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Room turned into well

Room turned into well: मध्य प्रदेश के शिवपुरी में लोगों ने इस वजह से घर के कमरे को ही बना दिया कुंआ 

भारत भले ही विश्वगुरु बनने जा रहा है लेकिन यहाँ एक राज्य ऐसा भी है, जहाँ लोग पानी और जमीन की किल्लत के चलते अपने ही घरों को खोद रहे हैं। यह राज्य है भाजपा की शासन वाला मध्य प्रदेश, जहाँ मोहन यादव की सरकार है। यह इलाका केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इलाके के तौर पर जाना जाता है। इस इलाके में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जो पानी की समस्या से बुरी तरह से जूझ रही है। हालत ये हैं कि लोग अपने घरों के अंदर कमरों को खोद कर कुआं बना (Room turned into well) रहे हैं। राज्य सरकार भले ही विकास के लाख दावे कर ले, लेकिन स्थिति खोखले दावों के बिल्कुल विपरीत है। बता दें कि मध्य प्रदेश के गुना-शिवपुरी में लोग सिस्टम की बेरुख़ी से मजबूर होकर अब अपने घरों के भीतर ही कुएं यानि मिनी-बोरवेल खोद रहे हैं। सोचिये आधुनिक युग ये हाल है। जहाँ लोग आशियाने बनाने के बजाय घर के भीतर बोरवेल ही खोद रहे हैं।  किल्लत ऐसी कि घर के कमरों को खोदकर पानी निकालने लगे (Room turned into well) हैं दरअसल, यहाँ जिस बस्ती का जिक्र हो रहा है उसका नाम है लुधावली, यह वार्ड क्रमांक 16 और 17 के अंतर्गत आती है। जानकारी के मुताबिक लुधावली बस्ती में 100 से ज्यादा परिवार रहते हैं। वो रहते तो हैं, लेकिन उनके पास न जल है और न ही नल। यहां तक कि नगर पालिका ने ही कोई हेडपंप नहीं लगवाया। हैरत यह कि इस इलाके में न बोरवेल, न कुआं, न बावड़ी। बरसों इंतजार करने के बाद आखिरकार गाँव वालों ने आखिरकार यह फैसला कि अब पानी सरकार से नहीं, पाताल से लाना होगा। कारण यही जो, वे अपने ही घर के कमरों को खोदकर पानी निकालने लगे (Room turned into well) हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि यदि गांववालों को कुआं ही खोदना था, तो घर के बाहर खोद लेते। ये घर के कमरों को ही खोदने की क्या मजबूरी है? दरअसल, बाहर खोदने के लिए जमीन तो होनी चाहिए। जमीन होगी तब न बाहर खोदेंगे। घर के अलावा बाहर एक इंच जमीन न होने के कारण मजबूरीवश लोग अपने घर के कमरों को ही खोद रहे हैं। पानी और जमीन की किल्लत ऐसे कि यहां रहने वाले लोग छेनी और हथौड़ी की सहायता से खुद ही अपने घर के अंदर कमरे में कुआं खोदने लगे हैं। लोग कह रहे हैं कि “नेता आते हैं वादा करते हैं लेकिन फिर भूल जाते हैं।” कहने की जरूरत नहीं, शिवपुरी की लुधावली बस्ती में जो हो रहा है दरअसल, वो चेतावनी है कि आने वाले समय में राज्य में भयंकर सूखा पड़ सकता है।  इसे भी पढ़ें:- अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश  बस्ती अवैध है, वहां कुछ नहीं कर सकते (Room turned into well)  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय निवासी मनीषा जाटव कहती हैं कि “हमने तो अपने घर के कमरे में ही गड्ढा खोद (Room turned into well) दिया, अब ये गड्ढा ही हमारी उम्मीद है।  हो सकता है इसी से पानी निकले, या फिर आत्मसम्मान बहकर चला जाए।” वो आगे कहती हैं कि अब हम गंदा पानी पीएं, बीमार हों, मरे, इससे किसी को फर्क नहीं पड़ता। चुनाव के पहले नेता कहते हैं कि हम पानी देंगे, घर देंगे। लेकिन अफ़सोस चुनाव जीतते ही वो भूल जाते हैं। पानी न मिलने की बात पर नगर पालिका कहती है कि “बस्ती अवैध है, वहां कुछ नहीं कर सकते।” हैरत यह कि इन परिवारों की हालत पिछले 8 साल से जस की तस बनी हुई है। खैर, मजे की बात यह कि लुधावली बस्ती के बगल में ही गौशाला क्षेत्र है। वहां मानीखेड़ा डैम से पाइपलाइन आ चुकी है। गौर करने वाली बात यह कि वहां नल भी है और पानी भी। बता दें कि साल भर पहले चुनाव के दौरान जब पानी के संकट पर सवाल पूछा गया वर्तमान सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि “ग्वालियर-चंबल इलाके में बहुत कम वर्षा हुई है, यही सीजन है कि वाटर लेवल कम होता है। बोरिंग भी 700-800 फीट नीचे चली गई है। और पिछली बारिश की वजह से जो नदी-नाले भरने चाहिए थे, वे 30-40% कम वर्षा के चलते नहीं भर पाए। इस बार संकट जरूर है, लेकिन हम उसका समाधान निकालने की बात कर रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi News Room turned into well ShivpuriNews #MPWaterCrisis #UniqueWellStory #IndiaWaterShortage #ViralVillageNews #ShivpuriUpdate #WaterScarcityIndia

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Bhajanlal Sharma on illegal mining

Bhajanlal Sharma on illegal mining: अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जीरो टॉलरेंस, लिया यह बड़ा फैसला 

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने खनन माफियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ मुहीम छेड़ रखी है। इसके तहत सूबे में अवैध खनन माफिया पर एक्शन के दौरान जब्त की गई बजरी (कंकड़) और अन्य खनिज को 15 दिन के भीतर ही नीलाम कर दिया जाएगा। यही नहीं, जब्त वाहनों को 21 अप्रैल तक कोर्ट से राज्यसात कराने के बाद नीलाम कर दिया जाएगा। यह जानकारी माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने शुक्रवार को अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग के दौरान दी। अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग के दौरान टी. रविकान्त ने कहा कि “मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहे हैं। सीएम के निर्देशानुसार विभाग ने अभियान की आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ सख्त व प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्हें स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि “इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”  15 दिन में की जाए नीलामी की कार्रवाई (Bhajanlal Sharma on illegal mining)  बता दें कि इस दौरान टी. रविकान्त ने बताया कि “जब्त बजरी, अन्य खनिज व वाहन पुलिस थानों में लंबे समय तक रखे रहने से छीजत होने की संभावना रहती है। साथ ही जब्ती का उद्देश्य भी पूरा नहीं होता। राज्य सरकार को राजस्व भी नहीं मिल पाता। ऐसे में उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए 15 दिन में नीलामी की कार्रवाई (Bhajanlal Sharma on illegal mining) की जाए। इसके अलावा अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर जिला कलक्टर के मार्गदर्शन व संबंधित विभागों से समन्वय बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में जब्त बजरी सहित खनिजों की नीलामी तय समय-सीमा में सुनिश्चित करवा दी जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश  अवैध खनन गतिविधियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष दल गठित किए जा रहे हैं वैध खनन को बढ़ावा दिया जा सके इसलिए रविकान्त ने खनन क्षेत्रों के डेलिनियेशन और प्लॉट व ब्लॉक तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के साथ ही इनकी नीलामी की कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने रिकार्ड राजस्व अर्जन व 23.62 प्रतिशत की विकास दर अर्जित करने के लिए खान एवं भूविज्ञान विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों की प्रशंसा भी की। यही नहीं माइंस निदेशक दीपक तंवर ने बताया कि अवैध खनन गतिविधियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष दल गठित किए जा रहे हैं और होमगार्ड सहित आवश्यक मानव संसाधन लगाया जा रहा है। देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान सरकार के इस कदम का क्या असर होगा और किस हद तक अवैध खनन पर लगाम लगाई जा सकेगी। Latest News in Hindi Today Hindi News Bhajanlal Sharma on illegal mining IllegalMining #BhajanLalSharma #ZeroTolerancePolicy #RajasthanNews #AntiMiningAction #MiningBan #EnvironmentalProtection

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Devrani kill jethani

Devrani kills Jethani: राजस्थान के कोटा में घर की कलह के चलते देवरानी ने अपनी ही जेठानी को उतारा मौत के घाट 

घर में कलह होना आम बात है। लेकिन कभी-कभी कलह इतनी बढ़ जाती है कि सगे रिश्ते एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला आया राजस्थान के कोटा जिले से, जहाँ एक महिला ने अपनी ही जेठानी की (Devrani kills Jethani) हत्या कर दी। दरअसल, जमीनी विवाद को लेकर खार खायी देवरानी ने मामूली कहासुनी में जेठानी पर पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में जेठानी बुरी तरह चोटिल हो गयी। इस बीच घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे दूसरी जगह रेफेर कर दिया। महिला की हालत बड़ी गंभीर थी। लाख कोशिशों के बीच डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके और इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज करके महिला की हत्या करने वाली देवरानी की तलाश में पुलिस जुट गई है।   जमीनी विवाद के चलते उतारा मौत के घाट (Devrani kills Jethani) जानकारी मुताबिक मामला कोटा के चेचट थाने का है। चेचट थाने के अंतर्गत आनेवाले अलोद गांव में रहने वाली मोड़ी बाई का अपनी 65 वर्षीय जेठानी शांति बाई से जमीनी विवाद चल रहा था। मृतक महिला के बेटे दिनेश का कहना है कि “हमारा खेतीबाड़ी का काम है। इन दिनों खेतों में काम चल रहा है। रोज की तरह मेरी मां तड़के सुबह काम करने गई थी। सुबह करीब 9 बजे हमारे खेत में काम करने वाले कैलाश का फोन आया और उसने बताया कि तुम्हारी मां खेत में कुएं के पास लहूलुहान हालत में पड़ी हैं। इस बीच खेत में जाकर देखा तो मां अचेत पड़ी थी और सिर से खून निकल रहा था।” माँ के सिर पर तीन से चार जगह घाव के निशान थे। इसके अलावा उनके हाथ और पैर भी गहरे चोट के निशान मिले, जिससे लगातार खून बह रहा था। माँ इस तरह लहूलुहान देख आनन-फानन में उन्हें लेकर चेचट के अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने तुरंत झालावाड़ रेफर कर दिया। झालावाड़ अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक महिला के भतीजे रमेश चंद्र ने बताया कि “शांतिबाई की एक दिन पहले उसकी देवरानी से कहासुनी हुई थी। उसकी देवरानी गुस्सैल स्वभाव की है और मानसिक रूप से अस्वस्थ भी बताई जाती है। मृतक महिला के बेटे ने बताया कि सुबह खेत पर मां और चाची का झगड़ा हुआ था। जमीन बंटवारे को लेकर चाची मोड़ी बाई ने गाली-गलौज की। इसके बाद मां के सिर पर पत्थर मारकर भाग (Devrani kills Jethani) गई।” इसे भी पढ़ें:-अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश   परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की कर रही है छानबीन   पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक दिनेश ने अपनी चाची यानी शांति बाई की देवरानी मोड़ी बाई पर अपनी मां की हत्या करने का आरोप लगाया। दिनेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि “जमीन बंटवारे को लेकर चाची और मां का झगड़ा हुआ था। चाची ने मां के साथ गाली-गलौज की थी। इस झगड़े में उन्होंने मां के सिर पर पत्थर से हमला कर (Devrani kills Jethani) दिया और फिर खेत से फरार हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पूरे मामले पर थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि “पोस्टमार्टम के बाद शांति बाई के शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।” बता दें कि पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Devrani kills Jethani KotaMurderCase #RajasthanCrime #FamilyDispute #ShockingCrime #DomesticViolence #CrimeNewsIndia #MurderOverDispute

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Bhajanlal Sharma mining control

Bhajanlal Sharma mining control: अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश 

सूबे में हो रहे अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान सरकार ने कमर (Bhajanlal Sharma mining control) कस ली है। जानकारी के मुताबिक सरकार अब अवैध खदान वाले इलाकों की ड्रोन से निगरानी कराएगी। जानकारी के मुताबिक यह निर्णय सीएमआर में हुई हाई लेवल की बैठक में किया गया। अवैध खनन पर रोक के लिए राजस्थान सरकार आकस्मिक संयुक्त अभियान चलाएगी। यही नहीं, अवैध खनन से संबंधित मामलों का तत्परता से निपटारा करवाया जाएगा। इसके अलावा सीएम भजनलाल शर्मा ने खनन विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय एसआईटी की बैठक की नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रतिदिन बैठक की रिपोर्ट लें। कहने की जरूरत नहीं, सरकार के तेवर देखकर तो यही लग रहा है कि अब खनन माफियाओं की खैर नहीं है।  अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए (Bhajanlal Sharma mining control) ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए- सीएम भजननलाल शर्मा  सीएम भजनलाल ने कहा कि “अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए (Bhajanlal Sharma mining control) ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए। ड्रोन से पूरे क्षेत्र की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई जाए ताकि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। यही नहीं, इसके साथ ही अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में अधिक से अधिक आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि “अवैध खनन के औचक निरीक्षण के लिए मुख्यालय स्तर पर संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाए।” अवैध खनन के खिलाफ सख्ती बरतने के आदेश  देते हुए सीएम ने कहा कि “इस संबंध में लंबित प्रकरणों को भी जल्द निपटाया जाए ताकि अवैध खनन के रोकथाम की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।” इसे भी पढ़ें:-हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान  कलेक्टरों से जिले में चल रही अवैध खनन (Bhajanlal Sharma mining control) की कार्रवाई के बारे में ली जानकारी  इस बीच मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “एम-सेंड नीति के तहत बजरी के विकल्प के रूप में एम-सेंड को प्रोत्साहन दिया जाए। प्रदेश में एम-सेंड इकाइयों की स्थापना और बजरी के सस्ते विकल्प के रूप में एम-सेंड के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए जिससे बजरी के दोहन में कमी आए।” इसके अलावा उन्होंने खनन विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की कराने की भी बात कही। जानकारी के मुताबिक सीएम ने भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, टोंक, नागौर, डीग, कोटपूतली, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ कलक्टर से इन जिलों में चल रही अवैध खनन (Bhajanlal Sharma mining control) की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली तथा आवश्यक कड़े निर्देश प्रदान दिए। इस मामले पर बात रखते हुए मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि “राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वैध खनन को बढ़ावा दिया जाए। अवैध खनन पर अंकुश लगे ताकि राजस्व में बढ़ोतरी हो और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकें।” Latest News in Hindi Today Hindi News Bhajanlal Sharma mining control IllegalMining #RajasthanNews #DroneSurveillance #BhajanlalSharma #MiningControl #DronesInAction #MiningBan

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new CCTV installation

new CCTV installation: हाईकोर्ट के सख्त रुख के अब मध्य प्रदेश के थानों में लगेंगे नए हाईटेक कैमरे, ऑडियो भी हो सकेगा रिकॉर्ड

साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य-प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे (new CCTV installation) लगाए गए थे। जिसके बाद साल 2021 में कोर्ट ने इनकी स्थिति सुधारने के विस्तृत निर्देश भी दिए थे। जानकारी के मुताबिक इनमे से अधिकतर कैमरे खराब हो चुके हैं। इस बीच हाईकोर्ट के सख्त रुख के अब मध्य प्रदेश के पुलिस थानों में खराब क्वाॅलिटी के लगे सीसीटीवी कैमरों को हटाकर उनकी जगह नए 3429 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बता दें कि इनको लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। गृह विभाग ने टेंडर जारी कर दिए हैं। योजना के तहत 1160 थानों में अतिरिक्त मॉनिटर और 3429 नए कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे। खास बात यह कि इनमें ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस पर कुल ₹28.41 करोड़ खर्च होंगे। पुलिस विभाग को यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के कड़े रुख के कारण करना पड़ी।  ग्वालियर के मुरार की दो महिलाओं ने पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में रखने का लगाया था आरोप (new CCTV installation) दरअसल, ग्वालियर के मुरार की दो महिलाओं ने पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगाया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने थाने के सीसीटीवी फुटेज पेश करने को कहा। आदतन पुलिस ने बहाना बनाते हुए एक कैमरे के खराब होने की जानकारी कोर्ट को दी। इस दरम्यान पुलिस ने बताया कि कैमरा खराब हो चुका है और उसे बदलना होगा। फिर क्या था, कोर्ट का पारा चढ़ गया। पुलिस के इस रवैये के बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट के आदेश के बाद अब दो तरह के कैमरे लगाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक इसमें 2573 डोम कैमरा थानों के अंदर और 856 बुलेट कैमरा बाहर और खुले स्थानों पर इंस्टॉल (new CCTV installation) होंगे।  इसे भी पढ़ें:- MP के 19 स्थानों पर शराब बिक्री बंद, खुलेंगे लो अल्कोहलिक बेवरेज बार प्रदेशभर के थानों में 128 जीबी के 3429 एसडी कार्ड और 1539 एलईडी मॉनिटर (new CCTV installation) भी जाएंगे खरीदे  जानकारी के लिए बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद अब पूरे प्रदेश के कैमरे अपडेट करने का प्लान सरकार की तरफ से पेश किया गया। इसके मुताबिक प्रदेशभर के थानों में 128 जीबी के 3429 एसडी कार्ड और 1539 एलईडी मॉनिटर (new CCTV installation) भी खरीदे जाएंगे। इसके अलावा वर्तमान में कैमरों का रखरखाव एजेंसी पर 1.97 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि शिकायतों के बावजूद इसके द्वारा सुधार का कार्य नहीं हुआ। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट मुरार पुलिस को 2021 के आदेश बाद लगाए गए 9 सीसीटीवी कैमरों ने के फुटेज की जानकारी देने के लिए कहा है। कोर्ट को यह भी बताया गया है कि फुटेज की स्टोरेज क्षमता 18 माह है। कोर्ट की पहल के बाद ही सही मध्य प्रदेश की सरकार जागी सही। इससे मध्य प्रदेश में पुलिसिया अत्याचार पर लगाम जरूर लगेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi News new CCTV installation MPPoliceReform #CCTVCameras #HighCourtOrders #PoliceStationSurveillance #LawAndOrder #AudioRecordingCCTV #HighTechSecurity

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Man with swords in Ajmer

Man with swords in Ajmer: अजमेर शरीफ दरगाह में तीन तलवार लेकर अंदर घुसा अर्धनग्न व्यक्ति, मचा हड़कंप 

राजस्थान की प्रसिद्ध अजमेर शरीफ दरगाह में लाखों हिन्दू और मुस्लिम श्रद्धालु मत्था टेकने जाते हैं। वैसे तो अजमेर शरीफ की सुरक्षा चाकचौबंद होती है लेकिन एक शख्स ने सुरक्षा को धता बताते हुए एक दो नहीं बल्कि 3 तलवारों के साथ अंदर प्रवेश (Man with swords in Ajmer) कर गया। तीन तलवार लेकर घुसे अर्धनग्न व्यक्ति को देख मुस्लिम श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। दरगाह के भीतर जब मौजूद लोगों ने उस शख्स को देखा तो उनके होश फाख्ता हो गए। मौके की नज़ाकत को समझते हुए लोगों ने त्वरित कार्रवाई की। अहम बात यह कि अजमेर शरीफ दरगाह की सुरक्षा में यह चूक ईद के ठीक अगले दिन हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दरगाह के सभी 10 प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। बता दें कि अजमेर शरीफ का मुख्य द्वार निजाम गेट कहलाता है। वहां पर आरएसी के तकरीबन10 जवान तैनात रहते हैं। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर और बैग स्कैनर भी लगे हुए हैं। लेकिन, फिर भी व्यक्ति का अंदर तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता ही है।  एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली जानकारी के मुताबिक एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली। इस छीना-झपटी के दौरान युवक जख्मी हो गया। इस दौरान उसके हाथ से खून बहने लगा। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और दिलेरी दिखाते हुए अन्य श्रद्धालुओं की मदद से अर्धनग्न व्यक्ति को पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह व्यक्ति कौन था और उसके मंसूबे क्या थे? खैर, पुलिस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है। साथ यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक हुई तो भी कैसे हुई? हालाँकि इस घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। वो बात और है कि इस घटना के बाद से श्रद्धालुओं में डर का माहौल जरूर बना हुआ है। कुछ भी हो लेकिन एक अच्छी बात यह कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और बहादुरी से एक संभावित बड़ी घटना टल गई।  इसे भी पढ़े:– अजमेर शरीफ पर पीएम मोदी के इस कदम से भड़की हिंदू सेना, कही यह बात प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है (Man with swords in Ajmer) बता दें कि अजमेर शरीफ दरगाह का निर्माण मुस्लिम शासक इल्तुतमिश के शासनकाल में हुआ था। जिसे बाद में मुगल सम्राट हुमायूं के शासनकाल में पूरा किया गया। दरगाह का यह स्थल, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गौर करने वाली बात यह कि आज भी यह हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। यही नहीं, देश के प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है। लोगों का विश्वास है कि यहां मांगी गई मुराद कभी खाली नहीं जाती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Man with swords in Ajmer AjmerSharif #AjmerDargah #BreakingNews #IndiaNews #SecurityBreach #AjmerIncident #DargahAlert #AjmerLatest #ReligiousSite #ViralNews

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Ajmer chemical factory gas leak

Ajmer chemical factory gas leak; अजमेर की केमिकल फैक्ट्री में गैस लीक होने से मचा हड़कंप, एक की मौत, 40 से अधिक बीमार

राजस्थान के अजमेर जिले के ब्यावर में बलाड रोड पर स्थित वार्ड संख्या 51 में स्थित सुनील सिंघल की केमिकल फैक्टरी में नाइट्रेट गैस लीक होने से फैक्ट्री मालिक की मौत हो गई। गैस लीक (Ajmer chemical factory gas leak) की घटना से चारों तरफ हड़कंप मच गया। इसके बाद तकरीबन16 लोगों को राजकीय अमृत कौर चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां उन्हें ऑक्सीजन दी गई। घटना की जानकारी वार्ड के पूर्व पार्षद हंसराज शर्मा को लगते ही उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए दमकल विभाग को सूचना दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर में 27 टन नाइट्रेट गैस थी। जिसमें से 18 टन पहले ही खाली हो चुकी थी। बाकी उसमें 7 टन अभी बची थी। न जाने किसी ने जानबूझकर व अनजाने में गैस भरे टैंकर के ढक्कन को खोल दिया। जिससे गैस का रिसाव होने लगा। देखते ही देखते गैस चारों तरफ फ़ैल गई और इसके फैलते ही मौजूद लोग इसके चपेट में आने लगे। इसके प्रभाव से कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इस बीच आनन-फानन में प्रशासन को सूचित किया गया। मौके पर पहुंचे प्रशासन और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टैंकर पर पानी की तेज धार से छिड़काव के ढक्कन बंद किया।  गैस लीक (Ajmer chemical factory gas leak) होने से 40 से अधिक लोग हुए बीमार खबर के मुताबिक इस गैस लीक (Ajmer chemical factory gas leak) में 40 से अधिक लोग बीमार हो गए। गैस के असर से लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और घबराहट होने लगी। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री के आसपास का क्षेत्र खाली कराया और प्रभावित लोगों को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना में गंभीर रूप से चपेट में आये सुनील कुमार को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। इस भयानक घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खडगावत और एसपी श्याम सिंह अस्पताल पहुंचे। और पहुंचकर पीड़ितों की स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद जागी जिला प्रशासन ने रिहायशी इलाकों में इस तरह के खतरनाक केमिकल कारोबार पर सख्ती बरतने और सुरक्षा उपायों को लागू करने के निर्देश दिए हैं।  इसे भी पढ़ें:- सूटकेस में मिला महिला का शव, पति ने ही गर्दन और पेट में घोंपा चाकू केमिकल गोदाम में टैंकर से नाइट्रोजन गैस खाली (Ajmer chemical factory gas leak) करने के दौरान हुआ हादसा  बता दें कि सूचना मिलते ही एसडीएम दिव्यांश सिंह, सीओ सिटी राजेश कसाना, सदर थाना और साकेत नगर थाने का पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और पहुंचकर हालात पर काबू पाया। यही नहीं, घटना की जानकारी मिलने पर कलेक्टर डॉक्टर महेंद्र खडगावत, एसपी श्याम सिंह भी राजकीय अमृत कौर चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनकी कुशलक्षेम पूछी और उन्हें धैर्य बंधाते हुए जल्द स्वस्थ होने का आश्वासन दिया।इस पूरे मामले पर एसडीएम दिव्यांश सिंह ने बताया कि “केमिकल गोदाम में टैंकर से नाइट्रोजन गैस खाली (Ajmer chemical factory gas leak) करने के दौरान अचानक रिसाव होने से यह हादसा हुआ। प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हालात को नियंत्रित कर लिया। अब प्रशासन गैस रिसाव के कारणों की जांच कर रहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Ajmer chemical factory gas leak AjmerGasLeak #ChemicalFactoryAccident #NitrateGasLeak #RajasthanNews #IndustrialAccident #EmergencyResponse #SafetyFirst

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MP Launch Pad Yojana 2025 Youth Employment Scheme

MP Launch Pad Yojana 2025: युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर

मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) प्रदेश में बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए समय-समय पर नई योजनाएं लागू करती रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, राज्य सरकार ने 5 जनवरी 2021 को एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को अपने व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) का उद्देश्य इस योजना का मुख्य उद्देश्य चाइल्ड केयर संस्थानों (Child Care Organisation) से बाहर आने वाले युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत ₹60,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके अलावा, सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी, ताकि वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकें। इस योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर को कम करना है। युवाओं को रोजगार के लिए एक मंच प्रदान करने से वे अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण जारी रख सकेंगे, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा। योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता और जिलों का चयन एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) के लाभ और विशेषताएं एमपी लॉन्च पैड योजना के लिए पात्रता आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ इसे भी पढ़ें: Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में? एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सरकार ने इस योजना के लिए एक आधिकारिक पोर्टल (www.mpwcdmis.gov.in) तैयार किया है, जहां इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक आवेदन की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। जैसे ही सरकार आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी, संबंधित जानकारी अपडेट कर दी जाएगी। एमपी लॉन्च पैड योजना 2025 (MP Launch Pad Yojana 2025) राज्य सरकार की एक प्रभावी पहल है, जो युवाओं को स्व-रोजगार के लिए आर्थिक सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगी। इस योजना से न केवल प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर में कमी आएगी, बल्कि युवाओं को अपने व्यवसाय के माध्यम से एक उज्जवल भविष्य बनाने का अवसर भी मिलेगा। यदि आप इस योजना के पात्र हैं, तो आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदन अवश्य करें और सरकार की इस पहल का लाभ उठाएं। Latest News in Hindi Today Hindi MP Launch Pad Yojana #MPLaunchPadYojana #YouthEmployment #MPScheme2025 #StartupIndia #SkillDevelopment

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