। पाकिस्तान की सीमित क्षमताएं और भारत की तैयारी जनरल अनिल चौहान (General Anil Chauhan) ने पाकिस्तान की ड्रोन क्षमताओं को भारत के मुकाबले कमजोर बताया और कहा कि भारतीय सेना पूरी तरह से पेशेवर है जो केवल नुकसान पर नहीं, बल्कि परिणामों पर ध्यान केंद्रित करती है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान भारत के साथ 48 घंटे की लड़ाई की योजना बना रहा था, लेकिन भारत ने उसे महज 8 घंटे में ध्वस्त कर दिया। भारत की इस रणनीतिक प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया कि भारत अब पारंपरिक युद्धों की बजाय त्वरित, निर्णायक और तकनीकी रूप से उन्नत सैन्य कार्रवाइयों में विश्वास रखता है। परमाणु धमकी नहीं सहन करेगा भारत सीडीएस (CDS) ने पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी है कि भारत किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पहलगाम में जो कुछ हुआ वह अमानवीय था और इसकी प्रतिक्रिया उसी स्तर पर दी गई। यह संदेश अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के मजबूत रुख को दर्शाता है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा लंबे युद्ध से परहेज, लेकिन सतर्कता आवश्यक जनरल अनिल चौहान (General Anil Chauhan) ने कहा कि भारत लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष में नहीं पड़ना चाहता। उन्होंने ऑपरेशन प्रकरम और बालाकोट हमले के बाद की स्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे संघर्षों में भारी संसाधनों की आवश्यकता होती है और यह आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक रूप से नुकसानदेह हो सकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर की खास बात यह थी कि यह एक सीमित लेकिन प्रभावी कार्रवाई थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया, ताकि अनावश्यक युद्ध को टाला जा सके। ऑपरेशन सिंदूर: जारी है संघर्ष सीडीएस (CDS) ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें भारत को अपनी चौकसी बनाए रखनी होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने महसूस किया कि वह लगातार अपनी स्थिति खो रहा है और अगर यह स्थिति अधिक समय तक बनी रहती, तो उसकी स्थिति और खराब हो सकती थी। इसी डर के चलते उसने बातचीत का विकल्प चुना। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) भारत की नई सैन्य सोच और रणनीतिक दृष्टिकोण का प्रमाण है। यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की राजनीतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक दृढ़ता का प्रतीक है। जनरल अनिल चौहान के वक्तव्य ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं रहा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर पहल करने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर बेनकाब किया, बल्कि भारत की सैन्य नीति और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती से प्रस्तुत किया। Latest News in Hindi Today Hindi news General Anil Chauhan #CDSAnilChauhan #OperationSindoor #PakistanStrike #IndianArmy #DefenceNews #IndiaPakistan #MilitaryAction #NationalSecurity

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IPL 2025 Final Winner

IPL 2025 Final Winner: आईपीएल का फाइनल जीतने वाली टीम पर नोटों की बारिश

पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच इंडियन प्रीमियर लीग- 2025 (IPL 2025) का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह कि दोनों टीमों ने न सिर्फ ग्रुप स्टेज पर शानदार प्रदर्शन किया बल्कि दोनों ने प्लेऑफ में शानदार प्रदर्शन कर फाइनल तक का सफर तय किया है। कहने की जरूरत नहीं 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जाने वाले खिताबी मुकाबले में रोमांच अपने चरम पर होगा। दुनियाभर के फैंस इस मैच का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि विनर टीम को कितनी इनामी राशि मिलेगी? तो बता दें कि आईपीएल फाइनल जीतने वाली टीम को बीसीसीआई 20 करोड़ पुरस्कार के तौर पर देगी। जहाँ विनर को 20 करोड़ (IPL 2025 Final Winner) मिलेंगे तो वहीं रनअर अप टीम को तकरीबन 13 करोड़ की राशि मिलेगी। गौरतलब हो कि भारतीय बोर्ड ने पिछली बार केकेआर को चैंपियन बनने पर इतनी ही राशि मिली थी और उप विजेता सनराइजर्स हैदराबाद को 12.5 करोड़ मिले थे। कहने की जरूरत नहीं बीसीसीआई विजेता टीम पर नोटों की बारिश करने वाली है।    क्वालीफायर-2 से बाहर हुई टीम को 7 करोड़ बीसीसीआई की ओर से दिया (IPL 2025 Final Winner) जाता है बता दें कि विजेता और उप विजेता टीमों को करोड़ों रुपये देने के अलावा बीसीसीआई ऑरेंज कैप, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, पर्पल कैप फेयर प्ले अवॉर्ड जैसे अवॉर्ड भी देती है। पूरे सीजन में जो खिलाड़ी सर्वाधिक रन बनाता है उसे ऑरेंज कैप दिया जाता है तो वहीं सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज को पर्पल कैप दिया जाता है। इसके अलावा बीसीसीआई की ओर से क्वालीफायर-2 से बाहर हुई टीम को 7 करोड़ और एलिमिनेटर हारने वाली टीम को 6.5 करोड़ दिए  (IPL 2025 Final Winner) जाते हैं। जो खिलाड़ी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन चुना जाएगा, उसे ट्रॉफी के साथ 10 लाख रुपये दिए जाएंगे तो वहीं ऑरेंज और पर्पल कैप विजेट को 10-10 लाख रुपये मिलेंगे। यही नहीं, इसके अलावा सुपर सिक्सेस और सुपर फोर ऑफ द सीजन खिलाड़ी को 10-10 लाख दिए जाएंगे। इसके साथ ही फेयर प्ले अवॉर्ड टीम को मिलता है जिसके तहत 10 लाख रुपये जबकि कैच ऑफ द सीजन खिलाड़ी को भी 10 लाख दिए जाएंगे।  आरसीबी और पंजाब किंग्स दोनों ही टीमें खिताब जीतने की मानी जा (IPL 2025 Final Winner) रही हैं प्रबल दावेदार  बड़ी बात यह कि आईपीएल 2025 के फाइनल में आरसीबी और पंजाब किंग्स दोनों ही टीमें खिताब जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा (IPL 2025 Final Winner) रही हैं। ऐसे में जो भी टीम आज के मैच में उम्दा प्रदर्शन करेगी वो ही आईपीएल का खिताब अपने नाम करेगी। आरसीबी की कमान रजत पाटीदार के हाथों में होगी तो पंजाब किंग्स की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों होगी। पंजाब किंग्स इस मैच को जीत लेती है तो श्रेयस अय्यर आईपीएल के इतिहास के पहले ऐसे कप्तान बन जाएंगे जिन्होंने दो अलग-अलग फ्रेंचाइजी को चैंपियन बनाया हो। ऐसे में यदि पंजाब किंग्स श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेलने के लिए उतरेगी। श्रेयस अय्यर के पास आज एक इतिहास रचने का मौका होगा। पिछले सीजन में उन्होंने अपनी कप्तानी में केकेआर को खिताब दिलाया था। कुल-मिलाकर श्रेयस अय्यर के पास आज इतिहास रचने का मौका है। देखना दिलचस्प होगा कि श्रेयस अय्यर इतिहास रचते हैं या फिर रजत पाटीदार पार्टी देते हैं? Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 Final Winner #IPL2025 #IPLFinalWinner #IPL2025Champion #CricketNews #IPLTrophy #IPLCashPrize #IPLFinal2025

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Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face: क्या कांग्रेस-लेफ्ट भी बतौर सीएम चेहरे तेजस्वी यादव पर होंगे राजी?

आगामी अक्टूबर-नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव होना है। चुनाव होने में भले ही अभी महीनों बाकी है लेकिन अभी से चुनाव की सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है। दो दशकों तक सूबे में एकक्षत्र राज करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंशा आगे भी मुख्यमंत्री बनने की है। वो बात और है कि इस दौरान उनकी अपनी दल बदलने की नीति के चलते लोकप्रियता में कमी आई है। लोकप्रियता में कमी आने के बावजूद एनडीए के सभी घटक दल नीतीश के चेहरे पर चुनाव लड़ने हेतु राजी हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यदि नीतीश की लोकप्रियता घटी है तो वो कौन है जिसकी लोकप्रियता बढ़ी है? तो बता दें कि आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद के सुपुत्र तेजस्वी यादव की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। लोकप्रियता के मामले में नीतीश-चिराग से काफी आगे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) हैं। तेजस्वी यादव बिहार के सबसे पसंदीदा चेहरा बनकर उभरे हैं। तेजस्वी भले ही पसंदीदा चेहरा बनकर उभरे हों लेकिन बड़ा सवाल यह कि क्या कांग्रेस और लेफ्ट तेजस्वी के चेहरे पर चुनाव लड़ने को तैयार (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) होंगी? बिहार को लोगों की पहली पसंद (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) बने हुए हैं तेजस्वी यादव  दरअसल, इंडिया टुडे-सी वोटर सर्वे के मुताबिक, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को बतौर मुख्यमंत्री सबसे अधिक लोगों ने पसंद किया है। सर्वे के मुताबिक मई महीने में बिहार के सीएम के रूप में 36.9 फीसदी लोग तेजस्वी को देखना चाहते हैं, तो वहीं 18.4 फीसदी लोग नीतीश कुमार को। प्रशांत किशोर को 16.4 फीसदी, एलजेपी (आर) के प्रमुख चिराग पासवान को 10.6 फीसदी तो वहीं बीजेपी नेता सम्राट चौधरी को 6.6 फीसदी लोग बतौर सीएम पसंद कर रहे हैं। सर्वे के मुताबिक इस बात से इंकार नहीं ही किया जा सकता कि सीएम नीतीश कुमार से दोगुना लोग आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को बिहार मुख्यमंत्री के रूप देखना चाहते हैं। तेजस्वी बिहार को लोगों की पहली पसंद (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) बने हुए हैं।  कई बैठकों के बावजूद तेजस्वी के नाम पर आम सहमति नहीं बन (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) सकी है बता दें कि आरजेडी, सीपीआई माले, वामपंथी दल, कांग्रेस और मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। आरजेडी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सभी दल बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार तो हैं, लेकिन तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नाम पर लड़ने के लिए एकमत नहीं हैं। हालांकि इसे लेकर इंडिया गठबंधन की कई बार बिहार चुनाव को लेकर बैठक भी हो चुकी है लेकिन इसके बावजूद तेजस्वी के नाम पर आम सहमति नहीं बन (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) सकी है। दरअसल, इंडिया गठबंधन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। ऐसे में सर्वे के बाद अब क्या इंडिया गठबंधन तेजस्वी के नाम पर हामी भरेगा या फिर बिना सीएम के चेहरे के ही अपनी किस्मत आजमाएगा? इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  कांग्रेस और माले चुनाव में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर चुनाव नहीं लड़ना (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) चाहती हालाँकि आरजेडी ने तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को सीएम का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। यह तो ठीक, लेकिन कांग्रेस और सीपीआई माले तैयार नहीं हैं। माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पिछले दिनों कहा कि महागठबंधन में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी का नेता ही मुख्यमंत्री बनेगा। दरअसल, कांग्रेस और माले चुनाव में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर चुनाव नहीं लड़ना (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) चाहती। इन दोनों ही दलों का तर्क है कि तेजस्वी के चेहरे पर चुनाव लड़ने पर यादव को छोड़कर अन्य पिछड़ी जातियों का वोट नहीं मिलेगा। ये बात कांग्रेस नेतृत्व ने सीधे तौर पर दिल्ली की मीटिंग में तेजस्वी यादव को बता दिया था। हां, ये जरूर आश्वासन दिया कि अगर सरकार बनाने का मौका हाथ आता है तो तेजस्वी यादव भले ही मुख्यमंत्री बन जाएं, लेकिन चुनाव में उनके नाम की घोषणा कर लड़ना जोखिम भरा कदम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #TejashwiYadav #CongressLeftAlliance #BiharPolitics #CMFaceDebate #OppositionUnity

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Pawar uncle nephew meeting

क्या फिर साथ आएंगे अजित पवार और शरद पवार? बंद कमरे में हुई चाचा-भतीजे की बैठक से गरमाई सियासत

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव (Maharashtra Local Body Elections) से पहले राज्य की राजनीति में नई खिचड़ी पक रही है। डिप्टी सीएम और एनसीपी चीफ अजित पवार (Ajit Pawar) ने अपने चाचा NCP (SP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) से फिर मुलाकात की है। जिसके बाद कायस लगाया जा रहा है कि दोनों पार्टियों का विलय हो सकता है। पुणे में चाचा-भतीजे के बीच हुई इस मुलाकात की सबसे खास बात यह रही कि दोनों ने एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के आवास पर बंद कमरे में मुलाकात की। इस बैठक के बाद मीडिया ने जब अजित पवार (Ajit Pawar) से दोनों पार्टियों के विलय को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं एनसीपी प्रवक्ता संजय तटकरे से जब दोनों गुटों के संभावित विलय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि इस बारे में दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व ही कोई जानकारी देगा। अगर ऐसा होता है तो पार्टी की तरफ से विस्तार से जानकारी दी जाएगी। वहीं विलय के बारे शरद पवार (Sharad Pawar) से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) पार्टी के विधायकों और सांसदों से चर्चा के बाद इस संबंध में निर्णय लेंगी। सुप्रिया सुले पहले ही खारिज कर चुकी विलय की बातें बता दें कि हालही में सुप्रिया सुले (Supriya Sule) से भी दोनों पार्टियों के विलय को लेकर मीडिया ने सवाल किया था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि, “अगर ऐसा कुछ होगा, तो वह अजीत पवार (Ajit Pawar) और मेरे बीच बातचीत के बाद होगा, लेकिन अजीत पवार पहले ही इस विलय से इंकार करते हुए कहा चुके हैं कि उनके पास इस बारे में कोई प्रस्ताव नहीं है। इसलिए, मैं मीडिया से यही कहना चाहती हूं। सब कुछ मात्र अफवाह है।” इस दौरान सुप्रिया सुले ने यह भी कहा था, “उनके पिता (शरद पवार) के बयान को मीडिया तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। उन्होंने जो कुछ भी कहा वह एक स्पष्ट जवाब था।” अजित पवार चाहते हैं विलय के बाद पार्टी का नेतृत्व  अजित पवार गुट वाली एनसीपी विलय की इस चर्चा को मात्र अफवाह बता रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम अभी सत्ता में हैं और शरद पवार गुट से कई नेता पहले ही हमारी पार्टी में शामिल हो गए हैं और कई अभी भी संपर्क में हैं। दोनों पार्टियों के विलय की यह अफवाह सिर्फ पार्टी बदलने वाले नेताओं को रोकने के लिए है। मुझे नहीं लगता कि जब तक पार्टी के नेतृत्व का मुद्दा हल जाता, तब तक यह विलय संभव है। अगर शरद पवार पार्टी की बागडोर अजित पवार को सौंप दें तो यह विलय संभव है। इससे कम कुछ भी नहीं।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  अजित पवार और सुप्रिया सुले में उत्तराधिकार की लड़ाई बता दें की अजित पवार की बगावत के कारण साल 2023 में NCP दो टुकड़ों में बंट गई थी। एनसीपी में राज्य स्तर पर अजित पवार का दबदबा चलता था और केंद्र की राजनीति में सुप्रिया सुले की चलती थी। अजित पवार खुद को एनसीपी के उत्तराधिकारी के तौर पर देखते थे, लेकिन शरद पवार अपनी पार्टी की बागडोर सुप्रिया सुले (Supriya Sule) को सौंपना चाहते थे। इससे नाराज अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ पार्टी छोड़ राज्य की तत्कालीन शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। बाद में पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह भी कब्जा लिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Supriya Sule #AjitPawar #SharadPawar #MaharashtraPolitics #NCP #PoliticalNews #PawarMeeting #NCPReunion #BreakingNews #IndianPolitics #PawarVsPawar

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RCB in IPL final

IPL 2025 Final: पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलरु के बीच आज खेला जाएगा आईपीएल 2025 का फाइनल

आईपीएल के जिस क्षण का इंतजार था, आखिरकार वह आ ही गया। आज, यानी 3 जून 2025 को इंडियन प्रीमियर लीग 2025 (IPL 2025 Final) का फाइनल मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जानेवाले इस मुकाबले में जो भी टीम जीतेगी, वह चैंपियन बनेगी। बता दें कि आरसीबी और पंजाब के बीच आईपीएल में अबतक कुल 36 मैच हुए हैं, जिसमें 18 मैच आरसीबी और 18 मैच पंजाब किंग्स जीतने में कामयाब रही है। इस मुकाबले की रोचक बात यह कि 9 साल बाद आरसीबी कोई खिताबी मैच खेलेगी। इससे पहले आरसीबी ने साल 2009, 2011 और 2016 में फाइनल खेला था। ध्यान देने वाली बात यह कि 14 में से कुल 11 बार ऐसा हुआ, जब क्वालीफायर-1 जीतने वाली टीम ने ही उस सीजन का टाइटल भी जीता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या आरसीबी मैदान मारेगी या फिर पंजाब किंग्स नई चैंपियन बनकर उभरेगी? 31 साल के रजत पाटीदार इस सीजन में पहली बार आरसीबी की कर रहे हैं (IPL 2025 Final) कप्तानी  यह मुकाबला न सिर्फ दो शानदार टीमों के बीच एक रोमांचक जंग का बल्कि आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार और पीबीकेएस के कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए इतिहास रचने का एक सुनहरा मौका भी लेकर (IPL 2025 Final) आया है। इन दोनों ही खिलाड़ियों के पास नया कीर्तिमान स्थापित करने का सुनहरा मौका है। गौरतलब हो कि 31 साल के रजत पाटीदार इस सीजन में पहली बार आरसीबी की कप्तानी कर रहे हैं। उनके पास एक अनोखा रिकॉर्ड बनाने का मौका है. अगर आज आरसीबी यह फाइनल जीत लेती है, तो पाटीदार आईपीएल इतिहास में सबसे तेजी से खिताब जीतने वाले कप्तानों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे। ऐसे में यह यह उपलब्धि उन्हें उन चुनिंदा कप्तानों के साथ खड़ा कर देगी, जिन्होंने अपनी कप्तानी के पहले ही सीजन में ही ट्रॉफी अपने नाम की है। बता दें कि ये कारनामा सिर्फ हार्दिक पंड्या और शेन वॉर्न ही कर सके हैं। हार्दिक पंड्या की कप्तानी में गुजरात ने साल 2022 में अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था तो इससे पहले साल 2008 में शेन वॉर्न ने पहले ही सीजन में राजस्थान रॉयल्स को चैंपियन बनाया था।  इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स की दसवीं हार, राजस्थान रॉयल्स ने दी 6 विकेट से मात, वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल पंजाब अपने पहले आईपीएल खिताब से बस 1 जीत दूर (IPL 2025 Final) भर है  बात करें पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर की तो उनके पास एक ऐसा रिकॉर्ड बनाने का (IPL 2025 Final) अवसर है, जो आईपीएल इतिहास में इससे पहले कभी नहीं हुआ।  यदि आज पंजाब किंग्स खिताब जीतती है, तो श्रेयस आईपीएल में दो अलग-अलग फ्रेंचाइजियों के लिए खिताब जीतने वाले पहले कप्तान बन जाएंगे।  इससे पहले उन्होंने साल 2024 में केकेआर की कप्तानी की थी और टीम को चैंपियन बनाया था। पिछले सीजन में अय्यर ने केकेआर को तीसरी बार चैंपियन बनाया था। बता दें कि इस बार 26.75 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड कीमत पर पंजाब किंग्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। अय्यर ने अपनी कप्तानी में पंजाब किंग्स को न सिर्फ प्लेऑफ में पहुंचाया, बल्कि क्वालिफायर- 2 मुकाबले में मुंबई इंडियंस के खिलाफ शानदार जीत भी दिलाई। इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि उनकी कप्तानी में पीबीकेएस ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए टॉप-2 में जगह बनाई है। ऐसे में अब पंजाब अपने पहले आईपीएल खिताब से बस 1 जीत दूर भर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 Final #IPL2025Final #PunjabKings #RCB #IPL2025 #IPLFinal #ViratKohli #PBKSvsRCB #CricketFinal #IPLMatchToday #RCBinFinal

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