Hindu Groups Protest Love Jihad, Accused Surrenders

Hindu groups protest Love Jihad: लव जिहाद को लेकर गुस्साए हिंदू संगठन कर रौद्र रूप द्देख कांप उठा आरोपी, किया सरेंडर

विगत वर्षों से राजस्थान में लव जिहाद के मामले हैं कि तेजी से बढ़ रहे हैं।  ऐसा ही एक मामला गुजरात से सटे सिरोही जिले के स्वरूपगंज से प्रकाश में आया है। लव जिहाद का नाम सुनते ही हिंदू संगठन इस कदर गुस्साए कि उन्होंने चक्का जाम कर (Hindu groups protest Love Jihad) दिया। उनका जोरदार प्रदर्शन देखा लव जिहाद का आरोपी सहम गया। अंततः मामला गरमाता देख आरोपी लड़का इस कदर घबरा गया कि उसने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दरअसल मामला तूल पकड़ चुका था। और पुलिस नहीं चाहती थी कि कोई इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल दे। इसलिए उसे सरेंडर करते ही पुलिस ने भी चैन की साँस ली। बता दें कि बीते दो दिन में राजस्थान के जोधपुर में लव जिहाद तीन से चार मामले आ चुके हैं। लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देख हिंदू समुदाय गुस्से में है।  मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया आक्रोश  जानकारी के मुताबिक बीते 18 अप्रैल को स्वरूपगंज थाने में एक केस दर्ज हुआ था। दर्ज के केस के अनुसार 16 साल की नाबालिग हिन्दू लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की को एक मुस्लिम शख्स भगा कर ले गया है। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया। देखते-ही-देखते भारी संख्या में हिंदू संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के गुस्से का अंजादा इसी से लगा सकते हैं कि उन्होंने 19 अप्रेल को पूरे शहर में रैली निकालकर लव जिहाद के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया। इस बीच उन्होंने शहर बंद करने की चेतावनी दी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव (Hindu groups protest Love Jihad) गए फूल  हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल (Hindu groups protest Love Jihad) गए। मामले की गंभीरता देख पुलिस प्रशासन की सांसें अटक गईं। मामला गर्माता देख पुलिस अब आरोपी की तलाश में हाथ-पाँव मार रही थी। इससे पहले कि पुलिस उसतक पहुँच पाती वो खुद ही 20 अप्रैल की देर रात को नाबालिग लड़की को लेकर पुलिस के सामने सरेंडर हो गया। इससे हुआ यह कि मामला शांत हो गया है। मामला तो शांत हो गया, लेकिन हिन्दू संगठन अब आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लड़का मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला है। वह जोधपुर में नाबालिग लड़की से मिलने आया था। खैर, इस बीच आज यही 21 अप्रैल को स्वरूपगंज के गायत्री मंदिर में हिंदू सभा का आयोजन किया गया था। उसमें संगठनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को धन्यवाद देकर उनके कार्य की सराहना की। महत्वपूर्ण बात यह कि स्वरूपगंज में पहले भी इस तरह के लव जिहाद के मामले सामने आ चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Hindu groups protest Love Jihad #LoveJihad #HinduProtest #ReligiousTensions #IndiaNews #BreakingNews #LoveJihadControversy #HinduUnity #ProtestNews #IndianPolitics #JusticeForVictims

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Ajmer Dargah case update

Ajmer Dargah Dispute: राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर दरगाह विवाद में मुस्लिम पक्ष को नहीं दी राहत, इस दिन होगी अगली सुनवाई

विश्वप्रसिद्ध राजस्थान के अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर विवाद (Ajmer Dargah Dispute) है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरगाह को लेकर उठे विवाद में फिलहाल मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं मिल सकी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने दरगाह की अंजुमन द्वारा दाखिल की गई याचिका पर कोई त्वरित फैसला नहीं सुनाया है और न ही जिला अदालत की सुनवाई पर कोई रोक ही लगाई है। अहम बात यह कि याचिका खारिज भी नहीं की गई है। कारण यही जो उम्मीद की एक धुंधली सी किरण अभी भी दिखाई दे रही है।  हाईकोर्ट ने तत्काल (Ajmer Dargah Dispute) हस्तक्षेप करने से कर दिया इनकार  गौरतलब हो कि यह याचिका दरगाह की देख-रेख करने वाली संस्था अंजुमन की ओर से दायर की गई थी। अंजुमन के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय केस में स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि देशभर की अदालतों में धार्मिक स्थलों से जुड़े नए मुकदमे स्वीकार न किए जाएं, सर्वे न कराए जाएं और कोई निर्णायक आदेश पारित न हो। इसके बावजूद अजमेर की सिविल कोर्ट लगातार दरगाह विवाद से जुड़ी सुनवाई कर रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। यही नहीं, हाईकोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि “अजमेर की सिविल कोर्ट में कल यानी 19 अप्रैल को इस मामले की फिर सुनवाई होनी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर (Ajmer Dargah Dispute) दिया और अब अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय कर दी है।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की (Ajmer Dargah Dispute) की मांग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक अंजुमन की याचिका में केंद्र सरकार समेत 8 पक्षों को शामिल किया गया है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग (Ajmer Dargah Dispute) की। दरअसल, उनका तर्क था कि “अजमेर की जिला अदालत में चल रहे मुकदमे में अंजुमन अब तक पक्षकार नहीं है, ऐसे में वह हाईकोर्ट में हस्तक्षेप की मांग कर ही नहीं सकती। हालांकि, अंजुमन की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि “उन्होंने खुद को पक्षकार बनाने की मांग को लेकर सिविल कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। शनिवार को होने वाली सुनवाई में अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह व्यक्तिगत रूप से अपनी दलीलें पेश करेंगे।” बता दें कि दरगाह से जुड़ा यह विवाद न सिर्फ कानूनी मामला है, बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक मामला भी बन चुका है। कहने की जरूरत नहीं अब सभी की निगाहें राजस्थान हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news Ajmer Dargah Dispute #AjmerDargah #RajasthanHighCourt #DargahDispute #AjmerNews #LegalUpdate #CourtNews #MuslimCommunity #IndiaNews #HighCourtVerdict #AjmerCase

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₹50 crore job scam

Constable fraud: सैकड़ों पुलिसकर्मियों को सुनहरे ख्वाब दिखाकर कांस्टेबल ने की 50 करोड़ रुपये की ठगी

ठग और पुलिस के कई किस्से सभी ने सुन ही रखे हैं। जहाँ एक ठग पहले तो आम लोगों को शार्टकट अमीर होने का लालच देकर उनसे लाखों करोड़ों वसूलता है और फिर मौका पाकर रफूचक्कर हो जाता है। लेकिन क्या हो जब एक पुलिस वाला ही पुलिस वालों से ठगी (Constable fraud) कर ले। वो भी हजार दो हजार की नहीं, करोड़ों की? दरअसल, अजमेर पुलिस का एक कांस्टेबल इतना शातिर निकला कि उसने अपने ही सैंकड़ों साथी पुलिसकर्मियों से करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करके फरार हो गया। जब उसके खेल का पर्दाफ़ाश हुआ तो सभी सन्न रह गए। बड़ी बात यह कि ठग कांस्टेबल का टीचर भाई भी उसके साथ इस ठगी में शामिल था। फ़िलहाल दोनों भाई अब फरार हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पवन कुमार ने पुलिस लाइन के साथ ही अलग-अलग स्थानों पर तैनात जवानों को अपना निशाना बनाया। उन्हें जल्द पैसे डबल करने का लालच दिया और फिर विदेशी कंपनी में निवेश करने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ले लिए। यही नहीं, आरोपी पवन कुमार का भाई कुलदीप मीणा भी शिक्षा विभाग में सीनियर शिक्षक पद पर तैनात है। वह भी लंबे समय से फरार है। दोनों भाई पुलिस के जवानों और अधिकारियों के साथ ही आम जनता के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए हैं।  साल भर से अजमेर में ठग कांस्टेबल की ओर से ठगी (Constable fraud) का यह खेल खेला जा रहा था जानकारी के मुताबिक बीते साल भर से अजमेर में ठग कांस्टेबल की ओर से ठगी (Constable fraud) का यह खेल खेला जा रहा था। इस बीच कइयों ने शिकायतें भी दर्ज कराई। लेकन मजे की बात यह कि तब अधिकारियों के कानों जूं तक नहीं रेंगी। धीरे-धीरे जब उसके खिलाफ शिकायतें बढ़ने लगी तब जाकर आधुकरियों की नींद टूटी। पुलिस ने जब मामले की जांच पड़ताल की, तो सामने आया कि कांस्टेबल ने साल भर कुछ नहीं तो सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तकरीबन 50 करोड़ रुपये का चुना लगा चुका है। ठगी का यह आंकड़ा सामने आते ही पुलिस अधिकारी सन्न रह गए। न सिर्फ सन्न रह गए बल्कि आनन-फानन में आरोपी कांस्टेबल को सस्पेंड भी कर दिया है। खैर, अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अजमेर एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जागिड़ के मुताबिक, “आरोपी कांस्टेबल पवन कुमार अजमेर पुलिस लाइन में तैनात था। वह करौली जिले के कोटड़ा का रहने वाला है और लंबे समय से छुट्टी पर चल रहा है। ठगी का भेद खुलने के बाद अब उसकी गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया गया है। आरोपी के खिलाफ अजमेर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज की गई है। इसके साथ ही क्लॉक टावर थाने में कांस्टेबल दीपक कुमार ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। ठगी किए गए रुपये का आंकड़ा 50 करोड़ से अधिक है।” इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर बहकावे में आकर सोने के गहने बेचकर कर (Constable fraud) दिया था लाखों रुपये का निवेश एएसपी के अनुसार पीड़ित कांस्टेबल ने बताया कि “पवन कुमार ने उन्हें अधिक पैसे का लालच दिया था। उसके बहकावे में आकर उसने सोने के गहने बेचकर लाखों रुपये का निवेश कर (Constable fraud) दिया था। लेकिन अभी तक एक भी पैसा नहीं मिला है। इसी तरह की मिलती-जुलती कई शिकायतें पुलिस को मिली हैं। एएसपी ने कहा कि “बढ़ती शिकायतों को देख मामले को गंभीरता से लिया गया। और इसके गड़बड़ी पाए जाने पर कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Constable fraud #ConstableFraud #JobScam #PoliceScam #50CroreScam #FraudAlert #FakeJobs #IndiaScam #RecruitmentScam #ScamNews #JobFraud

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Drinking water problem

Rajasthan water crisis: राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी 

राजस्थान अपनी गर्मी के लिए मशहूर है। यहाँ की तपती गर्मी के झेल पाना सबके बस की बात नहीं। गर्मी का मौसम आते ही यहाँ पीने की पानी समस्या होना आम है। हर साल यहाँ पानी की किल्ल्त देखी जाती है। ऐसा ही एक मामला है, राजस्थान के सीकर जिले स्थित सबलपुरा गांव का, जहाँ पानी की समस्या खड़ी (Rajasthan water crisis) हो गई है। पानी कमी से गुस्साएं गाँव वालों का कहना है कि पिछले कई दिनों से जल आपूर्ति विभाग की ओर से बनाई गई पानी की टंकी से एक बूंद भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इस वजह से लगभग 800 घरों में पीने के पानी का संकट बना हुआ है। पानी का संकट गहराता देख स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लगातार जिला कलेक्टर आवास, जलदाय विभाग और स्थानीय प्रशासन के पास अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। यहां तक कि प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। परंतु अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इस बीच ग्रामीणों ने जलदाय विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया।   पैसे खर्च कर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं प्राइवेट पानी के टैंकर पानी की कमी का आलम यह है कि सबलपुरा के ग्रामीणों को मजबूरन पैसे खर्च कर प्राइवेट पानी के टैंकर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं। हालांकि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जलदाय विभाग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सबलपुरा के उप-सरपंच गजेंद्र सिंह ने बताया कि “गांव में करीब एक सप्ताह से पेयजल की समस्या बनी हुई है। दरअसल, पहले सबलपुरा ग्राम पंचायत में आता था। परिसीमन के बाद इसे सीकर नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। लगभग 30 साल पहले विधायक कोटे से गांव में एक ट्यूबवेल का निर्माण करवाया गया था। इसी ट्यूबवेल से पानी की टंकी में सप्लाई होती है। अब यह ट्यूबवेल काफी पुराना हो चुका है और उसकी मोटर भी बार-बार खराब हो रही है।  इसे भी पढ़ें:–  रेखा गुप्ता रबर स्टांप CM…’,अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री पति के बैठक पर AAP का हमला, भाजपा का जबरदस्त पलटवार 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी (Rajasthan water crisis) करवाया अवगत  ग्रामीणों का कहना है कि “जलदाय विभाग की टंकी से आधे गांव में ही पानी पहुंचता है और वह भी कुछ ही मिनटों की सप्लाई में सीमित होता है, जिससे जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। जब इस समस्या की शिकायत विधायक से की गई, तो उन्होंने सिर्फ आश्वासन दिया। अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने दूसरे ट्यूबवेल के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही है, लेकिन उसमें भी समय लगेगा।” इस बीच ग्रामीणों ने यह भी कहा कि “उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी अवगत (Rajasthan water crisis) करवाया। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।   Latest News in Hindi Today Hindi news  Rajasthan water crisis #RajasthanWaterCrisis #WaterShortage #DrinkingWaterCrisis #NoWater #WaterScarcity #SaveWater #RuralCrisis #IndiaWaterIssue #DroughtAlert #WaterCrisisNews

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Vasundhara Raje's Rift Shakes BJP

Vasundhara Raje BJP rift: वसुंधरा राजे की नाराजगी से बीजेपी में मचा हड़कंप, अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कही यह बात

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराजगी ने (Vasundhara Raje BJP rift) बीजेपी खेमे में हलचल मचा दी है। राजे के बयान का असर यह हुआ कि आनन-फानन मेंसीएम भजनलाल शर्मा को जलदाय विभाग के अधिकारियों को तलब करना पड़ा। दरअसल, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने झालावाड़ से राजस्थान में पानी के संकट का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद से सूबे सियासत गरमा गई थी।  विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर वसुंधरा राजे हकीकत में पानी के संकट पर गंभीर हैं तो पूरे राजस्थान को लेकर बात करनी चाहिए। इसके बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई। सीएम भजनलाल ने संबंधित विभाग से जुड़े अधिकारियों की क्लास ले ली। और सख्त चेतावनी देते हुए सूबे में पानी का विशेष इंतजाम करने की हिदायत दे दी।  पानी की किल्लत के चलते राजे ने अफसरों को लगाई फटकार (Vasundhara Raje BJP rift)  बता दें कि बीते दिनों पूर्व सीएम वसुंधरा राजे झालावाड़ के अपने निर्वाचन क्षेत्र में अचानक जा पहुंची और तपती गर्मी के बीच ग्रामीण इलाके में लोगों की समस्याएं सुनने लगी। स्थानीय लोगों ने पानी संकट की बात रखी, तो राजे ने अफसरों को फटकार (Vasundhara Raje BJP rift) लगाते हुए कहा कि “अफसर सो रहे हैं। जनता रो रही है, वे ऐसा नहीं होने देंगी।” गौर करने वाली बात यह कि राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकारिणी का फैसला होना है। और ऐसे समय में राजे ने भजनलाल सरकार की ब्यूरोक्रेसी की क्लास उस समय लगाकर सीएम को सकते में डाल दिया है। कहने की जरूरत नहीं, राजे की इस नाराजगी को भजनलाल सरकार पर बिना नाम लिए हमला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे पानी का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करके खुद की भी नाराजगी जाहिर कर दी। राजे की नाराजगी के बाद सकते में आई बीजेपी ने सफाई दी। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “राजे अपनी क्षेत्र की चिंता कर रही हैं। उन्हें अधिकारियो को ऐसे समझना पड़ा।  इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी को आड़े हाथों लेने का मौका दे दिया है कहने की जरूरत नहीं, राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी में गुटबाजी और सरकार से नाराजगी पर वार करने का मौका दे दिया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजे के बयान को जायज ठहराते हुए कहा कि “वसुंधरा राजे ने ठीक मुद्दा उठाया लेकिन वो दो बार सीएम रह चुकी हैं और सरकार को पानी को लेकर काम से संतुष्ट नहीं है तो पूरे राज्य के हित में इस मुद्दे को उठाना चाहिए और सरकार की पानी की योजना की खामियों को गिनाना चाहिए।” इत्तेफ़ाक की बात यह कि वसुंधरा राजे बयान के अगले दिन ही उनके करीबी सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा ने अतिक्रमण हटाने के सरकारी अभियान का विरोध करते हुए अपनी ही सरकार पर हिन्दू विरोधी काम करने का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि एक बार फिर राजथान बीजेपी की गुटबाजी खुलकर जाहिर होने लगी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Vasundhara Raje BJP rift #VasundharaRaje #BJP #AshokGehlot #RajasthanPolitics #PoliticalRift #BJPNews #RajeVsBJP #GehlotRemark #BJPConflict #IndianPolitics

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Rajasthan CM Bhajanlal’s Strict Warning to Officers

Rajasthan CM strict order: इस वजह से सीएम भजनलाल शर्मा ने दी अधिकारियों को यह सख्त चेतावनी

गर्मी का मौसम आते ही पानी की किल्ल्तें बढ़ जाती हैं। तपती गर्मी में आमजन को पानी की भारी कमी का समना करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गर्मी में पीने के पानी की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा हेतु बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त (Rajasthan CM strict order) निर्देश देते हुए कहा कि “गर्मी में जनता को यदि पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं है। गौरतलब हो कि हाल में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में पानी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा था कि “अधिकारी सो रहे हैं, जनता रो रही है, मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।” फिर क्या था उसके बाद विपक्षी कांग्रेस ने भजनलाल शर्मा सरकार को घेर लिया था। कारण यही जो खुद को चौतरफा घिरता देख सीएम भजनलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को पानी की व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री निवास पर बैठक बुलाई थी।  शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत (Rajasthan CM strict order) नहीं होनी चाहिए प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पीने का पानी मुहैया करवाया जाए।” उन्होंने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलाधिकारी आकस्मिक योजना के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए।” सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि “अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें।” बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नए हैण्डपंप, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपंप, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने समेत पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य के 15 मई से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि “पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारियों को एक-एक करोड़ रुपये का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। 15 मई से पहले गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपप और नलकूपों को चालू कर दिया जाए तथा इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपंप की वित्तीय स्वीकृति भी जल्द जारी कर काम जल्दी शुरू किया जाए।  इसे भी पढ़ें:-काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं इस बीच बैठक में बताया गया कि “गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल महीने में दो लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपंप’की मरम्मत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपये के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपये के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने और पंपसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के शिखर पर रहने के दौरान टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी गई है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Rajasthan CM strict order #RajasthanCM #BhajanlalSharma #StrictOrder #GovernmentWarning #RajasthanNews #CMAction #IndiaPolitics #StateUpdate #BureaucracyAlert #PoliticalNews

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Vasundhara Raje Seeks Audit

Congress attack BJP: वसुंधरा राजे ने अधिकारियों से मांगा पाई-पाई का हिसाब, कांग्रेस नेता ने ढूंढा आपदा में अवसर

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अधिकारियों को फटकार क्या लगाईं कांग्रेस की बाँझे खिल गई। कांग्रेस अब इसे एक बड़े अवसर की तौरपर देख रही (Congress attack BJP) है। दरअसल, मंगलवार की शाम पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पहुंची रायपुर कस्बे के दौरे पर थी। तभी ग्रामीणों ने उनसे पेयजल संकट की शिकायत कर दी। फिर क्या था, पूर्व मुख्यमंत्री जलजीवन मिशन और जलदाय विभाग के अफसरों पर ही बरस पड़ीं। इस दौरान, राजे ने अधिकारियों से पूछा कि “क्या जनता को प्यास नहीं लगती? सिर्फ आप अफसरों को ही लगती है। गर्मी में पेयजल संकट के कारण जनता त्रस्त है। अफसर तृप्त हैं। पानी कागजों में ही नहीं, बल्कि लोगों के होठों तक पहुंचे। अफसर सो रहें है, लोग रो रहें हैं। मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 42 हजार करोड़ जल जीवन मिशन में दिए हैं। पाई-पाई का हिसाब दो कि झालावाड़ के हिस्से की राशि का आपने क्या किया?” अधिकारीयों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “पेयजल संकट निवारण के लिए हमारी सरकार तो पैसा दे रही है, लेकिन अफसर योजनाओं का सही क्रियान्विति नहीं कर रहे। इसलिए राजस्थान के लोग प्यास से व्याकुल हैं। यह तो अप्रैल का हाल है। जून-जुलाई में क्या होगा?” अपने ही सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाना कांग्रेस (Congress attack BJP) के लिए किसी बड़े मौके से कम नहीं  ध्यान देने वाली बात यह कि राजे के सवाल का अधीक्षण अभियंता समेत उपस्थित किसी भी अधिकारी ने संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। इससे नाराज राजे ने कहा कि “लोगों के धैर्य की परीक्षा मत लीजिए। झालावाड़ में ऐसा हरगिज नहीं चलेगा।” वसुंधरा राजे ने इस दौरान मौजूद अधिकारियों को जमकर लताड़ा। यह तो ठीक, लेकिन अब इस पर राजनीति तेज होने लगी है। दरअसल, वसुंधरा राजे का इस तरह अपने ही सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाना और पाई-पाई का हिसाब मांगना कांग्रेस (Congress attack BJP) के लिए किसी बड़े मौके से कम नहीं लग रहा है। इसका राजनीतिक फायदा उठाते हुए टीकाराम जूली ने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा बल्कि कड़ी प्रतिक्रिया भी दी।  इसे भी पढ़ें:-  वक्फ संसोधन बिल के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में इस वजह से भड़की हिंसा  जब भाजपा की ही पूर्व मुख्यमंत्री इस सरकार के अधिकारियों के सामने इतनी मजबूर हैं, तो आमजन की स्थिति क्या होगी? बता दें कि प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा (Congress attack BJP) कि “पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का ट्वीट भाजपा सरकार की सच्चाई उजागर करने के लिए काफी है। कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी कि पूर्व मुख्यमंत्री को अपनी पार्टी की सरकार के बावजूद पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति के लिए अपनी बात मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से कहनी पड़ रही है। जब भाजपा की ही पूर्व मुख्यमंत्री इस सरकार के अधिकारियों के सामने इतनी मजबूर हैं, तो आमजन की स्थिति समझी ही जा सकती है।” यही नहीं, कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “अब तो राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री भी कह रही हैं कि जनता परेशान है और अफसर सो रहे हैं। भजनलाल सरकार को अब तो नींद से जाग जाना चाहिए।” Latest News in Hindi Today Hindi News Congress attack BJP #VasundharaRaje #CongressVsBJP #RajasthanPolitics #BJPNews #DisasterFunds #PoliticalScandal #CongressLeader #BJPControversy #AuditDemand #NewsUpdate

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Love Jihad Horror Unfolds in Jodhpur

Love Jihad Jodhpur: जोधपुर में दिखी लव जिहाद की झांकी, फ्रीज से लेकर सूटकेस में भरे पड़े थे लड़कियों के कटे अंग

रविवार को देशभर में रामनवमी त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर देश भर में शोभायात्रा और झांकियां निकाली गई। इस दौरान कई हिंदू संगठनों ने पदयात्रा निकाली। इसी कड़ी में जोधपुर में भी रामनवमी के मौके पर आलीशान शोभायात्रा निकाली गई। जानकारी के मुताबिक इस शोभा यात्रा में करीब तकरीबन 450 झांकियां थी। एक के बाद एक झांकियां गुजर ही रहीं थी कि इन झांकियों में शामिल एक झांकी को देखकर सभी का कालेज मुंह को आ गया। दरअसल, यह झांकी लव जिहाद (Love Jihad Jodhpur) के मुद्दे पर बनाई गई थी। इस झांकी में लव जिहाद की शिकार हुई लड़कियों की कहानी दर्शाने की कोशिश की गई थी। यह झांकी जोधपुर के सूरसागर विधानसभा क्षेत्र से शोभायात्रा में शामिल होने आई थी। लव जिहाद की शिकार हुई लड़कियों का क्या हश्र होता है? इस झांकी में इसका संदेश देने का प्रयास किया गया था।   सूटकेस में कटी हुई लड़कियों की बॉडी (Love Jihad Jodhpur) को दिखाया गया था  बता दें कि हिंदू लड़कियां लव जेहाद की शिकार हो जाती है और फिर उनकी कहानी दर्दनाक मौत की चौखट पर जाकर ही खत्म होती है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस झांकी के लिए पुलिस ने खास सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे। बता दें कि इस झांकी में फ्रिज और सूटकेस में लड़कियों की बॉडी के खून से सने कृत्रिम अंगों को दर्शाया गया था। लड़कियों की बॉडी के टुकड़े फ्रिज में टुकड़े डाले रखे गए थे। यही नहीं, इसके साथ ही सूटकेस में भी कटी हुई लड़कियों की बॉडी (Love Jihad Jodhpur) को दिखाया गया था।  इसे भी पढ़ें:- मराठी बनाम हिंदी विवाद से डरा महाराष्ट्र का उद्योग जगत, कारोबारियों को सता रहा मजदूरों के पलायन का डर लव जिहाद (Love Jihad Jodhpur) का शिकार होने से बचने का दिया गया था संदेश झांकी को तैयार करने वाले लोगों ने बताया कि “हिंदू युवतियों को इस झांकी के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि वे लव जिहाद (Love Jihad Jodhpur) का शिकार होने से बचें।” आयोजनकर्तओं का कहना था कि “आज देशभर में हिन्दू लड़िकयों को प्रेम जाल में फंसा कर लव जिहाद का शिकार बनाया जाता है। भोली भाली लड़कियों की बेरहमी से कत्ल किए जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब हिंदू लड़कियों को जागरुक होने की जरुरत है। इसलिए रामनवमी महोत्सव में यह खास झांकी की तैयार की गई है ताकि हिंदू लड़कियों में जागरुकता आ सके। गौरतलब हो कि विगत वर्षों में लव जिहाद के मामलों में वृद्धि देखी है। जिसके चलते युवतियों को इसके प्रति जागरूक होना जरूर है। बेशक इस तरह की झांकियां समाज को जगाने का काम करती हैं। कहने की जरूरत नहीं जोधपुर की इस झांकी ने राज्य से देश का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है। लव जिहाद के बढ़ते मामलों के मद्देनजर यह एक सराहनीय कदम है। ऐसे में वर्तमान समय में लोगों के इसकी जागरूकता होना भी जरूरी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Love Jihad Jodhpur #LoveJihad #JodhpurNews #SuitcaseMurder #CrimeInIndia #ReligiousViolence #BreakingNews #JodhpurHorror #IndianNews #LoveJihadCase #ViralNews

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Demand to shut illegal madrasas

Demand to shut illegal madrasas: विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कलेक्टर से की अवैध मदरसों को बंद करने की मांग

राजस्थान की राजधानी जयपुर के हवामहल निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य को अवैध मदरसों में अवैध गतिविधियों और अनैतिक कृत्यों की शिकायतें मिल रही थीं। इस संबंध में बालमुकुंद आचार्य ने जयपुर में चल रहे अवैध मदरसों की जांच कराने और उन्हें बंद (Demand to shut illegal madrasas) करने की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने यह लेटर हवामहल विधानसभा के एक स्थानीय निवासी की उस शिकायत के बाद 3 अप्रैल को लिखा है, जिसमें जलमहल के सामने स्थित मदरसे के मौलाना पर नाबालिग का अपहरण करने के बाद फर्जी निकाह करने के आरोप लगाए गए हैं। बता दें कि इस लेटर में भाजपा विधायक ने लिखा है कि “मेरी जानकारी में आया है कि अपराकाशी जयपुर शहर में मदरसे बिना सरकारी मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। इनमें कई प्रकार के अनैतिक कार्य होने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। मदरसा संचालकों के भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। इसीलिए जयपुर शहर के सभी मदरसों की जांच करवाकर, अनाधिकृत रूप से संचालित मदरसों पर कार्रवाई करवाकर, उन्हें बंद करवाने की कार्रवाई का कष्ट करें।” पुलिस अधिकारियों को दिए एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश (Demand to shut illegal madrasas) जानकारी के मुताबिक स्वामी बालमुकुंद ने यह लेटर हवामहल विधानसभा के एक स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद लिखा है। लिखे पत्र में जलमहल के सामने स्थित मदरसे के खिलाफ गंभीर (Demand to shut illegal madrasas) आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक मौलाना मुफ्ती सलीम पुत्र रईस पर एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर जबरन अपहरण करने और फिर फर्जी निकाह कराने का आरोप है। जानकारी के लिए बता दें कि यह मदरसा राज्य सरकार या अन्य किसी संस्था से रजिस्टर ही नहीं है। इस मामले पर बालमुकुंद आचार्य का कहना हे कि “इसके पहले भी कई गरीब तबके की बच्चियों के साथ अनैतिक कृत्य करने, खाडी देशों से चंदा लेने, हवाला के जरिए पैसा प्राप्त कर उसका उपयोग देशद्रोही की गतिविधियों में करने, जयपुर में तीन-तीन फर्जी आईडी बनाकर निवास करने जैसी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।”  इसे भी पढ़ें:- वक्फ बिल पास होते ही कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, महाराष्ट्र के इस बड़े मुस्लिम नेता ने छोड़ी पार्टी अवैध मदरसों में चल रही थी गैरकानूनी गतिविधियां (Demand to shut illegal madrasas) बता दें कि जयपुर शहर में बिना किसी सरकारी मान्यता के संचालित कुछ मदरसों में अवैध गतिविधियों और अनैतिक कृत्यों की शिकायतें बालमुकुंद आचार्य को लगातार मिल रही थी। इसी कड़ी में विधायक को हवा महल क्षेत्र के स्थानीय निवासियों द्वारा मदरसा नूर उल इस्लाम, टोंक वालों की बस्ती, जेपी कॉलोनी,   जलमहल के सामने स्थित मदरसे के खिलाफ गंभीर शिकायत (Demand to shut illegal madrasas) प्राप्त हुई। विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने इस गंभीर मामले में न सिर्फ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए हैं बल्कि  जिला कलेक्टर को भी पत्र लिखा है। विधायक का मानना है कि इस प्रकार की संस्थाएं समाज में घोर असुरक्षा और अव्यवस्था पैदा कर रही हैं। गौरतलब है कि रमजान के महीने में भी बालमुकुंद आचार्य ने लाउडस्पीकर की तेज आवाज से आम जनता को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया था और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर छतों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग की थी।  Latest News in Hindi Today Hindi News Demand to shut illegal madrasas #IllegalMadrasas #BalmukundAcharya #MadarsaBan #EducationReform #ReligiousSchools #MadarsaControversy #IndiaPolitics #CollectorMemorandum #ShutMadrasas #MLAProtest

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Bhajanlal Sharma on illegal mining

Bhajanlal Sharma on illegal mining: अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जीरो टॉलरेंस, लिया यह बड़ा फैसला 

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने खनन माफियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ मुहीम छेड़ रखी है। इसके तहत सूबे में अवैध खनन माफिया पर एक्शन के दौरान जब्त की गई बजरी (कंकड़) और अन्य खनिज को 15 दिन के भीतर ही नीलाम कर दिया जाएगा। यही नहीं, जब्त वाहनों को 21 अप्रैल तक कोर्ट से राज्यसात कराने के बाद नीलाम कर दिया जाएगा। यह जानकारी माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने शुक्रवार को अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग के दौरान दी। अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग के दौरान टी. रविकान्त ने कहा कि “मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहे हैं। सीएम के निर्देशानुसार विभाग ने अभियान की आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ सख्त व प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्हें स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि “इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”  15 दिन में की जाए नीलामी की कार्रवाई (Bhajanlal Sharma on illegal mining)  बता दें कि इस दौरान टी. रविकान्त ने बताया कि “जब्त बजरी, अन्य खनिज व वाहन पुलिस थानों में लंबे समय तक रखे रहने से छीजत होने की संभावना रहती है। साथ ही जब्ती का उद्देश्य भी पूरा नहीं होता। राज्य सरकार को राजस्व भी नहीं मिल पाता। ऐसे में उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए 15 दिन में नीलामी की कार्रवाई (Bhajanlal Sharma on illegal mining) की जाए। इसके अलावा अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर जिला कलक्टर के मार्गदर्शन व संबंधित विभागों से समन्वय बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में जब्त बजरी सहित खनिजों की नीलामी तय समय-सीमा में सुनिश्चित करवा दी जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश  अवैध खनन गतिविधियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष दल गठित किए जा रहे हैं वैध खनन को बढ़ावा दिया जा सके इसलिए रविकान्त ने खनन क्षेत्रों के डेलिनियेशन और प्लॉट व ब्लॉक तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के साथ ही इनकी नीलामी की कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने रिकार्ड राजस्व अर्जन व 23.62 प्रतिशत की विकास दर अर्जित करने के लिए खान एवं भूविज्ञान विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों की प्रशंसा भी की। यही नहीं माइंस निदेशक दीपक तंवर ने बताया कि अवैध खनन गतिविधियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष दल गठित किए जा रहे हैं और होमगार्ड सहित आवश्यक मानव संसाधन लगाया जा रहा है। देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान सरकार के इस कदम का क्या असर होगा और किस हद तक अवैध खनन पर लगाम लगाई जा सकेगी। Latest News in Hindi Today Hindi News Bhajanlal Sharma on illegal mining IllegalMining #BhajanLalSharma #ZeroTolerancePolicy #RajasthanNews #AntiMiningAction #MiningBan #EnvironmentalProtection

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