Tejashwi Yadav calls NDA rule in Bihar a 20-year failure

𝟐𝟎 बरस से ढो रहा है बिहार 𝐍𝐃𝐀 की नाकाम निकम्मी सरकार: तेजस्वी यादव

बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चुनाव आयोग जल्द ही चुनाव के तारीखों की घोषणा कर सकता है। चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ-साथ राज्य में सियासी पारा भी बढ़ने लगा है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। खास तौर पर विपक्षी दलों ने NDA सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) लगातार मौजूदा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पिछले कुछ वर्षों में बिहार की राजनीति में एक मजबूत विपक्षी चेहरा बनकर उभरे हैं, लगातार जनसभाओं, मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से NDA पर हमला बोलते आ रहे हैं। वे विशेष रूप से युवाओं, बेरोजगारी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। व्यंग्यात्मक कार्टून से सियासी हमला तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक व्यंग्यात्मक कार्टून साझा किया। इस कार्टून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की प्रतीकात्मक छवियों को एक आम आदमी द्वारा ढोते हुए दिखाया गया है। इस प्रतीकात्मक चित्र के ज़रिए तेजस्वी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि बिहार की जनता पिछले 20 वर्षों से NDA की ‘निकम्मी और नाकारा’ सरकार का बोझ उठाने को मजबूर है। उन्होंने इस पोस्ट के साथ लिखा, “20 बरस से ढो रहा है बिहार, एनडीए की नाकाम निकम्मी सरकार। इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार, महंगाई, ढहते पुल, पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा की बदहाली, बाढ़ और सूखा जैसे मुद्दों की ओर इशारा करते हुए यह तंज कसा कि इन समस्याओं के बावजूद सरकार ने कोई ठोस समाधान नहीं निकाला। 𝟐𝟎 बरस से ढो रहा है बिहार𝐍𝐃𝐀 की नाकाम निकम्मी सरकार!#TejashwiYadav #Bihar #RJD #india pic.twitter.com/Z8mQOFuaaR — Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) June 4, 2025 चुनावी रणनीति में सोशल मीडिया की भूमिका तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के इस डिजिटल प्रहार को एक सटीक चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आज की राजनीति में सोशल मीडिया एक बेहद प्रभावशाली मंच बन चुका है और तेजस्वी इसका भरपूर उपयोग कर रहे हैं। वे युवाओं और डिजिटल माध्यम (Bihar Politics) से जुड़े मतदाताओं को सीधे अपनी बात पहुंचा रहे हैं। खासकर पहली बार वोट देने वाले युवाओं को जागरूक करने के लिए वे लगातार सोशल मीडिया (Social Media) पर सक्रिय हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि एनडीए सरकार के खिलाफ एक बड़ा मनोवैज्ञानिक हमला है। ऐसे कार्टून और टिप्पणियों के जरिए तेजस्वी अपने विरोध को रचनात्मक और सरल भाषा में जनता के सामने ला रहे हैं, जो आम लोगों को आसानी से समझ में आता है। इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  चुनावी समीकरण और आगे की राह राजनीति के जानकारों की मानें तो आगामी चुनाव में तेजस्वी यादव की रणनीति न केवल मौजूदा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की है, बल्कि वह खुद को एक विकल्प के रूप में मजबूती से पेश कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए की ओर से इस प्रकार के लगातार हमलों का क्या जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में जातीय समीकरण, विकास के मुद्दे और युवा वर्ग की भागीदारी हमेशा से निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में राजद की ओर से उठाए जा रहे सवालों और डिजिटल रणनीति का कितना असर होता है, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। अब ऐसे में यह कहा जा सकता है कि बिहार का राजनीतिक (Bihar Politics) तापमान चुनाव की घोषणा से पहले ही काफी बढ़ चुका है और जैसे-जैसे तारीख नज़दीक आएगी, यह लड़ाई और अधिक तीखी होती जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Politics #TejashwiYadav #BiharPolitics #NDAFailure #NitishKumar #BJPinBihar #BiharElections2025 #OppositionVoice #PoliticalNews

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Mamata Banerjee vs BJP

यूपी-बिहार के खास चुनावी मॉडल पर ममता बनर्जी को घेरेगी भाजपा, मोदी-शाह-योगी की तिकड़ी करेगी जबरदस्त हमला

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) होने हैं, लेकिन राज्य में चुनावी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के इस गढ़ को गिराना भाजपा के लिए अभी भी सपना ही है, लेकिन भाजपा (BJP) अपने इस सपने को पूरा करने के लिए एक खास प्लान बनाने में जुट गई है। कहा जा रहा है कि भाजपा (BJP) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के खिलाफ इस बार चुनावी मैदान में राज्य की कथित खराब कानून-व्यवस्था और मुस्लिम तुष्टिकरण को हथियार बनाएगी।  बंगाल भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, भाजपा जल्द ही रैलियां, जनसभा और प्रदर्शन शुरू करने जा रही है। इन सभी आयोजनों का मुख्य मुद्दा मुर्शिदाबाद में हिंदुओं पर हमला, बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और राज्य का कानून व्यवस्था होगा। भाजपा इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए इसी साल से राज्य में ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee) के खिलाफ माहौल बनाना शुरू करेगी। राज्य में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और यूपी सीएम योगी (CM Yogi) की कई जनसभाएं की जाएंगी।  पीएम मोदी ने शुरू किया भाजपा का चुनावी अभियान  बता दें कि भाजपा ने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अखिलेश सरकार की खराब कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाकर जीत हासिल की थी। इसी तरह बिहार चुनाव में भी भाजपा हमेशा से लालू राज के समय की खराब कानून-व्यवस्था को ही प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाती है। जिससे सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा को काफी हद तक इसका फायदा मिलता है। इसीलिए भाजपा अब इसी मुद्दे को पश्चिम बंगाल में उठाकर ममता सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। भाजपा ने कुछ हद तक अपने इस योजना पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बीते वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) रैली करने के लिए पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने राज्य की खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए ममता सरकार पर आरोप लगाया कि यहां पर सरकार ने गुंडों को खुली छूट दे रखी है।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  राज्य का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव- अमित शाह  पीएम मोदी के बाद गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) एक जून को पश्चिम बंगाल पहुंच गए। यहां पर एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस बार का पश्चिम बंगाल चुनाव सिर्फ किसी राज्य का चुनाव नहीं है। इस बार का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव है। अमित शाह ने इस दौरान ममता सरकार पर नौकरियों को बेचने का आरोप लगताते हुए कहा कि पहले वामपंथी सरकार में कट मनी का खेल चलता था, अब ममता सरकार में यही खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता भास्कर घोष ने भाजपा के चुनावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार खुलेआम एक वर्ग विशेष का समर्थन और दूसरे का विरोध कर रही है। जिसकी वजह से हजारों हिन्दुओं को अपना घर छोड़कर सरकारी कैंपों में रहना पड़ रहा है। हिन्दुओं को उनके घरों से खींच कर जलाया-मारा जा रहा है, लेकिन ममता सरकार कार्रवाई करने की जगह ऐसे अपराधियों को संरक्षण देने में जुटी है। भास्कर घोष ने कहा कि ममता सरकार के इस पक्षपात नीति के कारण ही पश्चिम बंगाल में रोजगार-शिक्षा की स्थिति बदहाल हो चुकी है। यहां के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee #BJP #MamataBanerjee #ModiShahYogi #UPElectionModel #BengalPolitics #LokSabha2024 #PoliticalAttack #BJPCampaign

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Uddhav Thackeray Sanjay Raut

‘उद्धव को बर्बाद करने के लिए एक राउत ही बहुत’, गिरीश महाजन ने बोला तीखा हमला

महाराष्ट्र जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन और उद्धव गुट के राज्यसभा सदस्य व मुख्य प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) के बीच चल रहा वाक युद्ध अब निचले स्तर पर पहुंचने लगा है। गिरीश महाजन (Girish Mahajan) ने संजय राउत (Sanjay Raut) को दलाल तक कह दिया है। महाजन ने कहा है कि उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को बर्बाद करने के लिए भाजपा की जरूरत नहीं पड़ेगी, उनके लिए बस एक राउत ही काफी हैं। अगर समय रहते ठाकरे ने राउत औन उनकी जुबान पर लगाम नहीं लगाई, तो बची हुई शिवसेना भी टूट जाएगी। बता दें कि भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता महाजन को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) का बेहद करीबी माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से राजनीति हलकों में चर्चा चल रही है कि फडणवीस किसी कारणवस महाजन से नाराज हैं। इसी मुद्दे पर बातचीत करते हुए संजय राउत ने पिछले दिनों कहा था कि भाजपा जब भी राज्य की सत्ता से बाहर होगी, तो सबसे पहले पार्टी छोड़कर भागने वाले गिरीश महाजन ही होंगे।  गिरीश महाजन ने शुरू किया था वार, राउत ने किया था पलटवार  दोनों के बीच इसी तीखी बयानबाजी की शुरुआत पिछले सप्ताह गिरीश महाजन (Girish Mahajan) ने की थी। नासिक में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाजन ने कहा था कि उद्धव ठाकरे की बची हुई पार्टी अब खत्म होने की कगार पर है। अगले कुछ दिनों में उनके साथ पार्टी में कोई नहीं बचेगा। महाजन के इस बयान पर पलटवार करते हुए संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा था कि महाजन सबसे पहले यह खुद तय कर लें कि क्या उनकी खुद की जमीन भाजपा में बची है। भाजपा एक समय साफ-सुथरे लोगों की पार्टी हुआ करती थी, लेकिन यह पार्टी आज के समय में दलाल, भ्रष्ट और ठेकेदार लोगों की पार्टी बन चुकी है। जिन लोगों के पास पुलिस और पैसे की ताकत है, वो इसका इस्तेमाल कर लोगों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा ने इन कामों के लिए जो दलाल नियुक्त किए हैं, गिरीश महाजन उनमें से एक हैं। जिस दिन हम सत्ता में आएंगे, उस दिन सबसे पहले दल बदलने वाले गिरीश महाजन ही होंगे। संजय राउत ने इस दौरान यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र में जब महाविकास आघाडी की सरकार थी, तब मुख्यमंत्री रहते उद्धव ठाकरे ने गिरीश महाजन के घोटालों की जांच शुरू कराई थी। उस समय महाजन दल बदलने के लिए तैयार हो गए थे और संदेश भिजवा रहे थे कि वह राजनीति छोड़ कर शांति से बैठ जाएंगे। ऐसे लोग एक नंबर के डरपोक लोग हैं।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  महाजन ने राउत को बताया पार्टी का दलाल  राउत के बयान पर गिरीश महाजन (Girish Mahajan) बुरी तरह से विफर उठे हैं। उन्होंने राउत के इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि राउत ने उद्धव ठाकरे को कांग्रेस और शरद पवार के साथ गठजोड़ करा उद्धव को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। उद्धव ठाकरे अगर समय रहते राउत पर लगाम नहीं लगाई, तो उनकी बची-खुची पार्टी भी टूट कर बिखर जाएगी। यह दलाल है और दलाली वाला काम कर रहा है। राउत जिस तरह से अपनी पार्टी के साथ कर रहे हैं, वैसा मैं अपनी पार्टी के साथ जीवन में कभी नहीं कर सकता। Latest News in Hindi Today Hindi news Girish Mahajan #GirishMahajan #UddhavThackeray #SanjayRaut #BJPvsShivSena #MaharashtraPolitics #PoliticalAttack #ShivSenaCrisis

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Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face: क्या कांग्रेस-लेफ्ट भी बतौर सीएम चेहरे तेजस्वी यादव पर होंगे राजी?

आगामी अक्टूबर-नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव होना है। चुनाव होने में भले ही अभी महीनों बाकी है लेकिन अभी से चुनाव की सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है। दो दशकों तक सूबे में एकक्षत्र राज करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंशा आगे भी मुख्यमंत्री बनने की है। वो बात और है कि इस दौरान उनकी अपनी दल बदलने की नीति के चलते लोकप्रियता में कमी आई है। लोकप्रियता में कमी आने के बावजूद एनडीए के सभी घटक दल नीतीश के चेहरे पर चुनाव लड़ने हेतु राजी हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यदि नीतीश की लोकप्रियता घटी है तो वो कौन है जिसकी लोकप्रियता बढ़ी है? तो बता दें कि आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद के सुपुत्र तेजस्वी यादव की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। लोकप्रियता के मामले में नीतीश-चिराग से काफी आगे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) हैं। तेजस्वी यादव बिहार के सबसे पसंदीदा चेहरा बनकर उभरे हैं। तेजस्वी भले ही पसंदीदा चेहरा बनकर उभरे हों लेकिन बड़ा सवाल यह कि क्या कांग्रेस और लेफ्ट तेजस्वी के चेहरे पर चुनाव लड़ने को तैयार (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) होंगी? बिहार को लोगों की पहली पसंद (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) बने हुए हैं तेजस्वी यादव  दरअसल, इंडिया टुडे-सी वोटर सर्वे के मुताबिक, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को बतौर मुख्यमंत्री सबसे अधिक लोगों ने पसंद किया है। सर्वे के मुताबिक मई महीने में बिहार के सीएम के रूप में 36.9 फीसदी लोग तेजस्वी को देखना चाहते हैं, तो वहीं 18.4 फीसदी लोग नीतीश कुमार को। प्रशांत किशोर को 16.4 फीसदी, एलजेपी (आर) के प्रमुख चिराग पासवान को 10.6 फीसदी तो वहीं बीजेपी नेता सम्राट चौधरी को 6.6 फीसदी लोग बतौर सीएम पसंद कर रहे हैं। सर्वे के मुताबिक इस बात से इंकार नहीं ही किया जा सकता कि सीएम नीतीश कुमार से दोगुना लोग आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को बिहार मुख्यमंत्री के रूप देखना चाहते हैं। तेजस्वी बिहार को लोगों की पहली पसंद (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) बने हुए हैं।  कई बैठकों के बावजूद तेजस्वी के नाम पर आम सहमति नहीं बन (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) सकी है बता दें कि आरजेडी, सीपीआई माले, वामपंथी दल, कांग्रेस और मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। आरजेडी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सभी दल बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार तो हैं, लेकिन तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नाम पर लड़ने के लिए एकमत नहीं हैं। हालांकि इसे लेकर इंडिया गठबंधन की कई बार बिहार चुनाव को लेकर बैठक भी हो चुकी है लेकिन इसके बावजूद तेजस्वी के नाम पर आम सहमति नहीं बन (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) सकी है। दरअसल, इंडिया गठबंधन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। ऐसे में सर्वे के बाद अब क्या इंडिया गठबंधन तेजस्वी के नाम पर हामी भरेगा या फिर बिना सीएम के चेहरे के ही अपनी किस्मत आजमाएगा? इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  कांग्रेस और माले चुनाव में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर चुनाव नहीं लड़ना (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) चाहती हालाँकि आरजेडी ने तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को सीएम का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। यह तो ठीक, लेकिन कांग्रेस और सीपीआई माले तैयार नहीं हैं। माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पिछले दिनों कहा कि महागठबंधन में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी का नेता ही मुख्यमंत्री बनेगा। दरअसल, कांग्रेस और माले चुनाव में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर चुनाव नहीं लड़ना (Will Congress-Left Accept Tejashwi as CM Face) चाहती। इन दोनों ही दलों का तर्क है कि तेजस्वी के चेहरे पर चुनाव लड़ने पर यादव को छोड़कर अन्य पिछड़ी जातियों का वोट नहीं मिलेगा। ये बात कांग्रेस नेतृत्व ने सीधे तौर पर दिल्ली की मीटिंग में तेजस्वी यादव को बता दिया था। हां, ये जरूर आश्वासन दिया कि अगर सरकार बनाने का मौका हाथ आता है तो तेजस्वी यादव भले ही मुख्यमंत्री बन जाएं, लेकिन चुनाव में उनके नाम की घोषणा कर लड़ना जोखिम भरा कदम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #TejashwiYadav #CongressLeftAlliance #BiharPolitics #CMFaceDebate #OppositionUnity

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Pawar uncle nephew meeting

क्या फिर साथ आएंगे अजित पवार और शरद पवार? बंद कमरे में हुई चाचा-भतीजे की बैठक से गरमाई सियासत

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव (Maharashtra Local Body Elections) से पहले राज्य की राजनीति में नई खिचड़ी पक रही है। डिप्टी सीएम और एनसीपी चीफ अजित पवार (Ajit Pawar) ने अपने चाचा NCP (SP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) से फिर मुलाकात की है। जिसके बाद कायस लगाया जा रहा है कि दोनों पार्टियों का विलय हो सकता है। पुणे में चाचा-भतीजे के बीच हुई इस मुलाकात की सबसे खास बात यह रही कि दोनों ने एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के आवास पर बंद कमरे में मुलाकात की। इस बैठक के बाद मीडिया ने जब अजित पवार (Ajit Pawar) से दोनों पार्टियों के विलय को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं एनसीपी प्रवक्ता संजय तटकरे से जब दोनों गुटों के संभावित विलय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि इस बारे में दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व ही कोई जानकारी देगा। अगर ऐसा होता है तो पार्टी की तरफ से विस्तार से जानकारी दी जाएगी। वहीं विलय के बारे शरद पवार (Sharad Pawar) से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) पार्टी के विधायकों और सांसदों से चर्चा के बाद इस संबंध में निर्णय लेंगी। सुप्रिया सुले पहले ही खारिज कर चुकी विलय की बातें बता दें कि हालही में सुप्रिया सुले (Supriya Sule) से भी दोनों पार्टियों के विलय को लेकर मीडिया ने सवाल किया था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि, “अगर ऐसा कुछ होगा, तो वह अजीत पवार (Ajit Pawar) और मेरे बीच बातचीत के बाद होगा, लेकिन अजीत पवार पहले ही इस विलय से इंकार करते हुए कहा चुके हैं कि उनके पास इस बारे में कोई प्रस्ताव नहीं है। इसलिए, मैं मीडिया से यही कहना चाहती हूं। सब कुछ मात्र अफवाह है।” इस दौरान सुप्रिया सुले ने यह भी कहा था, “उनके पिता (शरद पवार) के बयान को मीडिया तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। उन्होंने जो कुछ भी कहा वह एक स्पष्ट जवाब था।” अजित पवार चाहते हैं विलय के बाद पार्टी का नेतृत्व  अजित पवार गुट वाली एनसीपी विलय की इस चर्चा को मात्र अफवाह बता रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम अभी सत्ता में हैं और शरद पवार गुट से कई नेता पहले ही हमारी पार्टी में शामिल हो गए हैं और कई अभी भी संपर्क में हैं। दोनों पार्टियों के विलय की यह अफवाह सिर्फ पार्टी बदलने वाले नेताओं को रोकने के लिए है। मुझे नहीं लगता कि जब तक पार्टी के नेतृत्व का मुद्दा हल जाता, तब तक यह विलय संभव है। अगर शरद पवार पार्टी की बागडोर अजित पवार को सौंप दें तो यह विलय संभव है। इससे कम कुछ भी नहीं।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  अजित पवार और सुप्रिया सुले में उत्तराधिकार की लड़ाई बता दें की अजित पवार की बगावत के कारण साल 2023 में NCP दो टुकड़ों में बंट गई थी। एनसीपी में राज्य स्तर पर अजित पवार का दबदबा चलता था और केंद्र की राजनीति में सुप्रिया सुले की चलती थी। अजित पवार खुद को एनसीपी के उत्तराधिकारी के तौर पर देखते थे, लेकिन शरद पवार अपनी पार्टी की बागडोर सुप्रिया सुले (Supriya Sule) को सौंपना चाहते थे। इससे नाराज अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ पार्टी छोड़ राज्य की तत्कालीन शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। बाद में पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह भी कब्जा लिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Supriya Sule #AjitPawar #SharadPawar #MaharashtraPolitics #NCP #PoliticalNews #PawarMeeting #NCPReunion #BreakingNews #IndianPolitics #PawarVsPawar

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Tharoor slams Pakistan

Tharoor Slams Pakistan & China at UN: आतंकी समूहों को बचाने के लिए यूएन में शशि थरूर ने पाकिस्तान और बीजिंग दोनों को लगाई लताड़

ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंक के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने हेतु भारत से सर्वदलीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल की कुल 7 टीमें दुनियाभर में गई हुईं हैं। इस कड़ी में सोमवार को ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में आतंकवादी समूहों के संदर्भों को रोकने में पाकिस्तान का समर्थन करने के लिए चीन की खुलकर (Tharoor Slams Pakistan & China at UN) आलोचना की। संयुक्त राष्ट्र में लश्कर-ए-तैयबा समर्थित प्रतिरोधक मोर्चे को बचाने में बीजिंग की भूमिका की आलोचना करते हुए थरूर ने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति को समय-समय पर आरएफ के बारे में रिपोर्ट करते रहे हैं। जब भारत ने सुरक्षा परिषद में अपने मित्रों को सुरक्षा परिषद द्वारा जारी प्रेस वक्तव्य में प्रतिरोध मोर्चे का उल्लेख करने हेतु प्रोत्साहित किया, तब भी हमने इस बारे में रिपोर्ट की। बता दें कि थरूर ने यह टिप्पणी ब्राजील के राजदूत सेल्सो अमोरिम के साथ चर्चा के दौरान की। इस बीच उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के भीतर भू-राजनीतिक गठबंधनों के कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद का मुकाबला करने में भारत के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी जोर दिया। हम किसी भी देश के विकास से ईर्ष्या नहीं (Tharoor Slams Pakistan & China at UN) करते हैं- कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस दौरान इस्लामाबाद और बीजिंग पर व्यंग कसते हुए थरूर (Shashi Tharoor) ने कहा कि मुझे यह कहते हुए बेहद दुख हो रहा है कि पाकिस्तान सरकार ने चीन में अपने दोस्त के समर्थन से नाम हटा (Tharoor Slams Pakistan & China at UN) लिया, इसलिए इसका कोई संदर्भ भी नहीं है। हम सुरक्षा परिषद में नहीं हैं और न ही आप हैं। हमें उस स्थिति को बदलना होगा। हम दोनों को परिषद में एक साथ होना चाहिए। वो यही नहीं रुके, उन्होंने ने पाकिस्तान को आईएमएफ बेलआउट पैकेज पर भी लताड़ लगाई है। थरूर ने कहा कि हम किसी भी देश के विकास से ईर्ष्या नहीं करते हैं, यदि यह पैसा वास्तव में लोगों को गरीबी से बाहर निकालने या विकास के मुद्दों से निपटने में मदद करने के लिए खर्च किया जाता है। हम क्यों आपत्ति करेंगे?  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  हम किसी भी देश में सबसे गरीब व्यक्ति की सभी तरह की भलाई  (Tharoor Slams Pakistan & China at UN) में विश्वास करते हैं- शशि थरूर ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में थरूर (Shashi Tharoor) ने आगे कहा कि हम मानवीय हैं। हम किसी भी देश में सबसे गरीब व्यक्ति की सभी तरह की भलाई में विश्वास करते हैं। लेकिन यदि वह पैसा पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन करने, हम पर हमला करने के लिए खुद को हथियारबंद करने आदि में और अधिक संसाधनों को लगाने में सक्षम बनाता है, तो यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण होगा। अपने चिरपरिचित अंदाज में शशि थरूर ने यह भी कहा कि मुझे उम्मीद है कि विश्व बैंक और आईएमएफ, दोनों ही ऐसे निकाय हैं जिन पर भारत का कुछ (Tharoor Slams Pakistan & China at UN) प्रभाव है। मुझे उम्मीद है कि वे दोनों हमारे राजनयिकों द्वारा बताए जाएंगे कि यह सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण सुरक्षा उपाय होना बेहद जरूरी है कि यह पैसा केवल उसी तरह खर्च किया जाए जिस तरह से इसे खर्च किया जाना चाहिए। इस तरह कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आतंक के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के साथ ही चीन को भी आड़े हाथों लिया। भारत की सर्वदलीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल की टीमें पाकिस्तान परस्त आतंकवाद को दुनिया के सामने लाने हेतु हर संभव प्रयास कर रही हैं। आशा है दुनिया पाकिस्तान के असली चेहरे से वाकिफ़ होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Tharoor Slams Pakistan & China at UN #ShashiTharoor #UNSpeech #PakistanTerrorism #ChinaAtUN #IndiaDiplomacy #GlobalTerrorism #TharoorAtUN

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Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death

Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death: PMCH में दलित लड़की की मौत पर राहुल गांधी ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात

रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में एक नाबालिग दलित लड़की की मौत पर बिहार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) नेतृत्व वाली नीतीश सरकार पर जमकर निशाना (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) साधा। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा, डबल इंजन सरकार की लापरवाही के कारण दलित लड़की की मौत हुई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि मुजफ्फरपुर में नाबालिग दलित लड़की के साथ हुई क्रूरता और उसके बाद उसके इलाज में बरती गई लापरवाही बेहद शर्मनाक है। यदि उसे समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। लेकिन डबल इंजन की सरकार ने न सिर्फ सुरक्षा देने में बल्कि उसकी जान बचाने में भी लापरवाही बरती।  जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, हम चुप नहीं (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) बैठेंगे- राहुल गांधी कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में आगे आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) मिलेगा। पोस्ट में लिखा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, हम चुप नहीं बैठेंगे। दोषियों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि इससे पहले रविवार को कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मामले में न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध प्रदर्शन में बोलते हुए बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश राम ने कहा, इस मामले के दो पहलू हैं। पहला, उसके साथ बलात्कार हुआ। बलात्कार के बाद उसकी हत्या की नृशंस कोशिश की गई और दूसरा, सरकार ने लापरवाही में कोई कसर नहीं छोड़ी। इलाज में देरी के कारण वह लड़की अब ज़िंदा नहीं है। इसके लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की विफलता के लिए सरकार ज़िम्मेदार है। आप खुद जाकर देख लीजिए। आरोपी ने लड़की को कुरकुरे और चॉकलेट का लालच देकर किया (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) दुष्कर्म  दरअसल, मुजफ्फरपुर के कुंडली की एक नाबालिग लड़की के साथ दिल दहला देने वाला दुष्कर्म (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) हुआ था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 30 वर्षीय आरोपी रोहित कुमार साहनी ने लड़की को कुरकुरे और चॉकलेट का लालच देकर घर से बुलाया और फिर तालाब के पास एक सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया। अपनी हवस मिटाने के बाद चाकू से हमला कर उसकी गर्दन काट दी। इस बीच लड़की को शाम करीब 7 बजे बेहोशी की हालत में तालाब के पास पाया गया। आरोपी को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया। खैर, एम्स, पटना द्वारा इलाज से इनकार किए जाने के चार दिन बाद पीएमसीएच लाया गया था। इस बीच दुष्कर्म का शिकार हुई नाबालिग लड़की को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर घंटों तक एंबुलेंस में इंतजार कराया गया। कड़ी मशक्कत के बाद पीड़ित को आखिरकार अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि नाबालिग ने अगली सुबह दम ही तोड़ दिया। इस बीच सिस्टम की संवेदनहीनता और प्रशासन की विफलता पर उठे सवाल। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा नाबालिग लड़की बलात्कार की शिकार (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) थी अधिकारियों के मुताबिक नाबालिग लड़की बलात्कार की शिकार (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) थी। हालांकि, पीएमसीएच के प्रभारी अधीक्षक अभिजीत सिंह ने इलाज में देरी के पीड़ित परिवार के दावों को नकारते हुए कहा, गंभीर रूप से घायल अवस्था में पीएमसीएच लाई गई लड़की को उचित चिकित्सा सुविधा दी गई थी। इस अधिक प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, जब उसे यहां भर्ती कराया गया था, तब हमने अपनी तरफ से पूरी चिकित्सा देखभाल प्रदान की थी। परिवार द्वारा लगाए गए दावे कि इलाज में देरी हुई, निराधार हैं। हमने वह सब कुछ किया जो हम कर सकते थे। हमने सभी विभागों से परामर्श किया, जिनकी आवश्यकता थी और यह सुनिश्चित किया कि उसे आईसीयू में भी उपचार मिले। मुजफ्फरपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विद्या सागर ने बताया कि पीड़िता के शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं। गले की चोट की वजह से वह बोल नहीं पा रही थी, लेकिन उसने इशारों से हमसे पूरी बात बताई। आरोपी का पिछले रिकॉर्ड खराब है और वह लड़कियों को परेशान करता रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death #RahulGandhi #BiharNews #DalitRights #PMCH #BreakingNews #BiharGovernment #JusticeForDalitGirl #PoliticsToday

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पूर्वोत्तर में बारिश का तांडव, छह राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, 34 से ज्यादा की मौत, लाखों लोग फंसे

पूर्वोत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम और मेघालय राज्य में बाढ़ और भूस्खलन (Floods and landslides in Northeast India) से अब तक सैकड़ों घर- सड़क तबाह हो चुके हैं और करीब 34 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस बाढ़ और भूस्खलन में फंसे दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) और असम राइफल्स (Assam Rifles) भी राहत व बचाव कार्य का मोर्चा संभल लिया है। जहां पर सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, वहां पर वायुसेना (Indian Air Force) हेलीकॉप्टर से मदद पहुंचा रही है।  इस प्राकृतिक आपदा (Floods and landslides in Northeast India) का सबसे ज्यादा प्रकोप असम में देखने को मिल रहा है। इस राज्य के 19 जिल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन जिलों के 764 गांव में रहने वाले करीब 3.6 लाख परिवार  बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से असम में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियां इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 10 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा (Himanta Biswa Sharma) ने बाढ़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। यहां से लोगों को लगातार निकालने का कार्य किया जा रहा है। असम सरकार ने बाढ़ की चपेट में आकर मरने वाले लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का घोषणा की है।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  सिक्किम में भूस्खलन की वजह से 1500 से ज्यादा पर्यटक फंसे सिक्किम राज्य के उत्तरी इलाके भी भीषण बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं। यहां पर भूस्खलन की वजह से कई सड़के तबाह हो गई हैं। इससे इन इलाकों में 1500 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के नीमाचेन प्रेमलखा इलाके में भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। जिससे सड़के बंद हो गई हैं और पर्यटक फंस गए हैं। इन्हें निकालने के लिए सेना और वायुसेना से मदद मांगी गई है। सिक्किम सरकार ने पर्यटकों से अपील की है कि जो जहां पर है, वहीं पर रहे। सभी को जल्द से जल्द निकाल लिया जाएगा।  इसी तरह मेघालय, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। मेघालय की जहां 10 जिले फ्लैश फ्लड्स और भूस्खलन की चपेट में हैं, वहीं त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के भी कई जिलों में बाढ़ की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। इन राज्यों में हजारों लोग अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए लगातार राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बाढ़ के चपेट में आए इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत की है और उन्हें हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। इस बारे में जानकारी देते हुए गृह मंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “मोदी सरकार पूर्वोत्तर राज्य के लोगों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चट्टान की तरह खड़ी है, हर संभव मदद दिया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Floods and landslides in Northeast India #NortheastFloods2025 #IndiaLandslides #MonsoonDisaster #AssamFloods #MeghalayaRain #NaturalCalamity #DisasterNews

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उधर से गोली आएगी तो इधर से गोला चलेगी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक भव्य रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाया और विकास की नई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। जंबूरी मैदान में आयोजित इस विशाल जनसभा में उन्होंने न केवल देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया, बल्कि सामाजिक सुधारों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी ऐतिहासिक योगदान देने वाली लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर (Ahilyabai Holkar) को श्रद्धांजलि दी। “गोली के बदले गोला मिलेगा” – ऑपरेशन सिंदूर पर दो टूक अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “आज 140 करोड़ भारतीय कह रहे हैं कि अगर तुम उधर से गोली चलाओगे, तो यहां से गोला चलेगा।” यह बयान देश की सुरक्षा नीति में भारत के बदले हुए रुख और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की भावना को दर्शाता है। पीएम मोदी (PM Modi) ने यह भी स्पष्ट किया कि अब भारत किसी भी प्रकार के हमले या उकसावे पर चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि देश की सीमाएं पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं और सरकार आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। दतिया और सतना को मिली हवाई सेवा की सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रैली के दौरान दतिया और सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन कर इन शहरों को देश के हवाई नेटवर्क से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि “अब दतिया और सतना जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर भी आधुनिक हवाई सेवा से जुड़ गए हैं। यह सिर्फ यात्रा की सुविधा नहीं, बल्कि विकास का नया द्वार है।” पीएम मोदी (PM Modi) ने आगे कहा कि यह अवसर सिर्फ एक उद्घाटन नहीं है, बल्कि यह लोकसेवा और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाएगा। अहिल्याबाई होल्कर को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंच से समाज सुधारक और महान शासिका अहिल्याबाई होल्कर (Ahilyabai Holkar) को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि “अहिल्याबाई का जीवन हमें सिखाता है कि शासन का अर्थ सिर्फ सत्ता नहीं, सेवा है। उनके कार्य आज भी हमारी प्रेरणा हैं।” इस अवसर पर उनकी 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया। पीएम मोदी (PM Modi) ने अहिल्याबाई की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला सशक्तिकरण को बताया सरकार की प्राथमिकता रैली से पहले पीएम मोदी (PM Narendra Modi) लोकमाता अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि “अहिल्याबाई का जीवन महिलाओं की शक्ति और आत्मनिर्भरता का उदाहरण है। आज उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सरकार बेटियों को हर क्षेत्र में आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है।” इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  जनता का जोरदार समर्थन रैली स्थल पर लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। पीएम मोदी (PM Modi) को देखने के लिए हजारों लोग तिरंगे लेकर पहुंचे थे। उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) के स्वागत में हाथ लहराए और नारे लगाए। पीएम भी अपनी खुली गाड़ी में बैठकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते नजर आए। इस अवसर पर पीएम मोदी का संबोधन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद अहम रहा। उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब निर्णायक नेतृत्व और तेज़ विकास के रास्ते पर है—जहां जनता की सेवा और देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Narendra Modi #PMModi #ModiSpeech #IndiaSecurity #ModiWarning #ModiOnTerror #NationalSecurity #IndiaNews #ModiStatement

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action on Shashi Tharoor

Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor: इस एक वजह से चाह कर भी शशि थरूर पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है कांग्रेस

ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए इन दिनों भारत के सात सर्वदलीय शिष्टमंडल विदेशी दौरे पर हैं। इनमें से एक शिष्टमंडल की अगुवाई कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर कर रहे हैं। अन्य शिष्टमंडलों में मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद शामिल हैं। लेकिन कांग्रेस को सबसे ज्यादा आपत्ति शशि थरूर के बयानों से। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि जिस तरह से वो आये दिन पाकिस्तान को घेर रहे हैं, इसे देखकर ऐसा लगता है कि वो बीजेपी के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके इस कदम से पार्टी असहज दिख रही है। पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की माने तो थरूर जिस तरह से बयान दे रहे हैं, उससे कांग्रेस खुश नहीं है। एक तरफ जहाँ सीजफायर होने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित दखल को लेकर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर है और उससे लगातार सवाल कर रही है तो वहीं थरूर और खुर्शीद लगातार अमेरिकी या ट्रंप के दखल के दावों को सिरे से खारिज कर रहे (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) हैं। कई मौकों पर दोनों नेताओं ने साफ तौर पर कहा है कि 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर जो सहमति बनी वह दोनों देशों के बीच हुई सीधी बातचीत का नतीजा है। दोनों जोर देते हुए कहा कि इस सीजफायर में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।  थरूर पर करवाई या उनका विरोध करने का मतलब है बीजेपी को सीधा लाभ (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) पहुँचाना इस बात के इंकार नहीं किया जा सकता कि थरूर के बयानों से कांग्रेस के आला नेताओं में नाराजगी है। नाराजगी ऐसी वैसी भी नहीं, चरम वाली। नाराजगी तो है, लेकिन चाहकर भी वो इसका विरोध नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का अपना ऐसा अनुमान है कि थरूर पर करवाई या उनका विरोध करने का मतलब है बीजेपी को सीधा लाभ (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) पहुँचाना। और बीजेपी इसे मुद्दा बना सकती है। ऐसे में कांग्रेस किसी भी कीमत पर बीजेपी को लाभ नहीं ही पहुंचाएगी। इसलिए पार्टी जवाब न देकर उदित राज द्वारा थरूर पर हमला करवा रही है। वो बात और है कि पवन खेड़ा जैसे नेता उदित राज के ट्वीट को लगातार री-पोस्ट कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कि विवाद बढ़ने पर इसे उदित राज का निजी विचार बता पार्टी के शीर्ष नेता अपना पल्ला आसानी से झाड़ सकते हैं। पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की माने तो कांग्रेस, थरूर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के मूड में नहीं है। दरअसल, इसके पीछे की बड़ी वजह है अगले साल केरल में होनेवाले विधानसभा चुनाव। बता दें कि थरूर तिरूवनंतपुरम से सांसद हैं। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  केरल में लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) चाहती कांग्रेस हाल के वर्षों में थरूर ने केरल में अपना एक नया समर्थक वर्ग तैयार किया है, इसमें युवा, महिलाएं और सर्विस सेक्टर के लोग शामिल हैं। तिरूवनंतपुरम के बाहर भी थरूर का अच्छा प्रभाव है। बेशक कांग्रेस किसी भी तरह की कार्रवाई कर केरल में लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) चाहती। बता दें कि थरूर नायर जाति से आते हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि परंपरागत रूप से यह वर्ग भाजपा का समर्थक है, लेकिन इसके बावजूद थरूर चुनाव जीतते आ रहे हैं। वह तिरूवनंतपुरम से चार बार के सांसद हैं। वजह यही जो अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस थरूर को पार्टी का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ना चाहती है। बेशक वह थरूर की राजनीतिक लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहती है। ऐसे में उसे लगता है कि थरूर पर किसी भी तरह की कार्रवाई चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचा सकती है। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं, केरल में थरूर के नुकसान की भरपाई कर पाना कांग्रेस पार्टी के लिए बेहद मुश्किल हो सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor #ShashiTharoor #Congress #CongressNews #IndianPolitics #TharoorControversy #PoliticalNews #CongressLeadership

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