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नागपुर में SBI बैंक से ₹4.53 लाख की लूट; आंखों में मिर्च पाउडर डालकर आरोपी फरार, 30 मिनट में गिरफ्तार

नागपुर, 12 सितंबर 2026: Maharashtra के Nagpur में State Bank of India (SBI) की एक branch में फिल्मी अंदाज में लूट की वारदात सामने आई। एक नकाबपोश युवक ने bank employees की आंखों में लाल मिर्च पाउडर फेंका और ₹4.53 लाख cash लेकर फरार हो गया। हालांकि Police ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को करीब 30 मिनट के अंदर गिरफ्तार कर पूरी रकम बरामद कर ली। Customer बनकर Bank में घुसा आरोपी घटना Nagpur के Sakkardara इलाके में Bhande Plot स्थित SBI branch की है। आरोपी सामान्य customer की तरह bank में दाखिल हुआ था और उसने अपना चेहरा सफेद कपड़े से ढक रखा था। Cash counter के पास पहुंचते ही उसने अचानक कर्मचारियों पर मिर्च पाउडर फेंकना शुरू कर दिया। इससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और इसी दौरान आरोपी cash लेकर बाहर भाग गया। ₹4.53 लाख लेकर हुआ फरार Police के मुताबिक आरोपी ने मौके से करीब ₹4.53 लाख की रकम उठाई और भाग निकला। घटना bank के CCTV cameras में रिकॉर्ड हो गई। Bank employees ने तुरंत शोर मचाया और आरोपी का पीछा भी किया, जबकि local police और beat marshals को घटना की सूचना दी गई। 30 मिनट में Police ने दबोचा Police ने CCTV footage और आरोपी के भागने की दिशा के आधार पर search operation शुरू किया। कुछ ही समय में उसे पकड़ लिया गया। आरोपी की पहचान 28 वर्षीय Suraj Borkar के रूप में हुई है, जो Nagpur Rural के Bhivapur tehsil के Tatoli इलाके का रहने वाला बताया गया है। उसके पास से पूरे ₹4.53 लाख बरामद कर लिए गए। बेरोजगार होने की बात आई सामने Police के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुद को बेरोजगार और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा बताया है। Investigators यह भी जांच कर रहे हैं कि उसने वारदात अकेले की या इसमें किसी और की मदद शामिल थी। पहले से की थी रेकी? Preliminary investigation में आशंका जताई गई है कि आरोपी ने bank और cash movement की पहले से रेकी की हो सकती है। Police ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। source – Hindustan Times / UNI / ABP Live जय राष्ट्र न्यूज़

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₹132 करोड़ Bank Fraud Case में ED की बड़ी कार्रवाई, Bihar-Delhi-Haryana के 9 ठिकानों पर Raid

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026: Enforcement Directorate (ED) ने कथित ₹132 करोड़ के bank fraud case में शुक्रवार को Bihar, Haryana और Delhi के कुल 9 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई Gaya स्थित Ramnandi Hotels and Resorts Ltd (RHRL) और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ money laundering investigation के तहत की गई। Gaya में 6, Gurugram में 2 और Delhi में 1 ठिकाने पर Search ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) की Section 17 के तहत searches कीं। Agency के मुताबिक इनमें: शामिल हैं। RHRL को Akhouri Gopal और उनके बेटों Nishant और Nitesh द्वारा नियंत्रित बताया गया है। ₹85 करोड़ Loan में से ₹58 करोड़ Diversion का आरोप ED की जांच में आरोप है कि banks के consortium ने company को करीब ₹85 करोड़ का loan दिया था, जिसमें से लगभग ₹58 करोड़ divert किए गए। Officials के मुताबिक loan allegedly fake या forged project completion reports के आधार पर हासिल किए गए थे। ये reports company के Chartered Accountant की ओर से दिए जाने का आरोप है। Mortgaged Properties बेचने का भी आरोप Investigation में पांच ऐसी properties भी सामने आई हैं, जिन्हें एक related group entity की dues के बदले Tata Motors Ltd के पास pledge या mortgage किया गया था। ED का आरोप है कि इन properties को बाद में काफी कम कीमत पर बेचा गया और sale deeds में consideration cash के रूप में दिखाया गया। कुछ buyers के benami या proxy होने की भी जांच की जा रही है। CBI Chargesheet में ₹131.79 करोड़ का मामला Officials के मुताबिक CBI chargesheet के आधार पर इस case में proceeds of crime करीब ₹131.79 करोड़ आंका गया है, जो संबंधित Non-Performing Asset (NPA) value से जुड़ा है। ED यह भी जांच कर रही है कि क्या assets को संभावित attachment से बचाने के लिए उन्हें transfer या alienate करने की कोशिश की गई थी। source – Times of India / ED Officials जय राष्ट्र न्यूज़

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पुलिस चौकी के बाहर युवक ने खुद को आग लगाई, पुलिसकर्मियों ने बुझाई आग; Police Role की भी जांच

गाजियाबाद, 11 सितंबर 2026: Uttar Pradesh के Ghaziabad स्थित Khoda थाना क्षेत्र की Nehru Garden Police Chowki के बाहर एक युवक ने खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाई और युवक को इलाज के लिए Delhi के GTB Hospital पहुंचाया। मारपीट की शिकायत से जुड़ा है मामला युवक ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने पहले उसके साथ मारपीट की थी। इस संबंध में वह पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचा था। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक युवक का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की और बाद में उसे दूसरे पक्ष के साथ समझौता करने के लिए कहा गया। Police Chowki में दोनों पक्ष थे मौजूद युवक के आरोप के अनुसार उसे बुधवार शाम Nehru Garden Police Chowki बुलाया गया था, जहां दूसरे पक्ष के लोग भी मौजूद थे। उसने आरोप लगाया कि चौकी में उस पर समझौते का दबाव बनाया गया और उसे धमकाया भी गया। इसी दौरान वह चौकी से बाहर आया और खुद को आग लगा ली। ये आरोप अभी जांच के अधीन हैं। Police और स्थानीय लोगों ने बचाया घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। Police personnel और आसपास मौजूद लोग तत्काल युवक की मदद के लिए पहुंचे और आग बुझाई। इसके बाद उसे treatment के लिए hospital भेजा गया। कुछ reports में उसकी हालत गंभीर बताई गई थी, जबकि बाद की एक रिपोर्ट में उसे खतरे से बाहर बताया गया है। कुछ संदिग्ध हिरासत में Police officials के मुताबिक शिकायत के आधार पर FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। Police यह भी जांच कर रही है कि chowki पर मौजूद personnel की ओर से किसी तरह की negligence या misconduct हुआ था या नहीं। Viral Video भी आया सामने घटना का video social media पर सामने आया है, जिसमें युवक के आग की चपेट में आने के बाद police personnel और स्थानीय लोग उसे बचाने के लिए दौड़ते दिखाई देते हैं। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच Police का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों, पुराने विवाद और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसलिए पुलिस पर लगाए गए समझौते के दबाव और धमकी के आरोपों को फिलहाल allegations के रूप में ही देखा जाना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी स्पष्ट होगी। source – Times of India / Hindustan / Aaj Tak जय राष्ट्र न्यूज़

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7 Foreign Nationals से जुड़े मामले में NIA Probe जारी, Anti-Terror Charges की संभावना बरकरार

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026: National Investigation Agency (NIA) ने एक अमेरिकी और छह Ukrainian nationals से जुड़े मामले में anti-terror angle की जांच जारी रखी है। Agency ने सातों के खिलाफ Immigration and Foreigners Act, 2025 के तहत chargesheet दाखिल की है, लेकिन मौजूदा chargesheet में UAPA provisions शामिल नहीं किए गए हैं। एक American और छह Ukrainian नागरिक आरोपी सात आरोपियों में US citizen Matthew Aaron Van Dyke और छह Ukrainian nationals शामिल हैं। NIA की जांच के मुताबिक ये लोग December 2025 में India आए और बाद में Mizoram के रास्ते कथित तौर पर illegally Myanmar पहुंचे। Myanmar में Drone Warfare Training देने का आरोप Agency का आरोप है कि foreign nationals Myanmar के Victoria Camp पहुंचे और वहां ethnic armed groups के सदस्यों को drone warfare से जुड़ी training दी। इसमें drone operation, assembly और jamming technology जैसी techniques शामिल होने का आरोप है। अभी Anti-India Activity का ठोस सबूत नहीं NIA investigation में foreign nationals के Myanmar-based armed groups से links सामने आए हैं, लेकिन अभी तक भारत के खिलाफ किसी concrete terror activity का निर्णायक evidence नहीं मिला है। इसी वजह से मौजूदा chargesheet में UAPA की धाराएं नहीं लगाई गई हैं। UAPA Probe अभी भी खुली हालांकि agency ने साफ किया है कि इसका मतलब anti-terror investigation बंद होना नहीं है। NIA ने further investigation जारी रखी है और अगर आगे evidence मिलता है तो supplementary chargesheet में UAPA offences जोड़े जा सकते हैं। Chargesheet 8 सितंबर को दाखिल NIA ने 8 सितंबर को Delhi की Special NIA Court के सामने chargesheet दाखिल की थी। इसमें सातों आरोपियों के खिलाफ Immigration and Foreigners Act, 2025 की Sections 21 और 23 लगाई गई हैं। आज की Fresh Update 10 सितंबर की महत्वपूर्ण development यह है कि agency की anti-terror probe अभी जारी है और सातों foreign nationals के alleged network तथा activities की आगे जांच की जा रही है। फिलहाल उनके खिलाफ anti-India terror activity को साबित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। source – The Indian Express / NIA / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 7 की मौत, 5 DU छात्र शामिल; PG Operator भी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG building गिरने के हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें 5 Delhi University के छात्र शामिल थे। हादसा 6 सितंबर को DU South Campus के पास हुआ था। मामले में जांच तेज करते हुए Delhi Police ने अब PG operator Sudhanshu को भी गिरफ्तार कर लिया है। इन 5 DU छात्रों की हुई मौत हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान Abhishek Kumar (20), Yuvraj Soni (20), Pawan Kumar (17), Arpit Jahaj (18) और Akshat Singh Yadav (18) के रूप में हुई है। इसके अलावा दो मजदूरों की भी मौत हुई। अलग-अलग DU Colleges में पढ़ते थे छात्र 18 वर्षीय Arpit Jahaj Atma Ram Sanatan Dharma College में second-year student थे और Chartered Accountancy की तैयारी कर रहे थे। Yuvraj Soni Motilal Nehru College के second-year student और CA aspirant थे। हादसे में मारे गए अन्य छात्र भी Delhi University के अलग-अलग colleges में पढ़ाई कर रहे थे। Satya Niketan DU South Campus के छात्रों के लिए एक प्रमुख PG accommodation hub है। पांच मंजिला PG Building हुई थी धराशायी 6 सितंबर को करीब दोपहर 1:30 बजे Satya Niketan में Hostel Daze नाम से चल रही पांच मंजिला PG building अचानक गिर गई। मलबे में कई छात्र और अन्य लोग दब गए थे। Rescue operation अगले दिन शाम तक चला। Building में कथित Illegal Construction की जांच Police FIR के मुताबिक लगभग 50 साल पुरानी इमारत में अतिरिक्त floors और construction किए जाने की जांच की जा रही है। Police का आरोप है कि building की load-bearing capacity को लेकर जोखिम के बावजूद construction किया गया। इन आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद तय होगा। Owner और Family Members भी गिरफ्तार Delhi Police ने building owner Hariram Bansal, उनकी पत्नी Urmila Gupta और बेटे Mahesh Gupta को भी गिरफ्तार किया था। Hariram और उनकी पत्नी को 14 दिन की judicial custody में भेजा गया, जबकि बेटे को police custody मिली। अब PG Operator Sudhanshu गिरफ्तार मामले में 9 सितंबर को Police ने private hostel चलाने वाले Sudhanshu को गिरफ्तार किया। Police उससे building operations, accommodation और हादसे से पहले की परिस्थितियों को लेकर पूछताछ कर रही है। MCD के 5 Officials पर कार्रवाई हादसे के बाद Municipal Corporation of Delhi के पांच अधिकारियों को suspend किया गया। घटना ने Delhi में private PG और student hostels की structural और fire safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। PGs को Regulate करने की तैयारी हादसे के बाद Delhi government ने PG accommodations के लिए licensing, police clearance, structural और fire-safety NOC तथा public registration portal जैसी व्यवस्थाओं वाला regulatory framework तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सत्य निकेतन हादसे ने DU के हजारों outstation students के लिए सुरक्षित और affordable accommodation की कमी को फिर उजागर कर दिया है। Delhi University में 2.5 लाख से ज्यादा conventional-mode students के मुकाबले hostel capacity करीब 9,000 beds ही बताई गई है। source – Hindustan Times / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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₹10.64 लाख के नकली ₹500 नोटों का मामला: आरोपी Court में पेश, 10 सितंबर तक Police Custody

मुंबई, 8 सितंबर 2026: Mumbai Police Crime Branch ने high-quality counterfeit currency racket का भंडाफोड़ करते हुए ₹10.64 लाख की face value वाले 2,128 नकली ₹500 के नोट बरामद किए हैं। मामले में गिरफ्तार 38 वर्षीय आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां court ने उसे 10 सितंबर तक police custody में भेज दिया। Metro Cinema के पास बिछाया गया Trap Crime Branch Unit 2 को सूचना मिली थी कि नकली नोटों की supply से जुड़े लोग South Mumbai के Metro Cinema के आसपास आने वाले हैं। इसके बाद police team ने इलाके में trap लगाया और suspects को intercept किया। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में counterfeit ₹500 notes बरामद किए गए। 2,128 Fake Notes हुए बरामद Police के मुताबिक कुल 2,128 नकली ₹500 के नोट जब्त किए गए, जिनकी कुल face value ₹10.64 लाख है। Counterfeit notes की quality काफी अच्छी बताई गई है और पहली नजर में उन्हें genuine currency से अलग करना मुश्किल हो सकता था। आरोपी की पहचान Danish Khan के रूप में Reports के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान Danish Tahir Khan, 38, के रूप में हुई है। वह Thane क्षेत्र से जुड़ा बताया गया है और footwear/shoe business में काम करता था। Police उसके background और counterfeit currency network से उसके कथित संबंधों की जांच कर रही है। असली ₹500 के बदले दो Fake Notes देने का आरोप Crime Branch की शुरुआती जांच में सामने आया है कि accused allegedly buyers को एक genuine ₹500 note के बदले दो नकली ₹500 notes देने की पेशकश करता था। यानी ₹10,000 genuine currency देने वाले व्यक्ति को ₹20,000 face value की counterfeit currency दिए जाने का alleged model था। महिला से भी पूछताछ Investigation में एक महिला का नाम भी सामने आया है, जो आरोपी की पूर्व tuition teacher बताई जा रही है। Latest police version के अनुसार उससे पूछताछ की गई और उसकी भूमिका की जांच जारी है। Police यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि counterfeit currency की distribution chain में कौन-कौन लोग शामिल थे। Maharashtra के बाहर से आए Fake Notes Crime Branch के मुताबिक शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि counterfeit notes Maharashtra के बाहर से लाए गए थे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि notes किस राज्य में छापे गए या इनका मुख्य supplier कौन है। किसी foreign connection की भी अब तक पुष्टि नहीं हुई है। Close Inspection में सामने आए फर्क Police ने बताया कि नकली नोट genuine ₹500 currency की कई security features की नकल करते हैं। लेकिन ध्यान से देखने पर white margins, hologram और printing/font quality में कुछ अंतर दिखाई देते हैं। Investigators seized currency की forensic और technical examination भी करा सकते हैं। बड़े Network की तलाश में Crime Branch अब जांच का मुख्य focus counterfeit notes के source, supplier और संभावित buyers तक पहुंचना है। Police यह भी पता लगा रही है कि क्या इस network के जरिए पहले भी नकली currency Mumbai या दूसरे इलाकों के बाजार में पहुंचाई जा चुकी है। 10 सितंबर तक Police Custody गिरफ्तार आरोपी को आज court में पेश किया गया, जहां Crime Branch ने आगे की पूछताछ के लिए custody मांगी। Court ने आरोपी को 10 सितंबर तक police custody में भेज दिया। अब investigators उससे नकली नोटों की sourcing, distribution network और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में पूछताछ करेंगे। source – India Today / The Indian Express / Free Press Journalजय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्र भारद्वाज को Delhi High Court से राहत नहीं, गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका खारिज; Trial Court जाने को कहा

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को Delhi High Court से राहत नहीं मिली है। High Court ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली habeas corpus petition खारिज करते हुए कहा कि वह इस समय judicial orders के तहत custody में हैं और अपनी गिरफ्तारी या remand को appropriate trial court के सामने चुनौती दे सकते हैं। 7 सितंबर को High Court ने खारिज की Plea Justice Navin Chawla और Justice Ravinder Dudeja की division bench ने 7 सितंबर को भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई की। Petition में दावा किया गया था कि Delhi Police द्वारा की गई गिरफ्तारी illegal थी और उन्हें custody से release किया जाना चाहिए। हालांकि High Court ने habeas corpus के जरिए राहत देने से इनकार कर दिया। Court ने क्यों नहीं दी राहत? Delhi Police की ओर से court को बताया गया कि भारद्वाज को पहले एक दिन की police custody मिली थी, उसके बाद magistrate ने judicial custody का आदेश दिया। Court ने कहा कि जब किसी व्यक्ति की custody सक्षम अदालत के judicial order के तहत जारी है, तो उसे habeas corpus के जरिए सीधे चुनौती देने के बजाय उस remand order के खिलाफ उपलब्ध कानूनी remedy अपनानी होगी। अब Trial Court में Challenge कर सकते हैं Arrest High Court ने भारद्वाज को यह liberty दी कि वह अपनी गिरफ्तारी या judicial remand को appropriate trial court में challenge कर सकते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि High Court ने गिरफ्तारी को merits पर पूरी तरह सही ठहरा दिया है; court ने मुख्य रूप से habeas corpus petition को इस stage पर maintainable relief नहीं माना। 14 दिन की Judicial Custody मामले की सुनवाई के दौरान prosecution ने High Court को बताया कि संबंधित अदालत ने भारद्वाज को 14 दिन की judicial custody में भेज दिया है। इसलिए फिलहाल वह judicial custody में रहेंगे, जब तक lower court से कोई अलग relief नहीं मिलती। Bulandshahr से हुई थी गिरफ्तारी Delhi Police ने स्वतंत्र भारद्वाज को Uttar Pradesh के Bulandshahr से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें Delhi लाया गया और court के सामने पेश किया गया। उनकी गिरफ्तारी जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े उस मामले में हुई जिसमें उन पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट का आरोप है। Podcast Video के बाद बढ़ा था मामला मामला उस समय फिर सुर्खियों में आया जब भारद्वाज का एक podcast clip वायरल हुआ। उसमें उन्होंने कथित हमले को लेकर विवादित दावे किए थे। इसके बाद CJP नेताओं और समर्थकों ने Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन कर गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। SC/ST Act की धाराएं भी जोड़ी गईं Delhi Police ने संबंधित FIR में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और criminal intimidation से जुड़े provisions भी जोड़े हैं। इसके अलावा छात्र कार्यकर्ता की ओर से कथित धमकियों और morphed images से जुड़े आरोपों पर अलग POCSO case भी दर्ज किया गया है। ये सभी आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अब Lower Court की प्रक्रिया अहम High Court से habeas corpus relief नहीं मिलने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज की legal strategy अब trial court पर केंद्रित होगी। वह arrest, remand या bail से जुड़ी appropriate applications वहां दाखिल कर सकते हैं। फिलहाल मामले में आरोपों की अंतिम सत्यता तय नहीं हुई है और आगे की स्थिति judicial proceedings पर निर्भर करेगी। source – Delhi High Court / LiveLaw / India Todayजय राष्ट्र न्यूज़

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सत्य निकेतन हादसे पर NSUI का गंभीर आरोप—“जब छात्रों की जान बचानी थी, तब प्रशासन कहां था?”

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्र PG की पांच मंजिला इमारत ढहने के बाद अब प्रशासन की भूमिका को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों के सवाल तेज हो गए हैं। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने rescue response पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब छात्र मलबे के नीचे जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब पुलिस, fire brigade और प्रशासन कहां था। NSUI ने लगाया Rescue में देरी का आरोप विनोद जाखड़ ने दावा किया कि घटना की सूचना मिलते ही NSUI के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे और उनका एक साथी भी मलबे में फंसा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती समय में मौके पर पर्याप्त police, fire brigade, medical facilities और heavy rescue equipment मौजूद नहीं थे। जाखड़ ने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर घटना में disaster preparedness क्यों कमजोर दिखाई दी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। Official Timeline NSUI के दावे से अलग हालांकि Delhi Fire Services से जुड़ी reported timeline NSUI के दो घंटे की देरी वाले आरोप से अलग तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के मुताबिक building collapse की सूचना करीब 1:33 PM पर मिली और rescue teams लगभग 1:50 PM तक घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। इसके बाद Delhi Fire Service, Delhi Police, NDRF, DDMA, CATS और अन्य agencies ने संयुक्त rescue operation शुरू किया। इसलिए rescue में दो घंटे की देरी का NSUI का दावा अभी independently established fact नहीं है। Local Students ने भी शुरू किया था Rescue प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय छात्रों के मुताबिक building गिरने के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने खुद मलबे में फंसे लोगों की मदद शुरू कर दी थी। Students और residents ने human chain बनाई और official rescue teams के पहुंचने से पहले शुरुआती मदद की कोशिश की। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत सत्य निकेतन हादसे में सोमवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जबकि 12 लोगों को मलबे से निकाला गया है। NDRF ने कहा है कि मलबे में फंसे लोगों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है और search operation जारी है। पांच MCD अधिकारी Suspend हादसे के बाद Municipal Corporation of Delhi ने South Zone के Deputy Commissioner समेत पांच अधिकारियों को suspend कर दिया है। इनमें building department से जुड़े engineering officials भी शामिल हैं। मामले में disciplinary proceedings शुरू की गई हैं। Building Owner Bhiwadi से पकड़ा गया Delhi Police ने collapsed building के owner Hariram Gupta को Rajasthan के Bhiwadi से पकड़ लिया है। पुलिस ने उसके और अन्य लोगों के खिलाफ culpable homicide और negligence से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। हादसे की magisterial inquiry भी आदेशित की गई है। NSUI और ABVP आमने-सामने घटनास्थल पर NSUI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच बहस भी हुई। NSUI ने administration और building safety enforcement पर सवाल उठाए, जबकि ABVP ने MCD Commissioner के इस्तीफे और छात्र PG buildings के safety audit की मांग की। Student PG Safety पर बड़े सवाल सत्य निकेतन Delhi University South Campus के पास स्थित बड़ा student accommodation hub है। हादसे के बाद सवाल उठ रहा है कि पुराने और heavily modified PG buildings की structural safety की नियमित जांच क्यों नहीं हुई। Delhi government ने अब public-use buildings और student accommodations के लिए regular structural audits और safety certification policy लाने की बात कही है। source – ANI / The Economic Times / Times of Indiaजय राष्ट्र न्यूज़

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महिला पत्रकारों से कथित मारपीट पर आधी रात साकेत थाने पहुँचीं Huda Zariwala, Delhi Police से मांगा जवाब

नई दिल्ली: साकेत पुलिस स्टेशन में दो महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना के बाद देर रात पत्रकार और मीडिया से जुड़े कई लोग Saket Police Station पहुंचे। इनमें अंतरराष्ट्रीय मीडिया अनुभव रखने वाली पत्रकार Huda Zariwala भी शामिल थीं, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले में जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की। एक रिपोर्ट में उन्हें Saket Police Station में गुरुवार रात मौजूद बताया गया है, जबकि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह पुलिस से सवाल करती नजर आती हैं। क्या है पूरा मामला? 4PM News Network से जुड़ी पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान 3 सितंबर को Saket स्थित Max Hospital में एक कार्यक्रम की coverage करने पहुंची थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta भी मौजूद थे। दोनों पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें वहां से हिरासत में लेकर Saket Police Station ले जाया गया और थाने के अंदर उनके साथ मारपीट की गई। धार्मिक पहचान को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप दोनों पत्रकारों ने आरोप लगाया कि थाने में उनका नाम और धार्मिक पहचान पूछी गई और उसके बाद उनके साथ व्यवहार और ज्यादा कठोर हो गया। पत्रकारों ने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए वीडियो भी जारी किए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आधी रात तक जारी रहा विरोध घटना के बाद पत्रकारों और समर्थकों ने Saket Police Station में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर overnight protest किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक विरोध देर रात से अगले दिन सुबह तक जारी रहा और कई पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता थाने पहुंचे। Huda Zariwala की मौजूदगी भी इसी दौरान रिपोर्ट की गई। Huda Zariwala ने पुलिस से किए सवाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में Huda Zariwala पुलिस अधिकारियों से पत्रकारों की शिकायत पर FIR और कार्रवाई को लेकर सवाल करती दिखाई दीं। उपलब्ध professional profile के अनुसार वह Dubai-based 99 News HD में news leadership role से जुड़ी हैं और international media experience रखती हैं। Delhi Police ने आरोपों को किया खारिज Delhi Police ने दोनों पत्रकारों के आरोपों को “factually incorrect” और “misleading” बताया है। पुलिस के मुताबिक दोनों महिलाओं ने designated VVIP route के पास scooter खड़ा किया था और बार-बार कहने के बावजूद उसे हटाने से इनकार किया। इसी कारण उन्हें further enquiry के लिए police station ले जाया गया। पुलिस ने मारपीट और धार्मिक आधार पर निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। Press Organisations ने मांगी निष्पक्ष जांच Press Club of India, Indian Women’s Press Corps, Delhi Union of Journalists, Press Association और Kerala Union of Working Journalists ने संयुक्त बयान जारी कर मामले की independent और impartial investigation की मांग की। संगठनों ने आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। CCTV Footage की मांग 4PM News Network की ओर से कहा गया है कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए police station और आसपास के CCTV footage को सुरक्षित रखा और सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पत्रकारों ने कानूनी रास्ता अपनाने की बात भी कही है। फिलहाल महिला पत्रकारों और Delhi Police के दो अलग-अलग versions सामने हैं। मारपीट और धार्मिक पहचान के आधार पर कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की अंतिम पुष्टि किसी स्वतंत्र जांच या न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। source – The Indian Express / PTI / The New Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली के Mayur Vihar में तड़के युवक की पीट-पीटकर हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: राजधानी दिल्ली के Mayur Vihar Phase-3 इलाके में रविवार तड़के एक व्यक्ति की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। CCTV footage में दो हमलावर एक व्यक्ति पर लगातार हमला करते दिखाई दे रहे हैं। मृतक की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन अभी उसकी पहचान नहीं हो सकी है। दो हमलावरों ने किया हमला शुरुआती जांच के मुताबिक दो अज्ञात लोगों ने पीड़ित पर लकड़ी के डंडों और पट्टों से हमला किया। कुछ पुलिस सूत्रों ने हमले में चाकू के इस्तेमाल की आशंका भी जताई है। घटना New Ashok Nagar Police Station के अधिकार क्षेत्र में हुई है। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात इलाके में लगे CCTV camera में हमला रिकॉर्ड हो गया। Footage का timestamp करीब 3:30 बजे सुबह का बताया गया है। हालांकि मौके पर मौजूद security guard ने हमले का समय लगभग 4 से 5 बजे के बीच बताया है। Police footage की जांच कर हमलावरों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश कर रही है। बचाने पहुंचा Security Guard, उसे भी दी धमकी घटना के eyewitness security guard Nandlal Yadav ने बताया कि उसने दो लोगों को पीड़ित पर हमला करते देखा। उसने व्यक्ति को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे भी धमकाया और कथित तौर पर उस पर हमला करने की कोशिश की। इसके बाद guard ने पुलिस को सूचना दी। अस्पताल में मृत घोषित सूचना मिलने के बाद Delhi Police मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। Forensic team ने घटनास्थल से evidence इकट्ठा किया है और आसपास लगे CCTV cameras की footage भी जब्त की गई है। मृतक और आरोपियों की पहचान अभी नहीं Police के मुताबिक फिलहाल मृतक और दोनों कथित हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। आसपास के police stations में दर्ज missing-person reports की भी जांच की जा रही है। हमले के पीछे का motive अभी स्पष्ट नहीं है। आरोपियों की तलाश में जुटी Delhi Police Delhi Police CCTV footage, eyewitness statement और forensic evidence की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का पता आरोपियों की गिरफ्तारी और मृतक की पहचान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। source – NDTV / India Today / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

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