नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कार्यभार संभाला, परीक्षा सुधार को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

नई दिल्ली: केंद्र सरकार में हालिया फेरबदल के बाद प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय उनके लिए नया विषय है, लेकिन वे इसे पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ संभालेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों का विश्वास बहाल करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

कार्यभार संभालने के तुरंत बाद प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े मुद्दों और हालिया परीक्षा विवादों पर भी चर्चा हुई।

परीक्षा सुधार पर रहेगा विशेष फोकस

प्रह्लाद जोशी ने संकेत दिया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए तेजी से कदम उठाएगी। प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं—

  • पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था।
  • तकनीक आधारित परीक्षा प्रबंधन।
  • NTA की कार्यप्रणाली की समीक्षा।
  • समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाएं।
  • छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए संस्थागत सुधार।

पीएम मोदी की परीक्षा सुधार पहल को मिलेगा बल

शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल परीक्षा सुधार टास्क फोर्स के साथ समन्वय कर सुधारों को आगे बढ़ाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। सरकार का लक्ष्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और लीक-प्रूफ बनाना है।

छात्रों और अभिभावकों की बढ़ीं उम्मीदें

हाल के परीक्षा विवादों के बाद लाखों छात्र नई शिक्षा नेतृत्व से ठोस सुधारों की उम्मीद कर रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित सुधार समयबद्ध तरीके से लागू होते हैं, तो प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में विश्वास दोबारा मजबूत हो सकता है।

निष्कर्ष

प्रह्लाद जोशी के शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के साथ शिक्षा मंत्रालय एक महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर चुका है। अब सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, छात्रों का भरोसा बहाल करना और व्यापक शिक्षा सुधारों को तेजी से लागू करना होगी।

Source:

Press Information Bureau (PIB) | Ministry of Education | Times of India

जय राष्ट्र न्यूज़

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